Tuesday, 15 Sep 2026 | 06:30 AM

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ईरान का सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर मिसाइल अटैक:इसे होर्मुज बायपास करने के लिए बनाया था; लेबनान पर इजराइली हमले में 254 की मौत

ईरान का सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर मिसाइल अटैक:इसे होर्मुज बायपास करने के लिए बनाया था; लेबनान पर इजराइली हमले में 254 की मौत

ईरान ने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर बुधवार को ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाई गई थी। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके जरिए देश के पूर्वी हिस्से से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल यनबू पोर्ट तक पहुंचाया जाता है। इसके साथ ही देश की दूसरी ऑयल फैसिलिटी भी प्रभावित हुई हैं। वहीं लेबनान में इजराइल के हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई है और 800 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन हमलों को लेकर इजराइल ने कहा है कि यह उसका अब तक का सबसे बड़ा जॉइंट अटैक था। उधर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ऐसे ही लेबनान पर हमले करता रहा, तो वह सीजफायर तोड़ सकता है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। रिपोर्ट- ईरान होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाया ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है। ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी। ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है। इस प्लान के तहत जहाजों को ईमेल के जरिए अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ईरान टैक्स तय करेगा, जो हर बैरल पर 1 डॉलर होगा, और इसे बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी में देना होगा। ईरान जंग से जुड़ी तस्वीर… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

नगर निगम के बजट सत्र में बुधवार को ‘वंदे मातरम’ पर घमासान हुआ। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदे मातरम गाने से साफ इनकार करने पर सदन ‘गद्दार’ और ‘गुंडागर्दी’ के नारों से गूंज उठा। इसी बवाल के बीच 8,455 करोड़ का बजट बिना किसी सार्थक चर्चा के पास हो गया और बैठक तय समय से ढाई घंटे पहले ही खत्म कर दी गई। भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने फौजिया पर वंदे मातरम से बचने के लिए देर से आने का तंज कसा। इस पर फौजिया ने दो-टूक कहा, मैं नहीं गाऊंगी, वो एक्ट दिखाओ जिसमें यह अनिवार्य है। भाजपा पार्षद महेश बसवाल, मनोज मिश्रा, योगेश गेंदर व रूपा पांडे ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर कर दिया। विवाद बढ़ाते हुए कांग्रेसी पार्षद रुबीना खान ने कहा, कुरान इसकी इजाजत नहीं देता। अमेरिका ने ईरान के खामेनेई को शहीद किया, तो वहां से तेल क्यों ले रहे हैं? सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। संविधान में धर्म पालन की छूट है। इस्लाम में वंदे मातरम नहीं बोल सकते। – फौजिया शेख, कांग्रेसी पार्षद जिस देश का अन्न-जल लेते हैं, उसका सम्मान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान के नेता को श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन भारत माता की जय बोलने में पेट दर्द होता है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर वंदे मातरम नहीं गाना है, वहां तक भी ठीक है, लेकिन ऐसे सदन में सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत का अपमान कैसे कर सकते हैं कि नहीं गाऊंगी। – राजेन्द्र राठौर, एमआईसी सदस्य कांग्रेस की रग-रग में वंदे मातरम है। फौजिया के बयान से पार्टी का सरोकार नहीं। – चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष

धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज:कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी

धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज:कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी

पाकिस्तान के ल्यारी पर बनी बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में संजय दत्त ने पाकिस्तान के एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इस ऑफिसर का नाम चौधरी असलम है, जिन्हें पाकिस्तान का सुपरकॉप भी कहा जाता है। चौधरी असलम पाकिस्तान पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। सिंध पुलिस में काम करते हुए उन्होंने 2009 में ल्यारी के सबसे खूंखार रहमान डकैत का भी एनकाउंटर किया था। करीब चार साल बाद कराची में विस्फोटकों से भरी एक कार उनके काफिले से टकरा गई थी। इसमें असलम के साथ दो अन्य पुलिस अधिकारियों, बॉडीगार्ड और ड्राइवर की मौत हो गई थी। उनके परिवार को आज भी धमकियां मिलती हैं। दैनिक भास्कर ने असलम चौधरी की पत्नी नौरीन चौधरी से फोन पर बातचीत की। नौरीन ने कहा- फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर ने उनके पति के किरदार को फिल्माने से पहले उनकी परमिशन नहीं ली। मेरे पति न तो कभी रहमान डकैत से डरे, न ही बलूच विरोधी थे। उनके किरदार को गलत दिखाया गया है। इसके चलते उनके खिलाफ लीगल एक्शन लूंगी। आगे पढ़िए, नौरीन से हुई बातचीत के मुख्य अंश… फिल्म में पति का किरदार देखकर कैसा लगा? किरदार बहुत अच्छा है। संजय दत्त पर यह काफी फिट बैठता है। उन्होंने मेरे पति असलम चौधरी का किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है, लेकिन कहानी में कुछ बातें सही नहीं दिखाई गई हैं। किन चीजों को अलग तरीके से दिखाया गया है? असलम चौधरी का किरदार बहुत बड़ा है, लेकिन उसे उतना नहीं दिखाया गया है। उनका काम सिर्फ ल्यारी तक सीमित नहीं था। उन्होंने कराची में कई ऑपरेशन किए थे। जिन सभी मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन्होंने कभी भी अपनी फील्ड नहीं छोड़ी। ल्यारी असल में वैसा नहीं है, जैसा दिखाया गया है। ल्यारी कराची का एक छोटा सा इलाका है। फिल्म का कौन सा सीन असलम चौधरी की याद दिलाता है? तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म के एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। उनकी मौत किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा थी? नहीं। वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा—और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तानी में ही रह रही हूं। रहमान डकैत के एनकाउंटर के बाद असलम ने घर आकर क्या कहा? एनकाउंटर से पहले उन्होंने कुछ लोगों का पता लगाया था। अपने प्लान को अंजाम देने वे चार-पांच दिन पहले घर से निकले थे। रहमान ईरान से आ रहा था। असलम ने उसे जंगल में 7 पुलिसकर्मियों के साथ घेर लिया था और उसका एनकाउंटर कर दिया। असलम 6 दिन बाद घर लौटे। वे बहुत खुश थे और मेरे पास आकर बोले- अल्लाह ने मेरी इज्जत बचा ली। चौधरी ने अपना काम पूरा कर लिया है। क्या आपको लगता है कि उनकी दाउद से भी बातचीत हुई थी? मैंने अपने जीवन में चौधरी असलम से दाउद का नाम कभी नहीं सुना। मुझसे पहले भी ऐसे सवाल पूछे गए हैं। उन्होंने मेरे सामने सिर्फ शोएब खान का नाम लिया था। वह कराची का डॉन था। लाहौर जाकर उसे असलम चौधरी ने ही पकड़ा था। वह जेल गया और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। मेरे पति ने कभी पैसे के लालच में किसी के सामने सिर नहीं झुकाया। नवाज शरीफ और परवेज मुशर्रफ भी उनके काम को जानते थे। उन्होंने सिंध के 300 गरीब परिवारों के घरों में कभी राशन की कमी नहीं होने दी। बलूचों के बारे में बोले एक डायलॉग से विवाद खड़ा हो गया था। सच्चाई क्या है? मेरे पति बलूच विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घरआई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं। असलम चौधरी की मौत के समय का घटनाक्रम? मुझे मेरे चाचा के बेटे का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी चालू कीजिए, बड़ी खबर आ रही है। जब मैंने टीवी पर देखा तो पता चला कि असलम को अस्पताल ले जाया गया है। इसलिए मैं तुरंत वहां पहुंची। उस दिन कराची में लगभग बंद जैसी स्थिति थी। पूरे शहर में अफरा-तफरी मची हुई थी। असलम का इंतकाल हो चुका था। एक बार सुबह करीब सात बजे मेरे घर पर भी 350 किलो विस्फोटक से ब्लास्ट किया गया था। उस समय मैं घर पर अकेली थी। मैंने पिछली रात करीब दो बजे चौधरी असलम को फोन किया था और कहा था कि आप समय पर घर आ जाइए। तब उन्होंने बताया था कि उन्हें सूचना मिली है कि अमेरिका या सऊदी की एम्बेसी पर बम ब्लास्ट हो सकता है, इसलिए वे पेट्रोलिंग पर हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि असल में बम तो हमारे ही घर पर फटने वाला है। सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर मैं बच्चों के लिए नाश्ता बना रही थी। तभी हमारे घर के पास जोरदार धमाका हुआ था। जमीन में 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया और नीचे से पानी का फव्वारा निकलने लगा था। इस धमाके में हमारे 3-4 गनमैन, एक पड़ोसी और एक टीचर की मौत हो गई थी। हमारे घर के आसपास हमेशा गाड़ियां खड़ी रहती थीं। धमाके के बाद गाड़ियां फिल्मी सीन की तरह हवा में उड़कर गिर गई थीं। यह ब्लास्ट किसने करवाया था? तहरीक-ए-तालिबान ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। क्या आदित्य

