Raw Mango Benefits: गर्मी में कच्चा आम खाने के फायदे, सेवन का सही तरीका

आम का सीजन है. मार्केट में पके आम आने से पहले छोटे-छोटे आम के टिकोले यानी कच्चे आम खूब मिलने लगते हैं. ये पूरी तरह बढ़े और पके बिना ही पेड़ से टूट कर गिर जाते हैं, जिसे आम के टिकोले कहते हैं. स्वाद में बेहद खट्टा कच्चा आम हरा, सख्त होता है. मुख्य रूप से इससे आम की खट्टी-मिठी, तीखी चटनी बनाई जाती है. आम पन्ना बनाकर पिया जाता है. कच्चे आम से बना अचार तो खाकर मजा ही जाता है. गर्मियों के मौसम में सिर्फ पके ही नहीं कच्चे आम भी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. कच्चे आम (Mango) में पोषक तत्व कच्चे आम में मुख्य रूप से विटामिन C, विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), विटामिन B ग्रुप जैसे बी1, बी2, बी3, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. कच्चे आम में कैलोरी कम होता है, लेकिन पोषण और स्वाद दोनों में समृद्ध होता है. खासकर गर्मियों में यह शरीर को ठंडक और ताजगी देता है. कच्चे आम खाने के फायदे – गर्मियों में हीट स्ट्रोक, लू, सिरदर्द से बचना है तो आप कच्चे आम का सेवन जरूर करें. यह शरीर को हाइड्रेट रखता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, कच्चे आम के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेटे रहता है. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पानी का लेवल बनाए रखता है. गर्मी के मौसम में हर समय होने वाली सुस्ती, थकान को दूर करता है. – गर्मी के मौसम में काफी लोगों का पाचन तंत्र खराब रहता है. अपच, कम भूख लगना, गैस, डायरिया आदि बेहद कॉमन हैं. ऐसे में कच्चा आम खाने से पाचन एंजाइम्स एक्टिव होते हैं. इससे खाना जल्दी और आसानी से पच जाता है. आंतें भी हेल्दी रहती हैं. – इसमें मौजूद फाइबर और कुछ प्राकृतिक एसिड पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या कम करते हैं. -कच्चे आम में विटामिन सी भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. इससे आप सीजनल बीमारियों से बचे रह सकते हैं. शरीर इंफेक्शन से लड़ता है. -इसमें मौजूद फाइबर और कुछ प्राकृतिक एसिड पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या कम करते हैं. इससे पेट साफ रहता है. – कच्चा आम धीरे-धीरे पचता है, जिससे शरीर में अचानक ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से रोकता है. ऐसे में डायबिटीज होने पर इसका सेवन तो करें, लेकिन मात्रा का ख्याल भी जरूर रखें. – हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल होना आपके हार्ट के लिए सही नहीं है. इससे हार्ट डिजीज होने का जोखिम बढ़ जाता है. कच्चे आम में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है. इससे आपका हार्ट हेल्दी रहता है. -आंतों को स्वस्थ रखने में कारगर है, क्योंकि इसमें प्रीबायोटिक्स गुड बैक्टीरिया होते हैं. इससे आंतें हेल्दी रहती हैं इम्युनिटी भी मजबूत होती है. नोट- अधिक मात्रा में एक दिन में सेवन न करें. खासकर, वे लोग, जिन्हें गैस की समस्या रहती हो. प्रेग्नेंट लेडी और किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें, उसके बाद ही इसका सेवन करें.
