गर्मियों में रबड़ी वाली खीर रेसिपी: गर्मी में कुछ खास बनाने का मन? घर में ऐसे रबड़ी वाली खेड; बच्चे-बच्चे की पसंद

सामग्री: 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 1/2 कप बासमती चावल, 1/2 कप चीनी, 1/2 कप तैयार रबड़ी, 4-5 इलायची, 8-10 बादाम कटे, 8-10 पिस्ता कटे हुए, थोड़ा सा केसर, 1 बड़ा पिज्जा, 1 छोटा मोटा घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चावल को धोकर करीब 20 मिनट तक डुबोकर रखें। अब एक भारी-भरकम नमक वाली चटनी में दूध गर्म करें और इसमें बड़ी हुई चावल की दाल भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक आँकड़े पर खेड को स्थिर परीक्षण किए गए ग्रेजुएट्स दूध नीचे न लगे। जब चावल अच्छी तरह से प्राकृतिक हो और बाहर दूध के स्टॉक में हो, तब चीनी स्टॉक में। छवि: फ्रीपिक अब दूसरी तरफ एक पैन में थोड़ा घी गरम करें और मिलाकर बादाम, पिस्ता और तेल का आटा भून लें। उदाहरण के तौर पर खेड दाल डे। इसके बाद इलायची पाउडर, केसर और तैयार रबरी रिमूवल। छवि: एआई 5 मिनट तक नॉमिनल आँचल पर ग्रैजुएशन ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल सकें। जब अच्छी तरह से गाढ़ी और मलाईदार हो जाए, तब गैस बंद कर दीजिए। इसे ठंडा होने दें और फिर फर्मी में स्टिल चिल करें। छवि: एआई अलौकिक-ठंडी रबड़ी वाली खेड को ऊपर से डॉगी स्टॉक्स और केसर से सजाकर सर्व करें। गर्मी में इसका स्वाद और भी ज्यादा मज़ा लगता है। छवि: फ्रीपिक यह घर में आसानी से तैयार हो जाता है। स्वाद में बिलकुल मिठाई की दुकान जैसी दुकान। बच्चे और बड़ों दोनों की फेवरेट बनेगी। गर्मी में ठंडा निकले अलग मजा मिलेगा। छवि: एआई अगर आप वीकेंड पर या किसी खास मौके पर कुछ मीठा और शानदार बनाना चाहते हैं, तो रबड़ी वाली खेड की ये आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी खेड रेसिपी(टी)रबड़ी खीर रेसिपी(टी)डेसर्ट रेसिपी(टी)रबड़ी खीर रेसिपी(टी)गर्मी की रेसिपी(टी)ठंडा करने वाली रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए ठंडक देने वाली रेसिपी
युद्ध के 3-महीनों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया:जानें- इसका आपके डेली खर्चों, निवेश, ट्रेवल और EMI पर क्या असर पड़ता है?

