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Summer Tips: गर्मी में घर से निकलने से पहले पी लें ये देसी ड्रिंक, दिनभर रहेंगे कूल और एनर्जी से भरपूर, जानें बनाने का तरीका

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Last Updated:May 12, 2026, 23:59 IST Sattu Sharbat: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन सभी दिक्कतों से काफी हद तक बच सकते हैं. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) गर्मी में सबसे फायदेमंद माना जाता है सत्तू का शरबत, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देता है. यही कारण है कि निमाड़ सहित कई इलाकों में इसे गर्मी का ‘देसी टॉनिक’ कहा जाता है. इसमें ढेरों पोषक तत्व होते हैं. इसे गरीबों का प्रोटीन भी कहा जाता है. साथ ही ये फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन से भरपूर होता है जो गर्मी में पाचन को फिट रखने के लिए बेस्ट चीज है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक ऐसा पारंपरिक पेय है, जो न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि लू से बचाव में भी बेहद कारगर साबित होता है. सत्तू भुने हुए चने, जौ या मक्का को पीसकर बनाया जाता है. इसे पानी में घोलकर शरबत के रूप में पिया जाता है, जो गर्मी में शरीर को तुरंत राहत देता है. अगर बात करें इसे पीने के तरीके की, तो सत्तू को नमकीन और मीठे दोनों रूप में लिया जा सकता है. नमकीन शरबत बनाने के लिए सत्तू में ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा और नींबू मिलाया जाता है. वहीं मीठा सत्तू बनाने के लिए इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पिया जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार सुबह घर से निकलने से पहले सत्तू पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google एक गिलास सत्तू का मीठा या नमकीन शरबत पी लेते हैं तो आपकी भूख मिट जाती है. आधा कप सत्तू लें. इसे एक बाउल या जग में डाल दें. इसमें एक गिलास पानी डालें. इसे आप अच्छी तरह से मिक्स कर लें ताकि गांठ न बन जाए. अब आप और आधा कप पानी डाल दें. आप गाढ़ा या पतला बनाकर पी सकते हैं. इसमें एक चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर डालेंगे. जीरा आप तवे पर रखकर भूनें और उसे पीस लें. इसमें आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक चौथाई चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें. इसे गिलास में डालकर सर्व करें. आप चाहें तो इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े भी डाल सकते हैं. डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, सत्तू के सेवन से कई फायदे मिलते हैं. यह शरीर को ठंडा रखता है और लू से बचाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट तुरंत ऊर्जा देते हैं, जिससे थकान दूर होती है. सत्तू में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है. इसके अलावा कब्ज, गैस जैसी समस्याओं से राहत देता है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है. सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गर्मी में यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. इसके अलावा दोपहर में या ज्यादा मेहनत करने के बाद इसे पीने से शरीर को तुरंत राहत और ऊर्जा मिलती है. सत्तू एक सस्ता, आसान और बेहद असरदार देसी सुपरफूड है, जो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को फिट और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सत्तू को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भरवा करेला रेसिपी: घर में ऐसे पिज्जा भरवां करेला, बच्चे-बच्चे सब कर जाएंगे चाट; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

भरवां करेला सामग्री बनाने के लिए: 5-6 करेले, 2 बड़े प्याज कटे हुए, 2-3 हरी मिर्च, 1 बड़ा धनिया पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा प्याज हल्दी पाउडर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 बड़ा चम्मच मसाला तेल, 3-4 बड़ा चम्मच मसाला तेल, धागा बांधने के लिए छवि: एआई सबसे पहले करेलों को धो लें और प्रभाव सा देखें लें। बीच से चीरा लगाए बीज प्रारंभ। थोड़ा सा नमक बंद करके 20-30 मिनट तक रुकें। इससे अलग चॉकलेटहट काफी कम होगी। फिर से पानी से ढोकर फर्नीचर की जगह। छवि: फ्रीपिक मसाला तैयार करने की विधि: एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें। इसमें सौंफ और हरी मिर्च डालें। अब होने जा रहा है केटे हुए मोनोलैम्ब्स सोलोमन्स सोमाट तक। छवि: फ्रीपिक इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर, गरम मसाला और नमक डालें। एक्स्ट्रा को अच्छे से भूल लें ताकि इसका स्वाद बढ़ जाए। अब आर्टिस्ट को अच्छे से भर दें। छवि: एआई फ़्लोरिडा तो करेलों को गेज से बांधा जा सकता है ताकि मसाला बाहर न निकले। कुक के लिए एक कड़ाही में तेल गर्म और धीरे-धीरे सभी भरवां करेलों को रखें। नामांकित पर उदाहरण आदर्शकर मूर्ति। छवि: फ्रीपिक बीच-बीच में पलटते रहें ताकि सभी तरफ से अच्छे से सिक जाएं। लगभग 20-25 मिनट में करेले नर और दोस्त कुरकुरे हो जायेंगे। गरमा-गरम प्लास्टिक भरवां करेला रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ सर्व करें। छवि: फ्रीपिक करेले पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। समरसाइज़र में पिक्चर और सामान्‍य भोजन के विकल्‍प हैं। छवि: एआई

