तहसीलदार के फोन के बाद एएनएम टीकाकरण केंद्र पहुंची:सीधी में घंटों इंतजार करती रहीं महिलाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सीधी जिले के रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को एएनएम सुषमा सिंह के देर से पहुंचने के कारण दर्जनों महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ा। तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद ही एएनएम केंद्र पर पहुंचीं। टीकाकरण के लिए सुबह 10 बजे से पहुंची महिलाएं दोपहर 12 बजे तक संबंधित एएनएम का इंतजार करती रहीं। प्रतीक्षा मिश्रा नामक एक महिला ने बताया कि सुबह 10 बजे से लगभग 15 महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ केंद्र पर मौजूद थीं, लेकिन कोई भी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित नहीं था। महिलाओं ने बताया कि संबंधित एएनएम अक्सर दोपहर 1 बजे के बाद आती हैं और कुछ ही देर में लौट जाती हैं। इस लापरवाही से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। मामले की शिकायत प्रभारी बीएमओ श्वेता राजपूत और रामपुर नैकिन के तहसीलदार आशीष मिश्रा से की गई। तहसीलदार मिश्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वयं एएनएम सुषमा सिंह को फोन किया, जिसके बाद वह केंद्र पर पहुंचीं। ड्यूटी याद नहीं थी एएनएम सुषमा सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें ड्यूटी याद नहीं थी और उन्हें लगा था कि उस दिन अवकाश है। वहीं, बीएमओ श्वेता राजपूत ने बताया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और नोटिस जारी किया जाएगा। आदत पुरानी है पूर्व बीएमओ प्रेरणा पाठक ने भी स्वीकार किया कि सुषमा सिंह की यह आदत पुरानी है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार वेतन काटा गया है और 7-8 बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। यह मामला उच्च अधिकारियों तक भेजा जा चुका है, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लापरवाह पर होगा एक्शन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सीएमएचओ को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि यह जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धुरंधर एक्टर पर महिला भड़कीं:फिल्म का डायलॉग सुनकर बोलीं- शर्म आनी चाहिए, हिंदू होकर कौम को डरपोक कहा; एक्टर ने दिया मजेदार जवाब

फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 में पाकिस्तानी आतंकवादी जहूर मिस्त्री का किरदार निभाने वाले विवेक सिन्हा को एक डायलॉग के चलते आलोचना का सामना करना पड़ा। एक महिला ने नाराजगी जताते हुए उनके हिंदू होने पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए, जिसके जवाब में एक्टर ने मजेदार रिएक्शन दिया है। फिल्म में विवेक सिन्हा का एक डायलॉग है, हिंदू कौम बहुत डरपोक होती है। इस पर एक महिला ने इंस्टाग्राम पर मैसेज कर लिखा, आपको शर्म आनी चाहिए, एक हिंदू होकर चंद पैसों के लिए हिंदू के लिए ऐसा बोल रहे हैं। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में विवेक सिन्हा ने ये मजेदार वाक्या शेयर करते हुए कहा, ‘मुझे लगा कि रिप्लाई करूं, फिर सोचा छोड़ दूं, लेकिन बाद में जवाब दिया। मैंने उसे वॉइस नोट भेजा। सच में मैं कहना चाहता हूं कि फिल्में समाज का आइना हैं और हम अलग-अलग किरदार दिखाते हैं। अगर एक खतरनाक आतंकवादी बिना डर भारत में घुसता है, तो हमें उसका ऐसा ही किरदार दिखाना होगा। अगर उसकी सोच दिखानी है, तो “हिंदू एक डरपोक कौम है” जैसी बात उसी नजरिए से दिखाई जाती है। ये फील है उसका। हिंदू मुस्लिम यही तो चल रहा है।’ ‘तो मैंने उसे यही वॉइस नोट छोड़ा कि अगर हमें ये दिखाना है तो क्या हम शूटिंग के लिए किसी पाकिस्तानी को बुलाकर लाएं। किसी आतंकवादी को कॉल कर शूटिंग के लिए बुलाया जाएगा क्या। हमें ही तो वो रोल करना पड़ेगा ना।’ आगे वो कहते हैं, ‘हम यही दिखाना चाहते हैं न कि विलेन कितना क्रूर हो सकता है। अगर फिल्म में किसी को मर्डर करते दिखाना है, तो हम क्या जेल से किसी ऐसे बंदे को लाएं, जिसने असल में 5 मर्डर किए होंगे। मैंने उस महिला को वही नोट डाला, लेकिन फिर उसका कोई जवाब नहीं आया, वो समझ गई थी।’ बता दें कि फिल्म धुरंधर में विवेक सिन्हा ने जहूर मिस्त्री का किरदार निभाया है, जो इंडियन प्लेन हाईजैक कर, यात्रियों के बदले कुछ पाकिस्तानी आतंकवादियों को छोड़ने की डिमांड करते हैं। पॉपुलर डायलॉग, ‘पड़ोस में रहते हैं हम, गूदे भर का जोर लगा लो और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो’, भी विवेक सिन्हा पर ही फिल्माया गया है।
