सत्तू-चिया सीड ड्रिंक रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में पेट को रहेगा कूल और शरीर को स्वादिष्ट, नोट करें सत्तू-चिया सीड की ये आसान रेसिपी

25 मई 2026 को 11:33 IST पर अद्यतन किया गया सत्तू चिया सीड ड्रिंक रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में शरीर को नियंत्रित रखने और वजन को नियंत्रित करने में सबसे बड़ी चुनौती होती है। अगर आप पेट ठंडा और शरीर को पतला रखना चाहते हैं, तो सत्तू और चिया सीड्स का यह देसी पेय आपके लिए असर करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान और झटपट बनने वाली रेसिपी के बारे में… अनुसरण करना : सत्तू पेट को तुरंत ठंडा करके लू से शुरू करें। चारे से अधिक चिया सीड्स लंबे समय तक भूखा नहीं रहने की सलाह देते हैं। यह कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र को ठीक करता है। शरीर की चर्बी को तेजी से बढ़ाता है। छवि: फ्रीपिक ताजी पुदीने की सब्जी बनाने के लिए आपको दो चम्मच चने का सत्तू, एक चम्मच भीगे हुए चिया सीड्स, एक गिलास ठंडा पानी, आधा नमक, स्वाद या काला नमक, थोड़ा सा सहित जीरा पाउडर और सजावट के लिए इस्तेमाल करें। छवि: एआई रेसिपी का पहला स्टेप यही है कि चिया सीड्स को पीने में इस्तेमाल करने से कम से कम एक मिनट पहले पानी में नमककर रख दें ताकि वे अच्छे तरह से फूल सकें और उनका पूरा पोषण मिल सके। छवि: एआई एक बड़े चम्मच में दो बड़े सत्तू शामिल होते हैं और इसमें थोड़ा सा ठंडा पानी, अच्छी तरह का नासा लें शामिल होता है। शुरुआत में कम पानी से सत्तू में धूल नहीं बल्कि रेत चिकनी बनती है। छवि: एआई सत्तू के नासा में पूरा ठंडा पानी भर दें। अब पहले से भीगे हुए चिया सीड्स, नींबू का रस, काला नमक और इसी तरह जीरा पाउडर की मदद से अच्छी तरह से मिला लें। छवि: एआई ऊपर से यूरोपियन कटी पुदीना आर्किटेक्चर इसे गार्निश करें। इस लाजवाब ड्रिंक को सुबह या दोपहर के समय पिएं और चिलचिलाती गर्मी में भी पेट को कूल और खुद को फिट रखें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 25 मई 2026 11:33 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू चिया सीड ड्रिंक(टी)गर्मियों में वजन घटाने वाली ड्रिंक(टी)सत्तू ड्रिंक रेसिपी हिंदी में(टी)वजन घटाने के लिए चिया सीड्स(टी)गर्मियों में पेट को ठंडा कैसे रखें(टी)गर्मियों में सेहतमंद ड्रिंक्स(टी)वजन घटाने की रेसिपी(टी)इम्युनिटी बूस्टर समर ड्रिंक
सगे मां-बाप को इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में जज बनाओ:समय रैना पर फिर भड़के सुनील पाल, कहा- पेरेंट्स के सामने ही शो करे, तब मानूंगा

समय रैना और सुनील पाल के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। विवादित शो इंडियाज गॉट लेटेंग 2 शुरू होने की खबरों के बीच अब सुनील पाल ने कहा है कि समय रैना को अपने पेरेंट्स को जज बनाकर शो में लाना चाहिए। हाल ही में अपकमिंग फिल्म सितंबर 21 के प्रमोशनल इवेंट में सुनील पाल से पूछा गया था कि क्या वो समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में बतौर जज जाएंगे। इसके जवाब में सुनील पाल ने कहा, ‘नहीं, मैं तो नहीं जाऊंगा, क्योंकि वो इतना बड़ा शो है, मेरे लायक नहीं है, मैं बहुत छोटा आर्टिस्ट हूं। लेकिन अगर समय रैना इस शो को बनाएं, तो जैसे कपिल शर्मा के शो में नवजोत सिंह सिद्धू और अर्चना पूरन सिंह जज बनती हैं, वैसे ही समय रैना के नए सीजन, 2 है न, तो वहां दो लोगों को बैठाए, अपनी माता जी, अपनी सगी मां को और अपने सगे पिता को बैठाए। और उनके सामने ये शो करे। तब मैं मानूंगा, समय है, रैना है, तो समय है और समय को उसके साथ रहना है।’ क्या है सुनील पाल और समय रैना का विवाद? समय रैना ने यूट्यूब चैनल पर इंडियाज गॉट लेटेंट शो शुरू किया। जिसमें सभी कंटेस्टेंट्स को 90 सेकेंड में कोई भी टैलेंट दिखाना था। परफॉर्मेंस से पहले कंटेस्टेंट्स को खुद को 1-10 में एक स्कोर देना था। परफॉर्मेंस के बाद जज उस कंटेस्टेंट को स्कोर देते थे। स्कोर मैच होने पर कंटेस्टेंट विनर बनता था। शो जल्द ही काफी पॉपुलर हो गया और हर एपिसोड में औसत 20 मिलियन्स व्यूज आने लगे, लेकिन साथ ही अभद्र भाषा, वल्गर जोक्स और गाली-गलौज के इस्तेमाल से शो की जमकर आलोचना भी हुई। शो में कई बड़ी हस्तियां बतौर जज पहुंच रही थीं कि तभी 8 फरवरी को पोस्ट किए गए एक एपिसोड में जज बनकर पहुंचे रणवीर अलाहाबादिया ने एक कंटेस्टेंट से पेरेंट्स पर एक बेहद अभद्र सवाल पूछा। एपिसोड आने के अगले ही दिन विवाद हो गया। शो के सभी जज और इसके मेकर्स के खिलाफ देश के कई हिस्सों में अश्लीलता फैलाने के आरोप में शिकायतें दर्ज हुईं। अगले दिन रणवीर अलाहाबादिया ने अपने बयान पर माफी मांगी, हालांकि विवाद खत्म नहीं हुआ। इसी समय सुनील पाल ने भी शो की जमकर आलोचना की और कहा कि ये शो और समय रैना जैसे कॉमेडियन समाज के लिए खतरा हैं। कई बड़ी फिल्मी हस्तियों ने भी इस शो की आलोचना की और भाषा पर सवाल उठाए। 10 फरवरी को शिकायतें दर्ज होने के बाद नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शो के एपिसोड डिलीट करने का आदेश दिया। समय रैना ने सारे एपिसोड डिलीट कर दिए। इसके बाद सुनील पाल ने समय रैना और उनके शो की जमकर आलोचना की। कई मौकों पर सुनील पाल समय के खिलाफ बयान देते दिखे। हाल ही में समय रैना और रणवीर अलाहाबादिया, कपिल शर्मा के शो में पहुंचे, जहां सुनील पाल ने उन पर कई बार तंज कसा। शो में समय ने उनका जमकर मजाक उड़ाया था।
सगे मां-बाप को इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में जज बनाओ:समय रैना पर फिर भड़के सुनील पाल, कहा- पेरेंट्स के सामने ही शो करे, तब मानूंगा

समय रैना और सुनील पाल के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। विवादित शो इंडियाज गॉट लेटेंग 2 शुरू होने की खबरों के बीच अब सुनील पाल ने कहा है कि समय रैना को अपने पेरेंट्स को जज बनाकर शो में लाना चाहिए। हाल ही में अपकमिंग फिल्म सितंबर 21 के प्रमोशनल इवेंट में सुनील पाल से पूछा गया था कि क्या वो समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में बतौर जज जाएंगे। इसके जवाब में सुनील पाल ने कहा, ‘नहीं, मैं तो नहीं जाऊंगा, क्योंकि वो इतना बड़ा शो है, मेरे लायक नहीं है, मैं बहुत छोटा आर्टिस्ट हूं। लेकिन अगर समय रैना इस शो को बनाएं, तो जैसे कपिल शर्मा के शो में नवजोत सिंह सिद्धू और अर्चना पूरन सिंह जज बनती हैं, वैसे ही समय रैना के नए सीजन, 2 है न, तो वहां दो लोगों को बैठाए, अपनी माता जी, अपनी सगी मां को और अपने सगे पिता को बैठाए। और उनके सामने ये शो करे। तब मैं मानूंगा, समय है, रैना है, तो समय है और समय को उसके साथ रहना है।’ क्या है सुनील पाल और समय रैना का विवाद? समय रैना ने यूट्यूब चैनल पर इंडियाज गॉट लेटेंट शो शुरू किया। जिसमें सभी कंटेस्टेंट्स को 90 सेकेंड में कोई भी टैलेंट दिखाना था। परफॉर्मेंस से पहले कंटेस्टेंट्स को खुद को 1-10 में एक स्कोर देना था। परफॉर्मेंस के बाद जज उस कंटेस्टेंट को स्कोर देते थे। स्कोर मैच होने पर कंटेस्टेंट विनर बनता था। शो जल्द ही काफी पॉपुलर हो गया और हर एपिसोड में औसत 20 मिलियन्स व्यूज आने लगे, लेकिन साथ ही अभद्र भाषा, वल्गर जोक्स और गाली-गलौज के इस्तेमाल से शो की जमकर आलोचना भी हुई। शो में कई बड़ी हस्तियां बतौर जज पहुंच रही थीं कि तभी 8 फरवरी को पोस्ट किए गए एक एपिसोड में जज बनकर पहुंचे रणवीर अलाहाबादिया ने एक कंटेस्टेंट से पेरेंट्स पर एक बेहद अभद्र सवाल पूछा। एपिसोड आने के अगले ही दिन विवाद हो गया। शो के सभी जज और इसके मेकर्स के खिलाफ देश के कई हिस्सों में अश्लीलता फैलाने के आरोप में शिकायतें दर्ज हुईं। अगले दिन रणवीर अलाहाबादिया ने अपने बयान पर माफी मांगी, हालांकि विवाद खत्म नहीं हुआ। इसी समय सुनील पाल ने भी शो की जमकर आलोचना की और कहा कि ये शो और समय रैना जैसे कॉमेडियन समाज के लिए खतरा हैं। कई बड़ी फिल्मी हस्तियों ने भी इस शो की आलोचना की और भाषा पर सवाल उठाए। 