कैंसर सेल खत्म करने में कारगर?, पटना की लैब में हल्दी पर बड़ी रिसर्च

Last Updated:April 20, 2026, 22:56 IST Nanoparticle Grinding Machine Patna: पटना स्थित आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर में वैज्ञानिकों ने एक अनोखी खोज की है, जहां सामान्य हल्दी को खास मशीन से पीसकर नैनो पार्टिकल में बदलने पर उसका रंग पीले से लाल हो गया. इस बदलाव के साथ उसके मॉलिक्यूल स्तर में भी परिवर्तन देखने को मिला, जो कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की रोकथाम में उपयोगी हो सकता है. शुरुआती परीक्षणों में यह पाया गया कि यह नैनो पाउडर कैंसर सेल को नष्ट करने में प्रभावी है, वहीं इसी तकनीक से तैयार किए गए करेले के नैनोपार्टिकल भी कई गंभीर बीमारियों के इलाज में नई संभावनाएं दिखा रहे हैं. रिपोर्ट- सच्चिदानंद अमूमन हल्दी को पीसने पर वह पीले रंग का पाउडर बन जाता है. पटना के वैज्ञानिकों ने हल्दी को स्पेशल चक्की में पीस कर नैनो पार्टिकल में तोड़ा तो उसका कलर लाल हो गया है. इस लाल रंग वाले हल्दी का ऐसा मॉलिक्यूल तैयार हुआ जो कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के रोकथाम के लिए उपयोग किया जा सकता है. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर में यह खास चक्की मौजूद है. इसका उपयोग नॉर्मल चीजों को नैनो पार्टिकल में तोड़ने के लिए किया जाता है. इस बारे में जानकारी देते हुए नैनो साइंस विभाग के एचओडी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि यह सामान्य चक्की का ही एडवांस्ड वर्जन है. चीजों को नैनो पार्टिकल में बदलने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग रिसर्च के लिए किया जाता है. नैनो साइंस विभाग की एमटेक की छात्रा श्वेता सिन्हा ने बताया कि इस मशीन के जरिए नैनो पार्टिकल तैयार किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google नॉर्मल हल्दी के टुकड़े को जब इस मशीन में डालकर अलग अलग टाइम के लिए पिसा गया तो इसका रंग पीला की जगह लाल हो गया. इस सुपर फाइन पाउडर यानी नैनो पाउडर का जब अध्ययन किया गया तो यह पाया गया कि मॉलिक्यूल लेवल बदलने से इसका रंग बदला है. नैनो साइज की वजह से हल्दी का रंग पीला से लाल हो गया. इसके सैंपल को महावीर कैंसर संस्थान और पीजीआई लखनऊ में भेजा गया. इसकी टेस्टिंग चूहों के कैंसर सेल पर की गई. इसमें यह पता चला कि यह कैंसर सेल नष्ट करने में कारगर है. एमटेक स्टूडेंट श्वेता सिन्हा ने आगे बताया कि इसी मशीन से करेले को टुकड़ों में काटकर ऊपर मौजूद क्लॉज्ड चैंबर में डालकर थोड़ी देर तक मशीन चालू रखा तो करेले का सुपर फाइन पाउडर यानी नैनोपार्टिकल डेवलप हुआ. यह सामान्य करेले के मॉलीक्यूल स्ट्रक्चर से बिल्कुल अलग पाया गया. इसके नैनी पार्टिकल कैंसर के सेल की ग्रोथ रोकने में सहायक हैं. इसके अलावा मधुमेह सहित अन्य बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है. रिसर्च के दौरान जैसे-जैसे इसका पार्टिकल छोटा किया गया तो पता चला कि इसकी चुम्बकीय शक्ति बढ़ती गई. हालांकि, नॉर्मल करेले में कोई चुम्बकीय शक्ति नहीं होती है. चुंबकीय गुण की वजह से शरीर इस पाउडर को तुरंत अवशोषित कर लेगा. यह कई बीमारियों पर कारगर साबित होगा. First Published : April 20, 2026, 22:56 IST
