हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।’ ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं’- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने ‘दबंग’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रेडी’ जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।
क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। दूसरी ओर सीजन की सबसे मजबूत गुजरात की गेंदबाजी उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इसमें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी? जवाब 4 फैक्टर्स से समझिए… पिछली भिड़ंत : 9 मई को जयपुर में गुजरात और राजस्थान के बीच पिछला मैच खेला गया था। इसमें मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर सूर्यवंशी का विकेट लिया था। जबकि रबाडा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शिकार बने थे। वैभव ने 16 बॉल पर 3 छक्के सहित 36 रन बनाए थे। पुराना रिकॉर्ड: वैभव ने गुजरात के खिलाफ 3 मैच खेले हैं और एक शतक के सहारे 233.33 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के आ चुके हैं। उन्हें मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बार आउट किया है। हालिया फॉर्म : वैभव की हालिया फॉर्म कमाल की है। वे पिछली 5 पारियों में सिर्फ एक बार सिंगल डिटिट पर आउट हुए हैं। बाकी कि चार पारियों में वैभव ने दो अर्धशतक लगाए हैं। वे 250.9 के स्ट्राइक रेट से 276 रन बना चुके हैं। दूसरी ओर गुजरात के 5 गेंदबाज सीजन में कम से कम 15 विकेट ले चुके हैं। पिच कंडीशन: महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम की पिच बैटर्स के लिए मददगार होती है। लेकिन, 2 दिन पहले 27 मई को यहां पेसर्स को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 में से 12 विकेट पेसर्स को मिले। जबकि, दो बैटर्स रनआउट हुए। जोफ्रा आर्चर ने लेंथ और स्पीड के दम पर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, वैभव के सामने पैट कमिंस की अगुवाई वाला पेस अटैक बेअसर रहा था। हेड टु हेड गुजरात 7-3 से आगे, 2022 में फाइनल हराया था हेड टु हेड रिकॉर्ड में गुजरात का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक 10 मैच खेले जा चुके हैं, इनमें से 7 मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। जबकि, 3 मैच राजस्थान के नाम रहे हैं। इस सीजन में दोनों टीमें बराबरी पर रही है। पिछले मैच को गुजरात ने 77 रन से जीता। उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट की जीत हासिल की थी। टॉप प्लेयर्स राजस्थान सूर्यवंशी और आर्चर पर निर्भर राजस्थान रॉयल्स इस समय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर निर्भर है। दोनों खिलाड़ियों ने एलिमिनेटर में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वैभव 680 रन के साथ मौजूदा सीजन के टॉप स्कोरर हैं। जबकि, जोफ्रा आर्चर 24 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर्स हैं। यशस्वी जायसवाल इस सीजन सूर्यवंशी की चमक के आगे फीके नजर आए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर उपयोगी पारियां खेली हैं। कप्तान रियान पराग ने माना कि सनराइजर्स के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। टीम इस कमजोरी को सुधारना चाहेगी। साई सुदर्शन के पास ऑरेंज कैप लेने का मौका गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हद तक साई सुदर्शन (652 रन), शुभमन गिल (618 रन) और जोस बटलर (498 रन) पर निर्भर है। पिछले मैच में बेंगलुरु के खिलाफ टॉप-3 बैटर्स के जल्दी आउट होने के बाद टीम 162 रन पर ऑलआउट हो गई थी। क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु के बैटर्स ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। ऐसे में गुजरात अपने गेंदबाजी और फील्डिंग प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगा। कगिसो रबाडा 26 विकेट लेकर टीम सीजन के टॉप विकेट टेकर्स में दूसरे स्थान पर है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले चारों मैच में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि दो बार स्कोर डिफेंड किया गया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच के दिन न्यू चंडीगढ़ का तापमान 23°C से 37°C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा और सुशांत मिश्रा। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।
सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 01:25 IST जबकि शिवकुमार का अगला सीएम बनना लगभग तय है, सिद्धारमैया ने कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का होगा। सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया. (फोटो: पीटीआई) मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ ही घंटों बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस सप्ताह दूसरी बार गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे, जिससे राज्य कांग्रेस इकाई में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के लिए मंच तैयार हुआ। भारी बारिश के कारण उनकी फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किए जाने के बाद सिद्धारमैया भी देर रात राजधानी पहुंचे। जबकि अगले मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार का उत्थान लगभग तय माना जा रहा है, सिद्धारमैया ने कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का होगा। बेंगलुरु में सत्ता परिवर्तन की घोषणा से पहले, दोनों नेताओं को इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी में बुलाया गया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ कई बैठकें हुईं। कर्नाटक में आगे क्या होगा? पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया और शिवकुमार के कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ आगे की चर्चा करने की उम्मीद है. जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है उनमें नए कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता का चुनाव, नए मंत्रिमंडल की संरचना और राज्य इकाई के भीतर संगठनात्मक पुनर्गठन शामिल है, जिसमें वर्तमान में शिवकुमार के पास मौजूद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख का पद भी शामिल है। उम्मीद है कि कांग्रेस विधायक दल औपचारिक रूप से अपने नेता का चुनाव करेगा, जो राज्यपाल थावरचंद गहलोत के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में परिवर्तन प्रक्रिया पर स्पष्टता सामने आ सकती है। यह भी पढ़ें | सिद्धारमैया का ‘बिदाई शॉट’: क्यों जाति सर्वेक्षण डेटा कर्नाटक की राजनीति को फिर से परिभाषित कर सकता है, शिवकुमार के नेतृत्व का परीक्षण करें सिद्धारमैया ने 3 साल बाद दिया इस्तीफा सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल गहलोत की अनुपस्थिति में विशेष सचिव प्रभु शंकर ने इस्तीफा प्राप्त किया। इससे पहले दिन में, सिद्धारमैया ने अपने आवास पर आयोजित नाश्ते की बैठक के दौरान कैबिनेट सहयोगियों को अपने फैसले के बारे में सूचित किया। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार शिवकुमार उनकी जगह लेंगे। हालांकि, बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने सीधे तौर पर शिवकुमार का समर्थन करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, ”विधायक दल और आलाकमान जो भी तय करेगा वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा।” शिवकुमार की संभावित पदोन्नति के बारे में पूछे जाने पर उनके भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा, ”हमें पार्टी के फैसले का इंतजार करना चाहिए।” सिद्धारमैया के लिए आगे क्या है? सूत्रों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा सीट के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी संगठनात्मक भूमिका की पेशकश की थी, हालांकि सिद्धारमैया ने कथित तौर पर अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। सिद्धारमैया ने कहा है कि वह आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में रहेंगे। उन्होंने कहा, “पार्टी आलाकमान के सुझाव के बाद मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है। मैंने पार्टी आलाकमान को बता दिया है कि मैं राज्यसभा नहीं जाना चाहता। मैं आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में रहूंगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन(टी)डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक सरकार का गठन(टी)कांग्रेस विधायक दल कर्नाटक(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कांग्रेस आलाकमान का फैसला(टी)कर्नाटक राजनीति परिवर्तन
