विशेष | ‘असली टीएमसी’ का उदय? टीएमसी में उथल-पुथल के बीच 20 लोकसभा सांसदों ने स्वतंत्र गुट बनाया | न्यूज18

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जालंधर का अर्जुन इंडिया टीम में खेलेगा:पिता छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते, श्रीलंका दौरे पर अंडर-19 टीम में पंजाब के 4 प्लेयर

जालंधर के युवा क्रिकेटर अर्जुन राजपूत का भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। श्रीलंका दौरे पर जाने वाली बीसीसीआई की टीम में उनका नाम शामिल है। कूच बिहार ट्राफी में केरल के खिलाफ 200 रन बनाकर अर्जुन सिलेक्टर की नजर में आए। अर्जुन ने अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। कूच बिहार ट्रॉफी एलीट मुकाबले में पंजाब के लिए खेलते हुए उन्होंने सौराष्ट्र के खिलाफ 121 रनों की यादगार शतकीय पारी भी खेली थी। पंजाब से 4 प्लेयर का इंडिया की अंडर 19 टीम में सिलेक्शन हुआ है। इनमें सागर विर्क (पटियाला) अर्जुन राजपूत (जालंधर), अनमोलजीत सिंह (लुधियाना) और इशान सूद (रोपड़) शामिल हैं। अर्जुन ने 7 साल की उम्र में खेलना शुरू किया जालंधर के राम नगर निवासी अर्जुन ने 7 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनके पहले कोच विक्रम सिद्धू ने उन्हें पहला बैट खरीद कर दिया था। लेफ्ट हेंडर अर्जुन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। पिता DAV कॉलेज के पास छोले कुलचे की रेहड़ी लगाते अर्जुन के पिता होती राम डीएवी (DAV) कॉलेज के पास छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते हैं। उन्होंने बताया कि कम इनकम के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) और जालंधर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अर्जुन के चयन पर उनको बधाई दी। जानें अर्जुन राजपूत का क्रिकेट सफर सांसद मीत हेयर ने दी बधाई आनरेरी सेक्रेटरी और पंजाब के संगरूर से आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने श्रीलंका सीरीज के लिए भारत की पुरुष अंडर-19 टीम में चयन होने पर पंजाब के युवा क्रिकेटरों को अपनी बधाई दी।गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इंस्टा पोस्ट पर लिखा- आपकी लगन, कड़ी मेहनत और जुनून ने आपको देश का प्रतिनिधित्व करने का यह अवसर दिलाया है। आप सभी को एक सफल दौरे और भारतीय जर्सी में कई यादगार प्रदर्शनों के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।
उम्र रोकने की दवा के पहली बार इंसान पर परीक्षण:ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन

मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। दावा है कि पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। इसे लॉन्गेविटी साइंस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट इस प्रयोग के पहले चरण में ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख में सीधे यह प्रयोगात्मक जीन थेरेपी इंजेक्ट की गई है। अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाता है। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करती है जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे चिकित्सा विज्ञान के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक सीमित थी। ————- ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा:सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी, ₹2.47 लाख करोड़ का एंटी एजिंग प्रोजेक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी:शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
उम्र रोकने की दवा का पहली बार इंसान पर परीक्षण:ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन

मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया गया है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाएगा। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करेगी, जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे मेडिकल साइंस के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक ही सीमित थी, जो अब इंसानों तक पहुंच गई है। ————- ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा: सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी: शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया:दूसरा वनडे 5 विकेट से जीता; मुस्तफिजुर-तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए

बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। बांग्लादेश ने सीरीज का पहला मैच डकवर्थ लुइस नियम के तहत 86 रन से जीता था। ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट शून्य पर गिरे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही। टीम ने बिना खाता खोले 3 विकेट गंवा दिए। पहले ओवर में तस्कीन अहमद ने मैथ्यू शॉर्ट को शून्य पर आउट किया। अगले ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने कूपर कॉनोली और मैट रेनशॉ को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। टीम ने 22वें ओवर में 81 रन तक 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मार्नस लाबुशेन और जेवियर बार्टलेट के बीच 7वें विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी हुई। हालांकि 184 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया का 7वां और फिर 8वां विकेट गिरा। डकवर्थ लुइस से बांग्लादेश को टारगेट मिला 42 ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/8 था, तभी बारिश आ गई। इसके बाद डकवर्थ लुइस नियम के तहत बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन का टारगेट दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए लाबुशेन ने सबसे ज्यादा नाबाद 55 रन बनाए। बार्टलेट 52 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंका के लिए मुस्तफिजुर और तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए। तन्वीर इस्लाम ने 2 विकेट लिए। बांग्लादेश ने भी शून्य पर पहला विकेट गंवाया रनचेज में बांग्लादेश ने दूसरी गेंद पर ही तंजीद हसन तमीम का विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद नजमुल हुसैन शांतो (41) और सौम्य सरकार (42) के बीच दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी हुई। हालांकि इसके बाद टीम ने 144 रन तक 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तौहीद ह्रदोय और मेहदी हसन मिराज ने 51 की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। ह्रदोय ने 40* और मेहदी ने 22 रन बनाए। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक:54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में होंगे; अगले महीने ICC ऐलान करेगी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। पूरी खबर पढ़ें…
बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया:दूसरा वनडे 5 विकेट से जीता; मुस्तफिजुर-तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए

बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। बांग्लादेश ने सीरीज का पहला मैच डकवर्थ लुइस नियम के तहत 86 रन से जीता था। ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट शून्य पर गिरे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही। टीम ने बिना खाता खोले 3 विकेट गंवा दिए। पहले ओवर में तस्कीन अहमद ने मैथ्यू शॉर्ट को शून्य पर आउट किया। अगले ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने कूपर कॉनोली और मैट रेनशॉ को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। टीम ने 22वें ओवर में 81 रन तक 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मार्नस लाबुशेन और जेवियर बार्टलेट के बीच 7वें विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी हुई। हालांकि 184 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया का 7वां और फिर 8वां विकेट गिरा। डकवर्थ लुइस से बांग्लादेश को टारगेट मिला 42 ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/8 था, तभी बारिश आ गई। इसके बाद डकवर्थ लुइस नियम के तहत बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन का टारगेट दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए लाबुशेन ने सबसे ज्यादा नाबाद 55 रन बनाए। बार्टलेट 52 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंका के लिए मुस्तफिजुर और तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए। तन्वीर इस्लाम ने 2 विकेट लिए। बांग्लादेश ने भी शून्य पर पहला विकेट गंवाया रनचेज में बांग्लादेश ने दूसरी गेंद पर ही तंजीद हसन तमीम का विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद नजमुल हुसैन शांतो (41) और सौम्य सरकार (42) के बीच दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी हुई। हालांकि इसके बाद टीम ने 144 रन तक 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तौहीद ह्रदोय और मेहदी हसन मिराज ने 51 की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। ह्रदोय ने 40* और मेहदी ने 22 रन बनाए। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक:54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में होंगे; अगले महीने ICC ऐलान करेगी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। पूरी खबर पढ़ें…
