रामायण इवेंट में मीडिया ने किया साढ़े चार घंटे इंतजार:मिस्टर बीस्ट के आने में हुई देरी; रणबीर-साई पल्लवी समेत टीम पहले से मौजूद थी

रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। पहले 12 बजे था कार्यक्रम का समय मीडिया को भेजे गए निमंत्रण में शुरुआत में कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे बताया गया था। बाद में समय बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया। साथ ही जानकारी दी गई थी कि बातचीत दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी। पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि बदले हुए समय के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, बातचीत तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। करीब साढ़े चार घंटे करना पड़ा इंतजार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बातचीत शुरू होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान फिल्म की मुख्य टीम के कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद थे। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी के कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की जानकारी थी। इसके बावजूद मीडिया से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के समय को लेकर उठे सवाल करीब साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद मीडिया के बीच कार्यक्रम के प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिली। सवाल यह भी उठा कि जब रणबीर कपूर, साई पल्लवी, नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी पहले से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे, तो उनके साथ बातचीत तय समय पर शुरू क्यों नहीं की गई। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट के साथ रणबीर की बातचीत मिस्टर बीस्ट के पहुंचने के बाद ‘रामायण’ की टीम के साथ उनकी विशेष बातचीत हुई। रणबीर कपूर के साथ मिस्टर बीस्ट की बातचीत के वीडियो भी सामने आए हैं। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। ‘रामायण’ में राम बने हैं रणबीर कपूर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। साई पल्लवी माता सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में यश रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। फिल्म को दो हिस्सों में रिलीज किया जाएगा। वैश्विक प्रचार पर निर्माताओं का जोर निर्माता नमित मल्होत्रा की फिल्म ‘रामायण’ को बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की तैयारी है। मिस्टर बीस्ट के साथ यह विशेष कार्यक्रम भी इसी वैश्विक प्रचार अभियान का हिस्सा है।
जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी जयपुर में शादी करने जा रहे हैं। ओरी की शादी का इनविटेशन भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। देशभर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल भी जयपुर पहुंच रहे हैं। सूत्रों की माने तो ये शादी फेक है। जयपुर में ‘फेक वेडिंग’ कॉन्सेप्ट पर एक इवेंट आयोजित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए किसी फैशन ब्रांड को लॉन्च या प्रमोट किया जाएगा। जयपुर के कूकस स्थित फेयरमॉन्ट होटल में 26 और 27 सितंबर को इस आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। फेयरमोंट जयपुर बड़े सामाजिक आयोजनों और शादियों के लिए जाना जाता है। एयरपोर्ट पर मेहमानों का स्वागत, हाथों में दिखे ‘ओरी के गेस्ट’ के बोर्ड ओरी के इस कथित वेडिंग वीकेंड को लेकर शुक्रवार से ही जयपुर एयरपोर्ट पर हलचल दिखाई देने लगी है। कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल्स जयपुर पहुंचे हैं। इन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए टीम के सदस्य भी नजर आए। उनके हाथों में बोर्ड दिखाई दिए, जिन पर ‘ओरी के गेस्ट’ लिखा हुआ था। वायरल कार्ड ने बढ़ाया सस्पेंस सामने आए शादी के कार्ड में 26 और 27 सितंबर को ‘वेडिंग वीकेंड’ के तौर पर बताया गया है। जो सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल्स को भेजा गया है। कार्ड को बाकायदा शादी के निमंत्रण की तरह डिजाइन किया गया है। मेहमानों को दिए जा रहे निमंत्रण के साथ चॉकलेट का बॉक्स भी शामिल है। कार्ड में दोनों दिनों के कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग नाम रखे गए हैं, जिससे पूरा आयोजन किसी रॉयल डेस्टिनेशन वेडिंग जैसा नजर आ रहा है। 