Friday, 11 Sep 2026 | 06:12 AM

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बंगाल में अगले कुछ दिन नहीं चले दोपहिया वाहन, डबलने पर भी अंकित; मतदान से पहले चुनाव आयोग के सख्त आदेश

बंगाल में अगले कुछ दिन नहीं चले दोपहिया वाहन, डबलने पर भी अंकित; मतदान से पहले चुनाव आयोग के सख्त आदेश

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में दोपहिया समाज पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही इंडिपेंडेंट और प्लास्टिक वोटिंग के लिए बाइक रेल्स पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही रात के समय भी मूवी की लिमिट दी गई है। इसके साथ ही गाड़ियों पर डबल सीट भी लगाई गई है। चुनाव आयोग के यह सख्त निर्देश 21 अप्रैल मंगलवार से लागू कर दिये गये हैं। मतदान के दो दिन पहले यह फैसला लिया गया चुनाव आयोग ने पहले चरण के सभी 152 सीटों पर नामांकन को लागू कर दिया है. 23 अप्रैल को राज्य में पहले चरण का मतदान होना है। साथ ही आयोग ने अपने निर्दिष्ट में स्पष्ट किया है कि विषम परिस्थिति को ठीक करने के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक मोटरबाइक पर रोक रहेगी। बाइक रैली पर पूर्ण प्रतिबंध। इसके अलावा सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पीछे बैठने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इफ़ॉफ़ परिवार के साथ वोट करने वालों के लिए छूट बनी रहेगी। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, वोटिंग से दो दिन पहले लेकर वोटिंग दिवस तक मोटरसाइकिल के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदियां दी गई हैं। आयोग का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से वाणिज्यिक, मादक और बिना दवा या दबाव के लिए चुना गया है। प्रचार का शोर थमते ही ये पाबंदियां लागू होती हैं। दिन के समय के भी नियम लागू होते हैं सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बाइक पर दो लोगों के बैठने की जगह (पिलियन राइडिंग) की लंबाई नहीं होगी। ताकि भीड़ टूट जाए और तनावग्रस्त हो जाए। हालाँकि, मेडिकल, फैमिली नीड या बच्चों को स्कूल कम्युनिकेशंस में शामिल होने की आवश्यकता को सीमित कर दिया गया है। मतदान के दिन भी नियम लागू नहीं. परिवार के साथ जरूरी काम या वोटिंग के लिए कुछ राहत दी गई है। आयोग ने साफ किया है कि यदि किसी को विशेष परिस्थिति में छूट मिलनी चाहिए तो स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में इन नियुक्तियों का निरीक्षण और हर स्तर पर निगरानी को कहा गया है। 16 आदर्श की 152 पर मतदान होना है बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 16 अप्रैल को 152वें क्वार्टर पर होगा। इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल क्षेत्र के पांच जिले शामिल हैं। मुर्शिदाबाद की 22, कुशबिहार की नौ, जलपाईगुड़ी की सात, अलीपुरद्वार की पांच, क्लिंपोंग की एक, दार्जिलिंग की पांच, उत्तर दिनाजपुर की नौ, दक्षिण दिनाजपुर की छह, मालदा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम बुद्धमान की नौ, पूर्व मेदिनीपुर की 16, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, ओझाग्राम की चार, पुरुलिया की नौ और बांकुड़ा की 12 देवता शामिल हैं. पहले चरण में कुल आलीशान उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं पहले चरण में कुल 1,478 प्रतियोगिता मैदान हैं। फ्लोरिडा की कुल संख्या तीन करोड़ 60 लाख 77 हजार 171 है, जिसमें एक करोड़ 84 लाख 99 हजार 496 पुरुष, एक करोड़ 75 लाख 77 हजार 210 महिलाएं और 465 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम में बंटा पैसा! टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर बीजेपी की याचिका (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ईसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पहले चरण का मतदान(टी)चुनाव आयोग ने बाइक चलाने पर प्रतिबंध लगाया(टी)बंगाल में देर रात बाइक चलाने पर प्रतिबंध(टी)बंगाल में बाइक रैली पर प्रतिबंध(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)हिंदी चुनाव अपडेट समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)बंगाल समाचार(टी)ईसी नोटिस(टी)बंगाल में कानून और व्यवस्था(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ईसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पहले चरण की वोट(टी)चुनाव आयोग ने देर रात बाइक रैली पर रोक लगाई(टी)बंगाल में बाइक रैली पर रोक(टी)ताजा ख़बरें(टी)हिंदी चुनाव समाचार(टी)अपडेट न्यूज़(टी)बंगाल समाचार(टी)ईसी नोटिस(टी)बंगाल में कानून-व्यवस्था