सिग्नेचर मिसमैच मामले में अभिषेक बनर्जी से बंगाल सीआईडी ने 4 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 22:51 IST पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विधानसभा के एक प्रमुख प्रस्ताव पर हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों को लेकर कोलकाता में अभिषेक बनर्जी से चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की, जांच जारी है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी. (छवि: पीटीआई) तृणमूल कांग्रेस नेता और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी से पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा में प्रस्तुत एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव से जुड़े कथित हस्ताक्षर बेमेल मामले के संबंध में गुरुवार को चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा मामले में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए बनर्जी को निर्देश देने के बाद कोलकाता में सीआईडी मुख्यालय में लंबी पूछताछ हुई। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ चार घंटे से भी अधिक समय तक जारी रही क्योंकि जांचकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रमुख विपक्षी पदों पर नियुक्तियों से संबंधित एक प्रस्ताव पर कई तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर में कथित विसंगतियों के संबंध में जवाब मांगा। मामला किस बारे में है? सीआईडी इन आरोपों की जांच कर रही है कि एक महत्वपूर्ण विधानसभा प्रस्ताव पर कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर उनके मूल हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते हैं। यह विवाद विधानसभा में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों से संबंधित एक प्रस्ताव से संबंधित है, जिसमें विपक्ष के नेता और विपक्षी बेंच के लिए आरक्षित अन्य पद भी शामिल हैं। प्रस्ताव के साथ जमा किए गए हस्ताक्षरों में कथित तौर पर विसंगतियां सामने आने के बाद मामला सीआईडी को भेजा गया था। जांचकर्ताओं ने जांच के हिस्से के रूप में कई विधायकों से लिखावट के नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक निष्कर्षों में कथित तौर पर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर और विधायकों के नमूना हस्ताक्षरों के बीच बेमेल होने का सुझाव दिया गया है। पेशी से पहले कई बार समन बनर्जी की उपस्थिति सीआईडी द्वारा जारी समन की एक श्रृंखला के बाद हुई। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने पहले स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और नई दिल्ली में राजनीतिक व्यस्तताओं सहित पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। उन्होंने पहले के समन को नजरअंदाज कर दिया था, जिसके चलते सीआईडी को कई नोटिस जारी करने पड़े और चेतावनी दी गई कि अगर वह पूछताछ से बचते रहे तो संभावित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने कहा है कि विवादित प्रस्ताव और कथित हस्ताक्षर विसंगतियों के आसपास की घटनाओं के अनुक्रम को स्थापित करने के लिए बनर्जी से पूछताछ महत्वपूर्ण है। जांच जारी है अधिकारियों ने बनर्जी से पूछे गए सवालों के विवरण का खुलासा नहीं किया है या क्या उन्हें आगे की पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है। सीआईडी जांच अभी भी जारी है, एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, लिखावट के नमूनों और विधायकों के बयानों की जांच जारी रखे हुए है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया सिग्नेचर मिसमैच मामले में अभिषेक बनर्जी से बंगाल सीआईडी ने 4 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी सीआईडी पूछताछ(टी)तृणमूल कांग्रेस नेता(टी)डायमंड हार्बर एमपी(टी)पश्चिम बंगाल सीआईडी जांच(टी)हस्ताक्षर बेमेल मामला(टी)कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा संकल्प(टी)विपक्ष विवाद पोस्ट करता है
एक महीने में पीएम मोदी की दो बैठकें: कैसे विजय तमिलनाडु-दिल्ली संबंधों के लिए एक नई राह तैयार कर रहे हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 21:48 IST नीति आयोग के हंगामे के बाद, विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक अलग बैठक की। एक महीने से भी कम समय में मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी। (फोटो: एक्स/सीएमओतमिलनाडु) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने गुरुवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लिया, जो केंद्र के प्रति पिछली डीएमके सरकार द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण से हटने का संकेत है। हंगामे के बाद, विजय ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक अलग बैठक की। एक महीने से भी कम समय में मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी। पिछले महीने