Saturday, 19 Sep 2026 | 06:03 AM

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'भारत भाग्य विधाता’ में आतंक नहीं, नर्सों का साहस दिखाया:मनोज तापड़िया बोले- स्क्रिप्ट सुनते ही कंगना ने हामी भरी; विज्ञापन का सफर छोड़ बनाई फिल्म

'भारत भाग्य विधाता’ में आतंक नहीं, नर्सों का साहस दिखाया:मनोज तापड़िया बोले- स्क्रिप्ट सुनते ही कंगना ने हामी भरी; विज्ञापन का सफर छोड़ बनाई फिल्म

विज्ञापन जगत में 27 साल का लंबा सफर तय करने के बाद निर्देशक मनोज तापड़िया ने फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ से सिनेमाई पर्दे पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। यह फिल्म 26/11 मुंबई हमले के दौरान कामा अस्पताल में नर्सों और स्टाफ द्वारा दिखाए गए अभूतपूर्व साहस की उस अनकही कहानी को बयां करती है, जो अब तक आम जनता के सामने नहीं आ पाई थी। फिल्म की रिलीज के बाद मनोज तापड़िया ने इसके निर्माण, कंगना रनोट के साथ काम करने और फिल्म की गहरी रिसर्च से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए। न्यूज आर्टिकल से मिला आइडिया, पर्दे पर उतारा साहस मनोज तापड़िया खुद को यथार्थवाद (रियलिज्म) का फिल्मकार मानते हैं। उनका कहना है कि इस फिल्म का विचार किसी काल्पनिक कहानी से नहीं, बल्कि एक वास्तविक घटना से आया था। 26/11 हमले के दौरान वे खुद मुंबई में ही थे। हमले के कुछ समय बाद उन्होंने कामा अस्पताल से जुड़ी एक छोटी सी खबर पढ़ी, जिसने उनके दिल को छू लिया। फिल्म में आतंक के खौफ से ज्यादा इंसानी जज्बे को प्राथमिकता दी गई है। मनोज बताते हैं: “मेरा मकसद सिर्फ आतंकवादी हमला या गोलियों की गूंज दिखाना नहीं था, बल्कि मैं उस रात अस्पताल के भीतर मौजूद लोगों का मानसिक तनाव और उनका अनुभव दिखाना चाहता था। अगर सिर्फ हमला दिखाता तो वह एक घटना बनकर रह जाती, लेकिन जब दर्शक किरदारों के दर्द से जुड़ते हैं, तो फिल्म सीधे दिल पर असर करती है।” इस पूरी घटना में मनोज को जिस बात ने सबसे ज्यादा झकझोरा, वह था नर्सों का निहत्था साहस। जिन महिलाओं के पास आत्मरक्षा के लिए एक लाठी तक नहीं थी, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों मरीजों को सुरक्षित बचाया। वे चाहते तो पिछले दरवाजे से भाग सकते थे, लेकिन वे डटे रहे। यही इस फिल्म की असली आत्मा है, जिसे नर्सों के दृष्टिकोण से पर्दे पर उतारा गया है। बिना स्टार को सोचे लिखी कहानी, कंगना का शार्प स्क्रिप्ट सेंस फिल्मों के लेखन को लेकर मनोज का एक सख्त नियम है वे कभी भी किसी स्टार को ध्यान में रखकर स्क्रिप्ट नहीं लिखते। उनका मानना है कि पहले कहानी और संवाद पूरी तरह तैयार होने चाहिए, उसके बाद ही किरदारों के लिए सही कलाकारों का चयन होना चाहिए। अगर किसी स्टार को सोचकर लिखा जाए और वह मना कर दे, तो पूरी कहानी प्रभावित होती है। ‘भारत भाग्य विधाता’ लिखते समय भी उनके दिमाग में कोई नाम नहीं