सरकार बोली- जनहित याचिका का कॉन्सेप्ट खत्म करना चाहिए:पुराना दौर गया, अब कोर्ट तक पहुंच आसान; SC बोला- हम PIL मामलों पर खुद सतर्क

सरकार बोली- जनहित याचिका का कॉन्सेप्ट खत्म करना चाहिए:पुराना दौर गया, अब कोर्ट तक पहुंच आसान; SC बोला- हम PIL मामलों पर खुद सतर्क

केरल के सबरीमाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने जनहित याचिकाओं (PIL) की उपयोगिता पर सवाल उठाया। कोर्ट में दायर लिखित दलीलों में सरकार ने कहा- जनहित याचिका को न सिर्फ परिभाषित, बल्कि पूरी तरह से खत्म करने का समय आ गया है। सरकार ने कहा- PIL कॉन्सेप्ट एक ऐसे दौर में बना था, जिसमें एक बड़ी आबादी गरीबी, निरक्षरता, कानूनी मदद जैसे अन्य अभाव में अदालतों तक नहीं पहुंच पाते थे। आज के दौर में टेक्नोलॉजी और ई-फाइलिंग जैसी सुविधाएं हैं जिससे कोर्ट तक पहुंच आसान हुई है। अब तो एक लेटर भी कोर्ट तक सीधे पहुंच जाता है। इस पर भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- अदालतें खुद PIL पर सुनवाई करने में सतर्क रहती हैं। 2006 से लेकर 2026 तक, दो दशकों में स्थिति बदल गई है। नोटिस तभी जारी किए जाते हैं जब उनमें कोई ठोस आधार हो। कोर्ट ने कहा- हमारे पास अंधविश्वास तय करने का अधिकार सबरीमाला सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में आज लगातार तीसरे दिन सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच सुनवाई करेगी। बुधवार को करीब 5 घंटे चली सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि किसी धर्म में कौन सी प्रथा अंधविश्वास है, यह तय करने का अधिकार उसके पास है। दरअसल, केंद्र ने दलील दी थी कि धर्मनिरपेक्ष अदालत इस मुद्दे का फैसला नहीं कर सकती, क्योंकि जज कानून के विशेषज्ञ होते हैं, धर्म के नहीं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, यह काम विधायिका का है कि वह कानून बनाए। काला जादू और ऐसी प्रथाओं को रोकने के लिए कानून ऐसे ही बनाए गए हैं।’ जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने पूछा, कोई प्रथा जादू टोना से जुड़ी हो, तो क्या उसे अंधविश्वास नहीं माना जाएगा? विधायिका चुप है तो क्या अदालत सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रोक के निर्देश नहीं दे सकती? केंद्र बोला- व्यभिचार-समलैंगिक संबंधों पर SC के फैसले ठीक नहीं सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा है कि व्यभिचार और सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले फैसले सही कानून नहीं हैं। ये फैसले ‘संवैधानिक नैतिकता’ की व्यक्तिगत व्याख्या पर आधारित थे, इसलिए इन्हें अच्छा कानून नहीं माना जाना चाहिए। मेहता ने कहा- लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर चलने वाले देश में बहुसंख्यक वर्ग का दृष्टिकोण ही प्रभावी होता है। मेहता ने हार्वर्ड लॉ रिव्यू में छपे कैथरीन टी. बार्टलेट के लेख ‘सम फेमिनिस्ट लीगल मेथड्स’ का जिक्र कर कहा, अनुच्छेद 141 के तहत यह एक कानून बन जाता है, जो 140 करोड़ भारतीयों पर लागू होता है।’ कोर्ट ने पूछा- याचिका किसकी, कोई भक्त इसे चुनौती नहीं दे सकता? दिनभर सुनवाई के बाद बेंच उठने वाली थी तो जस्टिस नागरत्ना ने मेहता से जानना चाहा कि सबरीमाला मामले में याचिकाकर्ता कौन हैं। दलीलों से लगता है कि मूल याचिकाकर्ता भक्त नहीं हैं। मेहता ने कहा कि वकीलों के संगठन ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ की याचिका है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा, ‘वे भक्त नहीं हैं। जो भक्त नहीं है और जिसका उस मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है, इसे चुनौती देता है, तो क्या अदालत ऐसी रिट याचिका पर सुनवाई कर सकती है?’ सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को