10 फरवरी को शिकायतें दर्ज होने के बाद नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शो के एपिसोड डिलीट करने का आदेश दिया। समय रैना ने सारे एपिसोड डिलीट कर दिए। इसके बाद सुनील पाल ने समय रैना और उनके शो की जमकर आलोचना की। कई मौकों पर सुनील पाल समय के खिलाफ बयान देते दिखे। हाल ही में समय रैना और रणवीर अलाहाबादिया, कपिल शर्मा के शो में पहुंचे, जहां सुनील पाल ने उन पर कई बार तंज कसा। शो में समय ने उनका जमकर मजाक उड़ाया था।
पूर्व रणजी क्रिकेटर को मैच के दौरान अटैक आया, मौत:एसएल अक्षय ने 2014-15 में कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी जीती

कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 39 वर्ष के थे। वे 2014-15 के सीजन में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे। अक्षय बेंगलुरु में KSCA के थर्ड डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे। चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। कर्नाटक संघ ने शोक जताया, लिखा- समर्पण और जुनून से क्रिकेट की सेवा की कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने बयान जारी कर अक्षय के निधन पर शोक जताया। संघ ने कहा, ‘अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। खेल करियर खत्म होने के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।’ पूर्व क्रिकेटर डी गणेश ने लिखा- मेरे पास शब्द नहीं पूर्व क्रिकेटर डोडा गणेश ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद खबर है। मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।’ डोडा गणेश ने आगे लिखा कि शांत स्वभाव के अक्षय ने 2011-12 में कर्नाटक के लिए खेलते हुए अच्छी सफलता हासिल की थी। अंडर-19 टीम के कोच थे अक्षय क्रिकेट से संन्यास के बाद अक्षय कोचिंग से जुड़ गए थे। वे कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, तीन लिस्ट-ए और नौ टी-20 मैच खेले थे। तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई थी। ————————————————-
पुदीना कांजी वड़ा रेसिपी: भीषण गर्मी में पेट को ठंडक, नोट करें पुदीना कांजी वड़ा की आसान रेसिपी

25 मई 2026 को 10:54 IST पर अद्यतन किया गया पुदीना कांजी वड़ा रेसिपी: मई और जून की चिलचिलाती धूप में पाचन तंत्र को स्थापित करना सबसे बड़ा चैलेंज होता है। ऐसे में उत्तर भारत और राजस्थान का पारंपरिक व्यंजन पुदीना कांजी वड़ा एक उत्कृष्ट पद पर है। पुदीने की अनमोल तासीर और राय का पाचक पानी मिलकर पेट को अंदर से बिल्कुल ठंडा रखते हैं और गैस, एसिडिटी और बदहजमी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। आइये देखते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि। अनुसरण करना : सामग्री एक कप भीगी हुई मूंग दालएक कप ताज़ा पुदीनाआधा कप हरा धनियादो से तीन हरी मिर्चदो बड़े पैमाने पर पिसी हुई रायआधा छोटा बच्चा हींगएक बड़ा काला नमकस्वाद नमकलाल मिर्चहल्दी पाउडरतेल छवि: फ्रीपिक एक मिट्टी या कांच के पोर्शन में फ़्लोटिंग फ़्लोरिडा और ठंडा हुआ पानी लें। अब मिक्सी में पुदीना, हरा धनिया और हरी मिर्च को सीधे से पानी के साथ पीसकर प्लास्टिक पेस्ट बना लें और इसे पानी में मिक्स कर दें। छवि: फ्रीपिक इस पानी में पिसी हुई राई, हींग, काला नमक, सफेद नमक, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर का मिश्रण है। अब पॉश्चिक के मुंह को सूटी कपड़े से एक से दो दिन के लिए धूप या गर्म