Tuesday, 15 Sep 2026 | 02:44 PM

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अलविदा जुमा पर इबादत में डूबा शहर:मस्जिदों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, रमजान के आखिरी शुक्रवार पर विशेष नमाज अदा

अलविदा जुमा पर इबादत में डूबा शहर:मस्जिदों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, रमजान के आखिरी शुक्रवार पर विशेष नमाज अदा

रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा पर राजधानी इबादत के रंग में रंगी नजर आई। सुबह से ही मस्जिदों के बाहर नमाजियों की भीड़ उमड़ने लगी और दोपहर तक शहर की प्रमुख मस्जिदों में जगह कम पड़ गई। शहर की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद और मोती मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। अलविदा जुमा को रमजान की विदाई का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। धर्मगुरुओं ने तकरीर में कहा कि रमजान सिर्फ एक महीना नहीं, बल्कि जिंदगी को बेहतर बनाने का संदेश देता है। रोजा, सब्र, संयम और नेक कामों की आदत को पूरे साल जारी रखना ही इसकी असली सीख है। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने जरूरतमंदों को जकात और सदका दिया। मस्जिदों के बाहर भी सामाजिक संगठनों द्वारा पानी, खजूर और अन्य व्यवस्थाएं की गईं। ईद की नमाज के समय

प्रीमियम पेट्रोल ₹2.30 प्रति लीटर तक महंगा हुआ:ईरान जंग का असर, सामान्य पेट्रोल पुराने दाम पर ही मिलता रहेगा

प्रीमियम पेट्रोल ₹2.30 प्रति लीटर तक महंगा हुआ:ईरान जंग का असर, सामान्य पेट्रोल पुराने दाम पर ही मिलता रहेगा

तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें शुक्रवार को ₹2.09-₹2.30 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। यह बढ़ोतरी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से की गई है। प्रीमियम पेट्रोल BPCL का स्पीड, HPCL का पावर और IOCL का XP95 के नाम से बिकता है। वहीं सामान्य पेट्रोल पुराने दाम पर ही मिलता रहेगा। फिलहाल इनके दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश के प्रमुख शहरों में सामान्य पेट्रोल-डीजल की लेटेस्ट कीमतें… भारत में कच्चा तेल दोगुना होकर 146 डॉलर पर पहुंचा जंग के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम आज 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। एक दिन पहले कच्चे तेल का दाम 117.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। वहीं भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई हैं। भारत इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से तेल खरीदता हैं। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का जो औसत निकाला जाता है, उसे ही ‘इंडियन बास्केट’ कहते हैं। कच्चे तेल के तीन बड़े बेंचमार्क दुनियाभर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है। वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है। ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा: पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है; हमले से कतर का प्लांट बंद, यूरोप में गैस की कीमत 30% बढ़ी ईरान की ओर से खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर नए हमलों के बाद आज 19 मार्च को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी है। जंग शरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है। इसके बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

रश्मिका मंदाना को बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड:शादी के बाद पहली बार स्टेज पर दिखीं एक्ट्रेस; बोलीं- पहले काम का मजाक उड़ाया, अब सम्मान मिला

रश्मिका मंदाना को बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड:शादी के बाद पहली बार स्टेज पर दिखीं एक्ट्रेस; बोलीं- पहले काम का मजाक उड़ाया, अब सम्मान मिला