Cancer: पैरों में दिख रहे ये 4 बदलाव हो सकते हैं खतरनाक कैंसर का संकेत, तुरंत हो जाएं सतर्क

Last Updated:April 20, 2026, 22:48 IST Cancer: पैरों में दिखाई देने वाले इन बदलावों को सिर्फ सामान्य दर्द या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी जांच जरूर करवाएं. यह कैंसर शुरुआती चरण में अक्सर बिना बड़े लक्षणों के बढ़ता रहता है. इसी वजह से कई मामलों में इसका पता देर से चलता है और इलाज मुश्किल हो सकता है. अगर बिना चोट या किसी स्पष्ट कारण के एक या दोनों पैरों में सूजन आ जाए, तो यह सामान्य बात नहीं हो सकती. यह रक्त प्रवाह में रुकावट या खून के थक्के का संकेत हो सकता है. पैरों की मांसपेशियों में लगातार या असहनीय दर्द महसूस हो, खासकर चलते या खड़े होने पर, तो इसे सिर्फ थकान न समझें. यह डीप वेन थ्रोम्बोसिस का संकेत हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर पैर अचानक लाल, नीला या असामान्य रंग का दिखने लगे, तो यह खून के थक्के या रक्त संचार में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. ऐसे बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है. अगर सूजे हुए हिस्से को छूने पर वह शरीर के बाकी हिस्सों से ज्यादा गर्म लगे, तो यह अंदरूनी सूजन या ब्लड क्लॉट की ओर इशारा कर सकता है. कुछ सामान्य दिखने वाले लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं. आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, भूख कम लगना, तेजी से वजन घटना, पेट दर्द या मल त्याग में बदलाव जैसे संकेत भी अग्नाशय कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. पैरों में दर्द, सूजन या ऊपर बताए गए बदलाव बार-बार नजर आएं, तो देरी न करें. विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेकर सही समय पर जांच करवाना सबसे बेहतर कदम है. अगर पर्याप्त आराम करने के बाद भी लगातार कमजोरी, सुस्ती या थकान महसूस हो रही है, तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. First Published : April 20, 2026, 22:48 IST
कम उम्र में स्किन पर नजर आ रहे ओपन पोर्स, स्टेप बाई स्टेप फॉलो करें ये घरेलू नुस्खा, पाएं दमकती त्वचा

Home remedies for open pores: कई लोगों के चेहरे पर ओपन पोर्स (रोमछिद्रों का खुला होना) नजर आते हैं. इससे चेहरा देखने में खराब लगता है. कई बार ओपन पोर्स जेनेटिक्स,अत्यधिक तेल या सीबम के प्रोडक्शन, अधिक उम्र होना, सन एक्सपोजर, हॉर्मोनल चेंजेज आदि कारणों से होता है. स्किन के पोर्स में गंदगी, डेड सेल्स, ऑयल आदि जमा होने से ये रोमछिद्र बड़े और खुले हुए से दिखने लगते हैं. इससे चेहरा भद्दा नजर आता है. आपके चेहरे पर भी ओपन पोर्स नजर आने लगे हैं, वह भी कम उम्र से ही तो आप यूट्यूब चैनल Preity प्रेरणा पर बताए गए इन घरेलू नुस्खों को स्टेप बाई स्टेप फॉलो करके देखिए. आपकी स्किन के भी पोर्स बड़े और खुले नजर आ रहे हैं तो इस वीडियो में बताए गए टिप्स और घरेलू तरीके को एक बार आजमाकर देखिए.