इंदौर में अज्ञात वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत:सड़क पार करते वक्त हादसा, राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया; परिजनों की तलाश जारी

इंदौर में अज्ञात वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत:सड़क पार करते वक्त हादसा, राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया; परिजनों की तलाश जारी

इंदौर के नेमावर रोड पर हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सोमवार रात करीब 11 बजे सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भंवरकुआ थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान दिलीप (42) पुत्र बनेसिंह ठाकुर निवासी पालदा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उसे एक आयशर वाहन ने टक्कर मारी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी जेब से एक डायरी निकाली और उसमें दर्ज नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी पहचान की पुष्टि नहीं की। उसके पास एक मोबाइल फोन भी मिला, जो हादसे में टूट गया था। मोबाइल को एमवाय चौकी पुलिस को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस मृतक के परिजनों की तलाश कर रही है और टक्कर मारकर फरार हुए वाहन की पहचान के लिए जांच जारी है।

UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने आज हरिद्वार में हिंदू धर्म अपना लिया। नमामि गंगे घाट पर कई संतों की मौजूदगी में परिवार के पांचों सदस्यों का शुद्धिकरण किया गया, गंगा में डुबकी लगवाई गई और फिर मंत्रो उच्चारण के बीच हवन में उन्हें जनेऊ पहनाया गया। हिंदू धर्म में शामिल कराने बाद उन सभी के नाम भी बदल दिए गए, परिवार के मुखिया मोहम्मद शहजाद अब ‘शंकर’ बन गए हैं और उनकी पत्नी रजिया से ‘सावित्री’ बन गई है। इसी दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें शहजाद घाट किनारे खड़े अपने गुरू अरुण किशन महाराज के पैर चूमते हुए दिख रहा है। इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद संतों ने इसे घर वापसी बताया है। स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने दावा किया है कि भारत का हर मुस्लिम पहले हिंदू ही था और सभी को हिंदू धर्म में आकर घर वापसी करनी चाहिए। वहीं शहजाद से शंकर बने युवक ने कहा कि वह बचपन से ही सनातन धर्म में विश्वास रखता था। हालांकि उसने कहा- मुझे अब उन लोगों से खतरा है जो पहले मेरे अपने थे, हालांकि अब मुझे उन लोगों से कोई मतलब नहीं है। सहारनपुर का परिवार, गुरु के संपर्क में था; बच्चों के नाम भी बदले ये पूरा परिवार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहता है। चंडीघाट पर हुए इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद अरुण किशन महाराज ने बताया कि शहजाद लंबे समय से उनके संपर्क में था और लगातार सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जता रहा था। उनके अनुसार, पूरा परिवार जब सहमत हुआ तो फिर आज सभी को हिंदू धर्म में शामिल कर लिया गया। रजिया और शहजाद की दो बेटियों और एक बेटे का भी नाम बदल दिया गया है। बेटे का नाम रूद्र’ और बेटियों के नाम ‘रुक्मिणी’ व ‘दिशा’ रखे गए हैं। ‘नमाज नहीं पढ़ता था, वो गलत रास्ता लगा’ शहजाद ने कहा कि वह रोज नियमित रूप से नमाज नहीं पढ़ता था और समय के साथ उसे महसूस हुआ कि यह रास्ता उसके लिए सही नहीं है। इसी वजह से उसने इसे छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का फैसला लिया। उसने यह भी बताया कि बचपन