प्रेग्नेंसी में भीषण गर्मी से हो न जाएं ये समस्याएं, गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें खास ध्यान

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का बेहद खास दौर होता है. इस दौरान मां और शिशु दोनों की सेहत का विशेष ख्याल रखना जरूरी होता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में बढ़ती गर्मी और लू गर्भवती महिलाओं के लिए कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है. ऐसे में थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है. गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से अधिक संवेदनशील हो जाता है. तेज धूप, अधिक पसीना और पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिसका असर मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों पर पड़ सकता है. हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें गर्मियों में सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर होता है. इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे असहजता कम होती है. शरीर को रखें हाइड्रेट गर्भवती महिलाओं को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी नहीं होने देते. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दोपहर की तेज धूप से बचें दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप और लू का असर सबसे ज्यादा होता है. इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, सनग्लासेस और स्कार्फ का इस्तेमाल जरूर करें. संतुलित और हल्का भोजन करें गर्मी के मौसम में ताजे फल, हरी सब्जियां, दही और हल्का घर का बना खाना खाना फायदेमंद होता है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन से दूरी बनाकर रखें. शरीर में दिखने वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें अगर चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक थकान, बेचैनी या पेट में दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. समय रहते इलाज करवाना बेहद जरूरी है. पर्याप्त आराम है जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिला को पर्याप्त आराम मिलना चाहिए. परिवार के लोगों को भी उनकी देखभाल में सहयोग करना चाहिए. साथ ही नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना इस मौसम में और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. थोड़ी सावधानी से रहें सुरक्षित गर्मी के मौसम में सही खान-पान, पर्याप्त पानी और जरूरी सावधानियां अपनाकर गर्भवती महिलाएं खुद और अपने होने वाले शिशु को सुरक्षित रख सकती हैं.
सेहत का सच्चा दोस्त है ये हरा पत्ता, एक नहीं सेवन से मिलेंगे अनेकों फायदे; तेल से लेकर चटनी तक में उपयोगी

Last Updated:May 14, 2026, 08:33 IST Benefits of Peppermint: पिपरमेंट सिर्फ एक स्वादिष्ट हर्बल पौधा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए प्राकृतिक इलाज का काम करता है. चाहे यह पाचन की समस्या हो, सिरदर्द, तनाव, सर्दी या त्वचा की समस्या, पुदीना, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स जैसे गुणों से भरपूर होता है. पुदीने में ऐसे गुण मौजूद होते है. जिसके सेवन से आपको तुरंत ताजगी भरा महसूस होता है. पुदीने का इस्तेमाल अमूमन गर्मियों में इसलिए किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. पुदीना बेहतर पाचन को बढ़ावा देता है, मितली को रोकता है, सांस की समस्याओं, अवसाद-थकान को दूर करने में मदद करता है. पिपरमेंट के पत्ते और तेल बहुत उपयोगी हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में पिपरमेंट को शामिल करना हमारे स्वास्थ्य के लिए एक सरल और प्राकृतिक तरीका है. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: पिपरमेंट मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसकी ताजा और ठंडी खुशबू मन को शांत करने में मदद करती है. जिससे तनाव और चिंता कम महसूस होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट में मौजूद मेंथॉल दिमाग को ताजगी देता है और मानसिक थकान दूर करने में सहायक होता है. कई लोग काम के दौरान ध्यान केंद्रित करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए पिपरमेंट ऑयल या इसकी खुशबू का इस्तेमाल करते है. इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार मानी जाती है. अरोमाथेरेपी में भी पिपरमेंट का उपयोग मानसिक शांति के लिए किया जाता है. पिपरमेंट की चाय पीने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है. हालांकि, अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और किसी गंभीर मानसिक समस्या में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. पिपरमेंट, जिसे आम भाषा में मेंथा के नाम से