‘पश्चिम बंगाल के लोगों को हक हम चाहते हैं….’, सर के मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉटिन नवीन की टीएमसी को दो टूक

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नॉटिन न्यू ने एबीसी न्यूज का पहला टीवी इंटरव्यू दिया। इस दौरान वे बंगाल में चल रहे चुनाव को लेकर अपनी बात रखते हैं. साथ ही आंध्र प्रदेश शासन पर भी मजबूत संरचनात्मक सिद्धांत। यूनिवर्सल की तरफ से मनाए जा रहे SIR के मुद्दे को लेकर रोनोट न्यू ने कहा कि हम इस मुद्दे पर स्पष्ट हैं। जो यहां के लोग हैं, उन्हें यहां का हिस्सा मिलना चाहिए। पश्चिम बंगाल के लोगों का हक हम चाहेंगे। हम बाहर के बांग्लादेशियों के लोगों को हक देने के लिए नहीं बैठे हैं। मैता मित्र की सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए बनी थी। लेकिन अब वो नहीं दिख रही है. इसलिए 15 प्राचीन काल में बंगाल के लोगों का विकास तो नहीं हुआ और हमारे देश में बांग्लादेशी ज्ञान बस गया। अगर नाम डिलीट हो रहा है तो डिलीट किया जाएगा, डिपार्ट किया जाएगा और डिपोर्ट किया जाएगा। ये बात पक्की है. एस दरभंगा बिहार में भी हुआ है. वहाँ भी नाम केट. बिहार की जनता ने वोट चोरी का दावा करने वालों को दिया जवाब. इसके बाद वह कहीं नजर नहीं आईं। 4 मई के बाद भाभी एस मजबूत नहीं बोलेंगी। महिला नटखट पर क्या बोलीं बीजेपी अध्यक्ष महिला नटखट पर बोलीं कि ये बीजेपी को अंक गणित में जीत हासिल हुई। लेकिन मूल देश की माता-पिता को पीछे ले जाने का काम किया गया। अगर हम दिखाते हैं, कि नारी वंदन अधिनियम के तहत अहम महिलाओं की बात उनकी दुकान 2029 से पहले, इसमें वो पीछे क्यों हैं, इसका जवाब वो नहीं दे पाए। नामांकन के हिसाब से नाचीज महिला का मतलब होता है, राबड़ी देवी, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, ऐसे लोग जो बड़े शागिर्द हो सकते हैं। नकली मुगालते में है कि हम आएंगे तब ही परिसीमन कराएंगेजब भाजपा अध्यक्ष नवीन से महिला नैट बिल के गांव परीसीमन के आरोप पर सवाल उठाया तो उन्होंने कहा कि हम परीसीमन का कानून उनकी सरकार में ही बने हैं। उन्होंने देश में परिसीमन किया। लेकिन वो दिखते हैं, कि जब वो सत्ता में आएंगे तब परिसीमन कराएंगे। उदाहरण के लिए घर में बोला कि 2029 में भी प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है। निवेशकों में मुगालते में हैं कि उनकी सरकार बनेगी पर ही भरोसा। नवीन ने कहा कि नॉटियेट महिला को प्रस्ताव के समय में वृद्धि दी गई है। पेरिसिमन के गोएले महिला का नाम ‘नैतिक प्रतिबंध’ रखा गया है। ये भी पढ़ें ‘महिला नटखट के विरोध का सवाल ही नहीं’, पीएम मोदी की पहली टिप्पणी ममता बनर्जी ने कहा- ये बहुत सारे बंधन हैं…
मुरैना में मंत्री कंसाना के घर पहुंचे सीएम मोहन यादव:नतिनी की शादी पर दिया आशीर्वाद; केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए

प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना की नतिनी की शादी में आशीर्वाद देने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज (सोमवार) मुरैना पहुंचे। मंत्री एदल सिंह के निवास पर पहुंच वर वधू को आशीर्वाद दिया। शादी रविवार (19 अप्रैल) को हो चुकी थी। आज इन नेताओं के द्वारा घर पर पहुंच आशीर्वाद दिया। शिवराज बोले- बंगाल में ममता का सूपड़ा साफ शादी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री शिवराज ने बंगाल चुनाव पर बयान देते हुए कहा कि अब बंगाल में ममता बनर्जी का सूपड़ा साफ है। महिला आरक्षण बिल पर कहा कि कांग्रेस को महिलाएं-बहनें कभी माफ नहीं करेंगी।
‘बंगाल की जनता टीएमसी के व्यवहार से विश्वास’, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का सीएम ममता बनर्जी पर हमला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ममता सरकार को जनता पर भरोसा है. भाजपा विचारधारा का संघर्ष और मोदी का विश्वास। टीएमसी की कम्युनिस्ट पार्टी से महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। जनता डर से हटकर मोदी के दावे में जाना चाहती है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में जो भी चुनाव हो रहा है, वो यहां जनता की लड़की बन रही है. बंगाल की लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता जिस तरह से संकट में है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों ने जो संघर्ष किया है, वो आज बंगाल के जन-जन के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति पश्चिम बंगाल के लोगों का प्यार है, विश्वास है और संबंध है, वो सब कुछ इस बार बंगाल के चुनाव में देखने को मिल रहा है। यह भी पढ़ेंः EXCLUSIVE: ‘आजकल समाजवादी यादव ने टोपी पहनी…’, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने क्या कहा, ममता बनर्जी पर भी बोला वार भाजपा अध्यक्ष ने पारंपरिक कांग्रेस पर आधारित भाजपा अध्यक्ष नबीन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार दावा करते हुए कहा कि जिस तरह से इस राज्य की महिलाओं के साथ व्यवहार किया जाता है और यहां की मजबूती, तुष्टीकरण और अराजकता वाली सरकार ने महिलाओं के प्रति असुरक्षा का भाव रखा है, जो जनता के मन में बना है, वो सभी राज्य की महिलाओं के मन में बना हुआ है। मोदी के दावे वाले पर्यावरण में जो चाहता है वह है जनता: विभाग उन्होंने ममता बनर्जी पर दबाव बनाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां एक महिला मुख्यमंत्री का पद है, वहां की महिलाओं में सुरक्षा का विषय सोचा जाता है। ऐसे ही सभी मुद्दे स्पष्ट रूप से बंगाल की जनता के मन में बस गए हैं और वहां की जनता ने अब बंगाल में जो डर का दोस्ती-दीदी का था, उसे हटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास वाले वातावरण में जाने की इच्छा बना ली है। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘टीएमसी और बीजेपी की लड़ाई में बंगाल के युवाओं का नुकसान’, सिलीगुड़ी में रोजगार का मुद्दा उठेगा
फोरलेन पर महिला की हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद:रतलाम में रेप के बाद हत्या कर शव फेंक दिया था; 5 साल बाद कोर्ट का फैसला

5 साल पहले महिला की हत्या कर शव को बिलपांक के पास फोरलेन के नीचे फेंकने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 6 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया l कोर्ट में अभियोजन ने 20 गवाहों के बयान एवं 77 दस्तावेज पेश किए गए थे। फैसला तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर की कोर्ट ने सुनाया। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 18 जून 2021 की रात्रि की है। आरोपी सुरेश (47) पिता बंसीलाल जाटव निवासी बड़ी मोहल्ला राव इंदौर अपने वाहन आयशर ट्रक से सामान लेकर इंदौर से रतलाम के लिए निकला था। आरोपी ने अपने साथ श्रमिक कॉलोनी शमशान घाट के पास राऊ निवासी पीड़िता को भी ट्रक में बैठाया। रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। रास्ते में फेंका शव आरोपी इंदौर से रतलाम के बिलपांक टोल नाके को पार किया। वापस इंदौर की तरफ जाकर प्रकाश नगर पुलिया के नीचे अंधेरे में महिला के शव को फेंक दिया था l सुबह शव दिखने पर गांव के लोगों ने बिलपांक पुलिस थाने पर सूचना दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की। टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज निकाले। जिसमें आरोपी एवं महिला दिखाई दिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार न्यायालय में अभियोग पत्र धारा 201, 302, 376 भारतीय दंड संहिता का प्रस्तुत किया था। सीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज बने आधार महिला के अज्ञात होने के कारण पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्र को सूचना दी थी। चोकला एवं चिकलिया टोल नाके के फुटेज भी प्राप्त किए। आरोपी के मोबाइल की सीडीआर से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। अज्ञात महिला के मिलने का स्थान, आरोपी की गाड़ी खराब होने के स्थान की सीसीडीआर लोकेशन से महिला का आरोपी के साथ होना पाया गया। मृतका के शव मिलने के स्थान पर आरोपी की उपस्थिति होना प्रमाणित माना गया। हत्या कर दूसरे दिन सामान देने गया आरोपी सुरेश महिला की हत्या कर शव फेंकने के दूसरे दिन रतलाम में सामान देने आया था। पूरी सुनवाई के बाद तृतीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की।
जबलपुर में एनएसयूआई छात्रों का प्रदर्शन:राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी, राहुल गांधी पर टिप्पणी के विरोध में पीएम का पुतला फूंका

