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किडनी की पथरी गला देगी, फेफड़ों को साफ करेगी, दिल से लेकर पाइल्स तक में काम आती है ये औषधि! घर पर उगेगी

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Last Updated:March 21, 2026, 17:36 IST Health Tips: कई लोग घरों में पत्थरचट्टा का पौधा लगाते हैं, जो खूबसूरत होने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर है. आयुर्वेद में इसे जादुई दवा माना गया है. इसकी पत्तियों का रस किडनी स्टोन, जोड़ों के दर्द और मूत्र रोगों में फायदेमंद है. रोज सुबह खाली पेट पत्तियों का सेवन लाभकारी माना जाता है. Health Tips: विंध्य क्षेत्र में प्रकृति ने ऐसे अनेक औषधीय पौधे दिए हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के कई बीमारियों के इलाज में कारगर माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी पौधा कहा जाता है. यह पौधा खासतौर पर गुर्दे की पथरी को गलाने में बेहद उपयोगी माना जाता है. वहीं हृदय, त्वचा, मूत्र और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं में भी लाभ पहुंचाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये कि इसे घर पर छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे यह हर घर की घरेलू जड़ी-बूटी बन सकता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि पत्थरचट्टा वास्तव में एक रामबाण औषधि है. यह पौधा कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है और लगभग हर क्षेत्र में पाया जाता है. विशेष रूप से मध्य प्रदेश में इसकी अधिकता देखी जाती है. आमतौर पर इसकी ऊंचाई एक से दो फुट तक होती है और इसके मोटे व रसदार पत्तों में औषधीय गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो शरीर की कई आंतरिक समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. जानें क्यों कहा गया ब्रह्म औषधि?डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, पत्थरचट्टा का सबसे प्रमुख उपयोग गुर्दे की पथरी को गलाने में होता है. इसके नियमित सेवन से मूत्र मार्ग साफ रहता है और पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है. यही वजह है कि इसे मूत्र संबंधी विकारों के लिए एक ब्रह्म औषधि माना जाता है. इसके अलावा यह हृदय रोगियों के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूती देता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है. त्वचा, घाव, सूजन में भी कारगरत्वचा संबंधी समस्याओं में भी यह पौधा काफी असरदार माना गया है. यदि किसी को घाव, सूजन या चोट हो जाए तो इसके पत्तों को कुचलकर रस निकालकर प्रभावित जगह पर लगाने से सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरता है. साथ ही यह पाइल्स (बवासीर) जैसी समस्याओं में भी राहत देने का काम करता है. अलग-अलग क्षेत्रों में इसे पत्थरचट्टा और अमरपत्ता जैसे नामों से जाना जाता है. ऐसे करें सेवनडॉ. विपिन सिंह ने बताया कि पत्थरचट्टा का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है. इसके रस का 10 से 15 मिलीलीटर सुबह-शाम सेवन किया जा सकता है. चूर्ण के रूप में 1 से 3 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ लिया जा सकता है, जबकि काढ़े के रूप में 20 से 30 मिलीलीटर सुबह और शाम सेवन करना लाभकारी होता है. वहीं, त्वचा पर उपयोग के लिए इसके रस को सीधे लगाकर पट्टी बांधी जा सकती है. पत्थरचट्टा सिर्फ एक औषधीय पौधा ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक स्वास्थ्य का खजाना है. यदि इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह कई बीमारियों से बचाव और उपचार में मददगार साबित हो सकता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : March 21, 2026, 17:36 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

मंडला में युवक चकोर नदी में डूबा, मौत:पिता के साथ मछली पकड़ते समय पैर फिसलने से हादसा

मंडला में युवक चकोर नदी में डूबा, मौत:पिता के साथ मछली पकड़ते समय पैर फिसलने से हादसा

मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह चकोर नदी में मछली पकड़ने गए 24 साल के युवक की डूबने से मौत हो गई। यह घटना शीतला मंदिर के पीछे स्थित नदी क्षेत्र में हुई, जिससे इलाके में शोक है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 1 का निवासी संदीप नंदा अपने पिता मनोज नंदा के साथ सुबह करीब 4 बजे मछली पकड़ने के लिए चकोर नदी गया था। इसी दौरान अचानक संदीप का पैर फिसल गया और वह संतुलन बिगड़ने के कारण गहरे पानी में चला गया। अंधेरा और पानी गहरा होने की वजह से वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूब गया। मौके पर ही तोड़ा दम हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों और परिजन ने तुरंत खोजबीन शुरू की। काफी मशक्कत के बाद संदीप को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। जवान बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही नैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का बीम महिला पर गिरा, मौत:बैतूल में पंचायत निधि से बना; दीवार में दरार की आने पर की थी तोड़फोड़

