प्राइवेट पार्ट पर मस्से होने की क्या है वजह? किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा, कैसे मिलेगा छुटकारा

Last Updated:March 23, 2026, 13:50 IST Warts on Private Parts: प्राइवेट पार्ट पर मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो जेनिटल वॉर्ट्स एक सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन है. यह वायरस असुरक्षित यौन संबंध बनाने और संक्रमित व्यक्ति के स्किन के संपर्क से फैलता है. प्राइवेट पार्ट के मस्से हटाने के लिए कई तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं. जेनिटल वॉर्ट्स की सबसे बड़ी वजह ह्यूमन पैपिलोमावायरस है. HPV and Genital Warts: हाथ-पैर और गर्दन पर मस्से हो जाएं, तो लोग इन्हें नजरअंदाज करते हैं. ये मस्से जिंदगीभर बने रहते हैं और अधिकतर लोग इसका कोई ट्रीटमेंट नहीं कराते हैं. कई बार लोगों के प्राइवेट पार्ट पर या इसके आसपास मस्से हो जाते हैं. इन मस्सों से लोगों को समस्याएं होती हैं और वे शर्मिंदगी के कारण इस बारे में किसी से बात भी नहीं करते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार प्राइवेट पार्ट पर मस्से होना एक कॉमन, लेकिन सेंसिटिव समस्या है. मेडिकल की भाषा में इन्हें जेनिटल वॉर्ट्स (Genital Warts) कहा जाता है. ये मस्से आमतौर पर जानलेवा नहीं होते हैं, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर ये बढ़ सकते हैं. अमेरिका की क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जेनिटल वॉर्ट्स की सबसे बड़ी वजह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) है. यह एक प्रकार का सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) है. यह वायरस त्वचा से त्वचा के संपर्क के जरिए फैलता है. असुरक्षित यौन संबंध, एक से अधिक पार्टनर होना या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह वायरस फैल जाता है. खास बात यह है कि कई बार व्यक्ति में वायरस होने के बावजूद लक्षण दिखाई नहीं देते, फिर भी वह दूसरों को संक्रमित कर सकता है. इसके लक्षणों की बात करें तो जेनिटल वॉर्ट्स छोटे-छोटे उभरे हुए दाने या मस्सों की तरह दिखाई देते हैं, जो त्वचा के रंग या हल्के ग्रे कलर के हो सकते हैं. ये मस्से जननांग, गुदा, जांघों के आसपास या महिलाओं में योनि के अंदर भी हो सकते हैं. कई बार ये फूलगोभी जैसे गुच्छों के रूप में भी दिखाई देते हैं. आमतौर पर इनमें दर्द नहीं होता, लेकिन खुजली, जलन, हल्का खून आना या असहजता महसूस हो सकती है. जेनिटल वॉर्ट्स का कोई परमानेंट नहीं है, लेकिन मस्सों को हटाया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर की सलाह से क्रीम, केमिकल ट्रीटमेंट, क्रायोथेरेपी, लेजर या सर्जरी के जरिए प्राइवेट पार्ट के मस्सों को हटाया जा सकता है. कुछ मामलों में ये अपने आप भी ठीक हो सकते हैं, लेकिन इलाज करवाने से संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है. इलाज के दौरान यौन संबंध से बचना जरूरी होता है. इन मस्सों से बचने के लिए सेफ संबंध बनाना जरूरी है. कंडोम का इस्तेमाल संक्रमण के खतरे को कम करता है, हालांकि यह पूरी तरह सुरक्षा नहीं देता. एक ही पार्टनर के साथ संबंध रखना, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना भी जरूरी है. डॉक्टर्स की मानें तो HPV वैक्सीन भी जेनिट वॉर्ट्स से बचने का एक असरदार तरीका है. यह वैक्सीन एचपीवी वायरस से काफी हद तक बचाव कर सकती है. आमतौर पर इस वैक्सीन को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद कारगर माना जाता है और इस कैंसर की वजह भी HPV वायरस होता है. ऐसे में अगर आप एचपीवी वैक्सीन लगवा लेंगे, तो सर्वाइकल कैंसर के अलावा एचपीवी वायरस से होने वाली कई समस्याओं से बचाव कर सकते हैं. यह वैक्सीन लड़के और लड़कियां दोनों लगवा सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 23, 2026, 13:50 IST
विशाल ददलानी ने धुरंधर 2 पर कसा तंज:नोटबंदी वाले सीन पर सवाल उठाए; बोले- फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए, फैक्ट्स अलग हैं

