Tuesday, 15 Sep 2026 | 02:26 AM

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शाजापुर में जर्जर पीएम रूम में हो रहा पोस्टमार्टम:डॉक्टरों को हादसे का खतरा, कुंडी टूटने से गेट पर हथकड़ी का ताला

शाजापुर में जर्जर पीएम रूम में हो रहा पोस्टमार्टम:डॉक्टरों को हादसे का खतरा, कुंडी टूटने से गेट पर हथकड़ी का ताला

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में बना पोस्टमार्टम रूम खराब हालत में है। यहां की बिल्डिंग इतनी जर्जर हो चुकी है कि डॉक्टरों को डर के साये में काम करना पड़ता है। सुरक्षा का आलम यह है कि पीएम रूम के गेट पर ताला लगाने के लिए पुलिस को हथकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पीएम रूम की दीवारें इतनी कमजोर हो गई हैं कि वे कभी भी गिर सकती हैं। इसके आसपास सफाई का नामोनिशान नहीं है और भारी बदबू फैली रहती है। खुले में ग्लव्स, खराब कपड़े और खून से सना मेडिकल कचरा पड़ा रहता है, जिससे बीमारी फैलने का डर है। बड़ी बात यह है कि इसी के पास पीने के पानी की टंकी भी बनी हुई है। नई बिल्डिंग की मांग अब तक अधूरी स्थानीय निवासी दीपक जैन ने बताया कि पीएम रूम की हालत सुधारने या नया बनवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बीजेपी मंडल अध्यक्ष जगदीश पाल का कहना है कि यह बहुत पुराना अस्पताल है और फिलहाल कोई और जगह न होने की वजह से इसी जर्जर कमरे में काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द ही नए पीएम रूम के लिए बड़े अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया है। अधिकारियों का क्या कहना है? बीएमओ डॉ. आर.सी. चक्रवर्ती ने बताया कि उनसे पहले के अधिकारियों ने भी इस समस्या के बारे में ऊपर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर बड़े अफसरों को इस स्थिति के बारे में बताएंगे ताकि जल्द ही नई व्यवस्था हो सके।

रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सुर्खियों में हैं। अब एक्टर पहली बार अपने ससुर और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण के साथ एक विज्ञापन में नजर आए हैं। लेकिन इसकी चर्चा की वजह सिर्फ ससुर-दामाद की जोड़ी नहीं है। वीडियो के बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस का दावा है कि इस विज्ञापन के जरिए रणवीर ने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर निशाना साधा है। दरअसल, ध्रुव राठी ने रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना करते हुए अपने वीडियो में एक काल्पनिक फिल्म ‘ऑपरेशन बवंडर’ का नाम लिया था। पोस्टर के जरिए ध्रुव राठी पर तंज RuPay के इस कमर्शियल में रणवीर सिंह और प्रकाश पादुकोण पेमेंट के फायदों पर बात कर रहे हैं। एक सीन में दोनों थिएटर में बैठे हैं, जहां बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस ने तुरंत इसे ध्रुव राठी से जोड़ दिया। फैंस ने पकड़ी ‘पीक डिटेलिंग’ सोशल मीडिया यूजर्स विज्ञापन की बारीकियों की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “रणवीर ने ध्रुव राठी के बवंडर वाले जोक को उन्हीं पर पलट दिया है, यह कमाल की डिटेलिंग है।” विज्ञापन में रणवीर अपने ससुर को ‘पप्पा’ कहते दिखते हैं। बता दें कि दीपिका पादुकोण भी अपने पिता को इसी नाम से बुलाती हैं। एक अन्य सीन में रणवीर हाथ में यूनिकॉर्न पकड़े हैं, जिसे फैंस उनके ‘गर्ल डैड’ (बेटी के पिता) होने से जोड़कर देख रहे हैं। ध्रुव राठी ने बताया था ‘चुनावी विज्ञापन’ यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपने पिछले वीडियो में फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल को सत्ताधारी पार्टी का प्रोपेगैंडा बताया था। ध्रुव ने कहा था कि ‘धुरंधर 2’ मनोरंजन के लिए नहीं बनी है, बल्कि यह बीजेपी का सबसे महंगा चुनावी विज्ञापन है, जिसे देखने के लिए दर्शक 500 रुपए दे रहे हैं। उन्होंने फिल्म में नोटबंदी को सही दिखाने के दावों पर भी सवाल उठाए थे।

रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सुर्खियों में हैं। अब एक्टर पहली बार अपने ससुर और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण के साथ एक विज्ञापन में नजर आए हैं। लेकिन इसकी चर्चा की वजह सिर्फ ससुर-दामाद की जोड़ी नहीं है। वीडियो के बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस का दावा है कि इस विज्ञापन के जरिए रणवीर ने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर निशाना साधा है। दरअसल, ध्रुव राठी ने रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना करते हुए अपने वीडियो में एक काल्पनिक फिल्म ‘ऑपरेशन बवंडर’ का नाम लिया था। पोस्टर के जरिए ध्रुव राठी पर तंज RuPay के इस कमर्शियल में रणवीर सिंह और प्रकाश पादुकोण पेमेंट के फायदों पर बात कर रहे हैं। एक सीन में दोनों थिएटर में बैठे हैं, जहां बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस ने तुरंत इसे ध्रुव राठी से जोड़ दिया। फैंस ने पकड़ी ‘पीक डिटेलिंग’ सोशल मीडिया यूजर्स विज्ञापन की बारीकियों की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “रणवीर ने ध्रुव राठी के बवंडर वाले जोक को उन्हीं पर पलट दिया है, यह कमाल की डिटेलिंग है।” विज्ञापन में रणवीर अपने ससुर को ‘पप्पा’ कहते दिखते हैं। बता दें कि दीपिका पादुकोण भी अपने पिता को इसी नाम से बुलाती हैं। एक अन्य सीन में रणवीर हाथ में यूनिकॉर्न पकड़े हैं, जिसे फैंस उनके ‘गर्ल डैड’ (बेटी के पिता) होने से जोड़कर देख रहे हैं। ध्रुव राठी ने बताया था ‘चुनावी विज्ञापन’ यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपने पिछले वीडियो में फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल को सत्ताधारी पार्टी का प्रोपेगैंडा बताया था। ध्रुव ने कहा था कि ‘धुरंधर 2’ मनोरंजन के लिए नहीं बनी है, बल्कि यह बीजेपी का सबसे महंगा चुनावी विज्ञापन है, जिसे देखने के लिए दर्शक 500 रुपए दे रहे हैं। उन्होंने फिल्म में नोटबंदी को सही दिखाने के दावों पर भी सवाल उठाए थे।

क्या डिलीवरी के बाद सिर और कान ढंकना जरूरी? कहीं परंपरा के नाम पर तो नहीं होता ऐसा, एक्सपर्ट से जानिए सबकुछ!

8 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी, सम्राट चौधरी ने बैंक में रखी है कितना पैसा

