Thursday, 24 Sep 2026 | 12:22 AM

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IPL का समीकरण- राजस्थान टॉप-4 में पहुंची:मुंबई से जीत टीम को प्लेऑफ में पहुंचा देगी; कोलकाता के लिए करो या मरो का मुकाबला

IPL का समीकरण- राजस्थान टॉप-4 में पहुंची:मुंबई से जीत टीम को प्लेऑफ में पहुंचा देगी; कोलकाता के लिए करो या मरो का मुकाबला

IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 6 मैच बाकी हैं। मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में जगह बना ली। टीम के 13 मैचों में अब 14 पॉइंट्स हो गए हैं। राजस्थान का आखिरी लीग मुकाबला 24 मई को मुंबई इंडियंस से है। उस मैच में जीत टीम को प्लेऑफ का टिकट दिला सकती है। दूसरी ओर, लखनऊ को सीजन की 9वीं हार मिली। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी। लखनऊ 13 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ आखिरी स्थान पर है। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण राजस्थान की टॉप-4 में एंट्री लखनऊ पर जीत के बाद राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब किंग्स को पीछे छोड़ दिया। टीम के अब 14 पॉइंट्स हो गए हैं। राजस्थान को अपना आखिरी मैच मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलना है। जीत मिलने पर टीम 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ में जगह पक्की कर लेगी। कोलकाता के लिए आज जीत जरूरी कोलकाता नाइट राइडर्स 11 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। टीम का मुकाबला आज मुंबई इंडियंस से है। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कोलकाता को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। हार के साथ टीम की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी। पंजाब पांचवें स्थान पर खिसकी पंजाब किंग्स अब 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गई है। टीम लगातार 6 मुकाबले हार चुकी है। पंजाब को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए लखनऊ के खिलाफ आखिरी मैच हर हाल में जीतना होगा। साथ ही राजस्थान और मुंबई के मैच में राजस्थान के हारने की दुआ भी करनी होगी। बेंगलुरु टॉप पर कायम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और उसका क्वालिफायर-1 खेलना लगभग तय माना जा रहा है। RCB का आखिरी लीग मैच सनराइजर्स हैदराबाद से है। गुजरात और हैदराबाद में टॉप-2 की जंग सोमवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर अपने साथ गुजरात टाइटंस की भी प्लेऑफ में जगह पक्की करा दी। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं और वे दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। गुजरात का आखिरी लीग मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से होगा, जबकि हैदराबाद को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना करना है। दोनों टीमों की नजर अब टॉप-2 में जगह बनाकर क्वालिफायर-1 खेलने पर होगी। चेन्नई और दिल्ली की राह मुश्किल चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है। टीम का आखिरी मुकाबला गुजरात से है। CSK को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए यह मैच बड़े अंतर से जीतना होगा। दिल्ली कैपिटल्स भी 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट (-0.871) काफी खराब है। दिल्ली को कोलकाता के खिलाफ जीत के साथ दूसरी टीमों के नतीजों का भी इंतजार करना पड़ेगा। मुंबई और लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। मुंबई के 8 पॉइंट्स हैं, जबकि लखनऊ भी 8 अंक के साथ आखिरी स्थान पर है। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सूर्यवंशी ऑरेंज कैप होल्डर बने राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके 13 मैचों में 579 रन हो गए हैं और उन्होंने हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सूर्यवंशी इस सीजन 236.32 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1 शतक, 3 अर्धशतक और 53 छक्के लगाए हैं, जो इस सीजन सबसे ज्यादा हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श 563 रन के साथ दूसरे, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 555 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप बरकरार बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 20 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।

