बार-बार याचिका लगाने पर पटवारी पर 10 हजार का जुर्माना:हाईकोर्ट ने कहा- आपराधिक मामले में बरी होने से नौकरी बहाल नहीं होती

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक पटवारी की याचिका खारिज कर दिया है। बार-बार याचिका लगाकर न्यायालय का समय बर्बाद करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में गलत एन्ट्री कर दस्तावेज से छेड़छाड़ के मामले में बर्खास्त किए गए पटवारी को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि आपधारिक मामले में बरी होने का मतलब यह नहीं है कि विभागीय कार्रवाई स्वत: समाप्त हो जाती है और कर्मचारी को सेवा में बहाल करने का अधिकार स्वत: नहीं मिलता है। कोर्ट ने बार-बार याचिका लगाने पर भी नाराजगी जाहिर की है। साल 2016 में बर्खास्त हुआ था पटवारी जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस अनिल वर्मा की खंडपीठ ने पटवारी विश्राम सिंह कुशवाह द्वारा दायर रिट अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया। याचिकाकर्ता पटवारी विश्राम सिंह को वर्ष 2016 में राजस्व अभिलेख में गलत नाम दर्ज करने का आरोप था। पटवारी जिला शिवपुरी में पदस्थ था और वहीं के एसडीओ, शिवपुरी ने विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसी मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरण में वर्ष 2022 में ट्रायल कोर्ट से पटवारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था, जिसके आधार पर उसने पुनः सेवा में बहाली की मांग की थी। कोर्ट ने कहा- विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा की प्रकृति अलग-अलग कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा दोनों अलग-अलग प्रकृति की कार्रवाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया कि आपराधिक मामले में बरी होने से विभागीय दंड अपने आप समाप्त नहीं होता, विशेषकर तब, जब बरी होना संदेह का लाभ मिलने के कारण हुआ हो। बार-बार याचिका पर कोर्ट ने जताई नाराजगी कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता बार-बार अलग-अलग याचिकाएं दायर कर एक ही राहत मांगता रहा, जबकि पहले की याचिका खारिज हो चुकी थी। इसे न्यायालय ने रचनात्मक पूर्व न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताते हुए याचिका को अव्यवहार्य माना। साथ ही यह भी कहा गया कि बर्खास्तगी आदेश को कई वर्ष बाद चुनौती देना अनुचित देरी है।
11 महिलाएं, 40 साल से कम 36 और एक खिलाड़ी… बंगाल की 144 रेस पर बीजेपी की पहली लिस्ट का डिकोड

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार (16 मार्च 2026) को 144 जनवरी को पहली अपनी सूची जारी की। पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट कोलकाता के भवानीपुर से विरोधी नेता शुभेंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा है। शुभेंदु अपनी स्थिर सीट नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी की ओर से की गई घोषणा में संकेत दिया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्य पार्टी पार्टी ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी के गुट- दिल्ली गिरीश विमर्श को गढ़ने का प्रयास किया जाएगा। 41 स्टैलिस्ट्स पर बीजेपी ने शौकीन भरोसेमंद बीजेपी चुनाव से पहले अपने स्टैबिलिस्ट बैस्ट को काफी हद तक मजबूत बनाए रख रही है और अपनी सामाजिक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न बिजनेस बैकग्राउंड को शामिल कर रही है। पार्टी की ओर से 41 स्टैलिस्ट बैंच और थ्री ईस्ट बैंच को टिकट दिए जाने से संकेत मिलता है कि वह बड़े पैमाने पर वेस्ट इंडीज के बजाय स्टैंसिल पोलिटिकल नेटवर्क पर भरोसा कर रही है। आसनसोल साउथ से अग्निमित्र पॉल, साल्टोरा से चंदना बाउरी और डबग्राम-फुल बबीली से शिखा चटर्जी शामिल हैं। ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम का यह राजनीतिक महत्व 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र था। इसी आंदोलन ने सीएम ममता बनर्जी की सत्ता में आने वाले समय में अहम भूमिका निभाई, लेकिन 2021 में यह सबसे बड़ी चुनावी रैली बन गई, जब शुभेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी को लगभग 1,900 सीटों से हरा दिया। भवानीपुर को ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। वह 2021 में इस सीट से 58000 से अधिक झील के अंतर से सोलो झील झील लौटी थी। महिलाओं और युवाओं पर बीजेपी ने भरोसा जताया बीजेपी ने 11 महिलाओं को भी टिकट दिया है और युवाओं पर दावा किया गया है कि 36 सीट पर 40 साल से कम उम्र के युवाओं को मैदान में उतारा गया है। इसी तरह 72 अभ्यर्थियों की उम्र 41 से 55 साल के बीच है जबकि 32 अभ्यर्थियों की उम्र 56 से 70 साल के बीच है. चार अभ्यर्थी 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं। पार्टी के 144 क्षेत्र में 57 शिक्षण, वकील, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और सशस्त्र सेनाएं शामिल हैं। पार्टी ने सबसे ज्यादा 23 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा पार्टी ने 8 सामाजिक कार्यकर्ता, 6 वकील, 5 डॉक्टर, 3 पत्रकार, 3 आध्यात्मिक नेता, 3 सैनिक, 1 सामाजिक कार्यकर्ता से जुड़े व्यक्ति, 1 क्रिकेटर, 1 सेवानिवृत्त नौकरी अधिकारी, 1 लोक गायक को उम्मीदवार बनाया है। वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से जुड़े सौमित्र चट्टोपाध्याय को नैहाटी से भाजपा की दावेदार बनाया गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की:तालिबान का आरोप- काबुल में अस्पताल पर बम गिराए, इलाज करा रहे कई लोग मारे गए