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारतीय रुपए पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ₹95.23 के स्तर पर बंद हुआ। फरवरी के अंत में शुरू हुई इस जंग के बाद महज तीन महीनों में रुपया करीब ₹5 टूट चुका है, जिससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, घरेलू बजट और निवेश पर सीधा असर पड़ने वाला है। युद्ध के 3 महीनों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया रूस-यूक्रेन के बाद अब मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर भारतीय करेंसी पर दिख रहा है। इस साल 28 फरवरी को जब अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू हुआ था, तब रुपया प्रति डॉलर ₹91 के करीब था। इसके बाद कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के बाजार से लगातार पैसे निकालने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपए में गिरावट आई। इसके चलते 21 मई को रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर ₹96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया था। पीएम मोदी की अपील, विदेशी मुद्रा भंडार बचाएं रुपए की सेहत सुधारने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से एक खास अपील की है। पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे आने वाले एक साल तक सोने की खरीदारी न करें, विदेशों में घूमने जाने से बचें और पेट्रोल-डीजल व गैस की खपत में जितनी हो सके कमी लाएं। रसोई का बजट बिगड़ेगा, फल-सब्जियां महंगी होंगी कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, रुपए की गिरावट का असर आम परिवारों पर तीन अलग-अलग रास्तों से पहुंचेगा… शेयर बाजार में पेंट, एविएशन और केमिकल कंपनियों को नुकसान कमजोर रुपया आपके निवेश पोर्टफोलियो पर भी दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे सेक्टर्स जो कच्चे माल के आयात (इंपोर्ट) पर निर्भर हैं- जैसे एविएशन (विमानन), केमिकल्स, पेंट्स, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) और इलेक्ट्रॉनिक्स उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्हें डॉलर में भुगतान करने के लिए अब ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी कमाई और मुनाफे पर असर पड़ेगा और कंपनियों के शेयर गिरेंगे। अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, एविएशन सेक्टर में विमान ईंधन (ATF) की हिस्सेदारी ऑपरेटिंग कॉस्ट में बढ़कर 55-60% हो गई है, जो पहले 30-40% होती थी। साथ ही इन कंपनियों को डॉलर में लीज रेंट और मेंटेनेंस देना होता है। इसी तरह पेंट कंपनियों के कच्चे माल की लागत में क्रूड डेरिवेटिव्स और टाइटेनियम डाइऑक्साइड का हिस्सा करीब आधा होता है, जिससे उन पर खर्च बढ़ेगा। आईटी, फार्मा और गोल्ड बॉन्ड्स में निवेश करने वालों को फायदा दूसरी तरफ, कुछ सेक्टर्स ऐसे भी हैं जिन्हें रुपए के कमजोर होने से फायदा मिलता है। इंफोसिस, टीसीएस (TCS) और विप्रो (Wipro) जैसी बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनियां और सन फार्मा व डॉ. रेड्डीज जैसी फार्मा एक्सपोर्टर कंपनियों को डॉलर में होने वाली कमाई से बड़ा सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स को भी ग्लोबल मार्केट में फायदा होगा। करेंसी की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों के कारण गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों को दोहरा मुनाफा मिलेगा। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि रिटेल निवेशक इस दौर में पैनिक होकर बाजार से बाहर न निकलें, बल्कि अपने पोर्टफोलियो को एक्सपोर्ट कंपनियों और 5-10% सोने की तरफ रीबैलेंस करें। विदेश यात्रा का बजट 20% तक बढ़ा, घरेलू सफर भी महंगा हुआ डॉलर के मुकाबले रुपए के टूटने से विदेश घूमना काफी महंगा हो चुका है। फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, शॉपिंग और वहां खाने-पीने के लिए अब ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप अमेरिका की ट्रिप के लिए 5,000 डॉलर का बजट बनाते हैं, तो पहले ₹80 के रेट पर यह ₹4 लाख बैठता था, लेकिन अब ₹96 के रेट पर यह बढ़कर ₹4.80 लाख हो जाएगा। रुपए के गिरने का असर घरेलू टूरिज्म पर भी होता है। जब विमानन और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को रुपए की कमजोरी से नुकसान होता है, तो वे देश के अंदर भी हवाई टिकटों के दाम और होटलों के रेट बढ़ा देती हैं। महंगाई बढ़ने पर बढ़ सकती है बैंकों की EMI, पढ़ाई भी महंगी भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। तेल महंगा होने से जब देश में महंगाई बढ़ने लगती है, तो रिजर्व बैंक (RBI) को बीच में दखल देना पड़ता है और वह रेपो रेट बढ़ा देता है। रेपो रेट बढ़ते ही बैंक लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं, जिससे फ्लोटिंग रेट वाले होम और कार लोन की EMI बढ़ जाती है। हालांकि, भारत में अभी ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन भविष्य में यह संकट आ सकता है। इसके अलावा विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की ट्यूशन फीस, हॉस्टल और लिविंग कॉस्ट रुपए में कंवर्ट होने पर काफी बढ़ गई है, जिससे उन्हें टॉप-अप लोन लेना पड़ रहा है। विदेशी करेंसी में क्रेडिट कार्ड से खर्च करने पर बैंकों द्वारा करीब 3.5% फॉरेक्स मार्कअप और जीएसटी वसूला जा रहा है। हालांकि, विदेशों में बैठकर डॉलर में कमाने वाले एनआरआई (NRI) जो भारत में रुपए में लोन चुका रहे हैं, उन्हें डॉलर के मुकाबले कम पैसे देने पड़ रहे हैं। मौजूदा हालात में क्या करें आम लोग? क्या होता है FII और रेपो रेट?
