भारत में घुसपैठ के बाद आतंकी हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंचा:स्लीपर सेल नेटवर्क बनाने आया था; जांच एजेंसी से बोला- कश्मीर देखकर मकसद बदल गए

भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए घुसपैठ करने वाले लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक पाकिस्तानी आतंकी ने अपना सपना पूरा करने के लिए मिशन को बीच में रोक दिया। आतंकी ने श्रीनगर में हेयर ट्रांसप्लांट कराया और फर्जी आधार-पैन बनवाकर भारत से भागने की योजना बना रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार को बताया कि आतंकी का नाम मोहम्मद उस्मान जट उर्फ ‘चाइनीज’ है। पूछताछ में उसने दावा किया कि कश्मीर की असली जिंदगी देखने के बाद उसके मकसद पूरी तरह बदल गए। आतंकी ने बताया कि पाकिस्तान में लश्कर के ट्रेनिंग कैंपों में उसे कश्मीर को लेकर जो बताया गया था, वहां तस्वीर बिल्कुल अलग थी। श्रीनगर पुलिस ने पिछले महीने उस्मान जट और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा को गिरफ्तार किया था। दोनों को जम्मू-कश्मीर के बाहर स्लीपर आतंकी ठिकाने बनाने का काम सौंपा गया था। पूछताछ के दौरान जट ने बताया कि दोनों ने जम्मू-कश्मीर में उत्तरी हिस्से में कहां से घुसपैठ की थी। उसने किन-किन जगहों पर रहे, वह भी बताया। अधिकारियों के मुताबिक, अबू हुरैरा लश्कर-ए-तैयबा का सबसे लंबे समय तक बचा रहने वाला आतंकी है। वहीं उस्मान जट लाहौर का रहने वाला है और लश्कर का प्रशिक्षित ऑपरेटिव है। वह उत्तर और मध्य कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। गिरफ्तार आतंकी ने बताया कि वह कई सालों से गंभीर हेयर लॉस की समस्या से जूझ रहा था, जिससे उसका आत्मविश्वास काफी प्रभावित हुआ था। उसने कहा कि उसने पहले भी हेयर रिस्टोरेशन प्रक्रिया के बारे में सुना था, लेकिन उसे लगता था कि यह सिर्फ पश्चिमी देशों में मिलने वाली महंगी सुविधा है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर की ऊपरी पहाड़ियों में रहने के दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तानी आतंकियों जरगाम और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा से हुई। उसने उन लोगों के बारे में भी जानकारी दी जिनके साथ वह ठहरा था। इसी जानकारी के आधार पर श्रीनगर पुलिस ने उत्तर कश्मीर और श्रीनगर शहर में सक्रिय आतंकियों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। OGW नेटवर्क के बारे में जानकारी देते हुए गिरफ्तार आतंकी ने कहा कि जरगाम उसे एक दुकान पर ले गया और बताया कि दुकान का मालिक भरोसेमंद व्यक्ति है। दुकानदार से बातचीत के दौरान जट को पता चला कि उसने खुद भी हेयर ट्रांसप्लांट कराया है। इसके बाद आतंकी लगातार उस दुकानदार के संपर्क में रहा और उससे हेयर ट्रांसप्लांट कराने में मदद मांगी। अधिकारियों ने बताया कि आखिरकार उसे शहर के भीतर ही एक क्लिनिक ले जाया गया, जहां उसका हेयर ट्रांसप्लांट किया गया। कई बार प्रक्रिया के दौरान उसे क्लिनिक में रातभर रुकना भी पड़ा।प्रक्रिया पूरी होने के बाद जट, जिसने पहले ही अबू हुरैरा के साथ संपर्क बना लिया था, यात्री वाहन से जम्मू गया और फिर स्लीपर बस से पंजाब के मालेरकोटला पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक वहां उसने तुर्की के टीवी शो देखे और अंग्रेजी सीखने की कोशिश की। गिरफ्तार आतंकी ने पूछताछ में बताया कि वह असली आधार कार्ड, पैन कार्ड और बाद में पासपोर्ट बनवाना चाहता था ताकि उमर उर्फ ‘खरगोश’ की तरह भारत से भाग सके। अधिकारियों के अनुसार उमर फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से निकलकर इंडोनेशिया पहुंच गया था और वहां से किसी अन्य फर्जी यात्रा दस्तावेज के सहारे खाड़ी देश में जाकर छिपा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के कराची निवासी उमर ने 2012 के बाद भारत में घुसपैठ की थी और 2024 में राजस्थान के जयपुर से बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट के जरिए फरार हो गया था।
भारत में घुसपैठ के बाद आतंकी हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंचा:स्लीपर सेल नेटवर्क बनाने आया था; जांच एजेंसी से बोला- कश्मीर देखकर मकसद बदल गए

भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने के मकसद से घुसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक पाकिस्तानी आतंकी ने अपना सपना पूरा करने के लिए मिशन को बीच में रोक दिया। आतंकी ने श्रीनगर में हेयर ट्रांसप्लांट कराया और फर्जी आधार-पैन बनवाकर भारत से भागने की योजना बना रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार को बताया कि आतंकी का नाम मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चाइनीज’ है। पिछले महीने श्रीनगर पुलिस ने जट्ट और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर जम्मू-कश्मीर से बाहर स्लीपर बेस तैयार करने का आरोप है। बाद में जांच NIA को सौंप दी गई। NIA की पूछताछ में जट्ट ने दावा किया कि कश्मीर की असली जिंदगी देखने के बाद उसके मकसद पूरी तरह बदल गए। उसने बताया कि पाकिस्तान में लश्कर के ट्रेनिंग कैंपों में उसे कश्मीर को लेकर जो बताया गया था, वहां तस्वीर बिल्कुल अलग थी। भारत में स्लीपर सेल नेटवर्क बनाने आया था आतंकी अधिकारियों के मुताबिक, उस्मान जट्ट लाहौर का रहने वाला है और लश्कर का प्रशिक्षित ऑपरेटिव है। वह उत्तर और मध्य कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। उसे भारत में घुसपैठ के बाद जम्मू-कश्मीर के बाहर आतंकियों का स्लीपर सेल नेटवर्क बनाने का काम सौंपा गया था। NIA के अनुसार, जट्ट भारत में घुसने के बाद श्रीनगर की ऊपरी पहाड़ियों में रहा। इस दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तानी आतंकियों- जरगाम और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा से हुई। अबू हुरैरा लश्कर से जुड़ा पुराना आतंकी है। दुकानदार से हेयर ट्रांसप्लांट की जानकारी मिली जट्ट के मुताबिक, आतंकी जरगाम श्रीनगर में उसे एक दुकान पर ले गया और बताया कि दुकान का मालिक भरोसेमंद व्यक्ति है। दुकानदार से बातचीत के दौरान जट्ट को पता चला कि उसने हेयर ट्रांसप्लांट कराया है। इसके बाद आतंकी जट्ट ने भी हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट लेने का फैसला किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह कई सालों से गंभीर हेयर लॉस की समस्या से जूझ रहा था। वह हेयर ट्रांसप्लांट कराना चाहता था, लेकिन उसे लगता था कि यह सुविधाएं सिर्फ पश्चिमी देशों में ऊंचे दामों पर मिलती है। आतंकी पंजाब गया, अंग्रेजी सीखने की कोशिश की आतंकी ने अधिकारियों को बताया कि वह दुकानदार के संपर्क में रहा और उससे हेयर ट्रांसप्लांट कराने में मदद मांगी। इसके बाद वह दुकानदार उसे शहर के भीतर ही एक क्लिनिक ले गया, जहां आतंकी का हेयर ट्रांसप्लांट किया गया। इस दौरान कई सेशन हुए। इसके लिए आतंकी को कई बार क्लिनिक में रातभर रुकना भी पड़ा। ट्रांसप्लांट के बाद जट्ट पैसेंजर गाड़ी से जम्मू गया और फिर स्लीपर बस से पंजाब के मालेरकोटला पहुंचा। वहां उसने तुर्की के टीवी शो देखे और अंग्रेजी सीखने की कोशिश की। फर्जी आधार-पैन और पासपोर्ट बनवाने की तैयारी पूछताछ में आतंकी ने बताया कि वह असली आधार कार्ड, PAN कार्ड और बाद में पासपोर्ट बनवाना चाहता था ताकि भारत से भाग सके। अधिकारियों के अनुसार वह उमर उर्फ ‘खरगोश’ की तरह भागने की योजना बना रहा था। उमर पाकिस्तान के कराची का रहने वाला आतंकी है, जो 2024 में जयपुर से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर इंडोनेशिया भाग गया था। अभी खाड़ी के देश में छिपा है। दिल्ली बम धमाके के बाद भी पकड़ाया था टेरर मॉड्यूल लश्कर-ए-तैयबा के इस अंतरराज्यीय मॉड्यूल का खुलासा नवंबर 2025 में अल-फलाह मॉड्यूल के भंडाफोड़ के करीब छह महीने बाद हुआ है। उस मॉड्यूल में डॉक्टरों समेत कई पढ़े-लिखे लोगों के कट्टरपंथी नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आरोपियों में अल फलाह यूनिवर्सिटी का डॉ. उमर-उन-नबी भी शामिल था, जो पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था। उस धमाके में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी
भूल जाओगे पेप्सी-कोला…भीषण गर्मी में जौ के पानी का कोई तोड़ नहीं, वजन घटाने में भी बेजोड़

