केरलम में आज सीएम का ऐलान:दोपहर में विधायक दल की बैठक; 4 राज्यों में सीएम शपथ ले चुके, बस केरलम में बाकी

केरलम सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आए 10 दिन हो गए हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में सीएम की शपथ हो चुकी है। लेकिन केरलम में जहां कांग्रेस बहुमत में आई है वहां सीएम चेहरे पर सस्पेंस बना हुआ है। आज दोपहर 1 बजे तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस पार्टी ऑफिस में विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें नेता चुना जाएगा। एक दिन पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएँ पूरी कर ली हैं। केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी घोषणा गुरुवार को की जाएगी। राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल हैं सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की केरलम सीएम के लिए पहली पसंद केसी वेणुगोपाल हैं। राहुल ने 11 मई को दिल्ली में वेणुगोपाल से अकेले में मुलाकात भी की थी। वेणुगोपाल फिलहाल अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। दावा- वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया। वेणुगोपाल के सीएम बनने पर इरिक्कूर के विधायक सनी जोसेफ अपनी सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। फिर उपचुनाव के जरिए वेणुगोपाल विधानसभा पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला। हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया है। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन दिया है। बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में सीएम शपथ ले चुके तमिलनाडु: TVK की सरकार, विजय राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटें मिली थीं। उन्हें कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पूरी खबर पढ़ें… पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार, सुवेंदु भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। पश्चिम बंगाल चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें… असम: भाजपा सरकार, हिमंता दूसरी बार असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। 12 मई को असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… पुडुचेरी: एनडीए सरकार, एन. रंगासामी 5वीं बार CM बने एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने हैं। उप-राज्यपाल कैलाश नाथन ने लोक भवन में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। रंगासामी के अलावा भाजपा के ए नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव ने मंत्री पद की शपथ ली। 4 मई को आए पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणामों में रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 30 में से 16 सीटें मिली थी। पूरी खबर पढ़ें…
केरलम में आज सीएम का ऐलान:दोपहर में विधायक दल की बैठक; 4 राज्यों में सीएम शपथ ले चुके, बस केरलम में बाकी

केरलम सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आए 10 दिन हो गए हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में सीएम की शपथ हो चुकी है। लेकिन केरलम में जहां कांग्रेस बहुमत में आई है वहां सीएम चेहरे पर सस्पेंस बना हुआ है। आज दोपहर 1 बजे तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस पार्टी ऑफिस में विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें नेता चुना जाएगा। एक दिन पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएँ पूरी कर ली हैं। केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी घोषणा गुरुवार को की जाएगी। राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल हैं सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की केरलम सीएम के लिए पहली पसंद केसी वेणुगोपाल हैं। राहुल ने 11 मई को दिल्ली में वेणुगोपाल से अकेले में मुलाकात भी की थी। वेणुगोपाल फिलहाल अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। दावा- वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया। वेणुगोपाल के सीएम बनने पर इरिक्कूर के विधायक सनी जोसेफ अपनी सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। फिर उपचुनाव के जरिए वेणुगोपाल विधानसभा पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला। हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया है। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन दिया है। बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में सीएम शपथ ले चुके तमिलनाडु: TVK की सरकार, विजय राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटें मिली थीं। उन्हें कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पूरी खबर पढ़ें… पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार, सुवेंदु भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। पश्चिम बंगाल चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें… असम: भाजपा सरकार, हिमंता दूसरी बार असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। 12 मई को असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… पुडुचेरी: एनडीए सरकार, एन. रंगासामी 5वीं बार CM बने एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने हैं। उप-राज्यपाल कैलाश नाथन ने लोक भवन में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। रंगासामी के अलावा भाजपा के ए नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव ने मंत्री पद की शपथ ली। 4 मई को आए पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणामों में रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 30 में से 16 सीटें मिली थी। पूरी खबर पढ़ें…
अविनाश मिश्रा बोले- मुंबई आना ही सबसे बड़ा खतरा था:उस वक्त जुनून था कि करो या मरो, अब खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगे

बिगबॉस फेम और ‘नेवर गिव अप’ एटीट्यूड के लिए मशहूर अविनाश मिश्रा अब खतरों के खिलाड़ी’ में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। हाल ही में ‘बिग बॉस ओटीटी’ में अपने बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोरने वाले अविनाश का मानना है कि असल जिंदगी के संघर्षों ने उन्हें इस शो के लिए सालों पहले ही तैयार कर दिया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविनाश ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों, मुंबई आने के उस सबसे बड़े ‘खतरे’ और शो के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री पर विस्तार से बात की। उन्होंने साझा किया कि कैसे बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाना उनके लिए ‘मेक इट या ब्रेक इट’ जैसी स्थिति थी। सवाल: अविनाश, आप अपनी चॉकलेटी इमेज और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं। अब आप ‘खतरों’ से खेलने जा रहे हैं, कितनी तैयारी है? जवाब: देखिए, मैं स्वभाव से ही हर चीज के लिए खुद को तैयार रखने वाला इंसान हूं। लेकिन ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक ऐसा शो है जहां आप चाहे जितनी भी तैयारी कर लें, वहां जाकर सब कुछ नया ही लगता है। फिर भी, जो मेरे हाथ में है यानी अपनी फिजिकल और मेंटल स्ट्रेंथ, उस पर मैंने पूरा काम किया है। मैं 100% तैयार हूं, अब देखते हैं शो के अंदर क्या होता है। सवाल: जब आप पहली बार मुंबई आए थे, तब आपके पास कोई गॉडफादर नहीं था। क्या वह आपके जीवन का सबसे बड़ा खतरा था? जवाब: बिल्कुल वह एक ऐसा दौर था जब मुझ पर एक अलग ही जुनून सवार था। जब आप बिना किसी सपोर्ट के अपने दम पर कुछ करने निकलते हैं, तो खौफ तो होता ही है। मुझे याद है, उस वक्त सिर्फ एक ही डर सताता था कि ‘अगर नहीं हुआ तो क्या?’ तब सीधा अपना सामान बांधकर वापस जाना पड़ता। वह ‘मेक इट या ब्रेक इट’ वाली स्थिति थी। मैंने उस जुनून को आज भी अपने अंदर जिंदा रखा है, जो मुझे आज भी काम आता है। सवाल: क्या वह ‘वापस घर जाने का डर’ ही आपकी ताकत बना? जवाब: हां, क्योंकि जब आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता, तो पाने के लिए पूरा आसमान होता है। मैंने खुद से कहा था कि मर जाएंगे लेकिन करके दिखाएंगे। वही मंत्र आज भी मेरे साथ है। जब मैंने लाइफ का इतना बड़ा रिस्क ले लिया था, तो अब ये स्टंट्स तो मैं कर ही लूंगा। सवाल: इस सीजन को ‘डर का नया दौर’ कहा जा रहा है। पानी, ऊंचाई या रेंगने वाले कीड़े… आपको किससे सबसे ज्यादा डर लगता है? जवाब: सच कहूं तो शुरुआत में जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि मुझे किसी चीज से डर नहीं लगता। लेकिन जैसे-जैसे शो के दिन नजदीक आ रहे हैं, अब हर चीज डरावनी लग रही है (हंसते हुए)। पर एक विजन भी स्टार्ट हो गया है कि अगर मुझे यह स्टंट मिला, तो मैं इसे कैसे ओवरकम करूंगा। डर को मात देने का मजा ही अलग है। सवाल: इस बार ‘ओल्ड वर्सेज न्यू’ का कॉन्सेप्ट है, पुराने खिलाड़ी भी आपके सामने होंगे। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: यह बहुत दिलचस्प होने वाला है। जो पुराने खिलाड़ी हैं, उनके पास अनुभव है, वो शो का फ्लो जानते हैं। लेकिन हम जो नए हैं, हमारे पास एक अलग अप्रोच और फ्रेश एनर्जी होगी। वहां यह मायने रखेगा कि स्टंट के वक्त किसका दिमाग सही क्लिक कर गया। सवाल: क्या ‘बिग बॉस’ जैसे शो ने आपको मेंटली इस शो के लिए तैयार किया है? जवाब: बहुत ज्यादा! बिग बॉस में अगर आप इतने दिन सर्वाइव कर गए, तो आपको मेंटल ट्रेनिंग अपने आप मिल जाती है। वहां आप मानसिक तौर पर बहुत सी चीजों को झेलना सीख जाते हैं। खतरों के खिलाड़ी सिर्फ बॉडी बिल्डिंग का खेल नहीं है, यह विल पावर और मुश्किल हालात में खुद को शांत रखने का खेल है। सवाल: जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो घर पर मम्मी-पापा का क्या रिएक्शन था? जवाब: उन्हें पता था कि अगर मुझे ऑफर आया, तो मैं ‘हां’ ही कहूंगा। मैं इस शो के लिए हमेशा एक्साइटेड रहता था। मम्मी-पापा को बस इस बात की फिक्र रहती है कि मैं वहां जाकर स्टंट के अलावा और कुछ खुराफात न करूं। उन्होंने बस यही कहा- “जा रहा है तो बस जीत के आना।” सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितने एक्साइटेड हैं? जवाब: रोहित सर अपनी फिल्मों की तरह ही हैं फुल ऑफ एक्शन और कॉमेडी। वो बहुत स्पोंटेनियस हैं। कई बार वो प्रैंक्स करके माहौल को हल्का कर देते हैं, तो कई बार इतने मोटिवेट करते हैं कि आप नामुमकिन स्टंट भी कर जाते हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
अविनाश मिश्रा बोले- मुंबई आना ही सबसे बड़ा खतरा था:उस वक्त जुनून था कि करो या मरो, अब खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगे

बिगबॉस फेम और ‘नेवर गिव अप’ एटीट्यूड के लिए मशहूर अविनाश मिश्रा अब खतरों के खिलाड़ी’ में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। हाल ही में ‘बिग बॉस ओटीटी’ में अपने बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोरने वाले अविनाश का मानना है कि असल जिंदगी के संघर्षों ने उन्हें इस शो के लिए सालों पहले ही तैयार कर दिया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविनाश ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों, मुंबई आने के उस सबसे बड़े ‘खतरे’ और शो के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री पर विस्तार से बात की। उन्होंने साझा किया कि कैसे बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाना उनके लिए ‘मेक इट या ब्रेक इट’ जैसी स्थिति थी। सवाल: अविनाश, आप अपनी चॉकलेटी इमेज और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं। अब आप ‘खतरों’ से खेलने जा रहे हैं, कितनी तैयारी है? जवाब: देखिए, मैं स्वभाव से ही हर चीज के लिए खुद को तैयार रखने वाला इंसान हूं। लेकिन ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक ऐसा शो है जहां आप चाहे जितनी भी तैयारी कर लें, वहां जाकर सब कुछ नया ही लगता है। फिर भी, जो मेरे हाथ में है यानी अपनी फिजिकल और मेंटल स्ट्रेंथ, उस पर मैंने पूरा काम किया है। मैं 100% तैयार हूं, अब देखते हैं शो के अंदर क्या होता है। सवाल: जब आप पहली बार मुंबई आए थे, तब आपके पास कोई गॉडफादर नहीं था। क्या वह आपके जीवन का सबसे बड़ा खतरा था? जवाब: बिल्कुल वह एक ऐसा दौर था जब मुझ पर एक अलग ही जुनून सवार था। जब आप बिना किसी सपोर्ट के अपने दम पर कुछ करने निकलते हैं, तो खौफ तो होता ही है। मुझे याद है, उस वक्त सिर्फ एक ही डर सताता था कि ‘अगर नहीं हुआ तो क्या?’ तब सीधा अपना सामान बांधकर वापस जाना पड़ता। वह ‘मेक इट या ब्रेक इट’ वाली स्थिति थी। मैंने उस जुनून को आज भी अपने अंदर जिंदा रखा है, जो मुझे आज भी काम आता है। सवाल: क्या वह ‘वापस घर जाने का डर’ ही आपकी ताकत बना? जवाब: हां, क्योंकि जब आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता, तो पाने के लिए पूरा आसमान होता है। मैंने खुद से कहा था कि मर जाएंगे लेकिन करके दिखाएंगे। वही मंत्र आज भी मेरे साथ है। जब मैंने लाइफ का इतना बड़ा रिस्क ले लिया था, तो अब ये स्टंट्स तो मैं कर ही लूंगा। सवाल: इस सीजन को ‘डर का नया दौर’ कहा जा रहा है। पानी, ऊंचाई या रेंगने वाले कीड़े… आपको किससे सबसे ज्यादा डर लगता है? जवाब: सच कहूं तो शुरुआत में जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि मुझे किसी चीज से डर नहीं लगता। लेकिन जैसे-जैसे शो के दिन नजदीक आ रहे हैं, अब हर चीज डरावनी लग रही है (हंसते हुए)। पर एक विजन भी स्टार्ट हो गया है कि अगर मुझे यह स्टंट मिला, तो मैं इसे कैसे ओवरकम करूंगा। डर को मात देने का मजा ही अलग है। सवाल: इस बार ‘ओल्ड वर्सेज न्यू’ का कॉन्सेप्ट है, पुराने खिलाड़ी भी आपके सामने होंगे। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: यह बहुत दिलचस्प होने वाला है। जो पुराने खिलाड़ी हैं, उनके पास अनुभव है, वो शो का फ्लो जानते हैं। लेकिन हम जो नए हैं, हमारे पास एक अलग अप्रोच और फ्रेश एनर्जी होगी। वहां यह मायने रखेगा कि स्टंट के वक्त किसका दिमाग सही क्लिक कर गया। सवाल: क्या ‘बिग बॉस’ जैसे शो ने आपको मेंटली इस शो के लिए तैयार किया है? जवाब: बहुत ज्यादा! बिग बॉस में अगर आप इतने दिन सर्वाइव कर गए, तो आपको मेंटल ट्रेनिंग अपने आप मिल जाती है। वहां आप मानसिक तौर पर बहुत सी चीजों को झेलना सीख जाते हैं। खतरों के खिलाड़ी सिर्फ बॉडी बिल्डिंग का खेल नहीं है, यह विल पावर और मुश्किल हालात में खुद को शांत रखने का खेल है। सवाल: जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो घर पर मम्मी-पापा का क्या रिएक्शन था? जवाब: उन्हें पता था कि अगर मुझे ऑफर आया, तो मैं ‘हां’ ही कहूंगा। मैं इस शो के लिए हमेशा एक्साइटेड रहता था। मम्मी-पापा को बस इस बात की फिक्र रहती है कि मैं वहां जाकर स्टंट के अलावा और कुछ खुराफात न करूं। उन्होंने बस यही कहा- “जा रहा है तो बस जीत के आना।” सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितने एक्साइटेड हैं? जवाब: रोहित सर अपनी फिल्मों की तरह ही हैं फुल ऑफ एक्शन और कॉमेडी। वो बहुत स्पोंटेनियस हैं। कई बार वो प्रैंक्स करके माहौल को हल्का कर देते हैं, तो कई बार इतने मोटिवेट करते हैं कि आप नामुमकिन स्टंट भी कर जाते हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
तेज गर्मी में दवा नहीं, इस फूल की चाय दे सकती है राहत! ब्लड प्रेशर से वजन तक को करेगी कंट्रोल

Last Updated:May 13, 2026, 23:58 IST गर्मियों में बढ़ती गर्मी, थकान और तनाव लोगों की परेशानी बढ़ा देते हैं. ऐसे मौसम में शरीर को ठंडक देने वाली चीजों का सेवन काफी जरूरी माना जाता है. इन्हीं में एक खास लाल फूल से बनी चाय इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ तनाव कम करने और दिल की सेहत बेहतर रखने में भी मदद कर सकती है. ख़बरें फटाफट गर्मियों में बढ़ती गर्मी सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है. तेज धूप, उमस और लगातार पसीना निकलने की वजह से लोग जल्दी थकान महसूस करने लगते हैं. कई लोगों को चिड़चिड़ापन, तनाव, सिरदर्द और पाचन से जुड़ी परेशानियां भी होने लगती हैं. ऐसे मौसम में हेल्थ एक्सपर्ट्स शरीर को ठंडा रखने वाली प्राकृतिक चीजों के सेवन की सलाह देते हैं. इन्हीं में से एक है गुड़हल की चाय, जिसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. गुड़हल के लाल रंग के फूल