Sunday, 30 Aug 2026 | 07:01 AM

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नो-बेक चीजकेक से लेकर मैंगो स्टिकी राइस तक… आम का सीजन खत्म होने से पहले घर पर सजाएं 5 शानदार रेसिपी

आम का मौसम खत्म होने से पहले, घर पर आम की ये पांच अनूठी रेसिपीज़ आज़माएँ

30 जून 2026 को 19:20 IST पर अपडेट किया गया समर का राजा आम अब जल्द ही विदा होने वाला है। पर सबसे आसान और स्वादिष्ट मैंगो रेसिपी घरज ट्रेस करें। क्लासिक मैंगो शेक, नो-बेक चीज़केक, मैंगो स्टिकी राइस, कुल्फी और अमरस पूरी तरह से ये व्यंजन डेज़र्ट तक हर मूड को पूरा स्कोर करते हैं। अनुसरण करना : समर का राजा आम अब धीरे-धीरे विदा होने वाला है। बाजार में आम अच्छे-धीमे-धीमे कम हो रहे हैं, इसलिए आखिरी मावे का पैसा और घर पर आसान और स्वादिष्ट आम के व्यंजन परिवार को खुश करें। छवि: फ्रीपिक लौकी आम की माथापच्ची हो या कच्ची आम का कट्टापन, ये फल खोज से लेकर डेजर्ट तक सब कुछ में जादू कर सकते हैं। यहां हम आपको कुछ आसान रेसिपीज बता रहे हैं, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक क्लासिक मैंगो शेक: गर्म में ठंडा मैंगो शेक से बेहतर कुछ नहीं। आमों को ठंडा दूध, थोड़ी चीनी या शहद और कुछ बर्फ के टुकड़े के साथ मिश्रित करें। डेमोक्रेट और मनोरंजन भी बना सकते हैं। छवि: Pexels एलीजेंट डेजर्ट चाहिए तो नो-बेक मैंगो चीज़केक सर्वोत्तम प्लेसमेंट है। बिना पके हुए बनने वाली मैंगो चीज़केक में बिस्किट का बेस, क्रीम चीज़ की फिलिंग और ऊपर से मज़ेदार आम की प्यूरी की टॉपिंग होती है। छवि: Pexels मैंगो स्टिकी चावल: थाई स्टाइल का यह डेजर्ट बहुत पसंदीदा है। स्टिकी राइस के साथ-साथ लॉट आम के अप्लाई और फ्लोटिंग नारियल का दूध तैयार किया जाता है। छवि: Pexels मैंगो कुल्फी: ट्रेडिशनल कुल्फी को नया ऑटोमोबाइल डेस्टिनेशन। इसके लिए गाधे मिल्क में यूनिट आम ​​का पल्प ऑल ट्रेडिशनल कुल्फी को एक नया और सीज़नल यूनिट तैयार करना है। इस मिश्रण को सांचों में जमें और मजा लें। छवि: Pexels अमरस वीडियो पूरी तरह से: भारतीय संग्रहालय का टाइमलेस फ़ेवरेट है। आमरस, लौकी आम के गूदे में हल्की सी इलायची और केसर का मिश्रण बनाया जाता है। सर्वमान्य कलाकार वाले खाने के लिए इसे गर्म और फूली हुई पूरियों के साथ ठंडा-ठंडा परोसें। छवि: Pexels द्वारा प्रकाशित: सागर सिंह प्रकाशित 30 जून 2026, 19:20 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)नो-बेक मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो स्टिकी राइस(टी)मैंगो कुल्फी(टी)पूरी के साथ आमरस(टी)आम का मौसम समाप्त होता है(टी)घर पर अनूठे आम के व्यंजन

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं। क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है। क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स? ये खबर भी पढ़ें… सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ें…

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं। क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है। क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स? ये खबर भी पढ़ें… सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ें…