साउथ एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना ने ‘तेलंगाना गदर फिल्म अवॉर्ड्स 2025’ में बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड अपने नाम किया है। 26 फरवरी को विजय देवरकोंडा के साथ शादी के बंधन में बंधने के बाद यह रश्मिका का पहला बड़ा पब्लिक अपीयरेंस था। इस मौके पर वे अपनी सास माधवी देवरकोंडा के साथ नजर आईं। अवॉर्ड समारोह का आयोजन 19 मार्च को ‘उगादि’ के मौके पर किया गया, जिसमें तेलुगु सिनेमा के कई बड़े सेलेब्स ने शिरकत की। फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ के लिए मिला सम्मान रश्मिका मंदाना को उनकी फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ में ‘भूमा देवी’ के किरदार के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। एक्टर राम चरण ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में रश्मिका को यह ट्रॉफी सौंपी। शादी के बाद यह रश्मिका का पहला बड़ा अवॉर्ड है। साड़ी और सिंदूर के साथ मंच पर दिखीं रश्मिका स्टेज पर अवॉर्ड लेते समय रश्मिका काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी स्पीच में संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “शुरुआत में लोगों ने मेरी परफॉर्मेंस को काफी ट्रोल किया था, लेकिन आज उसी काम के लिए राज्य ने मुझे यह अवॉर्ड दिया है। मैंने यहां तक पहुंचने के लिए एक लंबा सफर तय किया है।” रेड कार्पेट पर रश्मिका अपनी सास माधवी देवरकोंडा के साथ पहुंची थीं। लुक की बात करें तो रश्मिका आइवरी कलर की सिल्क साड़ी पहनी थी। उन्होंने मांग में सिंदूर, गले में गोल्ड मंगलसूत्र और बालों में गजरा लगाकर अपना ट्रेडिशनल लुक पूरा किया था। नागा चैतन्य बेस्ट एक्टर, कमल हासन भी हुए सम्मानित समारोह में फिल्म ‘थंडेल’ के लिए नागा चैतन्य को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। वहीं, फिल्म जगत में योगदान के लिए दिग्गज अभिनेता कमल हासन को ‘पैडी जयराज फिल्म अवॉर्ड’ से नवाजा गया। ‘राजू वेड्स रंबाई’ के लिए सैलू कंपति को बेस्ट डायरेक्टर चुना गया।

‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की | राजनीति समाचार

New Zealand Vs South Africa Live Cricket Score, 3rd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Auckland.

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 14:23 IST कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के बंटवारे पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद. (फोटो: X/@drshamamohd) केरल में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 37 उम्मीदवारों की अंतिम सूची गुरुवार को जारी कर दी। पार्टी इस बार 95 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालाँकि, सूची में 92 नाम शामिल हैं क्योंकि तीन स्थान विशेष रूप से सीपीएम के विद्रोही उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए खाली छोड़े गए हैं। अंतिम सूची की घोषणा होते ही कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के वितरण पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। टिकट बंटवारे में लैंगिक असमानता को उठाते हुए शमा ने राहुल गांधी से मदद मांगी. शमा ने एक्स को संबोधित करते हुए लिखा, “इनकार किया लेकिन हराया नहीं। मैं अपने नेता @राहुलगांधी जी से, जिनकी मैं पूजा करती हूं, आदर करती हूं और प्रशंसा करती हूं, केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करने का आदरपूर्वक आग्रह करती हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकट महिलाओं को दिए गए। 24 की लोकसभा में, वितरित 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को दिया गया। और अगर महिला प्रतिभाशाली होती है, तो स्थिति गंभीर है! बहुत, बहुत दुखद।” इनकार किया लेकिन हराया नहीं. मैं आदरपूर्वक अपने नेता से आग्रह करता हूं @राहुल गांधी जी, जिनकी मैं सराहना करता हूं, आदर करता हूं और केरल की कांग्रेसी महिलाओं की मदद करने की प्रशंसा करता हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकटें महिलाओं को दी गईं। 24 की लोकसभा में बांटे गए 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को टिकट दिया गया…- डॉ. शमा मोहम्मद (@drshamamohd) 20 मार्च 2026 कांग्रेस सांसद ने केरल उम्मीदवार में बदलाव से इनकार किया कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने शुक्रवार को कहा कि इस स्तर पर उम्मीदवार सूची में बदलाव की संभावना नहीं है। उन्नीथन द्वारा उद्धृत किया गया था एएनआई जैसा कि उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता और केपीसीसी अध्यक्ष पहले ही केरल लौट चुके हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे और अभियान गतिविधियां शुरू कर चुके हैं। स्वाभाविक रूप से, यदि केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अंतिम रूप दी गई सूची में कोई बदलाव किया जाना है, तो इसके लिए एक विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होगी। केरल के नेताओं से फिर से परामर्श करना होगा, या उनकी सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। राजनीति में मेरे लंबे अनुभव को देखते हुए, मुझे इस स्तर पर ऐसे बदलावों की अधिक संभावना नहीं दिखती है। बेशक, राजनीति संभावनाओं की कला है, इसलिए कुछ भी हो सकता है, लेकिन मैं अब किसी बड़े घटनाक्रम की उम्मीद न करें।” 2026 केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 14:23 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस उम्मीदवार केरल(टी)केरल चुनाव 2023(टी)कांग्रेस महिला उम्मीदवार(टी)राहुल गांधी केरल(टी)सीपीएम विद्रोही उम्मीदवार(टी)राजनीति में लैंगिक असमानता(टी)शमा मोहम्मद