Last Updated:May 17, 2026, 16:47 IST Barley Water Benefits : भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर आना, पेट खराब होना और बार-बार दस्त लगने जैसी समस्याएं आम हैं. इससे बचने के लिए जौ का पानी का आ सकता है, जिसे हमारे बुजुर्ग वर्षों से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. लोकल 18 से अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी शर्मा बताती हैं कि इसे किडनी स्टोन, पेशाब में जलन और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों में भी सहायक पेय के रूप में दिया जाता है. अंबाला. भीषण गर्मी के मौसम में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने से पानी और आवश्यक खनिजों की कमी होने लगती है. इसका परिणाम डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर आना, पेट खराब होना और बार-बार दस्त लगने जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है. ऐसे समय में शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए घरेलू उपाय कारगर साबित होते हैं. इन्हीं में से एक है जौ का पानी है, जिसे हमारे बुजुर्ग वर्षों से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. यह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि पाचन को मजबूत बनाने और कई रोगों में राहत पहुंचाने में भी सहायक माना जाता है. लोकल 18 से अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी शर्मा बताती हैं कि जौ का पानी कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी हो सकता है. इसे किडनी स्टोन, पेशाब में जलन, यूरिन इंफेक्शन और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों में सहायक पेय के रूप में दिया जाता है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पेट की जलन और एसिडिटी को कम करने में मदद करता है. गर्मियों में इसका नियमित सेवन शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और लू से बचाने में सहायक हो सकता है. रोटी से सत्तू तक डॉ. मीनाक्षी कहती हैं कि जौ के पानी में मौजूद कण कोलेस्ट्रॉल के साथ शुगर को कंट्रोल करते हैं. जौ का इस्तेमाल रोटी, दलिया और सत्तू के रूप में भी किया जाता है. जौ का पानी वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए भी उपयोगी है. इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय बनाकर शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद करता है. कैसे बनाएं जौ का पानी बनाना बेहद आसान है. इसके लिए दो चम्मच जौ को एक गिलास पानी में डालकर लगभग एक घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद पानी छान लें. फिर स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस और थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है. चाहें तो इसे ठंडा करके पिएं. गर्मियों में दिन में एक से दो गिलास जौ का पानी शरीर को तरोताजा रखने के लिए पर्याप्त है. हालांकि, यदि डिहाइड्रेशन के लक्षण गंभीर हों, लगातार दस्त या उल्टी हो रही हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो, तो घरेलू उपचार के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
नई फिल्म:कांस में रिलीज हुआ वामिका की ‘डीसी’ का ट्रेलर

वामिका गब्बी मौजूदा वक्त में इंडस्ट्री की सबसे व्यस्त एक्ट्रेसेस में से एक हैं। पिछले महीने ‘भूत बंगला’ की सफलता के बाद कल ही उनकी नई फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ रिलीज हुई है। अब उनकी आगामी फिल्म ‘डीसी’ रिलीज को तैयार है। फिल्म का ट्रेलर 79वें कांस फिल्म फेस्टिवल में जारी किया गया है। ‘डीसी’ से निर्देशक से एक्टर बने लोकेश कनगराज अपना एक्टिंग डेब्यू कर रहे हैं। 3 मिनट 13 सेकेंड के इस ट्रेलर में लोकेश कनगराज को देवदास और वामिका को चंद्रा के रूप में दिखाया गया है। ट्रेलर में दिखाया जाता है कि चंद्रा के माता-पिता ने कोलकाता में उसे कई साल पहले अवैध रूप से देह व्यापार में बेच दिया था। अब उसके पास रहने की कोई जगह नहीं है। जल्द ही पता चलता है कि देवदास एक पुलिस वाले और डॉक्टर चंद्रा की हत्या के आरोप में वॉन्टेड है। इसके बाद ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन, खूनखराबा, बम धमाके और गोलीबारी देखने को मिलती है।
इस हफ्ते शेयर बाजार में काफी हलचल की उम्मीद:अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे 5 फैक्टर तय करेंगे चाल