जगह पर रखें ताकि पाचकैश उठ जाए। छवि: फ्रीपिक मूंग दाल को कम पानी के साथ मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब इस पिसी दाल में एक चुटकी हींग, थोड़ा सा नमक और नारंगी कटा पुदीना स्टॉल। दाल को पांच मिनट तक फेंटें ताकि वडे एक्वाइंट स्प्रिनली भंडार। छवि: फ्रीपिक तेल गर्म करें और हाथों को स्वादिष्ट बनाकर छोटे-छोटे वड्डे होने तक तलें। इन पुराने वॉर्डरोब को दस मिनट में तुरंत गुनगुने पानी में डाल दें ताकि आपके एक्स्ट्रा तेल निकल जाएं और ये बिल्कुल नरम हो जाएं। छवि: फ्रीपिक दस मिनट बाद वंडर्स को रेस्टोरेंट से लेकर बोतलबंद पानी के बोल और फिर तैयार कांजी के प्रवेश द्वार पानी में दाल। अब फ़िरोज़ में रख लें। पेट को तृप्त करने वाला ठंडा, चटपटा पुदीना कांजी वड़ा तैयार है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 25 मई 2026 को 10:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) पुदीना कांजी वड़ा झटपट रेसिपी(टी)स्टेप बाई स्टेप कांजी वड़ा(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष फोटो गैलरी(टी)त्वरित पचने वाला भोजन(टी)राजस्थानी कांजी वड़ा रेसिपी(टी)गर्मियों में एसिडिटी का इलाज कैसे करें
‘हम मुश्किल समय में एक साथ खड़े रहे’: गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस, डीएमके के बीच जुबानी जंग | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 10:12 IST उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा की बार-बार चुनावी जीत का श्रेय कांग्रेस को जाता है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद DMK और कांग्रेस के बीच संबंध बढ़ते जा रहे हैं। डीएमके बनाम कांग्रेस: तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा पिछले चुनावों में भाजपा की लगातार चुनावी सफलता के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस और द्रमुक के बीच राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई। कांग्रेस नेता मनिकम टैगोर ने रविवार को कहा कि कांग्रेस कठिन समय में हमेशा द्रमुक के साथ खड़ी रही है और उदयनिधि की टिप्पणियों को “अस्वीकार्य” बताया। टैगोर ने दावा किया कि द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन से अलग होने और सुपरस्टार अभिनेता विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम के साथ गठबंधन बनाने का कांग्रेस का निर्णय, जो हाल ही में हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी थी, का उद्देश्य भाजपा को दक्षिणी राज्य में पैर जमाने से रोकना था। टैगोर ने कहा कि भाजपा द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच राजनीतिक समझ पैदा करने का प्रयास कर रही है, जो उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “मुश्किल समय में कांग्रेस द्रमुक के साथ खड़ी थी। जब वे अल्पमत में थे तो हमने बाहर इंतजार किया था; उनके शब्द अस्वीकार्य हैं। कांग्रेस हमेशा धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के साथ खड़ी रही है। भाजपा द्रमुक और अन्नाद्रमुक को जोड़ने का आह्वान कर रही थी, जो हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है। भाजपा के साथ कोई भी समझौता कांग्रेस द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” #घड़ी | शिवकाशी, तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा के एलओपी और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर का कहना है, “मुश्किल समय में कांग्रेस डीएमके के साथ खड़ी थी…जब वे अल्पमत में थे तो हमने बाहर इंतजार किया था…उनके शब्द अस्वीकार्य हैं… pic.twitter.com/U3fLiGLS9w– एएनआई (@ANI) 25 मई 2026 इस बीच, कांग्रेस नेता थिरुनावुक्कारासर ने कहा कि डीएमके कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा है, इस लिहाज से बीजेपी की जीत के लिए डीएमके भी जिम्मेदार है. उन्होंने आग्रह किया कि द्रमुक और कांग्रेस को अपने-अपने गठबंधन के साथ आगे बढ़ना चाहिए और लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वे भी अब तक कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा हैं, इसलिए डीएमके भी पीएम मोदी की जीत के लिए जिम्मेदार है। डीएमके के दोस्तों को मेरा सुझाव है कि हम अब अपने तरीके से आगे बढ़ें क्योंकि हम अलग-अलग गठबंधन में हैं। आइए हम कठोर शब्दों के माध्यम से आलोचना करने के बजाय राज्य के लोगों के कल्याण के लिए काम करें।” उदयनिधि स्टालिन ने क्या कहा? टैगोर की यह टिप्पणी उदयनिधि स्टालिन द्वारा कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा की बार-बार चुनावी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व से ज्यादा कांग्रेस को जाता है। चेन्नई अन्ना इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में आयोजित डीएमके यूथ विंग के आयोजकों की बैठक के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि एक समय उनका मानना था कि बीजेपी की निरंतर सफलता के लिए पीएम मोदी और अमित शाह पूरी तरह जिम्मेदार हैं, लेकिन अब वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि पार्टी की जीत के पीछे असली कारण कांग्रेस है। उन्होंने कहा, “मैं सोचता था कि बीजेपी की लगातार जीत का कारण मोदी और अमित शाह हैं; अब पता चला है कि इसकी वजह कांग्रेस है।” द्रमुक नेता ने कांग्रेस की भी तीखी आलोचना की और कहा कि पार्टी पर ”किसी भी समय भरोसा नहीं किया जाना चाहिए” और ”उससे संपर्क भी नहीं किया जाना चाहिए।” चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके से नाता तोड़ लिया और टीवीके को सशर्त समर्थन देने पर सहमत हो गई। 2026 के विधानसभा चुनावों में, DMK को केवल 59 सीटें मिलीं, और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘हम मुश्किल समय में एक साथ खड़े रहे’: गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस, डीएमके के बीच जुबानी जंग अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)डीएमके कांग्रेस में दरार(टी)उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी(टी)मणिक्कम टैगोर की प्रतिक्रिया(टी)डीएमके कांग्रेस गठबंधन(टी)बीजेपी की चुनावी सफलता(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन(टी)विजय टीवीके गठबंधन
कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी

IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- ‘जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।’ 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। ——————————————— हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी

IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- ‘जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।’ 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। ——————————————— हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
वर्ल्ड अपडेट्स:इबोला वायरस ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित, भारत अलर्ट पर, इससे कांगो में 20 दिनों में 200 की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इसके बाद भारत सरकार ने भी सतर्कता बढा दी है। खास तौर पर कांगो, युगांडा और सूडान की यात्रा करने वालों को सावधान रहने को कहा गया है। सरकार ने कहा है कि इन देशों से लौटने वाले लोग अगर बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त, गले में दर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर को बताएं। एयरपोर्ट पर भी जांच बढा दी गई है। कांगो में पिछले 20 दिनों में करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है। वहां इबोला का डर इतना बढ गया है कि सैनिटाइजर और मास्क की कीमत कई गुना बढ गई है। अस्पतालों पर भी दबाव बढ रहा है। अमेरिका ने कांगो, युगांडा और रवांडा से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर जांच शुरू कर दी है। यात्रियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। चीन ने भी इबोला को लेकर चेतावनी जारी की है। अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। जापान ने इबोला को लेकर यात्रा जोखिम चेतावनी जारी की है। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच मजबूत की गई है। फ्रांस ने भी एयरपोर्ट पर निगरानी बढा दी है। यात्रियों की जांच और अस्पतालों की तैयारी को मजबूत किया जा रहा है। पूरी दुनिया में इबोला वायरस डिसीज (EVD) से पीड़ित मरीजों में 25% से 90% की मौत होती है। इबोला वायरस पहली बार 1976 में अफ्रीका में सामने आया था। उस समय सूडान और तत्कालीन जायरे (अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो) में इसके मामले मिले थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… आपराधिक रिकॉर्ड के चलते अमेरिका में भारतीय नागरिक गिरफ्तार, डिपोर्ट किया जा सकता है अमेरिका के लॉस एंजिलिस में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने भारत के 26 साल के परमिंदरपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICI) के मुताबिक अब उन्हें अमेरिका से डिपोर्ट करने की कार्रवाई हो सकती है। ICI ने बताया कि परमिंदरपाल सिंह पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गाड़ी चोरी, गैरकानूनी तरीके से घुसपैठ और तोड़फोड़ जैसे आरोप शामिल हैं। फिलहाल वह इमिग्रेशन हिरासत में हैं। अमेरिका में हाल के सालों में ऐसे मामलों में तेजी आई है, जहां गैर अमेरिकी नागरिकों पर अपराध, वीजा नियम तोड़ने या पुराने इमिग्रेशन मामलों के कारण कार्रवाई की जा रही है। कई भारतीय नागरिक भी इसका सामना कर चुके हैं। ट्रम्प ने मोदी को महान बताया, कहा- PM मेरे दोस्त:मैं उनका बहुत बड़ा फैन, भारत मुझ पर 100% भरोसा कर सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना महान दोस्त बताया और कहा कि वे मोदी के बहुत बड़े फैन हैं। ट्रम्प ने कहा कि भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोन करके लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुझे भारत से प्यार है। आपको (एम्बेसडर गोर) हमारे देश के प्रतिनिधि के तौर पर अच्छी स्पीच देनी होगी। मैं सबको गुड इवनिंग कहना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री से प्यार है। PM मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं। मोदी को हैलो कहो। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं। ट्रम्प ने कहा- हम पहले कभी इंडिया के इतने करीब नहीं रहे। इंडिया मुझ पर और अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़ी, तो उन्हें पता हैकि कहां कॉल करना है। वे यहीं कॉल करते हैं।
रेगिस्तान में बकरियां चराती थीं, आज फुटबॉल खिलाड़ी:लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने का विरोध हुआ, कोच ने बेच दी थी अपनी 15 बीघा जमीन

तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की ‘टप-टप’ की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए ‘एशियन कप क्वालिफायर मैच’ में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, ‘SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026’ में मुन्नी को ‘सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर’ का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से ‘ना’ सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब ‘शॉर्ट्स’ पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने







