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नॉर्वे चेस- वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे:चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया, स्टैंडिंग में सबसे निचले स्थान पर आए

नॉर्वे चेस- वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे:चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया, स्टैंडिंग में सबसे निचले स्थान पर आए

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। शुरुआती तीन राउंड में संघर्ष करने वाले कार्लसन अब 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि गुकेश 3.5 अंकों के साथ आखिरी स्थान पर खिसक गए हैं। मैच के बाद कार्लसन ने कहा कि उन्हें गुकेश की ओपनिंग रणनीति देखकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी ने जरूरत से ज्यादा आक्रामक खेला, जिसका फायदा उन्हें मिला। प्रज्ञानानंदा ने 17 चाल में टाईब्रेक जीता आर प्रज्ञानानंदा ने विन्सेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा है। उन्होंने विन्सेंट कीमर के खिलाफ क्लासिकल मैच ड्रॉ होने के बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में 17 चालों में जीत दर्ज की। इस जीत से वे 6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा 8.5 अंकों के साथ शीर्ष पर कायम हैं। दिव्या को मुजिचुक ने हराया, हम्पी आखिरी स्थान पर महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख को पहली बार आर्मगेडन में हार मिली। डिफेंडिंग चैंपियन अन्ना मुजिचुक ने उन्हें हराया। दिव्या 5.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। वहीं कोनेरू हम्पी आखिरी स्थान पर बनी हुई हैं। ————————————————–