बंगाल सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री अग्निमित्रा पॉल का बड़ा बयान, कहा- ‘अब महिलाएं हर समय…’

पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करती है कि महिलाएं कहीं भी समय-समय पर बेखौफ रहें और उनके द्वारा दर्ज की गई महिलाओं पर पुलिस से अनिवार्य कार्रवाई करें। पॉल ने विधानसभा में शपथ लेने के बाद रविवार को रविवार को कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और तख्तापलट पर कब्जा करने के मकसद से जल्द ही सभी नगर में सबसे पहले निगरानी शुरू की जाएगी। उन्होंने दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज लाइसेंस मामले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित शिकायत का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ”किसी (पिछली सरकार) द्वारा दी गई सिफारिशों के विपरीत, हर महिला को किसी भी समय बाहर रहने का अधिकार होना चाहिए।” उन्हें अपनी इच्छानुसार कहीं भी जाने से नहीं रोका जा सकता। अगर महिलाएं पूछें कि वे रात आठ बजे के बाद बाहर क्यों जाएं, तो यह सराहना है”। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा, “महिलाओं को जब तन्हाई, जहां तहां रहने की आजादी मिलनी चाहिए। सरकार इसे सुनिश्चित करती है। महिलाओं को ‘जीरो’ जारी करने के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है और उनकी याचिका को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार किया जाना चाहिए और उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि हावड़ा और दुर्गापुर नगर निगमों का चुनाव जल्द ही होगा। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल राजनीति: बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही लिया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगाई थी रोक यह दावा करते हुए कि अवैध ‘टोल प्लाजा’ की अनुमति नहीं दी जाएगी, पॉल ने आरोप लगाया कि ”तृणमूल कांग्रेस के कैथोलिक” ने बांस के अवरोधों को रोककर ऐसे ‘टोल पॉइंट’ स्थापित किए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, “नदियों के अपराधियों से अवैध रूप से कोयला खनन और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में अवैध रूप से कोयला खनन आदि के उपकरण भी बंद किए गए हैं। इस तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं और कदम उठाए गए हैं।” और पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बंगाल में महिलाओं के लिए मिलेंगे 3000 रुपये, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला
खेत में सांप काट ले तो सबसे पहले क्या करें? यहां जानिए वो तरीका जो बचा सकता है आपकी जान

फरीदाबाद: खेत में रात का समय… चारों तरफ अंधेरा… किसान फसल की सिंचाई कर रहा होता है. तभी अचानक पैर के पास कुछ हलचल होती है और पता चलता है कि सांप ने काट लिया. ऐसे समय में अक्सर लोग घबरा जाते हैं. कोई रस्सी बांध देता है कोई जहर चूसने लगता है तो कोई झाड़-फूंक करवाने के लिए दौड़ पड़ता है. लेकिन यही घबराहट कई बार मरीज की हालत और बिगाड़ देती है. फरीदाबाद जैसे इलाकों में जहां गांवों और खेतों के आसपास कोबरा और करैत जैसे जहरीले सांप पाए जाते हैं वहां सही जानकारी होना बेहद जरूरी है. लोकल18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉक्टर सुमित आपातकालीन एवं ट्रॉमा प्रबंधन विभाग के प्रभारी बताते हैं सांप काटने के बाद सबसे जरूरी चीज घबराना नहीं बल्कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना है. हर बार सांप काटने पर जहर शरीर में जाए ऐसा जरूरी नहीं होता. कई बार ड्राई बाइट होती है यानी सांप काटता है लेकिन जहर नहीं छोड़ता. वहीं कई बार सांप जहर भी इंजेक्ट कर देता है. ऐसी स्थिति में मरीज खुद यह तय नहीं कर सकता कि जहर गया है या नहीं इसलिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है. सांप