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1% ब्याज दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। स्मॉल सेविंग्स स्कीमों पर ब्याज दरें 4% से 8.2% के बीच हैं। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला लेने से पहले देश में कैश और महंगाई की स्थिति पर भी नजर रखती है। इनकी समीक्षा हर तीन महीने पर होती है। ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है। इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था। समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड के यील्ड से 0.25-1.00% ज्यादा होनी चाहिए। हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं ये स्कीम स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत में हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं। इन स्कीम्स में डिपॉजिटर्स को उनके पैसे पर तय ब्याज मिलता है। सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से हुए कलेक्शन को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा किया जाता है। क्लासिफिकेशन स्मॉल सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट को तीन भागों में बांटा जा सकता है: पोस्टल डिपॉजिट: सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम सेविंग सर्टिफिकेट: नेशनल स्मॉल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स: सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन

कटहल का अचार रेसिपी: सबसे खराब नहीं होगा चटपटे ‘कटहल का अचार’, नोट कर लें घर पर बनाने की आसान विधि

कटहल का अचार रेसिपी

30 जून 2026 को 16:48 IST पर अद्यतन किया गया कटहल का अचार रेसिपी: कटहल का सीजन खत्म होने से पहले ही इस खास अचार को बचाकर रखें। पूरे साल यह कटहल का अचार बिल्कुल भी बुरा नहीं होगा और इसका स्वाद पराठों के साथ बहुत ही लाजवाब लगता है। यह अचार की सब्जी का एक बेहतरीन विकल्प भी है। तो एक बार इसे जरूर खरीदें और इस आसान सी को अभी नोट कर लें। अनुसरण करना : कटहल का आचार्य बनाने की सामग्री कटहल हल्दी का तेल फ़, मेथी दाना, जीरा, बिजनेस बिजनेस, सौंफ और कलौंजी हल्दी पाउडर, हल्दी लाल मिर्च, हींग, काला नमक और सादा नमक सिरका 2-3 मी छवि: एआई कटहल कच्चे हाथों में छोटे सरसों का तेल लगा लें ताकि उसका दूध न मिले। इसके टुकड़े टुकड़े और बीच वाले कठोर हिस्सों को हटा दिया जाता है। छवि: एआई कटहल के अनुमान को पानी में थोड़ा सा नमक और हल्दी 5-7 मिनट तक के मसाले या स्टीम में 50-60 प्रतिशत तक गला दिया जाए। छवि: एआई यह अच्छा है सारा पानी निकाल कर लें और सूती कपड़े पर फैलाकर 4 से 6 घंटे तक धूप में सुखाएं। फिर साबुत मसाले जैसे सौंफ, मेथी, जीरा और राई को आधार पर प्रभाव भून लें और ठंडा होने पर दरदरा पीस लें। छवि: एआई चिप्स हुए कटहल में पिसे हुए सेमेस्टर, हल्दी, लाल मिर्च, नमक, कलौंजी और हींग शामिल हैं। आप कच्चा तेल भी डाल सकते हैं, अब इसे कटहल और पाउडर और सिरका भी अच्छी तरह से मिला लें। छवि: एआई इसे कांच के तीखा जार में भरें। अचार में तेल की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि कटहल पूरी तरह से डूबा रहे। जार को 3-4 दिन तक धूप में रखें, ताकि आचार्य महान से पक जाएं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 30 जून 2026 16:48 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) कटहल का अचार रेसिपी इन हिंदी (टी) कटहल का अचार रेसिपी (टी) पारंपरिक भारतीय अचार (टी) घर का बना अचार (टी) कटहल का अचार कैसे बनाएं (टी) मसालेदार कटहल का अचार (टी) अचार भंडारण युक्तियाँ