जाना जाता है, एक छोटा सा हरा-पत्ता वाला पौधा है. लेकिन इसके औषधीय गुण बहुत बड़े है. यह न केवल खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के इलाज के लिए भी महत्व दिया गया है. आज हम जानेंगे कि पिपरमेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद है और इसे रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. पाचन सुधारने में मददगार: पिपरमेंट के पत्ते स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माने जाते है. खासकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में. वैद्य मालती देवी के अनुसार, भोजन के बाद पिपरमेंट के ताजे पत्ते चबाने या इसकी चाय पीने से पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतों को कम करने में मदद करता है. पिपरमेंट में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे भोजन तेजी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा, इसकी ताजगी भरी खुशबू मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी सहायक होती है. नियमित और संतुलित मात्रा में पिपरमेंट का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत बनी रहती है. हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: पिपरमेंट का तेल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की जलन, खुजली और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट ऑयल का सही मात्रा में उपयोग करने से मुंहासे और दाने कम हो सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं. यह त्वचा को ठंडक पहुंचाकर ताजगी का एहसास भी कराता है. वहीं, बालों की जड़ों में पिपरमेंट तेल से हल्की मालिश करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे बालों को पोषण मिलता है और उनकी जड़ें मजबूत होती हैं. इससे बाल घने, चमकदार और स्वस्थ बने रहते हैं. कई लोग इसे डैंड्रफ कम करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा या सिर पर लगाने के बजाय नारियल या बादाम तेल में मिलाकर लगाना बेहतर होता है. किसी एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें. चेतावनी और सावधानियां: वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में पिपरमेंट या पिपरमेंट ऑयल का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती है. कुछ लोगों को इसकी तेज खुशबू या तेल से त्वचा पर खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है. खासतौर पर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पिपरमेंट तेल का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना इसका अधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों को अस्थमा या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, उन्हें भी पिपरमेंट का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए. किसी भी घरेलू उपाय की तरह इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही फायदेमंद माना जाता है. यदि कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. सिरदर्द और माइग्रेन में राहत: पिपरमेंट का तेल सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. वैद्य मालती देवी के अनुसार, माथे और कनपटियों पर हल्के हाथों से पिपरमेंट ऑयल लगाने से सिरदर्द में राहत मिल सकती है. इसमें मौजूद मेंथॉल ठंडक प्रदान करता है, जिससे सिर की नसों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है. इसकी ठंडी तासीर रक्तसंचार को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे दिमाग शांत महसूस करता है. कई लोग माइग्रेन के दौरान पिपरमेंट की खुशबू लेने से भी आराम महसूस करते हैं. इसके अलावा, यह मानसिक थकान और तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले नारियल या बादाम तेल में मिलाकर उपयोग करना बेहतर होता है. यदि सिरदर्द लगातार बना रहे या अधिक गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट का वैज्ञानिक नाम Mentha piperita है. यह पौधा ठंडा और ताजगी भरा अनुभव देता है. इसके पत्तों में मेंथॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो
इस पौधे की चाय का कमाल! नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल करेगी साफ, किडनी को भी रखेगी हेल्दी