के काटने पर क्या न करें डॉक्टर सुमित बताते हैं गांवों में लोग अक्सर कई गलतियां कर बैठते हैं. कोई काटी हुई जगह पर कपड़ा या रस्सी कसकर बांध देता है तो कोई मुंह से खून चूसकर जहर निकालने की कोशिश करता है. कुछ लोग ब्लेड से काटकर खून निकालने लगते हैं. यह सब बिल्कुल गलत है और जानलेवा भी हो सकता है. डॉक्टर सुमित बताते हैं जहां सांप ने काटा है वहां मुंह से खून चूसने या ब्लेड से काटने से कोई फायदा नहीं होता. यह सिर्फ फिल्मों और पुराने मिथकों में दिखाया जाता है. कई बार लोग सोचते हैं कि रस्सी या कपड़ा कसकर बांध देंगे तो जहर ऊपर नहीं चढ़ेगा जबकि हकीकत इसके उलट है. ज्यादा टाइट बांधने से खून का संचार रुक जाता है और अस्पताल में खोलने के बाद शरीर को और नुकसान पहुंच सकता है. झाड़-फूंक से कभी सांप का जहर नहीं उतरता डॉक्टर सुमित बताते हैं झाड़-फूंक से कभी सांप का जहर नहीं उतरता. गांवों में आज भी कई लोग मरीज को अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूंक कराने ले जाते हैं जिससे इलाज में देरी हो जाती है. जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचेगा उतनी जल्दी एंटी-वेनम देकर उसकी जान बचाई जा सकती है. कोबरा और करैत जैसे सांप जहरीले डॉक्टर सुमित बताते हैं बरसात के मौसम में फरीदाबाद में सांप काटने के मामले ज्यादा आते हैं. उस समय सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं. यहां सबसे ज्यादा कोबरा और करैत जैसे जहरीले सांप पाए जाते हैं. अगर इन सांपों ने जहर छोड़ दिया, तो कुछ घंटों के भीतर मरीज की जान भी जा सकती है अगर समय पर इलाज न मिले. कब दिया जाता है एंटी-वेनम डॉक्टर सुमित बताते हैं अस्पताल पहुंचने के बाद सबसे पहले हम मरीज की जांच करते हैं. कई बार शरीर पर सांप काटने के निशान होते हैं, लेकिन जहर के कोई लक्षण नहीं दिखते. ऐसी स्थिति को ड्राई बाइट कहा जाता है और उसमें एंटी-वेनम की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अगर मरीज में जहर के लक्षण दिखने लगें तो तुरंत एंटी-वेनम दिया जाता है. इलाज में देरी से ज्यादा नुकसान ज्यादातर मरीज दो से चार दिनों में ठीक हो जाते हैं. लेकिन अगर इलाज में देरी हो जाए तो जहर शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. कई बार मरीज को वेंटिलेटर तक की जरूरत पड़ जाती है. किडनी खराब होना ब्लीडिंग होना या शरीर के अन्य अंग प्रभावित होना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं. डॉक्टर सुमित बताते हैं कई बार सांप काटने के तुरंत बाद लक्षण नहीं आते. कुछ मरीजों में दो से तीन दिन बाद भी असर दिखाई देता है. इसी वजह से ऐसे मरीजों को अस्पताल में निगरानी में रखा जाता है. गांवों में एक और अंधविश्वास देखने को मिलता है. कई लोग मानते हैं कि अगर सांप काटने से किसी की मौत हो जाए तो शव को जलाने की बजाय गंगा में बहा देने से वह जिंदा हो सकता है. इस पर डॉक्टर सुमित बताते हैं यह पूरी तरह मिथक है. अगर किसी व्यक्ति की मौत हो चुकी है तो पानी में डालने से वह जिंदा नहीं होगा. क्या सांप को मार देने से जहर नहीं चढ़ता डॉक्टर सुमित बताते हैं कई लोग सांप काटने के बाद मरीज को अस्पताल ले जाने की बजाय पहले सांप को मारने में लग जाते हैं. लोगों को लगता है कि सांप को मार देंगे तो जहर नहीं चढ़ेगा. यह बिल्कुल गलत सोच है. मरीज को छोड़कर सांप के पीछे भागने में समय बर्बाद होता है और यही देरी जानलेवा साबित हो सकती है. मरीज के लक्षण देखकर शुरू होता है इलाज डॉक्टर सुमित बताते हैं सांप को देखकर यह समझने में मदद मिल सकती है कि वह जहरीला था या नहीं लेकिन इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है. डॉक्टर मरीज के लक्षण देखकर भी इलाज शुरू कर देते हैं. सांप काटने पर सबसे पहले मरीज को शांत रखें और बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल पहुंचाएं.
