सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 476 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 849 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए नीचे इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 166 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।
सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 476 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 849 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए नीचे इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 166 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।
होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत:अमेरिका ने लगातार तीसरा रात ईरान पर हमले किए; ईरानी बंदरगाहों की फिर नाकाबंदी करेगा US

होर्मुज स्ट्रेट में हालिय हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा और अल बहिया नाम के टैंकरों पर हुए इस हमले में 8 लोग भी घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले शुरू किए गए हैं। CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। साथ ही, CENTCOM ने कहा है कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर शुरू करेगा। हालांकि, जो जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके लिए क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
धुरंधर जैसी फिल्मों पर राजनीतिक दबाव दिखता है:नफीसा बोलीं- युवा बदलते सिनेमा की राजनीति समझें, नासर बोले- ब्रेकअप जिंदगी का अंत नहीं

क्या ब्रेकअप के बाद जिंदगी खत्म हो जाती है? क्या हिंसक रिश्ते को सिर्फ इसलिए निभाते रहना चाहिए क्योंकि वह रिश्ता है? ऐसे सवालों पर अभिनेता नासर और अभिनेत्री व सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली ने फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याउजाकी’ के प्रमोशन के दौरान दैनिक भास्कर से बात की। नासर ने कहा कि रिश्ता टूटने का मतलब जिंदगी खत्म होना नहीं है। कमिटमेंट की अहमियत समझनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर थेरेपी लेने में झिझक नहीं करनी चाहिए। नफीसा अली ने युवाओं को खुद से प्यार करना सीखने, हिंसक रिश्तों से बाहर निकलने और हर परिवार के लिए हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज फिल्मों में रोमांस और संगीत की जगह एक्शन और हिंसा हावी है, जबकि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों पर राजनीतिक दबाव का असर भी साफ दिखाई देता है, जिसे युवाओं को समझना चाहिए। सवाल: नासर सर, जब आपने फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याउजाकी’ की कहानी सुनी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको तुरंत हां कहने पर मजबूर कर दिया? जवाब/नासर: कहानी सुनकर लगा कि यह किसी फिल्म की नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिन्हें मैं अपनी जिंदगी में जानता हूं। हर किरदार असली लगा। कहीं भी बनावटीपन या ड्रामा नहीं था। सब कुछ जिंदगी की तरह स्वाभाविक था। मुझे लगा कि मैं खुद को और अपने बेटे की झलक भी इस कहानी में देख सकता हूं। इसलिए मैंने तुरंत फिल्म के लिए हां कह दी। सवाल: नफीसा जी, आपने यह फिल्म क्यों चुनी? जवाब/नफीसा अली: मेरी पहली प्रतिक्रिया थी कि मैं फिल्म नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि उस समय मैं कैंसर से लड़ रही थी। लेकिन पद्मकुमार ने मुझ पर भरोसा जताया और पूरी कहानी सुनाई। कहानी सुनने के बाद लगा कि यह आज की सच्चाई है। भारत की ज्यादातर आबादी 28 साल से कम उम्र की है। युवाओं को यह समझना जरूरी है कि उनके ऊपर माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति भी जिम्मेदारी है। माता-पिता पूरी जिंदगी बच्चों के लिए सब कुछ करते हैं, लेकिन आज कई बच्चे पढ़ाई, नौकरी और दूसरे कारणों से दूर चले जाते हैं। कई बार उनके पास माता-पिता के लिए समय भी नहीं होता। यह फिल्म दिल, आत्मा और एक-दूसरे की परवाह करने की कहानी है। मुझे लगा कि यह मेरे जीवन की भी कहानी हो सकती है। इसलिए