Last Updated:April 14, 2026, 16:03 IST रीवा संजय गांधी अस्पताल के वरिष्ठ डॉ राहुल मिश्रा के अनुसार हमारे समाज में बहुत दिनों से यह मिथ चलता आ रहा है कि डिलीवरी के बाद महिलाओं को सिर और कान ढककर रखना चाहिए. इससे सिर और कान में हवा भर जाती है. यह एक प्रकार से जानकारी के आभाव में चलती आ रही बात हो सकती है. डिलीवरी के बाद हर महिला को ढेरों सलाहें दी जाती हैं. सिर ढक लो, कान में हवा मत लगने दो, ठंडी चीज़ मत खाओ, लेकिन क्या वाकई इन सलाहों के पीछे कोई मेडिकल कारण है. क्या सच में सिर और कान ढकना जरूरी है या ये सिर्फ परंपरा है आइए जानते हैं डॉक्टर की राय. विंध्य क्षेत्र में डिलीवरी के बाद महिलाओं को किस तरह अपना ख्याल रखना चाहिए यह बताने के लिए हर घर में अनुभवी और बड़ी महिलाएं मौजूद होती हैं. डॉक्टर के सुझाव के अलावा हर घर में कुछ परम्पराएं चलती आ रही होती हैं जिन्हें आम बोलचाल में आप दादी/नानी माँ के नुस्खे कह सकते हैं. इसी में उनका एक सुझाव सिर और कान ढकने का भी होता है. महिलाओं को सिर और कान ढककर रखना चाहिएरीवा संजय गांधी अस्पताल के वरिष्ठ डॉ राहुल मिश्रा के अनुसार हमारे समाज में बहुत दिनों से यह मिथ चलता आ रहा है कि डिलीवरी के बाद महिलाओं को सिर और कान ढककर रखना चाहिए. इससे सिर और कान में हवा भर जाती है. यह एक प्रकार से जानकारी के आभाव में चलती आ रही बात हो सकती है. डिलीवरी के बाद जब किसी भी महिला को सबसे ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है तब ऐसी बड़ी- बुजुर्ग महिलाएं सुझाव देती रहती हैं. पुराने समय में जब लोगों को डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों के बारे में नहीं पता था. जिसकी वजह से कई बार महिलाओं को डिप्रेशन भी हो जाता है. ऐसे में लोगों को लगता था कि सिर में इसलिए दर्द होता है. हवा भर जाती है, जिसे स्कार्फ की मदद से कान और सिर ढककर ठीक किया जा सकता है. सिर और कान में ना जएं हवाआपको यह जानकार हैरानी हो सकती है कि प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं के सिर में दर्द होना, एंग्जायटी होना, आदि सामान्य लक्षण हैं जो धीरे धीरे अपने आप ठीक भी हो जाता है. लेकिन पुराने लोग या कहें जानकारी के अभाव वाले लोग इसे ही सिर और कान में हवा भरने का लक्षण मान लेते थे. यह परंपरा असल में पुराने समय की सोच पर आधारित है. यह सब सिर और कान में हवा भरने की वजह से हो रहा है. इसलिए उनसे कहा जाता था कि वे स्कार्फ या दुपट्टे से सिर और कान ढककर रखें.डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में बड़े पैमाने पर हार्मोनल बदलाव होते हैं. इसी कारण सिरदर्द, थकान, एंग्जायटी या मूड स्विंग जैसी परेशानियां हो सकती हैं. ये सामान्य लक्षण हैं. लेकिन जानकारी के अभाव में इन्हें गलत कारणों से जोड़ दिया गया. असलियत ये है कि सिर और कान ढकने से न तो हार्मोनल बदलाव रुकते हैं और न ही डिप्रेशन या सिरदर्द का इलाज होता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rewa,Madhya Pradesh First Published : April 14, 2026, 16:03 IST

माइथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी में नजर आएंगी यामी:‘नई नवेली’ की कहानी मॉडर्न है पर पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हैं जड़ें

माइथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी में नजर आएंगी यामी:‘नई नवेली’ की कहानी मॉडर्न है पर पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हैं जड़ें