था। जब स्क्रिप्ट पूरी हुई, तब कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के जरिए यह कहानी कंगना रनोट तक पहुंची। मनोज के मुताबिक, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे इतनी आसानी से कंगना तक पहुंच पाएंगे। लेकिन कंगना का स्क्रिप्ट सेंस बेहद तेज है; उन्होंने कहानी सुनते ही इसके विजन को समझा और तुरंत फिल्म के लिए हामी भर दी। कंगना के आने के बाद फिल्म का स्केल बड़ा हुआ और निर्माता शैलेश सिंह व जयंतीलाल गड़ा भी इस प्रोजेक्ट से जुड़े। सेट पर सभी को सुझाव देने की आजादी थी, जिससे दृश्यों को और बेहतर बनाने में मदद मिली। 5 घंटे के इंटरव्यू और कोर्ट दस्तावेजों पर टिकी प्रामाणिकता एक वास्तविक और संवेदनशील ऐतिहासिक घटना पर फिल्म बनाना बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए विस्तृत रिसर्च की गई। दिलचस्प बात यह है कि मनोज ने खुद सीधे तौर पर पीड़ितों से मुलाकात नहीं की। इसके बजाय, उनकी टीम ने पत्रकारिता बैकग्राउंड के लोगों की मदद से वास्तविक किरदारों के इंटरव्यू रिकॉर्ड किए। राइटिंग टीम ने करीब 5 घंटे का वीडियो और ऑडियो मटेरियल महीनों तक बारीकी से देखा। रिसर्च का मकसद सिर्फ सूखे आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि पीड़ितों के हावभाव और उनके मानवीय पक्ष को समझना था।प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए पुलिस रिकॉर्ड, अदालती दस्तावेज और अस्पताल के मूल लेआउट का बारीकी से अध्ययन किया गया। इसी गहरी रिसर्च का नतीजा है कि फिल्म में इस्तेमाल की गई स्थानीय शब्दावली और नर्सों का व्यवहार पूरी तरह वास्तविक नजर आता है। 100 ड्राफ्ट्स की मेहनत और समीक्षकों को जवाब फिल्म की स्क्रिप्टिंग प्रक्रिया बेहद सघन रही। शुरुआती लेखन भले ही दो महीने में पूरा हो गया था, लेकिन मनोज फिल्म की डबिंग खत्म होने तक इसमें बदलाव करते रहे। इसी वजह से फाइनल होने तक स्क्रिप्ट के लगभग 100 ड्राफ्ट तैयार किए गए। तकनीकी रूप से यह फिल्म जितनी सरल दिखती है, इसे शूट करना उतना ही जटिल था। अस्पताल के सीमित स्पेस में लगभग 70 मुख्य और सहायक कलाकारों के साथ समन्वय बिठाना चुनौतीपूर्ण था। बजट और सीमित संसाधनों के कारण पूरी टीम ने महज 35 दिनों के कड़े शेड्यूल में शूटिंग पूरी की। फिल्म रिलीज होने के बाद कुछ समीक्षकों का कहना था कि यह पूरी मुंबई के 26/11 के व्यापक माहौल को नहीं दिखा पाती। इस पर मनोज ने बहुत स्पष्टता से अपना नजरिया रखा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी पूरी मुंबई का हमला दिखाना था ही नहीं; उनका फोकस सिर्फ कामा अस्पताल के भीतर मौजूद नर्सों की मानसिक स्थिति और उस रात के तनाव को दर्शकों तक हूबहू पहुंचाना था। आगे के विजन पर बात करते हुए मनोज ने कहा कि वे भविष्य में भी ऐसी फिल्में बनाना चाहते हैं जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ कुछ सोचने पर भी मजबूर करें।