मैंने यह फिल्म की। सवाल: आज की युवा पीढ़ी में रिश्ते जल्दी बनते हैं और जल्दी टूट भी जाते हैं। कम्युनिकेशन गैप, धैर्य की कमी और बदलती सोच को आप किस तरह देखते हैं? युवाओं को क्या सलाह देना चाहेंगे? जवाब/नफीसा अली: मुझे अपना बचपन याद आता है। मैंने भी बहुत प्यार किया है और कई बार दिल टूटा है। लेकिन युवाओं से कहना चाहूंगी कि अगर दिल टूट जाए तो यह मत सोचिए कि जिंदगी खत्म हो गई है या दोबारा प्यार नहीं मिलेगा। ब्रेकअप की वजह से खुद को खत्म मत कीजिए। नशे की तरफ मत जाइए, अपनी सेहत खराब मत कीजिए और परिवार से दूर मत होइए। जिंदगी बहुत खूबसूरत है और हर इंसान के लिए सही साथी जरूर होता है। सबसे पहले खुद से प्यार करना सीखिए। अगर आप खुद से प्यार करेंगे तो किसी के जाने से जिंदगी नहीं रुकेगी। जो लोग आपका दिल तोड़कर चले जाते हैं, उन्हें जाने दीजिए। आप खुद अपने लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। सवाल: नासर सर, आज के रिश्तों और पहले के रिश्तों में आपको क्या सबसे बड़ा फर्क दिखाई देता है? जवाब/नासर: मैं नफीसा जी की बात से सहमत हूं। हर दौर में रिश्तों का स्वरूप बदलता रहा है। 1960 के दशक की प्रेम कहानियों और आज की फिल्मों में बड़ा अंतर है। पहले महिलाओं को जिस तरह दिखाया जाता था, अब उनकी भूमिका ज्यादा मजबूत और स्वतंत्र है। यह अच्छा बदलाव है। आज की युवा पीढ़ी के पास पहले से ज्यादा आजादी है। लेकिन अब ब्रेकअप को बहुत हल्के में लिया जाने लगा है। पहले उसका दर्द लंबे समय तक महसूस होता था, लेकिन अब कई लोग जल्दी आगे बढ़ जाते हैं। आगे बढ़ना गलत नहीं है, लेकिन बार-बार रिश्ते बनाना और तोड़ना आदत बन जाए तो यह चिंता की बात है। रिश्ता खत्म हो जाए तो भी जिंदगी नहीं रुकती। अपने सपनों और करियर पर ध्यान दीजिए, लेकिन कमिटमेंट की अहमियत कभी मत भूलिए। सवाल: आज फिल्मों में रोमांस और संगीत की जगह एक्शन और हिंसा ज्यादा देखने को मिल रही है। आपको क्या लगता है, इसकी वजह क्या है? जवाब/नफीसा अली: हमारी फिल्मों की पहचान कभी प्यार, रिश्ते और संगीत थी। लेकिन अब एक्शन और हिंसा का असर ज्यादा दिखाई देता है। लोग बार-बार ऐसी फिल्में देख रहे हैं, लेकिन सवाल है कि हिंसा को आखिर कितनी बार देखा जा सकता है? मैं फिल्म बनाने वालों को पूरी तरह दोष नहीं देती, लेकिन समाज के प्रति उनका भी दायित्व है। उन्हें सोचना चाहिए कि वे दर्शकों तक कैसा संदेश पहुंचा रहे हैं। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्मों और समाज के माहौल का एक-दूसरे पर असर पड़ता है? जवाब/नफीसा अली: बिल्कुल पड़ता है। आज देश में कई तरह की राजनीतिक सोच और प्रभाव फिल्मों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे माहौल में युवाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि उनके दिमाग पर किस तरह का असर डाला जा रहा है। हर इंसान को अपने विवेक से सोचना चाहिए। किसी भी मानसिक प्रभाव या भटकाव से बचना जरूरी है। यह भी समझना चाहिए कि हमारी सोच किस दिशा में जा रही है और वह सही है या नहीं। सवाल: रिश्ते टूटने के बाद बढ़ती घरेलू हिंसा और आक्रामक व्यवहार पर आप क्या कहना चाहेंगी? जवाब/नफीसा अली: वरिष्ठ होने के नाते मैं यह जरूर कहना चाहूंगी कि हमारे देश में शादी और रिश्तों के नाम पर बंद दरवाजों के पीछे बहुत हिंसा हो रही है। सरकार ने कई हेल्पलाइन और सहायता व्यवस्थाएं शुरू की हैं। अगर कोई व्यक्ति रिश्ते में हिंसा झेल रहा है, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। उसे अपनी आवाज उठानी चाहिए। जो इंसान आपके साथ हिंसक व्यवहार करता है, वह आपके साथ रहने के लायक नहीं है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना ही बेहतर है। किसी को भी हिंसा सहने के लिए मजबूर नहीं होना
ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…
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लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…
समय रैना के साथ फोटो वायरल होने पर भड़कीं कुशा:कहा- ये मेरा दोस्त नहीं, मेरे प्राइवेट पार्ट पर जोक बने, ट्रॉमा में थैरेपी लेनी पड़ी, जानिए पूरा विवाद