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का बीम महिला पर गिरा, मौत:बैतूल में पंचायत निधि से बना; दीवार में दरार की आने पर की थी तोड़फोड़

बैतूल में खेड़ी सांवलीगढ़ के नवनिर्मित पंचायती शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक बड़ा हादसा हो गया। दीवार तोड़ते समय छत का सीमेंट का बीम गिरने से एक महिला मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक महिला की पहचान 45 वर्षीय छाया पति पंजाबराव के रूप में हुई है। हादसे में उनका चेहरा बुरी तरह चोटिल हो गया था। घायल मजदूर 58 वर्षीय डीका शेषराव का इलाज जारी है। दोनों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने छाया को मृत घोषित कर दिया। मृतिका का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पंचायत निधि से लगभग छह माह पहले 15 दुकानों के साथ बनाया गया था। दुकान आवंटन के बाद एक दुकानदार ने दुकान में दरार आने की शिकायत की थी। इसी के बाद पंचायत ने मरम्मत कार्य के लिए मजदूरों को लगाया गया था। मरम्मत के दौरान दीवार तोड़ते समय यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि दीवार तोड़ते समय दीवार तो कॉम्प्लेक्स के पीछे गिर गई लेकिन बीम महिला मजदूर पर जा गिरा। इस घटना ने कॉम्प्लेक्स के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह कॉम्प्लेक्स 15 दिन पहले ही तैयार हुआ बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

‘नागरिकता इंजीनियरिंग सरकार…’, बंगाल चुनाव से पहले केंद्र पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

'नागरिकता इंजीनियरिंग सरकार...', बंगाल चुनाव से पहले केंद्र पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी एनआरसी के बाद एनआरसी और आधार के नाम पर लोगों की पहचान हो सकती है। कैथोलिक कांग्रेस की घोषणापत्र जारी करने के दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में चुनाव से पहले ही ‘अनोपाचारिक राष्ट्रपति शासन’ को लोकतांत्रिक बना दिया गया था। एनआरसी और छात्रावास को लेकर आरोपममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव के बाद एनआरसी और एनआरसी के जरिए लोगों की नागरिकता खत्म करने की योजना बना रही है। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी प्रयास के विरुद्ध रहने की अपील की। ‘अवैधिक राष्ट्रपति शासन’ का दावामुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केन्द्र एवं विद्युत आयोग की कारवाईयों के कारण राज्य में प्रभावशाली रूप से ‘अवैध राष्ट्रपति शासन’ लागू हो गया है। उनका कहना है कि यह कदम पहले चुनाव से लेकर सम्राट को प्रभावित करने के लिए उठाया गया है। परिसीमन और आर्किटेक्चर का आरोपएथिक्स प्रमुखों ने दावा किया कि केंद्र सरकार इलेक्ट्रोरेक्टर कमीशन के साथ मिलकर परिसीमन की योजना बना रही है, ताकि बीजेपी को आगामी चुनाव में फायदा मिल सके। अधिकारियों के जवाब पर सवालममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग भाजपा के संस्थापक राज्य के अधिकारियों का भंडार कर रहा है, जिससे चुनाव से पहले अनुकूल मोराणा बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इससे धन और संपत्ति की स्टॉक को बढ़ावा मिल सकता है। सर और नाम का विमोचनमुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक खास समुदाय का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 60 लाख मामलों में से 22 लाख का भुगतान हो चुका है और करीब 10 लाख नाम सूची से बाहर कर दिया गया है, दस्तावेज जांच की जरूरत है। (पीटीआई-भाषा के गैजेट्स के साथ) (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय नागरिकता(टी)सीएए(टी)ममता बनर्जी(टी)एनआरसी(टी)पीएम मोदी(टी)ममता बनर्जी(टी)चुनाव आयोग(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी) पीएम मोदी(टी)भारतीय नागरिकता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी का आरोप

बुरहानपुर में तीन ईदगाहों पर अदा हुई ईद की नमाज:रोजों के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद और बांटी सिवैयां; सुरक्षा में ड्रोन से निगरानी