देवास की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट:8 से 10 लोगों की मौत की सूचना, चश्मदीद बोले- मकान हिल गए, पतंग की तरह उड़ रहे थे लोग

देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 11.30 बजे अचानक धमाका हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में आठ से 10 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद कंपनी परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीम मौके के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि धमाके में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। मौतों, घायलों की स्थिति और धमाके के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। देखिए हादसे की 4 तस्वीरें… खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
‘इसे खत्म करने के लिए मैदान में उतरे’: टीवीके विधायक ने उदयनिधि की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया, बीजेपी ने पलटवार किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 11:18 IST मुस्तफा की यह टिप्पणी द्रमुक नेता द्वारा ‘सनातन धर्म’ को दोहराकर और विधानसभा में यह घोषणा करने के बाद कि “इसे खत्म किया जाना चाहिए” एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा ने उदयनिधि स्टालिन की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया सनातन उन्मूलन पंक्ति: मुख्यमंत्री विजय के टीवीके विधायक द्वारा डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के “सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए” रुख को दोहराते हुए तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक झगड़ा शुरू हो गया, उन्होंने कहा कि पार्टी पेरियार ईवी रामासामी और बीआर अंबेडकर के आदर्शों का पालन करती है, और “सनातन को खत्म करने की लड़ाई में शामिल हो गई है”। मदुरै सेंट्रल से टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी का जवाब दे रहे थे और उन्होंने कहा, “हम भी पेरियार और अंबेडकर के आदर्शों को मानते हैं। हम भी सनातन को खत्म करने के लिए मैदान में उतर आए हैं।” उनकी यह टिप्पणी द्रमुक नेता द्वारा ‘सनातन धर्म’ पर सवाल उठाकर और विधानसभा में यह घोषणा करने के एक दिन बाद आई है कि “इसे खत्म किया जाना चाहिए” क्योंकि यह समाज में लोगों को विभाजित करता है। उदयनिधि ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान कहा, “सनातनम, जिसने लोगों को अलग किया, को खत्म किया जाना चाहिए।” उन्होंने उस बहस को पुनर्जीवित कर दिया, जिसने हाल के महीनों में बार-बार तीखी राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। उदयनिधि नई सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह पर एक विशेष शिकायत की ओर इशारा कर रहे थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राज्य गान को पारंपरिक प्रमुखता प्राप्त करने के बजाय घटनाओं के अनुक्रम में तीसरे स्थान पर रखा गया था। बीजेपी का पलटवार इन टिप्पणियों की भाजपा ने निंदा की, जिसने टीवीके और डीएमके पर विभाजनकारी बयानबाजी में शामिल होने और हिंदू मान्यताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता नारायणन तिरुपति ने मुस्तफा की आलोचना करते हुए उनके बयान को निंदनीय और धार्मिक सद्भाव के लिए हानिकारक बताया। एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या मुस्तफा इस्लाम या ईसाई धर्म के खिलाफ इसी तरह की टिप्पणी करेंगे और उन पर हिंदू मान्यताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। नेता ने यह भी कहा कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक अहंकार को दर्शाती हैं। टीवी के द्वारा दिया गया बयान @TVKPartyHQ विधान सभा सदस्य मुस्तफा – “हम सनातन को मिटाने के लिए ही राजनीतिक क्षेत्र में आए हैं” – अत्यधिक निंदनीय है। एक मुस्लिम, और विशेष रूप से एक जन प्रतिनिधि, हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक बातें कर रहा है और… – नारायणन तिरुपति (@नारायणनंतबीजेपी) 14 मई 2026 भाजपा नेता ने मुस्तफा के बयान या उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई पूर्व टिप्पणियों की निंदा नहीं करने के लिए विजय की आलोचना की। “मुख्यमंत्री जोसेफ विजय @TVKVijayHQ ने अब तक विधानसभा में सनातनम पर उदयनिधि स्टालिन के भाषण या डीएमके विधायक मुस्तफा द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा नहीं की है। एक मुख्यमंत्री के लिए जो सभी लोगों के लिए नेता होने का दावा करता है, बहुसंख्यक समुदाय के जीवन के तरीके की आलोचना करने वालों की निंदा करने में असफल होना उनके द्वारा रखे गए उच्च पद के लिए उपयुक्त नहीं है,” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म शाश्वत है और इसे किसी भी व्यक्तिगत या राजनीतिक आंदोलन द्वारा नष्ट नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म, जो शाश्वत और चिरस्थायी है, उसे अतीत में जन्मे किसी भी व्यक्ति ने कभी नष्ट या मिटाया नहीं है, न ही अब पैदा हुआ कोई ऐसा करने में सक्षम है, और भविष्य में पैदा होने वाला कोई भी व्यक्ति इसे कभी भी नष्ट नहीं कर पाएगा।” पहले का विवाद उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों से अतीत में राजनीतिक विवाद पैदा हुआ है और यह न्यायिक जांच के दायरे में भी आया है। इस साल की शुरुआत में, विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने पाया कि उनका एक भाषण “घृणास्पद भाषण” था। न्यायमूर्ति एस.