Last Updated:May 14, 2026, 08:19 IST Sidhi News: डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. इसके अलावा पीलिया, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जिनका उपयोग सदियों से आयुर्वेद में किया जाता रहा है. इनमें से एक खास पौधा है पुनर्नवा, जिसे आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह पौधा किडनी से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर लाभकारी माना जाता है. सीधी के आयुष अधिकारी डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पुनर्नवा एक फैलने वाली औषधीय घास है, जो मुख्य रूप से नमी वाली जगहों पर पाई जाती है. गर्मियों में यह सूख जाती है लेकिन बारिश शुरू होते ही दोबारा हरी-भरी हो जाती है. इसी वजह से इसका नाम पुनर्नवा पड़ा, जिसका अर्थ होता है फिर से नया हो जाना. डॉ पटेल ने बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है. इसके अलावा जॉन्डिस, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जाता है. पुनर्नवा शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में मदद करती है. इसी कारण किडनी मरीजों में यह डायरेटिक की तरह काम करती है और सूजन कम करने में सहायक मानी जाती है. यह नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल बाहर करने में मददगार है. चाय या काढ़े के रूप में सेवनपुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. इसके जड़, पत्तियों और तने को पानी में उबालकर छानने के बाद सेवन किया जाता है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचा सकता है. हालांकि बच्चों में इसके उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. एनीमिया और सूजन की समस्या में उपयोगीडॉ नरेंद्र पटेल के अनुसार, पुनर्नवा को लौह भस्म यानी आयरन के साथ मिलाकर पुनर्नवा मंडूर तैयार किया जाता है. यह आयुर्वेदिक औषधि एनीमिया और सूजन की समस्या में काफी उपयोगी मानी जाती है. यदि इसे आंवला जैसे विटामिन सी युक्त पदार्थों के साथ लिया जाए, तो शरीर में आयरन का अवशोषण बेहतर होता है. खास बात यह है कि एलोपैथिक आयरन दवाओं की तुलना में इससे पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे गर्भावस्था में भी सुरक्षित मानते हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh
तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद
तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद
युवराज सिंह के पिता विवादों में:वेब सीरीज में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक डायलॉग का दावा, चंडीगढ़ में वकीलों ने दी पुलिस में शिकायत

पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता एवं एक्टर योगराज सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ 2 एडवोकेट ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। चंडीगढ़ के दो एडवोकेट ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप को इसका आधार बनाया है। उनका आरोप है कि वीडियो में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसमें योगराज सिंह कह रहे हैं- जनानी दिन में चूल्हे पे, रात को @#$% पे। शिकायतकर्ताओं ने एसससपी से मांग की है योगराज सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का हनन है। बता दें कि यह वीडियो क्लिप अमेजन प्राइम वीडियो पर 8 मई 2026 को रिलीज हुई हिंदी वेब सीरीज लुक्खे के एक एपिसोड से काटी गई है। इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है और इसी वेब सीरीज में बोले गए डायलॉग को आधार बनाकर दोनों एडवोकेट ने योगराज सिंह और अन्य के खिलाफ शिकायत दी है। इस पर अभी योगराज सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिकायत में क्या, 4 पॉइंट में पढ़िए… क्या सीन है, जिसमें योगराज सिंह ने डायलॉग बोला… वेब सीरीज लुक्खे में योगराज सिंह के कैरेक्टर वालिया साहब को पुलिस स्टेशन बुलाया गया है। वहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक महिला पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। तीनों में बात होने के बाद पुलिस अधिकारी योगराज के कैरेक्टर वालिया साहब को साइड में ले जाता है। महिला अधिकारी से दूर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वालिया से अपनी महिला पुलिस अधिकारी की तारीफ करता है। इसी दौरान योगराज का कैरेक्टर महिलाओं की बेइज्जती करता है और उनके लिए गलत बातें बोलता है। योगराज सिंह के 5 विवादित बयान… चंडीगढ़ पुलिस को दी शिकायत…
कोहली के टी-20 में सबसे तेज 14 हजार रन:12वीं बार 400+ रन बनाए, IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर भी बने; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हरा दिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मैच में विराट कोहली ने कई रिकार्ड्स बना डाले। कोहली ने नाबाद 105 रन की पारी खेली। इसी के साथ वे टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज 14 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने IPL में 12वीं बार 400+ रन का आंकड़ा भी पार किया। वे लीग इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बने। बेंगलुरु और कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर विराट कोहली IPL इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। RCB के लिए खेलते हुए उन्होंने अपना 279वां मुकाबला खेला और महेंद्र सिंह धोनी व रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया। धोनी और रोहित ने IPL में 278-278 मैच खेले हैं। कोहली के नाम अब IPL में 9000 से ज्यादा रन हो चुके हैं। उन्होंने 279 मैचों में 9 शतक और 66 फिफ्टी की मदद से 9145 रन बनाए हैं। 