Tuesday, 15 Sep 2026 | 05:10 PM

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अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया:अब सैलरी के आधार पर होगा चयन; 1 अप्रैल से नया फार्म I-129 लागू होगा

अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया:अब सैलरी के आधार पर होगा चयन; 1 अप्रैल से नया फार्म I-129 लागू होगा

अमेरिका ने एच-1बी वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों का चयन रैंडम लॉटरी के बजाय वेतन के आधार पर होगा। इसके लिए अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने फॉर्म I-129 का नया सिस्टम बनाया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य कर दिया जाएगा। कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए दाखिल याचिका में नौकरी से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इससे पहले की तुलना में ज्यादा अनुभवी और हाई सैलरी पाने वाले प्रोफेशनल्स को वीजा मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। नए सिस्टम में आवेदकों को चार वेतन स्तरों में बांटा जाएगा। जिस पद का वेतन स्तर जितना ऊंचा होगा, चयन प्रक्रिया में उसे उतने अधिक मौके मिलेंगे। मसलन, लेवल-4 के उम्मीदवार को चार मौके मिलेंगे, जबकि लेवल-1 को सिर्फ एक मौका मिलेगा। फॉर्म I-129 का उपयोग अस्थायी कामगारों को अमेरिका बुलाने के लिए किया जाता है। अमेरिका का श्रम विभाग हर पेशे और शहर के लिए एक मानक वेतन तय करता है। उसी के आधार पर नौकरी को लेवल-1 से लेवल-4 में रखा जाता है। 70% एच-1 बी वीजा भारतीयों को मिलता है एच-1 बी पर ट्रम्प की कभी हां, कभी ना ट्रम्प का एच-1 बी वीजा पर 9 साल में कभी हां, कभी ना वाला रवैया रहा है। पहले कार्यकाल में 2016 में ट्रम्प ने इस वीजा को अमेरिकी हितों के खिलाफ कहा था। 2019 में इस वीजा का एक्सटेंशन सस्पेंड किया। पिछले महीने ही यू-टर्न लेते हुए कहा- हमें टैलेंट की जरूरत है। गोल्ड कार्ड में हमेशा रहने का अधिकार मिलेगा ट्रम्प ने H-1B में बदलाव के अलावा 3 नए तरह के वीजा कार्ड लॉन्च किए थे। ‘ट्रम्प गोल्ड कार्ड’, ‘ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड’ और ‘कॉर्पोरेट​​​​​ गोल्ड कार्ड’ जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ट्रम्प गोल्ड कार्ड (8.8 करोड़ कीमत) व्यक्ति को अमेरिका में अनलिमिटेड रेसीडेंसी (हमेशा रहने) का अधिकार देगा। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा।

भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे

भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे

भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने गुरुवार को पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद पर बोली लगाई। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन ने खुद उन्हें 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। इसी के साथ अबरार 21 जुलाई से शुरू हो रही द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के कारण आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने 2009 के बाद से किसी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं किया है। चेन्नई की मीडिया कंपनी सन ग्रुप ने पिछले साल नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में पहले 49% हिस्सेदारी ECB से और बाकी 51% यॉर्कशायर काउंटी क्लब से करीब 10 करोड़ पाउंड में खरीदी थी। इसके बाद टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स रखा गया। सन ग्रुप IPL में सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की भी मालिक है, लेकिन इन टीमों में अभी कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… उस्तान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी। ——————————————————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अब नेट्स शेयर नहीं कर सकेंगी IPL टीमें, BCCI ने प्रैक्टिस सेशन की गाइडलाइन जारी की BCCI ने IPL टीमों के प्रैक्टिस सेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसके अनुसार कोई भी टीम उस नेट या पिच पर प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी, जिस पर दूसरी टीम पहले अभ्यास कर चुकी हो। हर टीम को अभ्यास के लिए अलग और नए नेट उपलब्ध कराए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर

फिल्म कैलेंडर का ट्रेलर लॉन्च, महिला जीवन की भावनात्मक कहानी:मूवी के माध्यम से समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की नई पहल

फिल्म कैलेंडर का ट्रेलर लॉन्च, महिला जीवन की भावनात्मक कहानी:मूवी के माध्यम से समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की नई पहल

मुंबई में आगामी फिल्म ‘कैलेंडर’ की टीम ने रिलीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर फिल्म के कॉन्सेप्ट और कहानी के बारे में मीडिया को जानकारी दी। रनिंग हॉर्स क्रिएशन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता और लीड एक्टर आदर्श गुंडूराज हैं। खास बात यह है कि ‘कैलेंडर’ मूल रूप से कन्नड़ फिल्म है, जिसे अब हिंदी में भी रिलीज किया जा रहा है ताकि यह देशभर के दर्शकों तक पहुंच सके। चार्टर्ड अकाउंटेंट से फिल्ममेकर बने आदर्श गुंडूराज ने प्रेस मीट में कहा कि इस फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करती है। उन्होंने बताया कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का भी प्रयास है। फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन में आने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव, रिश्तों पर उनके असर और रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है। मेकर्स का कहना है कि ‘कैलेंडर’ एक मजबूत कहानी के साथ दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी। फिल्म में आदर्श गुंडूराज के अलावा रमेश इंदिरा, प्रकाश थुमिनाडु, गुरुनंदन, मालाश्री, सुचेंद्रप्रसाद, चंद्रप्रभा, शिव प्रदीप, सुष्मिता नायक, निविश्का पाटिल और अमृथा जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नवीन शक्ति ने किया है, जबकि संगीत सुनाद गौतम ने तैयार किया है। सिनेमैटोग्राफी रमेश कोइरा और एडिटिंग सुरेश अरुमुगम ने संभाली है। वहीं एक्शन सीक्वेंस को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और ‘KGF’ व ‘कांतारा’ फेम एक्शन डायरेक्टर विक्रम मोर ने डिजाइन किया है। फिल्म की कहानी और निर्माण आदर्श गुंडूराज ने किया है, जबकि शिव प्रदीप सह-निर्माता और महंताश आर सह-निर्देशक हैं। ‘कैलेंडर’ 3 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसका वितरण वीके फिल्म्स (विजय किरागंदूर फिल्म्स) द्वारा किया जा रहा है।

वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।

वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।

अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब:कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत; अय्यर ने लिखा था- क्या आप मोदी की कृपा चाहते हैं

अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब:कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत; अय्यर ने लिखा था- क्या आप मोदी की कृपा चाहते हैं

कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं शशि थरूर और मणि शंकर अय्यर के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। शशि थरूर ने गुरुवार को अय्यर के ओपन लेटर का जवाब ओपन लेटर लिखकर दिया है। थरूर ने भी कहा है कि विदेश नीति पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे किसी की नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। मणि शंकर अय्यर ने अपने लेटर में विदेश नीति पर थरूर के रुख की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शशि थरूर ने अमेरिका-इजराइल और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भारत के नैतिक रुख को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि भारत को शक्तिशाली देशों के दबाव में चुप नहीं रहना चाहिए और गांधी-नेहरू की नैतिक राजनीति से प्रेरणा लेनी चाहिए। अय्यर ने लेटर में लिखा था कि क्या आप सचमुच नरेंद्र मोदी की कृपा पाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे आपको वह लाभ दे सकते हैं जो विपक्ष आपको नहीं दे सकता? अय्यर ने लिखा- यहीं से हमारे रास्ते अलग हो जाते हैं। इसपर थरूर ने जवाब में कहा है कि आपरेशन सिंदूर पर मेरे बोलने के बाद से ही आप लगातार मेरे बारे में कई टिप्पणियां कर रहे थे। मैंने अब तक सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन आपकी हाल की टिप्पणियों के बाद जवाब देना जरूरी हो गया था। थरूर का लेटर पढ़िए- लोकतंत्र की खूबी यही है कि लोग अलग-अलग राय रख सकते हैं। असहमति होना गलत नहीं है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई विदेश नीति को थोड़ा अलग तरीके से देखता है, उसकी नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। आपने मेरे विचारों और मेरे चरित्र के बारे में जो सार्वजनिक टिप्पणी की है, उसका जवाब देना जरूरी हो गया है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मामलों को भारत के राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा है। मेरे लिए भारत की सुरक्षा, भारत की अर्थव्यवस्था और दुनिया में भारत की इज्जत सबसे ऊपर है। दुनिया की राजनीतिक हकीकत को समझना और भारत के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेना कोई “मोरल सरेंडर” नहीं है — यह जिम्मेदार स्टेटक्राफ्ट है। भारत की विदेश नीति हमेशा principle और pragmatism दोनों का संतुलन रही है। Jawaharlal Nehru की Non-Alignment policy से लेकर आज की multi-alignment diplomacy तक भारत का मकसद हमेशा एक ही रहा है, अपनी संप्रभुता की रक्षा करना और दुनिया में न्याय की बात करना। संसद में हो या संसद के बाहर, मेरा रिकॉर्ड इसी संतुलन को दिखाता है। देशभक्ति पर किसी एक पीढ़ी का अधिकार नहीं है। और न ही गांधी जी या नेहरू जी को समझने का अधिकार किसी एक समूह के पास है। असली सम्मान यही है कि उनके विचारों को आज के समय की हकीकत के साथ समझकर लागू किया जाए। इतिहास में भी भारत ने कई बार ऐसा किया है कि किसी देश की गलत कार्रवाई को तुरंत सार्वजनिक रूप से नहीं ललकारा, क्योंकि हमारे अपने राष्ट्रीय हित उससे जुड़े हुए थे। उदाहरण के लिए, सोवियत यूनियन के साथ हमारे रिश्ते इतने महत्वपूर्ण थे कि हंगरी, चेकोस्लोवाकिया और अफगानिस्तान के मामलों में भी भारत ने बहुत संतुलित रुख अपनाया।