Tuesday, 21 Jul 2026 | 08:28 PM

Trending :

EXCLUSIVE

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सामान्य सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है और विभिन्न राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रहे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन भारत इसे अपने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा मानता है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है। साढ़े पांच साल बाद हो रहे चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान में साढ़े पांच साल बाद हो रहे हैं। इससे पहले यहां नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जीत हासिल की थी। यहां का कार्यकाल 5 साल का होता है। 2020 में चुनी गई विधानसभा ने नवंबर 2025 में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था। नियमों के मुताबिक इसके बाद नए चुनाव कराए जाने थे, लेकिन खराब मौसम और प्रशासनिक कारणों से मतदान समय पर नहीं हो सका। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है, जिससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। इसी वजह से चुनाव को टाल दिया गया और बाद में 7 जून 2026 की तारीख तय की गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में दूसरा चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान और Pok (जिसे पाकिस्तान आजाद जम्मू-कश्मीर कहता है) की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग रही है। Pok का अपना अलग संविधान, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विधानसभा है। पाकिस्तान Pok को कुछ स्वायत्तता देता है, हालांकि वास्तविक शक्ति काफी हद तक इस्लामाबाद के पास रहती है। लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति अलग थी। 1947 से लेकर कई दशकों तक इसे पाकिस्तान ने सीधे संघीय सरकार के जरिए चलाया। यहां न तो प्रांत का दर्जा था और न ही पाकिस्तान की संसद में पूरा प्रतिनिधित्व था। फिर 2009 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान एम्पावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर लागू किया। इसके तहत पहली बार यहां विधानसभा चुनाव हुए और एक स्थानीय सरकार बनाई गई। हालांकि तब भी विधानसभा के अधिकार सीमित थे और अहम फैसले प्रधानमंत्री लेता था। इसके बाद 2018 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर 2018 लागू किया। इसमें स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को कई शक्तियां दी गईं। यानी कि गिलगित-बाल्टिस्तान में ‘ऑर्डर ऑफ 2018’ के तहत यह दूसरा चुनाव कराया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अमेजन 100 शहरों में शुरू करेगी अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस:1000 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर खुलेंगे; इटरनल और स्विगी के शेयर 3% तक गिरे

April 28, 2026/
1:56 pm

अमेजन ने अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस ‘अमेजन नाउ’ को देश के 100 शहरों में शुरू करने का प्लान बनाया है।...

Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

March 26, 2026/
9:25 am

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 09:25 IST सूत्रों का कहना है कि ‘चार्जशीट’ दस्तावेज़ एक प्रमुख अभियान उपकरण होगा, बीजेपी इसे...

इम्तियाज की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' का टीजर आउट:दिलजीत दोसांझ लीड रोल में दिखाई देंगे; भारत-पाक बंटवारे के बीच दिखेगी अधूरी प्रेम कहानी

March 13, 2026/
2:28 pm

फिल्म मेकर इम्तियाज अली की अगली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का टीजर शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे रिलीज कर दिया गया...

असम चुनाव: 25 लाख का बीमा, युवाओं को 1250 रुपये की पेंशन...असम में चुनाव से पहले खरगे ने की कांग्रेस की 5 गारंटी की घोषणा

March 29, 2026/
11:29 pm

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को असम राज्य के लिए अपनी पार्टी की पांचवीं संस्था की घोषणा की है।...

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

July 16, 2026/
2:41 pm

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया...

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

April 11, 2026/
9:47 am

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के...

चांदी ₹3,761 गिरकर ₹2.65 लाख किलो पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.21 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹1,116 सस्ता हुआ

May 20, 2026/
12:41 pm

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 20 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10...

राजनीति

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सामान्य सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है और विभिन्न राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रहे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन भारत इसे अपने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा मानता है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है। साढ़े पांच साल बाद हो रहे चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान में साढ़े पांच साल बाद हो रहे हैं। इससे पहले यहां नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जीत हासिल की थी। यहां का कार्यकाल 5 साल का होता है। 2020 में चुनी गई विधानसभा ने नवंबर 2025 में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था। नियमों के मुताबिक इसके बाद नए चुनाव कराए जाने थे, लेकिन खराब मौसम और प्रशासनिक कारणों से मतदान समय पर नहीं हो सका। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है, जिससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। इसी वजह से चुनाव को टाल दिया गया और बाद में 7 जून 2026 की तारीख तय की गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में दूसरा चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान और Pok (जिसे पाकिस्तान आजाद जम्मू-कश्मीर कहता है) की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग रही है। Pok का अपना अलग संविधान, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विधानसभा है। पाकिस्तान Pok को कुछ स्वायत्तता देता है, हालांकि वास्तविक शक्ति काफी हद तक इस्लामाबाद के पास रहती है। लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति अलग थी। 1947 से लेकर कई दशकों तक इसे पाकिस्तान ने सीधे संघीय सरकार के जरिए चलाया। यहां न तो प्रांत का दर्जा था और न ही पाकिस्तान की संसद में पूरा प्रतिनिधित्व था। फिर 2009 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान एम्पावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर लागू किया। इसके तहत पहली बार यहां विधानसभा चुनाव हुए और एक स्थानीय सरकार बनाई गई। हालांकि तब भी विधानसभा के अधिकार सीमित थे और अहम फैसले प्रधानमंत्री लेता था। इसके बाद 2018 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर 2018 लागू किया। इसमें स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को कई शक्तियां दी गईं। यानी कि गिलगित-बाल्टिस्तान में ‘ऑर्डर ऑफ 2018’ के तहत यह दूसरा चुनाव कराया जा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.