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सत्ता संभाले अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। बालेन ने 27 मार्च को शपथ लेने के बाद 100 पॉइंट सुधार एजेंडा लॉन्च किया था। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ट्रैकर वेबसाइट पर 88 वादे ओवरड्यू यानी तय समय से पीछे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, सरकार बनने के 30 दिन के भीतर ही बालेन के दो बड़े मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ा। श्रम मंत्री दीपक शाह पर पत्नी को गलत तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें हटाया गया। वहीं गृह मंत्री सूदन गुरुंग को एक जांच के दायरे में आए कारोबारी से रिश्तों के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा। इससे जेन-जी युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। युवा सवाल उठा रहे हैं कि अगर यही लोग चुने गए, तो नई राजनीति में फर्क क्या है? क्या सरकार में काबिल लोग नहीं बचे? बालेन की पार्टी के भीतर भी सवाल उठ रहे बालेन सरकार के कई फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन हुए है। साथ ही अदालत में भी चुनौती दी गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब उनकी पार्टी के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। संसद में विपक्ष के सवालों पर जवाब न देने पर वालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेताओं आशिका तमांग और अमरेश कुमार सिंह ने भी सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए। अमरेश सिंह ने कहा कि नेपाल का लोकतंत्र ‘पाकिस्तान मॉडल’ जैसा बनता जा रहा है, जहां सरकार संसद के प्रति जवाबदेह नहीं रहती। बालेन ने पीएम बनने के बाद कई वादे किए थे प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन ने मंत्रालयों की संख्या घटाने, घाटे वाले बोर्ड और समितियों को मर्ज करने और सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों को राजनीति से दूर रखने जैसे बड़े वादे किए थे। इसके अलावा गौरी बहादुर कार्की आयोग की सिफारिशें लागू करने, बंद पड़ी परियोजनाओं को फिर शुरू करने, निवेश और उद्योग सेवाओं को डिजिटल बनाने और ऊर्जा निर्यात की लंबी रणनीति तैयार करने की बात भी कही गई थी। गिरफ्तारी और आयोग रिपोर्ट पर विवाद बालेन सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के अंतरिम कार्यकाल में बनी कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला किया। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की जांच कर सुधार के सुझाव दिए गए थे। यह जेन Z आंदोलन से भी जुड़ी थी। सरकार पर आरोप लगा कि इसे स्पष्ट कानूनी आधार के बिना लागू किया गया। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी को लेकर भी विवाद हुआ। आरोप लगा कि उचित कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। कानूनी और राजनीतिक स्तर पर इसका विरोध हुआ। नेपाली कांग्रेस नेता दीपक खड़का को भी लंबे समय तक हिरासत में रखने के बाद सबूतों की कमी के कारण रिहा करना पड़ा। अध्यादेशों से सरकार चलाने के आरोप बालेन सरकार के पास निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत है, लेकिन ऊपरी सदन नेशनल असेंबली में उसका एक भी सदस्य नहीं है। नेपाल में कानून पास कराने और संशोधन के लिए ऊपरी सदन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में बालेन सरकार आठ अध्यादेश लाई। इनमें सिविल सर्विस ट्रेड यूनियन और यूनिवर्सिटी छात्र संगठनों को खत्म करने के प्रस्ताव शामिल थे। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी और छात्र संगठनों के विरोध के बीच इन अध्यादेशों पर रोक लगा दी। सोशल मीडिया पोस्ट में बालेन ने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में पार्टी झंडे बंद करने से छात्रों और कर्मचारियों के अधिकार खत्म नहीं होंगे, बल्कि पेशेवर स्वतंत्रता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और नौकरशाही में छात्र और कर्मचारी संगठन राजनीतिक दलों की ‘स्लीपर सेल’ बन चुके हैं। उनके मुताबिक ट्रांसफर और प्रमोशन पार्टी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और काम के आधार पर होने चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई पर सड़क से अदालत तक विरोध बालेन सरकार की सबसे ज्यादा आलोचना अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हो रही है। नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में बेघर और भूमिहीन लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ काठमांडू घाटी में करीब 4 हजार ढांचे तोड़े गए हैं। इससे कम से कम 15 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बालेन जब काठमांडू के मेयर थे, तब भी उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को अपनी राजनीति का बड़ा हिस्सा बनाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी मॉडल को देशभर में लागू किया। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों समेत कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इन कार्रवाइयों की आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार ने गरीब लोगों को बिना उचित पहचान, बातचीत और पुनर्वास योजना के हटाया। 2 महीने में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की चुनाव प्रचार के दौरान बालेन ने पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा किया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी चुप्पी सवालों के घेरे में है। शपथ लेने के बाद से उन्होंने न तो देश को संबोधित किया और न ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वह राष्ट्रपति के नीति और कार्यक्रम वाले भाषण के दौरान बीच में ही निकल गए थे। बाद में बिना सूचना संसद से भी अनुपस्थित रहे। विपक्ष ने संसद में लगातार हंगामा किया और प्रधानमंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की। भारत से सामान लाने पर सख्ती से सीमा इलाकों में नाराजगी नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी के नियम सख्ती से लागू किए हैं। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नियम के मुताबिक भारत से 100 नेपाली रुपए (लगभग 63 भारतीय रुपए) से ज्यादा का सामान लाने पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी देनी होगी। सामान की श्रेणी के हिसाब से टैक्स 5% से 80% तक है। दशकों से नेपाल के लोग भारतीय सीमा वाले शहरों से राशन, दवाइयां, कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और शादी का सामान खरीदते रहे हैं। नेपाली नववर्ष के बाद नियमों को सख्ती से लागू किया जाने लगा। इससे सीमा पर रहने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। एक प्रदर्शनकारी ने ANI से कहा, “जन्म से लेकर मौत तक के सभी संस्कारों का सामान भारत से आता है। खाद तक कई बार वहीं से लानी पड़ती है। अब ऐसा लग रहा है जैसे बिना घोषणा

नॉर्वे चेस- वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे:चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया, स्टैंडिंग में सबसे निचले स्थान पर आए

नॉर्वे चेस- वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे:चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया, स्टैंडिंग में सबसे निचले स्थान पर आए

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। शुरुआती तीन राउंड में संघर्ष करने वाले कार्लसन अब 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि गुकेश 3.5 अंकों के साथ आखिरी स्थान पर खिसक गए हैं। मैच के बाद कार्लसन ने कहा कि उन्हें गुकेश की ओपनिंग रणनीति देखकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी ने जरूरत से ज्यादा आक्रामक खेला, जिसका फायदा उन्हें मिला। प्रज्ञानानंदा ने 17 चाल में टाईब्रेक जीता आर प्रज्ञानानंदा ने विन्सेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा है। उन्होंने विन्सेंट कीमर के खिलाफ क्लासिकल मैच ड्रॉ होने के बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में 17 चालों में जीत दर्ज की। इस जीत से वे 6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा 8.5 अंकों के साथ शीर्ष पर कायम हैं। दिव्या को मुजिचुक ने हराया, हम्पी आखिरी स्थान पर महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख को पहली बार आर्मगेडन में हार मिली। डिफेंडिंग चैंपियन अन्ना मुजिचुक ने उन्हें हराया। दिव्या 5.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। वहीं कोनेरू हम्पी आखिरी स्थान पर बनी हुई हैं। ————————————————–