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा के जवा क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। करीब 100 ग्रामीणों की भीड़ ने एक कार को घेरकर पलट दिया और उसमें सवार युवक पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि जैसे ही अफवाह फैली, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और “मारो-मारो” चिल्लाते हुए कार को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ ही देर में गुस्साई भीड़ ने कार को पलट दिया और लाठी-डंडों के साथ हमला करने आगे बढ़ी। पुलिस ने लोगों से की गाली-गलौज हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और पूरा इलाका तनावपूर्ण हो गया। मौके पर युवक को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को गाली गलौज तक करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, नीरज गौतम अपनी पत्नी पुष्पांजलि गौतम से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते सोहागी स्थित ससुराल पहुंचा था। दोनों के बीच बच्चे को लेकर विवाद था। इसी दौरान नीरज बच्चे को अपने साथ जबरन ले आया। घटना के बाद गांव में बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जवा क्षेत्र में नीरज की कार को घेर लिया। गुस्साई भीड़ ने कार पलट दी और लाठी-डंडों के साथ हिंसक हो गई। पुलिस ने युवक को भीड़ से बचाया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और युवक को भी भीड़ से बचाया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि यह सब एक गलतफहमी की वजह से हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।

नवरात्रि पर पंजाब में शराब का लंगर:दरबार के बाहर बेंच पर रखी बोतलें, प्रसाद के तौर पर बांटी, नवविवाहित जोड़े करते अरदास

नवरात्रि पर पंजाब में शराब का लंगर:दरबार के बाहर बेंच पर रखी बोतलें, प्रसाद के तौर पर बांटी, नवविवाहित जोड़े करते अरदास

फरीदकोट में कोटकपूरा के गांव मरहाना में चैत्र नवरात्रि के दौरान एक अनोखी परंपरा देखने को मिली, जहां बाबा काला महर के यादगार मेले में शराब का लंगर लगाया गया। दरबार के बाहर बेंचों पर देसी और अंग्रेजी शराब की बोतलें सजाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में शराब परोसी गई। मान्यता के अनुसार, मन्नत पूरी होने पर यहां भक्त बाबा को शराब चढ़ाते हैं और उसी को लंगर के रूप में बांटते हैं। बाबा काला महर के पूर्वज गजनी से आए थे और उनकी आस्था से जुड़ी यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यह भी मान्यता है कि बाबा ने शराब को परमात्मा के रंग में रंगने वाला अमृत बताया, जिसके बाद से यहां यह परंपरा शुरू हुई। संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहां सबसे अधिक नवविवाहित जोड़े आते हैं। प्रबंधक कमेटी के प्रधान परमजीत सिंह ने बताया कि हर साल ही मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस स्थान के प्रति संधू गोत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है और यहां पर अपनी मुरादें पूरी करने के लिए लोग अरदास करने पहुंचते हैं और मुराद पूरी होने पर शुकराना करने भी आते हैं। मान्यता के अनुसार चढ़ती है शराब स्थानीय मान्यता के मुताबिक, श्रद्धालु बाबा काला महर को शराब चढ़ाते हैं और उसी को लंगर के रूप में बांटते हैं। दूर-दराज से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं, जिनमें नवविवाहित जोड़े भी शामिल होते हैं। बाबा काला महर के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। ज्यादातर लोग दरगाह पर शराब चढ़ाने ही आते हैं। कोई देसी तो कोई ब्रांडेड शराब चढ़ाता है। मान्यता यह भी है कि श्रद्धालु चढ़ाई गई शराब में से थोड़ी घर ले जा सकता है या वहीं बैठकर प्रसाद के रूप में सेवन कर सकता है। नवविवाहित जोड़े करते हैं अरदास बाबा के प्रति महिलाओं की श्रद्धा अधिक बताई जाती है। नवविवाहित जोड़े संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहां आते हैं और शराब चढ़ाकर मुराद मांगते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु दोबारा बच्चे के साथ यहां आकर शराब चढ़ाते हैं। लोगों के अनुसार, बाबा काला महर संधू वंश से संबंधित थे। गजनी से जुड़ा है इतिहास मान्यता है कि बाबा काला महर के पूर्वज गजनी से आए थे, जो लाहौर होते हुए कोटकपूरा के पास जंगल में बस गए। यहीं बाबा का जन्म हुआ। बताया जाता है कि पशु चराते समय उनकी मुलाकात गुरु गोरखनाथ से हुई, जिसके बाद उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। आसपास के संधू गोत्र के लोगों में उनकी पूजा होने लगी। यह भी मान्यता है कि बाबा ने शराब को परमात्मा के रंग में रंगने वाला अमृत बताया, जिसके बाद से यहां शराब चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।

