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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।

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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

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