Tuesday, 15 Sep 2026 | 10:16 PM

Trending :

EXCLUSIVE

टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी

टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोश्चेज ने भी माना है कि टीम को टर्निंग पिचों और बड़े मैदानों के लिए बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है। भारत का स्कोरिंग रेट बेहद कम टूर्नामेंट में भारत ने ऑफ स्पिन के खिलाफ सबसे ज्यादा 102 गेंदें खेलीं। 6 से ज्यादा ओवर ऑफ स्पिन खेलने वाली 13 टीमों में भारत का रन रेट केवल 6.23 रहा है। इस मामले में भारत से खराब प्रदर्शन सिर्फ नेपाल और ओमान का रहा। बाकी सभी टीमों ने ऑफ स्पिन के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा के रन रेट से बल्लेबाजी की। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में 3 लेफ्ट हैंडर्स हैं। ऑफ स्पिन को टैकल करने के लिए नंबर-3 पर तिलक वर्मा की जगह कप्तान सूर्यकुमार यादव को बैटिंग करनी चाहिए। लेफ्टी बैटर्स के खिलाफ ऑफ स्पिन हथियार भारतीय टीम में ईशान किशन, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे लेफ्टी बैटर्स ने विपक्षी कप्तानों का काम आसान कर दिया है। नीदरलैंड के आर्यन दत्त ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को पवेलियन पर भेजकर टीम इंडिया को शुरुआत में ही मुश्किल में डाल दिया था। अभिषेक बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे, जबकि ईशान किशन 7 गेंदों में 18 रन बना कर आउट हुए। वहीं नामीबिया के जेरार्ड इरास्मस ने भी भारतीय टॉप ऑर्डर को काफी परेशान किया। भारत का ऑफ स्पिन के खिलाफ औसत भी मात्र 13.25 का रहा है। यानी टीम इंडिया ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ 14 रन बनाने में एक विकेट गंवा दे रही है। अभिषेक शर्मा की खराब शुरुआत अभिषेक शर्मा ने अपने वर्ल्ड कप करियर की शुरुआत बेहद खराब की। वे लगातार तीन पारियों में जीरो पर आउट हुए। इनमें से दो बार वे ऑफ स्पिनर के खिलाफ अटैकिंग शॉट खेलने के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। वहीं, नंबर-3 पर खेलने वाले तिलक वर्मा ने अब तक सबसे ज्यादा 31 गेंदें ऑफ स्पिनर की खेली हैं, लेकिन वे केवल 26 रन ही बना पाए। सूर्या और तिलक के बैटिंग ऑर्डर में बदलाव पर चर्चा पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि ऑफ स्पिन के खतरे से बचने के लिए भारत को नंबर-3 पर तिलक वर्मा की जगह सूर्यकुमार यादव को भेजना चाहिए। टीम इंडिया में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज होने की वजह से टीमें शुरुआती ओवरों में ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। टीमों की प्लानिंग रहती है कि पावरप्ले के शुरुआती 4 ओवर ऑफ स्पिन से कराए जाएं। अगर तीसरे नंबर पर सूर्यकुमार यादव बल्लेबाजी के लिए आते हैं, तो टीमों को अपनी स्ट्रैटजी बदलनी पड़ेगी। इससे भारत काफी हद तक ऑफ स्पिन के दबाव से बाहर निकल सकता है। सूर्या ने भी संघर्ष किया सूर्यकुमार यादव भी इस टूर्नामेंट में ऑफ स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने 27 गेंदों में सिर्फ 28 रन बनाए। टीम मैनेजमेंट फिलहाल तिलक को नंबर-3 पर इसलिए बनाए हुए है, क्योंकि वे पावरप्ले में तेज गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बना रहे हैं। वहीं, सूर्यकुमार का प्रदर्शन डेथ ओवरों में ज्यादा प्रभावी रहा है, जहां वे लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अभिषेक शर्मा को लेकर भी सलाह आकाश चोपड़ा का मानना है कि अभिषेक को ऑफ स्पिन के खिलाफ सीधे शॉट खेलने पर ध्यान देना चाहिए। अगर अभिषेक शुरुआत में एक-दो रन बनाकर खाता खोल लेते हैं, तो उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वे जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे। पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान की भी यही राय है। उनका मानना है कि अभिषेक को अपने मेंटर युवराज सिंह से बात करनी चाहिए और ऑफ स्पिन के खिलाफ सीधे शॉट खेलने की स्ट्रैटजी अपनानी चाहिए, जिससे वे इस चुनौती के सामने बेहतर तरीके से निपट सकें। टेन डोश्चेट ने कहा कि अभिषेक अपनी काबिलियत जानते हैं। मैच से पहले उन्होंने नेट्स पर 90 मिनट तक पसीना बहाया और अपनी लय हासिल की। उन्हें बस थोड़े आत्मविश्वास की जरूरत है, उनका पिछला रिकॉर्ड ही उनकी ताकत है। सुपर-8 में चुनौती और बढ़ेगी भारत के ग्रुप की अन्य टीमें इस कमजोरी को भांप चुकी हैं। सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के पास ऐडन मार्करम, जिम्बाब्वे के पास सिकंदर रजा और वेस्टइंडीज के पास रोस्टन चेज जैसे अनुभवी ऑफ स्पिनर्स हैं। ये टीमें भारत के खिलाफ नई गेंद से भी ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर सकती हैं। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 का पहला मैच आज PAK vs NZ:टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड पर भारी पड़ा पाकिस्तान; साहिबजादा फरहान टॉप रन स्कोरर टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज का पहला मैच आज पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में अपना आखिरी मैच जीतकर इस राउंड में पहुंचीं। पूरी खबर