पदभार संभालने के तुरंत बाद, विजय ने नई दिल्ली की यात्रा की और 27 मई को पीएम मोदी से मुलाकात की और कल्याण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, प्रमुख विकासात्मक पहलों के लिए मंजूरी और विवादास्पद मेकेदातु जल विवाद में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तमिलनाडु के लिए अधिक बजटीय सहायता की मांग करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। आज नीति आयोग की बैठक में, विजय ने स्नातक चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) पर तमिलनाडु के विरोध को दोहराया। उन्होंने तर्क दिया कि परीक्षा ने ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से आग्रह किया कि तमिलनाडु को एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे के तहत सभी सीटें केवल बारहवीं कक्षा के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए। कैसे विजय तमिलनाडु-दिल्ली संबंधों के लिए एक नई राह तैयार कर रहे हैं जबकि विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान भाजपा को अपनी पार्टी का “वैचारिक दुश्मन” बताया था, पद संभालने के बाद उनके आचरण ने केंद्र के प्रति अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित किया है। कई विपक्षी नेताओं के विपरीत, जिन्होंने एनईईटी-यूजी परीक्षा विवाद पर सीधे तौर पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा था, विजय ने केंद्र पर सीधा हमला किए बिना, अपनी आलोचना को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली में “खामियों और संरचनात्मक कमियों का निर्णायक सबूत” तक सीमित रखा। इसी तरह, मुख्यमंत्री के रूप में तमिलनाडु विधानसभा में अपने पहले भाषण में, विजय ने भाजपा या केंद्र सरकार की आलोचना करने से परहेज किया। अपने पूर्ववर्ती एमके स्टालिन के साथ विरोधाभास उल्लेखनीय है। स्टालिन ने लगातार तीन बार नीति आयोग की बैठकों में भाग नहीं लिया और आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा तमिलनाडु के साथ “सौतेला व्यवहार” किया जा रहा है। प्रारंभिक संकेत विजय सरकार के प्रक्षेप पथ के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना अभी भी जल्दबाजी होगी, जिसने अभी अपना पांच साल का कार्यकाल शुरू किया है। हालाँकि, केंद्र के साथ सीधे जुड़ने, नीति आयोग की बैठकों में भाग लेने और प्रधान मंत्री के साथ नियमित संचार बनाए रखने का मुख्यमंत्री का निर्णय एनईईटी और राजकोषीय आवंटन जैसे प्रमुख मुद्दों पर तमिलनाडु के हितों पर जोर देते हुए टकराव पर सहयोग को प्राथमिकता देने के प्रयास का सुझाव देता है। यह दृष्टिकोण राज्य के लिए अधिक लाभ में परिवर्तित होता है या नहीं, यह देखना अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती संकेत नई दिल्ली के साथ तमिलनाडु के संबंधों में पुनर्मूल्यांकन की ओर इशारा करते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया एक महीने में दो पीएम मोदी की बैठकें: कैसे विजय तमिलनाडु-दिल्ली संबंधों के लिए एक नई राह तैयार कर रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय(टी)नीति आयोग की बैठक(टी)तमिलनाडु एनईईटी विरोध(टी)विजय मोदी बैठक(टी)तमिलनाडु केंद्र संबंध(टी)एनईईटी-यूजी विवाद(टी)तमिलनाडु राजकोषीय आवंटन(टी)तमिलनाडु बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
चिकन बिरयानी रेसिपी: कुकर में ऐसे होटल जैसी चिकन बिरयानी, चावल का हर दाना खाया-खिला; विधि नोट करें

सामग्री: 500 ग्राम चिकन, 2 कप बासमती चावल, 2 प्याज, 2 टमाटर, 1 कप दही, 2 हरी मिर्च, 1 अदरक-लहसुन पेस्ट, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, छवि: फ्रीपिक 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1 छोटा चम्मच बिरयानी मसाला, 2 छोटा चम्मच मसाला, 4 लौंग, 4 हरी इलायची, 1 छोटा चम्मच मसाला, 2 बड़ा मसाला तेल, 1 बड़ा चम्मच घी, नमक, हरा धनियां, पुदीना मसाला, 3½ कप पानी छवि: फ्रीपिक सबसे पहले चिकन को अच्छी तरह धो लें। इसमें दही, अदरक-लहसुन पेस्ट, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, बिरयानी मसाला और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। इसे कम से कम 30 मिनट के लिए बढ़ाकर रख दें। छवि: फ्रीपिक बिरयानी बनाने की विधि: बासमती चावल को धोकर 20 से 30 मिनट के लिए पानी में डुबोकर देखें। इससे चावल लंबे और खिले-खिले। कुकर में तेल और घी गर्म करें। छवि: फ्रीपिक इसमें तेज पत्ता, लौंग, इलायची और ग्रेनाइट पत्थर कुछ सेकंड भून लें। अब होने जा रहा है केटे हुए मोनोलैम्ब्स सोलोमन्स सोमाट तक। इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और टुकड़े टुकड़े आने तक। छवि: एआई फिर टमाटर और हरी मिर्च का ढांचा नर होने तक भून लें। अब मैरी ने 