कर्नाटक में राजनीतिक बदलाव: सिद्धरामय्या के इस्तीफे के साथ ही डीकेएस राज की शुरुआत, क्या सब कुछ आसान रहेगा?| कठिन तथ्य

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आधिकारिक तौर पर इस्तीफा देने के बाद कर्नाटक की राजनीति एक नए चरण में प्रवेश कर गई है, जिससे डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के लिए राज्य का शीर्ष पद संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह परिवर्तन महीनों की गहन अटकलों, आंतरिक बातचीत और कांग्रेस आलाकमान के दबाव के बाद हुआ है। नेतृत्व परिवर्तन बेंगलुरु में एक महत्वपूर्ण नाश्ते की बैठक के बाद सामने आया, जहां सिद्धारमैया ने कथित तौर पर औपचारिक रूप से पद छोड़ने से पहले कैबिनेट सहयोगियों को अपने फैसले के बारे में सूचित किया था। भावनात्मक दृश्य, समर्थकों का विरोध प्रदर्शन और कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं ने परिवर्तन के आसपास के राजनीतिक नाटक को और बढ़ा दिया है। क्या कांग्रेस डीके शिवकुमार के नेतृत्व में एकता बनाए रखेगी, या कर्नाटक में ताजा राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिलेगी? द हार्ड फैक्ट्स पर यह विस्तृत विवरण देखें। n18oc_ Indian18oc_politics n18oc_the-hard-factsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 28 मई, 2026, 21:44 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बेंगलुरु समाचार(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)कैबिनेट फेरबदल(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कांग्रेस नेतृत्व(टी)कांग्रेस पार्टी(टी)डीके शिवकुमार(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय राजनीति(टी)कर्नाटक सीएम(टी)कर्नाटक कांग्रेस(टी)कर्नाटक समाचार(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)राजनीतिक संकट(टी)सिद्धारमैया(टी)कठिन तथ्य
नम्मा बेंगलुरु में राजनीतिक भूचाल | निर्बाध उत्तराधिकार या आगे तूफान? | सही स्टैंड

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव में, शासन और पार्टी की आंतरिक गतिशीलता पर चिंताओं के बीच, डीके शिवकुमार सिद्धारमैया से कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए तैयार हैं। यह परिवर्तन जाति प्रतिनिधित्व और कांग्रेस पार्टी की भविष्य की रणनीतियों पर सवाल उठाता है। -right-standNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ट्रम्प ने बुधवार को ओमान पर हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसे उड़ा देगा। ओमान 15वां ऐसा देश है जिस पर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी है। इतना ही नहीं, ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ने 7 देशों पर हमले भी किए हैं। इसमें वेनेजुएला भी शामिल है जहां घुसकर अमेरिका ने राष्ट्रपति का किडनैप कर लिया था। इसके अलावा ट्रम्प 4 देशों पर कब्जा करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। इसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रम्प पनामा नहर पर भी कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले शांति की बात करते थे ट्रम्प साल 2024 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे। तब वे खुद को अमन पसंद नेता के तौर पर पेश कर रहे थे। चुनावी रैलियों में वे अपने विरोधियों को युद्ध भड़काने वाला नेता कहते थे। उनका कहना था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया में शांति आ जाएगी। उन्होंने कई बार कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रम्प खुद को ऐसा नेता बताते थे जो दुश्मन देशों से बातचीत कर सकता है और बिना बड़े युद्ध के समझौते करा सकता है। ट्रम्प कहते थे कि अगर उनके विरोधी सत्ता में आए तो अमेरिका फिर से इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों में फंस जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद स्थिति बदल गई। 