से ही उसका झुकाव सनातन धर्म की ओर था और वह पहले से पूजा-पाठ करता था, इसलिए उसने परिवार के साथ मिलकर यह कदम उठाया। प्रोबोधानंद बोले- बिना दबाव का फैसला, यह घर वापसी है कार्यक्रम में मौजूद स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने कहा कि यह निर्णय किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं लिया गया, बल्कि परिवार की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे कहा, हम आह्वान करते हैं कि भारत में रहने वाला हर मुसलमान हिंदू है और उसे पुन: हिंदू धर्म में वापस आना चाहिए। जब वे हज के लिए जाते हैं तो वहां उन्हें हीन दृष्टि से देखा जाता है, उन्हें पूरी तरह मुसलमान तक नहीं माना जाता, इसलिए उन्हें घर वापसी करनी चाहिए। स्वामी प्रबोधानंद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि अपने मूल धर्म में लौटने की प्रक्रिया है। उनके अनुसार, “हम किसी ईसाई या मुस्लिम को हिंदू नहीं बना रहे हैं, बल्कि उन लोगों की घर वापसी करवा रहे हैं जो किसी कारणवश पहले अपने मूल धर्म से अलग हो गए थे।” ‘इनकी जान को खतरा, सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ स्वामी राम विशाल दास भी इस पूरे धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा- “शहजाद जानता था कि इस्लाम अत्याचार, दुराचार, अनाचार के दम पर फैला हुआ मजहब है और उनके पूर्वजों पर बहुत अत्याचार हुए। उसकी जिज्ञासा थी कि ऐसा क्यों हुआ। बहुत दिन से वह हमारे संपर्क में था। ये पूरा कार्यक्रम हमने पहले गोपनीय रखा था, लेकिन आज पूरे विधि-विधान से हमने उसके परिवार की घर वापसी करवाई है। अच्छी बात ये है कि हमने उन्हें ब्रह्म कुंड में आस्था की डुबकी लगवाई है। पूरे वैदिक विधि-विधान से ये पूरा कार्यक्रम हुआ है। हरिद्वार शुद्धि आंदोलन का बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। कई माताएं, बहनें, बेटियां और परिवार हमारे संपर्क में हैं जो हिंदू धर्म अपनाना चाहते हैं। बहुत जल्द अगला शुद्धि कार्यक्रम होगा।” पहले भी ब्रह्मकुंड पर पहुंची थी ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ इससे पहले हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पैदल निकली ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ भी पहुंची थी, जिसमें संत राम विशाल दास समेत अन्य संत शामिल रहे थे। इस दौरान संत राम विशाल दास ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य उन लोगों के भीतर का डर खत्म करना है, जो इस्लाम छोड़ चुके हैं लेकिन भय और दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया था कि ऐसे लोगों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जी सकते हैं और उन्हें सुरक्षा व स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… हरिद्वार में ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर FIR करेगी गंगा सभा:कहा- मुस्लिम टोपी पहनकर हरकी पैड़ी में आए, ये सनातन का अपमान, बख्शेंगे नहीं उत्तरप्रदेश के बिजनौर से निकल रविवार को हरिद्वार में खत्म हुई ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर गंगा सभा FIR करने की तैयारी में है। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस पूरी यात्रा में शामिल लोगों पर धार्मिक आस्थाओं के अपमान का आरोप लगाते इसे प्रोपेगेंडा बताया है। (पढ़ें पूरी खबर)

सोनम बाजवा की फिल्म ‘पिट्ट सियापा’ पर संकट:चंडीगढ़ कोर्ट ने रिलीज पर लगाई फिलहाल रोक; कॉपीराइट विवाद के चलते हुई कार्रवाई