3 राज्यों की 296 सीटों पर वोटिंग:असम, केरलम, पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान; केरलम CM पिनाराई, एक्टर मोहनलाल ने वोट डाला

3 राज्यों की 296 सीटों पर वोटिंग:असम, केरलम, पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान; केरलम CM पिनाराई, एक्टर मोहनलाल ने वोट डाला

देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी की 296 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। आज सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच सभी पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने मॉक पोलिंग की, जिससे पता चल सके कि ईवीएम में कोई खराबी तो नहीं है। केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं। असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे। असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स तीनों राज्यों में जारी वोटिंग की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत, मिलर का 106 मीटर लंबा सिक्स; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत, मिलर का 106 मीटर लंबा सिक्स; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। डेविड मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पढ़िए GT Vs DC मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात की रन के हिसाब सबसे छोटी जीत गुजरात टाइटंस ने रन के हिसाब से सबसे छोटी जीत हासिल की। टीम की जीत एक रन की रही। टीम ने 2024 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 6 रन, 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 7 रन, 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 8 रन और उसी साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 14 रन से जीत दर्ज की थी। 2. बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे हुए। इस मैच में उन्होंने 5 सिक्स लगाए। सबसे ज्यादा सिक्स के मामले में क्रिस गेल (1056), कीरोन पोलार्ड (982), आंद्रे रसेल (784), निकोलस पूरन (712) उनसे आगे हैं। इसके अलावा बटलर ने एक ही पारी में 14वीं बार 5 या उससे ज्यादा सिक्स भी लगाए। यहां से टॉप-9 मोमेंट्स… 1. सुदर्शन-गिल ने चौके से अपना खाता खोला साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही बॉल पर सुदर्शन ने पैड्स पर आई गेंद को मिडविकेट के पार खेलकर बाउंड्री हासिल की। इसके बाद सिंगल लेकर उन्होंने गिल को स्ट्राइक दी। गिल ने ओवर की तीसरी बॉल पर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाते हुए चौका जड़ दिया। 2. बटलर का 96 मीटर लंबा सिक्स जोस बटलर ने मुकेश कुमार के ओवर में 3 सिक्स लगाए। 5वें ओवर की पहली दो बॉल पर बटलर ने दो सिक्स लगा दिए। उन्होंने पहली गेंद पर स्कूप शॉट खेला, इसके बाद दूसरी गेंद पर सामने की दिशा में सिक्स लगा दिया। यह सिक्स 96 मीटर लंबा रहा। इसके बाद बटलर ने ओवर की पांचवीं गेंद पर भी सिक्स लगाया। बाद में बटलर 52 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। 3. कैच छूटने के बाद गिल ने चौके से फिफ्टी पूरी की 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर शुभमन गिल को जीवनदान मिला। अक्षर पटेल की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर डेविड मिलर से उनका कैच छूट गया। गिल ने आगे बढ़कर शॉट खेला, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद हवा में चली गई। मिलर ने दौड़कर कैच पकड़ने की कोशिश की। लेकिन गेंद सिर्फ उंगलियां में ही लग सकी। इसके बाद गिल ने 14.5 ओवर में लुंगी एनगिडी की गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और 70 रन बनाकर आउट हुए। 