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 7 रन से हराया:टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त ली; रैनशॉ की फिफ्टी, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 7 रन से हराया:टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त ली; रैनशॉ की फिफ्टी, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने

ऑस्ट्रेलिया ने चटगांव में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को 7 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। यह बांग्लादेश की धरती पर ऑस्ट्रेलिया की पहली टी-20 सीरीज जीत भी है। 2021 में उसे 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो मैट रेनशॉ रहे। उन्होंने 89 रन की नाबाद पारी खेली। रैनशॉ ने चौथे विकेट के लिए टिम डेविड (45 रन, 26 गेंद) के साथ 50 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की। शुरुआती छह ओवरों में तीन विकेट गंवाने के बाद इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को 196/5 के स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में एक बांग्लादेश का स्कोर 13वें ओवर में 130/2 था। अंतिम ओवरों में लगातार डॉट गेंदों और विकेटों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए आरोन हार्डी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। तंजीद ने बांग्लादेश को तेज शुरुआत दिलाई 198 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश को तंजीद हसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने पहले ही ओवर से आरोन हार्डी और स्पेंसर जॉनसन पर शॉट लगाए। जॉनसन के दूसरे ओवर में 22 रन बने, जो उनके टी-20 करियर का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ। तंजीद का कैच चौथे ओवर में मैट रेनशॉ ने खुद की बॉलिंग में लपका। इसके बाद सौम्य सरकार ने भी तेजी से रन बनाए और पावरप्ले के बाद बांग्लादेश का स्कोर 72/1 पहुंच गया। हालांकि सातवें ओवर में एडम जम्पा ने उन्हें आउट कर ऑस्ट्रेलिया को राहत दिलाई। सैफ-एमोन ने उम्मीद जगाई, लेकिन टीम नहीं जीत सकी सौम्य के आउट होने के बाद परवेज हुसैन एमोन और सैफ हसन ने पारी संभाली। एमोन ने जैम्पा, जोएल डेविस और हार्डी पर लगातार बड़े शॉट लगाए, जबकि सैफ ने भी खुलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। हार्डी ने एमोन (36 रन, 22 गेंद) को आउट कराया, जबकि सैफ (42 रन) भी जल्द ही जोएल डेविस का शिकार बन गए। इसके बाद शमीम हुसैन भी नाथन एलिस की गेंद पर आउट हो गए। अंतिम ओवरों में जम्पा, एलिस और हार्डी ने कसी हुई गेंदबाजी की और बांग्लादेश को बाउंड्री लगाने का मौका नहीं दिया। नतीजतन मेजबान टीम 20 ओवर में 189/6 तक ही पहुंच सकी। सैफ ने बेहतरीन कैच लपका पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। जोश इंग्लिस ने पहले ओवर में नसुम अहमद पर चौका और छक्का लगाया, लेकिन अगले ही ओवर में उसी गेंदबाज पर आउट हो गए। इसके बाद नाहिद राणा ने कूपर कोनोली को आउट किया, जहां स्लिप में सैफ हसन ने डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ा। मुस्तफिजुर रहमान ने मिचेल मार्श (20 रन) को भी आउट किया। इस बार भी सैफ ने पीछे भागते हुए बेहतरीन कैच लपका। पावरप्ले के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 44/3 था और बांग्लादेश मैच पर मजबूत पकड़ बनाए हुए था। रेनशॉ और डेविड ने बदला मैच मुश्किल स्थिति में बल्लेबाजी करने उतरे मैट रेनशॉ और टिम डेविड ने सिर्फ सात गेंदों में लय पकड़ ली। डेविड ने नाहिद राना और अब्दुल गफ्फार सकलैन पर लगातार बड़े शॉट लगाए। दसवें ओवर में उन्होंने सकलैन के खिलाफ 19 रन बटोरे। दूसरी ओर रेनशॉ ने लेग स्पिनर रिशाद हुसैन को निशाना बनाया। 13वें ओवर में उन्होंने लगातार तीन छक्के जड़कर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। 55 रन के स्कोर पर उन्हें जीवनदान भी मिला, जब नाहिद उनका कैच नहीं पकड़ सके। डेविड ने भी छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 200 के करीब पहुंचा दिया, लेकिन सकलैन ने उन्हें डीप पॉइंट पर कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। इसके बावजूद रेनशॉ अंत तक डटे रहे। अंतिम ओवर में उन्होंने और जोएल डेविस ने मुस्तफिजुर के खिलाफ छक्के लगाकर टीम को 197/5 तक पहुंचाया, जो अंत में जीत के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 7 रन से हराया:टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त ली; रैनशॉ की फिफ्टी, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 7 रन से हराया:टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त ली; रैनशॉ की फिफ्टी, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने

ऑस्ट्रेलिया ने चटगांव में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को 7 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। यह बांग्लादेश की धरती पर ऑस्ट्रेलिया की पहली टी-20 सीरीज जीत भी है। 2021 में उसे 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो मैट रेनशॉ रहे। उन्होंने 89 रन की नाबाद पारी खेली। रैनशॉ ने चौथे विकेट के लिए टिम डेविड (45 रन, 26 गेंद) के साथ 50 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की। शुरुआती छह ओवरों में तीन विकेट गंवाने के बाद इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को 196/5 के स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में एक बांग्लादेश का स्कोर 13वें ओवर में 130/2 था। अंतिम ओवरों में लगातार डॉट गेंदों और विकेटों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए आरोन हार्डी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। तंजीद ने बांग्लादेश को तेज शुरुआत दिलाई 198 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश को तंजीद हसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने पहले ही ओवर से आरोन हार्डी और स्पेंसर जॉनसन पर शॉट लगाए। जॉनसन के दूसरे ओवर में 22 रन बने, जो उनके टी-20 करियर का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ। तंजीद का कैच चौथे ओवर में मैट रेनशॉ ने खुद की बॉलिंग में लपका। इसके बाद सौम्य सरकार ने भी तेजी से रन बनाए और पावरप्ले के बाद बांग्लादेश का स्कोर 72/1 पहुंच गया। हालांकि सातवें ओवर में एडम जम्पा ने उन्हें आउट कर ऑस्ट्रेलिया को राहत दिलाई। सैफ-एमोन ने उम्मीद जगाई, लेकिन टीम नहीं जीत सकी सौम्य के आउट होने के बाद परवेज हुसैन एमोन और सैफ हसन ने पारी संभाली। एमोन ने जैम्पा, जोएल डेविस और हार्डी पर लगातार बड़े शॉट लगाए, जबकि सैफ ने भी खुलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। हार्डी ने एमोन (36 रन, 22 गेंद) को आउट कराया, जबकि सैफ (42 रन) भी जल्द ही जोएल डेविस का शिकार बन गए। इसके बाद शमीम हुसैन भी नाथन एलिस की गेंद पर आउट हो गए। अंतिम ओवरों में जम्पा, एलिस और हार्डी ने कसी हुई गेंदबाजी की और बांग्लादेश को बाउंड्री लगाने का मौका नहीं दिया। नतीजतन मेजबान टीम 20 ओवर में 189/6 तक ही पहुंच सकी। सैफ ने बेहतरीन कैच लपका पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। जोश इंग्लिस ने पहले ओवर में नसुम अहमद पर चौका और छक्का लगाया, लेकिन अगले ही ओवर में उसी गेंदबाज पर आउट हो गए। इसके बाद नाहिद राणा ने कूपर कोनोली को आउट किया, जहां स्लिप में सैफ हसन ने डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ा। मुस्तफिजुर रहमान ने मिचेल मार्श (20 रन) को भी आउट किया। इस बार भी सैफ ने पीछे भागते हुए बेहतरीन कैच लपका। पावरप्ले के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 44/3 था और बांग्लादेश मैच पर मजबूत पकड़ बनाए हुए था। रेनशॉ और डेविड ने बदला मैच मुश्किल स्थिति में बल्लेबाजी करने उतरे मैट रेनशॉ और टिम डेविड ने सिर्फ सात गेंदों में लय पकड़ ली। डेविड ने नाहिद राना और अब्दुल गफ्फार सकलैन पर लगातार बड़े शॉट लगाए। दसवें ओवर में उन्होंने सकलैन के खिलाफ 19 रन बटोरे। दूसरी ओर रेनशॉ ने लेग स्पिनर रिशाद हुसैन को निशाना बनाया। 13वें ओवर में उन्होंने लगातार तीन छक्के जड़कर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। 55 रन के स्कोर पर उन्हें जीवनदान भी मिला, जब नाहिद उनका कैच नहीं पकड़ सके। डेविड ने भी छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 200 के करीब पहुंचा दिया, लेकिन सकलैन ने उन्हें डीप पॉइंट पर कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। इसके बावजूद रेनशॉ अंत तक डटे रहे। अंतिम ओवर में उन्होंने और जोएल डेविस ने मुस्तफिजुर के खिलाफ छक्के लगाकर टीम को 197/5 तक पहुंचाया, जो अंत में जीत के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

युवराज दिल्ली के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं:कुलदीप लखनऊ में जा सकते हैं; पंत की दिल्ली में वापसी के संकेत

युवराज दिल्ली के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं:कुलदीप लखनऊ में जा सकते हैं; पंत की दिल्ली में वापसी के संकेत