बुरहानपुर में तीन ईदगाहों पर अदा हुई ईद की नमाज:रोजों के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद और बांटी सिवैयां; सुरक्षा में ड्रोन से निगरानी

बुरहानपुर में मुस्लिम समाज ने शनिवार को ईदुल फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर की तीन प्रमुख ईदगाहों और सभी मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज अदा की गई। एक माह तक रोजे रखने के बाद चांद दिखने पर यह त्योहार मनाया जाता है। शाही जामा मस्जिद के अतिरिक्त सिंधी बस्ती स्थित शाही ईदगाह में सुबह 7:15 बजे, सिलमपुरा स्थित फारूकी ईदगाह में सुबह 7:30 बजे और गणपति नाका स्थित कदमे रसूल ईदगाह में सुबह 7:15 बजे ईदुल फितर की नमाज अदा की गई। इस दौरान देश और दुनिया में अमन, शांति तथा भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं। गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं। समाजजन एक-दूसरे के घरों पर पहुंचे और शिरखुरमा व सिवैयां खिलाकर मुंह मीठा कराया, जिससे त्योहार की खुशियां और बढ़ गईं। बच्चों में भी इस दौरान खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव भी बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने ईदगाह पर मुस्लिम समाज के लोगों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे।

दतिया में ईद-उल-फितर पर 10 स्थानों पर अदा हुई नमाज:ईदगाह और मस्जिदों में उमड़े नमाजी, अमन-चैन की मांगी दुआ

दतिया में ईद-उल-फितर पर 10 स्थानों पर अदा हुई नमाज:ईदगाह और मस्जिदों में उमड़े नमाजी, अमन-चैन की मांगी दुआ

दतिया जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर सहित पूरे जिले में करीब 10 स्थानों पर सामूहिक नमाज अदा की गई, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। सुबह से ही ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोग नए कपड़े पहनकर ईदगाह और मस्जिदों की ओर रवाना हुए। शहर की प्रमुख ईदगाह और बड़ी मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी एकत्रित हुए। ईदगाह और मस्जिदों में अदा हुई नमाज निर्धारित समय पर इमाम ने नमाज अदा कराई, जिसके बाद सभी ने हाथ उठाकर देश की तरक्की और समाज में शांति बनाए रखने की प्रार्थना की। नमाज के दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण रहा। नमाज के बाद आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में भी खासा उत्साह नजर आया और उन्होंने ईदी लेकर त्योहार का आनंद लिया। अन्य कस्बों में भी रही रौनक, प्रशासन सतर्क दतिया के अलावा भांडेर, इंदरगढ़ और सेवढ़ा में भी ईदगाहों पर सामूहिक नमाज अदा की गई। सभी स्थानों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात रहा और पूरे जिले में व्यवस्था शांतिपूर्ण बनी रही।

नवरात्रि अप्पे रेसिपी: नवरात्रि व्रत में झटपट समक के अप्पे, स्वाद ऐसा कि पूरे 9 दिन यही खाना शुरू!

नवरात्रि अप्पे रेसिपी: नवरात्रि व्रत में झटपट समक के अप्पे, स्वाद ऐसा कि पूरे 9 दिन यही खाना शुरू!

समक के अप्पे रेसिपी:नवरात्रि के पावन दिनों में हमारे भारतीय घरों में फलाहार का अपना ही एक अलग स्वाद और महत्व होता है। नौ दिनों के व्रत में अक्सर हम कुट्टू की पूरी, साबूदाने की सब्जी या आलू के टुकड़े बोर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप कुछ प्रभावशाली, कम तेल वाला और बेहद स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो आपके लिए समक के अप्पे एकदम परफेक्ट रेसिपी है। यह पारंपरिक फलाहारी व्यंजन बाहर से कुरकुरा और अंदर से बेहद कुरकुरा होता है। बता दें कि इसे बनाना बहुत ही आसान है। तो जानिए क्या है इसे बनाने की आसान विधि- समक के अप्पे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री समक के अप्पे बनाने की आसान विधि

‘बकवास, प्रोपेगैंडा फिल्म’: AIMIM प्रवक्ता ने की धुरंधर 2 पर प्रतिबंध की मांग | राजनीति समाचार

