प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर पति निक का खास पोस्ट:स्पैनिश में लिखा- जन्मदिन मुबारक हो, मेरे प्यार; स्पेन में याट पर वैकेशन का वीडियो शेयर किया

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई को 44 साल की हो गई हैं। उनके बर्थडे के मौके पर पति और सिंगर निक जोनास ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में प्रियंका स्पेन में एक याट पर वैकेशन मनाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, प्रियंका के बर्थडे पर उनकी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ से उनका पहला लुक भी रिलीज किया गया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान निक और प्रियंका ने अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी और बताया था कि साल 2016 में दोनों की बातचीत कैसे शुरू हुई थी। स्पेन में वैकेशन मना रही हैं प्रियंका निक जोनास ने रविवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो स्पेन का है, जहां दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं। वीडियो में एक खूबसूरत याट दिखाई दे रही है, जिस पर प्रियंका चोपड़ा बिकिनी पहने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दे रही हैं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। वीडियो में प्रियंका निक को फ्लाइंग किस देती नजर आ रही हैं। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, ‘फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर’ यानी ‘जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार’। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड ‘जोनास ब्रदर्स’ के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो ‘क्वांटिको’ देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, ‘हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?’ प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करो निक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, ‘हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।’ पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी 2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म ‘वाराणसी’ से वापसी करेंगी प्रियंका प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ‘रुद्र’ और पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में ‘मंदाकिनी’ का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर पति निक का खास पोस्ट:स्पैनिश में लिखा- जन्मदिन मुबारक हो, मेरे प्यार; स्पेन में याट पर वैकेशन का वीडियो शेयर किया

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई को 44 साल की हो गई हैं। उनके बर्थडे के एक दिन बाद पति और सिंगर निक जोनास ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में प्रियंका स्पेन में एक याट पर वैकेशन मनाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, प्रियंका के बर्थडे पर उनकी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ से उनका पहला लुक भी रिलीज किया गया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान निक और प्रियंका ने अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी और बताया था कि साल 2016 में दोनों की बातचीत कैसे शुरू हुई थी। स्पेन में वैकेशन मना रही हैं प्रियंका निक जोनास ने रविवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो स्पेन का है, जहां दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं। वीडियो में एक खूबसूरत याट दिखाई दे रही है, जिस पर प्रियंका चोपड़ा बिकिनी पहने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दे रही हैं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। वीडियो में प्रियंका निक को फ्लाइंग किस देती नजर आ रही हैं। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, ‘फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर’ यानी ‘जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार’। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड ‘जोनास ब्रदर्स’ के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो ‘क्वांटिको’ देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, ‘हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?’ प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करो निक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, ‘हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।’ पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी 2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म ‘वाराणसी’ से वापसी करेंगी प्रियंका प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ‘रुद्र’ और पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में ‘मंदाकिनी’ का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
भास्कर रिसर्च: खरीदारी का तरीका बदल रहा:सोफा-टीवी से आरओ तक मासिक किराए पर लेने का दौर, घरेलू चीजों का रेंटल मार्केट 33500 करोड़ पहुंचा

आजकल सामान खरीदने के बजाय उसे किराये (सब्सक्रिप्शन) पर लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती महंगाई और बार-बार शहर बदलने की मजबूरी ने लोगों की सोच बदल दी है। अब लोग सोफा, बेड, टीवी, फ्रिज, एसी और कार जैसी महंगी चीजों का मालिक बनने के बजाय, हर महीने एक निश्चित किराया देकर उनका उपयोग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रेंटोमोजो और फर्लेंको जैसी कंपनियां इस सुविधा को आसान बना रही हैं। फर्नीचर और घरेलू उपकरणों का रेंटल बाजार भी पीछे नहीं है। रेडसीर के अनुसार, यह बाजार अभी 33,500 करोड़ रु. का है। जानकारों का अनुमान है कि 2032 तक यह 46,000 करोड़ रु. के पार निकल जाएगा। यह नया ट्रेंड बताता है कि भारतीय परिवारों के लिए अब चीजों के मालिकाना हक से ज्यादा ‘सुविधा’ और ‘किफायत’ जरूरी हो गई है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि लाइफस्टाइल को अपग्रेड करना भी आसान हो गया है। एक स्टडी के मुताबिक, देश में औसत सब्सक्रिप्शन 13 महीने का होता है। देश में सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी की शुरुआत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से हुई थी। इसी ने लोगों के बीच मासिक सब्सक्रिप्शन की आदत डाली। एक्सप्लेनर: चीन के बाद सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही हमारी सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी छोटे फर्नीचर 79 रु./माह से शुरू, कारें 600 रु./दिन पर हैं 1. किराए पर सामान लेने से क्या फायदा है? यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो बार-बार शहर बदलते हैं या भारी निवेश के बिना अच्छी लाइफस्टाइल चाहते हैं। 2. आखिर ये किराया कितना किफायती है? यह बहुत सस्ता है। छोटे फर्नीचर ₹79/माह और अप्लायंसेज ₹149/माह से शुरू होते हैं। 1BHK का पूरा सेटअप भी ₹514-₹570 रु./माह के आसपास मिल सकता है। 3. डिलीवरी और इंस्टॉलेशन का क्या होता है? डिलीवरी और इंस्टॉलेशन का शुल्क चेकआउट पर अलग से जुड़ता है। बेड, गद्दे, फ्रिज और वॉशिंग मशीन का इंस्टॉलेशन आमतौर पर मुफ्त होता है। 4. क्या मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ग्राहक की है? नहीं, सामान की मरम्मत और मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। 5. क्या कोई अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है? हर सब्सक्रिप्शन के साथ लगभग ₹1,000 का ‘डैमेज-वेवर’ चार्ज जुड़ता है। कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। 6. क्या इन कंपनियों में कोई ऑफर होता है? कुछ कंपनियां पहले महीने के किराए पर किड्स फर्नीचर पर 22% (₹1,100 तक) की छूट जैसे शुरुआती ऑफर्स देती हैं। 7. कार सब्सक्रिप्शन का शुरुआती किराया? शॉर्ट-टर्म सेल्फ-ड्राइव में किराया ₹499/दिन, जबकि प्रीमियम एसयूवी में ₹999/दिन से शुरू है। आमतौर पर बजट कारों का रोजाना रेंट 600-800 रु. के बीच है। 8. लंबी अवधि में कार लेने का रेंट क्या है? लॉन्ग-टर्म सब्सक्रिप्शन के लिए किराया ₹15,000 प्रति माह से शुरू होता है। 9. कंपनियां क्या-क्या खर्च वहन करती हैं? कार की कीमत, रोड टैक्स, इंश्योरेंस और सर्विसिंग यानी ओनरशिप का झंझट कंपनी संभालती है। हालांकि इंश्योरेंस क्लेम में जो रकम कंपनी सेटल नहीं करती, वो पैसे और क्लेम-फाइलिंग चार्ज ग्राहक देते हैं। 10. ग्राहक को जेब से क्या-क्या देना होता है? ईंधन (पेट्रोल/डीजल), टोल टैक्स, पार्किंग और राज्यों की एंट्री फीस का भुगतान ग्राहक को खुद करना पड़ता है। 