Tuesday, 15 Sep 2026 | 12:49 PM

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मोबाइल से बाहर निकला मनोरंजन, 44% बढ़े लाइव इवेंट:मेगा वेडिंग्स, ग्लोबल कॉन्सर्ट्स के दम पर 1.45 लाख करोड़ का हुआ इवेंट बाजार

मोबाइल से बाहर निकला मनोरंजन, 44% बढ़े लाइव इवेंट:मेगा वेडिंग्स, ग्लोबल कॉन्सर्ट्स के दम पर 1.45 लाख करोड़ का हुआ इवेंट बाजार

डिजिटल स्क्रीन की चमक के बीच भारत की ‘एक्सपीरियंस इकोनॉमी’ करवट ले रही है। जहां सब कुछ ऑनलाइन होने की होड़ मची है, वहीं फिक्की-ईवाई की 2026 की रिपोर्ट एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने लाई है। साल 2025 में मनोरंजन के तमाम डिजिटल माध्यमों को पछाड़ते हुए ‘लाइव इवेंट्स’ ने 44% की रिकॉर्ड बढ़त हासिल की है। यह केवल आंकड़ों का उछाल नहीं, बल्कि भारतीय दर्शकों के बदलते मिजाज का प्रमाण है, जो अब कंटेंट को केवल देखना नहीं, बल्कि उसे अनुभव करना चाहते हैं। साल 2025 में पूरा मीडिया-इंटरटेनमेंट सेक्टर 9% बढ़कर 2.78 लाख करोड़ रुपए का हो गया, लेकिन लाइव इवेंट्स ने सबको पीछे छोड़ दिया। यह बदलाव केवल शौक नहीं, बल्कि एक ‘स्ट्रक्चरल शिफ्ट’ है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘संगठित लाइव इवेंट्स सेगमेंट में 44% की वृद्धि हुई, जिसे टिकट वाले कार्यक्रमों, शादियों जैसे निजी कार्यों, सरकारी आयोजनों और धार्मिक समारोहों पर बढ़ते खर्च ने बढ़ावा दिया।’ महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के वर्ल्ड टूर ने टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप राजस्व में उछाल लाया है। अनुभव आधारित उपभोग अब युवाओं के बीच एक नई प्राथमिकता बन चुका है। लाइव इवेंट्स का यह बाजार 2025 में 145 अरब तक पहुंच गया है और 2028 तक इसके 196 अरब होने का अनुमान है। अब यह केवल दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। आने वाले वर्षों में देश के 20 से अधिक शहर बड़े पैमाने के कार्यक्रमों की मेजबानी करेंगे। 10,000 से अधिक दर्शकों वाले बड़े कॉन्सर्ट के दिनों की संख्या 2025 के 130 से बढ़कर 2028 तक सालाना 200 से अधिक होने की उम्मीद है। दिलचस्प है कि डिजिटल क्रांति लाइव इवेंट्स को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा पहुंचा रही है। सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स प्रशंसकों की संख्या बढ़ा रहे हैं, जिससे टिकटों की बिक्री बढ़ती है। रिपोर्ट में ‘फिजिटल’ अनुभवों के उभरने पर जोर दिया गया है, जहां भौतिक कार्यक्रमों को लाइव स्ट्रीम और वर्चुअल इंटरेक्शन के माध्यम से डिजिटल रूप से विस्तार दिया जा रहा है। शादियां और कुंभ बने लाइव इवेंट के ग्रोथ इंजन आमतौर पर लाइव इवेंट्स का मतलब केवल म्यूजिक कॉन्सर्ट माना जाता है, लेकिन भारत में इस 44% ग्रोथ के पीछे असली ताकत ‘वेडिंग इकोनॉमी’ और ‘धार्मिक पर्यटन’ है। महाकुंभ जैसे आयोजनों ने करोड़ों की भीड़ जुटाई, वहीं प्रीमियम शादियों पर खर्च ने इस सेक्टर को एक मंदी-मुक्त बिजनेस बना दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज रफ्तार के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की ऊंची लागत और जटिल रेगुलेटरी प्रक्रियाएं इस सेक्टर की राह में रोड़ा बन सकती हैं।

वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

धार जिले के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, धार शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और ईंधन की कोई कमी नहीं है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लोग अपने वाहनों की टंकी फुल करवाने की होड़ में लगे हैं। इन क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहें हैं। इसके विपरीत, धार शहर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां किसी भी पेट्रोल पंप पर भीड़ या अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं है। वाहन चालक बिना किसी परेशानी के आसानी से ईंधन भरवा रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि उनके पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कमी या भीड़ केवल अफवाहों का परिणाम है। अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन भरवाएं। वाहन चालकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें शहर में बिना किसी परेशानी के आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। उनका कहना है कि कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है और स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और इसमें कोई बाधा नहीं है।

सेलिना जेटली बोलीं- महीनों से बेटों की आवाज नहीं सुनी:बच्चों के 14वें बर्थडे पर इमोशनल पोस्ट की; पति पर लगा चुकीं टॉर्चर के गंभीर आरोप

सेलिना जेटली बोलीं- महीनों से बेटों की आवाज नहीं सुनी:बच्चों के 14वें बर्थडे पर इमोशनल पोस्ट की; पति पर लगा चुकीं टॉर्चर के गंभीर आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। एक तरफ जहां वे पति पीटर हाग से तलाक और बच्चों की कस्टडी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं, वहीं उनके भाई भी यूएई सरकार की हिरासत में हैं। इस तनाव के बीच सेलिना अपने जुड़वां बेटों को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर बताया कि वे महीनों से अपने बच्चों की आवाज तक नहीं सुन पाई हैं। 14वें जन्मदिन पर नहीं देख पाईं चेहरा सेलिना के जुड़वां बेटों विंस्टन और विराज का 14वां जन्मदिन है, लेकिन एक्ट्रेस उनसे कोसों दूर हैं। इंस्टाग्राम पर बच्चों के साथ पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, मेरे प्यारे विंस्टन और विराज, जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं तुम्हारे पास नहीं रह पाऊंगी। इतने महीनों से तुम्हारी आवाज नहीं सुनी और न चेहरा देख पाई हूं। एक मां अपने बच्चों को पालने के लिए बहुत कुछ सहती है, आज मैं उस दर्द को अपनी हर सांस में महसूस कर रही हूं। पति पर लगाए गंभीर आरोप सेलिना और उनके पति पीटर हाग के बीच विवाद काफी गहरा चुका है। कुछ महीने पहले भारत लौटने के बाद सेलिना ने मुंबई की एक अदालत में पीटर के खिलाफ घरेलू हिंसा और मारपीट का केस दर्ज कराया था। एक्ट्रेस ने पति पर फिजिकल, सेक्शुअल और इमोशनल एब्यूज के संगीन आरोप लगाए हैं। सेलिना का दावा है कि पीटर उन पर कंपनी के डायरेक्टर्स के साथ संबंध बनाने का दबाव डालते थे और उनके प्राइवेट पार्ट में रॉड डालने तक की धमकी देते थे। 50 करोड़ का मुआवजा और बच्चों की कस्टडी की मांग कानूनी लड़ाई में सेलिना ने पति से 50 करोड़ रुपये का मुआवजा और हर महीने 10 लाख रुपए मेंटेनेंस की मांग की है। इसके साथ ही वे अपने तीनों बेटों विंस्टन, विराज और आर्थर की कस्टडी भी चाहती हैं। फिलहाल ये तीनों बच्चे अपने पिता के साथ ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं। सेलिना ने अपने पोस्ट में लिखा कि वे जो कुछ भी कर रही हैं, अपने बच्चों के भविष्य और परिवार को फिर से एक करने के लिए कर रही हैं। भाई भी यूएई की जेल में बंद सेलिना की मुश्किलें सिर्फ पति तक सीमित नहीं हैं। उनके भाई भी इस वक्त यूएई सरकार की हिरासत में हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए वे लगातार प्रयास कर रही हैं। एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट के अंत में बच्चों को हिम्मत रखने की सलाह देते हुए लिखा कि चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में रहें, वे हमेशा उनकी मां बनी रहेंगी और यह लड़ाई जारी रखेंगी।

कुमार सानू के साथ AI फोटो पर भड़कीं कुनिका सदानंद:कहा-शर्म करो, ये आदमी शादीशुदा है, मानहानि केस की चेतावनी दी

कुमार सानू के साथ AI फोटो पर भड़कीं कुनिका सदानंद:कहा-शर्म करो, ये आदमी शादीशुदा है, मानहानि केस की चेतावनी दी