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सत्ता संभाले अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। बालेन ने 27 मार्च को शपथ लेने के बाद 100 पॉइंट सुधार एजेंडा लॉन्च किया था। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ट्रैकर वेबसाइट पर 88 वादे ओवरड्यू यानी तय समय से पीछे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, सरकार बनने के 30 दिन के भीतर ही बालेन के दो बड़े मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ा। श्रम मंत्री दीपक शाह पर पत्नी को गलत तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें हटाया गया। वहीं गृह मंत्री सूदन गुरुंग को एक जांच के दायरे में आए कारोबारी से रिश्तों के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा। इससे जेन-जी युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। युवा सवाल उठा रहे हैं कि अगर यही लोग चुने गए, तो नई राजनीति में फर्क क्या है? क्या सरकार में काबिल लोग नहीं बचे? बालेन की पार्टी के भीतर भी सवाल उठ रहे बालेन सरकार के कई फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन हुए है। साथ ही अदालत में भी चुनौती दी गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब उनकी पार्टी के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। संसद में विपक्ष के सवालों पर जवाब न देने पर वालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेताओं आशिका तमांग और अमरेश कुमार सिंह ने भी सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए। अमरेश सिंह ने कहा कि नेपाल का लोकतंत्र ‘पाकिस्तान मॉडल’ जैसा बनता जा रहा है, जहां सरकार संसद के प्रति जवाबदेह नहीं रहती। बालेन ने पीएम बनने के बाद कई वादे किए थे प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन ने मंत्रालयों की संख्या घटाने, घाटे वाले बोर्ड और समितियों को मर्ज करने और सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों को राजनीति से दूर रखने जैसे बड़े वादे किए थे। इसके अलावा गौरी बहादुर कार्की आयोग की सिफारिशें लागू करने, बंद पड़ी परियोजनाओं को फिर शुरू करने, निवेश और उद्योग सेवाओं को डिजिटल बनाने और ऊर्जा निर्यात की लंबी रणनीति तैयार करने की बात भी कही गई थी। गिरफ्तारी और आयोग रिपोर्ट पर विवाद बालेन सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के अंतरिम कार्यकाल में बनी कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला किया। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की जांच कर सुधार के सुझाव दिए गए थे। यह जेन Z आंदोलन से भी जुड़ी थी। सरकार पर आरोप लगा कि इसे स्पष्ट कानूनी आधार के बिना लागू किया गया। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी को लेकर भी विवाद हुआ। आरोप लगा कि उचित कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। कानूनी और राजनीतिक स्तर पर इसका विरोध हुआ। नेपाली कांग्रेस नेता दीपक खड़का को भी लंबे समय तक हिरासत में रखने के बाद सबूतों की कमी के कारण रिहा करना पड़ा। अध्यादेशों से सरकार चलाने के आरोप बालेन सरकार के पास निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत है, लेकिन ऊपरी सदन नेशनल असेंबली में उसका एक भी सदस्य नहीं है। नेपाल में कानून पास कराने और संशोधन के लिए ऊपरी सदन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में बालेन सरकार आठ अध्यादेश लाई। इनमें सिविल सर्विस ट्रेड यूनियन और यूनिवर्सिटी छात्र संगठनों को खत्म करने के प्रस्ताव शामिल थे। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी और छात्र संगठनों के विरोध के बीच इन अध्यादेशों पर रोक लगा दी। सोशल मीडिया पोस्ट में बालेन ने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में पार्टी झंडे बंद करने से छात्रों और कर्मचारियों के अधिकार खत्म नहीं होंगे, बल्कि पेशेवर स्वतंत्रता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और नौकरशाही में छात्र और कर्मचारी संगठन राजनीतिक दलों की ‘स्लीपर सेल’ बन चुके हैं। उनके मुताबिक ट्रांसफर और प्रमोशन पार्टी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और काम के आधार पर होने चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई पर सड़क से अदालत तक विरोध बालेन सरकार की सबसे ज्यादा आलोचना अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हो रही है। नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में बेघर और भूमिहीन लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ काठमांडू घाटी में करीब 4 हजार ढांचे तोड़े गए हैं। इससे कम से कम 15 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बालेन जब काठमांडू के मेयर थे, तब भी उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को अपनी राजनीति का बड़ा हिस्सा बनाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी मॉडल को देशभर में लागू किया। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों समेत कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इन कार्रवाइयों की आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार ने गरीब लोगों को बिना उचित पहचान, बातचीत और पुनर्वास योजना के हटाया। 2 महीने में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की चुनाव प्रचार के दौरान बालेन ने पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा किया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी चुप्पी सवालों के घेरे में है। शपथ लेने के बाद से उन्होंने न तो देश को संबोधित किया और न ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वह राष्ट्रपति के नीति और कार्यक्रम वाले भाषण के दौरान बीच में ही निकल गए थे। बाद में बिना सूचना संसद से भी अनुपस्थित रहे। विपक्ष ने संसद में लगातार हंगामा किया और प्रधानमंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की। भारत से सामान लाने पर सख्ती से सीमा इलाकों में नाराजगी नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी के नियम सख्ती से लागू किए हैं। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नियम के मुताबिक भारत से 100 नेपाली रुपए (लगभग 63 भारतीय रुपए) से ज्यादा का सामान लाने पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी देनी होगी। सामान की श्रेणी के हिसाब से टैक्स 5% से 80% तक है। दशकों से नेपाल के लोग भारतीय सीमा वाले शहरों से राशन, दवाइयां, कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और शादी का सामान खरीदते रहे हैं। नेपाली नववर्ष के बाद नियमों को सख्ती से लागू किया जाने लगा। इससे सीमा पर रहने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर

सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल, सोनिया से बातचीत की; एजेंडे पर कैबिनेट ओवरहाल | भारत समाचार

People show their identity cards as they wait in a queue at a polling station to cast their votes during the Municipal Corporation elections, in Amritsar. (Source: PTI)

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 10:01 IST सिद्धारमैया ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की क्योंकि कांग्रेस कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार बनाने की योजना बना रही है। कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. (स्रोत: पीटीआई) कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शीर्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की। बैठक में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भाग लिया, जिसमें राज्य में अगली सरकार के गठन पर चर्चा हुई। नेताओं के आज दिन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि विचार-विमर्श में राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप देना, विधान परिषद में नियुक्तियां और नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले संभावित कैबिनेट फेरबदल शामिल है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार के नेतृत्व में प्रस्तावित कैबिनेट में निवर्तमान सिद्धारमैया सरकार के कई मंत्रियों को बरकरार नहीं रखा जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर भी विचार कर रहा है। राज्यपाल ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, इसके एक दिन बाद। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार, कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे, कांग्रेस में बदलाव की प्रक्रिया पूरी बेंगलुरु में लोक भवन से जारी एक आधिकारिक संचार में कहा गया है कि राज्यपाल ने सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे. आधिकारिक आदेश में कहा गया, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे।” कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा दे दिया. पद छोड़ने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, निवर्तमान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व और कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद दिया। यह भी पढ़ें: ‘हाईकमान ने पूछा, मैंने इस्तीफा दे दिया’: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया उन्होंने कहा, “मैं एक राजनेता हूं और मैंने समझा है कि संविधान हमारा धर्म है। मतदाता प्रशंसक हैं, भगवान हैं। मुझे कन्नड़ नाडु के 7 करोड़ लोगों से बात करने का अवसर मिला। मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति बहुत आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने यह अवसर प्रदान किया।” अनुभवी कांग्रेस नेता ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी को स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से विधानसभा में आरामदायक बहुमत प्राप्त है। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने 135+1 सीटें जीती हैं। इसके अलावा, दो निर्दलीय विधायकों ने भी हमारी सरकार को समर्थन दिया है। हम पूर्ण बहुमत में हैं।” इस्तीफ़े के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ में एक महत्वपूर्ण नाश्ते की बैठक हुई, जहाँ डीके शिवकुमार को सिद्धारमैया के पैर छूते और उन्हें सम्मानपूर्वक गले लगाते देखा गया, यह इशारा कई लोगों ने कर्नाटक में एक प्रतीकात्मक नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? जब से कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई है, राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित मुख्यमंत्री पद की व्यवस्था को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी सत्ता-साझाकरण समझौते की पुष्टि नहीं की है, लेकिन “2.5-वर्षीय सीएम फॉर्मूले” की अफवाहें बार-बार सामने आई हैं, खासकर दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच प्रमुख बैठकों के दौरान। एएनआई से इनपुट के साथ चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल, सोनिया से बातचीत की; एजेंडे में कैबिनेट ओवरहाल अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक की राजनीति(टी)डीके शिवकुमार कैबिनेट(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)राहुल गांधी से मुलाकात(टी)सोनिया गांधी की भूमिका(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे

वर्ल्ड अपडेट्स:नेतन्याहू बोले- भारत में इजराइल का जबरदस्त समर्थन, मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वहीं से

वर्ल्ड अपडेट्स:नेतन्याहू बोले- भारत में इजराइल का जबरदस्त समर्थन, मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स वहीं से

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजराइल के रिश्तों पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में इजराइल को आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त समर्थन देखने को मिलता है। वेस्ट बैंक में गुरुवार को आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि भारत इजराइल की ग्लोबल रणनीति में बेहद खास जगह रखता है। उन्होंने भारत और इजराइल के रिश्तों को अनोखा बताया और कहा कि भारत के लोगों में इजराइल के प्रति खास लगाव है। नेतन्याहू ने कहा, दुनिया के कई हिस्सों में हमें वैधता खत्म करने की कोशिशों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा, भारत में इजराइल के लिए बिल्कुल अलग तरह का प्यार है, बेहद जबरदस्त प्यार। मुझे लगता है कि मेरे सबसे ज्यादा सोशल मीडिया फॉलोअर्स भारत में हैं।

IPL- मोहाली-चंडीगढ़ में बारिश की 70% संभावना:यहां आज GTvsRR एलिमिनेटर-2 मुकाबला; मैच रद्द हुआ तो RR बाहर, GT फाइनल खेलेगी

IPL- मोहाली-चंडीगढ़ में बारिश की 70% संभावना:यहां आज GTvsRR एलिमिनेटर-2 मुकाबला; मैच रद्द हुआ तो RR बाहर, GT फाइनल खेलेगी

मोहाली के न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज IPL-2026 का एलिमिनेटर-2 मुकाबला खेला जाएगा। इसमें गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीमें आमने-सामने होंगी। टॉस 7 बजे होगा। इसके बाद साढ़े 7 बजे से मैच स्टार्ट हो जाएगा। हालांकि इस मैच पर बारिश का साया मंडरा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मौसम वैज्ञानिक शिवेंद्र सिंह ने कहा कि चंडीगढ़-मोहाली में 60% से 70% बारिश की संभावना है। यहां दोपहर बाद में बारिश हो सकती है। अगर बारिश से मैच में खलल पड़ा तो मुकाबला रद्द होने पर RR को नुकसान होगा। पॉइंट टेबल के हिसाब से GT फाइनल में पहुंच जाएगी। इस एलिमिनेटर-2 के लिए कोई रिजर्व डे भी नहीं रखा गया है। SRH को हरा एलिमिनेटर-2 में पहुंची RR न्यू चंडीगढ़ में 27 मई को SRH और RR के बीच पहला एलिमिनेटर मैच हुआ था। जिसमें वैभव सूर्यवंशी के 29 गेंदों पर 97 रन की बदौलत RR ने पहले खेलते हुए 243 रन बना दिए। जिसे चेज करने उतरी SRH की टीम 196 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिससे SRH टूर्नामेंट से बाहर हो गई और RR ने एलिमिनेटर-2 के लिए क्वालिफाई कर लिया। इस मैच में सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बैट्समैन भी बने। GT से भी इसी ग्राउंड में मुकाबला है, इस लिहाज से RR की टीम और फैंस को उम्मीद है कि सूर्यवंशी आज के मैच में फिर छक्के लगाते नजर आएंगे। वहीं गुजरात टाइटंस अपना क्वालिफायर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 92 रन से हार गई थी। यह मैच धर्मशाला में खेला गया था, जिसमें गुजरात की टीम 162 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी। GT के RR से ज्यादा पॉइंट आज के मुकाबले में भिड़ने वाली टीमों की बात करें तो पॉइंट टेबल में GT की टीम RR से आगे है। GT ने इस सीजन IPL में 14 में से 9 मैच जीते हैं। वह 18 अंकों के साथ RCB के बाद दूसरे नंबर पर है। वहीं RR ने 14 मैचों में 8 जीत और 6 हार के साथ 16 अंक हासिल किए हैं। टीम पॉइंट टेबल में चौथे स्थान पर रही। इसी हिसाब से माना जा रहा है कि अगर बारिश की वजह से मैच रद्द हुआ तो GT फाइनल में चली जाएगी और RR बाहर हो जाएगी। इस सीजन GT ने RR को दोनों मुकाबले हराए राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच इस सीजन खेले गए दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। पहला मैच 4 अप्रैल 2026 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला गया था। जबकि दूसरा मुकाबला 9 मई 2026 को सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में हुआ था।

हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।’ ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं’- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने ‘दबंग’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रेडी’ जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। दूसरी ओर सीजन की सबसे मजबूत गुजरात की गेंदबाजी उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इसमें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी? जवाब 4 फैक्टर्स से समझिए… पिछली भिड़ंत : 9 मई को जयपुर में गुजरात और राजस्थान के बीच पिछला मैच खेला गया था। इसमें मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर सूर्यवंशी का विकेट लिया था। जबकि रबाडा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शिकार बने थे। वैभव ने 16 बॉल पर 3 छक्के सहित 36 रन बनाए थे। पुराना रिकॉर्ड: वैभव ने गुजरात के खिलाफ 3 मैच खेले हैं और एक शतक के सहारे 233.33 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के आ चुके हैं। उन्हें मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बार आउट किया है। हालिया फॉर्म : वैभव की हालिया फॉर्म कमाल की है। वे पिछली 5 पारियों में सिर्फ एक बार सिंगल डिटिट पर आउट हुए हैं। बाकी कि चार पारियों में वैभव ने दो अर्धशतक लगाए हैं। वे 250.9 के स्ट्राइक रेट से 276 रन बना चुके हैं। दूसरी ओर गुजरात के 5 गेंदबाज सीजन में कम से कम 15 विकेट ले चुके हैं। पिच कंडीशन: महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम की पिच बैटर्स के लिए मददगार होती है। लेकिन, 2 दिन पहले 27 मई को यहां पेसर्स को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 में से 12 विकेट पेसर्स को मिले। जबकि, दो बैटर्स रनआउट हुए। जोफ्रा आर्चर ने लेंथ और स्पीड के दम पर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, वैभव के सामने पैट कमिंस की अगुवाई वाला पेस अटैक बेअसर रहा था। हेड टु हेड गुजरात 7-3 से आगे, 2022 में फाइनल हराया था हेड टु हेड रिकॉर्ड में गुजरात का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक 10 मैच खेले जा चुके हैं, इनमें से 7 मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। जबकि, 3 मैच राजस्थान के नाम रहे हैं। इस सीजन में दोनों टीमें बराबरी पर रही है। पिछले मैच को गुजरात ने 77 रन से जीता। उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट की जीत हासिल की थी। टॉप प्लेयर्स राजस्थान सूर्यवंशी और आर्चर पर निर्भर राजस्थान रॉयल्स इस समय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर निर्भर है। दोनों खिलाड़ियों ने एलिमिनेटर में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वैभव 680 रन के साथ मौजूदा सीजन के टॉप स्कोरर हैं। जबकि, जोफ्रा आर्चर 24 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर्स हैं। यशस्वी जायसवाल इस सीजन सूर्यवंशी की चमक के आगे फीके नजर आए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर उपयोगी पारियां खेली हैं। कप्तान रियान पराग ने माना कि सनराइजर्स के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। टीम इस कमजोरी को सुधारना चाहेगी। साई सुदर्शन के पास ऑरेंज कैप लेने का मौका गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हद तक साई सुदर्शन (652 रन), शुभमन गिल (618 रन) और जोस बटलर (498 रन) पर निर्भर है। पिछले मैच में बेंगलुरु के खिलाफ टॉप-3 बैटर्स के जल्दी आउट होने के बाद टीम 162 रन पर ऑलआउट हो गई थी। क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु के बैटर्स ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। ऐसे में गुजरात अपने गेंदबाजी और फील्डिंग प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगा। कगिसो रबाडा 26 विकेट लेकर टीम सीजन के टॉप विकेट टेकर्स में दूसरे स्थान पर है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले चारों मैच में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि दो बार स्कोर डिफेंड किया गया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच के दिन न्यू चंडीगढ़ का तापमान 23°C से 37°C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा और सुशांत मिश्रा। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।