26 सितंबर को ‘मेहफिल-ए-सूफियाना’ कार्ड के मुताबिक, 26 सितंबर की रात 8 बजे से ‘मेहफिल-ए-सूफियाना’ रखी गई है। इसे संगीत और लाइव परफॉर्मेंस वाली सुरमई शाम के तौर पर पेश किया गया है। यह पूरे आयोजन का पहला बड़ा सेलिब्रेशन होगा। 27 सितंबर को ‘रंग-ए-इश्क’ और ‘शादी मुबारक’ 27 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक ‘रंग-ए-इश्क’ कार्यक्रम होगा। इसके बाद रात 8 बजे से ‘शादी मुबारक’ नाम से सेलिब्रेशन रखा गया है। कार्ड में सरप्राइज परफॉर्मेंस और मनोरंजन का भी जिक्र किया गया है। यही ‘शादी मुबारक’ नाम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्ड को देखकर पहली नजर में इसे ओरी की शादी का निमंत्रण समझा जा रहा है।
‘द वन’ ने पहले दिन ₹8 करोड़ कमाए:सिद्धार्थ की पिछली 10 फिल्मों में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन ₹3.35 करोड़ कमाए

शुक्रवार को रिलीज हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन’ ने पहले दिन भारत में 8 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, 6,746 शोज में रिलीज हुई फिल्म की ऑक्यूपेंसी 26% रही। फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन 9.6 करोड़ रुपए हो गया। वहीं अपने रिलीज के 50वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ‘वाइब’ जैसी कई फिल्मों से ज्यादा कमाई की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का निर्देशन ‘पंचायत’ फेम दीपक कुमार मिश्रा ने किया है। यह उनका फीचर फिल्म डायरेक्शन डेब्यू है। फिल्म भारतीय लोककथाओं पर आधारित है और इसमें सुपरनैचुरल फैंटेसी, पौराणिक कथाओं, एक्शन और थ्रिलर के एलिमेंट्स हैं। इस महीने रिलीज हुई करीना कपूर की ‘दायरा’ और कुणाल खेमू की ‘वाइब’ की तुलना में ‘द वन’ की शुरुआत बेहतर रही। दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 1 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ₹8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ यह फिल्म एक्टर की पिछली 10 थिएट्रिकल रिलीज में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई है। इस लिस्ट में ‘थैंक गॉड’ ₹8.10 करोड़ के साथ पहले स्थान पर है। ‘परम सुंदरी’ ने ₹7.25 करोड़, ‘मरजावां’ ने ₹7 करोड़ और ‘बार बार देखो’ ने ₹6.80 करोड़ की ओपनिंग की थी। फिल्म में तमन्ना भाटिया भी लीड रोल में हैं। यह सात साल बाद उनकी पहली हिंदी थिएट्रिकल फिल्म है, जिसमें वह लीड रोल में हैं। उनकी पिछली हिंदी फीचर फिल्म ‘खामोशी’ थी, जिसमें प्रभु देवा भी थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी। ‘खामोशी’ के बाद तमन्ना हिंदी फिल्मों में ज्यादातर स्पेशल सॉन्ग सीक्वेंस में नजर आईं। इनमें ‘स्त्री’ और ‘रेड 2’ शामिल हैं। ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ से हुआ सामना ‘द वन’ को हिंदी बॉक्स ऑफिस पर सोलो रिलीज मिली। इसके साथ रिलीज हुई एकमात्र बड़ी फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम-एन्कोर’ थी। इसने भारत में सभी भाषाओं में 8.68 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिसमें इंग्लिश वर्जन की हिस्सेदारी 5.25 करोड़ रुपए रही। फिल्म को 3,635 शोज में दिखाया गया। ‘अवेंजर्स: एंडगेम – एन्कोर’ 2019 की मार्वल स्टूडियोज की फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ की थिएट्रिकल री-रिलीज थी। इसमें कुछ अतिरिक्त फुटेज जोड़ा गया था, जो कहानी को ‘अवेंजर्स: डूम्सडे’ से जोड़ता है। ‘डूम्सडे’ दिसंबर