अमेरिका में बढ़ रहे मास शूटर:ऑनलाइन कम्युनिटी इन्हें ‘संत’ मान रही; हिंसक कंटेंट दिखाने वाला एल्गोरिदम अपराध की राह पर ले जाता है

अमेरिका में बढ़ रहे मास शूटर:ऑनलाइन कम्युनिटी इन्हें ‘संत’ मान रही; हिंसक कंटेंट दिखाने वाला एल्गोरिदम अपराध की राह पर ले जाता है

अमेरिका में मास शूटर्स की संख्या बढ़ रही है और इसके पीछे एक नया, खतरनाक ट्रेंड उभर रहा है। इंटरनेट पर ‘ट्रू क्राइम’ जैसी कम्युनिटीज तेजी से फैल रही हैं, जो इन हत्यारों को संत और भगवान की तरह पूज रही हैं। यह सिर्फ अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि ऐसी डिजिटल संस्कृति है, जो हिंसा को महिमामंडित कर रही है। एक दशक तक मास शूटिंग पर स्टडी करने वाले क्रिमिनोलॉजिस्ट जेम्स डेंसली व जिलियन पीटरसन कहते हैं, अब हमलावर कम उम्र के हैं, इंटरनेट से गहराई से जुड़े हैं और हिंसा को ही जीवन का अर्थ मानने लगे हैं। इसकी वजह एल्गोरिदम है, जो कम उम्र से ही यूजर्स को गहरे अंधेरे कंटेंट की ओर धकेल देता है। एक मजाकिया पोस्ट से शुरू होकर यह रास्ता हिंसा तक पहुंच सकता है… और किशोरों को इस बात का एहसास भी नहीं होता। एक्सपर्ट कहते हैं, ‘पहले मास शूटर्स को आमतौर पर मध्यम आयु के, अकेलेपन और संकट से जूझते पुरुषों के रूप में देखा जाता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। नए अपराधी अधिकतर युवा हैं, जो ऑनलाइन नेटवर्क से गहराई से जुड़े हैं। वे मानते हैं कि हिंसा ही उनके जीवन का सबसे ‘महत्वपूर्ण’ काम है। ट्रू क्राइम जैसी कम्युनिटी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। यहां कुख्यात हमलावरों को ‘संत’ कहा जाता है, उनके वीडियो और फैन आर्ट बनाए जाते हैं। प्लेटफॉर्म्स भले ही ऐसे कंटेंट को हटाते हों, पर यह जल्दी ही नए रूप में वापस आ जाता है। 2024 से अब तक अमेरिका में कम से कम 7 स्कूल शूटिंग्स इस कम्युनिटी से जुड़ी रही हैं। यह कम्युनिटी निजी दर्द को सार्वजनिक प्रदर्शन में बदल देती है… ‘देखो, दूसरों ने भी यही किया और वे याद किए जाते हैं।’ इस तरह अपराधियों को एक स्क्रिप्ट मिल जाती है, जिसमें उनका हमला कहानी का चरम बन जाता है। शोधकर्ता कहते हैं,‘इसके लिए स्कूलों में बेहतर काउंसलिंग व हथियारों पर नियंत्रण जरूरी है। बड़ी जिम्मेदारी टेक कंपनियों की है। सोशल प्लेटफॉर्म कुछ पलों में ट्रेंडिंग साउंड या इमेज पहचान लेते हैं। उसी तरह वे हिंसा का महिमामंडन करने वाला कंटेंट फ्लैग कर सकते हैं, फुटेज की री-शेयरिंग धीमी कर सकते हैं और हिंसक कंटेंट दोबारा उभरने से रोक सकते हैं। अपराध को महिमामंडित करती हैं ऑनलाइन कम्युनिटी ‘ट्रू क्राइम’ जैसी कई कम्युनिटीज अपराध को आकर्षक रूप में पेश करती हैं। ‘ब्लड लाइकली’ में लोग खुद को जासूस मानकर अनसुलझे मामलों पर चर्चा करते हैं। ‘अनएक्सप्लेंड मिस्ट्रीज फोरम’ अपराध के साथ पैरानॉर्मल घटनाओं को भी जोड़ता है व रहस्यमयी केसों पर बहस करता है। ‘रेडिट ट्रू क्राइम सबरेडिट’ सबसे सक्रिय जगह है, जहां सीरियल किलर्स व स्कूल शूटिंग्स पर चर्चा होती है व फैन कल्चर भी बनता है। वहीं अनकवर्ड खासतौर पर कोल्ड केस और गुमशुदा पर केंद्रित है, जहां लोग मिलकर पुराने मामले सुलझाते हैं।