11. ये कंपनियां कितने शहरों में उपलब्ध हैं? ये कंपनियां देशभर के 21-30 से अधिक शहरों में सेवाएं दे रही हैं, जिनमें इंदौर, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ शामिल हैं। 12. सब्सक्रिप्शन बीच में बंद कर सकते हैं? हां, सब्सक्रिप्शन ट्रांसफर कर सकते हैं या सामान लौटा सकते हैं, पर अर्ली चार्ज है। 13. आरओ का सब्सक्रिप्शन कितने का है? आरओ खरीदने में 10,000-30,000 रु. खर्च होते हैं। लिवप्योर जैसी कंपनियां आरओ 429 रु./महीने के सब्सक्रिप्शन पर दे रहीं। इसमें मशीन, इंस्टॉलेशन, फिल्टर बदलना और सर्विसिंग भी शामिल होती है। 14. रेंटल कंपनियों तक कैसे पहुंच सकते हैं? ऑर्डर एप/साइट से बुक होते हैं। टीम घर पर डिलीवरी-इंस्टॉलेशन करती है। शहर बदलने पर सामान फ्री में शिफ्ट करते हैं। भारत में सालाना ग्रोथ 16.6% है… फ्यूचर मार्केट इनसाइट्स के मुताबिक, भारत की सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी हर साल करीब 16.6% बढ़ रही है। यह चीन (18%) के बाद दुनिया की सबसे तेज वृद्धि दरों में से एक है। इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में और ज्यादा कंपनियां ‘प्रोडक्ट बेचने’ के बजाय ‘सर्विस मॉडल’ पर काम करने के लिए मजबूर होंगी। लेकिन ये मॉडल हर जगह सफल नहीं… अमेरिका में कैडिलैक, ऑडी, बीएमडब्ल्यू और वॉल्वो जैसी कंपनियों ने कार सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू कीं, लेकिन ऊंची लागत और जटिल ढांचे के कारण अधिकांश स्कीम्स बंद करनी पड़ीं। चीन में कपड़ों की सब्सक्रिप्शन कंपनी वाईक्लोजेट भी इसी वजह से नहीं टिक सकी। इस मामले में ओटीटी सबसे सफल मॉडल रहा। बेहतर मौके खोजने वाले युवाओं में ट्रेंड बढ़ रहा है भास्कर एक्सपर्ट: संजय छाबड़ा- एमडी, लोटस इलेक्ट्रॉनिक्स हाल के वर्षों में सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी तेजी से बढ़ी है। लेकिन यह अब भी मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित है। दरअसल मौजूदा दौर में युवा लगातार बेहतर मौके की तलाश में रहते हैं। इसके चलते उन्हें कुछ ही साल के अंतर पर शहर बदलना पड़ता है। इसलिए वे घर के सामान खरीदने की बजाय किराए पर लेना पसंद करते हैं। खास तौर पर कोविड के बाद यह नया बिजनेस मॉडल ट्रेंड में आया है। हमारे आंकड़े कहते हैं कि 5 साल पहले तक 76% ग्राहक कैश में इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदते थे। अब 20% ही कैश पेमेंट करते हैं। बाकी ग्राहक ईएमआई पर सामान लेते हैं। जाहिर है, उन पर मासिक किस्तों का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यदि सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी बढ़ रही है तो ये स्वाभाविक ही है। लेकिन छोटे-मझोले शहरों में इस मॉडल ने अब भी जोर नहीं पकड़ा है।
अमेरिका का लगातार 8वीं रात ईरान पर हमला:ट्रम्प बोले- जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत के जवाब में कार्रवाई की

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी और यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि इस बार हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर रहे। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलों और डिसैलिनेशन प्लांट पर भी हमले की बात कही गई है, लेकिन CENTCOM ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जंग में में दो और सैनिकों की मौत जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान: ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए वे भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेंगे। 2. अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत, 500 घायल: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 3. जंग में डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना: कुवैत ने दावा किया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं, ईरान ने भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान में एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। 4. अमेरिकी हमलों में दो पुल क्षतिग्रस्त: अमेरिकी हमले में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जस्क के पास एक इलाके पर भी सैन्य हमला हुआ। 5. होर्मुज में जहाजों की आवाजाही निचले स्तर पर: होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट से सिर्फ 8 जहाज गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लहर-लहर:हमारा दिमाग आधुनिक है, लेकिन सोच सदियों पुराने यकीनों पर चल रही है