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉर्मेंस के बीच सिंगर विशाल ददलानी ने फिल्म की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए आदित्य धर के निर्देशन पर निशाना साधा है। विशाल ददलानी ने फिल्म में दिखाए गए नोटबंदी के मुद्दे पर लिखा फैक्ट्स तो फैक्ट्स ही होते हैं। फिल्म मनोरंजन के लिए देखिए, लेकिन जानकारी सही सोर्स से लीजिए। यह याद रखना जरूरी है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन है, फैक्ट्स तो फैक्ट्स ही होते हैं, चाहे कुछ भी हो जाए।” फिल्म में नोटबंदी को बताया गया ‘सीक्रेट मिशन’ फिल्म में साल 2016 की नोटबंदीको एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में दिखाया गया है। फिल्म के मुताबिक, यह पीएम का ‘ऑपरेशन ग्रीन लीफ’ नाम का एक सीक्रेट मिशन था, जिसका मकसद दाऊद इब्राहिम और जावेद खनानी के 60,000 करोड़ रुपये के नकली नोटों के नेटवर्क को तबाह करना था। फिल्म में दिखाया गया है कि इस फैसले से आतंकी फंडिंग पूरी तरह बर्बाद हो गई। विशाल ने आरबीआई के आंकड़े बताए विशाल ददलानी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों और न्यूज आर्टिकल्स के हवाले से दावा किया कि नोटबंदी के बाद 99.3% पुराने नोट वापस बैंकिंग सिस्टम में लौट आए थे। नोटबंदी के बावजूद टेरर फंडिंग और आतंकी हमले (जैसे 2019 का पुलवामा हमला) बंद नहीं हुए। फिल्म ने 4 दिन में 750 करोड़ कमाए आलोचनाओं के बावजूद धुरंधर 2 बीते 4 दिनों में वर्ल्ड वाइड 750 करोड़ की कमाई कर चुकी है। कल यानी रविवार को फिल्म ने भारत में 114.85 करोड़ रुपए की कमाई की। यह फिल्म पुष्पा 2′ (₹762 करोड़) के बाद भारतीय सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है।
क्या फ्रिज में रखा हुआ खाना बार-बार गर्म करना सही है? जानिए सेहत पर इसका क्या असर पड़ता है और स्टोरेज का सही तरीका

Last Updated:March 23, 2026, 13:03 IST Food Storage Tips: फ्रिज में रखा खाना बार-बार गर्म करना आसान जरूर लगता है, लेकिन यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे खाने के पोषक तत्व कम हो जाते हैं और बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं. कुछ फूड जैसे चावल, चिकन और हरी सब्जियां बार-बार गर्म करने से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. सही तरीका यही है कि खाना एक बार ही गर्म करें और सही तरीके से स्टोर करें. छोटी सावधानियां अपनाकर आप खुद को फूड पॉयजनिंग और पेट की समस्याओं से बचा सकते हैं. Food Storage Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर एक बार में ज्यादा खाना बना लेते हैं और फिर उसे फ्रिज में रखकर कई बार गर्म करके खाते हैं. यह आदत देखने में बहुत आसान और टाइम सेविंग लगती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही आदत आपकी सेहत के लिए धीरे-धीरे नुकसानदायक बन सकती है. बार-बार गर्म किया हुआ खाना न केवल अपने पोषक तत्व खो देता है, बल्कि उसमें बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है. खासकर जब खाना सही तरीके से स्टोर न किया गया हो या बार-बार बाहर निकालकर फिर फ्रिज में रखा गया हो, तो उसमें हानिकारक तत्व पैदा हो सकते हैं. कई लोग यह मानते हैं कि गर्म करने से खाना सुरक्षित हो जाता है, लेकिन सच यह है कि हर बार गर्म करने से उसकी क्वालिटी और सेफ्टी दोनों कम होती जाती हैं. इसलिए जरूरी है कि हम इस आदत को समझें और सही तरीका अपनाएं ताकि सेहत पर इसका गलत असर न पड़े. बार-बार गर्म करने से खाने में क्या बदलाव आते हैं: जब आप किसी खाने को बार-बार गर्म करते हैं, तो उसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं. खासकर प्रोटीन और विटामिन जैसे तत्व गर्मी से जल्दी टूट जाते हैं. इसके अलावा, कुछ खाने जैसे चावल, आलू और दाल को बार-बार गर्म करने पर उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. यह बैक्टीरिया खाने को खराब बना देते हैं और पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. बार-बार गर्म करने से खाने का स्वाद भी बदल जाता है और उसका टेक्सचर भी खराब हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google किन खाने को बार-बार गर्म करना ज्यादा नुकसानदायक होता है: कुछ ऐसे फूड आइटम होते हैं जिन्हें बार-बार गर्म करना ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है. जैसे चावल में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं अगर उसे सही तरीके से स्टोर न किया जाए. चिकन और अंडे जैसे प्रोटीन वाले फूड को बार-बार गर्म करने से उनमें हानिकारक कंपाउंड बन सकते हैं. हरी सब्जियां भी बार-बार गर्म करने पर अपने पोषक तत्व खो देती हैं और उनका स्वाद भी खराब हो जाता है. इसलिए ऐसे खाने को खास सावधानी के साथ इस्तेमाल करना चाहिए. बार-बार गर्म करने से सेहत पर क्या असर पड़ता है: बार-बार गर्म किया हुआ खाना खाने से पेट दर्द, गैस, उल्टी और फूड पॉयजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसा खाना खाने से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता. इससे इम्यूनिटी पर भी असर पड़ सकता है. कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह छोटी-छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती हैं. फ्रिज में खाना रखने और गर्म करने का सही तरीका: अगर आप बचा हुआ खाना इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे सही तरीके से स्टोर करना बहुत जरूरी है. खाना ठंडा होने के बाद तुरंत फ्रिज में रख दें और एयर टाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें. खाने को जितना खाना हो उतना ही बाहर निकालें और एक बार ही गर्म करें. कोशिश करें कि खाना बार-बार फ्रिज से बाहर निकालकर वापस न रखें. माइक्रोवेव या गैस पर खाना अच्छी तरह से गर्म करें ताकि उसमें मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो सकें. साथ ही 24 घंटे के अंदर खाना खा लेना बेहतर रहता है. किन बातों का ध्यान रखना चाहिए: खाना हमेशा साफ बर्तनों में रखें और फ्रिज का तापमान सही बनाए रखें. ज्यादा दिनों तक रखा हुआ खाना खाने से बचें. अगर खाने में बदबू या स्वाद में बदलाव लगे तो उसे तुरंत फेंक दें. यह छोटी-छोटी सावधानियां आपको बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं. First Published : March 23, 2026, 13:03 IST
इंपैक्ट फीचर:छोटे शहर से बड़े रिकॉर्ड तक, सीकर के राष्ट्रीय स्तर पर IIT डेस्टिनेशन बनने की कहानी

कभी-कभी आंकड़े अपनी कहानी खुद बयां कर देते हैं। लगातार बढ़ती चयन संख्या, ऑल इंडिया रैंक ऐसे संकेत अक्सर बड़े शिक्षा केंद्रों जैसे कोटा या दिल्ली की ओर इशारा करते थे, लेकिन असल में यह कहानी है सीकर की, जहां छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब 4 लाख की आबादी वाला राजस्थान का छोटा-सा शहर सीकर अब IIT चयन में राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है। तुलना करें तो दिल्ली (लगभग 2 करोड़), मुंबई (करीब 2 करोड़) और बेंगलुरु (1.3 करोड़ से अधिक) जैसे महानगर वर्षों से JEE तैयारी के बड़े केंद्र रहे हैं। जनसंख्या और इंफ्रास्ट्रक्चर में छोटा शहर होने के बावजूद, सीकर पिछले एक दशक में कई मामलों में बड़े शहरों से भी बेहतर सिलेक्शन देता नजर आया है। इसके पीछे है Matrix Academy, Sikar का JEE Division, जिसने सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मिडिल क्लास के छात्रों के सपनों और संभावनाओं को एक नई दिशा दी। छोटे शहर से बड़ी उपलब्धियों तक का यह सफर बताता है कि सही मार्गदर्शन और स्ट्रैटेजी के साथ कोई भी मंज़िल मुश्किल नहीं। सीकर, जो कभी इंजीनियरिंग प्रिपरेशन के मानचित्र पर एक मामूली शहर के रूप में जाना जाता था, आज JEE की प्रतिस्पर्धा में अपनी बहुत बड़ी पहचान बना चुका है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि परसेंटाइल के हिसाब से सीकर के रिजल्ट न केवल कम्पेरेबल पॉपुलेशन वाले शहरों बल्कि इंडिया के किसी भी बड़े शहर से भी काफी आगे हैं। सीकर कैसे IIT प्रिपरेशन के लिए इंडिया के मेन पेज पर आया? ज्यादातर जगहों पर IIT कोचिंग या तो पुराने तरीके से चलती है या फिर किसी नेशनल इंस्टिट्यूट की ब्रांच होती है, जो हेड ऑफिस से मैनेज होती है। लेकिन सीकर में कुछ खास हुआ, और उसी खास ने पूरे IIT कोचिंग लैंडस्केप को बदल दिया। 2014 में सीकर में टॉप IIT और IIM ग्रेजुएट्स, जो सामान्यतः केवल मेट्रो सिटीज में मिलते हैं, उन्होंने मिलकर एक नई शुरुआत की। इस टीम में ऐसे लोग थे जिन्होंने खुद IIT एंट्रेंस में ऑल इंडिया लेवल पर जनरल कैटेगरी में टॉप-20 रैंक हासिल की थी। उन्होंने IIT कानपुर, IIT खड़गपुर, IIM अहमदाबाद, IIM कलकत्ता जैसी जगहों पर पढ़ाई करके कॉम्पिटिशन एग्जाम प्रिपरेशन और मैनेजमेंट को डीपली स्टडी किया हुआ था, उन्होंने न केवल योजना बनाई बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ हर पहलू को सिस्टमैटिकली लागू किया। Maitrix Classroom का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों को एग्जाम के लिए तैयार करना नहीं था, बल्कि उन्हें एक स्ट्रक्चर्ड, डिसिप्लिन्ड और डेटा-ड्रिवन शैक्षणिक वातावरण देना था। फाउंडर्स के टॉप IIT/IIM बैकग्राउंड के चलते उन्होंने वो सारे सिस्टम्स इम्प्लीमेंट किए, जो आमतौर पर बड़े मल्टीनेशनल सेटअप्स और वर्ल्ड के टॉप इंस्टिट्यूट्स में ही देखने को मिलते हैं। संस्थान ने अपने प्रारंभिक वर्षों में छोटे बैच साइज, नियमित टेस्ट सिस्टम