कंटेंट-ड्रिवेन सिनेमा के लिए जानी जाने वाली यामी गौतम अब अपने करियर के सबसे अलग और साहसी प्रोजेक्ट की ओर बढ़ चुकी हैं। फिल्म गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने दिग्गज निर्माता-निर्देशक आनंद एल. राय के साथ एक मायथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी ‘नई नवेली’ के लिए हाथ मिलाया है। यह फिल्म लोक कथाओं और आधुनिक कहानी कहने के फॉर्मेट का अनोखा मेल होगी, जिसमें तकनीकी स्तर पर दक्षिण भारतीय सिनेमा की मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। मालवणी में चल रही शूटिंग, 2 साल की तैयारी सीक्रेट रही सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग मुंबई के मालवणी इलाके में पिछले एक हफ्ते से तेजी से जारी है। यह प्रोजेक्ट आनंद एल. राय के बैनर कलर येलो प्रोडक्शंस के तहत बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस फिल्म पर लगभग दो वर्षों से सीक्रेटली प्रोडक्शन का काम चल रहा था। कहानी वर्तमान समय में सेट है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं, जो इसे एक अलग सिनेमाई पहचान देंगी। मेरठ की पृष्ठभूमि में रहस्य और फैमिली ड्रामा भी दिखेगा फिल्म का कैनवास मॉडर्न-डे में है, जहां मेरठ के बैकग्राउंड में एक नवविवाहित बहू के घर में आने के बाद रहस्यमयी घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है। यह कहानी किसी लुटेरी दुल्हन या ग्रे शेड वाले किरदार पर नहीं है, बल्कि एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें हॉरर और कॉमेडी के साथ इमोशनल एलिमेंट्स भी हैं। टेक्निकल क्रू में साउथ से जुड़े बड़े दिग्गज नाम होंगे शामिल फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका टेक्निकल क्रू है, जिसमें साउथ सिनेमा के बड़े नाम शामिल हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार जी.वी. प्रकाश कुमार इससे हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं और चूंकि फिल्म म्यूजिकल टोन लिए हुए है, इसलिए उनका संगीत इसकी आत्मा माना जा रहा है। ‘आर्टिकल 370’ के बाद यामी एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखेंगी। दिव्य निधि ने लिखी है स्क्रिप्ट, दिखाएगी लोक कथाओं का गहरा पक्ष फिल्म की स्क्रिप्ट दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। उन्होंने इस स्क्रिप्ट में हॉरर और कॉमेडी के बीच एक बारीक संतुलन तैयार किया है। कहानी सिर्फ डराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय लोक कथाओं के उस गहरे पक्ष को सामने लाती है, जो हजारों साल पुरानी मिथकीय कहानियों को आज से जोड़ता है। ‘धुरंधर 2′ के लिए भी सराही गई यामी, आगे फिर पति आदित्य की फिल्म में दिखेंगी यामी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में भी दिखीं। इसकी सफलता ने उनके करियर को नई मजबूती दी है। ‘धुरंधर 2′ में उनके कैमियो को जिस तरह सराहा गया, उसने उनके एक्शन-ब्रांड को और मजबूत किया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘नई नवेली’ 2026 के अंत तक रिलीज हो सकती है और अपने कॉन्सेप्ट के चलते स्लीपर हिट बनने की क्षमता रखती है। सूत्रों के मुताबिक, यामी का 2027 का शेड्यूल पूरी तरह से बड़े प्रोजेक्ट्स से भरा हुआ है। साल की शुरुआत में वह एक स्पाई थ्रिलर में दिखेंगी। इसमें उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल इंटेलिजेंस ऑफिसर का होगा। फिर 2027 के अंत तक पति आदित्य धर के निर्देशन में एक भव्य एक्शन फिल्म भी आएगी जो ‘धुरंधर’ यूनिवर्स को और विस्तार देगी।

चना दाल हलवा रेसिपी: मिनटों में घर पर ही तैयार करें चना दाल हलवा, नोट कर लें रेसिपी

चना दाल हलवा रेसिपी: मिनटों में घर पर ही तैयार करें चना दाल हलवा, नोट कर लें रेसिपी

