पंजाब के 3 लोग नेपाल की बाढ़ में लापता:इनमें जीजा-साले भी शामिल; परिवार से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात हुई थी

नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ में तरनतारन जिले के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें गांव रत्तोके के रहने वाले शमशेर सिंह संधू और उनके दो रिश्तेदार शामिल हैं। शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं। उनके साथ ही उनका साला भुपिंदर सिंह और एक अन्य साले का बेटा रशपाल सिंह नेपाल में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान तीनों का संपर्क अचानक से टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह के मुताबिक, शमशेर सिंह से 25 अगस्त को वॉट्सऐप कॉल के जरिए आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया। लगातार फोन और संपर्क की कोशिश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत ने डीसी से लगाई मदद की गुहार मामले को लेकर गांव की पंचायत भी सक्रिय हो गई है। गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने पंचायत की ओर से तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। पंचायत ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। पंचायत की मांग है कि नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों के जरिए लापता लोगों की स्थिति का पता लगाया जाए और अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो उनके परिवार तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जाए। मैप में देखिए कहां टूटा ग्लेशियर नेपाल में आई बाढ़ के बारे में जानिए… नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। तीन पॉइंट में जानिए नेपाल के हालात ************ ये खबर भी पढ़ें: पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री: ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।(पढ़ें पूरी खबर)
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।
मोदी 4 साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर रवाना:पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, फिर किर्गिस्तान में SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव

पीएम मोदी शनिवार सुबह दो देशों के लिए दिल्ली से रवाना हुए। उनका यह चार दिन का दौरा होगा। पहले वे उज्बेकिस्तान जाएंगे फिर किर्गिस्तान का दौरा करेंगे। पीएम चार साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर जा रहे हैं। वे किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं समिट में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई नेताओं के साथ मुलाकात कर सकते हैं। उज्बेकिस्तान दौरा: पीएम की द्विपक्षीय बातचीत, लाल बहादुर स्मारक भी जाएंगे मोदी 29-30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका चौथा उज्बेकिस्तान दौरा होगा। ताशकंद में मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच बैठक होगी। इसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में भारत के विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 विजन के तहत सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी बात होगी। मोदी ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा कर सकते हैं। किर्गिस्तान दौरा: मोदी SCO समिट में शामिल होंगे, जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा; 4 पॉइंट 1. खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है। 2. ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। 3. नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। 4. आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। उज्बेकिस्तान से जुड़ी 5 खास बातें 1. डबल-लैंडलॉक्ड देश उज्बेकिस्तान समुद्र से पूरी तरह कटा हुआ है। इसके सभी पड़ोसी देश भी लैंडलॉक्ड हैं। दुनिया में ऐसे देशों की संख्या बहुत कम है। 2. समरकंद का गौरवशाली इतिहास करीब 2700 साल पुराना समरकंद कभी सिल्क रूट का प्रमुख शहर था। एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करने वाले यहां से गुजरते थे। 3. सोने का बड़ा उत्पादक उज्बेकिस्तान दुनिया का 10वां सबसे बड़ा सोने का उत्पादक देश है। यहां स्थित मुरुंतौ (Muruntau) दुनिया की सबसे बड़ी ओपन-पिट सोने की खदानों में से एक है। 4. बाबर की जन्मभूमि मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का जन्म 1483 में अंदीजान शहर में हुआ था। बाबर बाद में काबुल होते हुए भारत आया और 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई जीतकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी। प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 3 उज्बेकिस्तान दौरे 2015: प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। इस दौरे में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। 2016: मोदी ताशकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। इसी सम्मेलन के दौरान भारत को संगठन की पूर्ण सदस्यता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना। 2022: मोदी समरकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा था, ‘आज का युग युद्ध का नहीं है।’ उनका यह बयान दुनियाभर में चर्चा का विषय बना था। ———————————-
सैफ अली खान पर हमले के आरोपी ने जुर्म कबूला:शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट से नरमी की अपील की, पेट में फंसा था चाकू का टुकड़ा

सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने अपना अपराध स्वीकार करने की अर्जी दायर की है। उसने अदालत से नरमी बरतने की अपील भी की है। उसके वकील विपुल दुशिंग ने इसकी पुष्टि की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब दाखिल करने को कहा है और सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी है। 16 जनवरी 2025 की देर रात सैफ के घर में लूट की नीयत से घुसे शख्स ने उन पर हमला किया था। घटना के दो दिन बाद शरीफुल इस्लाम की गिरफ्तारी हुई थी, जो अब तक न्यायिक हिरासत में है। इस महीने की शुरुआत में एडिशनल सेशंस जज जीपी देशमुख ने शरीफुल इस्लाम पर आरोप तय किए थे। इसके साथ ही मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया। इस्लाम पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत घातक हथियार का इस्तेमाल करके लूटपाट, गंभीर चोट पहुंचाने और घर में जबरन घुसने के आरोप लगाए गए हैं। उस पर फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच में सामने आया था कि शरीफुल इस्लाम बांग्लादेशी है, जो फर्जी डॉक्यूमेंट्स की मदद से गैरकानूनी ढंग से भारत में रह रहा है। हमले के बाद बेटे ने पूछा था- क्या आप मरने वाले हैं हाल ही में मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में सैफ ने हमले पर बात करते हुए कहा था, ‘मैं बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई।’ आगे सैफ ने कहा, ‘मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइज होने के बेहद करीब था।’ हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं सैफ इसी इंटरव्यू में सैफ ने कहा है कि वो हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं। सैफ ने कहा, “मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उसने बहुत बड़ी गलती की। मुझे नहीं लगता कि वह झगड़ा करना चाहता था। मैं उसे खुशी-खुशी माफ कर देता, लेकिन जिस तरह से उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भूल पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है। यह अमीर और गरीब का मामला है और इसी असमानता की वजह से ऐसा हुआ है।”
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा को धमकी, सॉन्ग हटाने को कहा:बोले-एक बाबा के चेलों को ज्यादा दिक्कत, ऐसे को तमाचे लगने चाहिए; कॉन्ट्रोवर्सी से ट्रेंडिंग में ‘तत्वदर्शी’