Explosions erupt following strikes at Tehran Oil Refinery in Tehran on March 7, 2026. (Image: AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 21, 2026, 10:47 IST वारिस पठान ने कहा कि वह धुरंधर 2 जैसी “निरर्थक, प्रचारात्मक फिल्में” देखने से बचते हैं। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान (छवि: एएनआई) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने उदाहरण के तौर पर धुरंधर: द रिवेंज का हवाला देते हुए सरकार से “प्रचार” फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। मुंबई में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, पठान ने शुक्रवार को रणवीर सिंह-अभिनीत फिल्म की आलोचना की और आरोप लगाया कि ऐसी फिल्में मुसलमानों को नकारात्मक रूप से चित्रित करती हैं और गलत सूचना और नफरत फैलाती हैं। उनकी टिप्पणी तब आई है जब फिल्म को यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ-साथ राम्या स्पंदना और प्रकाश राज जैसे अभिनेताओं की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। #घड़ी | मुंबई: ‘धुरंधर: द रिवेंज’ फिल्म पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान का कहना है, “मैं ऐसी बकवास प्रोपेगेंडा फिल्में नहीं देखता, जो सिर्फ झूठ पर आधारित हों। कुछ घटिया लोग हैं, जो चंद रुपये कमाने के लिए नफरत और झूठ फैलाते हैं और उन्हें कुछ नहीं पता… pic.twitter.com/DkT0vMyYbA– एएनआई (@ANI) 20 मार्च 2026 एएनआई से बात करते हुए, पठान ने कहा कि वह धुरंधर 2 जैसी “निरर्थक, प्रचार फिल्में” देखने से बचते हैं, उनका दावा है कि वे झूठ फैलाते हैं। उन्होंने आगे कहा, “कुछ घटिया लोग हैं जो सिर्फ कुछ रुपये कमाने के लिए नफरत और झूठ फैलाते हैं। वे नहीं जानते कि कुछ और कैसे कमाया जाए। वे नोटबंदी जैसे वास्तविक दुनिया के उदाहरणों का उपयोग कर रहे हैं, भले ही हर कोई सच्चाई जानता है कि लोग लाइनों में कैसे खड़े थे… सरकार को ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए…” पठान ने यह भी आरोप लगाया कि धुरंधर 2 जैसी फिल्में “मुसलमानों को खलनायक के रूप में चित्रित करके” पैसा कमाती हैं। उन्होंने कहा, “मनोरंजन के लिए या वास्तविक इतिहास दिखाने के लिए फिल्में बनाएं। लोगों को खुश करने के लिए फिल्में बनाएं, न कि नफरत फैलाने के लिए। सरकार को ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। एप्सटीन फाइल्स पर या अन्य विषयों पर फिल्म बनाएं। यदि आपने इसे पाकिस्तान के खिलाफ बनाया है, तो इसे पाकिस्तान में दिखाएं। आप यहां मुद्दे क्यों पैदा कर रहे हैं?” धुरंधर: द रिवेंज आदित्य धर द्वारा लिखित और निर्देशित है और उन्होंने जियो स्टूडियो और बी62 स्टूडियो के तहत लोकेश धर और ज्योति देशपांडे के साथ इसका निर्माण किया है। यह फिल्म 2025 की हिट धुरंधर की अगली कड़ी है, जिसमें भारतीय जासूस जसकीरत सिंह रंगी, जिसे हमजा अली मजारी के नाम से भी जाना जाता है, पाकिस्तान में एक आतंकवादी समूह को खत्म करने के मिशन पर थी। सीक्वल में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा, दानिश पंडोर और मानव गोहिल जैसे कलाकार शामिल हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 21, 2026, 10:45 IST समाचार राजनीति ‘बकवास, प्रचार फिल्म’: AIMIM प्रवक्ता ने धुरंधर 2 पर प्रतिबंध लगाने की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता(टी)वारिस पठान(टी)धुरंधर 2(टी)धुरंधर: द रिवेंज

अक्षय कुमार ने चक नॉरिस के निधन पर जताया दुख:बोले- मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के दौरान देखीं फिल्में, हर सीन से मिली सीख और प्रेरणा

अक्षय कुमार ने चक नॉरिस के निधन पर जताया दुख:बोले- मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के दौरान देखीं फिल्में, हर सीन से मिली सीख और प्रेरणा