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎

ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के अपने कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। किशोरों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु सीमा लागू करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन शुरुआती नतीजों से सरकार संतुष्ट नहीं है। कानून के तहत स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि कानून लागू होने के बावजूद किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हजारों अकाउंट जरूर बंद हुए हैं, लेकिन दस में से सात अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के अकाउंट अब भी सक्रिय हैं। शोधकर्ताओं ने भी पाया कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई किशोर किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उनके मुताबिक अब भी बड़ी संख्या में बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। संचार मंत्री अनिका वेल्सने आरोप लगाया कि टेक कंपनियां नियमों से बचने के लिए न्यूनतम प्रयास कर रही हैं और अपनी पुरानी रणनीतियां अपना रही हैं। दूसरी ओर, टेक कंपनियों ने इस कानून को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा है कि इसमें प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को नजर अंदाज किया गया है। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म रेडिट ने तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी का तर्क है कि यह कानून बच्चों के राजनीतिक संवाद और अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ्टी कमिश्नर ने फेसबुक,इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानून के पालन की जांच शुरू कर दी है। कानून के तहत प्रतिबंधित 10 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को दूर रखना संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन सेफ्टी नियामक केकानूनी अधिकार और बढ़ेंगे कानून तोड़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिकतम जुर्माना दोगुना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए किया जाएगा। सरकार का कहना है, ऑनलाइन सेफ्टी नियामक के कानूनी अधिकार बढ़ाए जाएंगे। कंपनियों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने 16 साल से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए कौन से कदम उठाए हैं।

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के अपने कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। किशोरों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु सीमा लागू करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन शुरुआती नतीजों से सरकार संतुष्ट नहीं है। कानून के तहत स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि कानून लागू होने के बावजूद किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हजारों अकाउंट जरूर बंद हुए हैं, लेकिन दस में से सात अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के अकाउंट अब भी सक्रिय हैं। शोधकर्ताओं ने भी पाया कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई किशोर किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उनके मुताबिक अब भी बड़ी संख्या में बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। संचार मंत्री अनिका वेल्सने आरोप लगाया कि टेक कंपनियां नियमों से बचने के लिए न्यूनतम प्रयास कर रही हैं और अपनी पुरानी रणनीतियां अपना रही हैं। दूसरी ओर, टेक कंपनियों ने इस कानून को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा है कि इसमें प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को नजर अंदाज किया गया है। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म रेडिट ने तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी का तर्क है कि यह कानून बच्चों के राजनीतिक संवाद और अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ्टी कमिश्नर ने फेसबुक,इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानून के पालन की जांच शुरू कर दी है। कानून के तहत प्रतिबंधित 10 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को दूर रखना संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन सेफ्टी नियामक केकानूनी अधिकार और बढ़ेंगे कानून तोड़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिकतम जुर्माना दोगुना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए किया जाएगा। सरकार का कहना है, ऑनलाइन सेफ्टी नियामक के कानूनी अधिकार बढ़ाए जाएंगे। कंपनियों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने 16 साल से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए कौन से कदम उठाए हैं।

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

पश्चिमी जापान के यवाटा शहर की 35 वर्षीय मेयर शोको कवाटा छह माह की गर्भवती हैं और चार महीने की मैटरनिटी छुट्टी लेने की योजना बना रही हैं। ऐसा करने वाली वह जापान की पहली मेयर होंगी, लेकिन उनकी इस योजना ने जापान में राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने उन्हें बेबी शू और शुभकामना उपहार भेजकर समर्थन दिया, लेकिन समाज के एक वर्ग ने इसे गैर जिम्मेदार फैसला बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जनता से ज्यादा अपने निजी जीवन को प्राथमिकता दी है। कवाटा ने कहा कि इस विवाद ने उन्हें पहली बार महसूस कराया कि जापान में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है। देश में गर्भवती और कामकाजी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के लिए “माताहारा’ (मैटरनिटी हैरेसमेंट) जैसा अलग शब्द भी प्रचलित है। पूर्व जनरल तोशियो तमोगामी ने लिखा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को इतनी लंबी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए और बच्चों की योजना बना रही महिलाओं को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। बढ़ते विरोध के बाद कवाटा ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। जापान में स्थानीय निकायों के 1,740 प्रमुखों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी 4% से कम है। राष्ट्रीय दैनिक मैनिची ने लिखा कि देश में ऐसा माहौल बनना चाहिए, जहां महिलाएं बिना भेदभाव के मैटरनिटी लीव ले सकें।