Tuesday, 15 Sep 2026 | 10:04 PM

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सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिनके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिनके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्या बोले, अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। भारत का मुकाबला रविवार को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला जाएगा। प्लेइंग-11 में बदलाव पर हंस पड़े सूर्या जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? कप्तान बोले-पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा, बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है। हमारे पास पर्याप्त कौशल है। कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं। नामीबिया के खिलाफ नहीं खेले थे अभिषेक अभिषेक टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ पेट में इन्फेक्शन के कारण नहीं खेल सके थे। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दो दिनों के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और वे फिर से टीम से जुड़ गए। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

स्विट्जरलैंड 1 करोड़ की आबादी के बाद रोक देगा एंट्री:भीड़ से थका ‘धरती का स्वर्ग‘, 14 जून को होगा जनमत संग्रह, प्रयोग पर पूरी दुनिया की नजर

स्विट्जरलैंड 1 करोड़ की आबादी के बाद रोक देगा एंट्री:भीड़ से थका ‘धरती का स्वर्ग‘, 14 जून को होगा जनमत संग्रह, प्रयोग पर पूरी दुनिया की नजर

यूरोप का समृद्ध और अनुशासित देश अब एक असाधारण फैसले की दहलीज पर खड़ा है। 14 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में जनमत संग्रह होगा, जिसमें तय किया जाएगा कि 2050 तक देश की कुल स्थायी आबादी अधिकतम 1 करोड़ पर सीमित की जाए या नहीं। यह प्रस्ताव दक्षिणपंथी दल स्विस पीपुल्स पार्टी ने आगे बढ़ाया है। स्विट्जरलैंड की वर्तमान आबादी लगभग 91 लाख है। पिछले बीस वर्षों में वृद्धि का बड़ा कारण बाहरी कामगारों का आगमन रहा है। कुल जनसंख्या का पच्चीस प्रतिशत हिस्सा विदेशी मूल का है। इसी तेज वृद्धि ने आवास संकट को गहरा किया है। ज्यूरिख और जिनेवा जैसे शहरों में खाली मकानों की दर एक प्रतिशत से भी कम बताई जाती है। किराये बढ़े हैं। अस्पतालों में प्रतीक्षा समय लंबा हुआ है, सड़कों, रेल मार्गों पर भीड़ बढ़ी है। प्रस्तावित प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि 1 करोड़ की सीमा जन्म दर से नहीं, बल्कि आव्रजन पर नियंत्रण के जरिये लागू की जाएगी। ​जिसके अनुसार यदि आबादी 95 लाख से ऊपर जाती है, तो सरकार को वीसा, कामगार कोटा, शरण नियम और पारिवारिक पुनर्मिलन जैसे प्रावधानों को सख्त करना होगा। यदि जनसंख्या 1 करोड़ पार जाती है, तो आव्रजन को और सीमित कर आबादी को वापस सीमा के भीतर लाने के उपाय करने होंगे। समर्थक इसे अव्यवस्था की रफ्तार थामने का तरीका बताते हैं। वहीं ज्यूरिख विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री यान आइगनबर्गर मानते हैं कि उत्पादकता वृद्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा कुशल विदेशी श्रमिकों से आता है। कठोर सीमा से श्रम बाजार में कमी और कर राजस्व पर दबाव पड़ सकता है। स्विस नियोक्ता संघ के अध्यक्ष वैलेंटिन वोग्ट पहले संकेत दे चुके हैं कि स्वास्थ्य, निर्माण और सेवा क्षेत्र पहले से श्रमिक कमी झेल रहे हैं। आबादी सीमा से यह संकट गहरा सकता है। अब फैसला स्विस मतदाताओं के हाथ में है, लेकिन इसकी गूंज वैश्विक बहस में दूर तक सुनाई देगी। कुल आबादी पर संवैधानिक सीमा का उदाहरण नहीं इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2013 के बाद अवैध समुद्री प्रवेश रोका। हंगरी ने 2015 के बाद सीमा बाड़ और कड़े शरण नियम लागू किए। जापान ने लंबे समय तक सीमित आव्रजन रखा, लेकिन वृद्ध होती आबादी और श्रमिक कमी के कारण नियमों में ढील देनी पड़ी। स्विट्जरलैंड का प्रस्ताव इसलिए अलग है क्योंकि यह कुल आबादी की ऊपरी सीमा तय करने की कोशिश है। सवाल सीधा है कि भविष्य की समृद्धि खुली व्यवस्था से आएगी या नियंत्रित विस्तार से।