सोनम बाजवा की फिल्म ‘पिट्ट सियापा’ पर संकट:चंडीगढ़ कोर्ट ने रिलीज पर लगाई फिलहाल रोक; कॉपीराइट विवाद के चलते हुई कार्रवाई

चंडीगढ़ में अभिनेत्री सोनम बाजवा की आगामी फिल्म ‘पिट सियापा’ को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। कॉपीराइट विवाद के चलते चंडीगढ़ कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले के अनुसार, लेखक राजन नंदन का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी लिखी हुई स्क्रिप्ट पर आधारित है। उन्होंने बताया कि इस स्क्रिप्ट को वर्ष 2021 में रजिस्टर कराया गया था। लेखक के अनुसार, 27 मार्च 2026 को जब फिल्म ‘पिट्ट सियापा’ का प्रोमो रिलीज हुआ, तब उन्हें पता चला कि फिल्म की कहानी उनकी स्क्रिप्ट से मिलती-जुलती है। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने फिल्म से जुड़े पक्षों को लीगल नोटिस भेजा। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी मामला बढ़ने पर लेखक ने चंडीगढ़ कोर्ट में कॉपीराइट को लेकर याचिका दायर की। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को होगी, जहां कोर्ट आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। -यह खबर अपडेट की जा रही है।

इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के ट्रेलर लॉन्च से जुड़े एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इवेंट में सीनियर एक्टर सुधीर पांडे का अपमान हुआ और उन्हें नजरअंदाज किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी की भी आलोचना होने लगी। विवाद बढ़ने पर अब सीनियर एक्टर ने खुद सफाई दी है। ट्रेलर लॉन्च से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी और मेधा शंकर मंच पर हैं। तभी सीनियर एक्टर सुधीर पांडे पीछे की तरफ अकेले बिना कुछ कहे खड़े हैं। कुछ देर बाद ही वो पीछे से ही मंच से नीचे उतर गए। उन्हें न किसी ने रोका और न उन्हें किसी एक्टिविटी में शामिल किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद अनिवाश तिवारी के सोशल मीडिया पर एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, ‘अविनाश तिवारी भाई, आपने उन्हें स्टेज छोड़ते समय रोका क्यों नहीं? मैं आपकी फैन हूं, लेकिन आपसे यह उम्मीद नहीं थी।’ इस पर एक्टर ने जवाब देते हुए लिखा, ‘कैसी बात कर दी आपने, सुधीर पांडे सर आप ही कुछ बताइए।’ कुछ देर बाद इस पोस्ट में सुधीर पांडे ने भी कमेंट किया। उन्होंने लिखा, ‘अविनाश तिवारी, ये कोई बड़ी बात नहीं थी। मैं अपनी शूटिंग के बीच में हमारी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में शामिल होने आया था, इसलिए मुझे जल्दी वापस अपनी शूटिंग पर जाना जरूरी था।’ सोशल मीडिया पर हो रहे अपमान के दावे की पड़ताल करने के लिए जब ट्रेलर लॉन्च का पूरा वीडियो देखा गया, तो सामने आया कि फिल्म के प्रोड्यूसर विनोद बच्चन ने मंच से पहली लाइन में बैठे एक्टर सुधीर पांडे को मंच पर बुलाया था। उनके आते ही अविनाश तिवारी ने उन्हें गले भी लगाया था। एक्ट्रेस मेधा शंकर भी कई बरा उनसे बात करती दिखी थीं।

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच चुकी है, जहां अमृतपाल सिंह फिलहाल National Security Act यानी (एनएसए) के तहत बंद हैं। अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही उनकी नजरबंदी खत्म होगी अमृतपाल सिंह को अजनाला मामले में गिरफ्तार करके स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। अप्रैल 2023 में किया था अमृतपाल को गिरफ्तार अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाना पर हमले का मामला सामने आया था, जहां वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेड्स तोड़कर थाने में दाखिल हुए थे और एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस से झड़प भी हुई थी। हथियारों के साथ थाने पर धावा बोला। गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज इस मामले में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम मोड़ ले सकता है।