एक्ट्रेस कुनिका सदानंद सिंगर कुमार सानू के साथ AI जनरेटेड फोटो को लेकर भड़क गईं। एक यूजर ने फेक तस्वीर शेयर की, जिसे कुनिका ने गलत बताते हुएपोस्ट हटाने और मानहानि का केस दर्ज करने की चेतावनी दी। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड फोटो शेयर कर कुनिका को टैग करते हुए यूजर ने लिखा, “कृपया मैम, #Sanuncka को भी एक रिप्लाई दे दीजिए।” इस पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, “शर्म करो, ये आदमी शादीशुदा है और इनके बच्चे भी हैं। कोर्ट ने उन्हें पर्सनैलिटी राइट्स भी दिए हैं। इसके लिए तुम मुश्किल में पड़ सकते हो।” उन्होंने आगे लिखा, “उन्हें या मेरी पर्सनल लाइफ को फैन वॉर में घसीटना बंद करो। किसी व्यक्ति के अधिकारों का सम्मान करो। मैं तुम्हारे खिलाफ मानहानि की शिकायत कर रही हूं, इसे हटा दो।” बता दें कि कुनिका सदानंद हाल ही में टीवी शो बिग बॉस 19 में नजर आई थीं। उन्होंने बेटा, गुमराह और खिलाड़ी जैसी कई फिल्मों में काम किया है। कुनिका और कुमार सानू रिलेशनशिप में थे सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में कुनिका सदानंद ने बताया था कि उनका सिंगर कुमार सानू के साथ छह साल तक रिश्ता रहा। एक्ट्रेस ने कहा था, “मैं चाहती थी कि मैं उनके साथ घर बसाऊं, लेकिन उनका घर पहले से बसा हुआ था और सब ठीक था। हो सकता है कि अगर मैं उनकी पत्नी होती, तो मैं वह सब नहीं कर पाती जो मैंने आज किया है, क्योंकि मेरे काम पर उनकी काफी बंदिशें थीं। जैसे-तुम आउटडोर नहीं जाओगी, तुम दुबई शूटिंग करने नहीं जाओगी। इस तरह की कई पाबंदियां थीं।”

ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयास AI करेगा 60% कम:एम्स में अंगदान-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर CME 25, देशभर के विशेषज्ञ कर रहे भोपाल में मंथन

ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयास AI करेगा 60% कम:एम्स में अंगदान-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर CME 25, देशभर के विशेषज्ञ कर रहे भोपाल में मंथन

एम्स भोपाल में 25 मार्च को अंगदान, प्रत्यारोपण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम विषयों पर राष्ट्रीय स्तर का सीएमई आयोजित की गई। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) के साथ हो रहे इस कार्यक्रम में न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच दिया, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर दिशा भी तय की गई। खास बात यह है कि इसमें अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट सिस्टम की चुनौतियों और AI के जरिए इलाज को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में एक्सपर्ट ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर फोकस रहेगा। इसमें बताया जाएगा कि AI कैसे बीमारी की पहचान, इलाज के फैसले और रिसर्च को बेहतर बना रहा है। हाल ही में विकसित AI मॉडल जैसे सिस्टम ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयासों को 60% तक कम कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। एम्स में दिनभर चलेगा अकादमिक मंथन कौटिल्य भवन स्थित लेक्चर थिएटर में सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक यह कार्यक्रम चलेगा। इस दौरान एक्सपर्ट भविष्य के ट्रांसप्लांट प्लान को शेयर करेंगे। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक प्रो. योगेश चावला, मेडांटा के डॉ. अरविंद कुमार, एस्टर अस्पताल के डॉ. सोनल अस्थाना, IIT इंदौर की डॉ. अतरेयी घोष और कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंगदान और ट्रांसप्लांट पर फोकस पहले सत्र में देश में अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट की जरूरत, कानूनी ढांचा और अस्पतालों की तैयारियों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे अंगदान को बढ़ावा देकर ज्यादा मरीजों को जीवन दिया जा सकता है। पैनल डिस्कशन और ओपन हाउस भी कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन, एक्सपर्ट लेक्चर और ओपन हाउस सेशन होंगे। इससे डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछने और अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की पहल एम्स भोपाल के अनुसार यह कार्यक्रम अंगदान को बढ़ावा देने और AI जैसी तकनीकों को अपनाने की दिशा में अहम कदम है। इससे भविष्य में मरीजों को बेहतर, तेज और सटीक इलाज मिल सकेगा।