7 देश जिन पर अमेरिका ने हमला किया ट्रम्प, निक्सन की मैडमैन थ्योरी के फॉलोअर ट्रम्प कई बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे दोस्त और दुश्मन दोनों असमंजस में रहते हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि अपने विरोधियों के अलावा सहयोगी देशों को धमकाना अब ट्रम्प की शैली का हिस्सा बन चुका है। राजनीतिक विज्ञान में इसे मैडमैन थ्योरी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई नेता अपने विरोधियों को यह महसूस कराता है कि वह कुछ भी कर सकता है, ताकि सामने वाला डरकर समझौता कर ले। इस थ्योरी को सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान अपनाया था। निक्सन चाहते थे कि सोवियत संघ और उत्तरी वियतनाम को लगे कि वह इतने पागल हैं कि परमाणु हमला तक कर सकते हैं। उनका मानना था कि डर पैदा करके दुश्मन को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। विरोधियों पर बेअसर रही ट्रम्प की मैडमैन थ्योरी बीबीसी के मुताबिक ट्रम्प की यह रणनीति सहयोगी देशों पर तो असर डालती दिख रही है लेकिन विरोधियों पर यह बेअसर है। ट्रम्प की धमकी के बाद नाटो देश अपना रक्षा बजट बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन, अमेरिका को अपने खनिज संसाधन देने को तैयार हो गया। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। ईरान का मामला और भी मुश्किल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका उल्टा असर हो सकता है। पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग का कहना है कि इससे ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश और तेज कर सकता है। विशेषज्ञ माइकल डेश भी मानते हैं कि अब ईरान शायद चुपचाप परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाएगा और अंत में परमाणु परीक्षण भी कर सकता है। ईरान यह देख रहा है कि जिन नेताओं के पास परमाणु हथियार नहीं थे, जैसे सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी, उनकी सत्ता खत्म हो गई। जबकि उत्तर कोरिया के किम जोंग उन जैसे नेता परमाणु हथियार होने की वजह से सुरक्षित बने हुए हैं। इसलिए ईरान परमाणु हथियार को अपनी अंतिम सुरक्षा के रूप में देख सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल सोच रहे थे कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं पर दबाव बनाया जाए तो वहां की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी। लेकिन इतिहास इससे उल्टा संकेत देता है। 1980 में जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला किया था, तब भी मकसद इस्लामिक गणराज्य को कमजोर करना था। लेकिन हुआ उल्टा। ईरानी व्यवस्था और मजबूत हो गई।
लौकी का भरता रेसिपी: गर्म में मिनटों में पकी हुई लौकी का भरता, खाते-खाते रह जाएंगी उगलियां; विधि नोट करें

सामग्री: 1 लोकी, 2 टमाटर, 1 प्याज, 2 हरी मिर्च, 5-6 लहसुन की कलियां, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 2 मसाले का तेल, 1/2 गाजर का तेल, 1/2 प्याज हल्दी, 1 प्याज लाल मिर्च पाउडर, 1/2 प्याज का मसाला, नमक, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले लोकी को धोकर छील लें और बड़े पैमाने पर काट लें। अब इसे कुकर में लिटिल वॉटर स्टूडियो 2 शहर आने तक का समय दें। जब लौकी अनमोल हो जाए तो उसके पानी के नमूने से मैश कर लें। छवि: मेटा एआई अब एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डाल दें। जीरा चटकने के बाद मोनोक्रोमैटिक कोटा डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायग्नोस्टिक्स डायनेमिक डायग्नोस्टिक्स डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायरैक्शन के बाद जीरा चटकने के बाद डायग्नोस्टिक्स डायनेमिक डायग्नोस्टिक्स डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायनेमिक डायरैक्शन? इसके बाद अदरक, लहसुन और हरी मिर्च के टुकड़े टुकड़े तक पहुंच गए। छवि: एआई अब कटे हुए टमाटर से बने और मसाले जैसे हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक। जब तक टमाटर अच्छी तरह से गल न जाए। छवि: फ्रीपिक इसके बाद मैश की हुई लौकी के टुकड़े और मसाले के साथ खिलौने से खोदा गया। ऊपर से गरम मसाला 4-5 मिनट तक भून लें ताकि भरते में शानदार स्वाद आ जाए। छवि: एआई अब गैस बंद करें और ऊपर से हरा धनिया धनिया गरमा-गरम सर्व करें। यह गर्मागर्म रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है। आप प्रथमदृष्टया तो ऊपर से थोड़ा सा मक्खन प्लास्टर का स्वाद और बढ़ा सकते हैं। छवि: एआई लोकी में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे शरीर पाया जाता है। यह पेट को ठंडक पहुंचाता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक साथ ही यह वजन नियंत्रित करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। छवि: इंस्टाग्राम