सोलर प्लांट में तोड़फोड़, 475 प्लेटें क्षतिग्रस्त:सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत पर तीन आरोपियों पर केस दर्ज

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देहरीपाल स्थित सोलर प्लांट में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपियों ने प्लांट की 475 सोलर प्लेटों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे करीब 3 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस संबंध में प्लांट के सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस बताया कि कृपालपुर निवासी राजेश गुर्जर (32) ने लिखित आवेदन दिया है। राजेश देहरीपाल सोलर प्लांट यूनिट-2 में पेट्रोलिंग गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 29 मार्च की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी संजय गुर्जर के साथ ड्यूटी पर थे, तभी ब्लॉक क्रमांक 11 में सोलर प्लेटों के टूटने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर गार्डों ने बद्रीसिंह सौंधिया, कैलाश सौंधिया और गोकुल सौंधिया को हथौड़ी से प्लेटें तोड़ते देखा। गार्डों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना के बाद अन्य गार्डों और सिक्योरिटी इंचार्ज को सूचना दी गई। तीन लाख का नुकसान जांच में कुल 475 सोलर प्लेटें टूटी हुई पाई गईं, जिससे प्लांट को लगभग 3 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। मौके से दो हथौड़ी और तार फेंसिंग काटने का प्लायर भी बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लाहौर कलंदर्स ने कप्तान शाहीन पर फाइन लगाया:होटल के कमरे में चार लोगों को ले जाने की कोशिश, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी पर टीम ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में फाइन लगाया है। फ्रेंचाइजी ने अफरीदी पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपए (लगभग 3600 डॉलर) का फाइन लगाया। फ्रेंचाइजी ने कहा, यह कदम टीम में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने के लिए उठाया गया है। शाहीन ने बिना अनुमती चार लोगों को टीम होटल के कमरे में ले जाने की कोशिश की थी। पाकिस्तान के पंजाब पुलिस के मुताबिक, अफरीदी और उनके साथी खिलाड़ी सिकंदर रजा ने बिना अनुमति चार लोगों को होटल के कमरे में ले जाने की कोशिश की। रिपोर्ट में कहा गया कि खिलाड़ियों को पहले ही विजिटर्स लाने की इजाजत नहीं दी गई थी, इसके बावजूद वे लोगों को कमरे तक लेकर गए। सिकंदर रजा पर कोई कार्रवाई नहीं इस मामले में सिकंदर रजा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। रजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना की जिम्मेदारी खुद लेते हुए अफरीदी को बचाने की कोशिश की। फ्रेंचाइजी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी सुरक्षा नियमों का सम्मान करती है और भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मेहमानों ने कमरे में लगभग तीन घंटे बिताए पंजाब पुलिस के मुताबिक, इन मेहमानों ने खिलाड़ियों के कमरे में लगभग तीन घंटे बिताए, जबकि सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी बाहरी व्यक्ति का इस तरह प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। हालांकि, सिकंदर रजा का दावा था कि मेहमान केवल 40 मिनट के लिए रुके थे। पुलिस द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की, जो खिलाड़ियों और टीम की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। ———————- PSL से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… PCB ने गेंदबाज नसीम शाह पर जुर्माना लगाया:मुख्यमंत्री मरियम नवाज पर कमेंट किया था पाकिस्तान के तेज गेंदबाज नसीम शाह पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 