में रिलीज होने वाली है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का कलेक्शन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 23वें दिन 503 शोज में चल रही है। फिल्म ने आज लाइव कलेक्शन के तौर पर 0.28 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। इसके साथ फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 266.70 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 224.08 करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले 25 सितंबर, 4वें शुक्रवार यानी 22वें दिन फिल्म ने 1.00 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था। ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन भी दिखाया दम भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शुक्रवार को कई फिल्मों के बीच ‘हनुमान अंश’ की कमाई चर्चा में रही। फिल्म ने रिलीज के 50वें दिन भी 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। वहीं, ‘वाइब’ ने शुक्रवार को ₹85 लाख, ‘दायरा’ ने ₹13 लाख और ‘लव लॉटरी’ ने करीब ₹9 लाख का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में ‘हनुमान अंश’ का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ ने दूसरे दिन भारत में 14.90 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। फिल्म को दूसरे दिन 7,049 शोज मिले। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 61.15 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 72.50 करोड़ रुपए पहुंच चुका है। ओवरसीज में दूसरे दिन फिल्म ने 3 करोड़ रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 25 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 97.50 करोड़ रुपए हो चुका है। वहीं, दूसरे दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 1.50 करोड़ रुपए कमाए।
कभी बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर थे साधु तिवारी:‘हनुमान अंश’ सिंगर ने भजन क्लबिंग में पीएम मोदी के सामने गाया ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’

नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। ‘पार्वती’ गाने वाले साधु तिवारी कौन हैं? ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 50वें दिन भारत में 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,767 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।
आलिया-रणबीर कपूर ‘डोंट बी शाय’ की स्क्रीनिंग में पहुंचे:‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग में रणवीर सिंह- अनीत पड्डा नजर आए

गुरुवार को मुंबई में आलिया भट्ट की प्रोड्यूस की हुई फिल्म ‘डोंट बी शाय’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस मौके पर आलिया भट्ट अपने पति रणबीर कपूर के साथ पहुंचीं। रणबीर की मां नीतू कपूर भी नजर आईं। वहीं, आलिया के पिता महेश भट्ट, मां सोनी राजदान और बहन शाहीन भट्ट भी स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। दोनों परिवारों ने साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्क्रीनिंग में करण जौहर, वरुण धवन, अयान मुखर्जी, शरवरी वाघ और समय रैना समेत कई सेलेब्स भी पहुंचे। ‘डोंट बी शाय’ को आलिया और शाहीन भट्ट ने अपने प्रोडक्शन हाउस एटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत बनाया है। फिल्म 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। अनीत पड्डा की वेब सीरीज ‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग गुरुवार को वेब सीरीज ‘हुंकार: द रोअर’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। स्क्रीनिंग में एक्ट्रेस अनीत पड्डा और फातिमा सना शेख पहुंचीं। इनके अलावा श्वेता त्रिपाठी और रणवीर सिंह भी नजर आए। अनीत पड्डा की यह सीरीज फिल्म ‘सयारा’ की सफलता के बाद चर्चा में है। कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित ‘हुंकार: द रोअर’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है। इसमें अनीत पड्डा के अलावा रघुबीर यादव और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में हैं।