चौलाई दही तड़का रेसिपी: गरमा गरम 10 मिनट में तैयार होगी चौलाई दही तड़का सब्जी, फटे ही भूल जायेंगे पनीर का स्वाद; विधि नोट करें

सामग्री:लाई, 1 कप ताजी दही, 1 छोटा प्याज, 2 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1/2 छोटा मसाला जीरा, 1/2 छोटा चम्मच राई, 1 सूखी लाल मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1/2 छोटा मसाला हल्दी, नमक, तेल या घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चौलाई की नॉट को अच्छी तरह ढोकर डायमंड काट लें। अब एक पैन में तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा, राई, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का पाउडर शामिल है। छवि: एआई इसके बाद इलेक्ट्रोनम कटा प्याज, लहसुन और हरी मिर्च के मसाले का मिश्रण सुनहरा होने तक। अब हल्दी और कटी हुई चुलाई डालें। 3-4 मिनट तक आदर्शकर पात्र ताकि चौलाई नर हो जाए। छवि: फ्रीपिक अब गैस की गिनती करें, मध्यम और फेंटा हुआ दही डालें। लगातार स्थिर रहो ताकि दही फटे नहीं। स्वाद में नमक डालें और 2 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें। छवि: फ्रीपिक गरमा-गरम चौलाई दही तड़का को रोटी, पराठा या अनपेक्षित चावल के साथ परोसें। इसका पिक्चर कैमरा और फ्लैगशिप स्वाद खाने का मजा डबल कर देगा। छवि: एआई गर्मियों में शरीर को ठंडक मिलती है। प्रोटीन और आयरन से भरपूर है। कम तेल में जल्दी तैयार हो जाता है। स्वाद में पतला लेकिन बेहद टेस्टी होता है। छवि: एआई अगर आप रोज की किताबों से बोर हो गए हैं, तो इस आसान और क्लासिक चौलाई दही तड़का रेसिपी को जरूर देखें। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)चौलाई दही तड़का रेसिपी(टी)चौलाई दही तड़का(टी)चौलाई का साग तड़का(टी)चौलाई की सब्जी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)कूलिंग रेसिपी(टी)दही रेसिपी
नौतपा में रखें ठंडा: सत्तू का तीखा शर्बत… नौतपा में भीषण गर्मी से बचने के लिए घर से अनपेक्षित समय क्या-क्या पीएं?

