तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सुशासन बाबू के बिहार छोड़ने पर राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर दिया ये बड़ा दावा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को बीजेपी का ‘समझौता हुआ’ नेता बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से बीजेपी ने नियंत्रित कर लिया है. राहुल गांधी ने बीजेपी पर टेलीविजन पर भी ऐसे ही नियंत्रण का आरोप लगाया. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को समाजवादी पार्टी के नेता और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लेकर भारतीय पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है। उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे सहमत हैं और अपने पिछले प्रियजनों की वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूरी तरह से नियंत्रण कर पा रहे हैं। एआईएडीएमके पर नियंत्रण करने वाले शाह-मोदी नियंत्रण में-राहुल राहुल गांधी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से अपनी पसंद के व्यक्ति को ठहराया, क्योंकि नीतीश गठबंधन कर चुके थे और साशिया जाने के बाद उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। बीजेपी तमिलनाडु में कठपुतली सीएम और रिमोट से चलने वाली सरकार चाहती है. भारत गठबंधन ऐसा कभी नहीं होने देगा. तमिलनाडु अपनी पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए मतदान करेगा। pic.twitter.com/hBkV3B0dCz – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 20 अप्रैल 2026 कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जो लोग अन्नाद्रमुक को नियंत्रित करते हैं, वे पूरी तरह से अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं।’ देखिये बिहार में क्या हुआ, CM को हटा दिया गया और एक बीजेपी नेता को पद से हटा दिया गया. क्यों? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बिहार के सीएम एक कॉम्प्रोम इंजीनियर थे. उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और ‘सजामी’ चले गए।’ यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान टूर रद्द, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से टूटा हुआ शटर बीजेपी तमिलनाडु में ऐसी सरकार चाहती है, जो उसके कंट्रोल में रहे- राहुल उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा, ‘बीजेपी तमिल में भी यही चाहती है. वे एक ऐसी चाहत वाली सरकार हैं जिसे वे मजबूत कर दिखाते हैं और एक ऐसे सीएम हैं जो ठीक वही कहते हैं जो वे कहते हैं, जो हमने उन्हें कभी नहीं दिया। ‘इश्क उनका कोई भी सपना हो, वे कभी भी तमिलनाडु के लोगों और सरकार पर नियंत्रण नहीं कर पाएंगे।’ 23 अप्रैल को तमिलनाडु में चुनाव होने वाला है तमिलनाडु में 234 विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने तमिलनाडू का चुनाव एक ही चरण में सुनिश्चित किया है। राज्य में मतदान के बाद वोटिंग की घोषणा अगले महीने 4 मई, 2026 को की जाएगी। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच गठबंधन माना जा रहा है, जिसमें बीजेपी और पीएमके के सहयोगी दल हैं। यह भी पढ़ें: फर्जी नौकरी का मायाजाल, और असली चमत्कार… अमेरिका में H1B वीजा फ्रॉड के साथ कैसे पाएं धोखा 2 भारतीय
सिंगरौली में DEO समेत कई अधिकारियों पर FIR:8 करोड़ के कामों में टेंडर-पेमेंट करने में भ्रष्टाचार के आरोप

सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए के सामान की खरीदी में हुए बड़े घोटाले को लेकर लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) समेत कई बड़े अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में पता चला है कि नियमों को ताक पर रखकर भारी-भरकम भुगतान किए गए। इसमें तीन मुख्य गड़बड़ियां सामने आई हैं। 19 स्कूलों के लिए करीब 4.68 करोड़ रुपए की खरीदी। 61 स्कूलों में बिजली के सामान और मरम्मत पर लगभग 3.05 करोड़ रुपए खर्च। 558 स्कूलों के लिए साफ-सफाई के सामान पर करीब 98 लाख रुपए का भुगतान। इन सभी कामों के टेंडर और पेमेंट की प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई लोकायुक्त रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल और वित्त विभाग के छविलाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। दफ्तर पहुंचकर जब्त किए दस्तावेज लोकायुक्त की टीम ने सिंगरौली पहुंचकर शिक्षा विभाग के दफ्तर से टेंडर, बिल और सप्लाई से जुड़े जरूरी कागज अपने कब्जे में ले लिए हैं। लोकायुक्त एसपी सुनील पाटीदार ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए हैं, इसलिए अब पूरे लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
‘भगवान राम का नाम लेने से मानी जाती हैं ‘नमस्ते’, बंगाल में योगी आदित्यनाथ ने कहा कासा टीएमसी पर तंज, कहा- यहां होती है नमाज…

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव में अपने रंग में पहुंच गया है. एक तरफ बीजेपी इस बार पूरे जोर शोर के साथ जीत का दावा कर रही है, साथ ही लक्ष्य रैली को अंजाम दे रही है। तो वहीं ममता बनर्जी की पार्टी बीजेपी भी कड़ी टक्कर देने को तैयार है। दोनों उपकरणों को उपकरणों में शामिल किया गया है। इसी तरह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रचार के मैदान में उतारा गया है। उन्होंने सोमवार को पश्चिमी मेदिनीपुर के गरबेटा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रोबोट और अपने 15 साल के शासन काल को कटघरे में खड़ा किया। एक समय बंगाल भारत की आर्थिक विकास का आधार था: योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय बंगाल भारत के आर्थिक विकास का आधार था। भारत की सभ्यता में बंगाल की एक प्रमुख भूमिका थी। इसके अलावा योगी ने कहा था कि जब कोई जय श्रीराम बोलता है तो ममता दीदी को परेशानी होती है. यहां दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वेन्डेयज़ पर इफ्तार पार्टी कराती हैं। आज से 9 साल पहले यूपी में भी ऐसा ही अराजकता था। श्रीराम का नाम लेने से रोकती है मैत्री मित्र: योगी सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब हालात बदल गए हैं. न विचार है, न दंगा है। यूपी में सब चंगा है. यूपी में अब अछूता उत्सव नहीं है। बंगाल में राम का नाम लेने से लेकर वहां तक जाने का कोई मतलब नहीं है। वहीं यूपी में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैत्री प्रभु श्री राम का नाम लेने पर रोक लगाती हैं, लेकिन विक्की पर इफ्तार पार्टी करवाती हैं। यूपी में मस्जिदों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से अजान की आवाज नहीं आती। टीएमसी का मतलब- टेरर, माफिया राज और भ्रष्टाचार है. इसे केवल डबल इंजन की भाजपा सरकार ने समाप्त किया। इसे भी पढ़ें: बंगाल में पीएम मोदी की रैली के बाद बोले बीजेपी समर्थक- हमारी जीत पक्की है, टीएमसी की विदाई तय (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)योगी आदित्यनाथ(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बीजेपी विजय संकल्प सभा(टी)पश्चिम बंगाल(टी)योगी गोस्वामी(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)भाजपा विजय संकल्प सभा
Summer Tips : बिना प्यास लगे भी पानी पी रहे हैं? मत कीजिए ऐसा, किडनी पर बढ़ जाएगा लोड