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

कोहनी और घुटने का काला पड़ना: लोग अक्सर अपने चेहरे की देखभाल पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन कोहनी और पैरों को चोट पहुंचाते हैं। यही कारण है कि समय के साथ इन आदर्शों की त्वचा काली और रूखी दिखती है। यह समस्या बेहद आम है, जो धूप, धूल, घर्षण और मॉश्चर की कमी का कारण बनती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस डार्कनेस की बात काफी हद तक कम की जा सकती है। आइए ऐसे ही कुछ नुस्खों के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप घर पर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। लैपटॉप में मौजूद सिलिकॉन सिलिकॉन के रंग को प्रभावित करने में मदद मिलती है। जबकि हायफिन को डेप्थ से ग्रैजुएट कर उसे सॉफ्ट बनाता है। इसके लिए एक बड़े पैमाने पर रस में थोड़ा सा हाथ पैर और पैर की अंगुली पर और करीब 20 मिनट बाद धो लें। कुछ दिनों में ही इसके इस्तेमाल से साफ असर नजर आने लगता है। बेसन त्वचा की सफाई और डेड त्वचा त्वचा को हटाने में मदद करता है, वहीं हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण त्वचा को बनाए रखना है। दो बेसन में हल्का सा हल्दी और दूध पेस्ट पेस्ट तैयार करें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। बेकार के बाद प्यारे हाथों से राँघते हुए धो लें। इसका इस्तेमाल करने से त्वचा में साफा ग्लो नजर आता है। एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ डार्कनेस कम करने में भी मदद मिलती है। रोज़ रात को सोने से पहले ताजा एलोवेरा जेल को कोहनी और होठों पर हल्के हाथों से मसलें। कुछ ही दिनों में साशा की झलक और झलकियां। मृत त्वचा सेल्स जाम से भी कोहनी और दांत काले दिखाई दे रहे हैं। इसलिए सप्ताह में कम से कम दो बार आवेदन करना जरूरी है। इसके लिए चीनी और तेल को मिलाकर पॉलिएस्टर तैयार करें और हाथों से हाथों से राँचें। इससे डेड स्किन हटेगी और स्किन साफ ​​व चमकदार दिखेंगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)काली कोहनियां(टी)काले घुटने(टी)त्वचा को गोरा करने के घरेलू उपाय(टी)प्राकृतिक त्वचा देखभाल युक्तियाँ(टी)नींबू शहद के लाभ(टी)बेसन हल्दी त्वचा की देखभाल(टी)एलोवेरा त्वचा की देखभाल(टी)एक्सफोलिएशन युक्तियाँ(टी)मृत त्वचा को हटा दें(टी)प्राकृतिक रूप से चमकती त्वचा

वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको के यूनेस्को साइट पर फायरिंग, एक कनाडाई महिला की मौत, हमलावर ने खुद को भी गोली मारी

वर्ल्ड अपडेट्स:मेक्सिको के यूनेस्को साइट पर फायरिंग, एक कनाडाई महिला की मौत, हमलावर ने खुद को भी गोली मारी

मेक्सिको के यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में एक गोलीबारी में 32 साल की टूरिस्ट कनाडाई महिला की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर ने घटना के बाद खुद को भी गोली मार ली। हमले में कई अन्य लोग घायल हुए। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि टियोतिहुआकान पिरामिड साइट के पिरामिड ऑफ द मून से अचानक गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं। लोग इधर-उधर भागने लगे। हमलावर अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था। घटना स्थल से पुलिस ने एक बंदूक, धारदार हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए। स्टेट सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टोबाल कास्टानेडा कामारिलो ने बताया कि घायलों में दो कोलंबियाई, एक रूसी और एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हमलावर की पहचान और मकसद अभी तक सामने नहीं आया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वह मामले की अपडेट ले रही हैं और कनाडाई दूतावास के संपर्क में हैं।