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने हॉलीवुड एक्टर चक नॉरिस के निधन पर दुख जताया। अक्षय ने कहा कि मार्शल आर्ट सीखने के दौरान उन्होंने चक नॉरिस की फिल्में देखीं और ये फिल्में उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सीख थीं। शुक्रवार को एक X पोस्ट में अक्षय ने लिखा, “वे ऑफ द ड्रैगन, मिसिंग इन एक्शन जैसी फिल्मों में चक नॉरिस को देखना मेरे लिए एक शिक्षा की तरह था। उनका अनुशासन, ताकत और स्क्रीन पर उनकी कमांड ने मुझे प्रभावित किया।” चक नॉरिस का गुरुवार को 86 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर के परिवार ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए निधन की जानकारी दी। परिवार ने बताया कि उनका निधन अचानक हुआ और उस समय वे अपने परिवार के साथ थे। इससे पहले सिल्वेस्टर स्टेलोन ने भी चक नॉरिस के निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि उनके साथ काम करना अच्छा अनुभव रहा और वे एक बेहतरीन इंसान थे। मार्शल आर्ट और टीवी शो से मिली पहचान चक नॉरिस को मार्शल आर्ट में महारत हासिल थी। उनके पास कराटे, ताइक्वांडो, तांग सू डो, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और जूडो में ब्लैक बेल्ट थे। उन्होंने ब्रूस ली के साथ ‘द वे ऑफ द ड्रैगन’ में काम किया। इसके बाद वे कई एक्शन फिल्मों में दिखे और CBS शो ‘वॉकर, टेक्सास रेंजर’ में लीड रोल किया, जो नौ सीजन तक चला। उनकी मशहूर फिल्मों में ‘मिसिंग इन एक्शन’, ‘कोड ऑफ साइलेंस’ और ‘फायरवॉकर’ शामिल हैं। उन्हें 1983 की फिल्म ‘लोन वुल्फ मैकक्वाड’ में रोल के लिए खास पहचान मिली। वे टीवी शो ‘वॉकर, टेक्सास रेंजर’ के लगभग 200 एपिसोड में दिखे। शो का रीबूट 2020 में शुरू हुआ और 2024 तक चला।

अक्षय कुमार ने चक नॉरिस के निधन पर जताया दुख:बोले- मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के दौरान देखीं फिल्में, हर सीन से मिली सीख और प्रेरणा

अक्षय कुमार ने चक नॉरिस के निधन पर जताया दुख:बोले- मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के दौरान देखीं फिल्में, हर सीन से मिली सीख और प्रेरणा

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने हॉलीवुड एक्टर चक नॉरिस के निधन पर दुख जताया। अक्षय ने कहा कि मार्शल आर्ट सीखने के दौरान उन्होंने चक नॉरिस की कई फिल्में देखीं और ये फिल्में उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सीख थीं। शुक्रवार को एक X पोस्ट में अक्षय ने लिखा, “वे ऑफ द ड्रैगन, मिसिंग इन एक्शन जैसी फिल्मों में चक नॉरिस को देखना मेरे लिए एक शिक्षा की तरह था। उनका अनुशासन, ताकत और स्क्रीन पर उनकी कमांड ने मुझे प्रभावित किया।” चक नॉरिस का गुरुवार को 86 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर के परिवार ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए निधन की जानकारी दी। परिवार ने बताया कि उनका निधन अचानक हुआ और उस समय वे अपने परिवार के साथ थे। सिल्वेस्टर स्टेलोन ने भी चक नॉरिस के निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि उनके साथ काम करना अच्छा अनुभव रहा और वे एक बेहतरीन इंसान थे। मार्शल आर्ट और टीवी शो से मिली पहचान चक नॉरिस को मार्शल आर्ट में महारत हासिल थी। उनके पास कराटे, ताइक्वांडो, तांग सू डो, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और जूडो में ब्लैक बेल्ट थे। उन्होंने ब्रूस ली के साथ ‘द वे ऑफ द ड्रैगन’ में काम किया। इसके बाद वे कई एक्शन फिल्मों में दिखे और CBS शो ‘वॉकर, टेक्सास रेंजर’ में लीड रोल किया, जो नौ सीजन तक चला। उनकी मशहूर फिल्मों में ‘मिसिंग इन एक्शन’, ‘कोड ऑफ साइलेंस’ और ‘फायरवॉकर’ शामिल हैं। उन्हें 1983 की फिल्म ‘लोन वुल्फ मैकक्वाड’ में रोल के लिए खास पहचान मिली। वे टीवी शो ‘वॉकर, टेक्सास रेंजर’ के लगभग 200 एपिसोड में दिखे। शो का रीबूट 2020 में शुरू हुआ और 2024 तक चला।