से बनने वाली यह चाय गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकती है. इसे पीने से शरीर में ताजगी महसूस होती है और गर्मी से होने वाली बेचैनी कम हो सकती है. आयुर्वेद में भी गुड़हल को औषधीय गुणों वाला पौधा माना गया है. यही वजह है कि कई लोग इसे प्राकृतिक हेल्थ ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं. तनाव और थकान कम करने में सहायकगर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. ऐसे में गुड़हल की चाय मन को शांत रखने में मदद कर सकती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को रिलैक्स महसूस कराते हैं. कई लोग इसे दिनभर की थकान दूर करने के लिए भी पीते हैं. इसकी हल्की खुशबू और स्वाद मूड को फ्रेश करने में मदद कर सकते हैं. ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत के लिए फायदेमंदहेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गुड़हल की चाय हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. यह रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद कर सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहने में सहायता मिलती है. इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कर सकते हैं. इससे दिल की सेहत बेहतर रखने में फायदा मिल सकता है. वजन घटाने में भी मदद कर सकती हैजो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी गुड़हल की चाय अच्छा विकल्प मानी जाती है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद कर सकती है. साथ ही शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने में भी सहायक मानी जाती है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग भी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं. डायबिटीज और इम्युनिटी के लिए भी बेहतरगुड़हल की चाय ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मददगार मानी जाती है. कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर करने में सहायता कर सकती है. इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी फायदेमंद मानी जाती है. कई लोग इसे लिवर की सेहत के लिए भी अच्छा मानते हैं. कैसे बनाएं गुड़हल की चाय?गुड़हल की चाय बनाना काफी आसान है. इसके लिए सूखे गुड़हल के फूलों को गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक उबाल लें या भिगोकर रखें. इसके बाद इसे छानकर पी सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या थोड़ा नींबू भी मिलाया जा सकता है. हालांकि किसी भी हर्बल चीज का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. खासकर गर्भवती महिलाओं और कम ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
केरल के लिए निर्णायक दिन: वेणुगोपाल के रूप में कांग्रेस करेगी मुख्यमंत्री पद की घोषणा, शीर्ष पद के लिए सतीसन में खींचतान | भारत समाचार

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 23:25 IST केरल कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को दोपहर 1 बजे तिरुवनंतपुरम में होगी. केरल की स्थिति कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, जो पार्टी की जीत के बाद कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष की याद दिलाती है। (एआई-जनरेटेड फोटो) केरल के अगले मुख्यमंत्री पर जारी सस्पेंस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने हाल के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि खड़गे की राहुल गांधी के साथ बातचीत ने शीर्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे पार्टी नेताओं की किस्मत तय कर दी है। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं और फैसले की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. केरल कांग्रेस प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को दोपहर 1 बजे होगी. केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ की ओर से बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को तिरुवनंतपुरम में दोपहर 1 बजे होगी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने केरल विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, लेकिन पार्टी विभिन्न खेमों की पैरवी और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच नेतृत्व के मुद्दे पर लंबे समय से विचार-विमर्श में लगी हुई है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, निवर्तमान केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन और पार्टी के वरिष्ठ नेता चेन्निथला उन प्रमुख नामों में से हैं जिन पर इस पद के लिए विचार किया जा रहा है। आलाकमान के अंतिम निर्णय की ओर बढ़ने से पहले राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए राहुल गांधी ने हाल के दिनों में केरल के कई नेताओं और पूर्व राज्य कांग्रेस प्रमुखों के साथ अलग-अलग चर्चा की थी। केरल में, कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रमेश चेन्निथला और वीडी सतीसन के घरों पर बुधवार को पूरे दिन चिंतित समर्थकों की भीड़ लगी रही, क्योंकि पार्टी ने नेतृत्व की पसंद पर विचार-विमर्श जारी रखा। केरल भर से पार्टी कार्यकर्ता दिन भर दोनों आवासों के बाहर एकत्र रहे और दिल्ली से सूचना मिलने का इंतजार करते रहे। चेन्निथला के गृह निर्वाचन क्षेत्र हरिपद, साथ ही वायनाड और अलाप्पुझा सहित जिलों से आने वाले समर्थक, परिसर और पास की सड़क के किनारे समूहों में इंतजार कर रहे थे, लगातार टेलीविजन चैनलों पर नज़र रख रहे थे और राष्ट्रीय राजधानी से आने वाले अपडेट के लिए मोबाइल फोन पर स्क्रॉल कर रहे थे। आवास के बाहर इंतजार कर रही एक महिला पार्टी कार्यकर्ता ने कहा, “यहां हर किसी को मजबूत आशा और उत्साह है। हमारा मानना है कि चेन्निथला जी अपने लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए स्वाभाविक पसंद हैं।” इस बीच, मोहम्मद शियास सहित कुछ कांग्रेस विधायक सुबह सतीसन के घर गए। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मुख्यमंत्री के रूप में उनके चयन की उम्मीद में उनके समर्थकों की एक बड़ी भीड़ उनके आवास के बाहर जमा हो गई। शाम को पार्टी आलाकमान द्वारा केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा का अपेक्षित समय नजदीक आते ही समर्थकों की संख्या बढ़ गई और उन्होंने सतीसन के पक्ष में नारे लगाए। अपने नारों में समर्थकों ने उन्हें ”धर्मनिरपेक्षता का संरक्षक” बताया और पार्टी के झंडे लहराये. इससे पहले बुधवार को वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास राहुल गांधी और वेणुगोपाल के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे. कुछ संदेशों में सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रियंका पर निशाना साधा गया और कहा गया कि केरल उनके “मूर्खतापूर्ण फैसलों” को माफ नहीं करेगा। पोस्टरों में गांधी भाई-बहनों को “वायनाड को भूल जाने” की चेतावनी दी गई, जिसमें दावा किया गया कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नहीं जीतेंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया केरल के लिए निर्णायक दिन: वेणुगोपाल के रूप में कांग्रेस करेगी मुख्यमंत्री पद की घोषणा, शीर्ष पद के लिए सतीसन में होड़ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री चयन(टी)कांग्रेस नेतृत्व केरल(टी)यूडीएफ की भारी जीत(टी)राहुल गांधी से मुलाकात(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे की भीड़(टी)केरल कांग्रेस विधायक दल(टी)रमेश चेन्निथला समर्थक(टी)वीडी सतीसन समर्थक
नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से क्या होगा? ऐसा करना फायदेमंद या नुकसानदायक

