महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 13:37 IST पश्चिम बंगाल चुनाव: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोपपत्र पेश कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (क्रेडिट: अमित शाह/एक्स) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को एक आरोपपत्र जारी करने वाली है, जिसमें वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के तहत 15 साल के “पतन” का वर्णन करेगी। दस्तावेज़ में अपने आरोपों में अभिषेक बनर्जी का भी नाम है। रिपोर्ट में 14 प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है, जिनमें भ्रष्टाचार और घोटाले, प्रशासनिक अराजकता और कानून-व्यवस्था का पतन शामिल है। यह पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध, लोकतंत्र पर हमले और उद्योग के विनाश पर भी चिंता जताता है। उल्लिखित अन्य मुद्दों में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति, किसानों के बीच संकट, बंगाली संस्कृति का क्षरण, उत्तर बंगाल की उपेक्षा, चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा, कोलकाता में खराब स्थिति और जिसे भाजपा “सिंडिकेट राज” कहती है उसका प्रसार शामिल है। टीएमसी पर क्या हैं आरोप? भ्रष्टाचार और घोटाले प्रशासनिक अराजकता एवं कुशासन कानून व्यवस्था का पतन महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा की कमी लोकतंत्र पर हमला पश्चिम बंगाल में उद्योग का विनाश शिक्षा व्यवस्था का विनाश स्वास्थ्य सेवा संकट कृषि और किसानों में संकट बंगाली संस्कृति का क्षरण उत्तर बंगाल की उपेक्षा चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा कोलकाता का बुरा हाल पूरे राज्य में “सिंडिकेट राज” का प्रसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोप पत्र पेश कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट को भाजपा की अभियान रणनीति के तहत मतदाताओं के बीच व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आरोप पत्र अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। भाजपा अप्रैल की शुरुआत में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की भी योजना बना रही है। नेताओं का कहना है कि यह कदम राज्य में शासन की विफलताओं को पार्टी द्वारा देखे जाने को उजागर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तृत समीक्षा की गई है, जिसमें प्रत्येक सीट की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों का आकलन शामिल है। वरिष्ठ हस्तियों ने विशेष रूप से उत्तरी जिलों में अपने प्रदर्शन में सुधार के बारे में विश्वास व्यक्त किया, एक नेता ने चुनाव को “भय और विश्वास” के बीच एक प्रतियोगिता बताया। बीजेपी की जमीनी स्तर पर तैयारी चल रही है अभियान की शुरुआत जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर आरोप पत्र के वितरण के साथ होगी, जिसके बाद घोषणापत्र जारी किया जाएगा। पार्टी के सदस्यों का मानना है कि मौजूदा सरकार के प्रति जनता का असंतोष चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस बीच, संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने के लिए नितिन नबीन पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने राज्य के नेताओं और संबद्ध समूहों के साथ रणनीति बैठकें कीं, जिसमें बूथ स्तर के संचालन में सुधार और आउटरीच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 13:37 IST समाचार राजनीति महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना साधा गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी की चार्जशीट(टी)बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा(टी)बीजेपी की 14 सूत्रीय चार्जशीट(टी)पोल अपडेट(टी)चुनाव(टी)चुनाव समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ईसी(टी)चुनाव आयोग(टी)बंगाल में अगले महीने चुनाव
अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