परफेक्ट दाल: कुकर या पतीला? जानें कौन सी दाल सबसे अच्छी है; यहां पढ़ें आखिरी विधि से लेकर टुकड़ों तक की पूरी

परफेक्ट दाल: कुकर या पतीला? जानें कौन सी दाल सबसे अच्छी है; यहां पढ़ें आखिरी विधि से लेकर टुकड़ों तक की पूरी

उत्तम दाल: किसी का खाना हो या कोई खास दावत, बिना दाल का खाना अधूरा सा लगता है। हमारे मन में अक्सर यही सवाल आता है कि दाल में झटपट पकाना बेहतर है या पतली में पकाना? दोनों के अपने फायदे और स्वाद हैं। आइए जानते हैं आपकी पसंदीदा दाल के लिए कौन सा तरीका बेस्ट है और कौन सा पसंदीदा है जो साधारण दाल को भी ‘रेस्तरां स्टाइल’ के लिए बनाता है। इसलिए इसे जरूर पढ़ें। पतिला में मूंग, मसूर और अरहर की दाल अगर आपके पास समय है तो पतली में दाल पकाना सबसे अच्छी है। मूंग, मसूर और अरहर जैसी हल्की दालों के लिए पतिला श्रेष्ठ है। पतले में दाल पकते समय जो झग ऊपर आता है, उसकी शुरुआत सबसे आसान होती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह यूरिक एसिड बढ़ाने का कारण बन सकता है। कच्चे माल पर मसाले से दाल के दाने नहीं, बल्कि अच्छे तरह के फूलते हैं, जिससे स्वाद निखार आता है। कुकर में पकी हुई चना दाल, राजमा, उड़द दाल और पंचरत्न दाल चना दाल, राजमा, उड़द या पंचरत्न दाल सख्त दालों के लिए कुकर ही सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप अरहर की दाल कुकर में बना रहे हैं, तो ध्यान दें कि उसमें ज्यादा न हो; 2-3 समितियां मौजूद हैं। पहली दाल को 20-30 मिनट तक ज्यादातर लोग दाल को सीधे ढोकर सीमेंट रख देते हैं, जो गलत है। दाल को कम से कम 20 से 30 मिनट तक पतला करना चाहिए। दाल में ‘फाइटिक एसिड’ मौजूद होता है, जिसे पचाना आसान होता है। दाल पकाने की सही विधि आमतौर पर 1 कप दाल के लिए 3 कप पानी आदर्श है।दालते समय केवल हल्दी, नमक और थोड़ा सा घी या तेल डालें। घी से कुकर की शहर से बाहर पानी नहीं आता।अगर आप दाल में टमाटर या इमली चाहते हैं, तो दाल के छोटे-छोटे मसाले के बाद ही डालें, क्योंकि खटास दाल में घुलने में देर हो जाती है. दाल के स्वाद में है स्वाद एक तड़का पैन में घी गर्म करें। सबसे पहले जीरा चटकाएं, फिर हिंग डाला।अब अविश्वासी कटनी लहसुनियां होने तक। उसके बाद गैस बंद कर दी गई और फिर आधी सी आठवीं लाल मिर्च पाउडर डाला गया। बैथ को तुरंत दाल में सॉसेज स्टर्लिंग बंद कर दें ताकि महक अंदर ही रहे। ये भी पढ़ें – यूपी बोर्ड परिणाम 2026 अपडेट: आज क्या आएगा यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट? यहां जानिए डिजिलॉकर के नए अपडेट (टैग्सटूट्रांसलेट)परफेक्ट दाल रेसिपी(टी)मसूर दाल रेसिपी(टी)परफेक्ट दाल मखनी(टी)परफेक्ट दाल सामग्री(टी)चना दाल रेसिपी(टी)दाल रेसिपी हिंदी में(टी)तड़का दाल(टी)दाल फ्राई

बैंकॉक चेस ओपन; अरण्यक बने भारत के 95वें ग्रैंडमास्टर:आर्थिक तंगी दिमाग पर ऐसे हावी, हर मैच करियर बचाने की चुनौती मानकर खेलते थे