पुदीना शिकंजी: पुदीना और नींबू से बनी सब्जी गर्मी में तुरंत राहत देने का काम करती है। इस शरीर को ताजगी के साथ भी स्टोर पर रखा जा सकता है। छवि: एआई पुदीना शिकंजीसामग्री: 1 चम्मच ठंडा पानी, 1 नींबू का रस, 8-10 पुदीना स्वाद, चीनी या शहद का स्वाद, काला नमक, बर्फ के टुकड़े छवि: एआई पुदीना शिकंजी बनाने की विधि: पुदीना यूक्रेनियन को प्रभावकारी पीस लें। अब पानी में नींबू रस, पुदीना, चीनी और नमक काला मिला हुआ। अच्छे से मिक्स करके बर्फ और ठंडा सर्व करें। छवि: एआई आम पन्ना: कच्चा आम से बना आम पीना लू से बचने के लिए सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है। इससे शरीर को ठंड लगने के साथ-साथ कमजोरी भी दूर होती है। छवि: फ्रीपिक आम पेज सामग्री: 2 कच्चे कच्चे आम, 3-4 बड़े चीनी, काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, पुदीना आटा, ठंडा पानी छवि: एआई आम पन्ना बनाने की विधि: बसले हुए आम का गुडा निकाल लें। अब इसमें चीनी, काला नमक, जीरा और पुदीना आर्किटेक्चर का मिश्रण करें। तैयार मिश्रण को ठंडे पानी में सर्व करें। छवि: एआई सत्तू का तारित शरबत: सत्तू शरीर को ठंडा रखने के लिए सबसे बेहतरीन देसी पेय माना जाता है। यह पेट को लंबे समय तक बनाए रखता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सत्तू का चारित्रिक शरबत सामग्री: 2 बड़े चम्मच सत्तू, 1 चम्मच ठंडा पानी, स्वादानुसार काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, थोड़ा नींबू रस, हरा धनिया और पुदीना। छवि: एआई सत्तू का शरबत बनाने की विधि: एक गिलास में सत्तू डाला और थोड़ा सा पानी बड़े से अच्छा खाया ताकि पेट न रहे। अब बाकी पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और नींबू रस मॉड्यूल बनाएं। छवि: एआई इसे ऊपर से हरा धनिया और पुदीना स्टैम्प ठंडा-ठंडा सर्व करें। ऐसे ही आप हो जायेंगे कूल-कूल। छवि: फ्रीपिक नौतपा में खाली पेट धूप में बाहर न निकलें। खूब पानी और तेल की चीज़ें। वयन्त्र और सुती खिलौने का कमरा। अधिकांश देर तक धूप में रहने से आश्रय। आउटलुक टाइम सिर को ढँककर रखें। छवि: एआई नौतपा की तेज गर्मी में ये देसी पेय पदार्थ शरीर को ठंडा और एनर्जी बनाए रखने में काफी मदद करते हैं। इसलिए घर से बाहर आगमन से पहले कृपया पियें और खुद को गर्म से सुरक्षित रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) बेस्ट समर ड्रिंक्स (टी) समर ड्रिंक्स रेसिपी (टी) सत्तू का शरबत (टी) पुदीना शिकंजी (टी) आम पन्ना (टी) कच्चे आम का पन्ना (टी) कूलिंग ड्रिंक
सुनहरे दौर में इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम:5 ग्रैंड स्लैम, 38 जीत का सिलसिला, 8 बार सिक्स नेशंस कप जीता

फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है। अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
चीन बोला- भारत दलाई लामा उत्तराधिकारी मामले से दूर रहे:यह हमारा आंतरिक मासला, तिब्बत मुद्दे में बाहरी दखल मंजूर नहीं

चीन ने भारत को दलाई लामा के उत्तराधिकार के मुद्दे से दूर रहने की सलाह दी है। बीजिंग ने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि दलाई लामा का पुनर्जन्म सदियों पुराने धार्मिक रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक परंपराओं के तहत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए चीन की केंद्रीय सरकार की मंजूरी जरूरी होती है और 14वें दलाई लामा को भी इसी प्रक्रिया के तहत मान्यता दी गई थी। चीनी दूतावास ने भारत को तिब्बत पर अपने पुराने रुख की याद भी दिलाई। बयान में कहा गया कि भारत को तिब्बती स्वतंत्रता से जुड़ी गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। यह क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-चीन संबंधों के लिए जरूरी है। चीन दलाई लामा के मुद्दे को संबंधों में कांटा बता चुका यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने दलाई लामा मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी हो। पिछले साल भी बीजिंग ने कहा था कि दलाई लामा का उत्तराधिकार भारत-चीन संबंधों में कांटे की तरह है। दलाई लामा पहले भी कह चुके हैं कि उनके उत्तराधिकारी तय करने में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। तिब्बती