अशोकनगर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अफवाहों के चलते वाहनों में ईंधन भरवाने के साथ-साथ बड़ी टंकियों और छोटे केन में पेट्रोल-डीजल स्टॉक करने के लिए भी पहुंच रहे हैं। जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर केवल पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री कमी बताकर फिल्हाल बंद कर दी गई है। कई जगह टोकन बांटकर क्रमबद्ध तरीके से ईंधन दिया जा रहा है, जिससे लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह स्थिति जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें फैलने के बाद बनी है। सुबह से ही इस तरह की खबरें सामने आते ही लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े, जिससे लंबी कतारें लग गईं। अशोकनगर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित कई पेट्रोल पंपों पर पिछले दो दिनों से अचानक भीड़ देखने को मिल रही है। किसान और आम नागरिक लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर ईंधन भरवा रहे हैं। रात के समय भी कई स्थानों पर भीड़ रही। ‘जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं’ हालांकि, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण दुबे ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ अफवाहों के कारण लोग आवश्यकता से अधिक ईंधन का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है। एसोसिएशन के अनुसार, अशोकनगर जिले में 200 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी पर नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। एसोसिएशन ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें, ताकि सभी को सुचारू रूप से सुविधा मिल सके।
बोमन ईरानी पर भड़कीं मंदाना करीमी:कहा- जब ईरानी मर रहे थे, तब आपकी आवाज कहां थी; एक्टर ने ट्रम्प पर तंज कसा था

एक्ट्रेस-मॉडल मंदाना करीमी ने एक्टर बोमन ईरानी के एक इंस्टाग्राम वीडियो पर रिएक्ट करते हुए उन पर निशाना साधा। दरअसल, हाल ही में बोमन ईरानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरानियों से बातचीत वाले बयान पर मजाकिया वीडियो पोस्ट किया था। इस पर मंदाना ने कमेंट करते हुए सवाल उठाए। एक्ट्रेस ने लिखा, “बोमन ईरानी सर… अचानक आपको ईरान के बारे में बहुत कुछ कहने की जरूरत महसूस होने लगी है। समय भी बड़ा दिलचस्प है। कई सालों से ईरान में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उन्हें फांसी दी जा रही है, उनकी आवाज दबाई जा रही है। हजारों लोग मारे गए, परिवार टूट गए और हम जैसे लोगों ने यह सब झेला है, इस पर बात भी की है, लेकिन अब… एक वीडियो आया है, अब चिंता दिख रही है। अब गैस, ट्रम्प और ‘मेरे घर आओ’ जैसी बातों पर मजाक हो रहा है।” एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “सर, पूरे सम्मान के साथ, आप और पारसी समुदाय ईरान से जुड़े हैं। आप उस इतिहास और दर्द को अपने साथ रखते हैं, तो जब ईरानी लोग मर रहे थे, तब आपकी आवाज कहां थी? और अब अचानक, क्योंकि यह गैस, राजनीति और दुनिया भर की बातों से जुड़ गया है, तो इस पर टिप्पणी हो रही है? मतलब… पहले चुप्पी और अब मजाक, यह बदलाव बहुत जल्दी हो गया। खैर… बस एक बात नोट की है।” वहीं, बोमन ईरानी ने एक्ट्रेस के इस कमेंट पर रिएक्ट नहीं किया। बोमन ईरानी ने वीडियो में क्या कहा था? बोमन ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यह बात वायरल हो रही है कि मिस्टर डोनाल्ड ट्रम्प ईरानियों से बात करना चाहते हैं और तीन लोगों को बुलाया गया है, स्मृति ईरानी, अरुणा ईरानी और मैं यानी बोमन ईरानी। मैं तैयार हूं। हम शांति के लिए कुछ भी कर सकते हैं।” बोमन ने आगे कहा, “मेरी सिर्फ एक शर्त है कि मैं वॉशिंगटन नहीं जाऊंगा। उनकी टीम यहां मुंबई के दादर पारसी कॉलोनी आए। हम उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाएंगे, धानसक और कस्टर्ड खिलाएंगे और अगर ट्रम्प गैस सिलेंडर भी ले आएं, तो मुझे लगता है कि सबके लिए जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी।”
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन:बीजेपी-कांग्रेस विधायकों में भी विवाद; राहुल को पप्पू कहने पर हाथापाई

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को ईरानी सुप्रीम लीडर खोमेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ। नेशनल कांफ्रेस के नेता खोमेनेई की तस्वीर लेकर सदन के अंदर गए। वहां समर्थन में नारेबाजी की। इसके चलते सदन के अंदर अव्यवस्था बढ़ गई। इस बीच विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की का भी वीडियो सामने आया। हालांकि ये विवाद भाजपा नेताओं के राहुल पर कमेंट को लेकर था। दरअसल कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज PM मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। जवाब में भाजपा विधायक युदवीर सेठी ने कहा, राहुल गांधी पप्पू हैं। जिसके