बैंकॉक चेस ओपन; अरण्यक बने भारत के 95वें ग्रैंडमास्टर:आर्थिक तंगी दिमाग पर ऐसे हावी, हर मैच करियर बचाने की चुनौती मानकर खेलते थे

भारतीय शतरंज के लिए हालिया हफ्ता ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला रहा। आर. वैशाली के महिला वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई करने और एएस श्रा​वणिका के अंडर-12 रैपिड खिताब जीतने के बाद, अब कोलकाता के अरण्यक घोष ने भारत का 95वां ग्रैंडमास्टर बनकर देश का गौरव बढ़ाया है। नेशनल रैपिड चैम्पियन अरण्यक ने बैंकॉक चेस क्लब ओपन में 9 में से 7 अंक हासिल कर अपना तीसरा और अंतिम ग्रैंडमास्टर नॉर्म प्राप्त किया। अरण्यक को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ा। उन्होंने पहला नॉर्म 2023 (सैंट्स ओपन) और दूसरा 2024 (एनेमासे मास्टर्स) में हासिल किया था। उन्होंने पिछले साल फिडे वर्ल्ड कप में पोलैंड के माटुस्ज बार्टेल को हराकर सबको चौंकाया था। अरण्यक वर्ल्ड रैंकिंग में 401वें स्थान पर मौजूद हैं। तनावमुक्त रहने के लिए कार्टून वाली हुडी पहनकर खेलते हैं – अरण्यक जब साढ़े चार साल के थे, तब घर की सफाई में मां संचिता को पिता मृणाल घोष की पुरानी, धूल भरी शतरंज पेटी मिली। नन्हे अरण्यक गोटियां सजाकर खेलने लगे। बेटे की रुचि देख पिता मृणाल घोष ने उन्हें ट्रेनिंग दिलवाई। – कोच सौमेन मजूमदार ने अरण्यक की आर्थिक तंगी को देखते हुए उन्हें मुफ्त कोचिंग दी और अपने खर्च पर शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स से ट्रेनिंग सत्र कराए। – अरण्यक के पास कॉर्पोरेट स्पॉन्सर नहीं था, इसलिए इनामी राशि से ही अगले टूर्नामेंट की फीस देते और टिकट वगैरह का खर्च उठाते। साल 2019 में पिता ने फीस के लिए पुश्तैनी जमीन और संपत्तियां बेच दीं। अरण्यक जानते थे कि खराब प्रदर्शन का मतलब अगला मौका खत्म, इसलिए हर मैच को करियर बचाने की चुनौती मानकर खेला। – मां संचिता घोष ने बेटे के करियर के लिए वकालत छोड़ दी, ताकि विदेशी टूर्नामेंट में साथ जा सकें। यूरोप दौरों में खर्च बचाने के लिए सस्ते कमरों में रहते और खुद खाना बनाते थे। – जहां खिलाड़ी औपचारिक कपड़ों में खेलते हैं, वहीं अरण्यक कार्टून थीम वाली हुडी पहनकर बोर्ड पर बैठते हैं। यह उन्हें बड़े टूर्नामेंट के दबाव में भी सहज और तनावमुक्त रखती है। – 2013 में अरण्यक ईरान में एशियन यूथ चेस चैम्पियन​शिप खेलने गए। तब मां संचिता ने उन्हें ईरानी केसर लाने को कहा था। 9 साल के अरण्यक ने मां की यह इच्छा भी पूरी की और अंडर-10 वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर लौटे। – वे बचपन से ही थैलेसीमिया से जूझ रहे हैं, जिसमें खून कम होने से लगातार थकान रहती है। इसके बावजूद वे कई बार बुखार और दर्द में भी टूर्नामेंट खेलने पहुंचे। घर पर रहने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने शतरंज को ही अपना सहारा बनाया। उनका कहना है कि बिस्तर पर रहने से बेहतर उन्हें चालें सोचना लगता। यही जिद और मानसिक मजबूती उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।