पाकिस्तान ने सोमवार रात एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। उनके मुताबिक हमले के वक्त वहां इलाज करा रहे कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। PAK ने कल रात भी अफगानिस्तान में हमले किए पाकिस्तान ने रविवार रातभर कंधार प्रांत में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। पाकिस्तान ने यह कार्रवाई ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत की। इसके जवाब में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के सैन्य कैंप पर हमला किया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, हमले में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जिनका इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन सीमा पार हमलों की तैयारी के लिए करते थे। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात अफगानिस्तान की ओर से ड्रोन हमला किया गया था, जिसका मलबा गिरने से क्वेटा में दो बच्चों समेत कुछ नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। 1 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए पिछले कुछ हफ्तों में अफगान और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच सीमा पर कई बार झड़पें हो चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन (UNAMA) के अनुसार 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में 56 नागरिक मारे गए हैं। इनमें 24 बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक इन हमलों के कारण करीब 1.15 लाख लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए हैं। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। —————————– PAK-अफगान संघर्ष से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 2 विस्फोटक ड्रोन मार गिराए:अफगानिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया; पहले PAK ने काबुल पर एयरस्ट्राइक की पाकिस्तान में पिछले हफ्ते शुक्रवार को राजधानी इस्लामाबाद पर विस्फोटकों से भरे दो ड्रोन से हमला हुआ था, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ड्रोन फैजाबाद इलाके के पास गिरा, जबकि दूसरा I-9 सेक्टर में गिराया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
थांदला-तलावली मार्ग पर कार-बाइक भिड़ंत, दो युवक गंभीर:जिला अस्पताल रेफर; पुलिस ने कार सवारों को हिरासत में लिया

थांदला-तलावली मार्ग पर सोमवार देर शाम एक कार-बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर घायल हो गए हैं। घटना थांदला से करीब 2 किमी दूर हुई, जिसके बाद राहगीरों की सूचना पर डायल 112 की टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, थांदला रोड निवासी आयुष पिता मनोहर राठौड़ और राहुल पिता मांगू मावी अपनी बाइक से तलावली मार्ग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार (KL03AC7585) ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। दोनों गंभीर, जिला अस्पताल रेफर घायलों को तत्काल थांदला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार सवारों को हिरासत में लिया हादसे के बाद आरोपी कार चालक और उसमें सवार अन्य व्यक्तियों को थांदला थाने ले जाया गया है। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य भी जुटा रही है।
दिखने में एक जैसे संतरा और किन्नू, लेकिन सेहत पर असर बिल्कुल अलग! जानें कौन है ज्यादा फायदेमंद