युवराज सिंह IPL 2027 में कोचिंग करते दिख सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व भारतीय ऑलराउंडर दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। दूसरी ओर लखनऊ के लिए दो सीजन खेलने वाले ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी की संभावना भी जताई जा रही है। पंत ने IPL 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद लखनऊ की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। वे दिल्ली से 2016 से 2024 तक खेल चुके हैं। युवराज पहली बार कोचिंग ग्रुप में दिख सकते हैं अगर युवराज दिल्ली की कोचिंग संभालते हैं तो यह उनका पहला कोचिंग टर्म होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेंचाइजी में सौरव गांगुली की भूमिका बढ़ने के साथ युवराज को भी टीम मैनेजमेंट का हिस्सा बनाया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के मेंटर के रूप में बनाई पहचान 44 साल के युवराज कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं। अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, अब्दुल समद, संजू सैमसन, ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या के साथ उन्होंने काम किया है। युवराज ने सभी प्लेयर्स की तकनीक पर सलाह दी। इसका नतीजा सभी प्लेयर्स को उनकी परफॉरमेंस में भी देखने को मिला। संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। वहीं अभिषेक शर्मा की तेज बल्लेबाजी का क्रेडिट भी युवराज को दिया जाता है। युवराज 6 IPL टीम से खेले, 2 की कप्तानी की युवराज IPL करियर में कुल 6 टीमों से खेले। किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स), पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए वे मैदान पर उतरे। युवराज ने दो टीमों की कप्तानी भी की। उन्होंने IPL के शुरुआती दो सीजन (2008 और 2009) में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी संभाली, जबकि 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के कप्तान रहे। कुलदीप नई टीम से खेल सकते हैं इसी बीच IPL 2027 में कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन सकते हैं। अगर कुलदीप लखनऊ से जुड़ते हैं, तो यह उनके IPL करियर का तीसरा फ्रेंचाइजी बदलाव होगा। कुलदीप 2012 से 2014 तक मुंबई इंडियंस (MI) के स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2014 से 2021 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले। 2022 के मेगा ऑक्शन से अब तक वे दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेल रहे थे। पंत की दिल्ली वापसी की चर्चा तेज दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत की टीम में वापसी की संभावना भी बताई जा रही है। पंत ने हाल ही में लखनऊ की कप्तानी छोड़ी है। उन्होंने दो सीजन टीम की कप्तानी की। खराब फॉर्म के चलते लखनऊ IPL 2026 में 10वें और 2025 में 7वें स्थान पर रही। उनकी कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत ही हासिल कर सकी। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। वे IPL के सबसे महंगे प्लेयर हैं। 2026 में वे 312 रन ही बना सके थे।

युवराज दिल्ली के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं:कुलदीप लखनऊ में जा सकते हैं; पंत की दिल्ली में वापसी के संकेत

