इस राज्य की विधानसभा में हुआ अवैध मतदान! 10 विदेशी नागरिक गिरफ़्तार, जानें ताज़ा अपडेट

चेन्नई पुलिस ने हाल ही में तेलुगू तेलेबा जिले में फर्जी तरीके से पहचान कर अवैध रूप से मत डालने के आरोप में चार महिलाओं समेत 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने स्कूल को यह जानकारी दी. एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अप्रैल को चुनावों के बाद देश वापसी की कोशिश करते समय चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने इन बयानों पर रोक लगा दी। इसे भी पढ़ें: विक्ट्री पार्टी टीवीके के नेता का बयान वायरल, कहा- ‘हम विश्वास के खिलाफ…’ डॉक्यूमेंट्री में कहा गया है कि जांच से पता चला है कि विदेशी नागरिकता और भारतीय नागरिक बने रहने के बावजूद, तीसरे ने कथित तौर पर अवैध रूप से फ्रैंचाइज़ी का इस्तेमाल राज्य के विभिन्न देशों में रहने के लिए किया था। अवरजन अधिकारियों द्वारा ग्रेटर सिटी पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज करने के बाद, केंद्रीय अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस इकाइयों द्वारा सात से 14 मई के बीच मामले दर्ज किए गए। बयान में कहा गया है कि सभी चार पक्षों पर कानूनी कार्यवाही अदालत में पेश की गई है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के सीएम ने ही लिखी थी पीएम मोदी की अपील, जानिए क्या है अपील
रणबीर कपूर ने अयोध्या में ₹3.31 करोड़ की जमीन खरीदी:'रामायण' में निभाएंगे भगवान राम का रोल, अमिताभ ने भी किया था निवेश

एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद ‘द सरयू’ में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर कपूर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
रणबीर कपूर ने अयोध्या में ₹3.31 करोड़ की जमीन खरीदी:'रामायण' में निभाएंगे भगवान राम का रोल, अमिताभ ने भी किया था निवेश

एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद ‘द सरयू’ में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। ‘रामायण’ में भगवान राम बनेंगे रणबीर गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
केसी बोकाड़िया बोले- ‘तीसरी बेगम’ में कड़वी सच्चाई दिखाई है:जय सियाराम विवाद, लव जिहाद मुद्दे और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले फिल्ममेकर

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से
केसी बोकाड़िया बोले- ‘तीसरी बेगम’ में कड़वी सच्चाई दिखाई है:जय सियाराम विवाद, लव जिहाद मुद्दे और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले फिल्ममेकर

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से
हरिद्वार में सायना नेहवाल ने की गंगा आरती; VIDEO:6 दिनों से उत्तराखंड घूम रहीं, मसूरी में नदी किनारे परिवार के साथ ब्रेकफास्ट

