Tuesday, 15 Sep 2026 | 12:12 PM

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हिमाचल में बर्फ में फंसा केरल का ट्रैकर:मनाली पुलिस ने रेस्क्यू किया, पहले जूते पहनाए, फिर पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया

हिमाचल में बर्फ में फंसा केरल का ट्रैकर:मनाली पुलिस ने रेस्क्यू किया, पहले जूते पहनाए, फिर पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली में केरल का एक ट्रैकर बर्फ में फंस गया। मनाली के व्यासकुंड में बर्फ में फंसे ट्रैकर को पुलिस ने बीती शाम (शुक्रवार) को सुरक्षित रेस्क्यू किया। युवक की पहचान केरल के मलप्पुरम निवासी 20 वर्षीय अर्शद नरिक्कोट्टु मेचेरी के रूप में हुई है, जो अकेले ट्रैकिंग पर निकला था। सूचना के अनुसार, ट्रैकिंग के दौरान अर्शद के जूते बर्फ में गीले हो गए, जिससे वह आगे नहीं बढ़ पाया और बर्फ में फंस गया। अत्यधिक ठंड के कारण ट्रैकर की हालत निरंतर बिगड़ती गई। इसके बाद ट्रैकर ने 112 हेल्पलाइन पर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही अटल टनल रोहतांग की सुरक्षा में तैनात सब-इंस्पेक्टर राज कुमार अपनी टीम के साथ व्यासकुंड रवाना हुए। पुलिस टीम धुंधी ब्रिज से करीब 2 से 3 किलोमीटर ऊपर पहाड़ पर चढ़कर बर्फ में फंसे युवक के पास पहुंची। पुलिस ने रेस्क्यू के बाद उपचार को भर्ती कराया रेस्क्यू टीम ने पहले अर्शद नरिक्कोट्टु को जूते पहनाए। इसके बाद पीठ में उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया और बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। बिना गाइड और प्रशासन को सूचित किए बगैर ट्रेकिंग पर न जाए: DSP डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि ट्रैकर को सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना गाइड और प्रशासन को सूचित किए ट्रैकिंग पर न जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मनाली क्षेत्र के ट्रैकिंग रूटों पर भारी बर्फ जमी हुई है, जिससे ट्रैकिंग करना जोखिम भरा हो सकता है। बता दें कि कुल्लू,मंडी, शिमला, लाहौल स्पीति, चंबा और किन्नौर के कई ट्रेकिंग रूटों पर कई बार बाहरी राज्यों के ट्रैकर बिना प्रशासन को सूचित किए बगैर ट्रैकिंग पर निकल जाते हैं और कई बार रास्ता भटक जाते है या फिर बारिश-बर्फबारी के कारण वापस लौटना मुश्किल हो जाता है। इससे कई बार हादसे भी होते रहे है। ऐसे में ट्रैकर को लोकल गाइड के साथ और प्रशासन को सूचना देकर ट्रैकिंग में निकलना चाहिए।

हरियाणवी रैपर बोले-क्लास में मजाक उड़ा था, आज सबसे कामयाब:चंडीगढ़ शो में ढांडा न्योलीवाला ने सुनाया किस्सा, लेक्चरर ने लुक पर किया था कमेंट

हरियाणवी रैपर बोले-क्लास में मजाक उड़ा था, आज सबसे कामयाब:चंडीगढ़ शो में ढांडा न्योलीवाला ने सुनाया किस्सा, लेक्चरर ने लुक पर किया था कमेंट

हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला कोई कंट्रोवर्सियल नहीं, बल्कि मोटिवेशन और इमोशन से भरे उसे किस्से का है, जिसे रैपर ने चंडीगढ़ में पिछले सप्ताह हुए एक लाइव शो के दौरान सुनाया। इस किस्से को सुनने के बाद ऑडियन्स भावुक हो गईं। रैपर की स्टोरी का एक वीडियो अब सामने आया है, जिसमें सभी रैपर ढांडा की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। ढांडा ने बताया कि हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी कमजोर अंग्रेजी और अलग लुक के चलते क्लास में उनका मजाक उड़ाया गया था। मजाक उड़ाने वाला कोई और नहीं था, बल्कि लेक्चर लेने आए टीचर खुद थे। टीचर ने उनका लुक देखकर कहा था- ‘फौज में लग जा, यहां क्या कर रहा है’। ढांडा ने कहा- जो लोग उस दिन मुझ पर हंसे थे, मैं आज उनसे ज्यादा कामयाब हूं। इसके पीछे कारण है कि उन्होंने कभी भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। चंडीगढ़ लाइव शो में सिंगर-रैपर ढांडा न्योलीवाला ने कही तीन बातें… ढांडा के अप्रैल में इंडिया में कई शो होंगे दरअसल, ढांडा न्योलीवाला इंडिया में अपने शो कर रहे हैं। उनका पहला शो जयपुर में 28 फरवरी को हुआ। पहले शो में ही उस समय धमाल मचा था जब एक्टर रणबीर हुड्‌डा स्टेज पर आए थे। बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने सिंगर ढांडा न्योलीवाला के लाइव कॉन्सर्ट में जमकर ठुमके लगाए थे। एक्टर रणदीप हुड्‌डा ने सॉन्ग नाइफ ब्राउट पर डांस करते हुए स्टेज पर सरप्राइज एंट्री ली थी। दोनों ने मिलकर डांस किया। गीत संगीत का खुमार चढ़ा तो रणदीप ने अपनी जैकेट उतार दी और सिंगर न्योनीवाला के साथ स्टेज पर ही सपाटे लगाए। यह देख दर्शक खूब उत्साहित नजर आए थे। इसके बाद ढांडा ने 13 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में शो किया। 21 मार्च को चंडीगढ़ में शो किया। आज 28 मार्च को उनका शो देहरादून में है और मुंबई में 4 अप्रैल को उनका इंडिया टूर का अंतिम शो है। ढांडा न्योलीवाला की ये एल्बम भी हो चुकी बैन रैपर ढांडा न्योलीवाला के गाने ‘इल्लीगल’ (Illegal) और ‘रशियन बंदना’ हरियाणा सरकार की ओर सो बैन किए गए हैं। इनमें गन कल्चर और बदमाशी को बढ़ावा देने का आरोप लगा था। यह कार्रवाई मासूम शर्मा और अमित सैनी रोहतकिया जैसे अन्य सिंगर्स के गाने बैन होने के बाद की गई थी। उनका ‘इल्लीगल’ गाना 19 अक्टूबर 2024 को अपलोड किया गया था, जिस पर 22 लाख 72 हजार (2.2M) से ज्यादा व्यूज आ चुके थे। नाइफ ब्रोज गाने पर एक साल के अंदर 12 करोड़ से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। ढांडा की हरियाणवी रैपर कुलवीर दनौदा उर्फ केडी के साथ कॉन्ट्रोवर्सी भी हो चुकी है। वहीं, ढांडा न्योलीवाला ने मैं गिरा होया बंदा जमा नीच बल्लिये, ‘जट रूबीकॉन, रिगरेट, अप-टू-यू जैसे हिट गाने दिए हैं, जिनके व्यूज मिलियंस में हैं। वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। पत्नी डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रहीं ढांडा की पत्नी आशा सहारण ढांडा डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं। वो पति के साथ ऑस्ट्रेलिया में ही रहती हैं। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। उनकी भी काफी फैन फॉलोइंग है। वह अकसर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सिंगर के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं। एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर हुई थी कन्ट्रोवर्सी करीब तीन माह पहले हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला की नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर कन्ट्रोवर्सी हो गई थी। ढांडा की इस इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने के सीन थे। साथ ही बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर ‘साले’ शब्द का यूज किया गया था। इस पर विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर हरियाणवी रैपर के पक्ष और विरोध में लोग खड़े हो गए थे। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। इसके बाद न्योलीवाला ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर सफाई दी थी। कहा था कि दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. सॉन्ग कंट्रोवर्सी पर सामने आया हरियाणवी रैपर,VIDEO:बोला-लाइन बदलूंगा, पाखंडियों पर विचार कायम; बाबा बागेश्वर को कहा था-‘बना-बना पर्ची ये लावै साले अर्जी’ हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला की नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर कन्ट्रोवर्सी बढ़ गई है। हिसार के आदमपुर के न्योलीवाला गांव के रहने वाले रैपर प्रवीण ढांडा की यह एल्बम हाल में रिलीज हुई है। रिलीज होते ही एल्बम विवादों में घिरती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर हरियाणवी रैपर के पक्ष और विरोध में लोग खड़े हो रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

रूस 4 महीने तक पेट्रोल नहीं बेचेगा:1 अप्रैल से बैन शुरू; भारत पर कम, चीन-तुर्किये और ब्राजील पर ज्यादा असर

रूस 4 महीने तक पेट्रोल नहीं बेचेगा:1 अप्रैल से बैन शुरू; भारत पर कम, चीन-तुर्किये और ब्राजील पर ज्यादा असर

