शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में बना पोस्टमार्टम रूम खराब हालत में है। यहां की बिल्डिंग इतनी जर्जर हो चुकी है कि डॉक्टरों को डर के साये में काम करना पड़ता है। सुरक्षा का आलम यह है कि पीएम रूम के गेट पर ताला लगाने के लिए पुलिस को हथकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पीएम रूम की दीवारें इतनी कमजोर हो गई हैं कि वे कभी भी गिर सकती हैं। इसके आसपास सफाई का नामोनिशान नहीं है और भारी बदबू फैली रहती है। खुले में ग्लव्स, खराब कपड़े और खून से सना मेडिकल कचरा पड़ा रहता है, जिससे बीमारी फैलने का डर है। बड़ी बात यह है कि इसी के पास पीने के पानी की टंकी भी बनी हुई है। नई बिल्डिंग की मांग अब तक अधूरी स्थानीय निवासी दीपक जैन ने बताया कि पीएम रूम की हालत सुधारने या नया बनवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बीजेपी मंडल अध्यक्ष जगदीश पाल का कहना है कि यह बहुत पुराना अस्पताल है और फिलहाल कोई और जगह न होने की वजह से इसी जर्जर कमरे में काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द ही नए पीएम रूम के लिए बड़े अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया है। अधिकारियों का क्या कहना है? बीएमओ डॉ. आर.सी. चक्रवर्ती ने बताया कि उनसे पहले के अधिकारियों ने भी इस समस्या के बारे में ऊपर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर बड़े अफसरों को इस स्थिति के बारे में बताएंगे ताकि जल्द ही नई व्यवस्था हो सके।














