ओलिंपिक मेडलिस्ट और इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल इन दिनों परिवार के साथ उत्तराखंड घूमने आई हैं। सायना देर शाम हरिद्वार में गंगा आरती में परिवार के 6 सदस्यों के साथ शामिल हुईं। इस दौरान उनके पिता डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल और बहन अबू चंद्रांशु नेहवाल भी साथ दिखे। हरिद्वार पहुंचने के बाद सायना नेहवाल सबसे पहले नील पर्वत स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ चण्डी देवी मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और मां चंडी देवी का आशीर्वाद लिया। इसकी खबर फैलते ही मंदिर परिसर में प्रशंसकों की भीड़ लग गई। सायना रविवार को मसूरी घूमने आईं थीं और वो नदी किनारे परिवार के साथ ब्रेकफास्ट करती दिखी। इसके बाद वे मंगलवार को अपने परिवार के साथ टिहरी की प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी मंदिर के दर्शन करने पहुंचीं। सायना की PHOTOS… रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचीं सायना गुरुवार को हरिद्वार पहुंची। सायना नेहवाल ने सबसे पहले नील पर्वत स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ चंडी देवी मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने परिवार के साथ रोपवे के जरिए मंदिर पहुंचकर मां चंडी देवी की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर के मुख्य पुजारी भवानी नंदन गिरी ने सायना और उनके परिवार को पूजा संपन्न कराई। उन्होंने सायना की खेल जगत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। चंडी देवी मंदिर में दर्शन के बाद शाम के समय सायना नेहवाल अचानक हरकी पौड़ी पहुंचीं, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लिया। गंगा तट पर पहुंचते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ समेत कई तीर्थ पुरोहितों ने उनका स्वागत किया। उन्हें मां गंगा की चुनरी और गंगाजली भेंट कर सम्मानित किया गया। तन्मय वशिष्ठ ने सायना नेहवाल को गंगा आरती की परंपरा, हरकी पैड़ी की पौराणिक मान्यता और मां गंगा की महिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि सायना नेहवाल का हरकी पैड़ी पहुंचना पूरी तरह अचानक था। उनके साथ उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ गंगा आरती में सहभागिता की और कुछ समय हरकी पैड़ी पर बिताने के बाद परिवार सहित हरिद्वार से रवाना हो गईं। देश की पहली महिला बैडमिंटन ओलिंपिक पदक विजेता हैं सायना सायना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह देश की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक में पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। खेल जगत में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपना आखिरी कंपीटिटर मैच जून 2023 में सिंगापुर ओपन के दौरान खेला था।
सेंसेक्स 107 अंक चढ़कर 75,506 पर पहुंचा:निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, यह 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 15 मई को तेजी है। सेंसेक्स 100 अंक चढ़कर 75,506 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, ये 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी गिरावट कल अमेरिकी बाजारों में तेजी रही कल विदेशी निवेशकों ने ₹188 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स 790 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले शेयर बाजार में गुरुवार, 14 मई को बढ़त रही। सेंसेक्स 790 अंक (1.06%) की तेजी के साथ 75,399 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 277 अंक (1.18%) की बढ़त रही, ये 23,690 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स 107 अंक चढ़कर 75,506 पर पहुंचा:निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, यह 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 15 मई को तेजी है। सेंसेक्स 100 अंक चढ़कर 75,506 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, ये 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी गिरावट कल अमेरिकी बाजारों में तेजी रही कल विदेशी निवेशकों ने ₹188 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स 790 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले शेयर बाजार में गुरुवार, 14 मई को बढ़त रही। सेंसेक्स 790 अंक (1.06%) की तेजी के साथ 75,399 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 277 अंक (1.18%) की बढ़त रही, ये 23,690 पर बंद हुआ था।
Skin Care Tips: तेज धूप में कहीं झुलस न जाए त्वचा, इन देसी नुस्खों को आजमाएं, साफ होगी टैनिंग चेहरे पर आएगा निखार

Last Updated:May 15, 2026, 08:25 IST Skin Care Tips: मई महीने में और भी ज्यादा प्रचंड होने वाली है. ऐसे में जब धूप स्किन पर डायरेक्ट लगे तो बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है. तेज धूप में दिन भर घूमने से स्किन टैन हो जाती है. आप हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों को जरूर फॉलो करें. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मियों की तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम त्वचा के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं लेकिन अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो यही मौसम आपकी त्वचा को नैचुरल ग्लो भी दे सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रख सकते हैं. कामदगिरि आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ सूरज कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में सबसे जरूरी है त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना. वहीं शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद अहम है, इसलिए भरपूर पानी पीना और रसदार फलों का सेवन करना चाहिए. धूप में निकलते समय चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकना स्किन प्रोटेक्शन के लिए बेहद कारगर उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं की मुख्य वजह बनता है. ज्यादा धूप में रहना, मसालेदार भोजन और कम पानी पीना इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए लोगों को छांव में रहना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. इससे बचने के लिए ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा कम होती है. इसके अलावा दही और बेसन का पेस्ट टैनिंग हटाने में असरदार माना जाता है. वहीं खीरे का रस त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

धार के भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया में उलझे इस मामले में पूरे मध्य प्रदेश की नजर है। फैसले के मद्देनजर धार जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 12 लेयर सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कंट्रोल रूम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पुलिस बल को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि धार शहर की सुरक्षा 12 लेयर में की गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। 2022 में दायर हुई थी याचिका यह मामला 2022 में शुरू हुआ, जब रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की। याचिका में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, परिसर में नमाज पर रोक, ट्रस्ट गठन और ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने जैसी मांगें शामिल हैं। ASI ने किया था 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताते हुए ऐतिहासिक दस्तावेज, ASI सर्वे, शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और वसंत पंचमी पर पूजा की परंपरा का हवाला दिया। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ समरांगण सूत्रधार का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें वर्णित मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है। याचिका में ये हैं प्रमुख मांगें वर्षों से बदलती रही व्यवस्था भोजशाला को लेकर वर्षों से विवाद और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलती रही हैं। 2003 से यहां हर मंगलवार और वसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा तथा शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती है। बाकी दिनों में परिसर पर्यटकों के लिए खुला रहता है। 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ पड़ने पर यहां तनाव की स्थिति भी बन चुकी है। ऐसे में आज का फैसला भोजशाला विवाद की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