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युवराज सिंह IPL 2027 में कोचिंग करते दिख सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व भारतीय ऑलराउंडर दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। दूसरी ओर लखनऊ के लिए दो सीजन खेलने वाले ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी की संभावना भी जताई जा रही है। पंत ने IPL 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद लखनऊ की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। वे दिल्ली से 2016 से 2024 तक खेल चुके हैं। युवराज पहली बार कोचिंग ग्रुप में दिख सकते हैं अगर युवराज दिल्ली की कोचिंग संभालते हैं तो यह उनका पहला कोचिंग टर्म होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेंचाइजी में सौरव गांगुली की भूमिका बढ़ने के साथ युवराज को भी टीम मैनेजमेंट का हिस्सा बनाया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के मेंटर के रूप में बनाई पहचान 44 साल के युवराज कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं। अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, अब्दुल समद, संजू सैमसन, ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या के साथ उन्होंने काम किया है। युवराज ने सभी प्लेयर्स की तकनीक पर सलाह दी। इसका नतीजा सभी प्लेयर्स को उनकी परफॉरमेंस में भी देखने को मिला। संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। वहीं अभिषेक शर्मा की तेज बल्लेबाजी का क्रेडिट भी युवराज को दिया जाता है। युवराज 6 IPL टीम से खेले, 2 की कप्तानी की युवराज IPL करियर में कुल 6 टीमों से खेले। किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स), पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए वे मैदान पर उतरे। युवराज ने दो टीमों की कप्तानी भी की। उन्होंने IPL के शुरुआती दो सीजन (2008 और 2009) में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी संभाली, जबकि 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के कप्तान रहे। कुलदीप नई टीम से खेल सकते हैं इसी बीच IPL 2027 में कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन सकते हैं। अगर कुलदीप लखनऊ से जुड़ते हैं, तो यह उनके IPL करियर का तीसरा फ्रेंचाइजी बदलाव होगा। कुलदीप 2012 से 2014 तक मुंबई इंडियंस (MI) के स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2014 से 2021 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले। 2022 के मेगा ऑक्शन से अब तक वे दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेल रहे थे। पंत की दिल्ली वापसी की चर्चा तेज दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत की टीम में वापसी की संभावना भी बताई जा रही है। पंत ने हाल ही में लखनऊ की कप्तानी छोड़ी है। उन्होंने दो सीजन टीम की कप्तानी की। खराब फॉर्म के चलते लखनऊ IPL 2026 में 10वें और 2025 में 7वें स्थान पर रही। उनकी कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत ही हासिल कर सकी। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। वे IPL के सबसे महंगे प्लेयर हैं। 2026 में वे 312 रन ही बना सके थे।

शिमला रिज पर अमेरिकी टूरिस्ट की अश्लील हरकतें:वायरल वीडियो पर हिरासत में लिया; सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और गाली-गलोच की

शिमला रिज पर अमेरिकी टूरिस्ट की अश्लील हरकतें:वायरल वीडियो पर हिरासत में लिया; सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और गाली-गलोच की

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रिज पर आज (शुक्रवार) सुबह एक विदेशी टूरिस्ट द्वारा कथित तौर पर अशोभनीय हरकतें और गाली-गलोज करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक जोशुआ क्रिश्चियन को हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार, रिज पर सुबह के समय बड़ी संख्या में टूरिस्ट और लोकल लोग मौजूद थे। इस दौरान एक जोशुआ क्रिश्चियन ने वहां लोगों के सामने अभद्र व्यवहार किया और अश्लील इशारे किए। बताया जा रहा है कि टूरिस्ट ने गाली-गलोच भी की। विदेशी पर्यटक की हरकतों को देखकर मौके पर लोग एकत्रित हो गए और किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। टूरिस्ट से भरे रिज पर हंगामा रिज, शिमला का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां दिनभर हजारों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर विदेशी पर्यटक द्वारा किए गए इस तरह के व्यवहार को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। पुलिस ने वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विदेशी नागरिक रिज पर लोगों के प्रति अभद्र व्यवहार करता और अशोभनीय इशारे करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिमला पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। सार्वजनिक स्थल पर उपद्रव मचाने का आरोप शिमला पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेशी नागरिक को हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 114 के तहत सार्वजनिक उपद्रव और अशोभनीय व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादित और जिम्मेदार व्यवहार करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने या सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियां करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने राघवेंद्र राव का बचाव भी किया। उनका कहना था कि वे केवल उद्घाटन शॉट डायरेक्ट कर रहे थे और सीनियर होने के नाते कलाकारों को उनकी सही जगह समझा रहे थे, इसमें कुछ गलत इरादा नहीं था। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं।