Last Updated:March 16, 2026, 22:20 IST बाजार में अक्सर संतरा और किन्नू साथ-साथ नजर आते हैं और कई लोग इन्हें एक जैसा समझ लेते हैं. हालांकि दोनों फल दिखने में भले ही मिलते-जुलते हों, लेकिन इनके स्वाद, गुण और पोषण में फर्क होता है. जानिए सेहत के लिए संतरा बेहतर है या किन्नू और दोनों में असली अंतर क्या है. सिट्रस फलों में संतरा और किन्नू एक जैसे लगते है दिखने में. बाजार में मिलने वाले सिट्रस फलों में संतरा और किन्नू काफी लोकप्रिय माने जाते हैं. देखने में दोनों का रंग और आकार लगभग एक जैसा होता है, इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही समझ लेते हैं. लेकिन असल में ये दोनों अलग-अलग किस्म के फल हैं. इनके स्वाद, बनावट और पोषण में थोड़ा अंतर होता है. दोनों ही फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं और शरीर को कई तरह के फायदे देने के लिए जाने जाते हैं. संतरा क्या होता है?संतरा एक क्लासिक सिट्रस फल माना जाता है, जिसे लोग लंबे समय से खाते आ रहे हैं. इसका स्वाद हल्का मीठा और थोड़ा खट्टा होता है, जो इसे काफी ताजगी भरा बनाता है. संतरे में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं. ये तत्व शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. किन्नू क्या होता है?किन्नू भी सिट्रस परिवार का ही फल है, लेकिन यह एक हाइब्रिड किस्म माना जाता है. यानी इसे दो अलग-अलग किस्मों को मिलाकर तैयार किया गया है. किन्नू आकार में थोड़ा बड़ा और ज्यादा जूसी माना जाता है. इसका स्वाद मीठा होने के साथ हल्की खटास लिए होता है. यही वजह है कि बहुत से लोगों को इसका रस काफी पसंद आता है. किन्नू में भी विटामिन-सी, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. पोषण के मामले में कौन बेहतर?पोषण के लिहाज से देखा जाए तो संतरा और किन्नू दोनों ही काफी फायदेमंद माने जाते हैं. दोनों में विटामिन-सी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसके अलावा दोनों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं. फाइबर की मौजूदगी पाचन को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है. स्वाद और बनावट में अंतरसंतरे और किन्नू के स्वाद में थोड़ा फर्क महसूस किया जा सकता है. संतरा आमतौर पर हल्का मीठा और संतुलित स्वाद वाला होता है. वहीं किन्नू का स्वाद थोड़ा ज्यादा रसदार और हल्की खटास लिए होता है. किन्नू का छिलका अक्सर थोड़ा मोटा और फल से चिपका हुआ होता है, जबकि संतरे को छीलना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है. किसे चुनना ज्यादा सही?अगर सेहत की बात करें तो दोनों ही फल पोषण से भरपूर होते हैं. संतरा और किन्नू दोनों शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने में मदद कर सकते हैं. इसलिए इनमें से किसी एक को बेहतर या कमतर कहना पूरी तरह सही नहीं होगा. बेहतर यही है कि इन दोनों फलों को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जाए. इससे शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है और स्वास्थ्य भी बेहतर बना रह सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 16, 2026, 22:20 IST
स्मोकी बैगन का भरता: गैस नहीं तो सिगरेट के चूल्हे पर खरी बिहारी स्टाइल्स बैंगन का भरता, लिट्टी के साथ-साथ पड़ोसी भी पूछेगा रेसिपी

16 मार्च 2026 को 21:56 IST पर अपडेट किया गया स्मोकी बैगन का भरता: बैंगन का भारत हर घर की पसंद है, लेकिन असली चुनौती यह है कि ‘स्मोकी फ्लेवर’ मिलता है जो केवल मिट्टी के चूल्हे या चटनी पर ही आता है। कारखानों में फ्लैट कल्चर और गैस स्टोव के कारण वह सोंधापन अक्सर गायब हो जाता है। लेकिन अब आप बिना चूल्हे के भी अपनी रसोई में वही ढेकेबा स्टाइल का स्वाद ला सकते हैं। इसे रेसिपी जरूर पढ़ें।
बालाघाट में मिला छत्तीसगढ़ के युवक का शव:पांढरीपाठ मंदिर में काम करता था; शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान

बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के प्रसिद्ध पांढरीपाठ मंदिर के पीछे जंगल में सोमवार को एक युवक का शव मिला। बहेला पुलिस ने कोटवार की सूचना पर मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला निवासी 33 वर्षीय चरणगिर जोगी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि चरणगिर जोगी पहले पांढरीपाठ मंदिर में ही काम करता था, लेकिन अगस्त माह में काम छोड़कर घर चला गया था। वह तीन-चार दिन पहले ही वापस मंदिर आया था। सोमवार देर शाम उसका शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान बहेला थाना प्रभारी रामकुमार रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं पाए गए हैं। शव की स्थिति को देखते हुए मौत कुछ समय पहले होने का अनुमान है। पुलिस ने शव को लांजी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। शराब के अत्यधिक सेवन की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक शराब का अत्यधिक सेवन करता था। आशंका जताई जा रही है कि जंगल में शराब पीने के बाद वह सो गया होगा और धूप या निर्जलीकरण के कारण उसकी जान चली गई। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
देवास में घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर कार्रवाई:खाद्य विभाग ने चार प्रतिष्ठानों से 8 सिलेंडर जब्त किए

देवास में खाद्य विभाग ने सोमवार को घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने शहर के चार प्रतिष्ठानों से कुल 8 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश अहिरवार ने बताया कि विभाग ने देवास नगर में संचालित होटल और रेस्टोरेंट की जांच की। जांच दल ने लगभग 15 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें से चार प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ प्रकरण तैयार किए गए। जब्त किए गए सिलेंडरों में जोधपुर स्वीट्स विकास नगर से 1, श्याम चाट भंडार जवाहर चौक से 2, संतुष्टि रेस्टोरेंट से 3 और रवि भोजनालय से 2 गैस सिलेंडर शामिल हैं। दिनेश अहिरवार ने आगे बताया कि इन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इस जांच कार्रवाई में सहायक आपूर्ति अधिकारी भानसिंह राय और धर्मेन्द्र वर्मा भी शामिल थे।
दशकों से भारत की राजनीति पर नज़र रख रही कांग्रेस पर निशिकांत दुबे की लाइब्रेरी के अंदर | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 19:29 IST यह पहल, जिस पर निशिकांत दुबे पिछले कुछ समय से चुपचाप काम कर रहे हैं, आने वाले दिनों में जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे. (संसद टीवी) यदि कोई कांग्रेस और भारत के राजनीतिक पथ को आकार देने में इसकी भूमिका से जुड़ी कई बहसों और विवादों का पता लगाना चाहता है, तो जल्द ही राजधानी में एक नए पते की ओर रुख किया जा सकता है। झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे का आधिकारिक निवास, 3, सफदरजंग लेन में एक पुस्तकालय खोलने की तैयारी चल रही है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह आजादी के बाद से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इतिहास का दस्तावेजीकरण करेगा। यह पहल, जिस पर दुबे कुछ समय से चुपचाप काम कर रहे हैं, आने वाले दिनों में जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है। प्रस्तावित पुस्तकालय में दशकों के राजनीतिक विकास का पता लगाने वाली किताबें, रिपोर्ट और अभिलेखीय सामग्री रखी जाएगी। दुबे के अनुसार, कई खंड शुभचिंतकों द्वारा दान किए गए हैं, जबकि कई अन्य शोध और राजनीतिक इतिहास में उनकी दीर्घकालिक रुचि के हिस्से के रूप में उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्राप्त किए गए हैं। संग्रह की प्रमुख कृतियों में सामाजिक समरसता है, जिसे नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लिखा था। यह पुस्तक सामाजिक सद्भाव के विचार पर केंद्रित है, जिसमें जाति की बाधाओं को तोड़ने, समानता को बढ़ावा देने और प्रधान मंत्री द्वारा “विकसित भारत” के निर्माण के लिए बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे नेताओं से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। अलमारियों में भारत के IV कोर के पूर्व कमांडर बृज मोहन कौल की द अनटोल्ड स्टोरी भी शामिल होगी। आत्मकथात्मक लेख 1962 के भारत-चीन युद्ध से पहले की घटनाओं पर एक विवादास्पद