रूस ने 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक पेट्रोल निर्यात पर रोक का फैसला किया है। उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने ऊर्जा मंत्रालय से इस प्रस्ताव को तैयार करने को कहा। रूस के मुताबिक यह कदम घरेलू सप्लाई बनाए रखने और कीमतें नियंत्रित रखने के लिए है। नोवाक ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इजराइल-ईरान जंग की वजह से ग्लोबल तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्शन बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है। रूस रोजाना 1.2 से 1.7 लाख बैरल पेट्रोल निर्यात करता है। निर्यात रोकने से चीन, तुर्किये, ब्राजील, अफ्रीका और सिंगापुर जैसे देशों पर असर पड़ सकते हैं। ये देश रूसी तेल उत्पादों के बड़े खरीदार हैं। भारत पर असर कम होगा क्योंकि वह पेट्रोल नहीं, कच्चा तेल खरीदता है। रूस के फैसले का भारत पर कितना असर एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत सीधेतौर पर पेट्रोल जैसे तैयार ईंधन पर ज्यादा निर्भर नहीं है, बल्कि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) पर निर्भर है। क्रूड ऑयल को ही रिफाइन कर पेट्रोल और डीजल बनाए जाते हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 80% कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से लगभग 20% रूस से आता है। भारत बहुत कम मात्रा में पेट्रोल या अन्य तैयार ईंधन आयात करता है। इसके बजाय देश अपने बड़े रिफाइनरी नेटवर्क के जरिए कच्चे तेल को खुद प्रोसेस करता है। यही वजह है कि रूस के पेट्रोल निर्यात पर लगी रोक का भारत पर सीधा असर पड़ने की संभावना बहुत कम है। भारत रोजाना करीब 56 लाख बैरल कच्चा तेल रिफाइन करता है। यह न सिर्फ अपनी घरेलू जरूरत पूरी करता है, बल्कि तैयार ईंधन का निर्यात भी करता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि रूस के फैसले से अगर वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। पहले से ही जंग के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। पहले भी पेट्रोल एक्सपोर्ट पर रोक लगाई गई थी मॉस्को में शुक्रवार को पेट्रोल एक्सपोर्ट के बैन को लेकर बैठक हुई थी। इसमें खासतौर पर यह जोर दिया गया कि राष्ट्रपति पुतिन ईंधन कीमतें नियंत्रित रखना चाहते हैं। मंत्री नोवाक ने बैठक में कहा कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। तेल कंपनियों ने कहा कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है और रिफाइनरियां पूरी या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे जरूरत पूरी हो रही है। रूस पहले भी कीमत नियंत्रण और घरेलू सप्लाई के लिए पेट्रोल-डीजल निर्यात पर रोक लगा चुका है। पिछले साल भी ऐसा हुआ था, जब यूक्रेन हमलों से रिफाइनरियां प्रभावित हुई थीं। इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, रूस ने पिछले साल करीब 50 लाख मीट्रिक टन पेट्रोल एक्सपोर्ट किया था, यानी हर दिन लगभग 1.17 लाख बैरल के बराबर है। एक दिन पहले ही नोवाक ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो रूस फिर से तेल निर्यात पर रोक लगा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस का यूराल्स तेल और दूसरे तेल उत्पाद इन दिनों ब्रेंट क्रूड के बराबर या उससे भी महंगे दाम पर बिक रहे हैं। क्रूड से 15 डॉलर तक महंगा मिल रहा रूसी तेल इधर, इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे निपटने के लिए भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदने का फैसला किया है। अप्रैल महीने की डिलीवरी के लिए भारत ने रूस से लगभग 60 मिलियन यानी 6 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है। जो रूसी तेल कभी भारत को भारी डिस्काउंट पर मिलता था, अब उसके लिए प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सौदे ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर 5 से 15 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम (अतिरिक्त कीमत) पर बुक किए गए हैं। सप्लाई की कमी और मांग ज्यादा होने की वजह से कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है। दरअसल, भारत की इस खरीदारी के पीछे अमेरिका की दी गई छूट का बड़ा हाथ है। अमेरिका ने भारत को उन रूसी तेल कार्गो को लेने की अनुमति दी है, जो 5 मार्च से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे। बाद में इस छूट का दायरा बढ़ाकर 12 मार्च कर दिया गया। —————————————- रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत:रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। पूरी खबर पढ़ें…