गन कल्चर मामले में फंसी पंजाबी सूफी सिंगर:रितु नूरां का हाथ में पिस्तौल लेकर वीडियो वायरल; पारिवारिक विवाद के बाद नया संकट

पंजाब में गन कल्चर पर लगी रोक के बावजूद मशहूर सूफी सिंगर ‘नूरां सिस्टर्स’ की बहन रितु मीर नूरां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह हाथ में बंदूक थामे नजर आ रही हैं, जिसके बाद वह कानूनी पचड़े में फंसती दिखाई दे रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, रितु के पास हथियार का कोई वैध लाइसेंस नहीं है। लगातार विवादों में रही रितु मीर नूरां जालंधर की रहने वाली और मशहूर सूफी सिंगर नूरां सिस्टर्स की बहन रितु मीर नूरां पिछले काफी समय से लगातार विवादों और सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में उनके पिता गुलशन मीर किडनी की गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती रहे थे। पिता की बीमारी के दौरान ही नूरां सिस्टर्स का आपसी और पारिवारिक विवाद सोशल मीडिया से लेकर खबरों तक में छाया रहा था। इस पारिवारिक कलह के दौरान रितु नूरां के पूर्व पति ने उन पर कई तरह के गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए थे। अभी यह पुराना विवाद पूरी तरह थमा भी नहीं था कि रितु नूरां अब हथियारों के प्रदर्शन यानी ‘गन कल्चर’ को बढ़ावा देने के एक नए मामले को लेकर चर्चा में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल दरअसल, रितु नूरां का सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जो इंटरनेट पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि रितु नूरां एक बिस्तर पर बैठी हुई हैं और उन्होंने अपने हाथों में एक बंदूक (गन) पकड़ी हुई है। वीडियो के सामने आने के बाद हर तरफ इसकी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि वीडियो में दिखाई दे रही बंदूक असली है या फिर वह महज एक नकली खिलौना है। लाइसेंस नहीं होने का दावा जुड़े सूत्रों का दावा है कि रितु नूरां के पास किसी भी तरह के असलहा या हथियार का कोई कानूनी लाइसेंस नहीं है। बिना लाइसेंस के हथियार रखना और उसका इस तरह प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में अब स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट सकती है। पंजाब में गन कल्चर बैन गौरतलब है कि मान सरकार ने हथियारों के बढ़ते चलन और कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए गन कल्चर पर पूरी तरह लगाम लगाई हुई है। साल 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंदूक रखने, उसे साथ लेकर घूमने और उसके प्रदर्शन को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट आदेश जारी किए थे। पुलिस एक्शन पर टिकीं सबकी निगाहें नए नियमों के अनुसार, पंजाब में शादियों, पार्टियों या किसी भी अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हवाई फायरिंग करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध माना जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस तुरंत केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने कहा- वह ओपन रिलेशनशिप में हैं:बोलीं- मेरी जिंदगी में कई पार्टनर हैं, लेकिन ये रिश्ते कैजुअल नहीं हैं