तमिलनाडु चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए अन्नाद्रमुक उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची | राजनीति समाचार

New Zealand vs South Africa Live Score, 5th T20I: Follow latest updates from the 5th match of the series from Christchurch's Hagley Oval. (X)

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 11:35 IST एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु चुनाव के लिए 23 उम्मीदवारों की घोषणा की। प्रतिनिधित्व के लिए छवि: पीटीआई तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी, अन्नाद्रमुक ने बुधवार को राज्य विधानसभा चुनावों के लिए 23 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की, जिसमें पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र एडप्पादी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। तमिलनाडु में विधानसभा के 234 सदस्यों को चुनने के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का नेतृत्व कर रही पार्टी ने अपनी प्रारंभिक सूची में केपी मुनुसामी, डिंडीगुल सी श्रीनिवासन और नाथम आर विश्वनाथन सहित कई वरिष्ठ नेताओं को बरकरार रखा है। थोंडामुथुर और कुमारपालयम से क्रमशः एसपी वेलुमणि और पी थंगामणि सहित प्रमुख नेताओं को भी मैदान में उतारा गया है। पूरी सूची देखें एडप्पादी के पलानीस्वामी – एडप्पादी सी. विजयबास्कर – विरालीमलई एमआर विजयभास्कर – करूर एसपी वेलुमणि – थोंडामुथुर डी. जयकुमार – रोयापुरम नाथम आर. विश्वनाथन – नाथम पी. थंगमणि – कुमारपालयम सी.वे. शनमुगम – मैलम सेलूर के. राजू – मदुरै पश्चिम केपी अंबाझगन – पलाकोड आर. कामराज – नन्निलम ओएस मणियन – वेदारण्यम सी. विजयबास्कर – विरालीमलई कदम्बुर सी. राजू – कोविलपट्टी आरबी उदयकुमार – तिरुमंगलम केटी राजेंथ्रा भालाजी – शिवकाशी पी. बेंजामिन – मदुरावॉयल एग्री एसएस कृष्णमूर्ति – कलासपक्कम वीवी राजन चेल्लप्पा – तिरुप्परनकुंड्रम केसी करुप्पन्नन – भवानी केसी वीरमणि – जोलारपेट एमआर विजयभास्कर – करूर एस. राजेंद्रन – अरियालुर तमिलनाडु में द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन, अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन और अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के साथ तीन-तरफा मुकाबला होने वाला है। 2021 में तमिलनाडु चुनाव में, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) ने 159 सीटें हासिल कीं। डीएमके ने अकेले 133 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की और 25 वर्षों में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया। एनडीए को 75 सीटें मिलीं, जिनमें से 66 एआईएडीएमके ने जीतीं। पहले प्रकाशित: मार्च 25, 2026, 11:22 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए एआईएडीएमके उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2024(टी)एआईएडीएमके उम्मीदवार सूची(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी एडप्पादी निर्वाचन क्षेत्र(टी)तमिलनाडु में एकल चरण में मतदान 23 अप्रैल(टी)तमिलनाडु में एनडीए(टी)डीएमके एआईएडीएमके बीजेपी तीन तरफा मुकाबला(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम टीवीके(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 4 मई

कनाडा एडमोंटन हाईवे मर्डर केस में आरोपी अरेस्ट:पंजाबी मूल के युवक पर चलाई गोलियां, दोस्तों के साथ घूमने जा रहा था

कनाडा एडमोंटन हाईवे मर्डर केस में आरोपी अरेस्ट:पंजाबी मूल के युवक पर चलाई गोलियां, दोस्तों के साथ घूमने जा रहा था

कनाडा के अल्बर्टा स्टेट में स्थित हाईवे-QEII पर पंजाबी मूल के युवक बीरइंदर सिंह की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने इस मामले में 18 वर्षीय युवक जिमी गैसनर को गिरफ्तार किया है। RCMP के मुताबिक, आरोपी जिमी गैसनर को सस्केचेवान के कैनो लेक से गिरफ्तार किया गया। उस पर सेकेंड डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है। उसे वापस अल्बर्टा लाया गया है, जहां उसकी कोर्ट में पेशी होगी। पुलिस का मानना है कि ट्रक में एक से अधिक लोग सवार थे, जिनकी तलाश जारी है। 14 मार्च को हुई इस घटना में 22 वर्षीय बीरइंदर की गर्दन में गोली लग गई थी। वह अपनी कार पर बैठा था। हमलावरों ने ट्रक में आकर उस पर हमला किया था और उसके बाद फरार हो गए थे। बीरइंदर के साथ उसके साथी भी थे, जिन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी मौत हो गई। 3 साल पहले कनाडा गया था बीरइंदर बीरइंदर सिंह 3 साल पहले कनाडा गया था और पिछले 5 महीनों से एडमोंटन में रह रहा था। वह वहां कंस्ट्रक्शन का काम करता था। बीरइंदर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की सोच रहा था। 14 मार्च को बीरइंदर अपने 2 बचपन के दोस्तों के साथ पहली बार बैनफ घूमने जा रहा था। पुलिस ने बताया कि दोपहर लगभग 2:50 बीरइंदर अपनी होंडा सिविक कार चला रहा था। तभी एक सफेद पिकअप ट्रक उनकी कार के बगल में आया। ट्रक सवार 2 लोगों ने पहले बीरइंदर की तरफ दोस्ती का इशारा किया। गर्दन में गोली लगने से हुई मौत गोली बीरइंदर की गर्दन में लगी। उनके दोस्तों ने कार पर नियंत्रण पाकर उसे सड़क किनारे रोका और मदद के लिए पुलिस को काल की, लेकिन ज्यादा खून बहने के कारण बीरइंदर की मौके पर ही मौत हो गई थी। हेट क्राइम के एंगल से जांच कर रही पुलिस वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन (WSO) के अल्बर्टा चैप्टर के अध्यक्ष जसकरण संधू ने बताया कि कार में सवार तीनों युवक पगड़ीधारी थे। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि वे ‘हेट क्राइम’ के एंगल से भी जांच कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक हत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे।

MP के कॉलेजों पर सवा करोड़ से ज्यादा बकाया:उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च तक का दिया समय, बिजली-जलकर का करना होगा पेमेंट

MP के कॉलेजों पर सवा करोड़ से ज्यादा बकाया:उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च तक का दिया समय, बिजली-जलकर का करना होगा पेमेंट

मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों पर लंबित बिजली बिल और जलकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 333 कॉलेजों पर करोड़ों का बकाया प्रदेश के 333 कॉलेजों पर बिजली और जलकर का सवा करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुछ महीने पहले एमपी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने करीब 1.33 करोड़ रुपए की रिकवरी सूची जारी की थी। अब तक इसका पूरा भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान के लिए बजट उपलब्ध, फिर भी देरी विभाग के अनुसार इन मदों के भुगतान के लिए ग्लोबल बजट उपलब्ध है, इसके बावजूद संस्थानों द्वारा भुगतान लंबित रखा गया है। स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल रिकवरी सूची में कॉलेजों के साथ स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। विभिन्न विभागों के नाम से दर्ज मीटरों पर बकाया सामने आया है। जलकर भुगतान भी समय पर नहीं नगर निगम और नगर पालिकाओं के जलकर का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे हजारों रुपए की देनदारी बढ़ गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मार्च माह के भीतर बिजली बिल और जलकर सहित सभी बकाया राशि का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। बिजली दरों की भी जानकारी जारी विभाग के अनुसार 10 किलोवॉट तक के कनेक्शन पर 162 फिक्स चार्ज और 6.70 रुपए प्रति यूनिट, जबकि 10 किलोवॉट से अधिक पर 281 रुपए फिक्स चार्ज और 6.90 रुपए प्रति यूनिट दर लागू है।

सेंसेक्स 1205 अंक चढ़कर 75,273 पर बंद:निफ्टी में भी 394 अंक की तेजी रही, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स 1205 अंक चढ़कर 75,273 पर बंद:निफ्टी में भी 394 अंक की तेजी रही, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 25 मार्च को तेजी रही। सेंसेक्स 1,205 अंक (1.63%) की तेजी के साथ 75,273 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 394 अंक (1.72%) की तेजी रही, ये 23,306 पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में बढ़त रही। आज ऑटो, बैंकिंग, मेटल और FMCG शेयर ज्यादा चढ़े। बाजार में तेजी के 3 मुख्य कारण एशियाई बाजार में भी तेजी अमेरिकी बाजार में 24 मार्च को तेजी रही क्रूड की कीमतें 5% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल आया आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ब्रेंट क्रूड आज 5% बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। वहीं इंडियन बास्केट की कीमतो में 7% की तेजी है, ये 157 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 24 मार्च को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 1372 अंक (1.89%) की तेजी के साथ 74,068 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 400 अंक (1.78%) की तेजी है, ये 22,912 पर पहुंच गया। आज बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा खरीदारी रही।

30000 फीट पर फ्लाइट में हंगामा, IPS ने संभाली कमान:तीन युवक नशे में चिल्लाने लगे- प्लेन क्रैश होने वाला है, रोने लगे थे बच्चे-महिलाएं

30000 फीट पर फ्लाइट में हंगामा, IPS ने संभाली कमान:तीन युवक नशे में चिल्लाने लगे- प्लेन क्रैश होने वाला है, रोने लगे थे बच्चे-महिलाएं