कल 18 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,780 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 | 24,450 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. अमेरिका-ईरान युद्ध और शांति वार्ता अमेरिका-ईरान युद्ध को शुरू हुए लगभग तीन महीने होने वाले हैं। ईरान ने घोषणा की है कि वह जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए समुद्री ट्रैफिक को मैनेज करने का प्रस्ताव पेश करेगा। इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान शांति समझौते पर आगे बढ़ने से इनकार करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के विदेश मंत्री के बयानों के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की तेजी आई। इन बयानों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों को रोकने के समझौते की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.35% बढ़कर 109.26 प्रति बैरल पर बंद हुआ। 3. चौथी तिमाही के नतीजों का छठा हफ्ता 500 से ज्यादा कंपनियां 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी करेंगी। प्रमुख दिग्गज कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL), लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, LIC और एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स (नायका) शामिल हैं। 4. FII की लगातार बिकवाली विदेशी निवेशकों ने इस महीने की 16 तारीख तक ₹27,177 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इसके साथ ही साल 2026 में अब तक उनकी कुल बिकवाली ₹2,31,486 रुपए करोड़ तक पहुंच गई है। 5. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है। बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी। निफ्टी 50 निफ्टी 50 के आउटलुक पर चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार गिरता है, तो इसे 23,250 पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें। शुक्रवार को सेंसेक्स 160 अंक गिरकर बंद हुआ था
अरिजीत सिंह के सपोर्ट में आए अदनान सामी:सिंगर बोले- प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया, उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें

सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले का समर्थन किया है। अदनान ने कहा कि अरिजीत के इस कदम का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर किसी भी तरह की अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए। अरिजीत ने इसी साल सोशल मीडिया पर अचानक संन्यास की घोषणा कर फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को चौंका दिया था। अदनान बोले- अरिजीत का फैसला जल्दबाजी में नहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में 54 वर्षीय अदनान सामी ने कहा, “अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का फैसला पूरे होशोहवास में किया है। हमें उनके इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। यह कोई जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी गहरी सोच होगी।” अदनान ने यह बात जी म्यूजिक कंपनी के तहत रिलीज हुए अपने नए सिंगल ‘लिपस्टिक लगा के, नजर उतार ले’ के लॉन्च के दौरान कही। वजह बताने के लिए अरिजीत बाध्य नहीं अदनान ने आगे कहा कि अरिजीत के लिए जनता को अपनी वजह बताना बिल्कुल जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा, इसके पीछे जरूर कोई बड़ी वजह होगी, जिसे वे खुद बेहतर जानते हैं। दुनिया को इसे तुरंत बताने की कोई जरूरत नहीं है। समय आने पर सबको पता चल ही जाएगा। यह उनकी जिंदगी है, जब वे सहज महसूस करेंगे, खुद वजह साझा कर देंगे। तब तक हमें उन्हें पर्सनल स्पेस देना चाहिए। करियर के पीक पर छोड़ी सिंगिंग इसी साल जनवरी में अरिजीत सिंह ने अपने करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कह दिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर यह जानकारी दी थी। अरिजीत ने लिखा- हैलो, सबको नया साल मुबारक, इतने सालों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी से बताना चाहता हूं कि अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा। भगवान ने बहुत दया की। अदनान बोले- कोई सिर पर बंदूक नहीं रखता म्यूजिक कंपनियों के दबाव के सवाल पर अदनान ने साफ कहा कि हर कंपनी की अपनी पॉलिसी होती है। कुछ कंपनियां बहुत सख्त होती हैं और कुछ कलाकारों को पूरी आजादी देती हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपको उनकी पॉलिसी पसंद नहीं है, तो कोई आपके सिर पर बंदूक नहीं रख रहा है। समस्या तब होती है जब कलाकार खुद यह सोचने लगता है कि बात न मानने