आज भी खाड़ी देशों के साथ भारत के बहुत बड़े हित जुड़े हैं। लगभग 200 अरब डॉलर का व्यापार, हमारी एनर्जी सिक्योरिटी और करीब 90 लाख भारतीय वहां काम कर रहे हैं। ऐसे में विदेश नीति बनाते समय इन सब बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। यथार्थ को समझना किसी के आगे झुकना नहीं होता। आज अमेरिका में ऐसी सरकार है जो अंतरराष्ट्रीय कानून को हमेशा उसी तरह प्राथमिकता नहीं देती जैसे हम देना चाहते हैं। लेकिन अगर हम उसे खुलकर चुनौती देते हैं तो उसके परिणाम भी हो सकते हैं।अपने हाल के Indian Express लेख में मैंने साफ लिखा है कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसे तुरंत खत्म होना चाहिए। लेकिन साथ ही मैंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हमारे कई महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं, उन्हें खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी। विदेश नीति आखिरकार राष्ट्रीय हित के बारे में ही होती है, केवल भाषण देने या दिखावे की राजनीति करने के बारे में नहीं। मेरी विदेश यात्राओं को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, वे बिल्कुल बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन सिंदूर को छोड़कर मेरी बाकी विदेश यात्राएं मेरी प्राइवेट कैपेसिटी में होती हैं। न उन्हें सरकार आयोजित करती है, न सरकार उनका खर्च उठाती है। दुनिया भर के कई विश्वविद्यालय और संस्थान मुझे बुलाते हैं, जितने निमंत्रण आते हैं, उनमें से ज्यादातर को मैं अपने काम के कारण स्वीकार भी नहीं कर पाता।जहाँ तक क्षेत्रीय राजनीति की बात है, मेरे विचार सालों से एक जैसे रहे हैं।मैंने हमेशा Israel और Palestine के बीच two-state solution का समर्थन किया है। और यह भी कहा है कि पाकिस्तान में अक्सर ऐसा लगता है कि वहाँ सेना के पास देश है, न कि देश के पास सेना। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब हमने दुनिया में भारत का पक्ष रखा, तो मेरा संदेश साफ था — “भारत बुद्ध और गांधी की भूमि है। हम शांति चाहते हैं। लेकिन शांति का मतलब कमजोरी नहीं होता। अगर आतंकवाद हमारे लोगों की जान लेगा, तो भारत मजबूती से जवाब देगा।”सबरीमाला के मुद्दे पर भी आपकी आलोचना मुझे थोड़ी अजीब लगी। एक तरफ आप मुझे “गलत विचारों” के लिए कोसते हैं, दूसरी तरफ उसी मुद्दे पर पार्टी के निर्णय के साथ खड़े होने के लिए भी आलोचना करते हैं। मेरी जन्मतिथि को लेकर की गई टिप्पणी भी इस बहस से जुड़ी नहीं है। महात्मा गांधी का सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं कि किसी को उनकी गोद में खेलने का मौका मिला हो। मैंने गांधी जी और नेहरू जी पर काफी लिखा है और उनका सम्मान मेरे विचारों में गहराई से मौजूद है।विदेश नीति के तरीकों पर मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन principled pragmatism को गलत समझना ठीक नहीं है। मेरा मानना है कि भारत को ऐसी राष्ट्रवादी सोच की जरूरत है जो नैतिक मूल्यों और वास्तविक दुनिया की राजनीति, दोनों को साथ लेकर चले।आपने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मेरा समर्थन किया, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं।और जब आपको पार्टी से निलंबित किया गया था,

भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका:16 बिजनेस पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू, अनुचित व्यापार के सबूत मिले तो भारी टैक्स लगेगा

भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका:16 बिजनेस पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू, अनुचित व्यापार के सबूत मिले तो भारी टैक्स लगेगा

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने भारत और चीन समेत अपने 16 प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ ‘सेक्शन 301’ के तहत नई जांच शुरू कर दी है। ‘सेक्शन 301’ अमेरिका को उन देशों पर एकतरफा टैक्स बढ़ाने की शक्ति देता है, जो उसकी कंपनियों को नुकसान पहुंच रहे हो। पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ को अवैध बताने के बाद, प्रशासन अब नए कानूनी रास्तों से टैरिफ का दबाव वापस बनाने की तैयारी में है। यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर के मुताबिक, इस जांच के कारण इस साल गर्मियों तक भारत, चीन, यूरोपीय संघ और मैक्सिको जैसे देशों पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। सवाल जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: अमेरिका ने किन देशों के खिलाफ जांच शुरू की है? जवाब: ट्रम्प प्रशासन ने कुल 16 ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू की है। इनमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं। सवाल 2: यह जांच अचानक क्यों शुरू की गई है? जवाब: 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 150 दिनों के लिए 10% का अस्थाई टैरिफ लगाया था। अब प्रशासन ‘सेक्शन 301’ का इस्तेमाल कर रहा है ताकि ट्रेडिंग पार्टनर्स पर टैरिफ का खतरा बरकरार रहे और उन्हें बातचीत की मेज पर लाया जा सके। सवाल 3: ‘सेक्शन 301’ क्या है और यह कितना पावरफुल है? जवाब: यह ‘ट्रेड एक्ट ऑफ 1974’ का एक हिस्सा है। यह अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव को यह ताकत देता है कि अगर कोई देश ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practices) करता है, तो अमेरिका उस पर जवाबी टैरिफ या अन्य प्रतिबंध लगा सकता है। सवाल 4: जांच का मुख्य फोकस किन बातों पर है? जवाब: अमेरिका उन देशों की जांच कर रहा है जो अपनी जरूरत से कहीं ज्यादा सामान बना रहे हैं और खपत न होने पर उस माल को सस्ते दामों पर अमेरिकी बाजारों में डंप कर रहे हैं। अमेरिका यह देखना चाहता है कि क्या ये देश जानबूझकर अपनी एक्सेस कैपेसिटी का इस्तेमाल करके अमेरिकी कंपनियों और वहां के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को चोट तो नहीं पहुंचा रहे। इसे एक फैक्ट्री के उदाहरण से समझें… मान लीजिए किसी देश में जूतों की एक ऐसी फैक्ट्री है जो साल में 100 जूते बना सकती है, लेकिन उस देश के लोगों को सिर्फ 20 जूतों की जरूरत है। अब वह फैक्ट्री बंद न हो, इसलिए वहां की सरकार उसे सब्सिडी या मदद देकर पूरे 100 जूते बनवाती है। अब जो 80 जूते बचे हैं, उन्हें वह देश बहुत कम कीमत पर दूसरे देशों के बाजारों में उतार देता है। इससे वहां की अपनी कंपनियों को नुकसान होता है, क्योंकि वे इतनी सस्ती कीमत का मुकाबला नहीं कर पातीं। अमेरिका इसी ‘जरूरत से ज्यादा उत्पादन’ की जांच कर रहा है। सवाल 5: क्या भारत के लिए ये चिंता की बात है? जवाब: 2024 में अमेरिका के साथ भारत का गुड्स ट्रेड सरप्लस 58,216 मिलियन डॉलर (₹5.37 लाख करोड़) था। ये 2025 में 45,801 मिलियन डॉलर (₹4.23 लाख करोड़) रह गया। इसमें कमी आई है। फिर भी भारत उन 16 देशों की सूची में है, जिनकी जांच होगी। अगर जांच में भारत की नीतियां ‘अनुचित’ पाई गईं तो भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लग सकता है। सवाल 6: चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा कितना बड़ा है? जवाब: चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में चीन का ट्रेड सरप्लस 202,071 मिलियन डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 295,515 मिलियन डॉलर हो गया। यानी एक साल में ही करीब 93,444 मिलियन डॉलर का बड़ा उछाल आया है। सवाल 7: फोर्स्ड लेबर को लेकर कौन सी अलग जांच हो रही है? जवाब: ग्रीर ने बताया कि वे ‘सेक्शन 301’ के तहत एक और जांच शुरू कर रहे हैं, जिसका मकसद फोर्स्ड लेबर से बने सामानों के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है। अमेरिका पहले ही उइगर फोर्स्ड लेबर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और दूसरे सामानों पर एक्शन ले चुका है। अब इस तरह की कार्रवाई दूसरे देशों पर भी की जा सकती है। अमेरिका चाहता है कि दूसरे देश भी बंधुआ मजदूरी या जबरन श्रम से बने सामानों पर बैन लगाएं। सवाल 8: इस पूरी प्रक्रिया की टाइमलाइन क्या है? जवाब: 15 अप्रैल तक आम लोगों और कंपनियों से सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद 5 मई के आसपास सार्वजनिक सुनवाई होगी। लक्ष्य यह है कि जुलाई में अस्थाई टैरिफ खत्म होने से पहले ही इस जांच के नतीजे और नए टैरिफ के प्रस्ताव तैयार कर लिए जाएं। सवाल 9: क्या ट्रम्प प्रशासन टैरिफ लगाने पर अड़ा हुआ है? जवाब: हां, जेमिसन ग्रीर ने साफ कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प टैरिफ लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे व्यापार घाटे को कम करने और अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए हर संभव रास्ता और टूल अपनाएंगे। उन्होंने ट्रेडिंग पार्टनर्स को मौजूदा समझौतों का पालन करने की चेतावनी दी। सवाल 10: व्यापार घाटे के मामले में अन्य देशों की क्या स्थिति है? जवाब: यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका का घाटा 2025 में बढ़कर 235,874 मिलियन डॉलर हो गया है। मैक्सिको के साथ भी घाटा 171,491 मिलियन डॉलर के स्तर पर है। ताइवान और वियतनाम जैसे देशों के घाटे में हालांकि कमी आई है, फिर भी वे जांच के घेरे में हैं। रीडर के लिए टिप्स अगर आप एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिजनेस में हैं, तो अमेरिकी पॉलिसी पर नजर रखें। जुलाई के बाद टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग गुड्स की कीमतों में बड़े बदलाव आ सकते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के टैरिफ पर इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट का फैसला: कंपनियों को टैरिफ के 14.5 लाख करोड़ रुपए लौटाने होंगे, सुप्रीम कोर्ट भी लगा चुका फटकार अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने लंबित मामलों में टैरिफ