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है।वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात आगे बढ़ेगी; वो टैरिफ देंगे, हम नहीं

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

हर नवजात की मौत का होगा ऑडिट:गर्भावस्था से प्रसव तक की पूरी जटिलताओं की फाइल तैयार करने के निर्देश जारी

हर नवजात की मौत का होगा ऑडिट:गर्भावस्था से प्रसव तक की पूरी जटिलताओं की फाइल तैयार करने के निर्देश जारी

नवजात शिशुओं की मौत को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और सख्त हो गया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि एसएनसीयू में होने वाली हर नवजात मृत्यु का विस्तृत ऑडिट किया जाए। सिर्फ अस्पताल में हुई घटना ही नहीं, बल्कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक की सभी जटिलताओं को फाइल में शामिल करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने तथा एआई आधारित तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया गया है। बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ली स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा बैठक 20 फरवरी को कलेक्टर कार्यालय में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील सोलंकी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि नवजात मृत्यु दर कम करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर गंभीरता से काम करना होगा। एसएनसीयू में हर मौत की होगी गहराई से जांच कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में होने वाली हर शिशु मृत्यु का डेथ ऑडिट किया जाए। ऑडिट में यह देखा जाए कि मृत्यु के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या उन्हें पहले पहचाना जा सकता था। उन्होंने कहा कि डेथ ऑडिट में गर्भावस्था के दौरान आई दिक्कतें, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, समय पर जांच और प्रसव के दौरान आई जटिलताओं को भी शामिल किया जाए। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। ऑपरेशन थिएटर में एआई आधारित इन्फेक्शन कंट्रोल पर जोर बैठक में अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में संक्रमण नियंत्रण की चेकलिस्ट का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए एआई आधारित तकनीक को शामिल करने पर विचार किया जाए, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो। उन्होंने कहा कि संक्रमण नियंत्रण बेहतर होगा तो प्रसव और ऑपरेशन के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी आएगी। टीकाकरण, एएनसी पंजीयन और हाई रिस्क गर्भवती पर फोकस कलेक्टर ने टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। साथ ही एएनसी पंजीयन बढ़ाने, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सुरक्षित प्रसव सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बुजुर्गों के लिए होप कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि होप कार्यक्रम के तहत 902 वृद्धजन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 560 को नर्सिंग अधिकारियों द्वारा घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बुजुर्गों को 7वें, 14वें और 21वें दिन स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा घर पर सेवाएं दी जाती हैं। पोषण सेवाओं में संयुक्त कार्य की जरूरत जिला पोषण समिति की बैठक में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ और शिशु स्वास्थ्य में समग्र सुधार हो सके।

दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

धार जिले के सरदारपुर में विकलांग बल मध्यप्रदेश संगठन ने शुक्रवार शाम एसडीएम कार्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दिव्यांगों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की गई।ज्ञापन सौंपने के दौरान दिव्यांग एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तहसीलदार मुकेश बामनिया ने मौके पर पहुंचकर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने दिव्यांगों के बीच जमीन पर बैठकर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन 600 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई। दिव्यांगों को योग्यतानुसार नौकरी और रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। उन्हें रोजगार के लिए मंडी और सामुदायिक कार्यालयों में दुकानें उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। इस अवसर पर विकलांग बल के जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान और प्रदेश संगठन मंत्री भरतलाल मुनिया सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।

छतरपुर हाईवे पर हादसा, मां-बच्चे बंदरों की मौत:राहगीरों और इवेंट ग्रुप ने किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

छतरपुर हाईवे पर हादसा, मां-बच्चे बंदरों की मौत:राहगीरों और इवेंट ग्रुप ने किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

छतरपुर जिले के खजुराहो-पन्ना नेशनल हाईवे पर ग्राम गठेवरा के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक मादा बंदर और उसके सीने से चिपके बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि मां और उसके शरीर से लिपटा शिशु वाहन की टक्कर से बच नहीं सके। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान कानपुर से आए वीर चक्रधारी झांकी ग्रुप और महाकाल इवेंट ग्रुप के सदस्य, जो छतरपुर में एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे, उन्होंने यह दृश्य देखा। ग्रुप के सदस्यों- वीर, पिंकी, राहुल, राहुल शुक्ला और राहुल महाकाल- ने अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत स्थानीय लोगों से संपर्क किया। उनकी सूचना पर नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रुप के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मिलकर दोनों मृत बंदरों को सम्मानपूर्वक सड़क से हटाया। इसके बाद हाईवे किनारे गड्ढा खोदकर पूजा-पाठ के साथ विधिवत अंतिम संस्कार किया गया, ताकि शवों को आवारा जानवर नुकसान न पहुंचा सकें। यह ग्रुप शादी और धार्मिक आयोजनों में शिव-पार्वती की झांकी प्रस्तुत करता है। राहुल महाकाल और अजय मिश्रा (वीर ग्रुप) ने इस अवसर पर कहा कि सच्ची श्रद्धा केवल मंच पर नहीं, बल्कि कर्मों में भी दिखनी चाहिए। इवेंट ग्रुप और एनएचएआई टीम की इस पहल को मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

'यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक लगाने की मांग:विदिशा में यादव समाज कलेक्टर से मिला; डायरेक्टर, प्रोड्यूसर पर FIR की अपील

'यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक लगाने की मांग:विदिशा में यादव समाज कलेक्टर से मिला; डायरेक्टर, प्रोड्यूसर पर FIR की अपील

यादव समाज ने प्रस्तावित बॉलीवुड फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के नाम को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने और इसके डायरेक्टर व प्रोड्यूसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री में यादव समाज की छवि को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है। समाज के प्रतिनिधियों का तर्क है कि किसी विशेष जाति को फिल्म के शीर्षक में इस तरह प्रस्तुत करना सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है और उसकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। समाजजनों ने इस बात पर जोर दिया कि यादव समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसी किसी भी प्रस्तुति को स्वीकार नहीं किया जाएगा जो समाज की छवि को नकारात्मक रूप में दर्शाती हो। प्रतिनिधियों ने पूर्व में आई फिल्म ‘120 बहादुर’ को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कुछ फिल्मों के नाम बदले जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जाति विशेष के नाम पर फिल्में बनाई जा रही हैं। इसे उन्होंने दोहरे मापदंड की नीति करार दिया। यादव समाज के प्रतिनिधि रविंद्र यादव ने चेतावनी दी कि समाज की भावनाओं को बार-बार ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

20 मिनट में हेल्‍थ की पूरी जांच, रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार भी नहीं 