पर वह मुसीबत में पड़ जाएगा। यह प्रेशर कलाकार खुद पर खुद ही हावी कर लेता है।” एक नजर अरिजीत सिंह के करियर पर 25 अप्रैल 1987 को अरिजीत सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ था। उनकी मां शास्त्रीय गायिका और मौसी तबला वादक थीं। बचपन से ही उनकी रुचि गायिकी में थी। शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद अरिजीत सिंह ने 18 साल की उम्र में साल 2005 में सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया था। अरिजीत ये शो नहीं जीत सके, हालांकि उनकी परफॉर्मेंस से इंप्रेस होकर संजय लीला भंसाली ने उन्हें फिल्म सांवरिया का गाना यूं शबनमी ऑफर किया था। अरिजीत ने ये गाना गाया, हालांकि कुछ बदलाव के चलते उस गाने से सिंगर रिप्लेस करवा दिया गया। आगे उन्होंने बतौर बैकग्राउंड सिंगर काम किया। गोलमाल 3, क्रूक, एक्शन रीप्ले जैसी फिल्मों में म्यूजिक कोलेबोरेशन के बाद अरिजीत सिंह ने मर्डर 2 के गाने फिर मोहब्बत करने चला है से बतौर प्लेबैक सिंगर डेब्यू किया। इस गाने की पॉपुलैरिटी के बाद उन्हें एजेंट विनोद का गाना राब्ता मिला। ये गाना भी हिट रहा और अरिजीत ने समय के साथ बेहतरीन गाने देते हुए स्टारडम हासिल किया। अरिजीत सिंह ने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत सिंह को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
अरिजीत सिंह के सपोर्ट में आए अदनान सामी:सिंगर बोले- प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया, उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें

सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले का समर्थन किया है। अदनान ने कहा कि अरिजीत के इस कदम का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर किसी भी तरह की अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए। अरिजीत ने इसी साल सोशल मीडिया पर अचानक संन्यास की घोषणा कर फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को चौंका दिया था। अदनान बोले- अरिजीत का फैसला जल्दबाजी में नहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में 54 वर्षीय अदनान सामी ने कहा, “अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का फैसला पूरे होशोहवास में किया है। हमें उनके इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। यह कोई जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी गहरी सोच होगी।” अदनान ने यह बात जी म्यूजिक कंपनी के तहत रिलीज हुए अपने नए सिंगल ‘लिपस्टिक लगा के, नजर उतार ले’ के लॉन्च के दौरान कही। वजह बताने के लिए अरिजीत बाध्य नहीं अदनान ने आगे कहा कि अरिजीत के लिए जनता को अपनी वजह बताना बिल्कुल जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा, इसके पीछे जरूर कोई बड़ी वजह होगी, जिसे वे खुद बेहतर जानते हैं। दुनिया को इसे तुरंत बताने की कोई जरूरत नहीं है। समय आने पर सबको पता चल ही जाएगा। यह उनकी जिंदगी है, जब वे सहज महसूस करेंगे, खुद वजह साझा कर देंगे। तब तक हमें उन्हें पर्सनल स्पेस देना चाहिए। करियर के पीक पर छोड़ी सिंगिंग इसी साल जनवरी में अरिजीत सिंह ने अपने करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कह दिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर यह जानकारी दी थी। अरिजीत ने लिखा- हैलो, सबको नया साल मुबारक, इतने सालों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी से बताना चाहता हूं कि अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा। भगवान ने बहुत दया की। अदनान बोले- कोई सिर पर बंदूक नहीं रखता म्यूजिक कंपनियों के दबाव के सवाल पर अदनान ने साफ कहा कि हर कंपनी की अपनी पॉलिसी होती है। कुछ कंपनियां बहुत सख्त होती हैं और कुछ कलाकारों को पूरी आजादी देती हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपको उनकी पॉलिसी पसंद नहीं है, तो कोई आपके सिर पर बंदूक नहीं रख रहा है। समस्या तब होती है जब कलाकार खुद यह सोचने लगता है कि बात न मानने पर वह मुसीबत में पड़ जाएगा। यह प्रेशर कलाकार खुद पर खुद ही हावी कर लेता है।” एक नजर अरिजीत सिंह के करियर पर 25 अप्रैल 1987 को अरिजीत सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ था। उनकी मां शास्त्रीय गायिका और मौसी तबला वादक थीं। बचपन से ही उनकी रुचि गायिकी में