बाद दोनों नेताओं में हाथापाई होने लगी। साथी मेंबर्स ने बीच-बचाव किया। असेंबली की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दी गई। नेशनल कांफ्रेंस विधायक बोले- हम ईरान के साथ खड़े हैं नेशनल कांफ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा, हम ईरान के साथ खड़े हैं। पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस और JK की पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। जैसे CM उमर अब्दुल्ला ने पिछली बार सिविल सोसाइटी में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की थी। वैसे ही, आज हम सब यहां खड़े हैं। हम समझते हैं कि जिस तरह से अयातुल्ला अली खामेनेई को मारा गया। किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का कोई हक नहीं है। मुझे लगता है कि इस देश के टॉप लीडरशिप को इसकी निंदा करनी चाहिए। आज, हम ईरान के लोगों का सपोर्ट कर रहे हैं।
LNJP में संसाधनों की भरमार, फिर भी बंद होने की कगार पर न्यूरो एनेस्थेसिया के सुपर स्पेशियलिटी कोर्स

नई दिल्ली. देश की राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार लोकनायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मॉडल और मेडिकल शिक्षा के दावों के विपरीत, यहां के प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जरी और डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया जैसे सुपर स्पेशलिटी कोर्सेज को बंद करने और उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है. हैरानी की बात यह है कि एलएनजेपी अस्पताल में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट में 86 बेड और 2 ओटी फैसिलिटी है. वहीं इस विभाग में सक्षम फैकल्टी है. इसके बावजूद यहां न्यूरो सर्जरी और न्यूरो एनेस्थेसिया के सुपर स्पेशिएलिटी कोर्स पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. क्या है पूरा विवाद?दरअसल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) से संबद्ध लोकनायक अस्पताल देश को बेहतरीन न्यूरो सर्जन देने के लिए विख्यात रहा है. यहां का न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट भी उत्कृष्ट है. अब तक न्यूरो सर्जरी के एमसीएच कोर्स के लिए अब तक तीन सत्र के लिए एडमिशन हो चुका है. इनमें से 1 बैच तीन साल का कोर्स कर निकल गया है. दूसरा इस साल नवंबर में कोर्स पूरा कर लेगा. 2024-25 सत्र के तीसरे बैच में 2 स्टूडेंट्स का एडमिशन हुआ लेकिन वे दोनों इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए कोर्ट चले गए. इस बीच सरकार ने बिना कोर्ट का आदेश पारित हुए दोनों छात्र को जीबी पंत में ट्रांसफर कर दिया. एलएनजेपी में इंफ्रास्ट्रक्चर की कोई कमी नहीं है और एक सक्षम फैकल्टी की और जरूरत है. ऐसे में एक गंभीर सवाल खड़ा होता है क्या एलएनजेपी अस्पताल के साथ साजिश की जा रही है. जानकारों का कहना है कि यह निर्णय न केवल विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ है, बल्कि एलएनजेपी अस्पताल की साख को भी बट्टा लगा रहा है. संसाधनों की भरमार, फिर भी बहानेबाजीआंकड़ों पर गौर करें तो लोकनायक अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी नहीं दिखती. नियमों के अनुसार, न्यूरो सर्जरी जैसे सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए एक समर्पित वार्ड की आवश्यकता होती है. एलएनजेपी में वर्तमान में 86 बेड का एक विशाल न्यूरो सर्जरी वार्ड मौजूद है और यहां दो ऑपरेशन थिएटर (OT) टेबल लगातार संचालित होती हैं. डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया, जो पूरी तरह से न्यूरो सर्जरी विभाग पर निर्भर रहने वाला कोर्स है, उसे भी यहां से शिफ्ट किया गया है जबकि लोक नायक अस्पताल समुचित इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी उपलब्ध है. सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल के पास 86 बेड और 2 ओटी टेबल की क्षमता है, तो फिर इन कोर्सेज को चलाने में प्रशासन को क्या आपत्ति है? क्या दिल्ली सरकार पिछले दो सालों में एक फैकल्टी की नियुक्ति करने में भी असमर्थ रही है, या इसके पीछे कोई गहरी प्रशासनिक साजिश है? छात्रों का भविष्य और मरीजों की जान दांव परभारत में पहले ही न्यूरो सर्जनों की भारी किल्लत है. 