श्रीमथी ने अमित मालवीय के खिलाफ एक प्राथमिकी को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिन पर उदयनिधि की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने कहा कि उदयनिधि ने तमिल वाक्यांश “सनातन ओझिप्पु” का उपयोग किया था, जिसका अर्थ “सनातन एथिरप्पु” के बजाय सनातन धर्म का उन्मूलन है, जिसका अर्थ सनातन धर्म का विरोध है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘इसे खत्म करने के लिए मैदान में उतरे’: टीवीके विधायक ने उदयनिधि की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया, बीजेपी ने पलटवार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सनातन धर्म विवाद(टी)सनातन उन्मूलन विवाद(टी)उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी(टी)विजय टीवीके सरकार(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)पेरियार अंबेडकर के आदर्श(टी)बीजेपी की प्रतिक्रिया तमिलनाडु(टी)मद्रास उच्च न्यायालय घृणास्पद भाषण
चिलचिलाती गर्मी में 1 गिलास बेल शरबत और पेट रहेगा ठंडा! शेफ संजीव कपूर की ये रेसिपी गैस, कब्ज और एसिडिटी में देगी राहत

Bel Sharbat Recipe: गर्मी का मौसम आते ही शरीर का हाल कुछ ऐसा हो जाता है कि ठंडा, हल्का और सुकून देने वाला कुछ पीने का मन करता है. ऐसे में बाजार के कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड जूस से ज्यादा भरोसा घर के पारंपरिक पेयों पर होता है. इसी बीच मशहूर शेफ संजीव कपूर ने एक ऐसा देसी ड्रिंक शेयर किया है, जो न सिर्फ ठंडक देता है बल्कि पेट की समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है. बात हो रही है बेल के शरबत की-एक ऐसा स्वाद जो बचपन की यादों से जुड़ा है और आज भी उतना ही असरदार माना जाता है. सोशल मीडिया पर शेयर की गई इस रेसिपी ने लोगों का ध्यान खींचा है, खासकर उन लोगों का जो गर्मी में हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं. देसी स्वाद के साथ हेल्थ का तड़काबेल का फल, जिसे लकड़ी का सेब भी कहा जाता है, लंबे समय से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होता रहा है. गांवों में आज भी लोग गर्मी से बचने के लिए बेल का शरबत पीते हैं. इसकी खासियत सिर्फ इसका मिट्टी जैसा सादा स्वाद नहीं, बल्कि इसका कूलिंग इफेक्ट भी है जो शरीर को अंदर से शांत करता है. शेफ संजीव कपूर ने इसे “नेचुरल रेमेडी” बताया है, खासकर उन लोगों के लिए जो पाचन से जुड़ी दिक्कतों से जूझते हैं. उनका कहना है कि ये ड्रिंक न सिर्फ पेट को ठंडा करता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. बेल शरबत बनाने की आसान रेसिपीसामग्री:-1 बड़ा बेल फल-1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर-काला नमक स्वादानुसार-2-3 बड़े चम्मच पिसी चीनी-बर्फ के टुकड़े सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. विधि:सबसे पहले बेल को तोड़कर उसका गूदा निकाल लें. इसे ठंडे पानी के साथ अच्छे से मैश करें ताकि गूदा अच्छी तरह घुल जाए. फिर इसे छानकर रेशे अलग कर लें. अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक और चीनी मिलाएं. आखिर में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. यह ड्रिंक जितना सिंपल है, उतना ही असरदार भी है. क्यों खास है बेल का शरबत?गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है और पानी की कमी भी होने लगती है. ऐसे में बेल का शरबत एक ऑल-इन-वन सॉल्यूशन की तरह काम करता है. पाचन के लिए फायदेमंद:अगर आपको अक्सर कब्ज या गैस की समस्या रहती है, तो बेल का शरबत काफी राहत दे सकता है. एसिडिटी में राहत:यह पेट को ठंडा करता है, जिससे जलन और एसिडिटी कम होती है. हाइड्रेशन बनाए रखता है:तेज गर्मी में शरीर का पानी जल्दी खत्म होता है, लेकिन यह ड्रिंक उसे बैलेंस करता है. इम्युनिटी को सपोर्ट:बेल में मौजूद पोषक तत्व शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं. नेचुरल कूलिंग एजेंट:हीट स्ट्रोक जैसी परेशानियों से बचाव में यह बेहद कारगर माना जाता है.
Beauty Tips: ऑफिस जाने वाली महिलाएं अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, गर्मी में छू भी नहीं पाएगी टैनिंग, मिलेगा नैचुरल ग्लो!

