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जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

पश्चिमी जापान के यवाटा शहर की 35 वर्षीय मेयर शोको कवाटा छह माह की गर्भवती हैं और चार महीने की मैटरनिटी छुट्टी लेने की योजना बना रही हैं। ऐसा करने वाली वह जापान की पहली मेयर होंगी, लेकिन उनकी इस योजना ने जापान में राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने उन्हें बेबी शू और शुभकामना उपहार भेजकर समर्थन दिया, लेकिन समाज के एक वर्ग ने इसे गैर जिम्मेदार फैसला बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जनता से ज्यादा अपने निजी जीवन को प्राथमिकता दी है। कवाटा ने कहा कि इस विवाद ने उन्हें पहली बार महसूस कराया कि जापान में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है। देश में गर्भवती और कामकाजी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के लिए “माताहारा’ (मैटरनिटी हैरेसमेंट) जैसा अलग शब्द भी प्रचलित है। पूर्व जनरल तोशियो तमोगामी ने लिखा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को इतनी लंबी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए और बच्चों की योजना बना रही महिलाओं को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। बढ़ते विरोध के बाद कवाटा ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। जापान में स्थानीय निकायों के 1,740 प्रमुखों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी 4% से कम है। राष्ट्रीय दैनिक मैनिची ने लिखा कि देश में ऐसा माहौल बनना चाहिए, जहां महिलाएं बिना भेदभाव के मैटरनिटी लीव ले सकें।

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