2 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मरियम नवाज की आलोचना वाले ट्वीट के बाद हुई, जिसे नसीम के अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। PCB ने इसे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन माना। पूरी खबर… पाकिस्तान लीग में बॉल टैंपरिंग विवाद:फखर जमान पर 1-2 मैच का बैन लग सकता है पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बॉल टैंपरिंग मामले में फखर जमान पर 1-2 मैच का बैन लग सकता है। रविवार को लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के मैच में यह विवाद सामने आया। लाहौर कलंदर्स पर बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा और टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगी। फखर जमान को अब मैच रेफरी रोशन महानामा के सामने सुनवाई में पेश होना होगा, जहां आगे की कार्रवाई तय होगी। पूरी खबर…
कॉमेडियन सुनील पाल की इवेंट में बेइज्जती:गुलदस्ता देने के लिए मंच पर बुलाया, फिर अपमान किया और हाथ से माइक छीना, वीडियो वायरल

मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया। वीडियो एक इवेंट का है, जहां उन्हें गुलदस्ता देने के लिए मंच पर बुलाया गया और बाद में बेइज्जती कर उतरने को कहा गया। वायरल वीडियो मुंबई में हुए एक मुशायरे का है, जहां कुछ कवि मंच पर बैठे हैं। एक शख्स सुनील पाल को गुलदस्ता देने के लिए बुलाता है। वह झुककर आभार जताते हैं और माइक पर धन्यवाद कहना चाहते हैं, लेकिन पास खड़ा शख्स उन्हें बार-बार उतरने को कहता है। इस दौरान सुनील पाल संयम रखते हुए बार-बार झुककर आभार जताते हैं, लेकिन शख्स उन पर उतरने का दबाव बनाता रहता है। जैसे ही वह माइक पकड़ते हैं, शख्स उनका हाथ हटाकर कहता है, एक सेकेंड, आप स्टेज से उतरिए। इसके आगे कुछ नहीं, जितना किया है उतना है, आप बैठ जाइए जाकर। इस पर सुनील कहते हैं, ‘शुक्रिया तो कहने दें’। शख्स अपमानित लहजे में कहता है, ‘आप बैठिए जाकर’, और उनका माइक छीनकर जबरदस्ती उतार देता है। वीडियो में सुनील पाल बार-बार शुक्रिया कहने की विनती करते हैं, लेकिन शख्स उन्हें उतरने को कहता रहता है। इस पर कॉमेडियन बिना माइक मंच से शुक्रिया कहते हैं और शख्स से कहते हैं, ‘आपका दिल कितना छोटा है।’ इसके बाद वह मुस्कुराते हुए ऑडिटोरियम से बाहर चले जाते हैं। इस दौरान ऑडियंस भी शख्स से सुनील पाल को बोलने देने की अपील करती रही, लेकिन बात नहीं मानी गई। यह वीडियो 17 जनवरी 2026 का है, जब वह इस्कॉन जुहू के मुशायरे में शामिल थे।
PCB ने गेंदबाज नसीम शाह पर जुर्माना लगाया:मुख्यमंत्री मरियम नवाज पर कमेंट किया था; बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन माना

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज नसीम शाह पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 2 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मरियम नवाज की आलोचना वाले ट्वीट के बाद हुई, जिसे नसीम के अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। PCB ने इसे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन माना। क्या था पूरा मामला विवाद की शुरुआत PSL के पहले मैच के बाद हुई। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पहले घोषणा की थी कि ईंधन बचाने और पश्चिमी एशिया संकट के कारण टूर्नामेंट बिना दर्शकों के होगा। लेकिन मैच के दौरान पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज गद्दाफी स्टेडियम पहुंचीं और खिलाड़ियों से मिलीं। नसीम शाह के अकाउंट से PCB के एक पोस्ट को कोट-ट्वीट करते हुए लिखा गया ‘उन्हें लॉर्ड्स की रानी की तरह ट्रीट क्यों किया जा रहा है?’ नसीम ने मीडिया टीम की गलती बताई विवादित ट्वीट के कुछ मिनट बाद ही उसे डिलीट कर दिया गया। इसके बाद नसीम ने एक और पोस्ट कर सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। सोमवार को उन्होंने एक नया बयान जारी कर कहा, ‘मेरे अकाउंट से पिछला पोस्ट मेरी मैनेजमेंट टीम ने किया था, वह मेरे विचार नहीं हैं। मैं अपने प्लेटफॉर्म की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और सोशल मीडिया मैनेजर को हटा दिया है। मैं इस गलती के लिए माफी मांगता हूं।’ PCB ने मैनेजर को किया ब्लैकलिस्ट PCB की तीन सदस्यीय अनुशासन समिति ने इस मामले में सुनवाई की। नसीम ने बिना शर्त माफी मांगी और अपने सोशल मीडिया मैनेजर को बर्खास्त कर दिया। PCB ने न केवल नसीम पर भारी जुर्माना लगाया, बल्कि उनके मैनेजर को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब वह मैनेजर PCB के दायरे में आने वाले किसी भी अन्य खिलाड़ी के साथ काम नहीं कर पाएगा। पहले भी एक्शन हो चुका है PCB इससे पहले भी खिलाड़ियों के राजनीतिक बयान पर सख्त कार्रवाई कर चुका है। पिछले साल आमेर जमाल पर भी एक नारे को लेकर 10 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन नसीम शाह पर लगा जुर्माना उससे करीब 16 गुना ज्यादा है। PSL में सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल नसीम शाह इस सीजन PSL ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्हें रावलपिंडी टीम ने करीब 8.65 करोड़ पाकिस्तानी रुपए में खरीदा था। ———————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव की राजस्थान के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी लगाकर टीम को जीत दिलाई। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया। पूरी खबर…
PCB ने गेंदबाज नसीम शाह पर जुर्माना लगाया:मुख्यमंत्री मरियम नवाज पर कमेंट किया था; बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन माना

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज नसीम शाह पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 2 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मरियम नवाज की आलोचना वाले ट्वीट के बाद हुई, जिसे नसीम के अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। PCB ने इसे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन माना। क्या था पूरा मामला विवाद की शुरुआत PSL के पहले मैच के बाद हुई। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पहले घोषणा की थी कि ईंधन बचाने और पश्चिमी एशिया संकट के कारण टूर्नामेंट बिना दर्शकों के होगा। लेकिन मैच के दौरान पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज गद्दाफी स्टेडियम पहुंचीं और खिलाड़ियों से मिलीं। नसीम शाह के अकाउंट से PCB के एक पोस्ट को कोट-ट्वीट करते हुए लिखा गया ‘उन्हें लॉर्ड्स की रानी की तरह ट्रीट क्यों किया जा रहा है?’ नसीम ने मीडिया टीम की गलती बताई विवादित ट्वीट के कुछ मिनट बाद ही उसे डिलीट कर दिया गया। इसके बाद नसीम ने एक और पोस्ट कर सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। सोमवार को उन्होंने एक नया बयान जारी कर कहा, ‘मेरे अकाउंट से पिछला पोस्ट मेरी मैनेजमेंट टीम ने किया था, वह मेरे विचार नहीं हैं। मैं अपने प्लेटफॉर्म की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और सोशल मीडिया मैनेजर को हटा दिया है। मैं इस गलती के लिए माफी मांगता हूं।’ PCB ने मैनेजर को किया ब्लैकलिस्ट PCB की तीन सदस्यीय अनुशासन समिति ने इस मामले में सुनवाई की। नसीम ने बिना शर्त माफी मांगी और अपने सोशल मीडिया मैनेजर को बर्खास्त कर दिया। PCB ने न केवल नसीम पर भारी जुर्माना लगाया, बल्कि उनके मैनेजर को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब वह मैनेजर PCB के दायरे में आने वाले किसी भी अन्य खिलाड़ी के साथ काम नहीं कर पाएगा। पहले भी एक्शन हो चुका है PCB इससे पहले भी खिलाड़ियों के राजनीतिक बयान पर सख्त कार्रवाई कर चुका है। पिछले साल आमेर जमाल पर भी एक नारे को लेकर 10 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन नसीम शाह पर लगा जुर्माना उससे करीब 16 गुना ज्यादा है। PSL में सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल नसीम शाह इस सीजन PSL ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्हें रावलपिंडी टीम ने करीब 8.65 करोड़ पाकिस्तानी रुपए में खरीदा था। ———————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव की राजस्थान के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी लगाकर टीम को जीत दिलाई। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया। पूरी खबर…
