Monday, 14 Sep 2026 | 07:24 PM

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महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

उज्जैन के महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस पर पथराव करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। यह विवाद 17 अप्रैल को नागदा तिराहे पर हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था। दुर्घटना के बाद ग्राम शिकारीखेड़ा के कुछ लोग आक्रोशित होकर महिदपुर रोड थाने के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिस दल पर हमला करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरक्षक मदन पग्गी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 59/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी जिसमें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक रंजन और एसडीओपी महिदपुर जेंडेन लिंगजेरपा के नेतृत्व में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 18 अप्रैल को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नारायण (49), तोफानसिंह (28) और गीताबाई (58) शामिल हैं, जो सभी ग्राम शिकारीखेड़ा के निवासी हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए जारी हालिया विज्ञापन को लेकर जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। जबलपुर निवासी ज्योति साहू सहित अन्य याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विज्ञापन में तय शर्तें ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के विपरीत हैं। इन नियमों में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) को नर्सिंग ऑफिसर पद के लिए स्वतंत्र और पर्याप्त योग्यता माना गया है, लेकिन विज्ञापन में GNM पास अभ्यर्थियों के लिए ‘पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग’ की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई है, जो मूल नियमों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है। साथ ही, कंडिका 8 (क) के तहत 10+2 स्तर पर भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान को अनिवार्य कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने GNM कोर्स में प्रवेश लिया था, तब जीव विज्ञान अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कोर्स पूरा करने के बाद भर्ती के समय यह शर्त लागू करना कानूनन गलत है। उनका यह भी कहना है कि देश के अन्य राज्यों में GNM योग्य उम्मीदवारों के लिए 12वीं में जीव विज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी जाती, इसलिए यह शर्त तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की।

विपक्ष ने विधेयक को हराकर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री | भारत समाचार

Chennai Super Kings' Jamie Overton, left, celebrate with teammates the wicket of Sunrisers Hyderabad's Abhishek Sharma during the Indian Premier League cricket match between Sunrisers Hyderabad and Chennai Super Kings in Hyderabad, India, Saturday, April 18, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 21:35 IST लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में आवश्यक बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और उन पर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार को बाधित करने का आरोप लगाया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम जैसी पार्टियों ने ऐसा किया है जिसे उन्होंने “इस ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” कहा है। उन्होंने कहा, “उन्होंने संविधान और इस देश की नारीत्व के खिलाफ अपराध किया है।” लोकसभा में बिल कम पड़ गया सरकार शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने में विफल रही – प्रस्तावित को लागू करने के लिए एक प्रमुख आवश्यकता महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लोकसभा में. बिल प्राप्त हुआ पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़ेकी कमी हो रही है दो तिहाई बहुमत संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक. झटके के बाद, सरकार दो अन्य संबंधित विधेयकों पर आगे नहीं बढ़ी जो व्यापक सुधार पैकेज का हिस्सा थे। बिल में क्या प्रस्तावित है प्रस्तावित कानून का उद्देश्य: से लोकसभा की ताकत बढ़ाएँ 543 से 850 सीटें संरक्षित महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें इस कदम को संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, ‘स्वार्थी राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराया मोदी ने देशभर की महिलाओं से माफी मांगते हुए बिल के फेल होने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा, “मैं सभी माताओं और देश से माफी मांगता हूं… हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हम सफल नहीं हुए हैं।” उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर राष्ट्रीय हित पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”इन पार्टियों की स्वार्थी राजनीति के कारण देश की महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा है।” राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट विधेयक का पतन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव का संकेत है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों को विफलता के लिए जिम्मेदारी पर दोषारोपण जारी रखने की उम्मीद है। यह परिणाम महिला आरक्षण सुधारों के भविष्य पर भी सवाल उठाता है, जिस पर भारत में दशकों से बहस चल रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 21:34 IST न्यूज़ इंडिया विपक्ष ने विधेयक को हरा कर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर पीएम अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक भारत(टी)नरेंद्र मोदी आलोचना(टी)महिला आरक्षण लोकसभा(टी)संविधान 131वां संशोधन विधेयक(टी)33 प्रतिशत कोटा महिला(टी)भारतीय विपक्षी दल(टी)महिला प्रतिनिधित्व संसद(टी)बिल लोकसभा में विफल

मेटा का 8,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान:20 मई से वर्कफोर्स घटाने की प्रोसेस शुरू होगी; ग्लोबल लेवल पर 10% स्टाफ कम होगा

मेटा का 8,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान:20 मई से वर्कफोर्स घटाने की प्रोसेस शुरू होगी; ग्लोबल लेवल पर 10% स्टाफ कम होगा

फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा इस साल मई में करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का प्लान बना रही है। यह छंटनी 2022 के आखिरी और 2023 की शुरुआत में हुई रिस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी का सबसे बड़ा कदम होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े पैमाने पर होने वाली यह वर्कफोर्स कटौती 20 मई के आसपास शुरू हो सकती है। शुरुआती फेज में मेटा अपनी कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 10% हिस्सा कम करने की तैयारी में है। इसके अलावा कंपनी साल की दूसरी छमाही में भी कुछ और कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। हालांकि, छंटनी की सटीक तारीख और कर्मचारियों की संख्या में अभी भी बदलाव की संभावना है। AI निवेश और एफिशिएंसी को बताया जा रहा वजह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि AI की बढ़ती क्षमताओं के कारण अब भविष्य में मैनेजमेंट लेयर्स कम होंगी और AI-असिस्टेड वर्कर्स के जरिए काम में ज्यादा एफिशिएंसी आएगी। पहले ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि मेटा अपने कुल वर्कफोर्स का 20% या उससे ज्यादा हिस्सा कम कर सकती है। अमेजन और डिज्नी ने भी कम किया स्टाफ टेक और मीडिया सेक्टर में छंटनी का यह दौर केवल मेटा तक सीमित नहीं है। हाल के महीनों में अमेजन ने भी अपने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (करीब 10% व्हाइट-कॉलर स्टाफ) को बाहर का रास्ता दिखाया है। वहीं डिज्नी के सीईओ जोश डी’अमारो ने भी टीवी बिजनेस, ईएसपीएन और टेक्नोलॉजी विभाग से करीब 1,000 कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की है। साल 2024 में अब तक 73,000 से ज्यादा लोग बेरोजगार टेक कंपनियों में नौकरियों की कटौती पर नजर रखने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के अनुसार, इस साल अब तक 73,000 से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। पिछले साल यानी 2024 में यह आंकड़ा 1.53 लाख के पार था। मेटा ने पिछले साल AI पर भारी खर्च के बावजूद 200 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू और 60 बिलियन डॉलर का प्रॉफिट कमाया था। मेटा का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से समा भी छंटनी करेगी फेसबुक के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करने वाली कंपनी ‘समा’ ने भी अपने 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों को ले-ऑफ नोटिस जारी किया है। यह फैसला मेटा द्वारा समा के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बाद लिया गया है। समा ने कहा है कि वे प्रभावित कर्मचारियों का सपोर्ट कर रहे हैं। क्या होता है ‘ले-ऑफ’ और ‘व्हाइट-कॉलर’ जॉब? ले-ऑफ (Layoff): जब कोई कंपनी अपनी खराब आर्थिक स्थिति, रिस्ट्रक्चरिंग या काम कम होने के कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालती है, तो इसे ले-ऑफ कहा जाता है। यह कर्मचारी के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं होता। व्हाइट-कॉलर जॉब: यह आमतौर पर उन पेशों के लिए इस्तेमाल होता है जिनमें कर्मचारी ऑफिस या डेस्क पर बैठकर प्रशासनिक, प्रोफेशनल या मैनेजिरियल काम करते हैं। इसके विपरीत ‘ब्लू-कॉलर’ वर्कर्स शारीरिक श्रम या मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े होते हैं। ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

मेटा का 8,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान:20 मई से वर्कफोर्स घटाने की प्रोसेस शुरू होगी; ग्लोबल लेवल पर 10% स्टाफ कम होगा

मेटा का 8,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान:20 मई से वर्कफोर्स घटाने की प्रोसेस शुरू होगी; ग्लोबल लेवल पर 10% स्टाफ कम होगा

फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा इस साल मई में करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का प्लान बना रही है। यह छंटनी 2022 के आखिरी और 2023 की शुरुआत में हुई रिस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी का सबसे बड़ा कदम होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े पैमाने पर होने वाली यह वर्कफोर्स कटौती 20 मई के आसपास शुरू हो सकती है। शुरुआती फेज में मेटा अपनी कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 10% हिस्सा कम करने की तैयारी में है। इसके अलावा कंपनी साल की दूसरी छमाही में भी कुछ और कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। हालांकि, छंटनी की सटीक तारीख और कर्मचारियों की संख्या में अभी भी बदलाव की संभावना है। AI निवेश और एफिशिएंसी को बताया जा रहा वजह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि AI की बढ़ती क्षमताओं के कारण अब भविष्य में मैनेजमेंट लेयर्स कम होंगी और AI-असिस्टेड वर्कर्स के जरिए काम में ज्यादा एफिशिएंसी आएगी। पहले ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि मेटा अपने कुल वर्कफोर्स का 20% या उससे ज्यादा हिस्सा कम कर सकती है। अमेजन और डिज्नी ने भी कम किया स्टाफ टेक और मीडिया सेक्टर में छंटनी का यह दौर केवल मेटा तक सीमित नहीं है। हाल के महीनों में अमेजन ने भी अपने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (करीब 10% व्हाइट-कॉलर स्टाफ) को बाहर का रास्ता दिखाया है। वहीं डिज्नी के सीईओ जोश डी’अमारो ने भी टीवी बिजनेस, ईएसपीएन और टेक्नोलॉजी विभाग से करीब 1,000 कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की है। साल 2024 में अब तक 73,000 से ज्यादा लोग बेरोजगार टेक कंपनियों में नौकरियों की कटौती पर नजर रखने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के अनुसार, इस साल अब तक 73,000 से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। पिछले साल यानी 2024 में यह आंकड़ा 1.53 लाख के पार था। मेटा ने पिछले साल AI पर भारी खर्च के बावजूद 200 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू और 60 बिलियन डॉलर का प्रॉफिट कमाया था। मेटा का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से समा भी छंटनी करेगी फेसबुक के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करने वाली कंपनी ‘समा’ ने भी अपने 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों को ले-ऑफ नोटिस जारी किया है। यह फैसला मेटा द्वारा समा के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बाद लिया गया है। समा ने कहा है कि वे प्रभावित कर्मचारियों का सपोर्ट कर रहे हैं। क्या होता है ‘ले-ऑफ’ और ‘व्हाइट-कॉलर’ जॉब? ले-ऑफ (Layoff): जब कोई कंपनी अपनी खराब आर्थिक स्थिति, रिस्ट्रक्चरिंग या काम कम होने के कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालती है, तो इसे ले-ऑफ कहा जाता है। यह कर्मचारी के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं होता। व्हाइट-कॉलर जॉब: यह आमतौर पर उन पेशों के लिए इस्तेमाल होता है जिनमें कर्मचारी ऑफिस या डेस्क पर बैठकर प्रशासनिक, प्रोफेशनल या मैनेजिरियल काम करते हैं। इसके विपरीत ‘ब्लू-कॉलर’ वर्कर्स शारीरिक श्रम या मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े होते हैं। ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

7 माह बाद दहेज-मौत केस में वकील पति गिरफ्तार:ट्रेन से गिरने की कहानी पर संदेह हुआ था; शिवपुरी में ससुर-सास भी गिरफ्तार

7 माह बाद दहेज-मौत केस में वकील पति गिरफ्तार:ट्रेन से गिरने की कहानी पर संदेह हुआ था; शिवपुरी में ससुर-सास भी गिरफ्तार

दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई शिवानी की मौत के मामले में शिवपुरी पुलिस ने आज (शनिवार) कार्रवाई की। करीब 7 महीने बाद वकील पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 30 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था। उरई (जालौन) निवासी सुधीर कुमार शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। फरियादी के अनुसार, शिवानी की शादी इंदौर के गोविंद कॉलोनी निवासी विकास शर्मा से हुई थी, जो पेशे से वकील हैं। शादी में सामर्थ्य अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुरालजन संतुष्ट नहीं थे। आरोप है कि पति विकास शर्मा, ससुर कृष्णकांत शर्मा, सास अर्चना शर्मा और दादी शांति शर्मा द्वारा शिवानी को लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। ट्रेन से गिरने से मौत बताई थी घटना के दिन विकास शर्मा ने फोन कर बताया था कि शिवानी को उल्टियां हो रही थीं और वह ट्रेन से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध मानते हुए दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली टीआई रोहित दुबे की टीम ने इंदौर पहुंचकर शनिवार को आरोपी वकील पति विकास शर्मा, ससुर कृष्णकांत शर्मा और सास अर्चना शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शिवपुरी कोर्ट में पेश किया गया।

19 साल का हुआ IPL, कोहली 19 रन बनाकर आउट:जितेश का सिंगल हैंड कैच; RCB एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली पहली टीम

19 साल का हुआ IPL, कोहली 19 रन बनाकर आउट:जितेश का सिंगल हैंड कैच; RCB एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली पहली टीम

IPL के 19 साल पूरे हो गए हैं। 18 अप्रैल 2008 को कोलकाता और बेंगलुरु के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहला मैच खेला गया था। इसी मैदान पर RCB और DC के बीच शनिवार का पहला मैच खेला गया, जिसे दिल्ली ने 6 विकेट से जीत लिया। इस मुकाबले में दो संयोग देखने को मिले। पहला- विराट कोहली 19 रन पर ही आउट हुए। दूसरा- RCB ने चिन्नास्वामी में 100वां मैच खेला। वह एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली इस लीग के इतिहास की पहली टीम बन गई। बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप मोमेंट्स 1. 19 साल का हुआ IPL, चिन्नास्वामी में ही पहला मैच हुआ था इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल पूरे हो गए हैं। आज के दिन 18 अप्रैल 2008 को कोलकाता और बेंगलुरु के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहला मैच खेला गया था। इसी मैदान पर बेंगलुरु ने 100 मैच भी पूरे कर लिए। टीम एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली IPL इतिहास की पहली टीम भी बन गई। 2. ग्रीन जर्सी के साथ उतरी बेंगलुरु की टीम इस मैच में बेंगलुरु की टीम ग्रीन जर्सी के साथ खेलने उतरी। मैच से पहले होम टीम बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को पौधा दिया। RCB हर सीजन में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक मैच में ग्रीन जर्सी पहनकर उतरती है। 3. सॉल्ट ने कुलदीप की बॉल पर छक्का मारकर फिफ्टी पूरी की बेंगलुरु की पारी के 9वें ओवर में फिल सॉल्ट ने कुलदीप यादव की बॉल पर छक्का मारकर हाफ सेंचुरी पूरी की। उन्होंने वाइड लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का मारा। सॉल्ट ने 30 बॉल पर फिफ्टी बनाई। 4. फ्री-हिट पर कैच हुए जितेश शर्मा, एक रन मिला 15वें ओवर में मुकेश कुमार ने जितेश शर्मा को विकेटकीपर केएल राहुल के हाथों कैच कराया। मुकेश की शॉर्ट लेंथ बॉल जितेश के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर विकेटकीपर के ऊपर खड़ी हो गई, जिसे केएल राहुल ने आसानी से केच किया। लेकिन विकेट नहीं मिला। दरअसल, जितेश शर्मा फ्री-हिट पर कैच हुए थे, क्योंकि मुकेश ने नो बॉल डाली थी। यहां जितेश शर्मा 3 रन पर खेल रहे थे। 5. कैच लेने के प्रयास में चोटिल हुए मुकेश, चेहरे पर चोट लगी 18वें ओवर में एक कैच लेने के प्रयास में मुकेश कुमार के चेहरे पर चोट लगी। दूसरी बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े मुकेश कुमार ने जितेश के शॉर्ट को पकड़ने के लिए डाइव लगाई। वे गेंद को जज नहीं कर पाए और कैच ड्रॉप हुआ। इसी डाइव के दौरान उनके चेहरे पर चोट लगी। उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। 6. जितेश शर्मा ने एक हाथ से कैच पकड़ा दिल्ली की पारी के तीसरे ओवर में बेंगलुरु के विकेटकीपर जितेश शर्मा ने एक हाथ से कैच पकड़ा। भुवनेश्वर कुमार की गुड लेंथ से बाहर जाती बॉल समीर रिजवी के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर फर्स्ट स्लिप की ओर जा रही थी। जितेश ने अपने दाईं ओवर ड्राइव लगाई और एक हाथ से कैच किया। समीर रिजवी 3 गेंदों में 2 रन बनाकर आउट हुए। 7. कोहली ने पकड़ा केएल राहुल का कैच 11वें ओवर की पहली बॉल पर विराट कोहली ने केएल राहुल का डाइविंग कैच पकड़ा। राहुल 103 किमी/घंटा की फ्लैट और फुल गेंद को आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर हवा में चली गई। विराट कोहली ने लॉन्ग-ऑफ से बाईं ओर भागते हुए बेहतरीन कैच लपक लिया। यहां कोहली का सेलिब्रेशन देखने लायाक था। स्टैंड्स में मौजूद कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा भी खुशी से झूम उठीं। 8. अक्षर पटेल क्रैम्प के कारण रिटायर्ड हर्ट 16वें ओवर में दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल एक बार फिर क्रैम्प से परेशान दिखे। इस कारण खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। अंपायरों ने फिजियो से बात की और आखिरकार अक्षर मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह डेविड मिलर मैदान पर आए। 9. मिलर ने चौका मारकर जिताया दिल्ली को आखिरी 3 बॉल पर 13 रनों की जरूरत थी। ऐसे में डेविड मिलर ने रोमारियो शेफर्ड की आखिरी तीन बॉल पर लगातार दो छक्के और एक चौका मारकर जिताया। मिलर 10 बॉल पर 22 रन बनाकर नाबाद लौटे। —————————————————- बेंगलुरु-दिल्ली मैच की यह खबर भी पढ़िए… DC ने RCB को 6 विकेट से हराया; आखिरी ओवर में 15 रन बने दिल्ली कैपिटल्स ने IPL के रोमांचक मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। टीम ने आखिरी ओवर में 15 रन बनाए। टीम ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। ट्रिस्टन स्टब्स ने नाबाद 60 रन बनाए। केएल राहुल ने 57 रन का योगदान दिया। RCB ने 20 ओवर में 175 रन बनाए थे। पढ़ें पूरी खबर

‘ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल’, पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

'ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल', पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

महिला मॉडल बिल नामांकन की वजह से सेक्स में नहीं मिला हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल) को कांग्रेस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तमिल में एक रैली में दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों और उनके साथियों ने इसे ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अहम बात यह भी है कि पीएम मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश के नाम जपने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में दावा करते हुए कहा, ‘आज जेलों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना आक्रोश व्यक्त करना चाहता हूं। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए नवीन लागू करने के लिए महत्वपूर्ण लेकर आये। मैंने सभी आवेदकों से इसका समर्थन करने की मांग की। लेकिन डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नापसंद किया और ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अगर ये बिल पास हो जाए तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएं नौकर और नाबालिग बन जाती हैं। लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होना चाहती.’ DMK काले कारनामे छिपने वाले नहीं -पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘डीएमके के काम अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो गए हैं. जनता डीएमके के काले कारनामे महान से जान पहचान है। ‘बूच फैलने से डीएमके के काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तमिलनाडु के लोग एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘एनडीए इन, डीएमके आउट…’ उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में महिलाएं सेफ नहीं हैं। लेकिन अब डीएमके की इस महिला-विरोधी मानसिकता का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। डीएमके की संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ा होना नहीं था, लेकिन अब उनकी महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाएगी।’ मासूम में गिरी महिला नायाब बिल बता दें कि अप्रैल में किन्हीं तीन राज्यों में महिला नंगा बिल शुक्रवार (17) को वोटिंग हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं चुना। इसी वजह से बिल अलोकेशन में गिर गया। इसके बाद प्रमुख महिला कलाकारों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने देशभक्ति मामले में रोक लगा दी (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पीएम मोदी(टी)महिलाएं

रायसेन में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन:लव जिहाद-धर्मांतरण रोकने सख्त कानून की मांग, सुरक्षा मुद्दों पर जताई चिंता

रायसेन में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन:लव जिहाद-धर्मांतरण रोकने सख्त कानून की मांग, सुरक्षा मुद्दों पर जताई चिंता

विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम 5 बजे रायसेन में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम मनीष शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि देश में सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है। ज्ञापन में अवैध कब्जों, महिलाओं के शोषण और जनजातीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मांग की कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाए। इसके साथ ही, जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के जिला अध्यक्ष नरेश वाल्यान, जिला मंत्री बद्री पारासर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन मुद्दों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।

टीकमगढ़ में महिलाओं ने साफा बांधकर निकाली बाइक रैली:कल परशुराम जन्मोत्सव पर होगाअभिषेक-पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा

टीकमगढ़ में महिलाओं ने साफा बांधकर निकाली बाइक रैली:कल परशुराम जन्मोत्सव पर होगाअभिषेक-पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा

टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जन्म महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में शनिवार शाम ब्राह्मण समाज द्वारा बाइक रैली निकाली गई। रैली की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर साफा बांधकर बाइक चलाई और उत्साह के साथ भागीदारी की। नजरबाग मंदिर से शुरू होकर शहर में किया भ्रमण बाइक रैली की शुरुआत नजरबाग मंदिर से हुई। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई गांधी चौराहे पहुंची, जहां भगवान परशुराम की महाआरती की गई। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष नीतू द्विवेदी ने बताया कि 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्म महोत्सव के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 5 बजे महेंद्र सागर तालाब स्थित प्रतिमा स्थल पर अभिषेक और पूजन किया जाएगा। साथ ही अग्निहोत्र यज्ञ भी आयोजित होगा। सुबह से शाम तक रहेंगे धार्मिक आयोजन सुबह 5 बजे से 9 बजे तक प्रतिमा स्थल पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे प्राचीन नजरबाग मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन समिति के सदस्य एडवोकेट सौरभ शर्मा के अनुसार, शोभायात्रा नजरबाग मंदिर से शुरू होकर सिंधी धर्मशाला, लोकमान्य चौराहा, नजाई बाजार, कटरा बाजार, पुराना पोस्ट ऑफिस और तालदरवाजा होते हुए महेंद्र सागर तालाब पहुंचेगी। यहां प्रतिमा की महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।