4. वाशिंगटन की सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी वॉशिंगटन सुंदर ने सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी पूरी की। 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर टी नटराजन ने फुल टॉस डाली। सुंदर ने झुककर शॉट खेला और गेंद को डीप स्क्वायर लेग के पार सिक्स के लिए भेज दिया। 5. दिल्ली ने पहले ओवर में 3 चौके लगाए पहले ओवर में दिल्ली ने 3 चौके लगाए। पाथुम निसांका ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ ओवर की दूसरी, तीसरी और आखिरी गेंद पर शानदार चौके जड़े। उन्होंने कवर और सीधा शॉट खेलकर गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाया। 6. राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर फिफ्टी पूरी की राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर अपनी 41वीं IPL फिफ्टी पूरी की। 9वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ केएल राहुल ने पहले चौका जड़ा, फिर बैक-टू-बैक दो सिक्स लगाए और आखिर में एक और चौका लगाकर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इस ओवर से कुल 21 रन आए। 7. डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए और बाद में बल्लेबाजी के लिए लौटे। 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मिलर कलाई में चोट लगने के कारण रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए, उनकी जगह अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद 17वें ओवर की चौथी गेंद पर ट्रिस्टन स्टब्स 7 रन बनाकर साई सुदर्शन के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हो गए। स्टब्स के आउट होने के बाद मिलर फिर से क्रीज पर बैटिंग के लिए लौटे। 8. मिलर ने 106 मीटर का सिक्स लगाया मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगा दिया। 20वें ओवर की चौथी गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने फुल लेंथ गेंद डाली, जिस पर डेविड मिलर ने लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से स्टेडियम के बाहर 106 मीटर दूर भेज दिया। 9. कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट हुए मैच के आखिरी ओवर में दिल्ली को 13 रनों की जरूरत थी। विपराज निगम ने प्रसिद्ध कृष्णा की पहली बॉल पर चौका लगा दिया था। फिर वे दूसरी बॉल पर गिल को कैच थमा बैठे। ओवर की चौथी बॉल पर मिलर ने सिक्स लगाया। लेकिन, 5वीं बॉल पर सिंगल लेने से मना कर दिया और मैच टाई कराने का मौका गंवाया। आखिरी बॉल पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। ———————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज KKR vs LSG:नाइट राइडर्स को सीजन में पहली जीत तलाश, कोलकाता में बारिश के 90% चांस IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। पूरी खबर

ग्वालियर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले पांच गिरफ्तार:गांव में बदमाश पकड़ने गई पुलिस पर चलाई थीं गोलियां, बंदूक व कार बरामद

ग्वालियर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले पांच गिरफ्तार:गांव में बदमाश पकड़ने गई पुलिस पर चलाई थीं गोलियां, बंदूक व कार बरामद