'द वन'- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

हमारे देश में कहानियों की कोई कमी नहीं है, कमी है उन्हें बड़े पर्दे पर नए अंदाज में सुनाने की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बिहार की मिट्टी से निकली ऐसी ही एक लोककथा को लेकर आती है, जहां वन देवी, रहस्यमयी जंगल, छठी मइया की आस्था और इंसान की अपनी सोच आमने-सामने आती है। फिल्म की शुरुआत जितनी दिलचस्पी जगाती है, उतना ही सवाल भी छोड़ती है कि जंगल के अंदर आखिर है क्या? अच्छी बात यह है कि फिल्म काफी देर तक इस सवाल को जिंदा रखती है, बस बाद में जब जवाब मिलने शुरू होते हैं तो कुछ रहस्य उतने रहस्यमयी नहीं रह जाते। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की है, जो अपनी पत्नी ममता (तमन्ना भाटिया) के साथ बिहार के पुश्तैनी गांव आता है। शहर में पले ऋषि के लिए गांव और उसकी मान्यताएं पुरानी सोच का हिस्सा हैं। दोनों का अपना पारिवारिक दर्द भी है और छठ के लिए घर लौटने का रिश्ता भी। गांव के पास एक जंगल है, जिसके बीच वन देवी का मंदिर है। स्थानीय लोककथा के मुताबिक सूर्यास्त के बाद इस जंगल में जाना मना है। फिल्म की प्रेरणा बिहार के बिहटा स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी इसी लोककथा से ली गई है, जहां जंगल और देवी को लेकर पीढ़ियों से कई मान्यताएं चली आ रही हैं। ऋषि इन बातों को नहीं मानता। इसी बीच जंगल को लेकर विकास और प्रकृति के बीच खींचतान सामने आती है, लेकिन जब ऋषि जंगल में पहुंचता है और एक पुरानी मुहर टूटने के बाद अलौकिक ताकत जागती है, तब उसकी अपनी सोच भी सवालों के घेरे में आ जाती है। पहला हिस्सा यहीं सबसे ज्यादा पकड़ बनाता है। गांव का माहौल, रिश्ते, हल्का हास्य और जंगल का रहस्य साथ-साथ चलते हैं। लेकिन दूसरे हिस्से में कहानी प्रकृति और जमीन के सवाल से निकलकर सीधे अच्छाई बनाम बुराई की बड़ी लड़ाई की तरफ बढ़ जाती है। इससे शुरुआत में बना वह जमीन से जुड़ा संघर्ष थोड़ा पीछे छूटता है। कहानी में विचार कम नहीं हैं, बस कुछ विचारों को पूरी तरह खुलने का मौका नहीं मिलता। फिल्म में एक्टिंग कैसी है सिद्धार्थ मल्होत्रा ऋषि के किरदार में एक्शन के साथ भावनात्मक बदलाव भी संभालते हैं। उनका अविश्वास धीरे-धीरे विश्वास में बदलता है, हालांकि इस बदलाव को थोड़ा और समय मिलता तो किरदार और गहराता। तमन्ना भाटिया सहज लगती हैं और सिद्धार्थ के साथ उनकी पति-पत्नी वाली केमिस्ट्री फिल्म के फैंटेसी हिस्से को मानवीय आधार देती है। उनके किरदार में संभावनाएं हैं, लेकिन स्क्रीनप्ले उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल नहीं करता। सुनील ग्रोवर फिल्म का अच्छा सरप्राइज हैं। गंभीर किरदार में उनका अंदाज अलग लगता है और उनकी कहानी खुलने के साथ उत्सुकता बढ़ती है। मनीष पॉल पहले हिस्से में हंसी और हल्कापन लाते हैं। श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अपने किरदारों में ठीक बैठते हैं। फिल्म का निर्देशन कैसा है निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने बिहार की एक कम सुनी गई लोककथा को सिर्फ डर की कहानी नहीं बनाया। इसमें परिवार है, प्रकृति है, आस्था है, विकास का सवाल है और फैंटेसी भी है। दिक्कत बस यही है कि इतनी सारी चीजों को साथ लेकर चलने की कोशिश में स्क्रीनप्ले कभी-कभी खुद अपनी रफ्तार से आगे निकल जाता है। शुरुआत में जो रहस्य धीरे-धीरे बनता है, बाद में उसके कई जवाब जल्दी मिल जाते हैं। कुछ चीजें अगर थोड़ी देर और छिपी रहतीं तो जंगल का रोमांच और टिक सकता था। सिनेमैटोग्राफी फिल्म की बड़ी ताकत है। जंगल की हरियाली, धुंध, अंधेरा और रोशनी मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि कई बार जंगल खुद कहानी का किरदार लगता है। प्रोडक्शन डिजाइन में बिहार की मिट्टी और गांव की पहचान बनी रहती