IPL 2026 में देसी Vs विदेशी खिलाड़ी:भारतीय बल्लेबाज स्ट्राइक रेट में आगे निकले, गेंदबाजी में अब भी विदेशी ज्यादा असरदार

IPL 2026 में देसी Vs विदेशी खिलाड़ी:भारतीय बल्लेबाज स्ट्राइक रेट में आगे निकले, गेंदबाजी में अब भी विदेशी ज्यादा असरदार

एक समय IPL की पहचान विदेशी पावर-हिटर्स से होती थी। क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स, पोलार्ड और वॉर्नर जैसे खिलाड़ी लीग का टेम्पो तय करते थे। लेकिन IPL 2026 ने तस्वीर बदल दी। अब मैच का रुख भारतीय बल्लेबाज तय कर रहे हैं। इस सीजन भारतीय बल्लेबाजों ने विदेशियों से ज्यादा आक्रामक स्ट्राइक रेट से रन बनाए। हालांकि गेंदबाजी में कहानी उलट गई। जहां भारतीय गेंदबाज पूरे सीजन दबाव में दिखे, वहीं विदेशी गेंदबाज कम संख्या में होने के बावजूद ज्यादा असरदार साबित हुए। स्टोरी में आगे पढ़िए 2026 में भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले सीजन की तुलना में कैसा रहा है। 1. भारतीयों बल्लेबाजों का स्ट्राइक विदेशी बल्लेबाजों से ज्यादा पहले भारतीय बल्लेबाज एंकर रोल में दिखते थे और तेज बल्लेबाजी का जिम्मा विदेशी खिलाड़ियों पर रहता था। अब भारतीय खिलाड़ी शुरुआत से ही अटैकिंग क्रिकेट खेल रहे हैं और मैच का टेम्पो कंट्रोल कर रहे हैं। IPL 2026 में भारतीय बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 157.01 रहा। पिछले सीजन यह आंकड़ा 152 का ही था। वहीं, विदेशी बल्लेबाजों ने 155.37 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। पिछले सीजन विदेशी बल्लेबाजों ने करीब 153 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। 2. भारतीय गेंदबाज ज्यादा दबाव में दिखे इस सीजन भारतीय गेंदबाजों ने 2025 के 533 विकेट के मुकाबले 506 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी 9.42 से बढ़कर 9.79 हो गई। विदेशी गेंदबाज भी पिछले सीजन की तुलना में इस बार ज्यादा महंगे साबित हुए, फिर भी वे भारतीय गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा किफायती रहे हैं। 3. प्लेयर ऑफ द मैच में भारतीयों के नंबर घटे इस सीजन 53 खिलाड़ियों को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। इनमें 31 भारतीय और 22 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहे। वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और संजू सैमसन को भारतीयों में सबसे ज्यादा 3-3 बार यह अवॉर्ड मिला। पिछले सीजन भी 53 खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इनमें 35 भारतीय और 18 विदेशी खिलाड़ियों को यह अवॉर्ड मिला था। भारतीयों में श्रेयस अय्यर और क्रुणाल पंड्या सबसे ज्यादा 3-3 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इस सीजन बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट और एवरेज दोनों बढ़ा क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि बल्लेबाजी की एवरेज बढ़ानी है तो स्ट्राइक रेट की कुर्बानी देनी होगी और अगर स्ट्राइक रेट में इजाफा करना है तो एवरेज से समझौता करना होगा। इस बार यह कहावत फेल होती दिखाई दे रही है। इस सीजन में ओवरलऑल बैटिंग एवरेज और स्ट्राइकरेट दोनों में पिछले सीजन की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौके, छक्के, शतक और अर्धशतक के नंबर भी 2025 की तुलना में बढ़े हैं। गेंदबाज और महंगे साबित हुए 2025 में जहां कुल 829 विकेट गिरे थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 813 रह गई। गेंदबाजों का औसत 31.42 से बढ़कर 32.45 पहुंच गया। यानी एक विकेट लेने में पहले से ज्यादा रन खर्च हुए। इकोनॉमी रेट भी IPL इतिहास में सबसे महंगा रहा। 2025 की तुलना में इकोनॉमी 9.50 से बढ़कर 9.76 हो गई।