कुछ समय पहले ही एक रोस्ट शो में समय रैना ने कुशा कपिला पर कई आपत्तिजनक जोक किए थे। इसके बाद कुशा ने भड़कते हुए कहा था कि बार-बार मना करने के बावजूद समय रैना ने प्राइवेट पार्ट और निजी बातों पर मजाक करना जारी रखा। अब कुशा कि समय रैना के साथ एक फर्जी तस्वीर वायरल कर दावा किया जा रहा है कि कुशा खुद अपने पुराने बयान से पलट गई हैं। फोटो वायरल होने के बाद एक्ट्रेस ने साफ किया है कि वो समय की दोस्त नहीं हैं और तस्वीर AI जनरेटेड है। कुशा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से स्टोरी की सीरीज पोस्ट कर विवाद पर भड़ककर रिएक्शन दिया है। पहली स्टोरी में उन्होंने फर्जी तस्वीर में समय से पैच-अप के दावे पर लिखा है, ‘फर्जी और जानबूझर फैलाया गया। मेरा चेहरा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बदला गया है। मुझे समझ नहीं आता कि कोई इस तरह की चीजों पर पैसे क्यों खर्च करेगा। इंटरनेट पर कुछ लोग मुझे छोटा दिखाने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। अब तो यह सब देखकर हंसी आती है।’ अगली स्टोरी में उन्होंने लिखा, ‘जानबूझकर कितनी बातें फैलाओगे मीम अकाउंट्स? अब बस करो। क्या मुझे सच में उन जोक्स का खुलासा करना पड़ेगा ताकि मेरा गुस्सा सही साबित हो? फिर केस हो जाएगा भाई। आगे बढ़ो। अब मैं किसी पार्टी में भी नहीं जाऊंगी।’ आगे उन्होंने समय रैना से दोस्ती टूटने पर लिखा, ‘हां, हमारी दोस्ती थी। समय रैना, आशीष सोलंकी के रोस्ट शो में पैनलिस्ट था। कोई स्क्रिप्ट पहले से नहीं दी गई थी, कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ था और मुझे पहले से कोई जोक्स नहीं बताए गए थे। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मेरे बारे में क्या बोला जाएगा। मेरे ऊपर किए गए जोक्स बहुत खराब थे। आज भी मेरा मानना है कि उन्हें सेंसर किया जाना चाहिए था। मैंने समय और आशीष दोनों को ब्लॉक कर दिया था। उस दिन जो शर्म और अपमान महसूस हुआ, उससे बाहर आने में मुझे काफी समय और थेरेपी लगी। काश वह रोस्ट कभी हुआ ही न होता।’ ‘यह दावा बिल्कुल गलत है कि मैंने समय के बुरे दौर का जश्न मनाया था। मैंने ऐसा कभी नहीं किया। कई मीडिया संस्थानों ने मुझसे उसके खिलाफ बोलने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। मैं समय की दोस्त नहीं हूं और कभी उसके शो लेटेंट में नहीं जाऊंगी। हमने बस सामान्य व्यवहार रखने का फैसला किया है और इंटरनेट पर एक-दूसरे के बारे में बात न करने का निर्णय लिया है।’ मेरे प्राइवेट पार्ट पर मजाक बनाए गए- कुशा आखिरी में कुशा कपिला ने AI जनरेटेड तस्वीर की असली तस्वीर शेयर कर लिखा, पिछले दो सालों से, उस रोस्ट के बाद और मेरे द्वारा उन जोक्स पर आपत्ति जताने के बाद, इंटरनेट पर कुछ लड़कों ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर मजाक बनाए, यह तक कहा कि मेरे ऊपर रेप जोक्स किए गए होंगे। मेरी निजी जिंदगी का मजाक उड़ाया गया। एयरपोर्ट पर भी लोग मेरे पास आकर हंसते हुए कहते थे, “वो वाले जोक्स बता दो ना कुशा।” उस समय मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी और मेरे मैनेजर को उन्हें रोकना पड़ता था। क्यों हुआ कुशा और समय रैना का विवाद? कुशा कपिला बीते साल आशीष सोलंकी के रोस्ट शो में पहुंची थीं, जहां कॉमेडियन्स ने उन्हें रोस्ट किया था। शो में समय रैना ने कुशा पर काफी आपत्तिजनक बातें कहीं और निजी रिश्तों पर भी जोक्स किए। आमतौर पर इस तरह के रोस्ट शोज में सारे जोक्स पहले ही डिस्कस किए जाते हैं, हालांकि उस शो में कुशा को पहले से स्क्रिप्ट नहीं दी गई। लाइव शो रिकॉर्डिंग के समय कुशा कुछ नहीं बोल सकीं, हालांकि बाद में बैक स्टेज उन्होंने इसका विरोध किया। बाद में वीडियो से जोक म्यूट कर दिए गए थे, हालांकि इससे कुशा और समय की दोस्ती टूट गई।
परिवार के साथ लंदन वैकेशन पर दिखीं प्रियंका चोपड़ा:बेटी मालती ने निकाले मां के बालों के क्लिप; विंबलडन देखने भी पहुंचीं, देखें तस्वीरें

ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपने परिवार के साथ लंदन में छुट्टियां मना रही हैं। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर इस ट्रिप की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें उनकी बेटी मालती मैरी और पति निक जोनास भी नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में एक खास वीडियो ने फैंस का ध्यान खींचा है, जिसमें छोटी मालती अपनी मां के बालों से पिन निकालती हुई नजर आ रही हैं। इस दौरान वे फेमस टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन 2026 के मैच देखने भी पहुंचीं। देखें प्रियंका की लंदन ट्रिप की तस्वीरें मां के बालों से पिन निकालती हुई दिखीं मालती प्रियंका चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर अपने लंदन ट्रिप की यादें शेयर की हैं। शुरुआत की तस्वीरों में वे विम्बलडन मैच का आनंद लेती और वहां मौजूद लोगों से मिलती दिख रही हैं। पोस्ट के आखिरी हिस्से में उन्होंने परिवार के साथ बिताए निजी पलों को दिखाया है। हालांकि प्रियंका ने किसी भी तस्वीर में अपनी बेटी का चेहरा नहीं दिखाया है। एक वीडियो में मालती अपनी मां के साथ कहानी सुन रही हैं, तभी प्रियंका उनसे अपने जूड़े से हेयरपिन निकालने के लिए कहती हैं। मालती बहुत ध्यान से एक-एक करके क्लिप हटाती हैं। आमतौर पर पब्लिक इवेंट्स के बाद निक जोनास प्रियंका के बाल खोलने में मदद करते हैं, लेकिन इस बार बेटी मालती यह करती नजर आईं। लंदन ट्रिप की अन्य तस्वीरें भी आईं सामने शेयर की गई अन्य तस्वीरों में मालती अपने पिता निक जोनास की गोद में बैठी हैं और दोनों ट्रेन की खिड़की से बाहर का नजारा देख रहे हैं। इस दौरान प्रियंका ने एक सेल्फी भी क्लिक की। एक दूसरी तस्वीर में मालती झील के किनारे बत्तखों को दाना खिलाते हुए आइसक्रीम का मजा ले रही हैं। आखिरी फोटो में मालती एक पेड़ के तने पर बैठी हुई नजर आ रही हैं। यूजर्स बोले- मालती की आवाज बहुत प्यारी इस मां-बेटी के खूबसूरत तालमेल पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि निक, ऐसा लग रहा है कि मालती आपकी नौकरी छीनने आ रही है। मालती की बातचीत और उनकी आवाज सुनकर भी लोग तारीफ कर रहे हैं। एक फैन ने कहा कि उनकी आवाज बहुत शांत और प्यारी है, वह बड़ी होकर सिंगर बनेगी। कुछ लोगों ने लिखा कि इस उम्र में बच्चे सच में आपकी मदद करना चाहते हैं। विंबलडन मैच देखने पहुंचीं थीं प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं थीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया था। ‘वाराणसी’ से 8 साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी प्रियंका चोपड़ा के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे जल्द ही एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके साथ साउथ स्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में होंगे। इस फिल्म के जरिए प्रियंका करीब 8 साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। यह फिल्म ग्लोबल सक्सेस ‘आरआरआर’ के बाद राजामौली की अगली बड़ी फिल्म है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह एक एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसे 1000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट के साथ बनाया जा रहा है।
सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम दूसरे दिन भी जारी:पहली पारी में 66.85 प्रतिशत रही उपस्थिति; 18 जुलाई तक होंगे

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा दूसरे दिन भी 27 जिलों में हो रही है। इसके लिए प्रदेश में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षाएं 18 जुलाई तक चलेगी। पहली पारी में 3 लाख 35 हजार 268 में से 2 लाख 24 हजार 119 कैंडिडेट्स शामिल हुए, उपस्थिति प्रतिशत 66.85 प्रतिशत रहा। दूसरी पारी की परीक्षा तीन बजे से शुरू होगी। इस साल की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक इस एग्जाम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही एंट्री दी गई। अजमेर में 15 हजार 920 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। पहले 6,500, फिर 10,537 और अब 9,651 पदों पर भर्ती RPSC की अपील- दलालों और ठगों से रहें सावधान 1. किसी के बहकावे में न आएं RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पास कराने का दावा करने वाले किसी भी दलाल, बिचौलिए (मीडिएटर) या ठग के झांसे में न आएं। 