8-10 मिनट तक चिकन डाला और मध्यम आंच पर खाना खाया। जब चिकन से तेल अलग लगे, तब इसमें हरा धनिया और पुदीना दाल डालें। छवि: फ्रीपिक भीगे हुए चावल का पानी औद्योगिक कुकर में डालें। ऊपर से साढ़े तीन कप पानी और स्वाद नमक डालें। सभी अनाथों को हाथ से मिला लें। कुकर का बंदर बंद करें और मध्यम गति पर 1 शहर आने तक। छवि: फ्रीपिक इसके बाद गैस बंद कर दें और अपने गंतव्य पर पहुंचें। गरमा-गरम चिकन बिरयानी को रायता, पनीर और पुदीने की चटनी के साथ सर्व करें। इसका लाजवाब स्वाद पूरे परिवार को जरूर पसंद आएगा। छवि: एआई घर पर बनी यह आसान चिकन बिरयानी किसी भी खास रेसिपी या वीकेंड के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। हमेशा अच्छे गुणवत्ता वाले बासमती चावल का उपयोग करें। चावल को पहले से तैयार करना न भूलें। छवि: फ्रीपिक पानी की मात्रा सही मात्रा में, अधिक पानी चावल को चिपकाया जा सकता है। अंतिम यात्रा से पहले कुकर न लिखें। बिरयानी को डिजाइन करने से पहले 5 मिनट आराम करें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)चिकन बिरयानी रेसिपी(टी)चिकन बिरयानी रेसिपी(टी)घर पर चिकन बिरयानी कैसे बनाएं(टी)घर पर बनी चिकन बिरयानी
टीएमसी नेतृत्व में दरार के बीच महुआ मोइत्रा ने अभिषेक बनर्जी का समर्थन किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 20:42 IST मोइत्रा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कड़ी मेहनत से खुद को साबित किया है, लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीते हैं और पार्टी संगठन को मजबूत किया है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीएमसी सांसदों और विधायकों के एक वर्ग ने पार्टी के कामकाज और निर्णय लेने में अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका पर खुलेआम असंतोष व्यक्त किया है। (फोटो: एक्स) तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व और बढ़ते प्रभाव को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच उनके समर्थन में सामने आई हैं। मोइत्रा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को 2014 में पहला लोकसभा टिकट इसलिए मिला क्योंकि वह टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत के जरिए खुद को साबित किया है, लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीते हैं और पार्टी संगठन को मजबूत किया है। मोइत्रा ने बताया, “वह मुझसे बहुत छोटे हैं। मैंने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्वीकार कर लिया है।” हिंदुस्तान टाइम्स. उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीएमसी सांसदों और विधायकों के एक वर्ग ने पार्टी के कामकाज और निर्णय लेने में अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका पर खुलेआम असंतोष व्यक्त किया है। इससे पहले गुरुवार को टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक पर ताजा हमला करते हुए उन पर अहंकार का आरोप लगाया और उनकी नेतृत्व क्षमताओं पर सवाल उठाए। कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर दीदी अभिषेक को अपार शक्ति देती हैं और मेरे जैसे लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़कर पूरी तरह से उन पर भरोसा करती हैं, तो मुझे निर्णय लेना होगा और समय आने पर मैं वह निर्णय लूंगा।” अपनी पिछली आलोचना को याद करते हुए उन्होंने कहा, “2022 में, मैंने कहा था कि अभिषेक अहंकारी हैं और पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकते, लेकिन किसी ने मेरा समर्थन नहीं किया। वास्तव में, मैंने I-PAC मॉडल के खिलाफ बात की थी।” हाल के दिनों में अंदरुनी उथल-पुथल तेज हो गई है. इस हफ्ते की शुरुआत में, तीन टीएमसी राज्यसभा सांसदों – सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी नेतृत्व को झटका लगा। इस बीच, निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतज्योत (ऋतब्रत) बनर्जी ने दावा किया कि असंतुष्ट खेमे का समर्थन करने वाले बागी विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गई है और लगातार बढ़ रही है। इस घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर बढ़ती दरार की अटकलों को हवा दे दी है क्योंकि यह एक अभूतपूर्व आंतरिक चुनौती से जूझ रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं समाचार राजनीति ‘उन्होंने बकाया चुका दिया है’: महुआ मोइत्रा का कहना है कि अभिषेक बनर्जी को 2024 में ममता संबंधों के कारण लोकसभा का टिकट मिला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)महुआ मोइत्रा समर्थन(टी)अभिषेक बनर्जी नेतृत्व(टी)टीएमसी आंतरिक दरार(टी)ममता बनर्जी भतीजे(टी)कल्याण बनर्जी आलोचना(टी)टीएमसी बागी विधायक(टी)आई-पीएसी मॉडल विवाद