घूसकांड में फंसे तमिलनाडु के मंत्री केएन नेहरू, हाईकोर्ट ने दिया FIR का आदेश

Last Updated:February 20, 2026, 21:20 IST इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में क्लिनिक्स ऑन क्लाउड का हेल्थ एटीएम पेश हुआ, जो 20 मिनट में स्वास्थ्य जांच करता है. 150 शहरों में 3000 से ज्यादा मशीनें लग चुकी हैं. 80 रुपए में ज्‍यादातर जरूरी जांच कराई जा सकती हैं. नई दिल्ली. अब एटीएम का मतलब सिर्फ पैसे निकालना नहीं रहा. यहां पर स्‍वास्‍थ्‍य की जांच भी कराई जा सकती है. दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक ऐसा ‘हेल्थ एटीएम’ पेश किया गया है, जो चंद मिनटों में आपका पूरा स्वास्थ्य जांच लेता है. क्लिनिक्स ऑन क्लाउड कंपनी द्वारा विकसित यह मशीन ‘हेल्थ फॉर ऑल’ मिशन को मजबूती दे रही है और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रही है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ अभय अग्रवाल ने बताया कि यह हेल्थ एटीएम पोर्टेबल है और कहीं भी लगाया जा सकता है. इसमें सिर्फ 20 मिनट लगते हैं, जिसमें पूरे शरीर की जांच हो जाती है. जांच के बाद रिपोर्ट कुछ ही सेकेंड में आपके व्हाट्सएप नंबर पर पहुंच जाती है. इस मशीन से जनरल हेल्थ चेकअप के साथ-साथ हृदय, कान, आंख, फेफड़े, किडनी, डायबिटीज, त्वचा रोग, एनीमिया और मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी की जा सकती है. यह एआई आधारित मशीन गांवों और छोटे कस्बों के लिए वरदान है, जहां डॉक्टर और अस्पताल कम हैं. जांच बहुत सस्ती है और रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है. कंपनी ने ‘बॉक्स क्लिनिक’ भी लॉन्च किया है, जो एक पोर्टेबल हेल्थ यूनिट है. इसे डोर-टू-डोर मेडिकल सर्विस, हेल्थ कैंप और आशा वर्कर्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा ‘हेल्थ लाउंज’ स्कूल, फिटनेस सेंटर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल और विश्वविद्यालयों जैसी जगहों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. अभी तक देश के 150 शहरों में तीन हजार से ज्यादा हेल्थ एटीएम लग चुके हैं. इनके जरिए आठ मिलियन (80 लाख) से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य जांच हो चुका है. यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को हर घर तक पहुंचाने में मदद कर रही है. समिट में आने वाले लोग अपने स्‍वास्‍थ्‍य की जांच करा रहे हैं, उन्‍हें यह मशीन बहुत ही उपयोगी लग रही है. यह मशीन दूर दराज इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकती है. Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 20, 2026, 21:20 IST

होली 2026: होली पर मेथी साबूदाना पकौड़े, ठंडी और रंगीन ड्रिंक्स के साथ बेस्ट बेस्ट बेस्ट; नुस्खा बताएं