भास्कर अपडेट्स:CBI ने आर्मी के कर्नल को 50 लाख रिश्वत केस में गिरफ्तार किया

भास्कर अपडेट्स:CBI ने आर्मी के कर्नल को 50 लाख रिश्वत केस में गिरफ्तार किया

CBI ने 50 लाख रुपए के रिश्वत मामले में सेना के एक कर्नल को गिरफ्तार किया है। अधिकारी कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात था। CBI के मुताबिक, कर्नल पर कानपुर की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल मंजूर करने और लंबित व बढ़े हुए बिल पास कराने में मदद की। जांच एजेंसी के FIR के मुताबिक, कर्नल ने कारोबारी से लंबित रिश्वत रकम मांगी थी। कारोबारी ने नकदी की कमी की बात कही। इसके बाद अधिकारी ने कारोबारी के ड्राइवर को फोन कर रकम अपने एक परिचित तक पहुंचाने को कहा। 50 लाख रुपए की रिश्वत हवाला के जरिए पहुंचाई जानी थी।

गर्मी में डायबिटीज और प्रेग्नेंसी दोनों के लिए फायदेमंद ये काला फल! जानें जबरदस्त फायदे

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Last Updated:May 19, 2026, 23:45 IST गर्मियों में मिलने वाला जामुन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि इसे एक सुपरफ्रूट कहा जाता है. ख़बरें फटाफट जामुन के फायदे गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में खट्टे-मीठे जामुन की बहार दिखाई देने लगती है. स्वाद से भरपूर यह फल सिर्फ गर्मियों का मजा ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में जामुन को ठंडी तासीर वाला फल बताया गया है, जो शरीर को अंदर से ठंडक देने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि गर्मियों में लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना पसंद करते हैं. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए जामुन को काफी लाभकारी माना जाता है. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार माना जाता है जामुनबिहार सरकार के पर्यावरण, जल एवं वन विभाग के अनुसार, जामुन को डायबिटीज का “शत्रु” कहा जाता है. इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम मानी जाती है. गर्मियों में जब खानपान और डिहाइड्रेशन की वजह से शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है, तब सीमित मात्रा में जामुन का सेवन फायदेमंद माना जाता है. कई लोग जामुन के बीजों का पाउडर भी इस्तेमाल करते हैं, हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंदजामुन में प्राकृतिक फोलिक एसिड और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं. यही वजह है कि कई लोग गर्भवती महिलाओं को भी सीमित मात्रा में जामुन खाने की सलाह देते हैं. इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं. हालांकि गर्भावस्था में किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर माना जाता है. पेट को ठंडक और पाचन को राहतआयुर्वेद में जामुन को पित्त शांत करने वाला फल माना गया है. गर्मियों में इसका सेवन शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद कर सकता है. जामुन में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. कई लोग कब्ज और पेट से जुड़ी छोटी समस्याओं में भी इसे फायदेमंद मानते हैं. दिल और इम्यूनिटी के लिए भी अच्छाजामुन में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा फल हो सकता है. कम कैलोरी होने की वजह से वजन नियंत्रित रखने वालों के बीच भी यह काफी पसंद किया जाता है. त्वचा और मुंह की सेहत के लिए भी उपयोगीगर्मी और धूप की वजह से त्वचा बेजान दिखने लगती है, ऐसे में जामुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. वहीं आयुर्वेद में जामुन की टहनियों को दातून के रूप में इस्तेमाल करने का भी जिक्र मिलता है. माना जाता है कि इससे दांतों और मसूड़ों को फायदा मिल सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर इस खबर की पुष्टि नहीं करता है।

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी तबीयत बहुत खराब है- डायरेक्टर विवेक शर्मा दैनिक भास्कर ने खबर की पुष्टि करने के लिए डायरेक्टर विवेक शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने कहा, ‘उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैंने दो हफ्ते पहले उनसे समय मांगा था मिलने का, तो उन्होंने कहा कि फिलहास इसकी इजाजत नहीं है। तो कन्पर्म हो गया था कि या तो वो हॉस्पिटल में हैं या डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। मुझे लगता है कि उनकी तबीयत काफी खराब है।’ इसके अलावा दैनिक भास्कर से बातचीत में परिवार के करीबी सूत्र का कहना है कि अमिताभ बच्चन को रूटीन चेकअप के चलते भर्ती करवाया गया है। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं।

गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानिए शरीर पर क्या पड़ता है असर

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Last Updated:May 19, 2026, 22:12 IST गर्मियों में तेज धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए ज्यादातर लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. ठंडा पानी तुरंत आराम जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए सही होता है. ख़बरें फटाफट गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर लोग फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. तेज धूप और पसीने के बीच ठंडा पानी तुरंत राहत जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी पीना शरीर के लिए सही होता है. कुछ लोग मानते हैं कि इससे गला खराब हो सकता है, जबकि कुछ का कहना है कि यह पाचन पर असर डालता है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, लेकिन पानी का तापमान भी शरीर पर असर डाल सकता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पीने की बजाय संतुलन बनाए रखना बेहतर माना जाता है. ज्यादा ठंडा पानी शरीर पर कैसे असर डाल सकता हैबहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर को अचानक तापमान बदलने का सामना करना पड़ता है. कुछ लोगों में इससे गले में खराश, सिरदर्द या सर्दी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. खासतौर पर जब शरीर धूप से बहुत गर्म हो और तुरंत बर्फ जैसा पानी पिया जाए, तो शरीर को उसे सामान्य तापमान पर लाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. हालांकि यह असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता, लेकिन संवेदनशील लोगों को इससे असहजता महसूस हो सकती है. पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है असरकई स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. बहुत ठंडा पानी पेट की रक्त वाहिकाओं को थोड़ी देर के लिए सिकोड़ सकता है, जिससे पाचन प्रभावित हो सकता है. यही वजह है कि कई लोग खाना खाने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं. सामान्य या हल्का ठंडा पानी शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक माना जाता है. कब ठंडा पानी नुकसानदेह लग सकता हैअगर किसी व्यक्ति को पहले से गले की समस्या, साइनस या बार-बार सर्दी-जुकाम की परेशानी रहती है, तो बहुत ज्यादा ठंडा पानी उसकी दिक्कत बढ़ा सकता है. वहीं workout या धूप से आने के तुरंत बाद बहुत तेजी से ठंडा पानी पीने पर कुछ लोगों को चक्कर या असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए शरीर को थोड़ा सामान्य होने देने के बाद पानी पीना बेहतर माना जाता है. कितना ठंडा पानी पीना सही माना जाता हैविशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हल्का ठंडा या सामान्य तापमान वाला पानी शरीर के लिए बेहतर माना जाता है. इससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है और अचानक तापमान बदलाव का असर भी कम पड़ता है. फ्रिज का बहुत ज्यादा बर्फीला पानी लगातार पीने की बजाय मिट्टी के घड़े का पानी या हल्का ठंडा पानी कई लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक हो सकता है. शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरीगर्मी के मौसम में सबसे जरूरी बात शरीर में पानी की कमी न होने देना है. चाहे पानी सामान्य हो या हल्का ठंडा, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी माना जाता है. इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फल जैसे विकल्प भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश के चिटगांव शहर में स्थित भारतीय दूतावास परिसर के अंदर मंगलवार को एक भारतीय सुरक्षाकर्मी मृत पाया गया। मृतक की पहचान 35 साल के नरेंद्र के तौर पर हुई है। वे हरियाणा के रहने वाले थे और दूतावास में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। नरेंद्र सोमवार रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कमरे में लौटे थे। मंगलवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथ वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। कई बार फोन और आवाज लगाने के बाव भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने उनके कमरे का दरवाजा खोला। अंदर कमरे के फर्श पर नरेंद्र की डेड बॉडी मिली। वे कैंपस के भीतर बने स्टाफ डॉर्मिटरी में रहते थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। जांच अधिकारी नजरुल इस्लाम ने बताया कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिलने के बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद किया। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव पर चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले पुलिस अधिकारी आरिफुल इस्लाम ने बताया कि शव पर किसी भी तरह की चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि नरेंद्र की मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि रात के दौरान या सुबह बाथरूम से निकलने के बाद उन्हें दिल का दौरा या स्ट्रोक आया हो। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।” पुलिस के मुताबिक, शव को भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में चिटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मॉर्चरी भेजा गया। भारतीय दूतावास ने कोई बयान जारी नहीं किया भारतीय दूतावास की ओर से फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अधिकारी बांग्लादेश प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मौत के कारणों पूरी जांच हो सके। घटना के बाद एहतियात के तौर पर भारतीय दूतासाव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच एजेंसियां स्टाफ डॉर्मिटरी और आसपास के इलाके से सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। चिटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर आमिरुल इस्लाम ने कहा कि मामला एक विदेशी दूतावास से जुड़ा है, इसलिए पुलिस सीमित जानकारी ही शेयर कर रही है। उन्होंने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए भारतीय मिशन से संपर्क किया जा सकता है।