थी। शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद अरिजीत सिंह ने 18 साल की उम्र में साल 2005 में सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया था। अरिजीत ये शो नहीं जीत सके, हालांकि उनकी परफॉर्मेंस से इंप्रेस होकर संजय लीला भंसाली ने उन्हें फिल्म सांवरिया का गाना यूं शबनमी ऑफर किया था। अरिजीत ने ये गाना गाया, हालांकि कुछ बदलाव के चलते उस गाने से सिंगर रिप्लेस करवा दिया गया। आगे उन्होंने बतौर बैकग्राउंड सिंगर काम किया। गोलमाल 3, क्रूक, एक्शन रीप्ले जैसी फिल्मों में म्यूजिक कोलेबोरेशन के बाद अरिजीत सिंह ने मर्डर 2 के गाने फिर मोहब्बत करने चला है से बतौर प्लेबैक सिंगर डेब्यू किया। इस गाने की पॉपुलैरिटी के बाद उन्हें एजेंट विनोद का गाना राब्ता मिला। ये गाना भी हिट रहा और अरिजीत ने समय के साथ बेहतरीन गाने देते हुए स्टारडम हासिल किया। अरिजीत सिंह ने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत सिंह को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
IPL में आज DC-RR का मैच:3 छक्के लगाते ही वैभव बन जाएंगे भारत के नए सिक्सर किंग, अबतक 11 मैचों में बनाए हैं 440 रन

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स (DC) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला खेला जाएगा। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। वैभव ने 11 मैचों में 236.55 के स्ट्राइक रेट से 440 रन बनाए हैं, जिसमें 40 छक्के शामिल हैं। आज वैभव भारत के नए सिक्सर किंग बन सकते हैं। 15 साल के वैभव ने अगर आज दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 3 छक्के जड़ दिए, तो वह एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। अभिषेक शर्मा को पछाड़ देंगे वैभव यह रिकॉर्ड अभी तक अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2024 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए 42 छक्के जड़े थे, जबकि वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में अब तक 40 छक्के लगा चुके हैं। ऐसे में मिचेल स्टार्क के सामने भी वह हवाई फायर करते हुए दिखाई दे सकते हैं। वैभव के बाद पंजाब किंग्स के श्रेयस अय्यर है, जिन्होंने 2025 में 39 छक्के लगाए थे। वहीं, आरसीबी के विराट कोहली 2016 और 2024 में 38 छक्के लगा चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी ने टी-20 में सबसे तेज 100 छक्के जड़े राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए वैभव ने अब तक 11 मैचों में 440 रन बना लिए हैं। वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ मुकाबले में टी-20 में सबसे तेज 100 छक्के पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले ही ओवर में यह उपलब्धि हासिल की। वैभव ने 514 गेंदों में 100 छक्के पूरे कर वेस्टइंडीज के किरोन पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा। पोलार्ड ने 843 गेंदें खेली थीं। IPL इतिहास में तीसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले यंगेस्ट प्लेयर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में अपना दूसरा शतक जड़ दिया। उन्होंने 36 गेंदों में 103 रन बनाए। इस धमाकेदार पारी में उन्होंने 12 छक्के और 5 चौके लगाए। इसी के साथ वे आईपीएल के इतिहास में तीसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं। गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ 30 गेंद पर शतक लगाया था। इसके अलावा वैभव IPL में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए हैं। एक IPL इनिंग में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय वैभव ने अपनी शतकीय पारी में 12 छक्के लगाए। वे IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड मुरली विजय के नाम था, जिन्होंने 2010 में RR के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। वैभव ने भी 2025 में GT के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। वैभव IPL में सबसे तेज 50 सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी वैभव ने IPL में सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने सिर्फ 15 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने क्रिस गेल को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 21 पारियों में 50 छक्के पूरे