Holi Snacks Methi Sabudana Pakoda

होली स्नैक्स: होली को लेकर सामुहिक शुभारम्भ हो गया है। रंगीन होली 4 मार्च को मनाई जाएगी, त्योहार को मजेदार बनाने के लिए हम आज आपको एक खास संप्रदाय के बारे में बताते जा रहे हैं। जो व्रत में भी खा सकते हैं। हम बात कर रहे हैं मेथी साबूदाना पकोड़े की। इन पकौड़े में ताजी मेथी की सब्जी, इलेक्ट्रिक आलू, आलू और आलू के चिप्स हैं, जबकि साबूदाना और मैश्ड आलू नरम और कुरकुरे हैं. ये गर्म चाय, स्वादिष्ट ठंडाई या कलरफुल होली ड्रिंक्स के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन देते हैं। ये बाहर से काले और भूरे रंग के होते हैं और अंदर से नग्न होते हैं। इसलिए पार्टी में जल्दी ख़त्म हो जाते हैं। मेथी साबूदाना पकौड़े कैसे बनायें? साबूदाना को 4-5 घंटे या रात भर का उपयोग करें। अच्छे से अच्छा पानी निकाल कर, बिल्कुल सूखा करलें। आलूकर चटनी और मैश कर लें। मेथी नामांकित को ढोकर नेपोलियन काट लें। बड़ी कटोरी में साबूदाना, मैश्ड आलू, कटी मेथी और मूंगफली पाउडर डोंडी हैंड्स हैंड्स। हरी मिर्च, अदरक पेस्ट, जीरा, लाल-काली मिर्च पाउडर, नींबू रस, चीनी और नमक सभी अच्छे से मिलाएं। धीरे-धीरे चावल का आटा डालें (शुरू में 4 मसाले) और गूंथें जब तक नॉन-स्टिकी दो न बन जाए। थोड़ा और आटा चाहिए। छोटा गोल या बेबी साइज पकौड़े खरीदें। मध्यम-तेज़ आँच पर तेल गर्म करें। पकौड़ों को बैच में मोनोलैन्ड ब्राउन और क्रिस्पी होने तक मुफ़्त में प्राप्त करें। टिशु पेपर पर आरंभ। ग्रीन, इमली की चटनी या होली स्पेशल डिप्स के साथ गरमा गरम सर्व करें। ये पकौड़े काफी देर तक क्रिस्पी रहते हैं। इसे पहले से 24 घंटे फ़र्ज़ी में रखा जा सकता है। फिर से मुफ़्त करें। होली के रंगों में इन टेस्टी पकौड़ों को शामिल कर परिवार और दोस्तों के साथ मजा लें। क्योंकि होली का त्योहार रंग-बिरंगा और स्वाद से भरपूर होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एआर रहमान झुके:‘वीरा राजा वीरा’ में जूनियर डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देंगे; कॉपीराइट विवाद पर सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एआर रहमान झुके:‘वीरा राजा वीरा’ में जूनियर डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देंगे; कॉपीराइट विवाद पर सुनवाई जारी

मशहूर संगीतकार एआर. रहमान ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने एक अहम फैसले के बाद सहमति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन-2’ के गीत ‘वीरा राजा वीरा’ में डागर परंपरा के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ जूनियर डागर ब्रदर्स का नाम जोड़ा जाएगा। अब गाने की आधिकारिक क्रेडिट सूची में उनका नाम और योगदान शामिल किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसका नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने किया। उन्होंने रहमान और फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे इस नए क्रेडिट को पांच सप्ताह के भीतर सभी सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर दर्ज कराएं। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस सहमति का अर्थ यह नहीं है कि मुख्य कॉपीराइट मुकदमे के अन्य पहलुओं पर किसी तरह का प्रभाव पड़ेगा। वह मामला अब भी अपनी प्रक्रिया के तहत जारी रहेगा। रहमान के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने बोर्ड को बताया कि यह सहमति बिना पूर्वाग्रह के रूप में दी गई है और इसका अधिकारिक मुकदमें में रहमान के पक्ष को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। अदालत ने माना कि भारत की शास्त्रीय संगीत धरोहर की मान्यता और सम्मान देना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि डागर परंपरा, जिसे डागरवानी ध्रुपद कहा जाता है, भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक अनमोल धारा रही है और इसका योगदान अद्वितीय है। यही वजह है कि अदालत ने क्रेडिट को संशोधित करने की सलाह दी। बता दें कि यह विवाद साल 2023 से चला आ रहा है, जब उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने दावा किया था कि ‘वीरा राजा वीरा’ गीत में उनके परिवार की पुरानी ध्रुपद रचना ‘शिवा स्तुति’ का अनुमति के बिना उपयोग किया गया है। डागर ने आरोप लगाया कि गीत की ताल, लय और भाव मूल धुन से मेल खाती है, जो उनके पिता उस्ताद नसीर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा उस्ताद नसीर जहीरुद्दीन डागर द्वारा पहले रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि रहमान और निर्माताओं का कहना है कि उनकी रचना एक मूल और स्वतंत्र संगीत संरचना है, सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम उठाया है ताकि पारंपरिक संगीत जगत को उचित मान्यता और सम्मान मिल सके। यह फैसला संगीत जगत में कॉपीराइट और सांस्कृतिक परंपरा की पहचान के मामले में एक महत्वपूर्ण मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।