मान्यता के मुताबिक, किसी वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा पुनर्जन्म लेती है। हालांकि चीन कहता है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया को चीनी सरकार की मंजूरी जरूरी है। दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासन में रह रहे हैं। तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद वे भारत आए थे। भारत में करीब 70 हजार तिब्बती शरणार्थी और निर्वासित तिब्बती सरकार भी मौजूद है। भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि दलाई लामा की भारत में मौजूदगी चीन के साथ संबंधों में नई दिल्ली को रणनीतिक बढ़त देती है।
चीन बोला- भारत दलाई लामा उत्तराधिकारी मामले से दूर रहे:यह हमारा आंतरिक मासला, तिब्बत मुद्दे में बाहरी दखल मंजूर नहीं

चीन ने भारत को दलाई लामा के उत्तराधिकार के मुद्दे से दूर रहने की सलाह दी है। बीजिंग ने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि दलाई लामा का पुनर्जन्म सदियों पुराने धार्मिक रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक परंपराओं के तहत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए चीन की केंद्रीय सरकार की मंजूरी जरूरी होती है और 14वें दलाई लामा को भी इसी प्रक्रिया के तहत मान्यता दी गई थी। चीनी दूतावास ने भारत को तिब्बत पर अपने पुराने रुख की याद भी दिलाई। बयान में कहा गया कि भारत को तिब्बती स्वतंत्रता से जुड़ी गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। यह क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-चीन संबंधों के लिए जरूरी है। चीन दलाई लामा के मुद्दे को संबंधों में कांटा बता चुका यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने दलाई लामा मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी हो। पिछले साल भी बीजिंग ने कहा था कि दलाई लामा का उत्तराधिकार भारत-चीन संबंधों में कांटे की तरह है। दलाई लामा पहले भी कह चुके हैं कि उनके उत्तराधिकारी तय करने में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। तिब्बती मान्यता के मुताबिक, किसी वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा पुनर्जन्म लेती है। हालांकि चीन कहता है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया को चीनी सरकार की मंजूरी जरूरी है। दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासन में रह रहे हैं। तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद वे भारत आए थे। भारत में करीब 70 हजार तिब्बती शरणार्थी और निर्वासित तिब्बती सरकार भी मौजूद है। वर्तमान दलाई लामा को कैसे चुना गया था? वर्तमान दलाई लामा का जन्म 1935 में चीन के उत्तर पश्चिम में ताक्तेसर गांव में हुआ था। सिर्फ दो साल की उम्र में उनकी पहचान हो गई थी। 13वें दलाई लामा की छोड़ी निशानियों की मदद से बौद्ध साधुओं का दल इस गांव तक पहुंचा था। यह दल अपने साथ 13वें दलाई लामा का कुछ सामान जैसे चश्मा, घंटी, छड़ी लेकर आए। उन्होंने दलाई लामा का सामान और कुछ और सामान बच्चे के सामने रखा। इनमें से बच्चे ने 13वें दलाई लामा से जुड़ी चीजें उठाकर कहा ‘ये मेरा है।’ आखिर में उन साधुओं ने बच्चे के सामने कुछ छड़ी रखी। बच्चे ने दलाई लामा की छड़ी उठाकर उसे अपने सीने से लगा लिया। इसके बाद उन साधुओं को यकीन हो गया कि यह बच्चा दलाई लामा का पुनर्जन्म है। 6 साल की उम्र में उनकी पढ़ाई शुरू हुई और 1950 में चीन की तिब्बत में घुसपैठ के बाद उन्होंने दलाई लामा की पूरी शक्तियों के साथ पद संभाला। चीन छोड़कर भारत कैसे आए थे मौजूदा दलाई लामा? आज तिब्बत चीन का हिस्सा है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। 1949 में चीन में कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई। 1950 में चीनी सरकार ने तिब्बत में अपनी सेना भेजकर कब्जा कर लिया। इसके बाद चीन और तिब्बत की सरकार में समझौता हुआ, जिसमें चीन ने तिब्बत की आजादी बरकरार रखने की बात कही। इसके बावजूद अगले एक दशक तक चीनी सेना तिब्बत के लोगों पर अत्याचार करती रही। वर्तमान दलाई लामा की ऑटोबायोग्राफी के मुताबिक, मार्च 1959 में चीन की सेना दलाई लामा के महल तक पहुंच गई। दलाई लामा एक सिपाही के कपड़े पहनकर तिब्बत से भागे। करीब दो हफ्तों तक कई गांवों और मॉनेस्ट्री ने उन्हें शरण दी। 