2. कोहली ने लगाया IPL करियर का 9वां शतक कोहली ने IPL में अपना 9वां शतक जड़ दिया और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया। जोस बटलर 7 शतक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। कोहली ने टी-20 क्रिकेट में अपना 10वां शतक भी लगाया। इसके साथ ही वह सबसे ज्यादा टी-20 सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में डेविड वॉर्नर की बराबरी पर पहुंच गए। क्रिस गेल 22 शतकों के साथ इस फॉर्मेट में सबसे आगे हैं, जबकि बाबर आजम के नाम 13 सेंचुरी दर्ज हैं। कोहली ने रनचेज करते हुए IPL में अपना तीसरा शतक लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जोस बटलर की बराबरी कर ली। IPL इतिहास में सबसे ज्यादा चेजिंग सेंचुरी अब बटलर और कोहली के नाम हैं। विराट कोहली IPL में दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 2-2 शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने गुजरात लॉयंस और कोलकाता नाइट राइडर्स, दोनों के खिलाफ दो-दो सेंचुरी लगाई हैं। 3. कोहली सबसे तेज 14 हजार टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज कोहली ने टी-20 क्रिकेट में 14 हजार रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह सबसे कम पारियों में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 409 पारियों में हासिल की। उन्होंने क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 423 पारियों में 14 हजार टी-20 रन पूरे किए थे। 4. कोहली ने रोहित शर्मा की बराबरी की कोहली ने IPL में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। कोलकाता के खिलाफ मैच जिताऊ शतक लगाने के बाद कोहली को 21वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अब उनके और रोहित शर्मा, दोनों के नाम IPL में 21-21 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हो गए हैं। इस लिस्ट में महेंद्र सिंह धोनी 18 अवॉर्ड के साथ तीसरे, जबकि रवींद्र जडेजा और केएल राहुल 17-17 अवॉर्ड के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। 5. कोहली ने 12वीं बार किसी सीजन में 400+ रन बनाए कोहली ने IPL इतिहास में सबसे ज्यादा सीजन में 400+ रन बनाने का रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया। यह 12वां सीजन है, जब कोहली ने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर 9 सीजन के साथ डेविड वॉर्नर हैं। 6. कोहली कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने कोहली IPL में कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके इस टीम के खिलाफ 1126 रन हो गए। IPL में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी कोहली के नाम है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1172 रन बनाए हैं। 7. भुवनेश्वर ने चहल की बराबरी की भुवनेश्वर कुमार ने IPL में कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में युजवेंद्र चहल की बराबरी कर ली। दोनों गेंदबाजों के नाम अब 33-33 विकेट हो गए हैं। 8. पावरप्ले में कोलकाता ने इस सीजन 23 विकेट गंवाए कोलकाता ने IPL 2026 में पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट गंवाने वाली टीमों में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 23 विकेट खोए हैं। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस फेज में 24 विकेट लेकर दूसरी सबसे सफल गेंदबाजी टीम बनने का रिकॉर्ड बनाया। 9. कोलकाता की ओपनिंग जोड़ी रही फ्लॉप कोलकाता के ओपनर्स इस सीजन लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। टीम की ओपनिंग साझेदारियों ने 11 पारियों में सिर्फ 248 रन जोड़े हैं, जो किसी भी टीम में सबसे कम हैं। इस दौरान कोलकाता को सिर्फ एक बार 50+ की ओपनिंग साझेदारी मिली। टॉप-8 मोमेंट्स… 1. अंगकृष ने फिफ्टी के बाद हार्ट सेलिब्रेशन किया कोलकाता के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने 14वें ओवर में शानदार अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने जैकब डफी की स्लोअर गेंद को लॉन्ग ऑफ की तरफ खेलकर एक रन लिया और 32 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। यह इस सीजन उनकी चौथी फिफ्टी रही। अर्धशतक पूरा करने के बाद अंगकृष ने हार्ट बनाकर सेलिब्रेट किया। 