आगामी पुडुचेरी चुनाव में कांग्रेस के बागी 6 सीटों पर सहयोगी दलों डीएमके, वीसीके को चुनौती देंगे चुनाव समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 22:32 IST पुडुचेरी कांग्रेस इकाई ने विद्रोहियों को चेतावनी दी है कि वे पार्टी के नाम या झंडे का इस्तेमाल नहीं कर सकते और उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले एक बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद केसी वेणुगोपाल और अन्य। (पीटीआई फाइल फोटो) पुडुचेरी में कांग्रेस के छह बागी नेताओं ने सहयोगी दलों डीएमके और वीसीके को आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों से अपना नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया है, जिससे 9 अप्रैल के विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले सीधा मुकाबला होगा। छह निर्वाचन क्षेत्र कालापेट, राजभवन, थिरुबुवनई, कराईकल दक्षिण, मंगलम और ओझुकराई हैं। एनडीटीवी प्रतिवेदन। इस बीच, जवाब में, पुडुचेरी कांग्रेस इकाई ने विद्रोहियों को चेतावनी दी है कि वे पार्टी के नाम या झंडे का उपयोग नहीं कर सकते हैं और गठबंधन समझौते की अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सीट-बंटवारे की व्यवस्था के तहत, कांग्रेस को पुडुचेरी की 30 सीटों में से 16 पर चुनाव लड़ना है, जबकि डीएमके 14 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ओझुकराई सीट वीसीके को आवंटित की गई थी, जो डीएमके और कांग्रेस के साथ धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन का हिस्सा है। हालांकि, वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने कहा कि कांग्रेस के कारण पैदा हुए भ्रम के कारण उनकी पार्टी को नेट्टापक्कम और ओसुडु में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि ओझुकराई में गठबंधन का हिस्सा बने रहना पड़ा। अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा है कि अंदरूनी कलह से मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के सत्तारूढ़ अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) गठबंधन को फायदा हुआ है। सीपीएम नेता बालाकृष्णन ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके ने उस समय गठबंधन को कमजोर किया जब सत्ता विरोधी भावना से भारतीय गुट को मदद मिल सकती थी। इससे पहले आज पुडुचेरी कांग्रेस अध्यक्ष वी वैथिलिंगम ने पार्टी के 16 उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी की। उल्लेखनीय नामों में डीपीआर सेल्वम (मन्नादिपट्टु), पी कार्तिकेयन (ओसुडु), एन राजा कुमार (इंदिरानगर), और खुद थट्टांचवडी से वैथिलिंगम शामिल हैं। यह घोषणा तमिलनाडु में व्यवस्था के समान, DMK के साथ व्यापक सीट-बंटवारे समझौते का अनुसरण करती है। कांग्रेस और द्रमुक तमिलनाडु में भी गठबंधन सहयोगी हैं, जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी ने 2026 विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस को 234 में से 28 सीटें आवंटित कीं। 2021 पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में, AINRC 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद DMK छह सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने छह-छह सीटें जीतीं। मतदान प्रतिशत 84.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। जबकि 2016 के चुनावों में, कांग्रेस ने 15 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, एआईएनआरसी ने आठ सीटें जीती थीं, एआईएडीएमके को चार सीटें मिली थीं और डीएमके को दो सीटें मिली थीं, जिसमें 83.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : पुडुचेरी (पांडिचेरी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 22:32 IST समाचार चुनाव आगामी पुडुचेरी चुनाव में कांग्रेस के बागी 6 सीटों पर सहयोगी दल डीएमके, वीसीके को चुनौती देंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में 25 साल की नोएलिया कास्तिलो ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु के जरिए गुरुवार को अपना जीवन खत्म कर लिया। नोएलिया को इच्छामृत्यु के लिए अपने पिता से भी कानूनी लड़ाई लड़ना पड़ी क्योंकि वे इसके विरोध में थे। बार्सिलोना की रहने वाली नोएलिया का 2022 में एक फैसिलिटी सेंटर में 3 युवकों ने रेप किया था। इसके बाद नोएलिया ने आत्महत्या की कोशिश की और पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि वह इस घटना में बच गईं, लेकिन उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी, जिसके कारण वह कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गईं। इसके बाद से वह लगातार शारीरिक दर्द और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। नोएलिया ने 2024 में इच्छामृत्यु के लिए आवेदन किया था, जिसे कैटेलोनिया सरकार ने मंजूरी भी दे दी थी। लेकिन आखिरी समय में उसके पिता ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराई और प्रक्रिया रुकवा दी थी। फोस्टर होम में कई बार यौन शोषण हुआ नोएलिया बचपन में अपने माता-पिता के साथ ठीक से नहीं रह पा रही थीं। उसे मानसिक दिक्कतें थी और उनके माता-पिता का तलाक भी हो गया था। परिवार में समस्याएं होने की वजह से सरकार ने उन्हें 13 साल की उम्र में एक देखभाल केंद्र (फोस्टर होम) में रख दिया, ताकि उनकी देखभाल हो सके। इसके बाद वह उसी देखभाल केंद्र में रहने लगीं, जहां उन्होंने कई बार दुर्व्यवहार होने का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां उनके साथ कई बार यौन शोषण हुआ और आखिरी बार 2022 में तीन लड़कों ने उनके साथ गैंगरेप किया। इच्छामृत्यु की इजाजत मिली, पिता ने विरोध किया रेप की घटना के बाद नोएलिया की मानसिक हालत और बिगड़ गई। इससे परेशान होकर उसने पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन वह बच गईं। इस कोशिश के बाद वह हमेशा दर्द में रहने लगीं और व्हीलचेयर पर आ गईं। करीब 18 महीने बाद उन्होंने 2021 में लागू हुए स्पेन के इच्छामृत्यु कानून के तहत अपनी जिंदगी खत्म करने की अनुमति हासिल की। लेकिन इच्छामृत्यु पाने की उनकी कोशिश का उनके पिता और एक अल्ट्रा कंसरवेटिव ग्रुप ‘क्रिश्चियन लॉयर्स’ ने विरोध किया। उनका कहना था कि नोएलिया की मानसिक हालत ऐसी नहीं है कि वह अपनी जिंदगी खत्म करने का सही फैसला ले सकें। डेढ़ साल तक अदालत में चलता रहा केस नोएलिया की इच्छामृत्यु का मामला कोर्ट में चला गया और कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। करीब डेढ़ साल तक यह केस अलग-अलग अदालतों में चलता रहा। इस दौरान डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों ने भी अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि नोएलिया की हालत बेहद गंभीर है, उन्हें लगातार तेज दर्द रहता है और उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम है। सरकार से जुड़ी एजेंसी ने भी उनकी मांग को सही माना और इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी। इसके बावजूद उनके पिता ने फैसले को चुनौती दी, जिससे मामला आगे बढ़ता गया। आखिरकार यह मामला यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय तक पहुंचा। वहां यह देखा गया कि क्या नोएलिया मानसिक रूप से अपने फैसले लेने में सक्षम हैं, क्या उन पर किसी तरह का दबाव है और क्या उनकी मांग कानून के तहत सही है। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह माना कि नोएलिया को अपने जीवन के बारे में फैसला लेने का अधिकार है। इस फैसले के बाद उनकी इच्छामृत्यु का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया और तय प्रक्रिया के तहत इसे अंजाम दिया गया। पिता का तर्क- बेटी मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं नोएलिया की इच्छानुसार उन्हें ‘असिस्टेड डेथ’ दी गई। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया में तीन इंजेक्शन दिए गए। पहले दो से गहरी बेहोशी लाई गई और तीसरे इंजेक्शन से दिल की धड़कन रुक गई। नोएलिया ने कहा था कि वह अपनी मौत के समय अकेली रहना चाहती हैं और नहीं चाहती थीं कि कोई उन्हें अंतिम समय में देखे। 3 साल में 1,123 लोगों को इच्छामृत्यु स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2021 (जब यह कानून लागू हुआ) से लेकर 2024 के अंत तक 1,123 लोगों ने असिस्टेड डेथ ली है। नोएलिया का मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी व्यक्ति के इच्छामृत्यु के अधिकार को लेकर इतनी लंबी और बड़ी कानूनी लड़ाई देखने को मिली। मौत से कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किए गए एक टीवी इंटरव्यू में नोएलिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह उसका अपना फैसला है। स्पेन में किसे मिल सकती है इच्छामृत्यु, क्या है पूरी प्रक्रिया स्पेन में इच्छामृत्यु का अधिकार केवल उन वयस्क लोगों को दिया जाता है, जो ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ या ‘गंभीर, पुरानी और अक्षम करने वाली स्थिति’ से जूझ रहे हों। इसके साथ यह भी जरूरी है कि आवेदन करते समय व्यक्ति ‘सचेत और सक्षम’ हो, यानी वह खुद फैसला लेने की स्थिति में हो। कानून के अनुसार ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ वह मानी जाती है, जिसमें मरीज को लगातार और असहनीय शारीरिक या मानसिक दर्द हो, जिसका कोई प्रभावी इलाज संभव न हो। साथ ही यह भी देखा जाता है कि बीमारी के कारण व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ रही हो और उसके जीवन की अवधि सीमित हो। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया को सख्त रखा गया है। आवेदक को दो बार लिखित में आवेदन देना होता है। इसके बाद ऐसे स्वतंत्र डॉक्टरों से राय ली जाती है, जो पहले इस मामले से जुड़े न रहे हों, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। अंत में विशेषज्ञों की एक क्षेत्रीय समिति पूरे मामले की समीक्षा करती है और अंतिम मंजूरी देती है। स्पेन में कानून के तहत इच्छामृत्यु के दो तरीके हैं: 1. अधिकृत स्वास्थ्यकर्मी द्वारा सीधे जानलेवा दवा देना 2. मरीज को ऐसी दवा उपलब्ध कराना, जिसे वह खुद लेकर अपनी जिंदगी खत्म कर सके