2 साल से प्रेग्नेंट बता रहे लोग:सरगुन मेहता ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, रवि दुबे संग बेबी प्लानिंग खबरों को बताया झूठ

2 साल से प्रेग्नेंट बता रहे लोग:सरगुन मेहता ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, रवि दुबे संग बेबी प्लानिंग खबरों को बताया झूठ

टीवी एक्ट्रेस सरगुन मेहता और उनके पति अभिनेता रवि दुबे के बारे में हाल ही में चल रही प्रेग्नेंसी अफवाहों ने मीडिया और सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया था। कई न्यूज पोर्टल्स पर दावा किया कि यह कपल अपनी शादी के 12 साल बाद अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाला है। हालांकि, अब खुद सरगुन ने इसपर सख्त प्रतिक्रिया दी है और इन सभी अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट साझा करते हुए सरगुन ने लिखा कि यह बिना चीजों की खबरें बहुत पहले से वायरल हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “लोगों को कैसे पता कि हम दोनों (मैं और रवि) के बारे में हमसे पहले ही प्रेग्नेंसी का पता चल गया है? कृपया इसे बंद करें।” सरगुन ने अपने नोट में यह भी मजाकिया लहजे में लिखा कि अगर मीडिया की बात मानी जाए तो वे पिछले दो साल से प्रेग्नेंट हैं- “इतनी लंबी प्रेग्नेंसी? जो कि सच से कोसों दूर है।’’ उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि कभी-कभी उनकी कैफे या सलून की फोटो को देखकर भी लोग यह मान लेते हैं कि वे प्रेग्नेंट हैं। सरगुन ने सवाल उठाया, “क्या वे मेरे डाक्टर्स को जानते हैं? या सिर्फ कुछ तस्वीरें देखकर अनाप-शनाप बातें बना रहे हैं?” उन्होंने लोगों से विनती की कि वे ऐसी अफवाहें फैलाने से पहले किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि करें। इससे पहले भी सरगुन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि शादी का मतलब हमेशा बच्चों की उम्मीद नहीं होती। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिंदगी की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। कुछ लोग जल्दी माता-पिता बनते हैं, कुछ बाद मे, यह व्यक्ति के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें शादी की पवित्रता को छोटा कर देती हैं, जबकि हर रिश्ते की अपनी एक अलग यात्रा होती है। बता दें कि सरगुन मेहता और रवि दुबे ने टीवी शो ‘12/24 करोल बाग’ की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे को डेट किया और 7 दिसंबर 2013 को शादी रचाई। रवि दुबे जल्द ही फिल्म ‘रामायण’ में लक्ष्मण के रोल में दिखाई देंगे, जबकि सरगुन ने हाल ही में पंजाबी फिल्म ‘सौंकन सौंकने 2’ में काम किया है।

अमेजन अब सबसे बड़ी कंपनी:10 साल में पहली बार पिछड़ी वॉलमार्ट, आय के पैमाने पर टेक सपोर्टेड कंपनी आगे निकली

अमेजन अब सबसे बड़ी कंपनी:10 साल में पहली बार पिछड़ी वॉलमार्ट, आय के पैमाने पर टेक सपोर्टेड कंपनी आगे निकली