है। रहस्यमयी जीवों और पुराने घटनाक्रम को समझाने वाला एनीमेशन भी फिल्म का दिलचस्प प्रयोग है। वीएफएक्स में पैमाना बड़ा रखा गया है। कुछ दृश्य शानदार लगते हैं, जबकि कुछ जगह कंप्यूटर से बने हिस्से उतने सहज नहीं बैठते। बड़े पर्दे पर फिल्म का स्केल जरूर दिखाई देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘समझो ना’ कहानी के रोमांटिक हिस्से को जगह देता है, जबकि ‘ठुमक ठुमक’ माहौल में मस्ती भरता है। लेकिन सबसे ज्यादा फिल्म की जड़ों से जुड़ता है ‘छठी मइया’। छठ के घाट, अर्घ्य और भक्ति वाला माहौल फिल्म को बिहार की संस्कृति से जोड़ता है। हां, यहां सिनेमा ने अपनी थोड़ी आजादी भी ली है—कुछ दृश्य असली छठ की सादगी से ज्यादा फिल्मी और सजाए हुए लगते हैं। असल छठ चार दिन की साधना, व्रत, अनुशासन और डूबते-उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा पर टिका है; फिल्म उसका भाव पकड़ती है, हर बारीकी नहीं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘द वन’ एक देसी फैंटेसी एडवेंचर है, जो बिहार की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्यमयी जंगल को अपनी दुनिया का आधार बनाती है। फिल्म का माहौल, सिनेमैटोग्राफी और कलाकार इसे देखने लायक बनाते हैं। दूसरे हिस्से में कहानी कुछ जानी-पहचानी राह पकड़ती है, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ी दुनिया और बड़े पर्दे का स्केल इसका असर बनाए रखते हैं। रास्ता हर जगह बराबर मजबूत नहीं है, लेकिन ‘द वन’ की दुनिया में कदम रखना एक दिलचस्प सिनेमाई अनुभव जरूर है।
'द वन'- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

हमारे देश में कहानियों की कोई कमी नहीं है, कमी है उन्हें बड़े पर्दे पर नए अंदाज में सुनाने की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बिहार की मिट्टी से निकली ऐसी ही एक लोककथा को लेकर आती है, जहां वन देवी, रहस्यमयी जंगल, छठी मइया की आस्था और इंसान की अपनी सोच आमने-सामने आती है। फिल्म की शुरुआत जितनी दिलचस्पी जगाती है, उतना ही सवाल भी छोड़ती है कि जंगल के अंदर आखिर है क्या? अच्छी बात यह है कि फिल्म काफी देर तक इस सवाल को जिंदा रखती है, बस बाद में जब जवाब मिलने शुरू होते हैं तो कुछ रहस्य उतने रहस्यमयी नहीं रह जाते। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की है, जो अपनी पत्नी ममता (तमन्ना भाटिया) के साथ बिहार के पुश्तैनी गांव आता है। शहर में पले ऋषि के लिए गांव और उसकी मान्यताएं पुरानी सोच का हिस्सा हैं। दोनों का अपना पारिवारिक दर्द भी है और छठ के लिए घर लौटने का रिश्ता भी। गांव के पास एक जंगल है, जिसके बीच वन देवी का मंदिर है। स्थानीय लोककथा के मुताबिक सूर्यास्त के बाद इस जंगल में जाना मना है। फिल्म की प्रेरणा बिहार के बिहटा स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी इसी लोककथा से ली गई है, जहां जंगल और देवी को लेकर पीढ़ियों से कई मान्यताएं चली आ रही हैं। ऋषि इन बातों को नहीं मानता। इसी बीच जंगल को लेकर विकास और प्रकृति के बीच खींचतान सामने आती है, लेकिन जब ऋषि जंगल में पहुंचता है और एक पुरानी मुहर टूटने के बाद अलौकिक ताकत जागती है, तब उसकी अपनी सोच भी सवालों के घेरे में आ जाती है। पहला हिस्सा यहीं सबसे ज्यादा पकड़ बनाता है। गांव का माहौल, रिश्ते, हल्का हास्य और जंगल का रहस्य साथ-साथ चलते हैं। लेकिन दूसरे हिस्से में कहानी प्रकृति और जमीन के सवाल से निकलकर सीधे अच्छाई बनाम बुराई की बड़ी लड़ाई की तरफ बढ़ जाती है। इससे शुरुआत में बना वह जमीन से जुड़ा संघर्ष थोड़ा पीछे छूटता है। कहानी में विचार कम नहीं हैं, बस कुछ विचारों को पूरी तरह खुलने का मौका नहीं मिलता। फिल्म में एक्टिंग कैसी है सिद्धार्थ मल्होत्रा ऋषि के किरदार में एक्शन के साथ भावनात्मक बदलाव भी संभालते हैं। उनका अविश्वास धीरे-धीरे विश्वास में बदलता है, हालांकि इस बदलाव को थोड़ा और समय मिलता तो किरदार और गहराता। तमन्ना भाटिया सहज लगती हैं और सिद्धार्थ के