विजय-रश्मिका की शादी को एक महीना पूरा हुआ:देवरकोंडा ने शेयर कीं अनसीन फोटोज; दोस्त की पायल को गले में पहनकर रिसेप्शन में पहुंचे

विजय-रश्मिका की शादी को एक महीना पूरा हुआ:देवरकोंडा ने शेयर कीं अनसीन फोटोज; दोस्त की पायल को गले में पहनकर रिसेप्शन में पहुंचे

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी को एक महीना पूरा हो गया है। इस मौके पर विजय ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी, संगीत और हैदराबाद रिसेप्शन की कुछ अनदेखी तस्वीरें और वीडियो शेयर की हैं। इसके साथ ही विजय ने रश्मिका के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। 26 फरवरी को उदयपुर में शादी के बंधन में बंधे थे। विजय बोले- यादें हमेशा के लिए साथ रह जाती हैं विजय देवरकोंडा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि “एक महीना बीत गया है। हम सभी के जीवन में कुछ बड़े पल आते हैं और आप उनसे रूबरू होते हैं। अगर आप इन्हें सही तरीके से जीते हैं, तो इनकी यादें हमेशा आपके साथ रहती हैं और आपको खुशी देती हैं।” विजय ने आगे लिखा कि अब वे दोनों काम पर वापस लौट रहे हैं, लेकिन जाने से पहले वे उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते थे जिन्होंने इस शादी को यादगार बनाया। दोस्त की पायल को बनाया अपना हार विजय ने अपनी दोस्त ऐश्वर्या के लिए एक बहुत ही अनोखा और प्यारा नोट लिखा। उन्होंने बताया कि ऐश्वर्या शादी की प्लानिंग से लेकर वेन्यू सिलेक्शन और कपड़ों तक, हर कदम पर उनके और रश्मिका के साथ थीं। उन्होंने ऐश्वर्या की पायल को अपने गले में हारकी तरह पहना और उनकी दूसरी पायल को हाथ में ब्रेसलेट की तरह इस्तेमाल किया। विजय ने कहा कि वह इस तरह ऐश्वर्या को अपनी यादों में हमेशा के लिए दर्ज करना चाहते थे। रश्मिका ने भी शेयर कीं तस्वीरें रश्मिका मंदाना ने भी शादी के एक महीने पूरे होने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि एक महीना हो गया है। शादी करना पहले एक बहुत दूर का ख्याल लगता था, और अब हमें एक महीना हो चुका है… यह पागलपन जैसा है।” रश्मिका ने अपनी पोस्ट में उन महिलाओं की तस्वीरें शेयर कीं, जिन्होंने शादी की तैयारियों में उनकी मदद की। उन्होंने इन महिलाओं को अपना ‘नाइट्स इन शाइनिंग आर्मर’ (ढाल बनकर साथ देने वाली) बताया। उदयपुर में हुई थी ग्रैंड वेडिंग विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 26 फरवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर में एक निजी लेकिन भव्य समारोह में शादी की थी। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद इस कपल ने इस साल शादी करने का फैसला किया। हैदराबाद में हुए उनके रिसेप्शन में कर्नाटक के डिप्टी सीएम समेत फिल्म जगत के कई बड़े सितारों ने शिरकत की थी।