किए थे। तीसरे नंबर पर 23 पारियों के साथ रजत पाटीदार हैं। IPL में सबसे तेज 500 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने अपने IPL करियर में 500 रन पूरे कर लिए हैं। वे लीग में सबसे कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ मैच में पहली ही गेंद पर चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। वैभव ने सिर्फ 227 गेंदों पर 500 रन बनाए हैं। उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 260 गेंदों में अपने पहले 500 रन पूरे किए थे। प्रियांश आर्या ने ये कमाल 278 गेंदों में किया। वहीं सहवाग को 500 रन बनाने में 280 गेंदें लगी थी। नमन धीर ने 283 गेंदों में 500 विकेट पूरे किए।
पनीर-मटन को भी टक्कर देती है तालाब में मिलने वाली ये सब्जी! डायबिटीज से लेकर एनीमिया तक में असरदार

Last Updated:May 17, 2026, 15:08 IST Kamal Kakdi Benefits in Hindi: भारतीय रसोई में कई ऐसी सब्जियां हैं जो स्वाद के साथ-साथ शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इन्हीं में से एक है कमल ककड़ी, जिसके आगे स्वाद और सेहत के मामले में पनीर से लेकर मटन तक फेल हैं. तालाब में खिलने वाले कमल के फूल की जड़ से तैयार होने वाली यह सब्जी न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाती है, बल्कि शरीर को अंदर से ताकतवर भी बनाती है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सही तरीके से सेवन करने पर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. Kamal Kakdi Benefits in Hindi: अभी तक आपने कई तरह की हरी और मौसमी सब्जियों का स्वाद चखा होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी शाकाहारी सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे स्वाद में पनीर और मटन भी फीके पड़ जाते हैं. हम बात कर रहे हैं ‘कमल ककड़ी’ की. यह सब्जी असल में तालाबों में खिलने वाले कमल के पौधे की जड़ होती है. हल्के मीठे स्वाद और कुरकुरी बनावट वाली कमल ककड़ी न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि शरीर को कई तरह के रोगों से दूर रखकर अंदर से फौलादी बनाने का काम भी करती है. पोषक तत्वों की खान है यह सब्जीआयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि कमल ककड़ी को नेचुरल हेल्थ बूस्टर भी कहा जाता है. इसमें फाइबर, आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह सब्जी शरीर को अंदर से पोषण देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और कब्ज जैसी पेट की परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा यह कैंसर के संभावित खतरे को कम करने में भी असरदार मानी गई है. वजन और डायबिटीज को रखती है कंट्रोलमोटापा कम करने की कोशिश में जुटे लोगों के लिए कमल ककड़ी फायदेमंद है. इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी लो होता है. इसका सीधा फायदा यह होता है कि इसे खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर का लेवल तेजी से नहीं बढ़ता. खून की कमी और दिल की बीमारियों में वरदानएनीमिया से जूझ रहे मरीजों के लिए कमल ककड़ी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें आयरन और कॉपर दोनों ही तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण कर हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद पोटैशियम दिल की सेहत का ख्याल रखता है. यह हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाए रखने और शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है. तनाव को करती है दूर, ऐसे करें इस्तेमालकमल ककड़ी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें विटामिन बी6 पाया जाता है, जो दिमाग को शांत रखने, तनाव कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मददगार होता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर के अंदरूनी हिस्सों की सूजन को कम करते हैं. रसोई में इसका उपयोग सब्जी, सूप, सलाद, अचार या कुरकुरे चिप्स के रूप में किया जा सकता है. इसे हमेशा अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए, क्योंकि कच्ची कमल ककड़ी में बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है. साथ ही, यदि आप पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें. About the Author Seema Nath सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