हवा में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत का खौफ और सिरफिरे उपद्रवियों का तांडव… यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि इंडिगो की गुवाहाटी-दिल्ली फ्लाइट में घटी वो हकीकत है जिसने यात्रियों की सांसें अटका दी थीं। घटना 8 मार्च की है। रात के करीब 8:30 बजे थे। इंडिगो की फ्लाइट ने गुवाहाटी से दिल्ली के लिए उड़ान भरी ही थी। नीचे जमीन पर भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच चल रहा था। ऊपर आसमान में फ्लाइट में सवार तीन युवकों ने अचानक चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया- प्लेन क्रैश होने वाला है। फिर क्या था… विमान के टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद इन युवकों की इस अफवाह ने पूरे केबिन में दहशत फैला दी। सफर कर रहे बच्चे-महिलाएं डर के मारे रोने लगीं। जब एयर होस्टेस और क्रू मेंबर्स ने इन उपद्रवियों को समझाने की कोशिश की, तो वे उनसे भी उलझ गए और अभद्रता पर उतारू हो गए। माहौल पूरी तरह ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका था और चंद सेकंड की देरी किसी बड़े हादसे या भगदड़ का सबब बन सकती थी। राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी भी उसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। पंकज चौधरी अपनी सीट से उठे। उन्होंने देखा कि विमान के भीतर अराजकता चरम पर है। बिना एक पल गंवाए, उन्होंने एक जिम्मेदार अफसर के नाते मोर्चा संभाला। अपनी सूझबूझ से न केवल उपद्रवी युवकों को कंट्रोल किया, बल्कि फ्लाइट लैंड होते ही CISF बुलाकर उनके हवाले किया। पंकज चौधरी फिलहाल राजस्थान पुलिस मुख्यालय में कम्युनिटी पुलिसिंग के एसपी हैं। कैसे इस पूरे मामले को कंट्रोल किया? घटना क्या थी? युवक क्यों हंगामा कर रहे थे? ऐसे सवालों के जवाब IPS पंकज चौधरी से जानते हैं… सवाल : प्लेन में उस रात क्या हुआ था। पूरी घटना बताइए? जवाब : यह कुछ विशेष घटना है….मैं पिछले 15 -20 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं। फ्लाइट में ऐसी घटना मैंने कभी नहीं देखी। 30 से 35 हजार की हाइट पर विमान उड़ रहा था। अचानक मेरी सीट से कुछ दूरी पर बैठे 25 से 30 साल की उम्र के 3 युवकों ने शोर मचाना शुरू किया। उनका व्यवहार अचानक बदल गया था। वो चिल्लाने लगे- फ्लाइट क्रैश होने वाली है। महिला क्रू मेंबर्स दौड़कर पास पहुंचीं। लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी तीनों युवक रुक नहीं रहे थे। यहां तक की तीनों युवकों ने महिला क्रू मेंबर के साथ भी अभद्रता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इधर छोटे बच्चे और महिलाएं काफी डर गईं। तीनों लगातार पिछले 10-15 मिनट से शोर मचा रहे थे। इसके बावजूद क्रू मेंबर उन्हें सख्ती से हैंडल नहीं कर रहा था। हमें लगने लगा था कि आने वाले ढाई घंटे का सफर ऐसे ही पैनिक होने वाला है। मैंने क्रू मेंबर को बुलाया और कहा- आप एसओपी का पालन नहीं कर रहे हैं, आप काम सही नहीं कर रहे। इसके बाद मैंने तीनों युवकों को कड़े शब्दों में डांटा। अपना परिचय दिया और चिल्लाने से रोका। उनसे कहा- जो आप कर रहे हैं उससे पूरे प्लेन में बैठे लोग डर गए हैं। आप जो कर रहे हैं वह कानून विरोधी है। इसके बाद तीनों युवक बैठ गए। तब तक मैं भी उनके पास ही बैठा रहा। जैसे ही ढाई घंटे बाद नीचे उतरे, मैंने सीआईएसएफ की क्यूआरटी बुलवाई। तीनों युवकों को डिटेन कर के उन से पूछताछ की गई। औपचारिक रूप से इस घटना को दर्ज कराया गया। सीआईएसएफ ने इन युवकों से माफी भी मंगवाई। अब मैंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इंडिगो ने क्रू मेंबर के खिलाफ जांच बिठाई हुई है। सवाल : आखिर कितना पैनिक हो गया था कि आपको IPS की भूमिका में आना पड़ा? जवाब : 8 मार्च का दिन था। भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच था। सभी लोग अच्छे माहौल में फ्लाइट में बैठे हुए थे। फ्लाइट टेक ऑफ होते ही नेटवर्क चला गया था। ऐसे में सब लोग शांति से बैठे थे। अचानक शोर-शराबा होने लगा। मैंने उठकर देखा तो पता चला कि कुछ लोग बदमाशी कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स को ये काम करना होता है कि कोई उपद्रवी है तो उसे कंट्रोल करे। लेकिन यहां क्रू मेंबर्स का फेलियर दिखाई दिया। मुझे लगा कि अभी कोई स्टेप नहीं लिया तो ये युवक आने वाले ढाई घंटे तक उपद्रव करेंगे। हमारी सीट के आसपास बच्चे-महिलाएं डरे हुए थे। फिर बेचैनी में लोगों की तबीयत भी खराब होने का डर था। जब मामला आउट ऑफ कंट्रोल होते देखा तो मैंने भी आउट ऑफ द वे जाकर गाली गलौज कर रहे तीनों युवकों से बात की। काफी समझाने के बाद तीनों शांत हुए। सवाल : तीनों युवकों ने आखिर इतना हंगामा किया क्यों? जवाब : दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लैंड करते ही मैंने CISF के अधिकारियों से बात की। कुछ 2-3 मिनट में सीआईएसएफ की QRT टीम ने विमान के दरवाजे पर पॉजिशन ले ली। तीनों अभद्रता करने वाले यात्रियों को फ्लाइट से बाहर निकलते ही डिटेन कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की तो तीनों युवक घुटनों पर गिर कर माफी मांगने लगे। एक युवक ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात कराई तो उन्होंने कहा कि बेटे ने शराब पी ली होगी, उसे माफ कर दीजिए, आगे से वह नहीं करेगा। तीनों ने शराब पी हुई थी। उनमें एक तो योगा टीचर था। मैंने उससे पूछा- क्या उम्र के इस पड़ाव में उन्हें फ्लाइट में यह सब करना शोभा दे रहा है। फ्लाइट में बैठे लोग डर में थे, किसी को परेशानी हो जाती तो क्या होता, लोगों की जान पर बन गई थी। जब आप लोग प्लेन क्रैश होगा चिल्ला रहे थे। सब लोग डर गए थे। सवाल : आप आईपीएस हैं, इसलिए सिचुएशन कंट्रोल कर पाए, क्या कॉमन मैन भी ये काम कर सकता है? जवाब : मुझे दुख इस बात का है कि फ्लाइट में ये घटना 15 से 20 मिनट तक चली। मैंने तुरंत रिएक्शन नहीं दिया, तीनों युवकों के आसपास 20 से 25 लोग बैठे थे। किसी ने युवकों का विरोध नहीं किया। चुपचाप तीनों युवकों की हरकतें सुनते रहे और सहते रहे। आज के दौर में कोई व्यक्ति नहीं चाहता है कि