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा की संसद के निचले सदन में खालिस्तानी गतिविधियों पर सख्ती से जुड़ा बड़ा बिल पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ नाम के इस विधेयक के तहत बब्बर खालसा जैसे संगठनों के झंडे और प्रचार सामग्री के सार्वजनिक प्रदर्शन को गैरकानूनी बनाया जाएगा। साथ ही धार्मिक स्थलों के बाहर लोगों को डराने या बाधा डालने को भी अपराध माना जाएगा। हालांकि, कंजर्वेटिव और एनडीपी पार्टियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इसका विरोध किया है। अब यह बिल अंतिम मंजूरी के लिए कनाडा की सीनेट में भेजा गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से रोकना है, जैसे कि खालिस्तानी झंडे लहराना या उनसे जुड़ी सामग्री बांटना। बुधवार को ये बिल पास किया गया। बिल से जुड़ी अहमें बातें… सरकार का पक्ष और अगला कदम इस बिल को पेश करने वाले और ब्लॉक क्यूबेकॉइस के साथ समझौता कराने वाले न्याय मंत्री सीन फ्रेजर ने विरोधियों की आलोचनाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि नया कानून किसी की आस्था को अपराध नहीं बनाएगा। अब यह बिल सीनेट (उच्च सदन) के पास जाएगा, जहां कानून बनने से पहले इसका गहन अध्ययन किया जाएगा। सीनेट के पास अभी भी इस कानून में बदलाव के लिए अपने सुझाव देने का अधिकार है। धार्मिक छूट हटाने पर हुआ समझौता लिबरल पार्टी को ब्लॉक क्यूबेकॉइस का समर्थन एक विशेष शर्त पर मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिबरल्स ने बिल में एक ऐसा क्लॉज शामिल किया है जो कनाडा के हेट स्पीच (घृणा भाषण) कानून से धार्मिक छूट को खत्म कर सकता है। वर्तमान में आपराधिक संहिता में हेट स्पीच के लिए एक छूट का प्रावधान है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सद्भावपूर्ण तरीके से किसी धार्मिक विषय पर अपनी राय रखता है या किसी धार्मिक ग्रंथ में अपने विश्वास के आधार पर तर्क देकर अपनी बात स्थापित करता है, तो उसे हेट स्पीच नहीं माना जाता। नया बिल इस छूट को खत्म करने का प्रस्ताव रखता है। कंजरवेटिव्स ने इस धार्मिक छूट को हटाने वाले प्रावधान का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। कई धार्मिक समूहों ने भी इस पर चिंता जताई है। वहीं, कैनेडियन सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन जैसे नागरिक अधिकार समूहों का मानना है कि इससे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर असर पड़ सकता है और सरकार से असहमति जताने वाली आवाजों पर दबाव बन सकता है। ——— ये खबर भी पढ़ें… कनाडा पुलिस का पंजाबी को ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ नोटिस, परिवार समेत जान का खतरा, निज्जर के साथी रहे खालिस्तान समर्थक, लॉरेंस गैंग पर शक सिख फेडरेशन ऑफ कनाडा के हेड खालिस्तान समर्थक मोनिंदर सिंह व उनके परिवार के लिए पुलिस ने खतरे का अलर्ट जारी किया है। इसके लिए ड्यूटी टू वॉर्न एडवाइजरी जारी की गई है। मोनिंदर कनाडा में गुरुद्वारे के बाहर कत्ल किए गए हरदीप निज्जर के साथी हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को पुणे के एक बड़े लॉजिस्टिक्स कारोबारी राजेंद्र जसूद ने खरात के खिलाफ नौवीं एफआईआर दर्ज कराई। खरात पर राजेंद्र से विदेश में बिजनेस सफल कराने और ‘अवतार पूजा’ के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं, बल्कि रसूखदार लोगों से जुड़े अन्य एंगल की भी जांच की जा रही है, जिसमें लड़कियां सप्लाई करने से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल हो रही है। खरात ने पीड़ित व्यापारी को डराया था कि अगर पूजा नहीं की तो नाग देवता काट लेंगे और उसकी मौत हो जाएगी। इसी खौफ में उसने व्यापारी से 90 लाख रु. की मर्सिडीज कार और फार्महाउस के इंटीरियर के लिए करोड़ों रुपए वसूल लिए। खरात ने कारोबारी को झांसा दिया था कि उसे अवतार पूजा के लिए 21 अलग-अलग कोनों से ऊर्जा बटोरनी होगी। इसके लिए उसने म्यांमार, ग्रीनलैंड और अमेरिका तक यात्राएं कराईं। विधायक की पत्नी भी खरात की ‘खास भक्त’ खरात के ‘ब्रह्मसदन’ और ईशान्येश्वर मंदिर में आम लोगों के साथ-साथ सत्ता से जुड़े लोग भी पहुंचते थे। एक विधायक की पत्नी भी उसकी प्रमुख भक्तों में शामिल बताई जा रही हैं। वह न केवल नियमित रूप से पूजा के लिए आती थीं, बल्कि ट्रस्ट की गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। कई पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों के साथ खरात की तस्वीरें अब जांच के दायरे में हैं। गणित में 28 नंबर वाला सिखा रहा था ‘अंकशास्त्र’ जांच में खरात की 1983 की असली मार्कशीट मिली है, जिसने उसके दावों की पोल खोल दी। खरात खुद को ‘डॉक्टर ऑफ कॉस्मोलॉजी’ और अंकशास्त्र का विशेषज्ञ बताता था, लेकिन वह 10वीं की परीक्षा में फेल हो चुका था। उसे गणित में महज 28 अंक मिले थे पर वह ‘न्यूमेरोलॉजी’ और ‘ग्रह दोष’ के नाम पर अमीर लोगों को प्रभावित करता था। झूमर की लाइट बंद होते ही ‘शुद्धिकरण’ का खेल शुरू स्टाफ समझता था कोड लैंग्वेज… अंदर कब नहीं जाना है एसआईटी प्रमुख तेजस्वी सातपुते की जांच में एक ‘कोड लैंग्वेज’ का पता चला है। केबिन के बाहर एक झूमर लगा था। जब खरात किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के लिए बुलाता, तो झूमर की लाइट बंद कर देता था। स्टाफ समझ जाता था कि अंदर यौन शोषण चल रहा है और किसी को प्रवेश नहीं करना है। वीडियो वायरल करने वालों पर एक्शन इस मामले में पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर करने वाले अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में राहुल शिंदे और योगेश अधव को गिरफ्तार किया गया है।