31 मार्च 1959 को अपने परिवार, अंगरक्षकों और कुछ तिब्बतियों के साथ अरुणाचल प्रदेश के रास्ते दलाई लामा भारत पहुंचे। 2 अप्रैल को आधिकारिक तौर से भारत सरकार ने उनका स्वागत किया और 3 अप्रैल को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दलाई लामा को भारत में शरण देने की घोषणा की। हालांकि ऐसा करने से चीन से रिश्तों पर असर पड़ सकता था इसलिए कई लोगों ने नेहरू के फैसले का विरोध भी किया। भारत सरकार ने दलाई लामा को पहले असम के तेजपुर में रहने की जगह दी। फिर कुछ समय वे मसूरी में रहे और आखिरकार 1960 में धर्मशाला में बस गए।
बागी खेमे के 3 विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 15:00 IST न्यूज18 बागी खेमे के तीन विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका लगा है चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बागी खेमे के तीन विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका लगा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग:हॉलीसीटी स्थित आवास पर हुई घटना, कोई घायल नहीं, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मोटरसाइकिल या कार सवार अज्ञात बदमाशों ने अमृतसर के पॉश इलाके हॉली सिटी में स्थित कपिल शर्मा के घर के बाहर ताबड़तोड़ दो राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस वारदात के बाद पुलिस ने कपिल शर्मा के घर और आसपास के वीआईपी आवासों के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है, ताकि हमलावरों के रूट और उनकी पहचान का सुराग लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग की वजह और हमलावरों के मंसूबे अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मामले की गंभीरता से लिया जा रहा है। कनाडा में स्थित ‘Kap’s Cafe’ पर भी हो चुकी है गोलीबारी यह पहली बार नहीं है जब कपिल शर्मा या उनसे जुड़ी किसी प्रॉपर्टी को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले कनाडा के सरे (Surrey) शहर में स्थित उनके मशहूर ‘Kap’s Cafe’ के बाहर भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा में हुई उन वारदातों की जिम्मेदारी कुछ खालिस्तानी समर्थक तत्वों ने ली थी। अब घर पर हुई फायरिंग में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के तार भी उन्हीं पुराने मामलों या किसी अंतरराष्ट्रीय फिरौती/धमकी से जुड़े हैं। घटना के बाद से हॉली सिटी इलाके के निवासियों में डर का माहौल है।
‘2 सप्ताह में 25 हत्याएं’: उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विजय सरकार की आलोचना की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 14:06 IST द्रमुक नेता ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले जो शासन परिवर्तन की बात कर रहा था, उसका असर अब राज्य में बढ़ते अपराध दर में दिख रहा है. उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर चुटकी ली (फोटो: एक्स) तमिलनाडु अपराध: तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि पिछले 15 दिनों में तमिलनाडु में 25 हत्याएं, चार दोहरे हत्याकांड और 19 यौन अपराध हुए हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, डीएमके नेता ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया और कहा कि जो शासन विधानसभा चुनाव से पहले बदलाव की बात कर रहा था, वह अब राज्य में बढ़ते अपराध दर में दिखाई दे रहा है। “जो लोग परिवर्तन, परिवर्तन की बात करते थे, उनके शासन में ये घटनाएं गवाह हैं कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था कैसे बदल गई है। आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय, क्या यह तमिलनाडु है, या उत्तर प्रदेश?” स्टालिन ने पूछा। वर्ष 15 वर्ष 25 वर्ष, 4 இரட்டைக் கொலைகள், 19 वर्ष पूर्व செய்திகளில் வந்த சம்பவங்கள் மட்டுமே இவை.