क्रिकेटर कुलदीप की शादी में होगी 20 हजार की थाली:शादी का कार्ड राधा-कृष्ण थीम पर, सुनहरी नक्काशी में दिखी रजवाड़े जैसी झलक

क्रिकेटर कुलदीप की शादी में होगी 20 हजार की थाली:शादी का कार्ड राधा-कृष्ण थीम पर, सुनहरी नक्काशी में दिखी रजवाड़े जैसी झलक

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं। शादी में शामिल होने के लिए कानपुर से परिवार और रिश्तेदार मसूरी रवाना हो चुके हैं। यह शादी 14 मार्च (शनिवार) को मसूरी के आलीशान ‘वेलकम होटल द सेवॉय’ में होगी। इसके तीन दिन बाद यानी 17 मार्च को लखनऊ के होटल सेंट्रम में ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी आयोजित की जाएगी। कुलदीप और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ में सगाई की थी। इस शादी का बजट 2 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। कुलदीप और वंशिका की शादी का खूबसूरत और शाही वेडिंग कार्ड भी सामने आया है। निमंत्रण पत्र की थीम राधा-कृष्ण पर आधारित है। इसकी बनावट, नक्काशी और उस पर उकेरी गई कलाकृतियां किसी शाही रजवाड़े का अहसास कराती हैं। कार्ड की कीमत करीब 2200 रुपये बताई जा रही है। वहीं, मेहमानों के लिए वेज और नॉनवेज दोनों तरह के व्यंजन रखे गए हैं। खाने की एक प्लेट की कीमत करीब 20 हजार रुपये है। शादी के कार्ड की PHOTOS… वेडिंग कार्ड की खासियतें… शाही अंदाज और बारीक नक्काशी कार्ड का बेस हल्के गुलाबी (पीच) रंग का है। इस पर बेहद बारीक फ्लोरल (फूल-पत्तियों) पैटर्न छपा है। कार्ड पर ‘गोल्ड फॉयल वर्क’ (सुनहरी नक्काशी) है। किनारों पर महल के गुंबदों और आकृतियों को उभारने के लिए सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया है, जो इसे एक 3D और विंटेज लुक देता है। कार्ड के ऊपरी हिस्से पर एक शानदार गोल्डन लॉक (बकल) है, जिसके ऊपर गुलाबी फूलों की डिजाइन बनी है। कार्ड के बीचों-बीच आकर्षक कपल का चित्र उकेरा कार्ड के बीचों-बीच एक बेहद आकर्षक चित्र उकेरा है। इसमें एक शाही महल के झरोखे के सामने एक जोड़े को खड़े दर्शाया है। लाल और हरे रंग के पारंपरिक शाही लिबास में सजे इस जोड़े की झलक राधा-कृष्ण जैसी लग रही है। बैकग्राउंड में महल की जालीदार खिड़कियां और गुंबद हैं। वहीं, कार्ड के निचले हिस्से में प्रकृति का सुंदर चित्रण है- तालाब में खिले कमल के फूल और फव्वारे के पास बैठा एक मोर दिखाया गया है। अक्षर और निमंत्रण का संदेश कार्ड पर लिखे अक्षरों का चुनाव भी इसकी शाही थीम से मेल खाता है। सबसे ऊपर एक खूबसूरत गोल्डन विंटेज नेमप्लेट के आकार की डिजाइन में “कुलदीप और वंशिका” लिखा है। कार्ड के साथ एक निमंत्रण टैग भी जुड़ा है, जिस पर अंग्रेजी के ‘k’ और ‘v’ (कुलदीप और वंशिका) अक्षरों को मिलाकर एक ‘लोगो’ बनाया है, जो एक हार्ट शेप में खत्म होता है। इस पर अंग्रेजी में लिखा है- A Heartfelt Invitation From: मिस्टर. राम सिंह यादव, मिस्टर. कुलदीप सिंह यादव इसके ठीक नीचे उनके कानपुर स्थित निवास का पता- ‘381-D, डिफेंस कॉलोनी, जाजमऊ, कानपुर’ और फोन नंबर लिखे हुए हैं। 