रिटेल की दुनिया में एक नया युग शुरू हो चुका है। दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने वार्षिक राजस्व के मामले में वॉलमार्ट को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल अमेजन के विशाल विस्तार को दर्शाती है, बल्कि बाजार में तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते वर्चस्व का भी प्रमाण है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉलमार्ट ने 31 जनवरी को समाप्त हुए पिछले 12 महीनों के लिए 713.2 अरब डॉलर की बिक्री दर्ज की। इसके मुकाबले, अमेजन ने वर्ष 2025 के लिए 717 अरब डॉलर का राजस्व रिपोर्ट किया है। बेजोस द्वारा 1994 में एक गैरेज से शुरू हुआ यह सफर अब 717 अरब डॉलर की वार्षिक बिक्री तक पहुंच गया है, जो ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। अमेजन वेब सर्विसेज की बदौलत आय वृद्धि 10 गुना विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन की यह बढ़त शुद्ध रिटेल के बजाय तकनीक की वजह से है। -क्लाउड का दबदबा: अमेजन का क्लाउड कंप्यूटिंग व्यवसाय, ‘अमेजन वेब सर्विसेज’ (एडब्ल्यूएस), इस कामयाबी का मुख्य आधार है। -डेटा का महत्व: यदि एडब्ल्यूएस के राजस्व को हटा दिया जाए, तो अमेजन की बिक्री 588 अरब डॉलर रह जाती। यानी एआई के युग में डेटा सेंटर्स के दम पर अमेजन ने यह मुकाम हासिल किया है। -विकास की रफ्तार: पिछले एक दशक में अमेजन का राजस्व वॉलमार्ट की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ा है। दोनों दिग्गज एक-दूसरे के क्षेत्र में सेंध लगा रहे दोनों कंपनियां एक-दूसरे के मुख्य क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश में हैं – वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स में सफलता- अमेजन द्वारा ‘होल फूड्स’ खरीदने के बावजूद, वॉलमार्ट ऑनलाइन बिजनेस विकसित करने में आगे रही। – अमेजन की डिजिटल पहुंच- अमेजन के एप और वेबसाइट पर हर माह 2.7 अरब लोग आते हैं। वॉलमार्ट सबसे बड़ा फिजिकल रिटेलर है। एक्सपर्ट व्यू- यह अमेजन की एक खोखली जीत है सांता क्लारा यूनिवर्सिटी के रिटेल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक कीर्ति कल्याणम का कहना है, ‘यह एक खोखली जीत है। अमेजन ने वॉलमार्ट को रिटेल के खेल में नहीं हराया, बल्कि एक ऐसे नए बिजनेस (क्लाउड) के जरिए पीछे छोड़ा है, जिसमें वॉलमार्ट मौजूद ही नहीं है।’ जेफ बेजोस दुनिया के चौथे सबसे अमीर शख्स, संपत्ति 228 अरब डॉलर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस फिलहाल दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल संपत्ति 228 अरब डॉलर आंकी गई है, जो मुख्य रूप से अमेजन में उनके शेयरों से जुड़ी है। मार्केट वैल्यू में एनवीडिया टॉप पर, अमेजन से दोगुनी, वॉलमार्ट से 4 गुनी राजस्व के मामले में भले ही अमेजन नंबर-1 हो, लेकिन निवेशकों की नजर में एनवीडिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। 4.5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ एनवीडिया की वैल्यू अमेजन से दोगुनी और वॉलमार्ट से चार गुना है।

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास रेलवे स्टेशन पर शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान देवास निवासी यूसुफ कमरी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यूसुफ कमरी ऊना से इंदौर जा रही हिमाचल एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन स्टेशन से चल चुकी थी और इसी दौरान डिब्बे में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जूते-चप्पल की खरीदारी के लिए जा रहे थे इंदौर मृतक यूसुफ कमरी देवास में ही रहते थे और पेशे से जूते-चप्पल का व्यवसाय करते थे। शनिवार को वे अपने इसी व्यापार के सिलसिले में खरीदारी करने के लिए ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पड़ोसी ने कहा- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हादसे की दुखद खबर लगते ही मृतक के परिचित और समाज के लोग स्टेशन पहुंच गए। मृतक के पड़ोसी सादिक अली ने बताया, “यूसुफ शूज़ का व्यापार करते थे। समाज को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं।” पुलिस अब इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।

हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा जिले की मंडियों में गेहूं और चने की आवक शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को उपज के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे किसानों में निराशा है और कई किसान अपनी उपज बिना बेचे ही वापस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने डॉलर चना अच्छी कीमतों की उम्मीद में बोया था, लेकिन सरकारी नीतियों के कारण उन्हें बहुत कम दाम मिल रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो अगले साल से किसान डॉलर चना नहीं लगाएंगे। किसानों के अनुसार, जिस डॉलर चने का दाम 10,000 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए था, उसके भाव मात्र 6,000 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। जिले में किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं; पहले ओलावृष्टि और अब उपज के कम दाम ने उनकी लागत निकालना भी मुश्किल कर दिया है। किसान उपज वापस लेकर लौट रहे मंडियों में डॉलर चना 4,000 से 5,500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में यह 100 रुपए प्रति किलो (10,000 रुपए प्रति क्विंटल) बिक रहा है। दाम कम मिलने के कारण किसान अपनी उपज वापस ले जा रहे हैं। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेंकि खनूजा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की मांग कम होने के कारण बाजार में मंदी का रुख है। वहीं, मंडी प्रशासन भी किसानों को उचित दाम दिलाने में विफल रहा है।

‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की | राजनीति समाचार

Smriti Mandhana and Jemimah Rodrigues are building a partnership (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:21 फरवरी, 2026, 15:55 IST युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा किया, जिसकी भाजपा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख, मायावती सहित अन्य लोगों ने निंदा की। बाएं: बसपा प्रमुख मायावती, मध्य: विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दाएं: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एआई इम्पैक्ट समिट में शर्ट उतारकर हंगामा करने के बाद कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना हुई। दृश्यों में प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हाथों में शर्ट लेकर भारत मंडपम के अंदर जाते हुए और कार्यक्रम स्थल पर मार्च करते हुए नारे लगाते हुए दिखाया गया है। इस कृत्य की न केवल केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों ने भी निंदा की, जिनमें से कई ने वैश्विक मंचों पर “राजनीति से ऊपर उठने” की आवश्यकता पर बल दिया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी एक्स को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दुनिया के सामने एकजुट मोर्चा पेश करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लिखा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में, युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मिंदा कर दिया। हमारी राजनीति कहां जा रही है! किसी को भी हमारे देश को अपमानित नहीं करना चाहिए। हमारे राजनीतिक मतभेद जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।” कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस ने हम सभी को शर्मसार कर दिया। हमारी राजनीति किस ओर जा रही है! किसी को भी हमारे देश का अपमान नहीं करना चाहिए।’ हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एकजुट चेहरा पेश करना चाहिए।- वाईएस जगन मोहन रेड्डी (@ysjagan) 21 फ़रवरी 2026 ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: राजनीतिक दलों ने एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर कांग्रेस की आलोचना की उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, ”नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश दोनों से काफी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया था और जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा था, जिस तरह से कुछ व्यक्तियों-जिनकी पहचान युवा कांग्रेस सदस्यों के रूप में की गई-ने इस कार्यक्रम के दौरान अर्ध-नग्न होकर अपना गुस्सा व्यक्त किया, वह पूरी तरह से अपमानजनक और निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता, तो यह बिल्कुल अलग बात होती; हालांकि, शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसा आचरण चिंता का कारण है, यानी यह सुनिश्चित करना उचित होगा कि हमारे देश की गरिमा और छवि खराब न हो।” तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव लोकेश नारा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि “इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशे में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” उन्होंने कहा, “कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के कारण हुए व्यवधान से मैं स्तब्ध और निराश हूं। यह वैश्विक मंच एक उभरती एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करने के लिए था। इस तरह के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक तमाशा में बदलने से दुनिया के सामने हमारी सामूहिक स्थिति कम हो जाती है।” मैं कल एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस द्वारा किए गए व्यवधान से स्तब्ध और निराश हूं। इस वैश्विक मंच का उद्देश्य एक उभरती हुई एआई महाशक्ति के रूप में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करना था। इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन को केवल राजनीतिक तमाशा बना देना… pic.twitter.com/5338c5NtPV– लोकेश नारा (@naralokesh) 21 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “भारत बेहतर का हकदार है। आइए हम क्षुद्र राजनीति से ऊपर उठें और नवाचार और उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि विरोध “बड़ी साजिश का एक हिस्सा है जिसने नेपाल में जेन जेड विरोध प्रदर्शन से प्रेरणा ली है।” पुलिस ने अदालत को बताया, “आरोपियों का एक-दूसरे के साथ-साथ डिजिटल सबूतों से आमना-सामना कराने की जरूरत है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 फरवरी, 2026, 15:42 IST समाचार राजनीति ‘हम सभी को शर्मिंदगी महसूस हुई’: एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)युवा कांग्रेस ने एआई शिखर सम्मेलन का विरोध किया(टी)कांग्रेस पार्टी की आलोचना(टी)एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में व्यवधान(टी)भारत मंडपम विरोध(टी)राजनीतिक निंदा भारत(टी)वैश्विक मंच राजनीति(टी)वाईएस जगन मोहन रेड्डी प्रतिक्रिया(टी)लोकेश नारा बयान