रजनीकांत बोले-विजय मुझसे 25 साल जूनियर, मैं उनसे नहीं जलता:अगर 2021 में चुनाव लड़ता तो जीत जाता; स्टालिन पुराने दोस्त, उनसे मुलाकात राजनीतिक नहीं

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने रविवार को कहा कि चुनाव नतीजों के बाद स्टालिन से उनकी मुलाकात राजनीतिक नहीं, बल्कि दोस्ती की वजह से थी। उन्होंने विजय से जलने की बातों को भी खारिज किया। रजनीकांत ने कहा, यह सही है कि मैं चुनाव नतीजों के बाद पूर्व सीएम स्टालिन से मिला था, लेकिन मैं राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक गिरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। स्टालिन पिछले 30 साल से मेरे दोस्त हैं। हमारी दोस्ती राजनीति से परे है। विजय को लेकर चल रही चर्चाओं पर रजनीकांत ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं विजय से जलता हूं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। वह मुझसे 25 साल जूनियर हैं।” रजनीकांत ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने 2021 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ा होता, तो वे जीत जाते। दरअसल, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव नतीजों के बाद रजनीकांत ने डीएमके नेता स्टालिन के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए थे कि वे नहीं चाहते कि अभिनेता विजय मुख्यमंत्री बनें। रजनीकांत ने कहा- जनता ने DMK-AIADMK को 60 साल दिए मीडिया को संबोधित करते हुए रजनीकांत ने कहा कि हमने DMK और AIADMK के 60 साल देखे हैं। शायद एक बदलाव की जरूरत थी। मैं विजय के खिलाफ नहीं हूं। राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमें उन्हें कम से कम दो साल का समय देना चाहिए। सीएम पद की शपथ लेने के बाद विजय के 4 बड़े फैसले… 1. 200 यूनिट फ्री बिजली जो घरेलू उपभोक्ता हर दो महीने में 500 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं। उन्हें 200 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी। विजय की पार्टी TVK ने अपने चुनावी वादों में इसे शामिल किया था। इससे करीब 2.4 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन वालों को फायदा होगा। 2. हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स तमिलनाडु के हर जिले में करीब 65 एंटी-ड्रग टास्क फोर्स (ANTF) बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई होगी। इसकी निगरानी सीधे सीएम विजय करेंगे। 3. महिलाओं के लिए स्पेशल टास्क फोर्स ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ नाम से महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक स्पेशल यूनिट बनेगी। इसका काम महिला अपराध रोकना, रैपिड एक्शन और शिकायतों का जल्दी निपटारा करना है। ये TVK का चुनावी वादा था। पिछले साल की एक स्टडी के मुताबिक, 2019 से 2024 तक तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ 40% अपराध के मामले बढ़े हैं। 4. 717 शराब की दुकानें बंद होंगी शैक्षिक संस्थानों, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में आने वाली 717 सरकारी शराब की दुकानें बंद होंगी। कुल 4,765 सरकारी शराब की दुकानों में से 276 धार्मिक स्थलों, 186 शैक्षणिक संस्थानों और 255 बस स्टैंड के पास हैं। AIADMK में फूट, पलानीस्वामी-षणमुगम गुट में बंटी पार्टी तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है। तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया। इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है। AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय सरकार फ्लोर टेस्ट में पास: 118 वोट चाहिए थे, 144 मिले; AIADMK के 25 बागी विधायक साथ आए, DMK का वॉकआउट तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री विजय की TVK सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। वोटिंग के वक्त सदन में 171 विधायक मौजूद थे। इनमें 144 ने TVK का समर्थन किया। TVK के पक्ष में AIADMK के 25 बागी विधायकों नें भी वोट डाला। AIADMK के 47 विधायक हैं। 22 ने TVK सरकार का विरोध किया। फ्लोर टेस्ट में 59 विधायकों वाली DMK ने वॉकआउट कर दिया। सदन मे मौजूद PMK के 4 और BJP के एक विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। पूरी खबर पढ़ें…