20 हजार तक की थाली, कानपुरी और पहाड़ी व्यंजनों का फ्यूजन शाही शादी में क्रिकेट और राजनीति जगत के कई वीआईपी मेहमान शामिल हो सकते हैं। इसलिए खाने का मेन्यू भी बेहद खास रखा गया है। कुलदीप के करीबियों के मुताबिक, खाने में यूपी और उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कुलदीप कानपुर से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए मेन्यू में कानपुरी स्टाइल के जायकों के साथ पहाड़ी व्यंजनों का फ्यूजन तैयार किया गया है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले मेहमानों को ध्यान में रखते हुए 10 से ज्यादा तरह के मेन कोर्स और डेजर्ट रखे गए हैं। होटल में एक समय के खाने (एक प्लेट) की कीमत करीब 20 हजार रुपए तक बताई जा रही है। शाही दावत- क्या होगा मेन्यू में… मेहमानों के लिए होटल के खास ‘प्लैटिनम’ और ‘गोल्ड’ मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें वेज और नॉनवेज दोनों तरह के लजीज व्यंजन शामिल होंगे। प्लैटिनम/गोल्ड नॉन-वेज मेन्यू की खास बातें- स्नैक्स: मेहमानों के लिए 4 तरह के वेजिटेरियन और 4 तरह के नॉन-वेजिटेरियन स्नैक्स परोसे जाएंगे (गोल्ड मेन्यू में 3-3 ऑप्शन होंगे)। सलाद और सूप: अलग-अलग ड्रेसिंग्स के साथ 8 तरह के प्रीमियम सलाद और 1 वेज व 1 नॉनवेज सूप का ऑप्शन रहेगा। मेन कोर्स: 2 नॉन-वेजिटेरियन डिशेज, 2 वेजिटेरियन डिशेज, 1 स्पेशल पनीर डिश, 2 तरह की दाल और 2 तरह के राइस आइटम परोसे जाएंगे। साथ ही तरह-तरह की भारतीय रोटियां होंगी। प्रीमियम बेवरेज मेन्यू… शादी के बार मेन्यू में देश-विदेश की सबसे महंगी और प्रीमियम शराब शामिल की गई है। 2 करोड़ के पार जाएगा शादी का बजट होटल पैकेज: 100 से अधिक मेहमानों और करीब 50 कमरों के लिए 2 दिन का बेस पैकेज 70 लाख रुपए (प्लस टैक्स) से शुरू हो रहा है। डेकोरेशन: होटल की सजावट का खर्च ही 25 से 30 लाख रुपए तक आएगा। प्रति प्लेट खर्च: खाने की एक प्लेट (थाली) की कीमत 4,500 से 5,000 रुपए (प्लस टैक्स) तय की गई है। थाली की कीमत 20 हजार तक हो सकती है। कुल एस्टीमेट: होटल बुकिंग, डेकोरेशन और अन्य खर्चों को मिलाकर 3 दिन के इस पूरे ग्रैंड इवेंट का खर्च 2 करोड़ रुपए के पार जाने का अनुमान है। मेहमानों का स्वागत और वेडिंग थीम… शादी में मेहमानों का स्वागत शाही और भव्य तरीके से किया जाएगा। वेडिंग डेकोरेशन में ‘राजपूताना थीम’ की झलक देखने को मिलेगी। इसमें महाराजाओं वाली खास छतरियां और मोर के डिजाइन वाले एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। कुलदीप यदुवंशी हैं, इसलिए थीम में राधा-कृष्ण से जुड़े कुछ आध्यात्मिक और पारंपरिक एलिमेंट्स भी जोड़े जाने की चर्चा है। जिससे शादी को एक खास पर्सनल टच दिया जा सके।