चौलाई का साग रेसिपी: पनीर-चिकन सब हो जाएगा फेल, घर में ऐसे बनाएं चौलाई का साग; गर्मी में खाने का स्वाद होगा दोगुना

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 गुच्छे चौलाई का सागा, 1 टमाटर का साग, 2 टमाटर, 5-6 लहसुन की कलियां, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1/2 मोटा जीरा, 1/2 छोटा लाल मिर्च पाउडर, 1/4 मोटा हल्दी, स्वादानुसार नमक, घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चूली के दुकानदारों को अच्छे से धो लें ताकि साड़ी मिट्टी साफ हो जाए। अब इसे मोटा-मोटा काट लें। इसके बाद गैस पर एक कड़ाही रखें और इसमें थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें। छवि: एआई अब जीरा डालो। जब जीरा चटकने लगे तो सुमधुर कोटा ओंगैज ऑरेंज होने तक भुन लें। अब अदरक, लहसुन और हरी मिर्च स्टॉइल कुछ सेकंड तक का काम। फिर कटे हुए टमाटर और चिप्स के साथ बढ़िया से भून लें। छवि: एआई जब मसाला अच्छी तरह से तैयार हो जाए, तब इसमें कटी हुई चुलाई डाल दीजिए। ऊपर से नमक, हल्दी और लाल मिर्च नमक अच्छी तरह मिला लें। अब 10-15 मिनिट तक कच्चे ही को मसाले और कच्चे मकान पर पकाया जाता है. छवि: एआई बीच-बीच में रुकें ताकि नीचे न लगें। जब सागा पूरी तरह से नग्न हो जाए, तब गैस बंद कर दीजिए। अगर आप चाहें तो इसे पिक्चर मैश भी कर सकते हैं। शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक गरमा-गरम चौलाई का साग मक्के की रोटी, परांठे या सादी रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. ऊपर से छोटी सा सफेद मक्खन दाल, स्वाद और भी बढ़ जाएगा। आयरन की कमी दूर करने में सहायता मिलती है। छवि: एआई समुद्रतट में शरीर को शक्ति और ऊर्जा की पराकाष्ठा होती है। वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसका देसी स्वाद घर के सभी लोगों को बहुत पसंद आता है। छवि: एआई

जम गया खून का थक्का, बाहर आने लगी आंखें…कानपुर के डॉक्टरों का चमत्कार, दुनिया में पहली बार लौटी रोशनी