बॉलीवुड एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने हाल ही में बताया कि वह बिना किसी ‘प्राइमरी पार्टनर’ के ओपन रिलेशनशिप में हैं। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शहाना ने कहा, ‘फिलहाल मेरी जिंदगी में ऐसा कोई एक खास पार्टनर नहीं है। मेरी जिंदगी में कई लोग हैं, जिनसे मेरा लंबे समय से जुड़ाव है, लेकिन ये रिश्ते कैजुअल नहीं हैं। मेरे लिए कोई भी रिश्ता हल्का या टाइमपास नहीं होता।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे लिए ओपननेस का मतलब यह है कि किसी एक इंसान के साथ तय रिश्ता जरूरी नहीं है। लेकिन लोगों के साथ जुड़ाव और अपनापन बना रहता है। कभी वह सिर्फ दोस्ती होती है, कभी रिश्ता थोड़ा और गहरा भी हो सकता है। हर चीज को किसी एक नाम या दिशा में बांधना जरूरी नहीं है। सबसे जरूरी चीज प्यार और दोस्ती है। मेरे लिए दोस्त वही है, जिसके लिए दिल में सच्चा अपनापन हो।’ शहाना ने ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग से इनकार किया शहाना गोस्वामी से जब ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग यानी अचानक रिश्ता खत्म कर देने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘असल में ऐसा नहीं होता। मैं लोगों को इग्नोर नहीं करती। इस तरह की जिंदगी अचानक नहीं मिलती। यहां तक पहुंचने के लिए इंसान को खुद पर बहुत काम करना पड़ता है। बाहर से यह आसान लगता है, लेकिन अपने अंदर की जलन और असुरक्षाओं का सामना करना पड़ता है।’ शहाना ने कहा कि उनके करीब आने वाले कई लोग उनकी सोच और आजादी को समझ नहीं पाते। कुछ लोग बिना किसी लड़ाई या विवाद के उनसे दूरी बना लेते हैं, क्योंकि वे खुद को असहज महसूस करने लगते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं उन लोगों से अलग हूं, जिनसे वे पहले मिले हैं। मेरी वजह से कई लोगों की असुरक्षाएं बाहर आ जाती हैं। मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती, लेकिन मेरी आजादी लोगों को खुद के बारे में सोचने पर मजबूर करती है और हर कोई इसके लिए तैयार नहीं होता।’ कई पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं: शहाना शहाना ने कहा कि कम उम्र में ही उन्हें ओपन रिलेशनशिप के बारे में समझ आ गई थी। एक्ट्रेस ने कहा, ‘मुझे हमेशा लगा कि प्यार आजाद होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि रिश्ता किसी इंसान को बांध दे या उसकी जिंदगी सीमित कर दे। इसी सोच ने मेरे रिश्तों और उन्हें निभाने के तरीके को तय किया है।’ उन्होंने बताया कि उनके कई ओपन रिलेशनशिप पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं। उनके मुताबिक, ऐसे रिश्ते तभी चल पाते हैं, जब उनमें ईमानदारी और खुलकर बातचीत हो। शहाना ने यह भी कहा कि लोग अक्सर यह सोच लेते हैं कि उनकी जिंदगी आसान है या उन्हें कभी मुश्किल भावनाओं का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक, आजादी का मतलब मुश्किलों से भागना नहीं होता। असली आजादी तब आती है, जब इंसान अपनी परेशानियों, डर और भावनाओं का सामना करता है और उनसे भागता नहीं। शहाना का कहना है कि बाहर से देखने वाले लोग अक्सर इसी बात को समझ नहीं पाते।
IPL जितनी भाषाएं दुनिया की किसी लीग में नहीं- जियो-हॉटस्टार:अंपायर अनिल बोले- सूर्यवंशी बेस्ट प्लेयर; सरनदीप ने कहा- पंजाब क्रिकेटर्स का गढ़

क्रिकेट ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार ने दावा किया है कि दुनिया की किसी लीग में IPL जितनी इतनी भाषाएं नहीं हैं। दैनिक भास्कर मुंबई स्थित जियो-हॉटस्टार ऑफिस पहुंचा। यहां हेड कंटेंट सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व अंपायर अनिल चौधरी, पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर सरनदीप सिंह से बातचीत हुई। सिद्धार्थ ने बताया कि IPL अब 12 भाषाओं में देखा जा रहा है और भोजपुरी-हरियाणवी जैसी फीड्स तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा दौर का सबसे बेहतरीन टी-20 बैटर बताया। दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ है, जहां से लगातार बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। नीचे सवाल-जवाब में पूरा इंटरव्यू पढ़ें… सवाल: IPL में 12 भाषाओं में कमेंट्री शुरू करने का आइडिया कैसे आया? सिद्धार्थ ने बताया कि लंबे समय तक भारत में क्रिकेट सिर्फ अंग्रेजी में दिखाया जाता था। 2013 में स्टार स्पोर्ट्स के पास बड़े क्रिकेट राइट्स आने के बाद हिंदी फीड की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा- मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में क्रिकेट देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस करें। 