न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट्स में अब ‘रिजर्वेशन वॉर’:पसंदीदा टेबल चाहिए तो मेंबरशिप के तौर पर चुकानी पड़ रही 23 लाख रुपए तक की फीस

न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट्स में अब ‘रिजर्वेशन वॉर’:पसंदीदा टेबल चाहिए तो मेंबरशिप के तौर पर चुकानी पड़ रही 23 लाख रुपए तक की फीस

अमेरिका में रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बदलाव से गुजर रही है। यहां के पॉश रेस्टोरेंट में टेबल मिलना अब “किस्मत’ नहीं, बल्कि ‘सब्सक्रिप्शन’ का खेल बन चुका है। यानी अब जंग स्वाद के लिए नहीं, बल्कि उस मेज को हासिल करने के लिए हो रही है। इसे ‘रेस्टोरेंट रिजर्वेशन वॉर’ कहा जा रहा है। करीब ₹11,293 करोड़ के बड़े सौदों और लाखों की मेंबरशिप फीस के बीच मोना पंजवानी जैसे रेस्टोरेंट मालिकों के लिए यह केवल बुकिंग का सवाल नहीं है, यह उस ‘कस्टमर डेटा’ पर कब्जे की जंग है, जो तय करता है कि आपकी अगली डिनर डेट कहां और कैसी होगी। पिछले साल जब मोना ने लोअर मैनहट्टन में अपना आलीशान रेस्टोरेंट ‘वन40 रूफटॉप’ खोला, तो उनके पास बेहतरीन शेफ और शानदार मेन्यू था, लेकिन एक बड़ी उलझन थी। बुकिंग किस प्लेटफॉर्म से ली जाए? पंजवानी ने सीएनएन को बताया, ‘यह शहर में मेरा पहला रेस्टोरेंट है, मैं अपनी पहचान बना रही हूं, इसलिए मुझे उन प्लेटफॉर्म्स की जरूरत है जो मुझे लोगों की नजरों में ला सकें।’ आज के दौर में यह फैसला मामूली नहीं है। एक तरफ येगव का सर्वे कहता है कि करीब 40% लोग पैसे बचाने के लिए बाहर खाना कम कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बुकिंग एप्स के बीच होड़ मची है कि कौन सबसे ‘एक्सक्लूसिव’ मेज अपने कब्जे में रखेगा। करीब एक दशक से इस बाजार पर ओपन-टेबल (1998) का राज था, जिसके पास आज 60,000 रेस्टोरेंट्स का नेटवर्क है। फिर 2014 में रेजी आया, जिसने प्रीमियम अनुभव पर फोकस किया। पंजवानी ने ‘रेजी’ को चुना क्योंकि यह अमेरिकन एक्सप्रेस से जुड़ा है, जो हाई-एंड क्लाइंट्स को सीधे उन तक पहुंचाता है। लेकिन अब कहानी में डोर्सिया की एंट्री से ट्विस्ट आया है। इस एप का नाम साल 2000 की मशहूर फिल्म ‘अमेरिकन साइको’ के उस काल्पनिक रेस्टोरेंट पर रखा गया है जहां बुकिंग मिलना नामुमकिन था। यहां मेज पाने के लिए लोग सालभर की मेंबरशिप फीस देते हैं, जो 18,822 रुपए से 23,52,750 रुपए तक जाती है। इसके फाउंडर मार्क लोटेनबर्ग कहते हैं, “रिजर्वेशन की जंग सच में हो रही है।’ डोर्सिया आज रोजाना लगभग 94.11 लाख से 1.88 करोड़ का रेवेन्यू बना रहा है। रेस्टोरेंट सुकून की जगह न रहकर ‘टिकटिंग सिस्टम’ बनकर रह जाएंगे इस बहती गंगा में हाथ धोने के लिए उबर ईट्स और डोरडैश जैसे दिग्गज भी कूद पड़े हैं। डोरडैश ने तो बुकिंग प्लेटफॉर्म ‘सेवनरूम्स’ को करीब 11,293 करोड़ रुपए में खरीद लिया। विशेषज्ञ मार्को शाल्मा कहते हैं, ‘रिजर्वेशन पर कब्जा करने का मतलब है ग्राहक के पूरे अनुभव और डेटा पर कब्जा करना।’ लेकिन लोटेनबर्ग इस पर तंज कसते हैं, ‘लोग उसी एप पर लग्जरी डिनर टेबल बुक नहीं करना चाहते, जिससे वे मैकडॉनल्ड्स का बर्गर मंगाते हैं।’ शाल्मा कहते हैं, ‘जब हर सीट ‘डिजिटल इन्वेंट्री’ बन जाती है, तो रेस्टोरेंट कोई सुकून वाली जगह नहीं, बल्कि एक ‘टिकटिंग सिस्टम’ बन कर रह जाता है।’