अमेरिका में बढ़ रहे मास शूटर:ऑनलाइन कम्युनिटी इन्हें ‘संत’ मान रही; हिंसक कंटेंट दिखाने वाला एल्गोरिदम अपराध की राह पर ले जाता है

अमेरिका में बढ़ रहे मास शूटर:ऑनलाइन कम्युनिटी इन्हें ‘संत’ मान रही; हिंसक कंटेंट दिखाने वाला एल्गोरिदम अपराध की राह पर ले जाता है

अमेरिका में मास शूटर्स की संख्या बढ़ रही है और इसके पीछे एक नया, खतरनाक ट्रेंड उभर रहा है। इंटरनेट पर ‘ट्रू क्राइम’ जैसी कम्युनिटीज तेजी से फैल रही हैं, जो इन हत्यारों को संत और भगवान की तरह पूज रही हैं। यह सिर्फ अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि ऐसी डिजिटल संस्कृति है, जो हिंसा को महिमामंडित कर रही है। एक दशक तक मास शूटिंग पर स्टडी करने वाले क्रिमिनोलॉजिस्ट जेम्स डेंसली व जिलियन पीटरसन कहते हैं, अब हमलावर कम उम्र के हैं, इंटरनेट से गहराई से जुड़े हैं और हिंसा को ही जीवन का अर्थ मानने लगे हैं। इसकी वजह एल्गोरिदम है, जो कम उम्र से ही यूजर्स को गहरे अंधेरे कंटेंट की ओर धकेल देता है। एक मजाकिया पोस्ट से शुरू होकर यह रास्ता हिंसा तक पहुंच सकता है… और किशोरों को इस बात का एहसास भी नहीं होता। एक्सपर्ट कहते हैं, ‘पहले मास शूटर्स को आमतौर पर मध्यम आयु के, अकेलेपन और संकट से जूझते पुरुषों के रूप में देखा जाता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। नए अपराधी अधिकतर युवा हैं, जो ऑनलाइन नेटवर्क से गहराई से जुड़े हैं। वे मानते हैं कि हिंसा ही उनके जीवन का सबसे ‘महत्वपूर्ण’ काम है। ट्रू क्राइम जैसी कम्युनिटी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। यहां कुख्यात हमलावरों को ‘संत’ कहा जाता है, उनके वीडियो और फैन आर्ट बनाए जाते हैं। प्लेटफॉर्म्स भले ही ऐसे कंटेंट को हटाते हों, पर यह जल्दी ही नए रूप में वापस आ जाता है। 2024 से अब तक अमेरिका में कम से कम 7 स्कूल शूटिंग्स इस कम्युनिटी से जुड़ी रही हैं। यह कम्युनिटी निजी दर्द को सार्वजनिक प्रदर्शन में बदल देती है… ‘देखो, दूसरों ने भी यही किया और वे याद किए जाते हैं।’ इस तरह अपराधियों को एक स्क्रिप्ट मिल जाती है, जिसमें उनका हमला कहानी का चरम बन जाता है। शोधकर्ता कहते हैं,‘इसके लिए स्कूलों में बेहतर काउंसलिंग व हथियारों पर नियंत्रण जरूरी है। बड़ी जिम्मेदारी टेक कंपनियों की है। सोशल प्लेटफॉर्म कुछ पलों में ट्रेंडिंग साउंड या इमेज पहचान लेते हैं। उसी तरह वे हिंसा का महिमामंडन करने वाला कंटेंट फ्लैग कर सकते हैं, फुटेज की री-शेयरिंग धीमी कर सकते हैं और हिंसक कंटेंट दोबारा उभरने से रोक सकते हैं। अपराध को महिमामंडित करती हैं ऑनलाइन कम्युनिटी ‘ट्रू क्राइम’ जैसी कई कम्युनिटीज अपराध को आकर्षक रूप में पेश करती हैं। ‘ब्लड लाइकली’ में लोग खुद को जासूस मानकर अनसुलझे मामलों पर चर्चा करते हैं। ‘अनएक्सप्लेंड मिस्ट्रीज फोरम’ अपराध के साथ पैरानॉर्मल घटनाओं को भी जोड़ता है व रहस्यमयी केसों पर बहस करता है। ‘रेडिट ट्रू क्राइम सबरेडिट’ सबसे सक्रिय जगह है, जहां सीरियल किलर्स व स्कूल शूटिंग्स पर चर्चा होती है व फैन कल्चर भी बनता है। वहीं अनकवर्ड खासतौर पर कोल्ड केस और गुमशुदा पर केंद्रित है, जहां लोग मिलकर पुराने मामले सुलझाते हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:लंदन में 2 भारतीयों ने सड़क पर पान थूका, डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगा

वर्ल्ड अपडेट्स:लंदन में 2 भारतीयों ने सड़क पर पान थूका, डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगा

लंदन के ब्रेंट इलाके में सार्वजनिक जगह पर पान थूकने के मामले में भारतीय मूल के दो लोगों पर 1,391 पाउंड (करीब 1.45 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों लोगों को पहले मौके पर ही 100 पाउंड का जुर्माना भरने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं भरा। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया और जुर्माना कई गुना बढ़ गया। ब्रेंट सिटी काउंसिल ने पान थूकने के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सार्वजनिक जगहें गंदी होती हैं और सफाई पर काफी खर्च बढ़ जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंसिल को हर साल करीब 30,000 पाउंड (लगभग 30 लाख रुपये) सिर्फ पान के दाग साफ करने में खर्च करने पड़ते हैं। पहला मामला एडगवेयर इलाके के रहने वाले अक्षीतकुमार भद्रे पटेल का है। उन्होंने जून 2025 में किंग्सबरी रोड पर एक मेट्रो स्टेशन के पास पान थूका था। वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में ही सुनाया गया। समय पर जुर्माना न भरने के कारण उनकी रकम 10 गुना से ज्यादा बढ़ गई। दूसरा मामला रुइसलिप इलाके के रहने वाले हितेश पटेल का है। उन्होंने वेम्बली हिल रोड पर पान थूका था। वे भी कोर्ट में पेश नहीं हुए और उनके खिलाफ भी गैरहाजिरी में ही फैसला हुआ, जिससे उन पर भी भारी जुर्माना लगा। उत्तर-पश्चिम लंदन के ब्रेंट और आसपास के इलाकों में पान थूकने की समस्या बढ़ रही है, जिस पर स्थानीय प्रशासन सख्त हो गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पान के दाग हटाना मुश्किल और महंगा होता है, इसके लिए खास तरीके से सफाई करनी पड़ती है। काउंसिल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इसके तहत जगह-जगह चेतावनी वाले बैनर लगाए जा रहे हैं, अधिकारी गश्त कर रहे हैं और मौके पर ही 100 पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… कनाडा पुलिस बोली- भारत से जुड़े अपराध का कोई सबूत नहीं, ट्रूडो सरकार के दावे से पलटे कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कहा है कि भारत सरकार से जुड़े किसी एजेंट से कनाडा के लोगों को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। RCMP के कमिश्नर माइक डुहेम ने गुरुवार को CTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा जांच में किसी विदेशी सरकार से सीधा संबंध साबित नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “2024 में मैंने जो कहा था, वह उस समय की जांच पर आधारित था। लेकिन अब जो हम देख रहे हैं, उसमें हर मामले को किसी विदेशी संस्था से जोड़ना संभव नहीं है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार देखा जा रहा है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एनआईए द्वारा घोषित आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़कर आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। साल 2023 में पैदा हुए तनाव के बाद भारत और कनाडा अपने रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और हालिया कूटनीतिक प्रयासों से इसमें सुधार भी दिख रहा है। ट्रम्प ने जापानी पीएम की मौजूदगी में कहा- हमें भी पर्ल हार्बर हमले की जानकारी नहीं थी, वैसा ही हमने ईरान में किया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री को उस समय चौंका दिया, जब उन्होंने 1941 में हुए पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर दिया। ट्रम्प ने यह बात हल्के अंदाज में कही, लेकिन यह टिप्पणी जापान के लिए असहज करने वाली मानी जा रही है। ट्रम्प ने PM साने ताकाइची के साथ एक बैठक के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। तब उनसे एक रिपोर्टर ने पूछा- अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने से पहले अपने सहयोगियों को क्यों नहीं बताया। इस पर ट्रम्प ने कहा, “हमने किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज देना चाहते थे। सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?” उन्होंने एक जापानी पत्रकार से मजाकिया लहजे में कहा, “तुमने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?” ताकाइची, जो ट्रांसलेटर के जरिए बात समझ रही थीं, उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन ऐसा लगा कि वह यह सुनकर असहज हो गई थीं। दरअसल, 7 दिसंबर 1941 को जापान ने अमेरिका के हवाई स्थित पर्ल हार्बर सैन्य अड्डे पर अचानक हमला किया था। इस हमले में 2400 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया था। नेपाल में बालेन शाह 27 मार्च को PM पद की शपथ ले सकते हैं, एक दिन पहले सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की बंपर जीत के बाद अब बालेंद्र (बालेन) शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं। RSP ने 23 फरवरी को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इससे साफ हो गया है कि बालेन शाह के नेतृत्व में एक ही पार्टी की सरकार बनेगी। चुनाव से पहले ही पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था और अब सरकार बनाने की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। सांसदों का शपथ ग्रहण 26 मार्च को दोपहर 2 बजे होगा। इससे पहले उसी दिन सुबह 11:30 बजे सबसे वरिष्ठ सांसद को शपथ दिलाई जाएगी। 78 साल के अर्जुन नरसिंह केसी सबसे उम्रदराज चुने गए सांसद हैं, जो पहले खुद राष्ट्रपति से शपथ लेंगे और फिर बाकी सांसदों को शपथ दिलाएंगे।

सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 75,000 पर कारोबार कर रहा:क्रूड ऑयल सस्ता होकर 106 डॉलर पर आया; रुपया 93.24 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा

सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 75,000 पर कारोबार कर रहा:क्रूड ऑयल सस्ता होकर 106 डॉलर पर आया; रुपया 93.24 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा

शेयर बाजार में आज यानी 20 मार्च को तेजी है। सेंसेक्स 800 अंक (1.07%) चढ़कर 75,000 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 240 अंक (1.04%) की तेजी है, यह 23,240 पर पहुंच गया है। बैंकिंग-ऑटो शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। बाजार में तेजी की 2 वजहें अब ग्लोबल मार्केट, क्रूड ऑयल और रुपए का हाल जानें… 1. एशियाई बाजार में गिरावट 2. अमेरिकी बाजार में 19 मार्च को गिरावट रही 3. क्रूड की कीमतें 2% गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल पर आया अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ जारी जंग के बीच आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। हालांकि अभी भी ये 100 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। ब्रेट क्रूड आज 2% गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई रुकने की वजह से ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट के दाम कल 6% से ज्यादा बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए थे। वहीं इंडियन बास्केट की कीमतें 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। 4. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 93.24 पर पहुंचा खाड़ी देशों में जारी ईरान की जंग से आज शुक्रवार को बाजार खुलते ही रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 93.24 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यह 92.63 पर बंद हुआ था। 19 मार्च को छुट्टी होने के कारण करेंसी मार्केट बंद था। शेयर बाजार में कल 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही थी शेयर बाजार में कल 19 मार्च को 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही थी। सेंसेक्स 2497 अंक (3.26%) गिरकर 74,207 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 776 अंक (3.26%) की गिरावट रही, यह 23,002 पर आ गया। इससे पहले 4 जून 2024 को सेंसेक्स 5.74% गिरा था।