2017 में तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फीड शुरू की गईं। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी समेत कई नई भाषाएं जोड़ी गईं और अब IPL 12 भाषाओं में उपलब्ध है। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? सिद्धार्थ के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती सही कमेंटेटर ढूंढना थी। उन्होंने कहा कि हर भाषा में पूर्व क्रिकेटर उपलब्ध नहीं होते, इसलिए ऐसे लोगों को तलाशा गया जो क्रिकेट समझते हों और साथ ही अच्छे स्टोरीटेलर भी हों। उन्होंने बताया कि भोजपुरी कमेंट्री के लिए कई ऑडिशन लिए गए। 10-12 लोगों का पूल तैयार किया गया, फिर वर्कशॉप और ट्रेनिंग के बाद कुछ आवाजों को चुना गया। कमेंटेटर्स को यह भी सिखाया गया कि रोहित शर्मा की बैटिंग या विराट कोहली के कवर ड्राइव को किस अंदाज में पेश करना है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल और फ्रेमवर्क बनाए गए। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री इतनी वायरल क्यों हुई? सिद्धार्थ ने कहा कि भोजपुरी कमेंट्री की ताकत उसका देसी अंदाज और कहानी सुनाने की कला है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फीड में तकनीकी विश्लेषण से ज्यादा मनोरंजन, लोकल बोली, मुहावरे और भावनात्मक जुड़ाव पर फोकस किया गया। उनके मुताबिक, भोजपुरी कमेंटेटर क्रिकेट को ऐसे पेश करते हैं कि जो दर्शक खेल की बारीकियां नहीं भी समझते, वे भी उससे जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि भोजपुरी कमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बना ली। सवाल: IPL कमेंट्री में पूर्व खिलाड़ियों को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है? सिद्धार्थ ने कहा कि कोशिश रहती है कि ऐसे लोगों को कमेंट्री में लाया जाए जो IPL इकोसिस्टम का हिस्सा रहे हों। सवाल: भारतीय ब्रॉडकास्ट की तुलना विदेशी लीग्स से कैसे होती है? सिद्धार्थ ने दावा किया कि IPL ब्रॉडकास्ट दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स से आगे है। उन्होंने कहा कि कवरेज की चौड़ाई, भाषाओं की संख्या और दर्शकों तक पहुंच के मामले में IPL का मॉडल अनोखा है। सवाल: पंजाबी कमेंट्री का फ्लेवर बाकी भाषाओं से अलग कैसे है? पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाबी भाषा खुद में बहुत भावनात्मक और मजेदार है। उन्होंने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री में शब्द सीमित और औपचारिक होते हैं, जबकि पंजाबी में खुलकर बात होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाबी में ऐसे लोकल शब्द और जुमले इस्तेमाल होते हैं जो गांवों और कस्बों की भाषा से आते हैं। सवाल: पंजाबी कमेंट्री में सबसे यादगार IPL पल कौन सा रहा? सरनदीप ने पंजाब किंग्स के बड़े रन चेज और आक्रामक खेल को सबसे यादगार बताया। उन्होंने कोलकाता में 262 रन चेज करने और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन का जिक्र किया। सवाल: पंजाब से इतने क्रिकेटर क्यों निकलते हैं? सरनदीप ने कहा कि पंजाब में खेलों की संस्कृति बहुत पुरानी है। उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट वहां की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों- मालवा, दोआबा और माझा की अपनी अलग बोली और फ्लेवर है, जो खिलाड़ियों और कमेंट्री दोनों में दिखाई देता है। सवाल: आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस कितनी जरूरी हो गई है? IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी ने कहा कि आज के क्रिकेट में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी या अंपायर फिट नहीं है तो वह खेल की स्पीड के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता। सवाल: अभी के समय का बेस्ट टी-20 बैटर कौन है? अनिल ने बताया कि अभी जितने यंगस्टर्स वो शानदार खेल दिखा रहे हैं। आयुष म्हात्रे, यश राज पुंजा, देवदत्त पडीक्कल सभी बेहतरीन फॉर्म में रहे, लेकिन उनका पसंदीदा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी है। वैभव की हिटिंग एबिलिटी को अनिल ने शानदार बताया।