चना दाल हलवा रेसिपी: अगर आप अपने घर पर ही रेस्तरां के तौर पर डेजर्ट तैयार करना चाहते हैं, तो चना दाल का हलवा एक बेहतरीन रैंकिंग है। यह हलवे में शानदार खुशबू और क्रीमी टेक्सचर इसे हर उम्र के लोगों के लिए फ़ेवरेट बनाता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके साथ ही कम कंटेंट में भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है। इस हलवे को आप वीकेंड में या किसी खास मौत से आसानी से तयार कर सकते हैं। चने की दाल का हलवा सेहत के लिए अच्छा होता है चने की दाल का हलवा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ये आपके गाए और क्रीमी टेक्स्टचर के लिए जाना जाता है। जब इसे घी में अच्छी तरह से अलग-अलग तरह से बनाया जाता है, तो इसका स्वाद पूरे घर में फैल जाता है। बादाम और बादाम का स्वाद इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है। यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और इसे गर्म या ठंडा करके भी सर्व किया जाए तो इसे खाने में मजा ही आ जाता है। चना दाल का हलवा बनाने की आवश्यक सामग्री इस हलवे को बनाने के लिए चना दाल, घी, चीनी, दूध, इलायची पाउडर और बादाम जैमी सामान्य सामग्री की आवश्यकता होती है। ये सभी चीजें घर पर आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे ये रेसिपी और भी आसान बन जाती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चना दाल हलवा रेसिपी(टी)आसान भारतीय मिठाई(टी)घर पर हलवा रेसिपी(टी)भारतीय मिठाई(टी)घर का बना हलवा(टी)त्यौहार मिठाई भारत(टी)त्वरित मिठाई रेसिपी(टी)दाल हलवा(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई

आशा भोसले को लेकर पोती जनाई का इमोशनल पोस्ट:लोगों ने दादी को अंतिम संस्कार में मिले सम्मान और प्यार पर जताया आभार

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आशा भोसले की पोती जनाई भोसले उनकी दादी के अंतिम संस्कार में मिले सम्मान को देखकर इमोशनल हो गईं। जनाई ने सोमवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटा हुआ था। साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं अभी इमोशन्स से ओवरवेल्म्ड हूं… जब संभव होगा, तब कुछ लिखूंगी। लेकिन इतना जरूर कहना चाहती हूं कि आज और उससे आगे भी बहुत से लोगों ने उनका सम्मान किया और उन्हें इतना प्यार दिया। मैं दिल की गहराइयों से आप सभी का धन्यवाद करती हूं। जनाई ने आगे लिखा, वह इस सब की पूरी हकदार थीं। मुझे एहसास है कि वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी और ऊपर से सब कुछ देख रही हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-

नर्मदापुरम में अंबेडकर जयंती पर निकाली वाहन रैली:यूपीएससी में चयनितग हुए श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर ने किया सम्मान

नर्मदापुरम में अंबेडकर जयंती पर निकाली वाहन रैली:यूपीएससी में चयनितग हुए श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर ने किया सम्मान

भारत रत्न, संविधान निर्माता श्रद्धेय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मंगलवार को जिलेभर में मनाई गई। अजाक्स (AJAKS – अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ) ने भाजपा कार्यालय के सामने आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम किया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष एनआर हरियाले, जिला अध्यक्ष रविशंकर वाल्मीकि ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित कर उन्हें नमन किया। एनआर हरियाले, रविशंकर वाल्मीकि ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, प्रारंभिक शिक्षा, संविधान निर्माण समिति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में सभी ने खड़े होकर बाबा साहब की प्रार्थना की। यूपीएससी में चयनित होने वाले श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर सोमेश मिश्रा के हाथों स्वागत, सम्मान हुआ। इस अवसर पर अतिथि कलेक्टर सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, नर्मदापुरम के पूर्व जिला कोषालय अधिकारी जीडी बड़ोदिया, उनके बेटे यूपीएसी पासआउट श्रेयांश बड़ोदिया, ललित डेहरिया, सुमित्रा अहिरवार समेत अन्य मौजूद रहे। जय भीम सेना ने निकाली वाहन रैली जयंती के अवसर पर जय भीम आर्मी सेना ने वाहन रैली का आयोजन किया। डीजे के साथ वाहन रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुराने बस स्टैंड स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची।

घर पर रेशमी बाल: किचन में मौजूद हैं मेथी के दानों को खास ये पेस्ट, बालों जैसे बाल भी हो जाएंगे शाइनी, अपनाएं 5 देसी नुस्खे