जबलपुर में सोमवार को एनएसयूआई के छात्रों ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी और दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने दूरदर्शन कार्यालय के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद छात्र पुतला दहन करने में सफल रहे। मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित कर लिया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को जल्द रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। छात्रों ने यह भी कहा कि दूरदर्शन के अधिकारी अशोक श्रीवास्तव को राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में गंभीर अपराधों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर सख्ती की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि छात्र संगठन अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
‘यह सब स्क्रिप्टेड ड्रामा है’: ममता बनर्जी ने बंगाल में पीएम मोदी के ‘झालमुड़ी’ ब्रेक पर निशाना साधा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:20 अप्रैल, 2026, 21:42 IST पश्चिम बंगाल में अपने प्रचार अभियान के दौरान झालमुड़ी की दुकान पर पीएम मोदी की अनिर्धारित यात्रा पर ममता बनर्जी ने निशाना साधा और इसे “स्क्रिप्टेड ड्रामा” बताया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुरारी में। (आईएएनएस) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को झारग्राम में एक जोरदार राजनीतिक अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ को लेकर उन पर निशाना साधा और इसे ”स्क्रिप्टेड ड्रामा” बताया और सवाल उठाया कि उनके आगमन से पहले क्षेत्र में कैमरे कैसे लगाए गए थे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते समय पीएम मोदी रविवार को सड़क किनारे एक झालमुड़ी स्टॉल पर अप्रत्याशित रूप से रुके, विक्रेता के पास पहुंचे और ताजा तैयार लोकप्रिय बंगाली नाश्ता खाया। “यह सब नाटक है। जब प्रधानमंत्री अचानक प्रचार के दौरान अनिर्धारित रूप से रुके तो कैमरा कैसे मौजूद था? पूरा प्रकरण स्क्रिप्टेड था। उन्हें अपनी जेब में 10 रुपये का नोट ले जाते हुए देखा गया था। क्या यह विश्वसनीय है?” एक चुनावी रैली के दौरान ममता बनर्जी ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा. उन्होंने कहा, “कभी-कभी, चुनाव के दौरान, वह एक गुफा में चले जाते हैं। कभी-कभी वह चायवाला होने का दावा करते हैं। वह अपने लोगों द्वारा बनाई गई झालमुड़ी पर 10 रुपये खर्च कर रहे हैं। दुकान में पहले से ही एक कैमरा क्यों लगाया गया था? यह सब नाटक है। वह बाहर से अपने लोगों को ट्रेन से अपनी बैठकों में लाते हैं,” उन्होंने कहा, टीएमसी वोट चोरी को रोकने के सभी प्रयासों को रोक देगी। मुरारी, पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है, “उन्होंने एसपीजी की मदद से एक दुकान में माइक्रोफोन, झालमुड़ी तैयार किया है। उनकी जेब में 10 रुपये नहीं हैं। क्या नाटक है। चुनाव के दौरान वे कहते हैं, ‘मैं एक चायवाला हूं, … पहले से ही एक कैमरा क्यों लगाया गया था…” pic.twitter.com/4fEAWNCjhX– आईएएनएस (@ians_india) 20 अप्रैल 2026 उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा “ईवीएम मशीनों को लूटने” और वोटों में हेरफेर करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात कर रही है। बनर्जी ने भाजपा पर अल्पसंख्यक समुदायों से स्वतंत्र उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए “गद्दारों” का गुप्त रूप से समर्थन करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर महिला आरक्षण बिल के नाम पर देश को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “हमने हमेशा महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ी है। हमें महिलाओं को सीटें देने के लिए किसी विधेयक की जरूरत नहीं है।” पीएम मोदी का झालमुड़ी ब्रेक रविवार को, पीएम मोदी अपने अभियान दौरे के दौरान झालमुड़ी की एक दुकान के सामने अनिर्धारित रूप से रुके, जिससे वहां मौजूद लोग और विक्रेता आश्चर्यचकित रह गए। मोदी ‘झालमुड़ी’ की कीमत पूछते हुए स्टॉल तक गए। मोदी ने दुकानदार से कहा, “भाई, आपका झालमुड़ी खेलो, कितना? अच्छा से बना दो झालमुड़ी (मुझे अपनी झालमुड़ी खिलाओ; कितने का है? इसे स्वादिष्ट बनाओ)।” प्रधानमंत्री, जो अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ थे, ने विक्रेता को पैसे सौंप दिए और जोर देकर कहा कि वह पैसे स्वीकार कर लें। दुकानदार द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या इस व्यंजन को तैयार करने के लिए सभी मानक सामग्री का उपयोग किया जाएगा, मोदी ने कहा, “नमक (नमक) को छोड़कर सब कुछ” जिसका वह स्वास्थ्य कारणों से उपयोग नहीं करते हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद बच्चों के साथ नाश्ता साझा किया और आसपास जमा हुईं स्थानीय महिलाओं से भी बातचीत की। झाड़ग्राम के आदिवासी बहुल क्षेत्र में एक रैली के दौरान, पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया और उस पर “आदिवासी विरोधी” और “महिला विरोधी” होने का आरोप लगाया। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : मुरारई, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 20 अप्रैल, 2026, 21:42 IST न्यूज़ इंडिया ‘यह सब स्क्रिप्टेड ड्रामा है’: ममता बनर्जी ने बंगाल में पीएम मोदी के ‘झालमुड़ी’ ब्रेक पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की आलोचना की(टी)पीएम मोदी झालमुड़ी ब्रेक(टी)ममता बनर्जी की आलोचना(टी)पीएम मोदी झालमुरी स्टॉल(टी)स्क्रिप्टेड राजनीतिक ड्रामा(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)झारग्राम अभियान रैली(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)महिला आरक्षण बिल की राजनीति
‘भ्रष्टाचार और कलाकार से जनता’, तमिलनाडु-बंगाल चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का DMK-TMC पर हमला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में चुनावी मोरक्को: पियोव्सोव गोयल क़ानून-व्यवस्था पर जनता में आक्रोश: गोयल तमिल में स्टालिन सरकार को हटाने का जनता का मन पश्चिम बंगाल में भी बदलाव की हवा, विकास की चाह विधानसभा चुनाव 2026: मध्य वाणिज्य और अप्रैल उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार (20, 2026) को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव के लिए अब सिर्फ तीन दिन आराम किया गया है और दोनों राज्यों में साफ तौर पर मोरोना बादल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि किके और ममता बनर्जी के असंबद्धता में भारी मात्रा में निर्माण, संस्थागत कानून-व्यवस्था और संस्थागत विफलता के कारण जनता में काफी आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि उनके कट्टरपंथियों, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंटोनियो नबीन जनता से मजबूत समर्थन मिल रहे हैं, जिनसे उन्हें बहुत उम्मीद है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सुशासन बाबू के बिहार आउटलुक पर राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर उठाया ये बड़ा दावा स्टालिन सरकार को उखाड़ फेंकेगी तमिल की जनताः गोयल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि तमिलनाडु में हवा का रुख बदल गया है। वहां की जनता ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली कंपनी ने राज्य की सत्ता को समाप्त करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि लोग स्टालिन परिवार के विक्टोर से बहुत नाराज हैं। उन्होंने असीमित निर्माण के लिए राज्य को बंधक बना लिया है। वीडियो | तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (@पीयूषगोयल) कहते हैं, “हम तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव से तीन दिन दूर हैं, बहुत स्पष्ट रूप से दोनों राज्यों में हवा बदल गई है, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है… pic.twitter.com/g6AlliX4Qj – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 20 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तमिल में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से खराब हो गई है, नशे की समस्या काफी बढ़ रही है। टेंडर, पोस्टर, पोस्टिंग, गिरफ़्तार, ट्रैक्टर ट्रेक्टर और भूमि आवंटन में, हर जगह अवशेष और विकास रुका हुआ है। पश्चिम बंगाल को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री? वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी तमिलनाडु प्रशासन पूरी तरह चरमरा गया है। बंगाल के स्थानीय सार्वजनिक अवसरों की कमी से यात्रा जारी है, क्योंकि राज्य में घुसपैठियों का उत्साह बढ़ रहा है। इन मालदीव में दोनों राज्यों में बदलाव की हवा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में जनता विकास चाहती है, वैज्ञानिक सरकार और बदलाव चाहती है। इसलिए पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) चुनाव में आने वाले बहुमत से जीतेगी। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘टीएमसी और बीजेपी की लड़ाई में बंगाल के युवाओं का नुकसान’, सिलीगुड़ी में रोजगार का मुद्दा उठेगा






