Saturday, 22 Aug 2026 | 09:32 AM

Trending :

EXCLUSIVE

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के अपने कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। किशोरों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु सीमा लागू करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन शुरुआती नतीजों से सरकार संतुष्ट नहीं है। कानून के तहत स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि कानून लागू होने के बावजूद किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हजारों अकाउंट जरूर बंद हुए हैं, लेकिन दस में से सात अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के अकाउंट अब भी सक्रिय हैं। शोधकर्ताओं ने भी पाया कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई किशोर किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उनके मुताबिक अब भी बड़ी संख्या में बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। संचार मंत्री अनिका वेल्सने आरोप लगाया कि टेक कंपनियां नियमों से बचने के लिए न्यूनतम प्रयास कर रही हैं और अपनी पुरानी रणनीतियां अपना रही हैं। दूसरी ओर, टेक कंपनियों ने इस कानून को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा है कि इसमें प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को नजर अंदाज किया गया है। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म रेडिट ने तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी का तर्क है कि यह कानून बच्चों के राजनीतिक संवाद और अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ्टी कमिश्नर ने फेसबुक,इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानून के पालन की जांच शुरू कर दी है। कानून के तहत प्रतिबंधित 10 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को दूर रखना संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन सेफ्टी नियामक केकानूनी अधिकार और बढ़ेंगे कानून तोड़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिकतम जुर्माना दोगुना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए किया जाएगा। सरकार का कहना है, ऑनलाइन सेफ्टी नियामक के कानूनी अधिकार बढ़ाए जाएंगे। कंपनियों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने 16 साल से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए कौन से कदम उठाए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

March 23, 2026/
4:42 pm

Leftover Rice Risks: रात का बचा हुआ खाना फ्रिज में रखना और अगले दिन उसे गरम करके खा लेना-यह आदत...

सिनेमाघरों में फिर से रिलीज हुई धुरंधर:'धुरंधर 2' रिलीज से पहले 500 स्क्रीन्स पर दोबारा दिखाई जा रही; 19 मार्च को दूसरा पार्ट

March 12, 2026/
11:56 am

19 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 से पहले 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’...

PM Modi Rahul Gandhi Election Rally 2026

April 6, 2026/
2:06 am

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई5 घंटे पहले कॉपी लिंक असम के कामरूप में राहुल गांधी ने रविवार को जनसभा को संबोधित किया। कांग्रेस...

नसों के बीच ट्यूमर, महिला का उठना-बैठना था मुश्किल:निजी अस्पतालों ने लौटाया, एम्स में माइक्रोसर्जिकल तकनीक से डॉक्टरों ने निकाला

March 19, 2026/
12:38 am

नसों के बीच विकसित हुए खतरनाक ट्यूमर ने एक 40 वर्षीय महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल दी थी। हालत...

91 लाख वोट पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- सबसे ज्यादा मुस्लिम वोट और...

April 7, 2026/
5:35 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से...

Follow all the live updates from The Hundred 2026 auction.(AP, AFP, AFP)

March 12, 2026/
4:01 pm

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 16:01 IST जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार की रात 63 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति कमल सिंह जामवाल...

सांसद राघव चड्‌ढा का AAP को मैसेज:खामोश कराया गया हूं, हारा नहीं हूं; कल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया था

April 3, 2026/
10:15 am

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्‌ढा ने पहली प्रतिक्रिया दी...

आमिर-गौरी की शादी; इनसाइड तस्वीरें:एक्टर ने पहनी पायल, बेटों ने दी अंगूठियां, पत्नी का हाथ चूमा, पूर्व पत्नियां किरण-रीना नहीं पहुंचीं, इरफान पठान ने किस किया सेंसर

July 6, 2026/
10:47 am

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। ये शादी...

राजनीति

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎; किशोरों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के अपने कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। किशोरों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु सीमा लागू करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन शुरुआती नतीजों से सरकार संतुष्ट नहीं है। कानून के तहत स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि कानून लागू होने के बावजूद किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हजारों अकाउंट जरूर बंद हुए हैं, लेकिन दस में से सात अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के अकाउंट अब भी सक्रिय हैं। शोधकर्ताओं ने भी पाया कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई किशोर किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उनके मुताबिक अब भी बड़ी संख्या में बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। संचार मंत्री अनिका वेल्सने आरोप लगाया कि टेक कंपनियां नियमों से बचने के लिए न्यूनतम प्रयास कर रही हैं और अपनी पुरानी रणनीतियां अपना रही हैं। दूसरी ओर, टेक कंपनियों ने इस कानून को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा है कि इसमें प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को नजर अंदाज किया गया है। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म रेडिट ने तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी का तर्क है कि यह कानून बच्चों के राजनीतिक संवाद और अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ्टी कमिश्नर ने फेसबुक,इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानून के पालन की जांच शुरू कर दी है। कानून के तहत प्रतिबंधित 10 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को दूर रखना संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन सेफ्टी नियामक केकानूनी अधिकार और बढ़ेंगे कानून तोड़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिकतम जुर्माना दोगुना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए किया जाएगा। सरकार का कहना है, ऑनलाइन सेफ्टी नियामक के कानूनी अधिकार बढ़ाए जाएंगे। कंपनियों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने 16 साल से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए कौन से कदम उठाए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.