शराब दुकान के मैनेजर पर ढाई घंटे में दो बार हमला करने और उसके रिश्तेदार को गोली मारने वाले बदमाशों को पकड़ने पहुंची पुलिस की पनिहार के मिर्चा गांव में आरोपियों से आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। बदमाशों ने खेतों में पुलिस को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पांच आरोपी फरार हो गए थे। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झांसी रोड के शीतला माता मंदिर रोड से फरार पांचों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले के सभी सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं। टीआई शक्ति सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी शीतला माता मंदिर रोड पर दो कारों में देखे गए हैं और जिले से भागने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही एसआई आकाश वर्मा, एसआई राजवीर सिंह यादव, आरक्षक श्याम, रामवीर और अंगद को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस टीम ने शीतला माता मंदिर रोड पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो और क्रेटा कार आती दिखाई दी। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने वाहन की गति बढ़ाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर दोनों कारों को रोक लिया गया। ये आरोपी पकड़े गए पुलिस ने घेराबंदी कर अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र सिंह गुर्जर, बंटी गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर और गजेंद्र सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया। इनके दो साथी शैलेन्द्र गुर्जर और गिर्राज गुर्जर को एक दिन पहले ही पकड़ा जा चुका था। आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और स्कॉर्पियो कार के अलावा अधिया, .315 बोर की राइफल और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह है मामला पनिहार थाना क्षेत्र के नयागांव में शराब दुकान के मैनेजर कुलदीप गुर्जर के साथ अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर, गजेंद्र और बंटी गुर्जर ने मारपीट की थी। कुलदीप किसी तरह बचकर निकले और मामला दर्ज कराया। इससे नाराज आरोपियों ने झांसी रोड इलाके के शीतला माता मंदिर रोड स्थित याराना ढाबे पर पीड़ित पक्ष को घेरकर फायरिंग कर दी, जिसमें कुलदीप के मामा मोहर सिंह को गोली लग गई थी। पुलिस का कहना एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि मारपीट, हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग के मामले में फरार पांच बदमाशों को झांसी रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से एक अधिया और राइफल बरामद हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

वेदविद्या प्रतिष्ठान के सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट का नोटिस:छड़ी से छात्र को पीटने के बाद फिर सुर्खियों में प्रतिष्ठान, जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय

वेदविद्या प्रतिष्ठान के सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट का नोटिस:छड़ी से छात्र को पीटने के बाद फिर सुर्खियों में प्रतिष्ठान, जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय

महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान में छड़ी से छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रतिष्ठान के सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने अहम आदेश जारी करते हुए महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल सहित अन्य के खिलाफ नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने वेद शिक्षक स्वप्निल पाठक द्वारा दायर रिट याचिका में सचिव जड्डीपाल की नियुक्ति को अवैध बताया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है। एडवोकेट गार्गी पाठक ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। उनके अनुसार वर्ष 2017 में जड्डीपाल की नियुक्ति उज्जैन के सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में सचिव पद पर हुई थी। हमने आरटीआई के माध्यम से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान से नियम और आरआर की प्रतियां मांगीं, लेकिन दोनों जगह से कॉपी नहीं मिली। इसके बाद किए गए शोध में पता चला कि सचिव पद पर जड्डीपाल की नियुक्ति पूरी तरह अवैध है और उन्हें नियम विरुद्ध पद पर रखा गया है। गार्गी पाठक ने बताया कि सचिव पद की नियुक्ति के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर होना जरूरी है, जबकि उनकी नियुक्ति उस समय हुई जब वे 2017 में तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठम नामक डीम्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उनका डेप्युटेशन पीरियड 2022 में समाप्त हो गया था, इसके बाद भी मंत्रालय से डेप्युटेशन एक्सटेंशन नहीं हुआ, फिर भी वे 2026 तक सचिव पद पर बने हुए हैं। यह सेक्रेटरी पोस्ट ए ग्रेड की पब्लिक ऑफिसर की पोस्ट है, जिस पर नॉन पब्लिक ऑफिसर को बैठा दिया गया है। बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर जमे रहे याचिकाकर्ता स्वप्निल पाठक ने बताया कि वर्ष 2022 में प्रारंभिक प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी डॉ. जड्डीपाल को उनके मूल संगठन वापस नहीं भेजा गया और वे बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर अवैध रूप से बने रहे। बाद में 15 जून 2023 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 के शब्दों में कथित हेरफेर कर 10 जुलाई 2024 को उनकी प्रतिनियुक्ति को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया। भारत सरकार के नियमों में प्रतिनियुक्ति को 7 वर्ष से अधिक बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे यह विस्तार अवैध हो जाता है। प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 में 10 वर्षों की प्रतिनियुक्ति का कोई उल्लेख नहीं है। भर्ती और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि डॉ. जड्डीपाल प्रतिष्ठान के सचिव के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और संस्थान के उद्देश्यों के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में भारी भर्ती अनियमितताएं, प्रशासनिक धोखाधड़ी और वैदिक विद्वानों तथा वेद पाठशालाओं का उत्पीड़न हुआ है, जो जन नीति के विरुद्ध बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पूर्णतः अपात्र होने के कारण वे इस पद पर बने रहने के अयोग्य हैं और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इसी को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। ये खबर भी पढ़ें.. गुरुकुल में छात्र को डंडे से पीटा…दर्द से चीखता रहा,VIDEO उज्जैन में महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या संस्थान (गुरुकुल) में एक टीचर ने छात्र को डंडे से बेरहमी से पीटा। इस दौरान छात्र दर्द से चीखता रहा, लेकिन टीचर लगातार उसे मारता रहा। घटना का वीडियो शनिवार को सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह छात्र को दूसरे के बिस्तर पर सोने की बात पर पीट रहा था।पूरी खबर पढ़ें