2. पैसे मांगने पर तुरंत यहां शिकायत करें अगर कोई भी व्यक्ति आपसे परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे (रिश्वत) मांगता है या कोई लालच देता है, तो सबूत के साथ तुरंत पुलिस, जांच एजेंसी या आयोग के कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत करें, कंट्रोल रूम नंबर: 0145-2635200, 2635212 और 2635255 3. नकल या गड़बड़ी की तो भुगतनी होगी कड़ी सजा अगर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में नकल करते हुए या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो नए कानून (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022) के तहत बहुत सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है। 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आरोपी की घर-जमीन (चल-अचल संपत्ति) जब्त की जा सकती है। जानिए- किस जिले में कितने सेंटर बनाए अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा 12 जुलाई को ये एग्जाम हुआ 13 जुलाई को ये एग्जाम हो रहा आने वाले दिनों में ये होंगे पढें ये खबर भी…. प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे एग्जाम सेंटर में घुसे अभ्यर्थी:हाथों में बंधे धागे काटे, दुपट्टे उतरवाए; 27 जिलों में हुई सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा
भाजपा सरकार पर भड़कीं सिंगर अनुराधा पौडवाल:कहा- 93 हजार स्कूल बंद पड़े हैं, विश्वगुरु-विश्वगुरु कहना बंद करो या ये नॉनसेंस बंद करो

नेशनल अवॉर्ड विजेता और पद्मश्री से सम्मानित हो चुकीं सिंगर अनुराधा पौडवाला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि लोग विश्वगुरु बनने की बातें करते हैं, लेकिन भारत में मौजूदा समय में 93 हजार स्कूलें बंद पड़ी हैं। अनुराधा पौडवाल ने हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा है, ‘कुछ सालों पहले तक मेरे मन में बहुत आता था कि हम विश्वगुरु बनेंगे, लेकिन अभी मैं देखती हूं कि विश्वगुरु को विरोधाभासी करने वाली चीजें ही ज्यादा हो रही हैं। कहां से हम विश्वगुरु बनेंगे। या तो हम विश्वगुरु-विश्वगुरु करना बंद करें, या तो ये सब नॉनसेंस बंद करें।’ ‘क्या हमें शिक्षित नहीं बनना था, मुझे समझ नहीं आता कि हम एजुकेटेड बनना चाहते हैं, लेकिन हमारे देश में 93 हजार स्कूल बंद पड़े हैं। तो विश्वगुरु का बेस क्या है। ख्वाब के ऊपर तो आप चल नहीं सकते। आपको कुछ तो करना पड़ेगा ना।’ आगे सिंगर ने कहा, ‘राम राज्य की बात करते हैं, इधर तो मंदिर पर ही डाका हो गया। मैं ये कहना चाहती हूं कि विश्वगुरु के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन इससे जुड़ी हुई जो चीजें हैं, वो कौन सी हैं, उसकी लिस्ट भेजो। ताकि हम उस पर चलें।’ सरकार से जुड़े बयान देकर चर्चा में ये सेलेब्स अनुपम खेर ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का बचाव किया- अनुपम खेर ने हाल ही में इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में राम मंदिर चोरी का बचाव किया। एक्टर ने तर्क दिया कि लूट तब मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिरों को तोड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि लूट तब मची थी जब मुगल राजाओं ने ब्राह्मणों को मारकर उनके जनेऊ को इकट्ठा करके तोला था। बयान सामने आने के बाद एक्टर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। एथेनॉल पर दिए बयान पर सौरभ जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग- पॉपुलर यूट्यूबर सौरभ जोशी ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट कर बताया है कि एथेनॉल के इस्तेमाल से उनकी मर्सिडीज कार का एवरेज 15 से 5 हो चुका है। एथेनॉल पर सवाल उठाने के बाद अब कई यूजर्स उनकी 50 करोड़ से 100 करोड़ पहुंच चुकी संपत्ति पर सवाल कर रहे हैं और उनके खिलाफ जांच की मांग भी कर रहे हैं। कौन हैं अनुराधा पौडवाल?