140 करोड़ की आबादी वाले देश में महज 1900 से 3700 के बीच न्यूरो सर्जन उपलब्ध हैं. ऐसे में एलएनजेपी जैसे संस्थान से इन कोर्सेज का प्रभावित होना राष्ट्रीय क्षति है. डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया का पहला बैच (2024-25) पहले ही इस अव्यवस्था के कारण कोर्ट की शरण ले चुका है. सरकार ने फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए उन्हें जीबी पंत भेज दिया, जबकि रिपोर्ट बताती है कि एलएनजेपी में एनेस्थीसिया की पर्याप्त फैकल्टी मौजूद है. आगामी बैच पर तलवारअब 2025-26 के आगामी बैच पर भी तलवार लटक रही है. यदि इन कोर्सेज को एलएनजेपी में वापस सुचारू रूप से शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले समय में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी होगी, जिसका सीधा असर गरीब मरीजों के इलाज पर पड़ेगा. प्रशासन का पक्ष और अनसुलझे सवाललोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बी एल चौधरी का कहना है कि छात्रों को शिफ्ट करना एक नीतिगत फैसला है और यह मामला सीधे तौर पर एमएएमसी (MAMC) से जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में ये कोर्स जारी रहेंगे, लेकिन कब और कैसे, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. दूसरी तरफ सरकार के अधिकारी इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते. हमने कई फोन किए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वर्ल्ड क्लास मॉडल पर सवाल सवाल यह भी उठता है कि जीबी पंत अस्पताल, जो लंबे समय तक मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन के सीधे अधिकार क्षेत्र में नहीं था, वहां सारे कोर्स सुचारू रूप से चल रहे हैं, तो एलएनजेपी में ही यह संकट क्यों पैदा किया जा रहा है? क्या यह दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था की चरमराती हालत का प्रमाण है? इस पूरे प्रकरण ने दिल्ली सरकार के उस ‘वर्ल्ड क्लास’ स्वास्थ्य मॉडल पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसका ढिंढोरा देश-दुनिया में पीटा जाता है. अगर एक पद की कमी के कारण सुपर स्पेशलिटी कोर्स बंद होने की कगार पर पहुंच जाते हैं, तो आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की कल्पना आसानी से की जा सकती है.
बीजेपी विधायक संजय पाठक से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई टली:जस्टिस से किया था संपर्क, कार्रवाई नहीं होने पर दायर हुई याचिका

हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी है। जस्टिस से संपर्क के मामले में अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जबकि गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक की याचिका पर 1 अप्रैल को सुनवाई तय की गई है। कटनी विधायक संजय पाठक द्वारा जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश के मामले में गुरुवार को सुनवाई टल गई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने अगली तारीख 2 अप्रैल तय की है। ओपन कोर्ट में हुआ था संपर्क का खुलासा 1 सितंबर 2025 को जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। इसके बाद उन्होंने मामला अपनी बेंच से हटाने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई नहीं होने पर दायर हुई याचिका विधायक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आशुतोष दीक्षित ने याचिका दाखिल की। 17 मार्च को याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती पेश हुए थे। गुरुवार को हुई सुनवाई में विधायक संजय पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने याचिका पर आपत्तियां पेश कीं, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई। अब्दुल रज्जाक की याचिका 1 अप्रैल को जबलपुर के गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक की याचिका पर जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की बेंच ने सुनवाई 1 अप्रैल तक स्थगित कर दी। रज्जाक ने याचिका में आरोप लगाया है कि विधायक के इशारे पर उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई। मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अदालत में पैरवी कर रहे हैं।
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले साइबर ठग:नर्मदापुरम पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया; एयरपोर्ट पर पार्सल पकड़े जाने का झांसा देकर ठगा था

