Monday, 14 Sep 2026 | 03:52 PM

Trending :

ईरान में अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू का वीडियो सामने आया:बचने के लिए 2 दिन पहाड़ में छिपा रहा; अप्रैल में गिरा था F-15 विमान पाकिस्तान ने आतंकी मसूद-अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया:भगोड़ा घोषित किया; अक्टूबर में FATF बैठक होनी है, उससे पहले कार्रवाई की पाकिस्तान ने आतंकी मसूद-अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया:भगोड़ा घोषित किया; अक्टूबर में FATF बैठक होनी है, उससे पहले कार्रवाई की हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे विद्युत जामवाल:आरती के साथ शंख और डमरू बजाकर लिया बप्पा का आशीर्वाद
EXCLUSIVE

मंडला में सोशल मीडिया पोस्ट पर सियासी घमासान:प्रियंका गांधी की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस; FIR की मांगी

मंडला में सोशल मीडिया पोस्ट पर सियासी घमासान:प्रियंका गांधी की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस; FIR की मांगी

मंडला जिले में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका वाड्रा की तस्वीर के साथ महिला बिल के संदर्भ में की गई एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि यह पोस्ट भाजपा के मंडला नगर मंडल महामंत्री सौरभ गुप्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई थी। कांग्रेस ने इस पोस्ट को अमर्यादित, अशोभनीय और आपत्तिजनक बताते हुए इसकी निंदा की है। महिला बिल पर बात करने वालों की अशोभनीय टिप्पणी कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि भाजपा पदाधिकारी द्वारा प्रियंका गांधी पर अभद्र टिप्पणी की गई है। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत और भद्दी टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। मर्सकोले ने सवाल उठाया कि एक ओर महिला बिल की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर इस तरह की टिप्पणी की जा रही है, ऐसे में संबंधित संगठन को स्वयं आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत दर्ज कराने के लिए शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस ने कोतवाली थाने का रुख किया। कांग्रेस के अनुसार, सुबह से शाम तक कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। गलत टिप्पणी पर पार्टी लेगी एक्शन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि वे शहर से बाहर थे और अब पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। मिश्रा ने आश्वासन दिया कि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, संबंधित पोस्ट अब सौरभ गुप्ता की सोशल मीडिया टाइमलाइन पर दिखाई नहीं दे रही है। कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट को हटा दिया गया है। पोस्ट में प्रियंका वाड्रा की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसने सियासी माहौल को गरमा दिया है। जांच के बाद करेंगे कार्रवाई मंडला कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया है कि थाने में उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है और जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन के अप्रूवर बनने पर विवाद:ED ने आपत्ति जताई, कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन के अप्रूवर बनने पर विवाद:ED ने आपत्ति जताई, कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है

200 करोड़ रुपए के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया कानूनी मोड़ आया है। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी देकर खुद को अप्रूवर यानी सरकारी गवाह बनाने की मांग की है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार जैकलीन की अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में आपत्ति जताई है। ED ने कोर्ट से कहा कि याचिका अस्पष्ट और अधूरी है, इसलिए जवाब के लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने ED की बात मानते हुए उसे जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैकलीन ने कोर्ट में कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहती हैं और सच्चाई सामने लाने में मदद करना चाहती हैं। अप्रूवर का दर्जा मिलने पर वह आरोपी से अलग होकर जांच में गवाह बन सकती हैं। यह प्रक्रिया अदालत की मंजूरी और ED की सहमति पर निर्भर करती है। यह मामला करीब 200 करोड़ रुपए की कथित ठगी से जुड़ा है। इसमें सुकेश चंद्रशेखर पर हाई-प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाने और अवैध तरीके से धन जुटाने के आरोप हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में बड़े लेन-देन और महंगे गिफ्ट्स का इस्तेमाल हुआ है। जैकलीन फर्नांडिस लंबे समय से इस केस में पूछताछ का सामना कर रही हैं। वह पहले भी दावा कर चुकी हैं कि उन्हें सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी और गलत जानकारी देकर फंसाया गया। अब अदालत में ED का जवाब और अगली सुनवाई केस की दिशा तय करेगी।

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…

सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। अभिनेता-निर्देशक रितेश देशमुख ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान की एंट्री कन्फर्म कर दी है। रितेश देशमुख ने यह घोषणा हाल ही में ‘बिग बॉस मराठी सीजन 6’ के दौरान की। उन्होंने साफ कहा कि सलमान खान इस फिल्म में एक बड़ा और अहम रोल निभाने वाले हैं। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है और फैंस अब सलमान के किरदार को लेकर कयास लगा रहे हैं। हालांकि, फिल्म में सलमान खान किस भूमिका में नजर आएंगे, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज के करीबी सहयोगी जीवा महाला का किरदार निभा सकते हैं, लेकिन मेकर्स ने इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, वीरता और नेतृत्व पर आधारित है। इस फिल्म में रितेश देशमुख खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं और इसके निर्देशन की कमान भी उन्होंने ही संभाली है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। इसमें अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन और जेनेलिया देशमुख समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। सलमान खान के जुड़ने से फिल्म का स्केल और भी बड़ा हो गया है, जिससे इसे पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल, सलमान खान के रोल को लेकर बना सस्पेंस ही इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है।

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने पीएम-गृहमंत्री का पुतला जलाया:दिल्ली दूरदर्शन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया

झाबुआ में NSUI ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। छात्र नेता दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दूरदर्शन के एंकर की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या NSUI जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताया। अमलियार ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक होने के बावजूद दूरदर्शन विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम बन गया है। रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि छात्र संगठन के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बंद की जाए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्र नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई नेता निलेश गणावा, जिला महामंत्री विनोद गणावा और मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन मंत्री अनिल भाबोर और सतीश मेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा बल तैनात किया था।

इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज

इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज

इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया और करीब तीन महीने तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान वह उसे उज्जैन और खाटू श्याम जी मंदिर भी लेकर गया, जहां होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। आजाद नगर पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत पर बाला प्रसाद पुत्र कैलाश प्रसाद निवासी इंदिरा एकता नगर मूसाखेड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी मूल रूप से गुना का रहने वाला है और इंदौर में युवती के घर के पास किराए से रहता था, जिससे दोनों के बीच पहचान हुई। पहचान हुई तो दोनों ने मोबाइल नंबर ले लिए युवती ने बताया कि कुछ समय पहले दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और उन्होंने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। 12 जनवरी की अलसुबह आरोपी ने उसे कॉल कर घर मिलने पहुंचा, जहां उसने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन बात टालता रहा। आरोप है कि 15 मार्च को आरोपी ने फिर युवती को कॉल कर सुबह घर के बाहर बुलाया और अपने साथ उज्जैन ले गया। वहां दर्शन कराने के बाद होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे खाटू श्याम लेकर गया, वहां भी होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिजनों से शादी की बात कहकर छोड़ गया 17 मार्च को आरोपी युवती को इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में छोड़कर यह कहकर चला गया कि वह गुना जाकर परिवार से शादी की बात करेगा और वापस आएगा। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और संपर्क खत्म कर दिया। घटना से आहत पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद रविवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी शादी की, बेटी होने पर पत्नी को किया प्रताड़ित हीरानगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ रविवार को दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय प्राची जाधव निवासी ग्राम छापरा तहसील सनावद ने बताया कि वह अभी मेघदूत नगर इंदौर में रह रही है। उनकी शादी अखिलेश जाधव से हुई थी। प्राची ने शिकायत में बताया कि शादी के 3-4 महीने बाद रिश्तेदारों से उन्हें पता चला कि अखिलेश पहले से ही शादीशुदा है। जब उन्होंने इस बारे में पति से सवाल किया तो वह विवाद करने लगा। पीड़िता के अनुसार लॉकडाउन में शादी होने के कारण मायके पक्ष से दहेज नहीं दिया गया था। इसी बात को लेकर पति अखिलेश शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था। पीड़िता के पिता ने एक्टिवा गाड़ी दिलवाई, लेकिन उसने उसे भी बेच दिया। प्राची ने बताया कि 19 जुलाई 2022 को उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से पति और अधिक नाराज रहने लगा और उसे बेटी होने के ताने देता था। आरोपी का कहना था कि उसे बेटा चाहिए था। परेशान होकर उसने मामले में पुलिस को शिकायत की है।

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 4:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने याचिका में जज से खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। इससे पहले फैसला सुनाने का समय 2:30 बजे तय था। हालांकि, इसे दो घंटे बढ़ाया गया है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल और अन्य ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने (रीक्यूज) की मांग की है। 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 5:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। फैसला सुनाने का समय दो बार बढ़ाया गया है। पहले दोपहर 2:30 बजे समय तय था। इसके बाद 4:30 बजे और फिर शाम 5:30 बजे का समय तय हुआ है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। फैसले से पहले सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। केजरीवाल ने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल बोले- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं केजरीवाल ने 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसमें केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। हलफनामे के अनुसार, जस्टिस कांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। जस्टिस कांता ने पूर्व AAP विधायक की याचिका से खुद को अलग किया केजरीवाल की याचिका पर फैसले से पहले जस्टिस स्वर्ण कांता ने पूर्व AAP विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस ने मामले से खुद को अलग करते समय कोई कारण नहीं बताया। यह मामला MCOCA से जुड़ा है। नरेश बाल्यान ने इस केस में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब कोई जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग करता है, तो केस को दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जो आगे सुनवाई करती है। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

ड्रिप लाइन से दूल्हा-दुल्हन पर बरसी पानी की फुहारें:अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे

ड्रिप लाइन से दूल्हा-दुल्हन पर बरसी पानी की फुहारें:अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे

देवास में अक्षय तृतीया के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में कुल 32 जोड़ों ने विवाह किया। भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिनमें ड्रिप लाइन से पानी की फुहारें बरसाना और कूलर लगाना शामिल था। यादव गवली समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन केपी कॉलेज में संपन्न हुआ। इसमें 16 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिनमें देवास सहित अन्य जिलों से आए दूल्हा-दुल्हन शामिल थे। सोमवार सुबह इन जोड़ों की बनौली (बारात) निकाली गई। इस दौरान दूल्हा घोड़ी पर सवार था, जबकि दुल्हन कार में बैठकर आई। गर्मी से राहत के लिए पानी की फुहार इसी तरह, श्री गुजराती रामी माली समाज द्वारा भी सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में भी 16 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यहां दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों के लिए गर्मी से बचाव के खास इंतजाम किए गए थे। आयोजकों ने 15 से अधिक कूलर लगाए थे। इसके अतिरिक्त, गर्मी से राहत देने के लिए ड्रिप लाइन की व्यवस्था की गई थी, जिससे दूल्हा-दुल्हन पर लगातार पानी की फुहारें बरसती रहीं। देखें तस्वीरें