और प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत प्रोग्रेस पर फोकस करना शुरू किया। इस अप्रोच ने छात्रों को न केवल एकेडमिकली बल्कि मेंटली भी स्ट्रॉन्ग बनाया। सफलता का प्रमाण हैं आँकड़े, विश्लेषण से स्पष्ट होती है गुणवत्ता सीकर स्थित Matrix Classroom ने JEE Main और JEE Advanced में लगातार मजबूत परिणाम दर्ज किए हैं और जब इन आँकड़ों का विश्लेषण किया जाता है, तो तैयारी की वास्तविक गुणवत्ता स्पष्ट दिखाई देती है। JEE Main April 2023 में ● 7 छात्रों ने 99.90%ile से ऊपर स्कोर किया ● 13 छात्रों ने 99.80%ile से ऊपर अंक प्राप्त किए ● 47 छात्रों ने 99.50%ile से ऊपर प्रदर्शन किया ● 94 छात्रों ने 99.00%ile से अधिक स्कोर किया ● 1732 छात्र JEE Advanced 2023 के लिए क्वालिफाई हुए ● साथ ही मयंक सोनी ने 100.00%ile प्राप्त कर All India Joint Topper स्थान हासिल किया JEE Main April 2024 में परिणाम और सशक्त हुए ● 7 छात्रों ने 99.90%ile से ऊपर स्कोर किया ● 27 छात्रों ने 99.80%ile से अधिक अंक प्राप्त किए ● 86 छात्रों ने 99.50%ile से ऊपर प्रदर्शन किया ● 219 छात्रों ने 99.00%ile से अधिक स्कोर किया ● 2056+ छात्र JEE Advanced के लिए क्वालिफाई हुए ● 23 छात्रों ने Physics, Chemistry और Maths में 100%ile हासिल की JEE Main 2025 (Session-1) ● 15+ छात्रों ने 99.9+ परसेंटाइल प्राप्त किया। ● 231+ छात्रों ने 99+ परसेंटाइल हासिल किया। ● 11 छात्रों ने AIR Top 1000 के अंदर स्थान प्राप्त किया। ● लगभग 75% छात्रों ने परीक्षा क्वालीफाई की। विश्लेषण क्या दर्शाता है? इन आँकड़ों का विश्लेषण यह बताता है कि सफलता केवल टॉपर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न श्रेणियों में बड़ी संख्या में छात्रों का निरंतर प्रदर्शन संस्थान की व्यापक और संतुलित तैयारी को दर्शाता है। 2023 से 2025 के बीच 99%ile से ऊपर स्कोर करने वाले छात्रों और Advanced क्वालिफायर की संख्या में स्पष्ट वृद्धि यह संकेत देती है कि Matrix Classroom की शिक्षण प्रणाली स्थिर, प्रभावी और परिणाम- उन्मुख है। साफ है, यह केवल परिणाम नहीं, बल्कि निरंतर सुधार और सुव्यवस्थित मॉडल का प्रमाण है। Matrix के नेतृत्व की दृष्टि से JEE सफलता अनिल गोरा, B.Tech, IIT Kharagpur, कहते हैं, “JEE में सफलता किसी एक टॉपर से नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से मापी जाती है। पिछले एक दशक में हमारा फोकस डेटा-ड्रिवन टेस्ट एनालिसिस और परफॉर्मेंस ट्रैकिंग पर रहा है। हर छात्र की प्रगति को माइक्रो लेवल पर मॉनिटर करने से परिणाम स्थिर और प्रतिस्पर्धी बने हैं।” इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक वातावरण की बात करें तो नरेंद्र कोक, B.Tech, IIT Kharagpur, बताते हैं, “राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी का वातावरण भी वैसा ही होना चाहिए। हमने केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहते हुए उसे अकादमिक दक्षता से जोड़ा। स्मार्ट क्लासरूम, नियंत्रित बैच साइज और नियमित मूल्यांकन प्रणाली ने छात्रों को अनुशासित तैयारी का मंच दिया। यही गुणवत्ता-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार परिणामों की नींव है।” राजेंद्र बुरड़क, B.Tech, SIST University ने शैक्षणिक अनुशासन की अहमियत पर बल दिया। उनका कहना है, “प्रतिभा हर शहर में है, लेकिन उसे परिणाम में बदलने के लिए अनुशासन आवश्यक है। हमारी नियमित उपस्थिति नीति, समयबद्ध असाइनमेंट और साप्ताहिक मूल्यांकन प्रणाली ने छात्रों को निरंतरता सिखाई है। JEE की तैयारी में यही निरंतरता निर्णायक होती है।” अनुपम अग्रवाल, B.Tech, IIT Kanpur ने बताया, “हर चयन के पीछे व्यक्तिगत मेंटरिंग की भूमिका होती है। हम छात्रों की केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि मानसिक
जारा ने चीन में आधी दुकानें बंद की:फास्ट फैशन की जंग में चीनी ब्रांड शीन-टेमू को दी मात, प्रीमियम कस्टमर पर फोकस, रिकॉर्ड 4.3 लाख करोड़ की बिक्री