Last Updated:May 13, 2026, 23:18 IST Coconut Water Benefits: नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीना गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने और ताजगी देने में मदद कर सकता है. यह एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करता है, लेकिन ज्यादा नमक या नींबू मिलाने से कुछ लोगों को नुकसान भी हो सकता है. इसलिए इसे हमेशा संतुलित मात्रा में ही पीना चाहिए. नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को फायदा मिलता है. Coconut Water with Lemon and Salt: गर्मी के मौसम में नारियल पानी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हाइड्रेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. नारियल पानी एक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करता है और इसका सेवन करने से कई फायदे मिल सकते हैं. कई लोग नारियल पानी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू और थोड़ा नमक मिला लेते हैं. इससे नारियल पानी का स्वाद बेहतर हो जाता है. ऐसे में सवाल है कि क्या नींबू, नमक और नारियल पानी का कॉम्बिनेशन सच में फायदेमंद है या फिर इससे शरीर को नुकसान हो सकता है? इस बारे में डाइटिशियन से जान लेते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि नारियल पानी में प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटैशियम, मैग्नीशियम और सोडियम पाए जाते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं. जब इसमें नींबू मिलाया जाता है, तो विटामिन C की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर को ताजगी और एनर्जी महसूस हो सकती है. थोड़ा सा नमक मिलाने से नारियल पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करने लगता है. ज्यादा पसीना आने, धूप में रहने या कमजोरी महसूस होने पर यह शरीर को जल्दी रिफ्रेश कर सकता है. डाइटिशियन के मुताबिक नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाया जाए, तो यह पाचन के लिए भी फायदेमंद बन जाता है. कई लोगों को नारियल पानी में नींबू मिलाकर पीने से पेट हल्का महसूस होता है और शरीर में ठंडक बनी रहती है. वर्कआउट के बाद या गर्मी से घर लौटने पर इसे पीना शरीर को तुरंत राहत दे सकता है. यही वजह है कि कई लोग इसे गर्मियों का हेल्दी ड्रिंक मानते हैं. हालांकि नारियल पानी में नमक ज्यादा नहीं मिलाना चाहिए, वरना यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो अगर नारियल पानी में अधिक नमक मिला दिया जाए, तो शरीर में सोडियम बढ़ सकता है, जो हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. वहीं बहुत ज्यादा नींबू डालने से कुछ लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन या खटास की समस्या भी हो सकती है. इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही पीना बेहतर माना जाता है. अगर सही मात्रा में नींबू और नमक मिलाया जाए, तो नारियल पानी का यह कॉम्बिनेशन गर्मियों में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. यह शरीर को हाइड्रेट रखने, थकान कम करने और तुरंत ताजगी देने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
सहजन की सब्जी रेसिपी: गर्माहट में पेट को ठंडा करने वाली है सहजन की सब्जी, स्वाद और सेहत दोनों का स्वाद; बच्चा भी कर जाओ चैट

सहजन खाने के फायदे: शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। प्रतिरक्षा मजबूत होती है। शरीर में कमजोरी और थकान को दूर करने में मदद मिलती है। विटामिन और आइटम्स सेपेरेंट है। छवि: एआई सहजन की सब्जी बनाने की सामग्री के लिए: 4-5 सहजन की फलियां, 2 आलू, 1 तरबूज़ प्याज कटा, 2 टमाटर प्यूरी, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 1/2 छोटा टमाटर हल्दी पाउडर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा धनिया पाउडर, 1/2 छोटा काला लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा काला गर्म मसाला, नमक का स्वाद, 2 बड़ा काला तेल, हरा धनिया छवि: एआई सहजन की सब्जी बनाने की विधि: सबसे पहले सहजन को अच्छी तरह धोकर 2-3 इंच के दबाव में काट लें। अब आलू भी डिजाइन कर लें। एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें शामिल हैं तेल में बंधा हुआ तेल। छवि: एआई इसके बाद अदरक-हसुन पेस्ट और हरी मिर्च के कुछ सेकंड के टुकड़े। अब टमाटर और सारे पुराने सामान से भून लें। जब मूल तेल बाहर लाएँ, तब आलू और सहजन डालें। छवि: एआई सभी को पुराने से लेकर 1-2 मिनट तक का समय। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार पानी डाला जाता है और मध्यम आँच पर बर्तन बनाया जाता है। करीब 15-20 मिनट में सहजन और आलू बढ़िया से पक जायेंगे। छवि: नेहा कुक बुक अंतिम में गरम मसाला और हरा धनिया स्टॉबिलिटी गैस बंद कर दें। गरमा-गरम सहजन की सब्जी को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसिये. इसका स्वाद इतना मजेदार लगता है कि घर वाले बार-बार बनाने की फरमाइश करेंगे। अ छवि: एआई अगर आप भी गर्म में मसाले और टेस्टी खाना खाना चाहते हैं, तो सहजन की ये आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। छवि: एआई अगर बच्चों को सहज खाना पसंद नहीं है, तो यह आसान और स्वादिष्ट रेसिपी एक बार जरूर देखें। मसाले के साथ बनी ये सब्जी इतनी टेस्टी लगती है कि बच्चे भी उगलियाँ चाटते रह जायेंगे। छवि: एआई
सत्तू चीला रेसिपी: गर्मियों में सत्तू के चीले से करें दिन की शुरुआत, लू से बचेगा और पेट को ठंडा; विधि देखें

सत्तू चीला बनाने की सामग्री सत्तू: 1 कपदही: 2 बड़ेमसाला: टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनियापूरक: हल्दी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमकपानी: बैटर बनाने के लिएतेल/घी: सेकने के लिए छवि: एआई सत्तू में एक बड़ा मिक्सिंग बाउल डाला गया। इसमें छोटा-थोड़ा पानी और दही एक्जालेट ग्लास तैयार करें। ध्यान रहे कि इसमें गुठलियां न रहें। नासा न तो बहुमत नमक हो और न ही बहुत ज्यादा नमक। छवि: एआई अब इस सॉसेज में टमाटर, हरी मिर्च और खूब सारा हरा धनिया मिला हुआ है। इसमें अजनबी को हाथों से राँघकर डाल दिया गया। फिर एक जैसे और सभी तरह के अच्छे मिक्स करें। छवि: एआई एक नॉन-स्टिक तवा या आयरन का तवा गर्म करें। उस पर थोड़ा सा तेल या घी का सामान और उसे चारों तरफ फैला दिया। जब तवा डिविजन गरम हो जाए, तो अनैच्छिक कर दें। छवि: फ्रीपिक एक बड़ा बैटर तवे के बीच में डाला और उसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे डायनासोर में फैलाया। यह बहुत ज्यादा पतला नहीं है क्योंकि यह अकेले की वजह से टूट सकता है। छवि: फ्रीपिक चिली के सहयोगी पर थोड़ा सा तेल डालें। जब ऊपर की सतह साफ दिखने लगे, तो इसे सावधानी से पलट दें। दूसरी तरफ से भी सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक सेकें। छवि: एआई इस तरह से आपका गरमा-गरम सत्तू का चीला तैयार हो जाएगा। इसे पुदीने की पसंदीदा मठ, आम के अचार या समुद्री दही के साथ खाना सबसे अच्छा रहेगा। लॉस के लिए ये चीला वेट कमाल का होता है। छवि: फ्रीपिक
फर्श की सफाई युक्तियाँ: माइक्रोवेव वाली गर्मी में रसोई से आती है अपशिष्ट? घर को ‘फाइव स्टार होटल’ जैसा महकाएंगे ये 3 गर्लफ्रेंड का जुगाड़

13 मई 2026 को 21:30 IST पर अपडेट किया गया फ्लोर क्लीनिंग टिप्स: गर्मियों में अक्सर फ्लोर और रूम से गंध आती रहती है। ऐसी भीसद गर्मी में घर के अंदर घुसते ही सीलन की बर्बादी पूरा मूड खराब कर देती है। ऐसे में अक्सर लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि जैसे कुछ घरेलू अपार्टमेंट जुगाड़ होते हैं, जैसे कि फ्लोर और घर को फाइव स्टार होटल में इस्तेमाल करके चमकाया और बनाया जा सकता है। अनुसरण करना : फ्लोर को साफ करते समय बाल्टी में एक टुकड़ा फिटकरी और 2 पैसे वाला कपूर दिया। ये रासायनिक पदार्थ को सोख लेता है और अवशेषों को भी साफ कर देता है। छवि: फ्रीपिक तुरंत से पानी में सेंट्रे के केज और पियानो को अच्छे से डॉल्चें। इसके स्टोइक्स में चुनावी मैदान में हैं। इसकी भीनी आपको सस्ते होटल का पता लगाएगी। छवि: फ्रीपिक पानी में एक सिलिकॉन सोडा और अपनी पसंद के एसेंशियल ऑयल की कुछ बोतलें। इसे पर्डों और नावों पर स्प्रे करें, विनाश तुरंत गायब हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक नींबू का रस को पानी में मिला लें, इस पानी से मसाले पर पोछा स्थान। ऐसा करने से संग्रहालय पर चमकती रहती है और भीनी-भीनी ताजगी बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक दिन में कम से कम 20 मिनट का फिल्मी वीडियो देखें। क्रॉस एनिमाइज़ से घर की भारी और सघन हवा बाहर निकलती है। ऐसा करने से घर में ताजगी बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 13 मई 2026 21:30 IST पर