2. आखिरी गेंद पर रनआउट हुए रघुवंशी कोलकाता की पारी के 20वें ओवर की आखिरी बॉल पर अंगकृष रघुवंशी रनआउट हो गए। भुवनेश्वर कुमार ने शानदार यॉर्कर डाली, जिस पर रिंकू सिंह सिर्फ एक रन ही ले सके। इसके बाद रघुवंशी ने दूसरा रन चुराने की कोशिश की, लेकिन डीप से देवदत्त पडिक्कल के शानदार थ्रो के सामने वह क्रीज तक नहीं पहुंच सके। डाइव लगाने के बावजूद रघुवंशी रनआउट हो गए। उन्होंने 46 गेंदों में 71 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इसी रनआउट की वजह से रिंकू सिंह 49 रन पर नाबाद लौटे। 3. पहला रन बनाकर कोहली ने किया सेलिब्रेट विराट कोहली ने पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर सिंगल लेकर अपना खाता खोला। पिछले दो मैचों में बिना रन बनाए आउट होने के बाद कोहली ने पहला रन बनाते ही सेलिब्रेशन किया। 4. बेथेल के आउट होने के बाद उनकी चैन गिरी चौथे ओवर में कार्तिक
कोहली के टी-20 में सबसे तेज 14 हजार रन:12वीं बार 400+ रन बनाए, IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर भी बने; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हरा दिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मैच में विराट कोहली ने कई रिकार्ड्स बना डाले। कोहली ने नाबाद 105 रन की पारी खेली। इसी के साथ वे टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज 14 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने IPL में 12वीं बार 400+ रन का आंकड़ा भी पार किया। वे लीग इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बने। बेंगलुरु और कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर विराट कोहली IPL इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। RCB के लिए खेलते हुए उन्होंने अपना 279वां मुकाबला खेला और महेंद्र सिंह धोनी व रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया। धोनी और रोहित ने IPL में 278-278 मैच खेले हैं। कोहली के नाम अब IPL में 9000 से ज्यादा रन हो चुके हैं। उन्होंने 279 मैचों में 9 शतक और 66 फिफ्टी की मदद से 9145 रन बनाए हैं। 2. कोहली ने लगाया IPL करियर का 9वां शतक कोहली ने IPL में अपना 9वां शतक जड़ दिया और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया। जोस बटलर 7 शतक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। कोहली ने टी-20 क्रिकेट में अपना 10वां शतक भी लगाया। इसके साथ ही वह सबसे ज्यादा टी-20 सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में डेविड वॉर्नर की बराबरी पर पहुंच गए। क्रिस गेल 22 शतकों के साथ इस फॉर्मेट में सबसे आगे हैं, जबकि बाबर आजम के नाम 13 सेंचुरी दर्ज हैं। कोहली ने रनचेज करते हुए IPL में अपना तीसरा शतक लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जोस बटलर की बराबरी कर ली। IPL इतिहास में सबसे ज्यादा चेजिंग सेंचुरी अब बटलर और कोहली के नाम हैं। विराट कोहली IPL में दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 2-2 शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने गुजरात लॉयंस और कोलकाता नाइट राइडर्स, दोनों के खिलाफ दो-दो सेंचुरी लगाई हैं। 3. कोहली सबसे तेज 14 हजार टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज कोहली ने टी-20 क्रिकेट में 14 हजार रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह सबसे कम पारियों में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 409 पारियों में हासिल की। उन्होंने क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 423 पारियों में 14 हजार टी-20 रन पूरे किए थे। 4. कोहली ने रोहित शर्मा की बराबरी की कोहली ने IPL में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। कोलकाता के खिलाफ मैच जिताऊ शतक लगाने के बाद कोहली को 21वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अब उनके और रोहित शर्मा, दोनों के नाम IPL में 21-21 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हो गए हैं। इस लिस्ट में महेंद्र सिंह धोनी 18 अवॉर्ड के साथ तीसरे, जबकि रवींद्र जडेजा और केएल राहुल 17-17 अवॉर्ड के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। 5. कोहली ने 12वीं बार किसी सीजन में 400+ रन बनाए कोहली ने IPL इतिहास में सबसे ज्यादा सीजन में 400+ रन बनाने का रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया। यह 12वां सीजन है, जब कोहली ने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर 9 सीजन के साथ डेविड वॉर्नर हैं। 6. कोहली कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने कोहली IPL में कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके इस टीम के खिलाफ 1126 रन हो गए। IPL में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी कोहली के नाम है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1172 रन बनाए हैं। 