साथ उनकी पति-पत्नी वाली केमिस्ट्री फिल्म के फैंटेसी हिस्से को मानवीय आधार देती है। उनके किरदार में संभावनाएं हैं, लेकिन स्क्रीनप्ले उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल नहीं करता। सुनील ग्रोवर फिल्म का अच्छा सरप्राइज हैं। गंभीर किरदार में उनका अंदाज अलग लगता है और उनकी कहानी खुलने के साथ उत्सुकता बढ़ती है। मनीष पॉल पहले हिस्से में हंसी और हल्कापन लाते हैं। श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अपने किरदारों में ठीक बैठते हैं। फिल्म का निर्देशन कैसा है निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने बिहार की एक कम सुनी गई लोककथा को सिर्फ डर की कहानी नहीं बनाया। इसमें परिवार है, प्रकृति है, आस्था है, विकास का सवाल है और फैंटेसी भी है। दिक्कत बस यही है कि इतनी सारी चीजों को साथ लेकर चलने की कोशिश में स्क्रीनप्ले कभी-कभी खुद अपनी रफ्तार से आगे निकल जाता है। शुरुआत में जो रहस्य धीरे-धीरे बनता है, बाद में उसके कई जवाब जल्दी मिल जाते हैं। कुछ चीजें अगर थोड़ी देर और छिपी रहतीं तो जंगल का रोमांच और टिक सकता था। सिनेमैटोग्राफी फिल्म की बड़ी ताकत है। जंगल की हरियाली, धुंध, अंधेरा और रोशनी मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि कई बार जंगल खुद कहानी का किरदार लगता है। प्रोडक्शन डिजाइन में बिहार की मिट्टी और गांव की पहचान बनी रहती है। रहस्यमयी जीवों और पुराने घटनाक्रम को समझाने वाला एनीमेशन भी फिल्म का दिलचस्प प्रयोग है। वीएफएक्स में पैमाना बड़ा रखा गया है। कुछ दृश्य शानदार लगते हैं, जबकि कुछ जगह कंप्यूटर से बने हिस्से उतने सहज नहीं बैठते। बड़े पर्दे पर फिल्म का स्केल जरूर दिखाई देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘समझो ना’ कहानी के रोमांटिक हिस्से को जगह देता है, जबकि ‘ठुमक ठुमक’ माहौल में मस्ती भरता है। लेकिन सबसे ज्यादा फिल्म की जड़ों से जुड़ता है ‘छठी मइया’। छठ के घाट, अर्घ्य और भक्ति वाला माहौल फिल्म को बिहार की संस्कृति से जोड़ता है। हां, यहां सिनेमा ने अपनी थोड़ी आजादी भी ली है—कुछ दृश्य असली छठ की सादगी से ज्यादा फिल्मी और सजाए हुए लगते हैं। असल छठ चार दिन की साधना, व्रत, अनुशासन और डूबते-उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा पर टिका है; फिल्म उसका भाव पकड़ती है, हर बारीकी नहीं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘द वन’ एक देसी फैंटेसी एडवेंचर है, जो बिहार की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्यमयी जंगल को अपनी दुनिया का आधार बनाती है। फिल्म का माहौल, सिनेमैटोग्राफी और कलाकार इसे देखने लायक बनाते हैं। दूसरे हिस्से में कहानी कुछ जानी-पहचानी राह पकड़ती है, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ी दुनिया और बड़े पर्दे का स्केल इसका असर बनाए रखते हैं। रास्ता हर जगह बराबर मजबूत नहीं है, लेकिन ‘द वन’ की दुनिया में कदम रखना एक दिलचस्प सिनेमाई अनुभव जरूर है।
25 सितंबर के करेंट अफेयर्स:रक्षा मंत्रालय ने ₹810 करोड़ के सैटेलाइट वेपन की डील की, भारत को एमी अवार्ड्स में दो नॉमिनेशन मिले

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. रक्षा मंत्रालय ने 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन की डील की इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. एमी अवार्ड्स नॉमिनेशन में भारत को 2 नॉमिनेशन मिले स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. पुणे में होगी रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप मिसलीनियस 4. दिल्ली में ‘दुर्गा योजना’ को मंजूरी मिली 5. अहमदाबाद में अंबेडकर म्यूजियम और ई-लाइब्रेरी शुरू हुई आज का इतिहास ——————– ये खबर भी पढ़ें.. 24 सितंबर के करेंट अफेयर्स:पंजाब की पांच सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, लावणी क्वीन शकुंतला नगरकर का निधन आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..