फैशन जगत में जब शीन और टेमू जैसे चीनी ब्रांड्स ने ‘अल्ट्रा-चीप’ मॉडल से तहलका मचाया, तो माना गया कि जारा को टिके रहने के लिए कीमतें घटानी होंगी। लेकिन स्पेनिश दिग्गज इंडिटेक्स ने इसके उलट ‘प्रीमियम रणनीति’ अपनाई। ये स्पेनिश क्लॉदिंग ग्रुप है, जिसकी कुल बिक्री का दो-तिहाई हिस्सा जारा से आता है। नतीजा? साल 2025 में कंपनी की सालाना बिक्री 4.3 लाख करोड़ और शुद्ध कमाई रिकॉर्ड 67 हजार करोड़ रुपए पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6% अधिक है। जारा का ऑपरेटिंग प्रॉफिट प्रतिद्वंद्वी एचएंडएम से पांच गुना ज्यादा है। रोथ्सचाइल्ड बैंक के जेफ लोअरी के अनुसार, फास्ट-फैशन को ‘लग्जरी लुक’ के साथ बेचना अब रंग ला रहा है। इंडिटेक्स ने कीमत के बजाय स्टाइल पर फोकस किया। कंपनी ने 50वीं वर्षगांठ पर नामी फोटोग्राफर स्टीवन मेसेल और टॉप मॉडल्स के साथ ‘लग्जरी कैंपेन’ चलाया, जिसने ब्रांड की छवि बदल दी। मेसेल लग्जरी ब्रांड्स के साथ काम करने के लिए जाने जाते हैं। इस शूट के हेयर स्टाइलिस्ट और मेकअप आर्टिस्ट भी उसी आला दर्जे के थे। इन विज्ञापनों में बीते 30 वर्षों की हर टॉप-पेड मॉडल को डोना समर के गाने ‘आई फील लव’ पर थिरकते हुए दिखाया गया। यह ग्लैमर इंडिटेक्स के लिए एक सफल रणनीति का प्रतीक है। आज इंस्टाग्राम पर जारा के विज्ञापन किसी महंगे लग्जरी हाउस जैसे दिखते हैं। ग्रुप के फाउंडर अमानसियो ओर्टेगा ने जारा को एक फुर्तीले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर खड़ा किया है, जो हर हफ्ते नया स्टॉक पेश करता है। इससे डेड-स्टॉक का जोखिम कम होता है और ब्रांड को ऊंची कीमतें रखने की ताकत मिलती है। बर्नस्टीन के विलियम वुड्स कहते हैं कि जारा उन 30-40 साल के खरीदारों को टार्गेट करता है जो एचएंडएम के ग्राहकों से अधिक समृद्ध हैं। शीन और टेमू जैसे चीनी ‘इवन-फास्टर-फैशन’ रिटेलर्स की प्रतिस्पर्धा ने एचएंडएम समेत कई प्रतिद्वंद्वियों को कीमतें घटाने पर मजबूर किया। फुर्तीला बिजनेस मॉडल, हर हफ्ते नए आइटम उतार रहे इंडिटेक्स के प्रमुख ऑस्कर गार्सिया मसेइरास इस सफलता का श्रेय कंपनी के आधे दशक पुराने बिजनेस मॉडल को देते हैं। संस्थापक अमानसियो ओर्टेगा ने इस व्यवसाय को एक फुर्तीले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के इर्द-गिर्द भुना है, जो ग्राहकों की पसंद के आधार पर माल को तुरंत बदलने की अनुमति देता है। जारा और उसके सहयोगी ब्रांड हर हफ्ते, और कभी-कभी हफ्ते में दो बार नए आइटम पेश करने का लक्ष्य रखते हैं। इससे यह जोखिम कम हो जाता है कि ब्रांड ऐसे कपड़े बनाए जिन्हें कोई नहीं चाहता और फिर उन्हें भारी छूट पर बेचना पड़े। यह जारा को ऊंची कीमतें निर्धारित करने की छूट भी देता है, क्योंकि इसके कपड़े लोकप्रिय शैलियों को तुरंत अपना लेते हैं। 2021 में मार्टा ओर्टेगा के प्रेसिडेंट बनने के बाद जारा और अधिक ‘प्रीमियम’ हुआ है। ब्रांड ने हाल ही में जॉन गैलियानो और स्टेफानो पिलाती जैसे दिग्गज डिजाइनरों के साथ साझेदारी की है। सुपर बाउल में गायक ‘बैड बनी’ की स्टाइलिंग भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पर्सनल शॉपर्स, लग्जरी बुटीक के आइडिया से बड़ा बदलाव लाई इंडिटेक्स प्रमुख ऑस्कर गार्सिया मसेइरास कहते हैं, ‘ग्राहक अब कपड़ों की खरीद से परे कुछ और (अनुभव) तलाश रहे हैं।’ जारा ने चीन में अपनी लोकेशन आधी कर दी है, लेकिन बाकी बची दुकानों को बड़ा और आलीशान बनाया। इसका असर यह हुआ कि डॉयचे बैंक के अनुसार, 2022-25 के बीच प्रति वर्ग मीटर बिक्री 46% बढ़ी है। ब्रांड अब ‘फास्ट फैशन’ की छवि छोड़ ‘किफायती लक्जरी’ की ओर बढ़ रहा है, जहां ग्राहकों को हाई-एंड बुटीक जैसा अहसास मिलता है। अब स्टोर में हैंडबैग-जूतों के लिए अलग बुटीक एरिया और ग्राहकों की मदद के लिए ‘पर्सनल शॉपर्स’ मौजूद हैं। जारा का यह ‘लग्जरी टच’ अब मुनाफे की नई इबारत लिख रहा है।
न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विमान और फायर ट्रक की टक्कर:एयर ट्रैफिक कंट्रोलर चिल्लाता रहा- स्टॉप, स्टॉप; प्लेन का आगे का हिस्सा तबाह, 4 घायल

अमेरिका के न्यूयॉर्क में ला गार्डिया एयरपोर्ट पर रविवार रात (स्थानीय समयानुसार) एयर कनाडा एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग के समय रनवे पर एक फायर ट्रक से टकरा गया। इससे विमान का आगे का हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया। यह फ्लाइट मॉन्ट्रियल से आ रही थी। टक्कर के तुरंत बाद रनवे 4 को बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लागू करते हुए सभी फ्लाइट ऑपरेशन रोक दिए गए और आने वाली उड़ानों को डायवर्ट किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ फायरफाइटर्स और विमान में 4 सवार यात्री घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। हालांकि अभी पूरी जानकारी साफ नहीं है। हादसे से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने विमान और ग्राउंड वाहन दोनों को रुकने के लिए कहा था, लेकिन फिर भी टक्कर