इंसान ने शायद अपनी पूरी तारीख में कभी इतनी तरक्की नहीं की, जितनी पिछले सौ-दो सौ सालों में की है। उसने समंदर की गहराइयां नाप लीं, आसमान की ऊंचाइयां छू लीं, चांद पर कदम रख दिया और अरबों किलोमीटर दूर मौजूद ग्रहों तक अपने यान भेज दिए। उसने परमाणु की बनावट समझ ली, इंसानी जीनोम को पढ़ लिया और ऐसी मशीनें बना लीं जो सीख भी सकती हैं और फैसले भी कर सकती हैं। लेकिन इन सब उपलब्धियों के बीच एक सवाल अब भी हमारे सामने खड़ा है- क्या हमारी सोच भी उतनी ही आगे बढ़ी है, जितनी हमारी तकनीक? यहीं इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा विरोधाभास दिखाई देता है। हमारा दिमाग आधुनिक है, लेकिन हमारी मानसिक दुनिया का एक हिस्सा अब भी सदियों पुराने यकीनों पर चलता है। ऐसा लगता है कि एक ही इंसान के भीतर दो अलग-अलग दुनिया रहती हैं। एक दुनिया प्रयोगशाला की है, जहां हर बात का आधार गणना, प्रयोग और प्रमाण है। दूसरी दुनिया परंपराओं, प्रतीकों और उन धारणाओं की है जिन्हें हमने विरासत में पाया है। जरा इस विडंबना पर गौर कीजिए। एक वैज्ञानिक वर्षों की मेहनत, गणित, भौतिकी और हजारों प्रयोगों के सहारे अंतरिक्ष यान को लाखों किलोमीटर दूर किसी ग्रह या उपग्रह पर ठीक उसी जगह पहुंचा देता है, जहां उसे पहुंचाना निर्धारित किया गया है। अगर रॉकेट की कामयाबी विज्ञान, गणना और प्राकृतिक नियमों पर निर्भर है, तो फिर किसी दूसरी अलौकिक व्यवस्था की जरूरत कहां से आ जाती है? और अगर वह अलौकिक व्यवस्था ही निर्णायक है, तो फिर विज्ञान की इतनी लंबी तैयारी और इतने कठोर परीक्षणों का अर्थ क्या रह जाता है? 21वीं सदी के पहले ऐसा कभी हुआ ही नहीं कि आपका ज्ञान और आपकी आस्था एक-दूसरे के विरोधी हैं और दोनों आप ही के अंदर हैं। शायद यही हमारे समय का सबसे बड़ा बौद्धिक अंतर्विरोध है- हमारी जानकारी एक दिशा में खड़ी है और हमारी आस्था दूसरी दिशा में। दोनों एक ही इंसान के भीतर रहती हैं, लेकिन एक-दूसरे से कभी सवाल नहीं करतीं। धर्मों को समझने के लिए इंसान को उसके ऐतिहासिक संदर्भ में देखना होगा। वो उस जमाने में जन्मा, जब इंसान के पास प्रकृति की वैज्ञानिक व्याख्या नहीं थी। बिजली क्यों चमकती है, भूकंप क्यों आते हैं, महामारी कैसे फैलती है, ग्रहण क्यों लगता है, बारिश कैसे होती है- इन सवालों के जवाब उसके पास नहीं थे। इसलिए उसने अपनी समझ, कल्पना और अनुभव के आधार पर उनके उत्तर खोजे। अपने समय के हिसाब से वे उत्तर स्वाभाविक भी थे। लेकिन ज्ञान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह ठहरा हुआ नहीं रहता। हर नई खोज हमें पुरानी धारणाओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर करती है। इसलिए समय के साथ हमारी समझ का बदलना भी उतना ही स्वाभाविक है। समस्या तब पैदा होती है, जब हम इक्कीसवीं सदी के विज्ञान का लाभ तो पूरी तरह उठाना चाहते हैं, लेकिन उसी विज्ञान की सबसे बुनियादी आदत- हर दावे को सवाल, तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखने-अपनाने से हिचकते हैं। तब हमारी ज़िंदगी दो हिस्सों में बंट जाती है। हमारे हाथ में आधुनिक तकनीक होती है, लेकिन हमारी सोच का एक हिस्सा अब भी मध्ययुगीन धारणाओं से चिपका रहता है। तकनीक हमें आधुनिक बना सकती है, लेकिन आधुनिक मानसिकता केवल वैज्ञानिक दृष्टि ही दे सकती है। अगर केवल धर्म ही इंसान को नेक और नैतिक बना देता, तो मध्य-पूर्व आज दुनिया का सबसे शांत इलाका होता। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कोई भी सभ्यता केवल इसलिए जिंदा नहीं रहती कि उसने अपने अतीत को संभालकर रखा है। वह इसलिए आगे बढ़ती है कि अपने अतीत का सम्मान करते हुए उससे सवाल पूछने का साहस भी रखती है। विरासत का मतलब उसे सिर पर उठाकर ढोना नहीं, बल्कि उसे समझना, परखना और हर दौर की नई रोशनी में देखना है। जो धारणाएं तर्क, अनुभव और प्रमाण की कसौटी पर खरी उतरती हैं, उन्हें बचाने के लिए किसी आग्रह की जरूरत नहीं होती; वे अपने दम पर जीवित रहती हैं। लेकिन किसी विचार को केवल इसलिए सच मानते रहना कि वह सदियों पुराना है, अतीत का सम्मान नहीं, उसके बोझ तले दब जाना है। सभ्यता की पहचान इस बात से नहीं होती कि वह अपने पूर्वजों की हर बात दोहराती रहे, बल्कि इस बात से होती है कि वह उनकी विरासत में अपने विवेक का भी इजाफा करे। मैं खुद नास्तिक हूं। मेरी कोई धार्मिक आस्था नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे दूसरों की आस्था से आपत्ति है। आपत्ति तब होती है, जब निजी विश्वास सार्वजनिक निर्णयों की जगह लेने लगते हैं। आधुनिक समाज की असली चुनौती विज्ञान और आस्था के बीच कोई युद्ध खड़ा करना नहीं है। चुनौती यह है कि दोनों की सीमाएं साफ-साफ समझी जाएं। आस्था व्यक्ति का निजी अधिकार है, लेकिन जहां ज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, कानून या सार्वजनिक नीति का सवाल हो, वहां फैसले विश्वास से नहीं, प्रमाण, तर्क और परीक्षण के आधार पर होने चाहिए। निजी जीवन को आस्था सहारा दे सकती है, लेकिन समाज को आगे बढ़ाने का काम विवेक और ज्ञान ही करते हैं। अध्यात्म की भी मेरी समझ कुछ ऐसी ही है। अगर अध्यात्म का मतलब अपने भीतर झांकना, अपनी जिंदगी का हिसाब करना और अपनी कमजोरियों व खूबियों को पहचानना है, तो इसमें किसी को क्या एतराज हो सकता है? और अगर अध्यात्म का अर्थ धर्म, जाति, नस्ल और पंथ की दीवारों से ऊपर उठकर पूरी इंसानियत से मोहब्बत करना है, तो मुझे उससे भी कोई आपत्ति भी नहीं। बस मैं उसे अध्यात्म नहीं, मानवता कहता हूं। आज के दौर में अध्यात्म अमीरों के लिए एक तरह का ट्रैंक्विलाइजर बन गया है। यह टिप्पणी अध्यात्म पर नहीं, उसके बाजारीकरण पर है। यही वजह है कि आज के तथाकथित गुरु और बुद्ध में फर्क साफ दिखाई देता है। गौतम बुद्ध महल छोड़कर सत्य की तलाश में जंगल गए थे। आज के अनेक गुरु जंगल से निकलकर महलों में पहुंच जाते हैं। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
जफ्फी डालो, प्यार करो पर शहनाज गिल ट्रोल:पंजाबी फिल्म 'इश्कनामा' के ट्रेलर लॉन्चिंग पर बयान देकर फंसी; पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर बोला- कहानी फर्जी

एक्टर जय रंधावा और एक्ट्रेस शहनाज गिल की अपकमिंग पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म की कहानी भारतीय पंजाबी सिख युवक निम्मा और पाकिस्तानी पंजाबी युवती नसीमा के प्रेम पर आधारित है। 14 जुलाई को ट्रेलर रिलीज होने के बाद बहस छिड़ी गई। फिल्म की कहानी और किरदारों पर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर का दावा है कि यह एक फर्जी कहानी है और पाकिस्तान में ‘नसीमा’ नाम नहीं होता। लोग या तो नसीम नाम रखते या सीमा। नसीमा नाम पहली बार सुना है। इसके अलावा ट्रेलर लॉन्चिंग के दौरान में शहनाज गिल के बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। शहनाज ने कहा कि अगर निम्मा को नसीमा मिल जाए तो वह दोनों को एक कमरे में छोड़ देंगी, उनके हाथ बांध देंगी और कहेंगी कि जफ्फी डाल लो और आज जी भरकर प्यार कर लो। इस बयान के बाद शहनाज गिल को भी ट्रोल किया जा रहा है। अधूरे प्यार की कहानी ‘इश्कनामा’ शहनाज गिल और जय रंधावा की आगामी फिल्म इश्कनामा’ पाकिस्तानी पंजाबी युवती नसीमा और भारतीय पंजाबी सिख युवक निम्मा के प्यार की अधूरी कहानी से इंस्पायर है, जिसमें 1981 और 1988 के बीच दो अलग मुल्क में रहने वाले दो आशिकों की कहानी को ट्रेलर में उतारा गया है। कहानी एक सिख लड़के कवि निम्मा की है, जो पाकिस्तान जाता है, वहां उसकी मुलाकात नसीमा नाम की लड़की से होती है, जो मुस्लिम है। दोनों के बीच प्यार पनपता है और नसीमा एक दिन निम्मा से हिंदुस्तान घूमने की इच्छा व्यक्त करती है। वह उसे भारत घुमा भी देता है और उसे छोड़ने आता है, लेकिन जब दोनों की इस लव स्टोरी के बारे में नसीमा के पिता को पता लगता है, तो वह पाकिस्तान में लड़के को बुरी तरह से मारता है। अंत में दोनों को एक-दूसरे से दूर कर दिया जाता है। फिल्म में जय रंधावा ने निम्मा की भूमिका और शहनाज गिल ने नसीमा की भूमिका निभाई है। शूटिंग के दौरान घायल हुए थे जय रंधावा जय रंधावा फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए थे। जनवरी में शूटिंग के समय एक जंप सीन करते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए थे। इस दौरान उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया था। इस घटना का 8 