सत्यनारायण पूजन में टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:वरुण-कार्तिक, सारा और रकुल शामिल हुए, 'हनुमान अंश' फेम शोभिनव भी दिखे; जैकी श्रॉफ ने बांटा प्रसाद

गणेशोत्सव के मौके पर मुंबई स्थित टी-सीरीज ऑफिस में आयोजित सत्यनारायण पूजन में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की। हर साल की तरह इस बार भी संगीत कंपनी टी-सीरीज के कार्यालय में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इस खास मौके पर वरुण धवन, कार्तिक आर्यन, टाइगर श्रॉफ, तृप्ति डिमरी और आयुष्मान खुराना समेत कई कलाकारों ने बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सभी सितारे पारंपरिक भारतीय परिधानों में बप्पा के सामने माथा टेकते नजर आए। इस दौरान जैकी श्रॉफ वहां मौजूद फोटोग्राफर्स को प्रसाद बांटते नजर आए। देखें तस्वीरें पारंपरिक कपड़ों में पहुंचे वरुण, कार्तिक और टाइगर गणपति दर्शन के लिए टी-सीरीज दफ्तर पहुंचे कार्तिक आर्यन हल्के नीले रंग के कुर्ते में नजर आए, जबकि टाइगर श्रॉफ सफेद रंग के पारंपरिक कुर्ते-पायजामे में पहुंचे। वहीं वरुण धवन ने भी साधारण पारंपरिक आउटफिट में पहुंचकर बप्पा की पूजा-अर्चना की और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पति डेनियल संग पहुंचीं सनी, तृप्ति डिमरी भी दिखीं अभिनेत्री सनी लियोनी अपने पति डेनियल वेबर के साथ टी-सीरीज के कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान सनी पारंपरिक साड़ी में नजर आईं, वहीं डेनियल कुर्ता-पायजामा पहने दिखे। उनके अलावा एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी, नेहा शर्मा, रकुल प्रीत सिंह और पलक तिवारी भी सादगी भरे पारंपरिक कपड़ों में बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचीं। ‘हनुमान अंश’ फेम शोभिनव भी दिखे अभिनेता आयुष्मान खुराना अपनी पत्नी ताहिरा कश्यप के साथ टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे। दोनों ही एथनिक वियर में नजर आए। वहीं फिल्म ‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य भी बेहद सादे अंदाज में दर्शन करने पहुंचे। वे एक साधारण कुर्ता पहने और कंधे पर बैग टांगे दिखे। उन्होंने हाथ जोड़कर वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद किया। हर साल टी-सीरीज में आयोजित होती है पूजा टी-सीरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार हर साल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अपने मुंबई स्थित दफ्तर में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। उत्सव के दौरान फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े निर्माता, निर्देशक, गायक और अभिनेता बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। ‘लव एंड वॉर’ का लुक रिलीज होने के बाद स्पॉट हुए रणबीर बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर फिल्म लव एंड वॉर’ में अपना लुक रिलीज होने के बाद स्पॉट हुए। वे मुंबई में अपने लाइफस्टाइल ब्रांड आर्क्स के नए स्टोर लॉन्च इवेंट के दौरान साधारण लुक में नजर आए। इस दौरान वे बिना आस्तीन वाली सफेद टी-शर्ट, ब्लैक जॉगर्स और काले सनग्लासेज पहने दिखे। इस दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे सवाल किया की रणबीर आपको गोली कहां लगी। इसके जवाब में रणबीर अपना हाथ दिखाते नजर आए। दरअसल ‘लव एंड वॉर’ के उनके पहले लुक में उनकी शर्ट पर खून के दाग नजर आए थे। जिसके बाद पैपराजी ने उनसे यह सवाल किया।