प्रत्यक्ष परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करता है और तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ कौल की बातचीत का विवरण देता है। पुस्तक ने अपने प्रकाशन के समय युद्ध और उससे जुड़े निर्णयों के स्पष्ट विवरण के कारण राजनीतिक बहस छेड़ दी थी। दुबे ने कहा कि लाइब्रेरी में उपलब्ध सामग्री को डिजिटल बनाने के भी प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा, विचार अंततः रिपॉजिटरी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के साथ एकीकृत करना है ताकि दुनिया भर के विद्वान और पाठक एक ही ऑनलाइन मंच के माध्यम से सामग्री तक पहुंच सकें। पुस्तकों के अलावा, पुस्तकालय में शाह आयोग रिपोर्ट और एकाधिकार आयोग रिपोर्ट के निष्कर्षों सहित कई आधिकारिक रिपोर्टें भी शामिल होंगी। दुबे के अनुसार, ये दस्तावेज़ पाठकों को दशकों में लिए गए शासन और नीतिगत निर्णयों के विभिन्न चरणों की जांच करने में मदद करेंगे। भाजपा सांसद दो संकलन परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। प्रस्तावित पुस्तकों में से एक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकारों के कार्यकाल के दौरान संसद में दिए गए राष्ट्रपति के भाषणों की तुलना करेगी। दूसरा कांग्रेस प्रधानमंत्रियों द्वारा लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस भाषणों और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए भाषणों का विश्लेषण करेगा, जो उनकी प्राथमिकताओं और संदेश पर तुलनात्मक नजर डालेगा। फिलहाल, उम्मीद है कि लाइब्रेरी लगभग 250 पुस्तकों, रिपोर्टों और लेखों के संग्रह के साथ शुरू होगी, समय के साथ संग्रह का विस्तार करने की योजना है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले सप्ताह में जब लाइब्रेरी औपचारिक रूप से आगंतुकों के लिए खोली जाएगी तो भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उद्घाटन में शामिल होने की संभावना है। बजट सत्र के पहले भाग के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के साथ तीखी नोकझोंक के बाद, दुबे ने घोषणा की कि वह जल्द ही एक पुस्तकालय स्थापित करेंगे, जिसका उद्देश्य दशकों में कांग्रेस को हुए नुकसान का दस्तावेजीकरण करना होगा, उन्होंने कहा कि इससे लोगों को पार्टी के रिकॉर्ड और पिछले फैसलों पर पछतावे की कथित कमी को समझने में मदद मिलेगी। पहले प्रकाशित: मार्च 16, 2026, 19:29 IST समाचार राजनीति दशकों से भारत की राजनीति पर नज़र रखने वाली कांग्रेस पर निशिकांत दुबे की लाइब्रेरी के अंदर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस का इतिहास भारत(टी)भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस(टी)बीजेपी लाइब्रेरी(टी)राजनीतिक इतिहास भारत(टी)निशिकांत दुबे(टी)कांग्रेस विवाद(टी)नरेंद्र मोदी पुस्तक(टी)शाह आयोग की रिपोर्ट
पन्ना में भैंस खेत में घुसने को लेकर विवाद:पड़ोसी ने सिर पर डंडा मारा, बुजुर्ग की मौके पर मौत; आरोपी फरार, तलाश रही पुलिस

पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत में सोमवार को खेत में भैंस घुसने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हरदुआ में मामूली कहासुनी के बाद हुए हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भैंस चराने के दौरान हुआ विवाद मृतक की पहचान हरदुआ पटेल निवासी नोनेलाल पटेल (60) के रूप में हुई है। सोमवार को नोनेलाल अपने साथी सिब्बू पटेल के साथ भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी भैंसें पास ही स्थित मगना अहिरवार और देवेंद्र अहिरवार के खेत की मेड़ की ओर चली गईं। खेत में मवेशी घुसने की बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। सिर पर डंडे से किया हमला प्रत्यक्षदर्शी सिब्बू पटेल ने बताया कि बहस के दौरान मगना के पुत्र देवेंद्र अहिरवार ने लकड़ी के डंडे से नोनेलाल के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि नोनेलाल जमीन पर गिर पड़े और कुछ ही मिनटों में उन्होंने दम तोड़ दिया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही हरदुआ चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी देवेंद्र अहिरवार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गांव में पुलिस बल तैनात हत्या की इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद करने की कोशिश कर रही है।