மாற்றம், மாற்றம் என்று சொன்னவர்களின் उत्तर, उत्तर और उत्तर देखें मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. मेरे पास एक अच्छा विकल्प है… — उदय – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@Udhaystalin) 25 मई 2026 उनकी यह टिप्पणी मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास पांच लोगों के एक समूह द्वारा 17 वर्षीय लड़के की कथित तौर पर हत्या किए जाने के बाद आई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित की पहचान कुबेंद्रन के रूप में हुई है, जिस पर मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में सोते समय हमला किया गया था और बाद में उसके शरीर को पहली मंजिल से फेंक दिया गया था। पुलिस को संदेह है कि हत्या चिथिराई उत्सव के दौरान पहले हुई झड़प के कारण हुई है और कहा कि पांच आरोपियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। स्टालिन ने कोयंबटूर के सुलूर में कन्नमपालयम के पास 10 वर्षीय लड़की के अपहरण और हत्या का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इसके बाद विल्लुपुरम जिले में एक और यौन हमला हुआ था। उन्होंने कहा, “कोयंबटूर के सुलूर में छोटी लड़की के साथ हुई क्रूरता का सदमा कम होने से पहले ही, विल्लुपुरम जिले में एक लड़की के खिलाफ एक और यौन हमला हुआ है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुलूर पीड़िता की मां का रिश्तेदारों को उचित जानकारी दिए बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्टालिन ने हाल की अन्य घटनाओं की ओर भी इशारा किया, जिनमें कोयंबटूर में एक युवती के घर पर पेट्रोल बम से हमला और मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र पेरंबूर में कथित तौर पर नशेड़ियों द्वारा की गई बर्बरता शामिल है। उन्होंने कहा, ”जब जनता बढ़ती आपराधिक घटनाओं के कारण डर से कराह रही है, तो आज सुबह पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करना और नियमित बयान जारी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने सरकार से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। भाजपा ने भी विजय सरकार पर हमला किया और वरिष्ठ भाजपा नेता के अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि “ड्रग तस्करों, यौन हमलावरों और हत्यारों को तमिलनाडु में खुली छूट है”, जबकि राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने अपराधों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की। विजय ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया इस बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को घटना की गहन और त्वरित जांच करने और तुरंत आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।” उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से कार्रवाई करेगी कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य कृत्यों में शामिल लोगों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले। इसके लिए सभी तत्काल और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” उत्तर पुस्तिकाएँ एक वर्ष से अधिक समय तक ऋण प्राप्त करना விசாரணை செய்தும், வழக்கினை நடத்தியும், கடும் தண்டனை பெற்றுத்தர வேண்டும் என மாண்புமிகு தமிழ்நாடு முதலமைச்சர் திரு.ச.ஜோசப் விஜய் அவர்கள் உத்தரவு.#CMजोसेफविजय pic.twitter.com/dKyZufcDZP– CMOTamilNadu (@CMOTamilnadu) 25 मई 2026 तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस को जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों को तेजी से दर्ज करने, त्वरित जांच करने, आरोपियों पर तुरंत मुकदमा चलाने और कानून के तहत कड़ी सजा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इससे पहले, उन्होंने सुलूर में 10 वर्षीय लड़की की हत्या को “अमानवीय और अक्षम्य” बताया। विजय ने कहा, “कल कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ हुई भयावह घटना बेहद दुख और सदमा पहुंचाती है। इस तरह के अमानवीय और अक्षम्य आपराधिक कृत्यों को हमारे समाज में कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।” मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि मामले से जुड़े दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘2 सप्ताह में 25 हत्याएं’: उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विजय सरकार की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें 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