Last Updated:April 20, 2026, 19:32 IST Side Effect of Too Much Water : चिलचिलाती गर्मी में अक्सर आपको हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है. लोग ज्यादा पानी पीने ही लगते हैं लेकिन कहा जाता है कि अति सर्वत्र वर्ज्यते. ज्यादा कुछ भी चीज नुकसानदेह है. अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पिएंगे तो इससे किडनी पर लोड तो बढ़ेगा ही साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस भी गड़बड़ हो सकता है. इससे कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं. अति हर चीज की बुरी होती है. इसलिए बिना प्यास के जबरदस्ती पानी पीने का क्या फायदा. लेकिन कुछ लोग गर्मी आते ही बहुत ज्यादा पानी पीने लगते हैं. बेशक पानी हमारे लिए जीवन है लेकिन ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा पानी पीने से आपको अस्पताल भी पहुंचा सकता है. मेडिकल साइंस में इसे ओवर-हाइड्रेशन कहा जाता है. जब आप बिना प्यास लगे सिर्फ इसलिए पानी पीते हैं क्योंकि आपको लगता है कि यह शरीर को साफ करेगा, तो असल में आप अपनी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे होते हैं. हम जो पानी पीते हैं वो हमारे शरीर के लिए वरदान है. लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो ये ‘अभिशाप’ बन जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर सिराज सिद्दीकी कहते हैं जब हम बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो इसका असर सीधा किडनी पर पड़ता है. किडनी का मुख्य काम शरीर के वेस्ट और टॉक्सिन्स को छानकर बाहर निकालना है. अगर हम लिमिट से ज्यादा पानी पीते हैं तो उस ज्यादा लिक्विड को प्रोसेस करने के लिए किडनी पर बहुत दबाव पड़ता है. इस दबाव की वजह से किडनी ठीक से अपना काम नहीं कर पाती, जिससे शरीर के जहरीले पदार्थ बाहर नहीं जा पाते और अंदर ही रह जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि अपने वजन के हिसाब से कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर सिराज ने बताया कि कितना पानी पीना है, ये आपकी उम्र और शारीरिक वजन पर निर्भर करता है. इसके लिए उन्होंने एक आसान फॉर्मूला बताया है. 9 से 13 साल के बच्चों के लिए रोज़ करीब 2 लीटर पानी पीना काफी है. Add News18 as Preferred Source on Google बड़ों के लिए, शरीर के हर एक किलो वजन पर 30 से 35 मिलीलीटर पानी लेना सही माना जाता है. अगर आपका वजन 40 किलो है, तो आपको रोज़ 2 लीटर पानी काफी है. या अगर आपका वजन 80 किलो तक है, तो आपको रोज़ 3 लीटर पानी पीना चाहिए. इसके अलावा, जो लोग धूप में ज्यादा घूमते हैं या ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे अपनी जरूरत के हिसाब से आधा लीटर पानी और ले सकते हैं. लेकिन बिना प्यास लगे लीटरों में पानी पीना खतरनाक है. जरूरत से ज्यादा पानी पीने से सबसे बड़ा खतरा ‘हाइपोनेट्रेमिया’ नाम की बीमारी है. जब खून में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तब शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक तरीके से गिर जाता है. सोडियम हमारे शरीर की कोशिकाओं के अंदर और बाहर मौजूद तरल पदार्थों को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाता है. जब सोडियम का स्तर गिर जाता है, तब शरीर की कोशिकाओं में सूजन आना शुरू हो जाती है. यह स्थिति दिमाग और दूसरे अंदरूनी अंगों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है. कभी-कभी यह जानलेवा भी बन सकती है. क्योंकि इससे इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस गड़बड़ा जाता