CAG रिपोर्ट: कई जवानों को समय पर वेतन-भत्ते नहीं मिले:मिलिट्री अस्पतालों में कमियां मिली, सेना से जुड़े काम के रिकॉर्ड डिजिटल करने की सिफारिश

CAG यानी सरकारी खर्च और कामकाज का ऑडिट करने वाली संस्था की रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई। रिपोर्ट में कई मिलिट्री अस्पतालों के रखरखाव में कमी की ओर भी इशारा किया गया है। यह भी बताया गया है कि काफी संख्या में सेना के जवानों को उनके वेतन-भत्ते समय पर और सही तरीके से नहीं मिले। रिपोर्ट के मुताबिक सेना के निर्माण कार्यों से जुड़े साइट रिकॉर्ड्स ठीक से नहीं रखे गए। इससे काम की क्वालिटी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हुआ। ऑडिट ने सिफारिश की है कि रक्षा मंत्रालय साइट रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करे। ये वही कागज होते हैं जिनमें काम की प्रगति, मटेरियल और टेस्ट रिपोर्ट जैसी जानकारी रिकॉर्ड होती है। रिपोर्ट में तीन प्रमुख हिस्सों की ऑडिट की गई… कई जवानों को समय पर भुगतान नहीं मिला रिपोर्ट के मुताबिक प्रोविजनल फाइनल सेटलमेंट ऑफ अकाउंट्स (PFSA) की समीक्षा तय समय पर नहीं हुई। इसके कारण रिटायरमेंट के समय अधिकारियों, जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (JCOs) और दूसरे रैंक (ORs) के कर्मीयों से एक साथ बड़ी राशि की वसूली करनी पड़ी। आईटी सिस्टम में जरूरी नियम शामिल नहीं होने से कई सेना के जवानों को उनका भुगतान समय पर और सही तरीके से नहीं मिला। PTO में देरी, सिस्टम आपस में ठीक से नहीं जुड़े रिपोर्ट में PTO (प्रिविलेज टिकट ऑर्डर) जारी करने में देरी की बात कही गई है। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) में डेटा सही से नहीं मिला, इसलिए कई आवेदन रिजेक्ट हो गए। ऑडिट ने कहा है कि अलग-अलग सिस्टम के बीच तालमेल बेहतर किया जाए और रिजेक्ट मामलों की निगरानी के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम बनाया जाए। मिलिट्री अस्पतालों की इमारतें पुरानी, कई जगह जरूरी सुविधाएं नहीं डिफेंस मंत्रालय के तहत आने वाले मिलिट्री अस्पतालों में कई दिक्कतें मिलीं। कई अस्पतालों की इमारतें पुरानी हैं, लेकिन उनकी नियमित जांच नहीं हुई। एक मामले में जून 2022 में लैंसडाउन के एक मिलिट्री अस्पताल का हिस्सा गिर गया था। कई जगह HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) और फायरफाइटिंग सिस्टम भी पूरे नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल स्टोर्स डिपो (AFMSD) मिलिट्री अस्पतालों की जरूरत की दवाएं पूरी नहीं दे पाए। कॉमन ड्रग लिस्ट की दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं थीं। दो डिपो में दवाओं को समय पर बदला नहीं गया, जिससे ₹13.52 करोड़ की दवाएं फंसी रहीं। बिना लाइसेंस X-ray मशीनें चल रही थी ऑडिट में पाया गया कि कई जगह बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन नहीं हुआ। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से जुड़े दस्तावेज भी नहीं रखे गए। कुछ अस्पतालों में बिना लाइसेंस के X-ray मशीनें चलाई जा रही थी। सात कमांड्स की समीक्षा में वेस्टर्न कमांड में सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय ने कुछ मामलों में सुधार के कदम उठाने शुरू किए हैं, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। ————
सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 9वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 9वीं तिमाही है, जब ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1% ब्याज दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। स्मॉल सेविंग्स स्कीमों पर ब्याज दरें 4% से 8.2% के बीच हैं। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला लेने से पहले देश में कैश और महंगाई की स्थिति पर भी नजर रखती है। इनकी समीक्षा हर तीन महीने पर होती है। ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है। इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था। समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड के यील्ड से 0.25-1.00% ज्यादा होनी चाहिए। हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं ये स्कीम स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत में हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं। इन स्कीम्स में डिपॉजिटर्स को उनके पैसे पर तय ब्याज मिलता है। सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से हुए कलेक्शन को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा किया जाता है। क्लासिफिकेशन स्मॉल सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट को तीन भागों में बांटा जा सकता है:
