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पेरू की पहली महिला राष्ट्रपति, 19 वर्ष में संभाली जिम्मेदारी:पढ़ाई छूटी, जेल गईं और बंकर में काटी रातें, केइको ने बिखरने नहीं दी पार्टी

पेरू की पहली महिला राष्ट्रपति, 19 वर्ष में संभाली जिम्मेदारी:पढ़ाई छूटी, जेल गईं और बंकर में काटी रातें, केइको ने बिखरने नहीं दी पार्टी

पेरू में पहली बार कोई महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। यहां चौथी बार चुनाव लड़ रही दक्षिणपंथी नेता केइको फुजीमोरी (51) ने जीत हासिल की है। केइको को करीब 50.1% वोट मिले, जबकि वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज को 49.9% वोट मिले। केइको 28 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। वह पूर्व राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी की बेटी हैं। चुनावी फंडिंग मामले में केइको 2018 से 2020 तक जेल में भी रह चुकी हैं। अब उनके सामने अपराध, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता से देश को संभालने की चुनौती होगी। पढ़िए केइको के जीवन से जुड़े किस्से… धमाकों के बीच भी पिता स्कूल भेजते 1990 के दशक में केइको के पिता अल्बर्टो फुजीमोरी राष्ट्रपति थे। तब पेरू उग्रवादी संगठन सेंडेरो लुमिनोसो के हमलों से दहल रहा था। उस समय राष्ट्रपति भवन भी उग्रवादियों के निशाने पर था, इसलिए बेटी केइको और उनके भाई-बहनों को सुरक्षा के लिए लंबे समय तक बंकरों में रहना पड़ता था। रात में धमाकों और हमलों की खबरें आतीं तो बच्चे डर जाते और स्कूल न जाने की जिद करते। लेकिन पिता अल्बर्टो फुजीमोरी का नियम था कि हालात जैसे भी हों, पढ़ाई नहीं रुकेगी। संकट के बीच सामान्य जीवन जीना उन्होंने यहीं सीखा। छात्रा से फर्स्ट लेडी बनीं 1994 में केइको अमेरिका की स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं। तभी उनके माता-पिता में विवाद के बाद दोनों अलग हो गए। उनकी मां सुजाना हिगुची ने अल्बर्टो के सहयोगियों पर भ्रष्टाचार व राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए। विवाद के बीच केइको को पढ़ाई छोड़कर पेरू लौटना पड़ा। महज 19 की उम्र में पिता ने सुजाना को हटाकर केइको को फर्स्ट लेडी की जिम्मेदारी सौंपी। तब वे दुनिया की सबसे कम उम्र की फर्स्ट लेडी में गिनी जाने लगीं। उस दौरान केइको ने राष्ट्रपति भवन के कुछ हिस्सों को अपने पसंदीदा गुलाबी रंग से सजवा दिया था। उन्हें अनुभवहीन किशोरी कहकर आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन केइको ने इसे सामान्य बात बताया। बेटियों को हिम्मत देने के लिए जेल से लिखती थीं चिट्ठी केइको की दो बेटियां हैं। 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग व चुनावी फंडिंग मामले में केइको जेल गईं। उस दौरान वे जेल से बेटियों को चिट्ठियां लिखती थीं, जिनमें पढ़ाई पर ध्यान देने, हिम्मत बनाए रखने और परिवार का ख्याल रखने की सलाह देती थीं। ये पत्र बेटियों के साथ खुद केइको के लिए भी मुश्किल दौर में मानसिक सहारा बने। करीब 13 महीने बाद वे रिहा हुई और राजनीति में सक्रिय हुईं।

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पेरू की पहली महिला राष्ट्रपति, 19 वर्ष में संभाली जिम्मेदारी:पढ़ाई छूटी, जेल गईं और बंकर में काटी रातें, केइको ने बिखरने नहीं दी पार्टी

पेरू की पहली महिला राष्ट्रपति, 19 वर्ष में संभाली जिम्मेदारी:पढ़ाई छूटी, जेल गईं और बंकर में काटी रातें, केइको ने बिखरने नहीं दी पार्टी

पेरू में पहली बार कोई महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। यहां चौथी बार चुनाव लड़ रही दक्षिणपंथी नेता केइको फुजीमोरी (51) ने जीत हासिल की है। केइको को करीब 50.1% वोट मिले, जबकि वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज को 49.9% वोट मिले। केइको 28 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। वह पूर्व राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी की बेटी हैं। चुनावी फंडिंग मामले में केइको 2018 से 2020 तक जेल में भी रह चुकी हैं। अब उनके सामने अपराध, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता से देश को संभालने की चुनौती होगी। पढ़िए केइको के जीवन से जुड़े किस्से… धमाकों के बीच भी पिता स्कूल भेजते 1990 के दशक में केइको के पिता अल्बर्टो फुजीमोरी राष्ट्रपति थे। तब पेरू उग्रवादी संगठन सेंडेरो लुमिनोसो के हमलों से दहल रहा था। उस समय राष्ट्रपति भवन भी उग्रवादियों के निशाने पर था, इसलिए बेटी केइको और उनके भाई-बहनों को सुरक्षा के लिए लंबे समय तक बंकरों में रहना पड़ता था। रात में धमाकों और हमलों की खबरें आतीं तो बच्चे डर जाते और स्कूल न जाने की जिद करते। लेकिन पिता अल्बर्टो फुजीमोरी का नियम था कि हालात जैसे भी हों, पढ़ाई नहीं रुकेगी। संकट के बीच सामान्य जीवन जीना उन्होंने यहीं सीखा। छात्रा से फर्स्ट लेडी बनीं 1994 में केइको अमेरिका की स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं। तभी उनके माता-पिता में विवाद के बाद दोनों अलग हो गए। उनकी मां सुजाना हिगुची ने अल्बर्टो के सहयोगियों पर भ्रष्टाचार व राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए। विवाद के बीच केइको को पढ़ाई छोड़कर पेरू लौटना पड़ा। महज 19 की उम्र में पिता ने सुजाना को हटाकर केइको को फर्स्ट लेडी की जिम्मेदारी सौंपी। तब वे दुनिया की सबसे कम उम्र की फर्स्ट लेडी में गिनी जाने लगीं। उस दौरान केइको ने राष्ट्रपति भवन के कुछ हिस्सों को अपने पसंदीदा गुलाबी रंग से सजवा दिया था। उन्हें अनुभवहीन किशोरी कहकर आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन केइको ने इसे सामान्य बात बताया। बेटियों को हिम्मत देने के लिए जेल से लिखती थीं चिट्ठी केइको की दो बेटियां हैं। 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग व चुनावी फंडिंग मामले में केइको जेल गईं। उस दौरान वे जेल से बेटियों को चिट्ठियां लिखती थीं, जिनमें पढ़ाई पर ध्यान देने, हिम्मत बनाए रखने और परिवार का ख्याल रखने की सलाह देती थीं। ये पत्र बेटियों के साथ खुद केइको के लिए भी मुश्किल दौर में मानसिक सहारा बने। करीब 13 महीने बाद वे रिहा हुई और राजनीति में सक्रिय हुईं।

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