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया था। उनकी अस्पताल से एक फोटो भी सामने आई थी। जिसमें MRI करते हुए दिखाया गया था। लेकिन, रंधावा ने जल्द ही सेट पर वापसी की और शूटिंग को खत्म किया। अब ये फिल्म 24 जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म पर जय रंधावा की 2 बड़ी बातें फिल्म पर शहनाज गिल की 2 बड़ी बातें इश्कनामा फिल्म पर ट्रोलर्स ने क्या कहा ************ ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी एक्टर घायल, दीवार से सिर टकराया: फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के वक्त हादसा, जंप सीन करते वक्त क्रेन में खराबी आई पंजाबी एक्टर जय रंधावा फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। शूटिंग के समय एक जंप सीन करते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए। इस दौरान उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया। (पढ़ें पूरी खबर)
घेवर रेसिपी: सावन में त्योहारों का मजा हो जाएगा दोगुना, घर पर ही बाजार में नकली घेवर जैसा

18 जुलाई 2026 को 22:47 IST पर अपडेट किया गया घेवर रेसिपी: घेवर राजस्थान की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है। सावन के महीने और त्योहारों पर इसे विशेष रूप से बनाया और खाया जाता है। बाजार में मिलने वाला घेवर तो हम सब खाते हैं, लेकिन घर पर बनी शुद्ध मिठाई की बात ही कुछ और है। थोड़ी सी मेहनत से आप घर में ही स्वादिष्ट और नकली घेवर तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि। अनुसरण करना : आवश्यक सामग्री: घी बनाने के लिए आपको मैदा, घी, दूध, ठंडा पानी, चीनी, इलायची और स्वादिष्ट मेवों की जरूरत पड़ेगी। घी को तलने के लिए आप अपनी पसंद के अनुसार घी या रिफाइंड तेल का उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई पाइथोरी में घी लें, उसे अच्छी तरह फेंटें। लिटिल-थोड़ा इन करके मैदा स्टॉल। इसके बाद इसमें दूध और ठंडा पानी स्टिल एक नमक नासा तैयार कर लें। नासाला बड़े पैमाने पर न हो, क्योंकि घेवर को नकली बना दिया जाता है। छवि: एआई एक गहरी रोटी में घी गर्म करें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो इसमें थोड़ा-थोड़ा करके थूक दिया जाता है। डायनासोर के नमूने समय के बीच में जगह-जगह पर बने रहते हैं, जहां घेवर की जालीदार आकृतियां तैयार की जाएंगी। छवि: एआई जब गेहूँ का रंग उज्ज्वल सौर हो जाए, तो इसे सावधानी से बाहर निकाल लें। इसी तरह अन्य घेवर तैयार कर लें। एक पैन में चीनी और पानी का ढांचा एक तार की चाशनी तैयार कर लें। छवि: एआई घेवर को थोड़ी देर के लिए इस चाशनी में डालें और फिर बाहर निकाल लें। इसके ऊपर मलाई, रबरी या इलेक्ट्रानिक कटे हुए किर्ज़ मेवे स्टैंचल इसे सजा देते हैं। घेवर ब्रोक समय नासा को अधिकांश फ्लोट न रखें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 जुलाई 2026 22:47 IST पर
तारक मेहता के निर्माता असित मोदी त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे:पुत्र के विवाह के लिए पौराणिक स्थल देखने आए, शिव-पार्वती विवाह स्थल पर की विशेष पूजा

प्रसिद्ध टीवी सीरियल “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” के निर्माता असित कुमार मोदी शनिवार को त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया सुबह करीब ग्यारह बजे असित मोदी अपने बेटे और बहू के साथ शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान तीर्थपुरोहितों ने उनका भव्य स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, असित मोदी भविष्य में अपने पुत्र के विवाह के लिए इस पौराणिक स्थल को देखने आए थे। देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना सौभाग्य असित मोदी ने इस अवसर पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना उनका सौभाग्य है। उन्होंने प्रकृति द्वारा निर्मित इस स्थान की खूबसूरती और दिव्यता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह वह दिव्य स्थान है जहां माता पार्वती और भगवान शिव विवाह के बंधन में बंधे थे और यहां पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की दिव्य आध्यात्मिक परंपरा का अनुभव भी साझा किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण अमित मैंखंडी और अन्य तीर्थपुरोहित मौजूद रहे।