सीधी बाईपास पर बोलेरो की टक्कर से दो युवक घायल:ड्राइवर फरार, वाहन के खिलाफ मामला दर्ज; जिला अस्पताल में एडमिट

सीधी बाईपास पर बोलेरो की टक्कर से दो युवक घायल:ड्राइवर फरार, वाहन के खिलाफ मामला दर्ज; जिला अस्पताल में एडमिट

सीधी बाईपास पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे की बताई जा रही है। टक्कर के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायल युवकों की पहचान नेबूहा निवासी आशीष रावत और अजीत रावत के रूप में हुई है। वे मोटरसाइकिल से सीधी की ओर आ रहे थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक घर के किराने का सामान लेने के लिए सीधी आए थे और वापस लौटते समय बाईपास पर दुर्घटना का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो वाहन अत्यधिक गति में था। घायल अजीत रावत ने बताया कि बोलेरो ने अचानक कट मारा, जिससे उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क की पटरी के नीचे उतर गई। हादसे में अजीत के सिर में चोट आई है, जबकि उनके साथी आशीष रावत को पैर और हाथ में गंभीर चोटें लगी हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। अस्पताल चौकी प्रभारी देवराज सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बोलेरो चालक के फरार होने के कारण अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

जैकी श्रॉफ ने नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि:एक्टर ने दिवंगत एक्ट्रेस की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कर उन्हें किया याद

जैकी श्रॉफ ने नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि:एक्टर ने दिवंगत एक्ट्रेस की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कर उन्हें किया याद

बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने दिवंगत एक्ट्रेस नूतन की 35वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्टर ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें नूतन की कई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें तस्वीरें शामिल थीं। वीडियो पर लिखा था, “नूतन जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए।” बता दें कि नूतन का जन्म 1936 में हुआ था और 21 फरवरी 1991 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया था। वह 54 साल की थीं। वर्ष 1990 में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था, जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। हालांकि, 1991 में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई थी। नूतन का फिल्म करियर नूतन हिंदी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेसेस में थीं। उन्होंने 1945 में अपने पिता की फिल्म नल दमयंती में बाल कलाकार के रूप में कैमरे के सामने पहली बार काम किया। 1950 में मां के निर्देशन में बनी हमारी बेटी से उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस करियर शुरू किया। इसके बाद 1951 में नगीना और हम लोग जैसी फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई। 1955 में फिल्म सीमा उनकी पहली बड़ी सफलता साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1959 में अनाड़ी और सुजाता से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। 1963 में बिमल रॉय की बंदिनी में उनकी एक्टिंग को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जाता है। 1960 और 70 के दशक में छलिया, सरस्वतीचंद्र, मिलन और मैं तुलसी तेरे आंगन की जैसी फिल्मों से उन्होंने स्टारडम कायम रखा। 1980 के दशक में उन्होंने मेरी जंग, नाम और कर्मा में भी काम किया।