है. इसलिए पानी आपके शरीर को जितनी जरूरत हो, उतना ही पीना चाहिए. पानी जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन तभी जब वह सीमित मात्रा में हो. गर्मी में भी अपने शरीर के स्वभाव और वजन के हिसाब से ही पानी पिएं. आयुर्वेद के अनुसार, प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए और वह भी बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पीना सबसे अच्छा है. विशेषज्ञों द्वारा बताए गए इन नियमों को अपनाकर स्वस्थ रहें. First Published : April 20, 2026, 19:32 IST
40 की उम्र में पाना है चेहरे पर 20 जैसा चमक और ग्लो तो आयुर्वेद का ये एंटी-एजिंग नुस्खा आजमाकर देखें

गर्मियों के मौसम में स्किन की देखभाल सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. तेज धूप, पसीना और टैनिंग के कारण त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खो देती है. ऐसे में सिर्फ बाहरी देखभाल काफी नहीं होती, बल्कि अंदरूनी पोषण भी उतना ही जरूरी है. जानिए गर्मियों में स्किन को डल होने से बचाने के तरीकों के बारे में यहां… गर्मियों में स्किन क्यों होती है डल? गर्मी के मौसम में तेज धूप और प्रदूषण के कारण त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है. इससे टैनिंग, पिगमेंटेशन और रूखापन बढ़ जाता है. इससे चेहरा फीका और थका हुआ नजर आता है. आयुर्वेद के अनुसार खूबसूरती का राज आयुर्वेद में सुंदरता को शरीर के संतुलन से जोड़ा गया है. जब शरीर अंदर से स्वस्थ होता है, तो उसका असर चेहरे पर प्राकृतिक चमक (ओज) के रूप में दिखता है, इसलिए सही खानपान और लाइफस्टाइल बेहद जरूरी मानी जाती है. आप कुछ नेचुरल फेस पैक बनाकर इसे चेहरे पर लगा सकते हैं. मसूर दाल फेस पैक मसूर दाल से तैयार फेस पैक टैनिंग और गंदगी को दूर करती है. अगर चेहरे पर टैनिंग या दाग-धब्बे हैं, तो मसूर दाल का फेस पैक काफी फायदेमंद हो सकता है. इसे लगाने के लिए इस तरह तैयार करें फेस पैक- मसूर दाल को हल्का भूनकर पीस लें.इसमें हल्दी, दूध और मुल्तानी मिट्टी मिलाएं.इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं.सूखने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए साफ करें. फायदे यह पैक त्वचा की गहराई से सफाई करता है और नैचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. केसर और जायफल फेस पैक निखार और पिगमेंटेशन के लिए आप केसर और जायफल से बना फेस पैक चेहरे पर लगाएं. स्किन को ब्राइट और साफ बनाने के लिए केसर और जायफल का पैक काफी असरदार है. इस तरह बनाएं फेस पैक- केसर को दूध में भिगो दें.जायफल को पीसकर उसमें बेसन मिलाएं.अब इसमें केसर वाला दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं. फायदे यह पैक डार्क सर्कल और पिगमेंटेशन कम करने में मदद करता है. इसे हफ्ते में 1–2 बार इस्तेमाल कर सकते हैं.इस बात का ध्यान जरूर रखें कि जायफल को सीधे चेहरे पर न लगाएं, इसकी तासीर गर्म होती है. अंदरूनी पोषण भी है जरूरी सिर्फ बाहरी उपाय ही नहीं, बल्कि आहार भी स्किन पर गहरा असर डालता है. इसके लिए आप भरपूर पानी पिएं. चुकंदर, आंवला, अनार और ताजे फलों को डाइट में शामिल करें. संतुलित और पौष्टिक भोजन लें. इन फूड कॉम्बिनेशन से बचें आयुर्वेद में कुछ खाद्य संयोजन हानिकारक माने जाते हैं, जैसे: दूध के साथ नमकीन चीजों का सेवन.दूध और दही एक साथ खाना.मीठे और खट्टे फलों का कॉम्बिनेशन. नोट: अगर आप सही खानपान, प्राकृतिक फेस पैक और संतुलित जीवनशैली अपनाते हैं, तो बढ़ती उम्र में भी त्वचा को जवां और चमकदार बनाए रख सकते हैं. छोटे-छोटे बदलाव आपकी स्किन में बड़ा फर्क ला सकते हैं.