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर विवादों में आ गए है। इस बार मामला उनके नए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने पाखंडी बाबाओं और डेरों को निशाने पर लिया है। तीन दिन पहले सॉन्ग का ट्रैक जारी होते ही सिंगर को थ्रेट कॉल यानी धमकियां मिलनी शुरू हो गईं हैं। इसका खुलासा मासूम शर्मा ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर किया। उन्होंने कहा- एक विशेषकर अपने आपको गुरु या परमात्मा बताने वाला व्यक्ति है। उसी के चेले कै ज्यादा तकलीफ हो रखी है कि हमारे खिलाफ बोल दिया। अगर आप सही हो और वो काम नहीं कर रखे, जो हमने गाने में बोल रखे हैं, तो परेशानी क्यूं। अभी तो फिल्मी बाबे जैसी चार एल्बम और आनी है, उससे बवाल मचेगा। सिंगर ने आगे कहा कि जब तक समाज में ये बुराइयां खत्म नहीं होगी, तब तक ये सामाजिक गाने करते रहेंगे। एक-दो प्रतिशत को ही बहुत ज्यादा तकलीफ हो रखी है। इसका अनुपात ज्यादा होता या लोग सुनते नहीं तो ये सॉन्ग यूट्यूब चार्ट्स की ट्रेडिंग लिस्ट में ऑल इंडिया में तीन नंबर पर नहीं आता। मासूम शर्मा यहीं नहीं रुके, बाबा का नाम लिए बिना कहा- इनको तमाचे लगने चाहिए। धर्मविरोधी बात करोगे तो आपके साथ ऐसा ही होना चाहिए। उधर, इसी बीच मासूम शर्मा के साथ हैरी लाठर भी वीडियो कॉल में जुड़े। उन्होंने कहा कि अब कर्मिशियल गाने कम और सामाजिक गाने ज्यादा करेंगे। अभी तो किसी का नाम नहीं लिया, वरना हम भी नाम लेकर कहना शुरू कर देंगे। भक्तों को पता तो चले, असलियत में चल क्या रहा है। पहले जानिए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ की वे लाइनें, जिन पर छिड़ा विवाद… अब जानिए सिंगर मासूस शर्मा ने लाइव आकर क्या-क्या कहा… अंकित बालियान की मौत पर जताया दुख, कहा-हत्यारे जल्दी पकड़े जाएं मासूम शर्मा ने साथी कलाकार अंकित बालियान मर्डर केस में भी चुप्पी तोड़ी। कहा कि दो दिन पहले हमारे बहुत ही प्यारे साथी अंकित नहीं रहे। इस बात का पता चला तो दुख हुआ। एक दिन पहले ही हमने अपनी फिल्म अनाउंस की थी। बहुत सा काम हमने साथ किया हुआ था। बहुत से मेरे गाए हुए गाने में मॉडल के तौर पर अंकित ने काम कर रखा था। बोलचाल का अच्छा था। जिस तरह से गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है। मेरी मांग है कि उस पर सरकारों को अंकुश लगाना चाहिए। व्यापारी वर्ग हो या कलाकार, उनके पास धमकियां आती रहती है। अंकित भाई का जिन लोगों ने भी मर्डर किया है, उन्हें सरकार जल्दी पकड़े। सरकार इसका जल्दी समाधान करो। लाठर बोले- ऐसे वाहियात लोगों की भक्ति में ना उलझो इस बीच मासूम शर्मा के साथ हैरी लाठर के साथ वीडियो कॉल पर जुड़े। कहा कि एक ही बाबा को ज्यादा तकलीफ है और उनके ही फोन ज्यादा आ रहे हैं। अगर मुझे कोई गलत कहेगा, तो मैं भी गलत हूं। कुछ मानसिक गुलाम है, तो कुछ निजी स्वार्थ के लिए। अब कर्मिशियल गाने कम और सामाजिक गाने ज्यादा करेंगे। सामाजिक संस्थाओं को इसमें आगे आना चाहिए और पाखंडवाद को खत्म करना चाहिए। आगे कहा कि भक्ति करनी चाहिए वो गलत नहीं। ऐसे वाहियात लोगों की भक्ति में ना उलझे। इसके चेले खुद ही बता रहे हैं कि उनको टारगेट किया जा रहा है। अभी तो किसी का नाम नहीं लिया, वरना हम भी नाम लेकर कहना शुरू कर देंगे। भक्तों को पता तो चले, असलियत में चल क्या रहा है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर के नए सॉन्ग पर कंट्रोवर्सी:गीतकार हैरी लाठर बोले-गाना हटाने का प्रेशर; रामपाल समर्थकों का जवाबी सॉन्ग-70 मासूम हांडै हैं बदमाशी कल्चर वाले गानों के लिए कंट्रोवर्सी में रहे हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर सुर्खियों में हैं। 26 अगस्त को मासूम ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर नए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ का साढ़े 3 मिनट का ऑफिशियल ट्रैक जारी किया। जिसमें पाखंडी बाबाओं और डेरों को निशाने पर लिया है। पढ़िए पूरी खबर:::
पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री:ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड

पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। जब निकालने का कारण पूछा तो बताया गया कि होटल का ड्रेस कोड है, यहां पगड़ी की इजाजत नहीं है। इनसे रिफंड मांगा तो पैसा रिफंड नहीं किया गया। जसप्रीत ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। होटल मैनजमेंट ने कहा कि बुकिंग से पहले ही हमने अपनी वेबसाइट पर मेंशन किया है कि पगड़ी वालों के लिए होटल, रेस्टोरेंट और बार बुक नहीं होगा। 5 पॉइंट में जानें जसप्रीत ने क्या कहा.. होटल की वेबसाइट पर ड्रेस कोड का जिक्र कूल मामा होटल ने अपनी वेबसाइट पर स्काई रेस्तरां और ब्रेकफास्ट के लिए ड्रेस कोड और कुछ सख्त नियम बताए हैं। होटल प्रबंधन के मुताबिक, रेस्तरां के शांत और खास माहौल को बनाए रखने के लिए मेहमानों से शालीन और उपयुक्त पहनावा रखने की उम्मीद की जाती है।
भागवत न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे:बोले- विश्व में कई तरह के संघर्ष, कृष्ण चेतना से ही शांति आ सकती है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर का दौरा किया। वे 26 सेकेंड एवेन्यू स्थित उस जगह पर भी पहुंचे, जहां स्वामी प्रभुपाद ने इस्कॉन की शुरुआत की थी। इस दौरान भागवत ने भोजन वितरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज दुनिया में कई तरह के संघर्ष हैं। ऐसे समय में ‘कृष्ण चेतना’ लोगों को एकजुट करने और शांति लाने में मदद कर सकती है। इस्कॉन इस साल अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। स्वामी प्रभुपाद ने 1966 में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शसनेस (ISKCON) की स्थापना की थी। आज इस्कॉन के 120 देशों में करीब 1,300 मंदिर हैं। जहां स्वामी प्रभुपाद ने शुरू किया था पहला इस्कॉन मंदिर मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के 26 सेकंड एवेन्यू का दौरा किया। इसी जगह स्वामी प्रभुपाद ने पहला इस्कॉन मंदिर स्थापित किया था। भागवत की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब इस्कॉन अपनी स्थापना के 60 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। दौरे के दौरान भागवत ने बेघर लोगों की मदद के लिए चलाए जा रहे भोजन वितरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस पहल के तहत न्यूयॉर्क में जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ‘कृष्ण चेतना ही लोगों को एकजुट कर सकती है’ मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज दुनिया में कई तरह के संघर्ष और विरोधाभास हैं। अलग-अलग होने के बावजूद लोगों को जोड़ने वाली चीज चेतना है। उन्होंने इसे ‘कृष्ण चेतना’ बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में विविधताएं और मतभेद जरूर हैं, लेकिन इनके पीछे एक ही चेतना है। उनके मुताबिक, अगर लोगों को यह समझ आने लगे कि सब कुछ कृष्ण का ही हिस्सा है, तो इससे दुनिया में बेहतर माहौल बनाया जा सकता है। ‘हर दिल तक पहुंचे यह सोच तो दुनिया बेहतर होगी’ भागवत ने कहा कि अगर ‘सब कुछ कृष्ण है’ की समझ हर व्यक्ति के दिल तक पहुंच जाए, तो दुनिया निश्चित तौर पर बेहतर बन सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुनिया आज दिखाई देने वाली भौतिक दुनिया से अलग होगी और हर इंसान के लिए स्वर्ग जैसी हो सकती है। भागवत का न्यूयॉर्क दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब वह 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने वाले हैं। यह कार्यक्रम RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है। तीन देशों के दौरे पर हैं RSS प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। उनका यह दौरा अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन तक चलेगा। इस दौरान वह भारतीय समुदाय और अलग-अलग संगठनों के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। 29 अगस्त के ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में विरोध भी हुआ है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा कि वह RSS के इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं। कार्यक्रम के समर्थकों ने कहा- दुनिया को एक परिवार मानने का संदेश कार्यक्रम में शामिल होने वाले आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि कार्यक्रम का विरोध करने वालों को अपनी राय रखने और इसकी आलोचना करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी दुनिया को भाईचारे और शांति का संदेश देगा। RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ को अंतरधार्मिक कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि इसमें अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों को मानने वाले लोग शामिल होंगे। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने जारी की सुरक्षा सलाह कार्यक्रम से पहले हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। संगठन ने कार्यक्रम में आने वाले लोगों से सतर्क रहने और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है। फाउंडेशन ने लोगों से किसी भी तरह के विवाद से बचने और दूसरों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करने की अपील की है।
टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र:कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी

एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..
टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र:कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी

एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..