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

सलमान खान के करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी की 2024 में हत्या कर दी गई। उस समय सलमान फिल्म सिंकदर शूट कर रहे थे। करीबी दोस्त के गुजर जाने के बाद सलमान खान इमोशनली और फिजिकली दर्द में थे, इसके बावजूद वो सिकंदर की शूटिंग कर रहे थे। अब उनके सिकंदर को-स्टर विशाल वशिष्ठ ने बताया है कि सलमान दर्द में थे। तभी उन्हें रिब इंजरी भी हुई, वो कुर्सी से उठ भी नहीं पाते थे, उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वो रोज सेट पर पूरी मेहनत करते थे। एक्टर विशाल वशिष्ठ ने पीटीआई शोबिज को दिए इंटरव्यू में सिंकदर की शूटिंग पर बात की। उन्होंने कहा, ‘सिकंदर बहुत मुश्किल समय में पूरी हुई है, खासकर सलमान सर के लिए। ये कोई छिपी हुई बात नहीं है। वह मेंटली और इमोशनली पूरी तरह थक चुके थे, और शारीरिक रूप से भी काफी परेशानियों से गुजर रहा था। हमने यह सब अपनी आंखों से देखा था। यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी, बल्कि हकीकत थी। वह धीरे-धीरे चलते थे और किसी तरह अपना सीन पूरा करता था। जैसे ही ‘कट’ बोलता, वह वापस जाकर फिजियोथेरेपी करवाने लगते थे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘एक चीज जो मैंने सीखी, वो ये कि कितने सालों में उनके बैकग्राउंड में कितना कुछ चल रहा था, लेकिन फिर भी वो यहां हैं, शूटिंग कर रहे हैं। वह दर्द में थे, लेकिन फिर भी काम करते रहे। बाहर उनकी जिंदगी में खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियां थीं, लेकिन इसके बावजूद वह शूटिंग पर पहुंचते रहे। यह सब उसके लिए बेहद मुश्किल था।’ सलमान के घर पर हुई फायरिंग, सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई 12 अक्टूबर 2024 को NCP नेता बाबा सिद्दीकी बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर निकले थे। तभी उन पर 6 गोलियां चलाई गईं। 2 गोली सिद्दीकी के पेट पर और एक सीने पर लगी। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात 11.27 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एक आरोपी ने खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी से पहले सलमान खान उनकी हिटलिस्ट में थे, लेकिन एक्टर की सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई। इससे ठीक पहले 14 अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में फायरिंग की गई थी।

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

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सलमान खान के करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी की 2024 में हत्या कर दी गई। उस समय सलमान फिल्म सिंकदर शूट कर रहे थे। करीबी दोस्त के गुजर जाने के बाद सलमान खान इमोशनली और फिजिकली दर्द में थे, इसके बावजूद वो सिकंदर की शूटिंग कर रहे थे। अब उनके सिकंदर को-स्टर विशाल वशिष्ठ ने बताया है कि सलमान दर्द में थे। तभी उन्हें रिब इंजरी भी हुई, वो कुर्सी से उठ भी नहीं पाते थे, उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वो रोज सेट पर पूरी मेहनत करते थे। एक्टर विशाल वशिष्ठ ने पीटीआई शोबिज को दिए इंटरव्यू में सिंकदर की शूटिंग पर बात की। उन्होंने कहा, ‘सिकंदर बहुत मुश्किल समय में पूरी हुई है, खासकर सलमान सर के लिए। ये कोई छिपी हुई बात नहीं है। वह मेंटली और इमोशनली पूरी तरह थक चुके थे, और शारीरिक रूप से भी काफी परेशानियों से गुजर रहा था। हमने यह सब अपनी आंखों से देखा था। यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी, बल्कि हकीकत थी। वह धीरे-धीरे चलते थे और किसी तरह अपना सीन पूरा करता था। जैसे ही ‘कट’ बोलता, वह वापस जाकर फिजियोथेरेपी करवाने लगते थे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘एक चीज जो मैंने सीखी, वो ये कि कितने सालों में उनके बैकग्राउंड में कितना कुछ चल रहा था, लेकिन फिर भी वो यहां हैं, शूटिंग कर रहे हैं। वह दर्द में थे, लेकिन फिर भी काम करते रहे। बाहर उनकी जिंदगी में खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियां थीं, लेकिन इसके बावजूद वह शूटिंग पर पहुंचते रहे। यह सब उसके लिए बेहद मुश्किल था।’ सलमान के घर पर हुई फायरिंग, सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई 12 अक्टूबर 2024 को NCP नेता बाबा सिद्दीकी बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर निकले थे। तभी उन पर 6 गोलियां चलाई गईं। 2 गोली सिद्दीकी के पेट पर और एक सीने पर लगी। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात 11.27 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एक आरोपी ने खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी से पहले सलमान खान उनकी हिटलिस्ट में थे, लेकिन एक्टर की सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई। इससे ठीक पहले 14 अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में फायरिंग की गई थी।