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Last Updated:May 19, 2026, 21:06 IST Kanpur News : महिला मरीज आंखों में खून का थक्का जमने और आंखें बाहर निकलने जैसी गंभीर रोग से जूझ रही थी. कानपुर के डॉक्टरों ने इसे ठीक करने के लिए दिल में जमे खून के थक्के को गलाने वाले टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन का इस्तेमाल आंखों के इलाज में किया. मरीज जब अस्पताल पहुंची तो उसकी आंखें बाहर की तरफ निकल आई थीं. नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि कानपुर में ही नहीं बल्कि दुनिया में पहली बार इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल आंखों में जमे खून के थक्के हटाने के लिए किया गया है. इलाज सफल रहा. महिला की आंखों की रोशनी वापस आ गई है. कानपुर. यूपी स्थित कानपुर के एलएलआर अस्पताल में डॉक्टरों ने चमत्कार कर दिखाया है. आंखों में खून का खतरनाक थक्का जमने और आंखें बाहर निकलने जैसी गंभीर हालत से जूझ रही महिला मरीज की रोशनी डॉक्टरों ने लौटा दी. कहा जा रहा है कि ऐसा इलाज दुनिया में पहली बार इस तकनीक से किया गया. डॉक्टरों ने दिल में जमे खून के थक्के को गलाने वाले टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन का इस्तेमाल आंखों के इलाज में किया. इसके साथ सुप्रा कोरोडियल निडल तकनीक का सहारा लिया गया. इलाज सफल रहा और महिला की आंखों की रोशनी वापस आ गई. महिला मरीज जब अस्पताल पहुंची तो उसकी आंखें पूरी तरह लाल थीं और बाहर की तरफ निकल आई थीं. दर्द इतना ज्यादा था कि वह लगातार कराह रही थी. डॉक्टरों ने तुरंत जांच शुरू की तो पता चला कि आंखों के अंदर खून के थक्के जम चुके हैं और आंखों का प्रेशर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. हृदय रोग विशेषज्ञ की सलाह आई काम नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने मामले को गंभीर देखते हुए शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा से संपर्क किया. दिल में जमे खून के थक्कों को हटाने की प्रक्रिया समझने के बाद डॉक्टरों ने तय किया कि यही तकनीक आंखों में भी इस्तेमाल की जा सकती है. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन और सुप्रा कोरोडियल निडल की मदद से इलाज शुरू किया. कुछ ही समय में मरीज को आराम मिलने लगा. आंखों का प्रेशर सामान्य होने लगा और महिला की चली गई रोशनी लौट आई. डॉ. परवेज खान ने बताया कि विभाग में ही नहीं बल्कि दुनिया में पहली बार इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल आंखों में जमे खून के थक्के हटाने के लिए किया गया है. यह इलाज भविष्य में आंखों की गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक, महिला में ‘हेमोरेजिक किसिंग कोरोइड’ बीमारी जैसे लक्षण मिले थे. इस बीमारी में आंखों के अंदर सूजन बढ़ जाती है और खून के थक्के जमने लगते हैं. अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. मरीज से नहीं लिया कोई शुल्क इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर इस बीमारी को ठीक होने में करीब 20 दिन लग जाते हैं, लेकिन नई तकनीक की मदद से मरीज को काफी जल्दी राहत मिल गई. इस इलाज की सबसे बड़ी बात यह रही कि महिला मरीज से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया गया. डॉक्टरों की इस सफलता पर मेडिकल जगत में खूब चर्चा हो रही है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

भारत की सभी कंपनियां टॉप-100 ग्लोबल लिस्ट से बाहर:मार्केट वैल्यू में रिलायंस 73वें से 105वें नंबर पर आई; एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट-एपल टॉप-3 में शामिल

भारत की सभी कंपनियां टॉप-100 ग्लोबल लिस्ट से बाहर:मार्केट वैल्यू में रिलायंस 73वें से 105वें नंबर पर आई; एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट-एपल टॉप-3 में शामिल