हो गई। इस घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट्स रोक दीं और जांच शुरू कर दी गई है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने विमान को रोकने की कोशिश की थी लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने विमान को रोकने की कोशिश की थी। वायरल ऑडियो में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने पहले ट्रक को रनवे पार करने की अनुमति दी थी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद कंट्रोलर लगातार “स्टॉप, स्टॉप, ट्रक 1” चिल्लाता रहा। हालांकि, कुछ ही सेकंड में टक्कर हो गई। कंट्रोलर की आवाज रिकॉर्डिंग में सुनाई देती है- “JAZZ 646, आप वाहन से टकरा गए हैं, वहीं रुके रहें, मदद पहुंच रही है।” फ्लाइट लैंडिंग के बाद रनवे पर करीब 130 मील प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विमान के आगे के हिस्से में नुकसान और कॉकपिट उठा हुआ दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों को डायवर्ट किया गया फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने एयरक्राफ्ट इमरजेंसी घोषित करते हुए तुरंत ग्राउंड स्टॉप लगा दिया। एयरपोर्ट को सोमवार दोपहर 2 बजे तक बंद रखने की बात कही गई है। एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया था या उन्हें वापस भेज दिया गया। हादसे में शामिल विमान CRJ-900 था, जिसे जैज एविएशन ऑपरेट करता है। इसमें करीब 76 यात्रियों की क्षमता होती है। फ्लाइट रात करीब 10:30 बजे मॉन्ट्रियल से रवाना हुई थी और लगभग एक घंटे बाद ला गार्डिया पहुंची। हादसे से पहले एयरपोर्ट ने बारिश और कोहरे की चेतावनी दी थी घटना के बाद रनवे पर बड़ी संख्या में इमरजेंसी वाहन पहुंच गए। रात 2 बजे तक रनवे पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था। हादसे से पहले एयरपोर्ट ने हल्की बारिश और कोहरे के कारण फ्लाइट डिसरप्शन की चेतावनी दी थी। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रनवे पर वाहन कैसे पहुंचा और टक्कर कैसे हुई। ———————- ये खबर भी पढ़ें… महिला की लाश के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान: हॉन्गकॉन्ग से लंदन उड़ान में टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्ते भर बदबू से परेशान रहे पैसेंजर ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में रविवार को एक महिला यात्री की टेकऑफ के करीब 1 घंटे बाद मौत हो गई। इसके बाद उनका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा रहा। शव को विमान के पीछे वाले हिस्से में रखा गया था, जहां फर्श गर्म था। पूरी खबर पढ़ें…
कांग्रेस का BRICS+ समिट को लेकर पीएम से सवाल:पूछा- पश्चिम एशिया संकट पर समिट आगे क्यों नहीं बढ़ा रहे 'विश्वगुरु'

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि वेस्ट एशिया संकट से निपटने के लिए BRICS+ समिट को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा। पार्टी का आरोप है कि मोदी अमेरिका और इजराइल को नाराज नहीं करना चाहते। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पोस्ट में कहा- भारत इस साल नई दिल्ली में 18वीं BRICS+ समिट की मेजबानी करने वाला है। ऐसे में सरकार को वेस्ट एशिया संकट पर कूटनीतिक पहल के लिए इस मंच का इस्तेमाल करना चाहिए। खुद को ‘विश्वगुरु’ बताने वाले प्रधानमंत्री इस दिशा में पहल क्यों नहीं कर रहे हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते। केवल फोन कॉल के जरिए बातचीत की सीमाएं होती हैं, जबकि समिट के जरिए ठोस फैसले और आमने-सामने बातचीत ज्यादा प्रभावी हो सकती है। G20 पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने कहा कि इस साल G20 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है और इससे कोई ठोस नतीजा निकलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह मंच सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह सकता है। पहले भी सरकार पर साधा था निशाना कांग्रेस ने पिछले हफ्ते भी केंद्र सरकार की आलोचना की थी। पार्टी का कहना था कि BRICS+ चेयर होने के बावजूद भारत ने वेस्ट एशिया संघर्ष पर कोई सामूहिक बयान जारी नहीं किया। शनिवार को भी कांग्रेस ने अमेरिका-इजराइल के हमले की निंदा न करने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।
बांग्लादेश IPL बैन पर समीक्षा करेगा:खेल मंत्री बोले-स्थिति को समझने के बाद इस पर फैसला लेंगे; सुरक्षा रिपोर्ट के बाद PSL पर भी निर्णय

बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर लगे बैन की समीक्षा जल्द हो सकती है। युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने क्रिकबज’से बातचीत में कहा कि वे इस बात की भी जांच करेंगे कि दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग IPL के प्रसारण पर बांग्लादेश में बैन क्यों लगाया गया है। वे स्थिति को समझने के बाद इस पर दोबारा फैसला लेंगे। वहीं, सुरक्षा चिंताओं के आधार पर खिलाड़ियों के PSL में खेलने पर भी अंतिम फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा। खेल और राजनीति को मिक्स नहीं करेंगे-अमीनुल हक प्रोफेसर यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लिया था। इसके साथ ही बांग्लादेश में IPL के प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला उस विवाद के बाद लिया गया था, जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से मुस्तफिजुर रहमान को हटाया गया था। हालांकि, मौजूदा युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ बेहतर और दोस्ताना संबंध चाहता है। अमीनुल हक ने बताया कि ईद की छुट्टियों के बाद क्रिकेट बोर्ड के साथ बैठक की जाएगी, जिसमें IPL पर लगे बैन के कारणों की समीक्षा होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि खेल का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और दोनों देशों के बीच खेल संबंध सामान्य रहने चाहिए। सुरक्षा पर BCB की रिपोर्ट का इंतजार खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सरकार से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा,’अगर सुरक्षा को लेकर कोई खतरा है, तो हमारे खिलाड़ी निश्चित रूप से नहीं जाएंगे। पहले बोर्ड हमें इस बारे में जानकारी देगा, फिर हम अपनी नेशनल एजेंसियों की जांच के आधार पर आधिकारिक फैसला लेंगे।’ बंद दरवाजों के पीछे होगा टूर्नामेंट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रविवार को ही घोषणा की है कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण PSL 2026 के मैचों को केवल लाहौर और कराची तक सीमित कर दिया गया है। साथ ही, ये सभी मैच ‘बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स’ यानी बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। कई देशों ने अपने खिलाड़ियों के लिए ट्रेवल एडवाइजरी भी जारी की है। इस पर अमीनुल ने कहा,’अगर BCB हमें भरोसा दिलाता है कि कोई समस्या नहीं है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम खेल को रोकना नहीं चाहते, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है।’ इन 6 खिलाड़ियों को मिल चुका है NOC बांग्लादेश के 6 प्रमुख खिलाड़ियों को पहले ही बोर्ड से एनओसी (NOC) मिल चुका है। इनमें मुस्तफिजुर रहमान और परवेज हुसैन इमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं। यह टूर्नामेंट 26 मार्च से 3 मई तक होना है। अब इन खिलाड़ियों का भविष्य सरकार के अंतिम फैसले पर टिका है।
हिमाचल में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल:₹5 तक प्रति लीटर बढ़ेंगी कीमतें, अनाथ-विधवाओं के लिए सेस लगाया, लोकल समेत टूरिस्ट पर पड़ेगी मार

हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ साथ पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली समेत देश के सभी राज्यों से पहाड़ों की सैर पर आने वाले टूरिस्ट पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है। हिमाचल सरकार ने आज (सोमवार को) विधानसभा में पेट्रोल-डीजल पर ‘अनाथ-विधवा सेस’ लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 विपक्ष के विरोध के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया है। सरकार का तर्क है कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए रेगुलर इनकम जरूरी है। इसके ईंधन पर ‘अनाथ और विधवा सेस’ लगाया जा रहा है। अब इस विधेयक को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यह कानून बन कर लागू हो जाएगा। इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि तय है। सदन में आज इस विधेयक पर चर्चा हुई। इस दौरान बीजेपी ने 5 रुपए बढ़ौतरी का विरोध किया। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि पहले ही पेट्रोल बहुत महंगा है। 