घर पर रेशमी बाल: किचन में मौजूद हैं मेथी के दानों को खास ये पेस्ट, बालों जैसे बाल भी हो जाएंगे शाइनी, अपनाएं 5 देसी नुस्खे

घर पर रेशमी बाल: टाइट लाइफस्टाइल, प्रदूषण और केमिकल उत्पादों के कारण बालों का रूखा और बेजान होना आम समस्या बन गई है। ऐसे बाल न सिर्फ देखने में बुरे निकले हैं बल्कि जल्दी खराब होने और उलझने भी लगे हैं। हालाँकि, अच्छी बात यह है कि अब आपको पिरामिड शोरूम की ज़रूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपाय जिन्हें अपनाकर आप घर पर ही अपने बालों को शानदार, चमकदार और दमदार बना सकते हैं। आइये आपको बताते हैं पांच देसी नुस्खे। बालों को रखने के लिए नारियल का तेल बेहद प्रभावशाली माना जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार गुनगुने तेल से मसाज करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रिश्तों को गहराई से पोषण मिलता है। इससे ड्राईनेस कम होती है और बालों में नैचुरल शाइन आ जाती है। प्रोटीन से भरपूर अंडा और मॉश्चर लेज़र वाले दही समूह बल को डीप कंडीशन करते हैं। इस मास्क को बाल बनाने से लेकर हेयर स्टाइलिस्ट और शाइनी बने हुए हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले बालों में असली साफा लुक दिखाई देता है। एलोवेरा बाले को कंपनी ने सील कर दिया है, जबकि हायर उन्हें सॉफ्ट बनाती है। इन दोनों का मिश्रण बालों का रूलापन दूर करने में मदद करता है और बालों को क्लासिक लुक देता है। दूध एक असैनिक की तरह काम करता है। बालों पर इसे लगाने से तुरंत मुलायमपन का एहसास होता है और बाल सबसे ज्यादा नजर आते हैं। बालों को ड्राय करने का यह उपाय बहुत बढ़िया है। मेथी दाना बले की फ़ेरीनेस कम करने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके पेस्ट बालों में लगाने से बालों की चमक बहुत ज्यादा होती है और टूटना भी कम होता है। अगर इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से जोड़ा जाए तो कुछ ही समय में बालों में झाग साफ नजर आता है। सही देखभाल से रूखे और बेजान बाल भी स्कीमी और ज़ामिरी बन सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर रेशमी बाल(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल(टी)सूखे बालों के लिए घरेलू उपचार(टी)चिकने चमकदार बालों के टिप्स(टी)नारियल तेल बालों के फायदे(टी)अंडे का हेयर मास्क(टी)बालों के लिए एलोवेरा(टी)मेथी हेयर मास्क(टी)घर का बना हेयर कंडीशनर(टी)घुंघराले बालों का समाधान

why is it necessary to close the lid when flushing toilet | क्या आप फ्लश करते समय ढक्कन बंद करते हैं या नहीं? जरूर ध्यान दें इस पर