देहात थाना पुलिस ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर 1.04 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। 18 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल कर क्यूआर कोड से रुपए ट्रांसफर करवाए थे। आरोपी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक आरोपी पुलिस भर्ती का फिजिकल टेस्ट देने मुंबई गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। पार्सल घर भेजने का दिया झांसा देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि 18 दिसंबर 2025 को फरियादी सेवकराम को व्हाट्सएप कॉल आया था। ठगों ने झांसा दिया कि उनका पार्सल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है, जिसे छुड़ाने के लिए रुपए लगेंगे। इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर पार्सल घर डिलीवर होने का दावा किया और धोखे से 1,04,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी ने थाने में एफआईआर कराई थी। तकनीकी साक्ष्यों से ट्रेस कर औरंगाबाद और जालना से दबोचा आरोपियों ने तकनीकी संसाधनों से धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जालना से दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपी शिवम घोसीर (22) हिंगोली (वर्तमान- सिडको, औरंगाबाद) और तानाजी राठौर (30) जालना का रहने वाला है। दोनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। तानाजी फिजिकल टेस्ट के लिए मुंबई गया था, जहाँ से पुलिस ने उसे पकड़ा। एसपी ने दिया पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसपी साईंकृष्णा थोटा ने 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डे, सउनि लक्ष्मण अमोत्या, सउनि प्रवीण शर्मा, आरक्षक चेतन नरवरे, नर्मदाप्रसाद निमोदा, सुनील साहू, जितेंद्र शेषकर और सायबर सेल के सागर कुशवाह का योगदान रहा।
मिलिए पंजाब में जन्मी आईएएस अधिकारी साहिला हीर से, जो नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर चर्चा कर रही हैं

बिहार में, जिला मजिस्ट्रेट साहिला हीर ने एक तेज, सक्रिय और कुशल अधिकारी के रूप में ख्याति अर्जित की है, जो विभिन्न विभागों में अपने परिवर्तनकारी कार्यों के लिए व्यापक रूप से पहचानी जाती हैं। बक्सर में अपनी वर्तमान पोस्टिंग से पहले, उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक के रूप में कार्य किया, जहाँ उनकी पहल से राज्य की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही आई। शिक्षा विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान, साहिला हीर ने शिक्षकों के तबादलों के लिए एक पारदर्शी प्रणाली शुरू की, लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रियाओं की शुरुआत की और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया। उन्होंने मध्याह्न भोजन कार्यक्रम को भी सुव्यवस्थित किया, जिससे इसके कार्यान्वयन में अधिक पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई। इन सुधारों की राज्य भर में प्रशंसा की गई और कई लोगों ने उन्हें अपना काम जारी रखने के लिए शिक्षा क्षेत्र में लौटने का सुझाव दिया है। मूल रूप से पंजाब के जालंधर की रहने वाली साहिला हीर अपने चौथे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद 2018 में अखिल भारतीय रैंक 572 हासिल करके आईएएस अधिकारी बनीं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और युवा विकास पर अपने प्रयासों को केंद्रित करते हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और बीआर अंबेडकर से प्रेरणा ली। उन्होंने जालंधर के एमजीएन स्कूल और बाद में पटियाला के थापर इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की और रोजाना 12-14 घंटे की पढ़ाई के साथ सिविल सेवा परीक्षा के लिए लगन से तैयारी की। उनके पिता पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में उप मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत थे। बिहार कैडर में शामिल होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग नरकटियागंज में एसडीएम के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने प्रमुख प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हुए सहरसा और पूर्णिया में भी काम किया। उनके पति नितिन कुमार सिंह भी एक आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में कैमूर जिले में तैनात हैं। बक्सर के डीएम के रूप में, साहिला हीर समग्र जिला प्रशासन, कानून और व्यवस्था, राजस्व प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया की देखरेख करती हैं। वह मनरेगा, पीएम-किसान, आवास योजनाओं और