सत्यनारायण पूजन में टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:वरुण-कार्तिक, सारा और रकुल शामिल हुए, 'हनुमान अंश' फेम शोभिनव भी दिखे; जैकी श्रॉफ ने बांटा प्रसाद

गणेशोत्सव के मौके पर मुंबई स्थित टी-सीरीज ऑफिस में आयोजित सत्यनारायण पूजन में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की। हर साल की तरह इस बार भी संगीत कंपनी टी-सीरीज के कार्यालय में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इस खास मौके पर वरुण धवन, कार्तिक आर्यन, टाइगर श्रॉफ, तृप्ति डिमरी और आयुष्मान खुराना समेत कई कलाकारों ने बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सभी सितारे पारंपरिक भारतीय परिधानों में बप्पा के सामने माथा टेकते नजर आए। इस दौरान जैकी श्रॉफ वहां मौजूद फोटोग्राफर्स को प्रसाद बांटते नजर आए। देखें तस्वीरें पारंपरिक कपड़ों में पहुंचे वरुण, कार्तिक और टाइगर गणपति दर्शन के लिए टी-सीरीज दफ्तर पहुंचे कार्तिक आर्यन हल्के नीले रंग के कुर्ते में नजर आए, जबकि टाइगर श्रॉफ सफेद रंग के पारंपरिक कुर्ते-पायजामे में पहुंचे। वहीं वरुण धवन ने भी साधारण पारंपरिक आउटफिट में पहुंचकर बप्पा की पूजा-अर्चना की और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पति डेनियल संग पहुंचीं सनी, तृप्ति डिमरी भी दिखीं अभिनेत्री सनी लियोनी अपने पति डेनियल वेबर के साथ टी-सीरीज के कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान सनी पारंपरिक साड़ी में नजर आईं, वहीं डेनियल कुर्ता-पायजामा पहने दिखे। उनके अलावा एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी, नेहा शर्मा, रकुल प्रीत सिंह और पलक तिवारी भी सादगी भरे पारंपरिक कपड़ों में बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचीं। ‘हनुमान अंश’ फेम शोभिनव भी दिखे अभिनेता आयुष्मान खुराना अपनी पत्नी ताहिरा कश्यप के साथ टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे। दोनों ही एथनिक वियर में नजर आए। वहीं फिल्म ‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य भी बेहद सादे अंदाज में दर्शन करने पहुंचे। वे एक साधारण कुर्ता पहने और कंधे पर बैग टांगे दिखे। उन्होंने हाथ जोड़कर वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद किया। हर साल टी-सीरीज में आयोजित होती है पूजा टी-सीरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार हर साल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अपने मुंबई स्थित दफ्तर में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। उत्सव के दौरान फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े निर्माता, निर्देशक, गायक और अभिनेता बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। ‘लव एंड वॉर’ का लुक रिलीज होने के बाद स्पॉट हुए रणबीर बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर फिल्म लव एंड वॉर’ में अपना लुक रिलीज होने के बाद स्पॉट हुए। वे मुंबई में अपने लाइफस्टाइल ब्रांड आर्क्स के नए स्टोर लॉन्च इवेंट के दौरान साधारण लुक में नजर आए। इस दौरान वे बिना आस्तीन वाली सफेद टी-शर्ट, ब्लैक जॉगर्स और काले सनग्लासेज पहने दिखे। इस दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे सवाल किया की रणबीर आपको गोली कहां लगी। इसके जवाब में रणबीर अपना हाथ दिखाते नजर आए। दरअसल ‘लव एंड वॉर’ के उनके पहले लुक में उनकी शर्ट पर खून के दाग नजर आए थे। जिसके बाद पैपराजी ने उनसे यह सवाल किया।