7. भुवनेश्वर ने चहल की बराबरी की भुवनेश्वर कुमार ने IPL में कोलकाता के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में युजवेंद्र चहल की बराबरी कर ली। दोनों गेंदबाजों के नाम अब 33-33 विकेट हो गए हैं। 8. पावरप्ले में कोलकाता ने इस सीजन 23 विकेट गंवाए कोलकाता ने IPL 2026 में पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट गंवाने वाली टीमों में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 23 विकेट खोए हैं। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस फेज में 24 विकेट लेकर दूसरी सबसे सफल गेंदबाजी टीम बनने का रिकॉर्ड बनाया। 9. कोलकाता की ओपनिंग जोड़ी रही फ्लॉप कोलकाता के ओपनर्स इस सीजन लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। टीम की ओपनिंग साझेदारियों ने 11 पारियों में सिर्फ 248 रन जोड़े हैं, जो किसी भी टीम में सबसे कम हैं। इस दौरान कोलकाता को सिर्फ एक बार 50+ की ओपनिंग साझेदारी मिली। टॉप-8 मोमेंट्स… 1. अंगकृष ने फिफ्टी के बाद हार्ट सेलिब्रेशन किया कोलकाता के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने 14वें ओवर में शानदार अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने जैकब डफी की स्लोअर गेंद को लॉन्ग ऑफ की तरफ खेलकर एक रन लिया और 32 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। यह इस सीजन उनकी चौथी फिफ्टी रही। अर्धशतक पूरा करने के बाद अंगकृष ने हार्ट बनाकर सेलिब्रेट किया। 2. आखिरी गेंद पर रनआउट हुए रघुवंशी कोलकाता की पारी के 20वें ओवर की आखिरी बॉल पर अंगकृष रघुवंशी रनआउट हो गए। भुवनेश्वर कुमार ने शानदार यॉर्कर डाली, जिस पर रिंकू सिंह सिर्फ एक रन ही ले सके। इसके बाद रघुवंशी ने दूसरा रन चुराने की कोशिश की, लेकिन डीप से देवदत्त पडिक्कल के शानदार थ्रो के सामने वह क्रीज तक नहीं पहुंच सके। डाइव लगाने के बावजूद रघुवंशी रनआउट हो गए। उन्होंने 46 गेंदों में 71 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इसी रनआउट की वजह से रिंकू सिंह 49 रन पर नाबाद लौटे। 3. पहला रन बनाकर कोहली ने किया सेलिब्रेट विराट कोहली ने पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर सिंगल लेकर अपना खाता खोला। पिछले दो मैचों में बिना रन बनाए आउट होने के बाद कोहली ने पहला रन बनाते ही सेलिब्रेशन किया। 4. बेथेल के आउट होने के बाद उनकी चैन गिरी चौथे ओवर में कार्तिक
बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

IPL 2026 के लीग स्टेज में अब 13 मैच बाकी हैं। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ से बाहर हो चुकी हैं, जबकि बाकी 8 टीमें टॉप-4 की रेस में बनी हुई हैं। कोलकाता को हराकर बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गई हैं। गुजरात और बेंगलुरु दोनों के 16-16 पॉइंट्स हैं, लेकिन बेहतर रनरेट की वजह से बेंगलुरु पहले स्थान पर है। बुधवार की हार के बाद कोलकाता की राह मुश्किल हो गई है। टीम को अब बचे सभी मैच जीतने होंगे। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन… बेंगलुरु-गुजरात का प्लेऑफ लगभग पक्का बेंगलुरु और गुजरात को प्लेऑफ पक्का करने के लिए बचे 2 में से एक मैच जीतना होगा। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं। बेंगलुरु का नेट रनरेट (+1.053) लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु का मुकाबला पंजाब और हैदराबाद से है, जबकि गुजरात को कोलकाता और चेन्नई से खेलना है। कोलकाता 8वें पायदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स की स्थिति कठिन हो गई है। टीम को 4 मैच बाद हार मिली। टीम के 11 मैचों में 9 पॉइंट्स हैं और 3 मैच बाकी हैं। कोलकाता को प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए सभी मुकाबले जीतने होंगे। टीम का अगला मैच गुजरात, मुंबई और दिल्ली से है। पंजाब को मुंबई को हराना ही होगा पंजाब किंग्स लगातार 4 मैच हारकर चौथे स्थान पर खिसक गई है। टीम के 13 पॉइंट्स हैं और हर मैच अहम हो गया है। पंजाब का मुकाबला आज मुंबई से होगा, जहां उसे जीत चाहिए। इसके बाद टीम बेंगलुरु और लखनऊ से खेलेगी। अगर टीम 2 मैच जीतती है तो प्लेऑफ में पहुंचना पक्का हो जाएगा। हैदराबाद के 2 मैच बाकी सनराइजर्स हैदराबाद के 14 पॉइंट्स हैं। गुजरात ने पिछले मैच में टीम को 82 रन से हराकर मुश्किल में डाल दिया। उसका नेट रनरेट +0.331 है। हैदराबाद को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अब चेन्नई और बेंगलुरु को हराना होगा। चेन्नई पांचवें स्थान पर कायम चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद वापसी की है। टीम लगातार 3 मैच जीत चुकी है और 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए तीनों मैच जीतने होंगे। उसके मुकाबले लखनऊ, हैदराबाद और गुजरात से हैं। राजस्थान भी रेस में, दिल्ली की उम्मीदें कमजोर राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ रेस में बनी हुई है, लेकिन टीम ने पिछले 7 में से 5 मैच गंवाए हैं। राजस्थान को दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से खेलना है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें कमजोर हैं। टीम के 12 मैचों में 10 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट (-0.993) सबसे खराब है। दिल्ली को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… कोहली ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे नंबर पर पहुंचे विराट कोहली IPL 2026 में ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके 12 मैचों में 484 रन हो गए। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 508 रन के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 501 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। भुवनेश्वर 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनके 12 मैचों में 22 विकेट हो गए। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

IPL 2026 के लीग स्टेज में अब 13 मैच बाकी हैं। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ से बाहर हो चुकी हैं, जबकि बाकी 8 टीमें टॉप-4 की रेस में बनी हुई हैं। कोलकाता को हराकर बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गई हैं। गुजरात और बेंगलुरु दोनों के 16-16 पॉइंट्स हैं, लेकिन बेहतर रनरेट की वजह से बेंगलुरु पहले स्थान पर है। बुधवार की हार के बाद कोलकाता की राह मुश्किल हो गई है। टीम को अब बचे सभी मैच जीतने होंगे। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन… बेंगलुरु-गुजरात का प्लेऑफ लगभग पक्का बेंगलुरु और गुजरात को प्लेऑफ पक्का करने के लिए बचे 2 में से एक मैच जीतना होगा। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं। बेंगलुरु का नेट रनरेट (+1.053) लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु का मुकाबला पंजाब और हैदराबाद से है, जबकि गुजरात को कोलकाता और चेन्नई से खेलना है। कोलकाता 8वें पायदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स की स्थिति कठिन हो गई है। टीम को 4 मैच बाद हार मिली। टीम के 11 मैचों में 9 पॉइंट्स हैं और 3 मैच बाकी हैं। कोलकाता को प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए सभी मुकाबले जीतने होंगे। टीम का अगला मैच गुजरात, मुंबई और दिल्ली से है। पंजाब को मुंबई को हराना ही होगा पंजाब किंग्स लगातार 4 मैच हारकर चौथे स्थान पर खिसक गई है। टीम के 13 पॉइंट्स हैं और हर मैच अहम हो गया है। पंजाब का मुकाबला आज मुंबई से होगा, जहां उसे जीत चाहिए। इसके बाद टीम बेंगलुरु और लखनऊ से खेलेगी। अगर टीम 2 मैच जीतती है तो प्लेऑफ में पहुंचना पक्का हो जाएगा। हैदराबाद के 2 मैच बाकी सनराइजर्स हैदराबाद के 14 पॉइंट्स हैं। गुजरात ने पिछले मैच में टीम को 82 रन से हराकर मुश्किल में डाल दिया। उसका नेट रनरेट +0.331 है। हैदराबाद को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अब चेन्नई और बेंगलुरु को हराना होगा। चेन्नई पांचवें स्थान पर कायम चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद वापसी की है। टीम लगातार 3 मैच जीत चुकी है और 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए तीनों मैच जीतने होंगे। उसके मुकाबले लखनऊ, हैदराबाद और गुजरात से हैं। राजस्थान भी रेस में, दिल्ली की उम्मीदें कमजोर राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ रेस में बनी हुई है, लेकिन टीम ने पिछले 7 में से 5 मैच गंवाए हैं। राजस्थान को दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से खेलना है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें कमजोर हैं। टीम के 12 मैचों में 10 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट (-0.993) सबसे खराब है। दिल्ली को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… कोहली ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे नंबर पर पहुंचे विराट कोहली IPL 2026 में ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोलकाता के खिलाफ शतक लगाने के बाद उनके 12 मैचों में 484 रन हो गए। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 508 रन के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 501 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। भुवनेश्वर 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनके 12 मैचों में 22 विकेट हो गए। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।