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Last Updated:April 14, 2026, 13:41 IST How To Use The Toilet: क्या आप टॉयलेट फ्लश करते समय ढक्कन बंद करते हैं या खुला छोड़ देते हैं? यह मामूली लगने वाली आदत आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है. हालिया शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, यह आदत आपके घर की स्वच्छता से सीधा जुड़ी है. खासकर छोटे बाथरूम में इसका असर ज्यादा होता है. इस तरह की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर आप अपनी लाइफस्टाइल को और सुरक्षित और स्वच्छ बना सकते हैं… How To Use The Toilet: अगर आपसे पूछा जाए कि टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे करते हैं तो शायद आप हंस पड़ें. क्या आप फ्लश करते समय ढक्कन बंद करते हैं? यह सवाल सुनने में भले ही बेवकूफी भरा लगे, लेकिन आपका जवाब ही आपकी सेहत तय करेगा! बहुत से लोग पहले टॉयलेट के ढक्कन को बंद करते हैं, फिर फ्लश करते हैं, वहीं कुछ लोगों में ढक्कर खुला रखकर फ्लश करके चले जाते हैं. लेकिन अगर आप ढक्कन को खुला रखकर फ्लश करके चले जाते हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य… क्या आप फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करते हैं? – टॉयलेट फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करने की सलाह दी जाती है. क्योंकि टॉयलेट फ्लश करने से बैक्टीरिया का एक छोटा समूह निकलता है, जिसे टॉयलेट प्लूम कहा जाता है. इस समूह में ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं और यह बेहद खतरनाक होता है. खासकर जब आपका टूथब्रश या तौलिया पास में हो, तो जोखिम और बढ़ जाता है. क्या यह सूक्ष्मजीवों को दूर रखता है? – यह रोगाणु ना केवल छह घंटे तक हवा में रह सकते हैं, बल्कि पूरे बाथरूम में फैलकर सतहों पर चिपक भी सकते हैं. फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करना इन रोगाणुओं को दूर रखने और इनके प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है. हालांकि, नए रिसर्च से पता चलता है कि ढक्कन बंद रखना उतना प्रभावी नहीं हो सकता जितना हमने सोचा था. Add News18 as Preferred Source on Google क्या कहती है रिसर्च? – जर्नल ऑफ द अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित एक नई रिसर्च में यह जांच की गई कि क्या बंद टॉयलेट सीट, खुली टॉयलेट सीट की तुलना में बाथरूम में वायरल एरोसोल और क्रॉस-कंटैमिनेशन को रोकने में अधिक प्रभावी हैं. इसके लिए, फ्लश करने से पहले टॉयलेट बाउल में एक प्रकार का आरएनए वायरस डाला गया. टॉयलेट में पाए गए वायरल संक्रमण को दर्ज किया गया. परिणामों से पता चला कि बाथरूम की सतहों पर वायरल संक्रमण के मामले में, फ्लश करते समय टॉयलेट का ढक्कन ऊपर हो या नीचे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. रिसर्च से पता चला है कि हर बार फ्लश करने के बाद कीटाणुनाशक का उपयोग करने से टॉयलेट को जीवाणु मुक्त रखने में मदद मिलती है. इसलिए, यह रिसर्ट स्पष्ट करता है कि हर बार फ्लश करने के बाद टॉयलेट को साफ करना, चाहे ढक्कन खुला हो या बंद, आपके बाथरूम को रोगाणु मुक्त रखने के लिए आवश्यक है. टॉयलेट को कितनी बार साफ करना चाहिए? – तो सवाल उठता है कि आपको सप्ताह में कितनी बार टॉयलेट साफ करना चाहिए? टॉयलेट की स्वच्छता की शुरुआत नियमित रूप से टॉयलेट कमोड को साफ करने से होती है. अध्ययनों से पता चलता है कि हर बार फ्लश करने के बाद सफाई करने से अधिकांश कीटाणु नष्ट हो जाते हैं. अगर यह संभव ना हो, तो टॉयलेट को कम से कम सप्ताह में एक बार साफ करना चाहिए. अगर आप या घर में कोई बीमार है, तो सफाई और भी अधिक आवश्यक हो जाती है. टॉयलेट को साफ करने का सही तरीका क्या है? टॉयलेट सीट को साफ करने के लिए ब्लीच युक्त क्लीनर आमतौर पर अच्छा विकल्प होते हैं. इसके अलावा, टॉयलेट के किनारों और अंदरूनी हिस्से को साफ करने के लिए लंबे हैंडल वाले ब्रिसल ब्रश का इस्तेमाल करें. टॉयलेट के बाहरी हिस्से को बाथरूम क्लीनर से साफ करें और फिर वाइप्स या स्प्रे से कीटाणुरहित करें. First Published : April 14, 2026, 13:41 IST