हिमाचल विधानसभा में गूंजेगा एपल इम्पोर्ट ड्यूटी का मामला:3 लाख परिवारों की रोजी पर संकट, केंद्र ने अमेरिका-न्यूजीलैंड-EU के लिए शुल्क घटाया

हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली सेब इंडस्ट्री पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने से मंडरा रहे संकट का मुद्दा आज विधानसभा में उठेगा। ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी में की गई कटौती का मामला सदन में उठाने जा रहे हैं। यह मामला प्रदेश की 5500 करोड़ रुपए की सेब आर्थिकी और लगभग 3 लाख बागवान परिवारों की आजीविका से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। दरअसल, केंद्र सरकार ने अमेरिका और न्यूजीलैंड के सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत और यूरोपीय यूनियन (EU) के लिए 20 प्रतिशत कर दी है। इम्पोर्ट ड्यूटी कम होने से अब विदेशी सेब सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में उपलब्ध होगा। इससे हिमाचल के साथ साथ जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के सेब उद्योग पर भी संकट खड़ा हो गया है। हिमाचल का प्रीमियम सेब बुरी तरह होगा प्रभावित कुलदीप राठौर ने बताया कि वाशिंगटन एपल के भारतीय बाजार में आने से हिमाचल का प्रीमियम सेब बुरी तरह प्रभावित होगा। इससे न केवल प्रीमियम सेब के दाम गिरेंगे, बल्कि कोल्ड स्टोर में रखे सेब पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। अभी अमेरिका-न्यूजीलैंड और EU के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी घटाई गई गई है। अब इनकी आड़ में दूसरे देश भी इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने का दबाव डालेंगे। मोदी ने किया था इम्पोर्ट ड्यूटी 100% का वादा राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 100 फीसदी करने का भरोसा दिया था। हकीकत में इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बजाय कम की जा रही है। इससे सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सदन में यह मामला उठाकर केंद्र सरकार से इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने के फैसले का विरोध जताएंगे और यह फैसला वापस लेने की मांग की जाएगी। हिमाचल के बागवान सचिवालय का घेराव कर चुके बता दें कि हिमाचल के बागवान इस फैसले के खिलाफ दो महीने पहले सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। बागवानों का आरोप है कि केंद्र सरकार आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग देशों के लिए इसे कम कर रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। इस वजह से बागवान ज्यादा चिंतित बागवानों की चिंता की एक बड़ी वजह उत्पादन लागत और उत्पादकता में अंतर भी है। हिमाचल में प्रति हेक्टेयर 7 से 8 मीट्रिक टन सेब उत्पादन होता है, जबकि अमेरिका, न्यूजीलैंड और चीन जैसे देशों में यह 60 से 70 मीट्रिक टन तक पहुंच जाता है। वहीं, हिमाचल में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रति किलो सेब उत्पादन की लागत करीब 27 रुपए आती है। ऐसे में बागवानों को लाभ तभी मिल पाता है, जब उनका सेब कम से कम 50 से 100 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिके। अन्य देश भी भारत पर आयात शुल्क कम करने का बनाएंगे दबाव विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, न्यूजीलैंड और EU को दी गई रियायतों के बाद अब अन्य देश भी भारत पर आयात शुल्क कम करने का दबाव बना सकते हैं। इससे भारतीय बाजार में विदेशी सेब की हिस्सेदारी बढ़ेगी और स्थानीय उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी।