यूपी का एपस्टीन! पत्नी लाती थी बच्चे, JE पति करता कुकर्म, फिर डार्क वेब पर बिकती थीं चीखें, अब सजा ए मौत

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चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के सूखे, शांत और आधे-अधूरे सपनों से भरे बुंदेलखंड में बसे शहर बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर ने बहुत कुछ देखा है. गरीबी, पलायन, सूखा और संघर्ष… लेकिन जो सच साल 2020 के बाद धीरे-धीरे सामने आया, उसने इन शहरों की आत्मा तक को झकझोर दिया. यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि उस अंधेरे की है, जो इंसान के भीतर पलता है और मौका मिलते ही राक्षस बनकर बाहर आ जाता है. यह कहानी है सिंचाई विभाग के एक निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की, एक ऐसा दंपती जिसने भरोसे को हथियार बनाया, मासूमियत को जाल में फंसाया और इंसानियत को शर्मसार कर दिया. यह है मामला हम बात कर रहे हैं चित्रकूट में सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (जेई) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की. इस दंपति ने सबसे भयानक मिसाल पेश की है. 50 से ज्यादा मासूम बच्चों का यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स पर बेचने वाले इस दरिंदे दंपती को आखिरकार अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है. सीबीआई की जांच में सामने आया यह मामला सिर्फ बाल यौन शोषण का नहीं था, बल्कि मासूमों की आड़ में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम का भी पर्दाफाश था. आइए जानते हैं सबकुछ. एक दम शांत दिखने वाला खूंखार शख्स रामभवन बाहर से बिल्कुल साधारण आदमी लगता था. सरकारी नौकरी, पढ़ा-लिखा चेहरा, कम बोलने वाला स्वभाव. उसने कभी विभागीय आवास की मांग नहीं की. हमेशा किराए के मकान में रहा. मोहल्ले वाले कहते थे- अलग-थलग रहता है, ज्यादा मेलजोल नहीं. वहीं, उसकी पत्नी दुर्गावती भी चुपचाप रहने वाली महिला के रूप में जानी जाती थी. शादी को कई साल बीत चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी. बाहर से देखने पर वे एक सामान्य, निःसंतान दंपती लगते थे, जो अपनी दुनिया में सिमटा हुआ था. मगर, इस चुप्पी के पीछे एक खौफनाक योजना धीरे-धीरे आकार ले रही थी. बच्चों के सामने बिछाया लालसा का जालदुर्गावती ने अपने आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया. 5 से 16 साल उम्र के बच्चों को महंगा मोबाइल, घड़ी या चॉकलेट का लालच देती. बेचारे बच्चे समझते कितनी अच्छी आंटी हैं. उनके लिए ये सामान किसी खजाने से कम नहीं था. वह बच्चों से अपनापन जताती. कभी मिठाई देती, कभी पेन, कभी कपड़े. धीरे-धीरे बच्चे उसके घर आने लगे. पड़ोसियों को यह सब कुछ सामान्य लगता था. मगर, हर बार जब घर का दरवाजा बंद होता, तो एक बच्चे की मासूमियत छीन ली जाती थी. हवस से बड़ा था लालचरामभवन का मकसद केवल हवस को मिटाना नहीं था. बल्कि वह पैसे का भूखा था. उसने अपराध को कारोबार बना दिया था. घर के अंदर बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाए जाते. फिर वे फाइलें इंटरनेट के उस अंधेरे हिस्से में पहुंचाई जातीं, जहां पहचान छुपाकर गुनाह खरीदे-बेचे जाते हैं. वह डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स के जरिए इन वीडियो को बेचता था. ईमेल की जांच की गई तो सामने आया कि वह