Last Updated:May 14, 2026, 10:34 IST Summer Skin Care Tips: इन दिनों सूरज की तपिश बढ़ गई है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. गर्मी में चेहरे की देखभाल सबसे जरूरी हो जाती है, क्योंकि धूप, पसीना और धूल-मिट्टी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप भी इस गर्मी में अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो इन आसान और कारगर नुस्खों को जरूर अपनाएं. (रिपोर्ट: वंदना रेवांचल तिवारी/रीवा) गर्मियों के मौसम में स्किन का नैचुरल ग्लो खत्म हो जाता है और स्किन से जुड़ी तमाम समस्याएं होने लगती हैं. तेज धूप में सबसे कॉमन समस्या टैनिंग की होती है. वहीं कुछ लोगों को गर्मी के दिनों में चेहरे पर दाने और मुहांसे भी होने लगते हैं. खासतौर पर जो लोग रोजाना घर से बाहर काम पर जाते हैं, उन्हें स्किन टैनिंग की समस्या ज्यादा झेलनी पड़ती है. रोजाना सुबह ऑफिस जाने वाली महिलाओं यानि कामकाजी महिलाओं को स्किन से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं. ट्रैवलिंग के दौरान प्रदूषण, धूल मिट्टी की वजह से स्किन डैमेज और दाग धब्बे जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आप भी रोजाना ऑफिस जाती है, तो आपको ब्यूटी एक्सपर्ट के बताए कुछ ब्यूटी टिप्स को फॉलो करना चाहिए. मध्य प्रदेश के रीवा की ब्यूटीशियन रूबी खान ने कहा कि गर्मियों में स्किन खुद को हेल्दी रखने और किसी भी जलन या सनबर्न को ठीक करने के लिए कड़ी मेहनत करती है. ऐसे में एक्सफोलिएट करने से मदद मिल सकती है. एक्सफोलिएशन डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है. ऐसा करने के बाद आपकी त्वचा चमकदार दिखती है. ध्यान रखें कि त्वचा को जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएट न करें. हफ्ते में एक बार ऐसा करना ठीक है. Add News18 as Preferred Source on Google बहुत ज्यादा यूवी एक्सपोजर आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है और सनबर्न, झुर्रियां, फाइन लाइन्स और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण दिख सकते हैं. ऐसे में एक ऐसा सनब्लॉक या सनस्क्रीन खरीदें, जिसमें यूवी स्पेक्ट्रम कम से कम एसपीएफ 30 हो. घर से बाहर निकलने से पहले इसे अपनी त्वचा के सभी खुले हिस्सों पर लगाएं. इसके अलावा नाइट क्रीम लगानी चाहिए. इससे स्किन सुबह तक सॉफ्ट बनी रहती है. गर्मियों के महीनों में मेकअप कम से कम करें. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी त्वचा को सांस लेने की जरूरत होती है, इसलिए जब मौसम बहुत गर्म हो तो मिनरल-बेस्ड मेकअप लगाने की कोशिश करें क्योंकि ये प्रोडक्ट हल्के होते हैं. अगर आप फाउंडेशन लगाना पसंद करते हैं, तो इसकी जगह एसपीएफ वाला टिंटेड मॉइश्चराइजर लगाएं. इसपर फेस पाउडर लगा सकते हैं. गर्मी और उमस भरी गर्मी के दिनों में चेहरे के लिए कूलिंग मिस्ट कमाल का काम करता है. यह सनबर्न और सूजन को शांत करने में मदद करता है और आपकी त्वचा को फ्रेश और चमकदार बनाता है. गर्मी में इसका इस्तेमाल करें. तेज धूप में ज्यादा देर तक न रहें और चेहरे को बार-बार धोएं. हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें, जिससे त्वचा को सांस लेने में आसानी हो. मुल्तानी मिट्टी चेहरे के लिए सबसे फायदेमंद मानी जाती है. दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाएं. इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल डालकर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें. यह ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है और चेहरे को ठंडक देता है. गुलाब जल एक प्राकृतिक टोनर की तरह काम करता है और त्वचा को फ्रेश बनाए रखता है. रोज सुबह और रात में रुई की मदद से गुलाब जल चेहरे पर लगाएं. गर्मी के मौसम में सेहत का अच्छा ख्याल रखना है, तो पानी पीना बहुत जरूरी है. साथ ही हल्की लेकिन सेहतमंद डाइट लेनी जरूरी है. इस मौसम में पानीदार फलों का सेवन करें. सलाद और ड्राई फ्रूट्स भी ले सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका “सिंड्रेला” अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लॉरियल पेरिस को टैग करते हुए लिखा, “लगभग टाइम हो गया”। वीडियो में, उन्होंने पर्दे हटाकर अपने गाउन की एक झलक दिखाई। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। रेड कार्पेट पर उन्होंने फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए, फैंस को फ्लाइंग किस भेजी और हाथों से हार्ट जेस्चर भी बनाया। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी
कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका ‘सिंड्रेला’ अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोरियल पेरिस को टैग करते हुए अपने लुक की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हुआ है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। कांस से आलिया के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक यूलिया वंतूर ने कांस रेड कार्पेट पर वॉक किया एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। तारा सुतारिया करेंगी कांस के रेड कार्पेट पर डेब्यू आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट पर पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटो के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहने वालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकर इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बने हैं। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में चीन के गुप्त ‘पुलिस स्टेशन’ का खुलासा: न्यूयॉर्क निवासी दोषी करार

न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक लू जियानवांग को चीन सरकार की ओर से कथित गुप्त पुलिस स्टेशन चलाने का दोषी ठहराया है। यह स्टेशन मैनहटन के चाइनाटाउन इलाके में संचालित हो रहा था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 64 वर्षीय लू जियानवांग, जिसे हैरी लू के नाम से भी जाना जाता है, चीन के पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय के लिए काम कर रहा था। जूरी ने उसे चीन सरकार के अवैध एजेंट के तौर पर काम करने और जांच में बाधा डालने के आरोप में दोषी माना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कथित पुलिस स्टेशन 2022 की शुरुआत में शुरू किया गया था। यह एक रामेन स्टॉल के ऊपर पूरे फ्लोर में चल रहा था। FBI जांच शुरू होने के बाद 2022 के अंत में इसे बंद कर दिया गया। प्रॉसिक्यूटर्स ने बताया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद लू और उसके सह-आरोपी चेन जिनपिंग ने चीन के अधिकारियों के साथ हुए टेक्स्ट मैसेज डिलीट कर दिए थे। FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर जेम्स सी बार्नाकल जूनियर ने कहा कि इस स्टेशन का इस्तेमाल चीन विरोधी लोगों और लोकतंत्र समर्थकों को टारगेट करने के लिए किया गया। मामले के दूसरे आरोपी चेन जिनपिंग ने दिसंबर 2024 में चीन के एजेंट के तौर पर साजिश रचने का आरोप स्वीकार कर लिया था। फिलहाल उसकी सजा तय होना बाकी है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि दुनिया के 53 देशों में चीन के ऐसे 100 से ज्यादा कथित आउटपोस्ट मौजूद हैं। आरोप है कि इनके जरिए विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों और लोकतंत्र समर्थकों की निगरानी की जाती है। हालांकि, चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। चीन का कहना है कि ये केवल ‘सर्विस स्टेशन’ हैं, जहां विदेशों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक मदद दी जाती है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… फिलीपींस सीनेट में गोलीबारी: ICC वॉरंट से बचने के लिए अंदर छिपे सीनेटर डेला रोजा फिलीपींस की सीनेट बिल्डिंग में बुधवार रात गोलीबारी हुई। यहां ICC के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा पिछले दो दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अंदर मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ हथियारबंद लोगों ने सीनेट की दूसरी मंजिल में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। फिलीपींस के गृह सचिव जॉनविक रेमुला ने बताया कि सार्जेंट-एट-आर्म्स ऑफिस के एक सदस्य ने पहले चेतावनी के तौर पर गोली चलाई। इसके बाद संदिग्ध लोग पीछे हटे और हवा में गोलियां चलाते हुए वहां से निकल गए। 64 वर्षीय डेला रोजा सोमवार से सीनेट परिसर में मौजूद हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने उन पर पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के साथ मिलकर मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया है। ICC का आरोप है कि 2016 से 2018 के बीच ड्रग्स विरोधी अभियान में हजारों लोगों की हत्या हुई। कोर्ट ने सोमवार को डेला रोजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की पुष्टि की थी। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि डेला रोजा को गिरफ्तार करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी को सीनेट नहीं भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया जारी है। डेला रोजा पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के करीबी सहयोगी रहे हैं। डुटर्टे सरकार के दौरान ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाया गया था, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति डुटर्टे को मार्च 2025 में गिरफ्तार कर द हेग भेजा गया था, जहां वे ICC की हिरासत में हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।