लिंगभेद के आरोप पर मेल नर्सिंग छात्रों की याचिका:100% महिला आरक्षण को चुनौती, 800 पदों पर हो रही है मेडिकल कालेज में नर्स भर्ती

लिंगभेद के आरोप पर मेल नर्सिंग छात्रों की याचिका:100% महिला आरक्षण को चुनौती, 800 पदों पर हो रही है मेडिकल कालेज में नर्स भर्ती

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर होने वाली 800 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के जस्टिस विशाल घगट की एकलपीठ ने सरकार एवं ईएसबी से पूछा है कि नर्सिंग ऑफिसर के पदों में महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण किस आधार पर दिया जा रहा है। मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। संतोष कुमार लोधी एवं अन्य पुरुष अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हाल ही में जारी नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 2 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन (नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026) में नर्सिंग ऑफिसर के पदों को 100% केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थी आवेदन करने से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद के लिए कोई लिंग-आधारित प्रतिबंध नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन में किया गया यह प्रावधान वैधानिक नियमों के विपरीत है याचिका में तर्क दिया गया है कि पुरुष और महिला दोनों एक ही पाठ्यक्रम (B.Sc. नर्सिंग/ GNM) पढ़ते हैं और उनके पास समान योग्यता व पंजीकरण होता है। याचिकाकर्ता की और से बताया गया कि केवल लिंग के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से पूर्णतः बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है। याचिका में मांग की गई है कि विज्ञापन के उस हिस्से को निरस्त किया जाए जो 100% पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित करता है। ये खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने विधायक संजय पाठक को किया तलब भाजपा विधायक संजय पाठक के अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट जस्टिस को फोन लगाने के आपराधिक अवमानना मामले में चीफ जस्टिस की कोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई और अदालत ने संजय पाठक को तलब किया है।पूरी खबर पढ़ें

मटका दाल रेसिपी: वीकेंड पर कुछ अलग, मटके में बनी ये दाल पूरा परिवार का पुल बांध देगा; जानें खास रेसिपी

मटका दाल रेसिपी: वीकेंड पर कुछ अलग, मटके में बनी ये दाल पूरा परिवार का पुल बांध देगा; जानें खास रेसिपी

8 अप्रैल 2026 को 23:32 IST पर अद्यतन किया गया इस बार सप्ताहांत पर आप मिट्टी के मटके में स्वादिष्ट दाल बना सकते हैं। पढ़ें आसान रेसिपी। ये प्राचीन परंपरा और अनोखा स्मोकी फ्लेवर आपके पूरे परिवार को काफी पसंद आएगा। इन खाने में स्वाद तो है कि साथ ही मटके में दाल बनाने से पोषण भी जरूरी रहता है। घर पर टिकट बनवायें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मिट्टी के बर्तन में दाल बनाने की विधि(टी)मिट्टी के बर्तन में दाल कैसे बनाएं(टी)मिट्टी के बर्तन में तड़का दाल(टी)वीकेंड दाल पकाने की विधि(टी)पारंपरिक भारतीय मिट्टी के बर्तन में पकाने की विधि(टी)मटका में दाल कैसे बनाएं