5 रुपए ओर सेस लगाकर पेट्रोल 100 से ऊपर और डीजल 90 रुपए के आसपास पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इतना सेस लगाना तर्क संगत नहीं है। आम आदमी पार्टी जैसी बात कर रही बीजेपी: CM सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जैसी बात पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कर रही है, वैसी ही बात हिमाचल में बीजेपी भी कर रही है। उन्होंने कहा- अनाथ एवं विधवाओं के लिए लगाए गए सेस का विरोध गलत है। हिमाचल बीजेपी नेता केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करवाए। बता दें कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते शुक्रवार को ही यह विधानसभा में पेश कर दिया था। आज इसे चर्चा के बाद पारित किया गया। हालांकि, सरकार का दावा है कि सेस की वलूसी पेट्रोल-डीजल सोर्स संचालकों से की जाएगी। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से ये असर पड़ेगा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी का असर न केलव आम आदमी पर पड़ेगा, बल्कि किसानों-बागवानों और हर साल हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर आने वाले 3 करोड़ से अधिक टूरिस्ट पर भी पड़ेगा। पर्यटकों को भी महंगे दाम पर पेट्रोड-डीजल भरवाना पड़ेगा। ईंधन के दाम में बढ़ौतरी के बाद खाद्य वस्तुओं के दाम में इजाफा और पहाड़ों पर घर बनाना महंगा हो जाएगा। एक साथ पांच रुपए तक प्रति लीटर की कीमत बढ़ने से निर्माण सामग्री, सेब और किसानों की फसलों की ढुलाई के साथ साथ बस किराए में भी इजाफा हो सकता है। कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना लक्ष्य: CM वहीं, कांग्रेस सरकार सामाजिक सुरक्षा के नाम पर नया आर्थिक मॉडल तैयार करने के दावे कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह उपकर उसी दिशा में एक ठोस पहल है, जिससे जरूरतमंदों को निरंतर सहायता मिल सकेगी। क्यों लगाया जा रहा नया उपकर हिमाचल विधानसभा में पेश विधेयक के अनुसार राज्य में पहले से अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इनके लिए स्थायी और समर्पित फंड की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को दूर करने के लिए सरकार ने संशोधन विधेयक लाया। अलग कल्याण कोष में जाएगा पैसा सरकार का दावा है कि इस सेस से जुटाई गई पूरी राशि अनाथ एवं विधवा वेलफेयर फंड में जमा होगी। इस फंड का उपयोग सीधे जरूरतमंदों की सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में किया जाएगा।
लापरवाही बरतने पर उदयनगर टीआई लाइन अटैच:देवास में दुष्कर्म पीड़िता के बेटे के सुसाइड का मामला; ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम

देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम भीकूपुरा में एक दुष्कर्म मामले में त्वरित कार्रवाई न करने और इसके चलते कानून व्यवस्था बिगड़ने पर एसपी पुनीत गेहलोद ने थाना प्रभारी चुन्नीलाल रायकवार को लाइन अटैच कर दिया है। आरोपी पर कार्रवाई न होने से आहत होकर पीड़िता के बेटे ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद शनिवार (21 मार्च) को आक्रोशित ग्रामीणों ने पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया था। एसपी ने टीआई को पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का जिम्मेदार माना है। महिला से खेत में हुआ था दुष्कर्म, कार्रवाई न होने पर बेटे ने दी जान यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के गांव भीकूपुरा का है, जहां एक महिला के साथ खेत में दुष्कर्म की घटना हुई थी। आरोप है कि पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की लापरवाही और आरोपी पर कार्रवाई न होने से व्यथित होकर पीड़िता के बेटे ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए बागली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। शनिवार को सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम दुष्कर्म पीड़िता के बेटे की मौत के बाद गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर भीकूपुरा में मृतक का शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन और चक्काजाम से क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। एसपी के आदेश में उल्लेख- टीआई की लापरवाही से बिगड़े हालात मामले की गंभीरता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने उदयनगर थाना प्रभारी चुन्नीलाल रायकवार पर यह कार्रवाई की है। एसपी पुनीत गेहलोद ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि थाना प्रभारी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती गई। इसी लापरवाही के कारण 21 मार्च को ग्राम भीकूपुरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बनी।