पेंशन जैसी केंद्रीय और राज्य कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करती हैं। वह चुनाव तैयारियों, भूमि रिकॉर्ड और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली का प्रबंधन भी करती हैं। के दौरान उनका काम समृद्धि यात्रा बक्सर में इसे व्यापक रूप से जाना गया है, स्थानीय लोगों ने उनकी सक्रिय भागीदारी और व्यावहारिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की है। अपनी तीव्र निर्णय लेने और समर्पण के लिए जानी जाने वाली साहिला हीर पारदर्शिता और सार्वजनिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए कुशल प्रशासन के लिए एक मानक स्थापित कर रही हैं।
ट्रम्प बोले-ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर 10 दिन हमला नहीं करेंगे:ईरान के कहने पर 6 अप्रैल तक डेडलाइन बढ़ाई; दूसरी बार हमला टाला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर 10 दिन तक हमला नहीं करेंगे। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला ईरान के अनुरोध पर लिया गया है और नई डेडलाइन 6 अप्रैल तय की गई है। ट्रम्प ने एक हफ्ते में इन हमलों को दूसरी बार टाल दिया है। इससे पहले भी वह हमले की डेडलाइन बढ़ा चुके हैं, जो शुक्रवार को खत्म होने वाली थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। ट्रम्प के मुताबिक, अब 6 अप्रैल शाम 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक ईरान के एनर्जी प्लांट्स पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। मौजूदा हालात में इसे कूटनीतिक समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ट्रम्प बोले- ईरान ने हमें 10 तेल टैंकर गिफ्ट किए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान ने 10 तेल टैंकरों को गुजरने देकर गिफ्ट दिया। उन्होंने कहा कि इन टैंकरों पर पाकिस्तान का झंडा था और ईरान इससे भरोसा जीतना चाहता था। उन्होंने कहा कि ईरान ने भरोसा दिखाने के लिए 8 बड़े तेल टैंकरों को गुजरने दिया और बाद में 2 और भेजे। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक में ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने खुद प्रस्ताव दिया था कि वह 8 बड़े ऑयल टैंकर जाने देगा, ताकि बातचीत को लेकर गंभीरता दिखा सके। उन्होंने दावा किया कि बाद में ईरान ने माफी जताते हुए 2 और टैंकर भेजे। इस दौरान ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मजाक में कहा कि उम्मीद है इस खुलासे से बातचीत पर असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, इस कदम से अमेरिका को भरोसा हुआ कि बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…
संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिग्री और कॅरियर पर दिया मार्गदर्शन

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने एमए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए डिग्री और कॅरियर विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने विद्यार्थियों से कहा कॉलेज की पढ़ाई को पूरी गंभीरता के साथ पूर्ण करना चाहिए। कॉलेज में व्यतीत किया गया समय बहुमूल्य होता है, जिसे क्लास रूम और लाइब्रेरी में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा विद्यार्थियों के लिए किताबों से अच्छा मित्र कोई नहीं होता और नियमित अध्ययन से ही व्यक्तित्व का विकास संभव है। कॅरियर काउंसलर डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहा डिग्री का अपना महत्व है, क्योंकि यह कॅरियर कई द्वार खोलती है, लेकिन केवल डिग्री प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है। डिग्री के साथ उस स्तर का ज्ञान होना जरूरी है, जिस स्तर की डिग्री अर्जित की जा रही है। उदाहरण देकर कहा यदि कोई छात्र इतिहास में एमए करता है तो उसमें इतिहास का गहन और उच्च स्तर का ज्ञान होना चाहिए। डिग्री सिर्फ प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि ज्ञान का प्रमाण होती है। शॉर्टकट से पढ़ाई करने की प्रवृत्ति से बचने की सलाह देते हुए कहा गाइड, कुंजी या प्रश्नोत्तर पढ़कर परीक्षा पास की जा सकती है लेकिन ज्ञानवान नहीं बना जा सकता। आज का युग कौशल का युग है, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी डिग्री के अनुसार स्किल विकसित करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया व अनावश्यक गतिविधियों से दूर रहकर अध्ययन में समय देने पर जोर दिया।