मार्केट वैल्यू के आधार पर दुनिया की टॉप 100 लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट से अब भारत की सभी कंपनियां बाहर हो गई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत तक इस ग्लोबल लिस्ट में भारत की तीन कंपनियां- रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और TCS शामिल थीं, लेकिन आज इनमें से एक भी कंपनी टॉप 100 लिस्ट में नहीं है। घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी बिकवाली और भारी गिरावट के कारण इन भारतीय कंपनियों की वैल्यू घटी है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्लोबल रैंकिंग में फिसलकर अब 106वें स्थान पर आ गई है। यह कंपनी साल 2025 की शुरुआत में 57वें और साल 2026 की शुरुआत में 73वें स्थान पर थी। वहीं देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक की रैंक अब 190 हो गई है, जो साल 2025 की शुरुआत में 97वें नंबर पर थी। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल भी साल 2026 की शुरुआत में 164वें स्थान पर थी, जो अब गिरकर 202वें स्थान पर आ गई है। एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट दूसरे और एपल तीसरे नंबर पर जहां एक तरफ भारतीय कंपनियां रेंकिंग में पीछे हो गई हैं, वहीं ग्लोबल मार्केट्स में दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है। एनवीडिया वर्तमान में 5.33 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है। इसके बाद अल्फाबेट 4.7 ट्रिलियन डॉलर और एपल 4.3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन चौथे और पांचवें नंबर पर है। ICICI, SBI और IT सेक्टर की कंपनियों की रैंकिंग भी घटी बैंक और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की रैंकिंग भी तेजी से नीचे आई है। साल 2026 की शुरुआत में ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 215वें और 231वें स्थान पर थे, लेकिन अब वे गिरकर 274वें और 276वें स्थान पर पहुंच गए हैं। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS की रैंकिंग में सबसे तेज गिरावट आई है। TCS की ग्लोबल रैंक साल 2025 की शुरुआत में 84वीं और 2026 की शुरुआत में 171वीं थी, जो अब गिरकर 314वें स्थान पर पहुंच गई है। भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT फर्म इन्फोसिस अब 590वें स्थान पर है, जबकि साल 2025 की शुरुआत में यह 198वें और 2026 की शुरुआत में 330वें स्थान पर थी। इसके अलावा ITC भी साल 2025 की शुरुआत में 296वें और 2026 की शुरुआत में 466वें स्थान से फिसलकर अब 702वें स्थान पर आ गई है। टॉप 500 में भारत की 15 कंपनियों में से सिर्फ 9 बचीं ग्लोबल मार्केट कैप के टॉप 500 की लिस्ट में भारत की कंपनियों की संख्या साल 2025 की शुरुआत में 15 और साल 2026 की शुरुआत में 13 थी, जो अब घटकर केवल 9 रह गई है। घरेलू स्तर पर भी 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली लिस्टेड भारतीय कंपनियों का क्लब भी अब छोटा हो गया है। साल की शुरुआत में ऐसी करीब 6 कंपनियां थीं, जो अब घटकर सिर्फ 3 रह गई हैं। 100 बिलियन डॉलर क्लब में सिर्फ तीन कंपनियां बचीं भारतीय बाजार में लगातार गिरावट के कारण देश के दूसरे सबसे बड़े लेंडर ICICI बैंक, सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक SBI और TCS ने यह स्टेटस खो दिया है। अब सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और भारती एयरटेल है, जिनका मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का असर भारतीय बाजारों में इस गिरावट की शुरुआत 2024 के मीड से शुरू हो गई थी। ज्यादा वैल्युएशन, सुस्त अर्निंग्स, रुपए में कमजोरी और ट्रेड वार की चिंताओं के बीच विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयरों में गिरावट का लंबा दौर शुरू हुआ। इसके बाद अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई बाजार पर दबाव बढ़ने का एक मुख्य कारण ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज का रेटिंग घटाना भी रहा। मार्च में UBS, मॉर्गन स्टेनली और नोमुरा ने भारतीय बाजारों पर अपनी रेटिंग घटाई है। जिसके बाद अप्रैल में जेपी मॉर्गन, HSBC और गोल्डमैन सैक्स ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई है। मई के पहले सप्ताह में सीटी बैंक भी इसमें शामिल हो गई। इन सभी रिपोर्ट्स में हाई वैल्युएशन प्रीमियम, तेल के कारण अर्निंग्स रिस्क, कमजोर होता रुपया और हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी व AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर में भारत के सीमित एक्सपोजर को लेकर समान चिंताएं जताई गई हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे बढ़े: 4 दिन पहले ₹3-3 बढ़ाए थे;