मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए जारी हालिया विज्ञापन को लेकर जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। जबलपुर निवासी ज्योति साहू सहित अन्य याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विज्ञापन में तय शर्तें ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के विपरीत हैं। इन नियमों में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) को नर्सिंग ऑफिसर पद के लिए स्वतंत्र और पर्याप्त योग्यता माना गया है, लेकिन विज्ञापन में GNM पास अभ्यर्थियों के लिए ‘पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग’ की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई है, जो मूल नियमों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है। साथ ही, कंडिका 8 (क) के तहत 10+2 स्तर पर भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान को अनिवार्य कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने GNM कोर्स में प्रवेश लिया था, तब जीव विज्ञान अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कोर्स पूरा करने के बाद भर्ती के समय यह शर्त लागू करना कानूनन गलत है। उनका यह भी कहना है कि देश के अन्य राज्यों में GNM योग्य उम्मीदवारों के लिए 12वीं में जीव विज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी जाती, इसलिए यह शर्त तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की।















