सिनेमाघरों में फिर से रिलीज हुई धुरंधर:'धुरंधर 2' रिलीज से पहले 500 स्क्रीन्स पर दोबारा दिखाई जा रही; 19 मार्च को दूसरा पार्ट

सिनेमाघरों में फिर से रिलीज हुई धुरंधर:'धुरंधर 2' रिलीज से पहले 500 स्क्रीन्स पर दोबारा दिखाई जा रही; 19 मार्च को दूसरा पार्ट

19 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 से पहले 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ को एकबार फिर वर्ल्ड वाइड रिलीज किया जा रहा है। जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज मिलकर इसे भारत सहित विदेशों में भी बड़े स्तर पर रिलीज कर रहे हैं। फिल्म का पहला भाग आज यानी 12 मार्च से भारत की 250 स्क्रीन्स पर दोबारा दिखाया जा रहा है। वहीं, 13 मार्च से इसे विदेशों में 250 स्क्रीन्स पर रिलीज किया जाएगा। यानी कुल 500 स्क्रीन्स पर दर्शक एक बार फिर धुरंधर का रोमांच महसूस कर सकेंगे। यह फैसला इसलिए किया गया है ताकि 19 मार्च को सीक्वल देखने से पहले फैंस पुरानी कहानी को बड़े पर्दे पर देख सकें। सीक्वल की हाइप बनाने के लिए री-रिलीज फिल्म को धुरंधर 2 की हाइप बनाने के लिए दोबारा रिलीज की जा रहा है। इस स्ट्रैटेजी का मकसद नए पार्ट के लिए एडवांस बुकिंग में उछाल लाना होता है। भारत में कई फिल्में सीक्वल आने से पहले री-रिलीज की जा चुकी हैं। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है। 5 भाषाओं में रिलीज होगी धुरंधर 2 ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को दुनिया भर में रिलीज होने के लिए तैयार है। मेकर्स इसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज कर रहे हैं। रिलीज का समय काफी खास है, क्योंकि इसी दौरान गुड़ी पड़वा, उगादि और ईद जैसे बड़े त्यौहार आ रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि लंबी छुट्टियों का फायदा फिल्म के कलेक्शन को मिलेगा।

दलिया डोसा रेसिपी: घर पर इस तरह का खास कुरकुरा बचपन डोसा, सेहत के लिए स्वादिष्ट; जानिए बनाने के सही तरीके

दलिया डोसा रेसिपी: घर पर इस तरह का खास कुरकुरा बचपन डोसा, सेहत के लिए स्वादिष्ट; जानिए बनाने के सही तरीके

12 मार्च 2026 को 10:44 IST पर अपडेट किया गया दलिया डोसा रेसिपी: आज के दौर में स्वस्थ चॉकलेट के लिए पिज्जा डोसा बेहद जरूरी है। आम तौर पर डोसा चावल और दाल से बनाया जाता है, लेकिन हर रोज डोसा का स्वाद पोषक तत्वों के साथ-साथ भी भरपूर होता है। आइये इसे बनाने के बारे में जानते हैं।