देश-विदेश के कई गिरोहों के संपर्क में था. यह कोई अकेला अपराध नहीं था- यह एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़ा संगठित अपराध था. अगर कोई बच्चा किसी तरह का विरोध करता तो उसे उन्हीं तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया जाता. साथ ही परिवारों को भी धमकी दी जाती. इस पर गरीब परिवार, जिनके पास इज्जत ही सबसे बड़ी पूंजी थी, खामोश हो जाते और इसी खामोशी में कई साल बीत गए. इंटरपोल से आया पहला संकेत 17 अक्टूबर 2020 को भारत की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक चौंकाने वाली सूचना मिली. यह सूचना अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल से आई थी. एक पेन ड्राइव में 34 बच्चों से जुड़े वीडियो और 679 तस्वीरें थीं. डिजिटल ट्रैकिंग से पता चला कि इनका स्रोत बुंदेलखंड का एक सरकारी इंजीनियर है. 31 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में केस दर्ज हुआ. जांच की कमान डीएसपी अमित कुमार को सौंपी गई. अब तक जो अंधेरा घर की चारदीवारी में छुपा था, वह जांच की रोशनी में आने लगा. इस दिन हुआ था गिरफ्तार16 नवंबर 2020 को इस पूरे मामले से परदा हट गया. चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी को सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने चुपचाप घेर लिया. दरवाजा खुला तो अंदर जो मिला, उसने जांच अधिकारियों तक को हिला दिया. 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सेक्स टॉयज, 8 लाख रुपये नकद और डिजिटल फोल्डरों में छुपी 66 वीडियो और 600 से ज्यादा तस्वीरें. कुछ ही दिनों बाद दुर्गावती भी गिरफ्तार कर ली गई. गवाही ऐसी कि कांप गई रूहअब यह मामला केवल स्थानीय पुलिस का नहीं रहा था. यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध का केस बन चुका था. जांच के दौरान कई बच्चों को मेडिकल जांच के लिए एम्स दिल्ली भेजा गया. डॉक्टरों की टीम ने जो देखा, उसने उन्हें अंदर तक हिला दिया. कोर्ट में जब उन्होंने गवाही दी, तो शब्द कांप रहे थे. कुछ बच्चों की आंखों में स्थायी डर था. कुछ शारीरिक रूप से गंभीर रूप से आहत थे. मगर, सबसे गहरा घाव उनके मन पर था. कई बच्चे अब भी अंधेरे कमरे से डरते थे. किसी अजनबी की मुस्कान उन्हें सिहरन दे जाती थी. कोर्ट में पेश हुए 25 पीड़ित बच्चों ने जब बयान दिए, तो पूरा माहौल भारी हो गया. यह केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं थी, यह मासूमियत की चीख थी. 24 फरवरी 2021 को बांदा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई. 2023 में आरोप तय हुए. रामभवन और दुर्गावती ने खुद को निर्दोष बताया. 5 जून 2023 से विशेष पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. 74 गवाह पेश हुए. बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक, डिजिटल विशेषज्ञ सब शामिल थे. हर गवाही के साथ अपराध का एक नया पहलू सामने आता. हर डिजिटल सबूत अदालत के सामने एक और दरवाजा खोलता, जिसके पीछे घिनौनी सच्चाई छुपी थी. अब मिला न्याय20 फरवरी 2026 का सबसे ज्यादा दिन अहम था. इसी दिन इन मासूमों को न्याय मिला. बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत में 163 पन्नों का फैसला पढ़ा गया. जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अपराध विरल से विरलतम की श्रेणी में आता है. कोर्ट ने दोनों दोषियों को मौत