घर पर फायरिंग करने वाला बदमाश गिरफ्तार:सहारन तिराहे से पकड़ा, अवैध कट्टा और कारतूस बरामद

भितरवार पुलिस ने सोमवार को नगर परिषद के संविदा कर्मचारी के घर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी अनिल शर्मा को सहारन तिराहे के पास से पकड़ा गया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध कट्टा और कारतूस भी जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई थाना प्रभारी सुधीर कुशवाहा के नेतृत्व में की गई। यह घटना 16 अप्रैल को भितरवार के मुख्य बाजार क्षेत्र में हुई थी। नगर परिषद के संविदा कर्मचारी दिनेश सेन के घर के बाहर दो हमलावरों ने कट्टे से दो राउंड फायरिंग की थी। गोलियां घर के मुख्य गेट में लगी थीं, जिसके निशान मौके पर साफ देखे गए थे। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार, फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। यह रंजिश दिनेश सेन के छोटे भाई द्वारा एक युवती को भगा ले जाने से जुड़ी है। युवती को बाद में उसके परिजनों ने भोपाल से बरामद कर लिया था, लेकिन इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। इसी रंजिश के चलते आरोपी अनिल शर्मा ने अपने एक साथी के साथ मिलकर दिनेश सेन के घर पर फायरिंग की थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल शर्मा और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया था और तभी से उनकी तलाश कर रही थी। दूसरे आरोपी की तलाश जारी थाना प्रभारी सुधीर कुशवाहा को सूचना मिली कि आरोपी सहारन तिराहे के पास देखा गया है। सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश दी और आरोपी को अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाश से अवैध हथियार के स्रोत और उसके दूसरे साथी के बारे में पूछताछ की जा रही है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
मंडला में सोशल मीडिया पोस्ट पर सियासी घमासान:प्रियंका गांधी की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस; FIR की मांगी

मंडला जिले में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका वाड्रा की तस्वीर के साथ महिला बिल के संदर्भ में की गई एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि यह पोस्ट भाजपा के मंडला नगर मंडल महामंत्री सौरभ गुप्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई थी। कांग्रेस ने इस पोस्ट को अमर्यादित, अशोभनीय और आपत्तिजनक बताते हुए इसकी निंदा की है। महिला बिल पर बात करने वालों की अशोभनीय टिप्पणी कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि भाजपा पदाधिकारी द्वारा प्रियंका गांधी पर अभद्र टिप्पणी की गई है। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत और भद्दी टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। मर्सकोले ने सवाल उठाया कि एक ओर महिला बिल की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर इस तरह की टिप्पणी की जा रही है, ऐसे में संबंधित संगठन को स्वयं आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत दर्ज कराने के लिए शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस ने कोतवाली थाने का रुख किया। कांग्रेस के अनुसार, सुबह से शाम तक कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। गलत टिप्पणी पर पार्टी लेगी एक्शन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि वे शहर से बाहर थे और अब पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। मिश्रा ने आश्वासन दिया कि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, संबंधित पोस्ट अब सौरभ गुप्ता की सोशल मीडिया टाइमलाइन पर दिखाई नहीं दे रही है। कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट को हटा दिया गया है। पोस्ट में प्रियंका वाड्रा की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसने सियासी माहौल को गरमा दिया है। जांच के बाद करेंगे कार्रवाई मंडला कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया है कि थाने में उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है और जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन के अप्रूवर बनने पर विवाद:ED ने आपत्ति जताई, कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है

200 करोड़ रुपए के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया कानूनी मोड़ आया है। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी देकर खुद को अप्रूवर यानी सरकारी गवाह बनाने की मांग की है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार जैकलीन की अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में आपत्ति जताई है। ED ने कोर्ट से कहा कि याचिका अस्पष्ट और अधूरी है, इसलिए जवाब के लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने ED की बात मानते हुए उसे जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैकलीन ने कोर्ट में कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहती हैं और सच्चाई सामने लाने में मदद करना चाहती हैं। अप्रूवर का दर्जा मिलने पर वह आरोपी से अलग होकर जांच में गवाह बन सकती हैं। यह प्रक्रिया अदालत की मंजूरी और ED की सहमति पर निर्भर करती है। यह मामला करीब 200 करोड़ रुपए की कथित ठगी से जुड़ा है। इसमें सुकेश चंद्रशेखर पर हाई-प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाने और अवैध तरीके से धन जुटाने के आरोप हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में बड़े लेन-देन और महंगे गिफ्ट्स का इस्तेमाल हुआ है। जैकलीन फर्नांडिस लंबे समय से इस केस में पूछताछ का सामना कर रही हैं। वह पहले भी दावा कर चुकी हैं कि उन्हें सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी और गलत जानकारी देकर फंसाया गया। अब अदालत में ED का जवाब और अगली सुनवाई केस की दिशा तय करेगी।
RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…
RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…