मलाइका ने सोराब बेदी संग डेटिंग रूमर्स पर तोड़ी चुप्पी:कहा- लिंक अप की अफवाहों पर मैं और बेटे अरहान हंसते हैं

मलाइका ने सोराब बेदी संग डेटिंग रूमर्स पर तोड़ी चुप्पी:कहा- लिंक अप की अफवाहों पर मैं और बेटे अरहान हंसते हैं

एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने एक्टर सोराब बेदी के साथ उनकी डेटिंग की अफवाहों को खारिज किया। हाल ही में कर्ली टेल्स को दिए इंटरव्यू में मलाइका ने उनके रिलेशनशिप स्टेटस पर चल रही चर्चाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि कभी-कभी ये इरिटेटिंग होता है, लेकिन अब मैं इसे मजाक की तरह लेती हूं। मैं इसे ज्यादा महत्व नहीं देती। मलाइका ने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहों पर वह और उनके बेटे अरहान खान हंसते हैं। वायरल वीडियो के बाद शुरू हुईं डेटिंग की चर्चाएं बता दें कि मलाइका का नाम सोराब बेदी से तब जुड़ा जब दोनों का एक कोजी वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में सोराब मलाइका को गले लगाए डांस करते दिखे थे। हालांकि इस पर एक्टर ने कहा था कि वो और मलाइका सिर्फ दोस्त हैं और कई सालों से एक-दूसरे को जानते हैं। सोराब ने टेली टॉक को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘डेलनाज दारूवाला और वहबिज मेहता ने मेरे मॉडलिंग के दिनों में मुझे रैंप पर चलने का मौका दिया। मेरी उनसे दोस्ती हुई और मैं उनके साथ पार्टियों में जाने लगा। उन्हीं में से एक पार्टी में मैं अपने मेंटर्स के जरिए मलाइका से मिला। वह भी डेलनाज और वहबिज की करीबी दोस्त हैं। इस तरह मलाइका और मेरी दोस्ती हुई। हमारे बीच ऐसा कुछ भी नहीं है।’ सोराब ने आगे कहा था, ‘लोग हमारे बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। किसी लड़की के बारे में कुछ भी बोलने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए। इससे उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। ऐसा नहीं करना चाहिए।’ कई सालों से साथ पार्टी करते हैं सोराब-मलाइका लिंक अप की खबरों पर सफाई देते हुए सोराब ने कहा था, ‘मैं कई सालों से वहबिज, डेलनाज और मलाइका के साथ पार्टियों में जाता रहा हूं। पहले भी मैं मलाइका के साथ तस्वीरें शेयर करता था, लेकिन उस समय मैं जाना-पहचाना चेहरा नहीं था। अब मैं थोड़ा पहचाना जाने लगा हूं, इसलिए लोग इस पर ध्यान दे रहे हैं। मैंने पहले भी ऐसे वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं। दो लोग दोस्त हो सकते हैं। हम एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, लेकिन लोगों ने इसे अलग ही तरह से ले लिया।’