‘मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं’: अगले सीबीआई निदेशक का चयन करने वाले पीएम के नेतृत्व वाले पैनल को राहुल गांधी का नोट | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 22:39 IST राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीदवारों की 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट तक पहुंच से वंचित कर दिया गया, उन्होंने कहा कि प्रक्रिया ‘महज औपचारिकता’ बनकर रह गई है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें शीर्ष सीबीआई पद के लिए उम्मीदवारों की 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया गया। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगले निदेशक को चुनने के लिए प्रधान मंत्री के नेतृत्व वाली चयन समिति की बैठक के दौरान एक असहमति नोट दर्ज किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र में, गांधी ने कहा कि वह अगले सीबीआई प्रमुख की सिफारिश करने के लिए गठित पैनल की कार्यवाही से “कड़े शब्दों में” असहमत हैं। गांधी ने लिखा, “केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगले निदेशक की सिफारिश करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में मैं आपको इसकी कार्यवाही पर अपनी असहमति दर्ज करने के लिए लिख रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं।” राहुल गांधी ने क्या लगाया आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चयन प्रक्रिया में सार्थक भूमिका से वंचित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश से कांग्रेस सांसद के अनुसार, बार-बार लिखित अनुरोध के बावजूद, उन्हें बैठक से पहले योग्य उम्मीदवारों की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि इसके बजाय उनसे समिति की बैठक के दौरान पहली बार 69 उम्मीदवारों के मूल्यांकन रिकॉर्ड की समीक्षा करने की उम्मीद की गई थी, जबकि 360-डिग्री रिपोर्ट को “पूरी तरह से नकार दिया गया”। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी कानूनी आधार के इन दस्तावेजों तक पहुंच से इनकार करने से चयन प्रक्रिया की अखंडता कमजोर हो गई और यह सुनिश्चित हो गया कि केवल “पूर्व-निर्धारित उम्मीदवार” का ही चयन किया जाएगा। गांधी ने 5 मई, 2025 को पिछली बैठक के दौरान रिकॉर्ड किए गए एक असहमति नोट का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने 21 अक्टूबर, 2025 को फिर से प्रधान मंत्री को लिखा था, जिसमें “निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया” के लिए उपाय सुझाए गए थे, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अपने पत्र में, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए बार-बार सीबीआई का “दुरुपयोग” किया है, और कहा कि इन्हीं चिंताओं के कारण विपक्ष के नेता को चयन समिति प्रक्रिया में शामिल किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चयन समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर, सरकार ने प्रक्रिया को “महज औपचारिकता” तक सीमित कर दिया है। गांधी ने लिखा, “विपक्ष का नेता कोई रबर स्टांप नहीं है। मैं इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से विमुख नहीं हो सकता।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं’: अगले सीबीआई निदेशक का चयन करने वाले पीएम के नेतृत्व वाले पैनल को राहुल गांधी का नोट अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी सीबीआई असहमति(टी)सीबीआई निदेशक चयन(टी)राहुल गांधी पत्र(टी)पीएम के नेतृत्व वाली चयन समिति(टी)केंद्रीय जांच ब्यूरो(टी)असहमति नोट लोकसभा(टी)विपक्षी नेता की भूमिका(टी)360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट

नींद के बाद थकान: सुबह 8 घंटे की नींद के बाद भी रहती है थकान? शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी!

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ग्रीष्मकालीन स्वास्थ्य युक्तियाँ: क्या आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है कि आप रात भर 8-9 घंटे गहरी नींद लेकर सोते हैं, लेकिन फिर भी सुबह खुलते ही शरीर टूटा-फूटा सा लगता है? परदे से पुनरुद्धार का मन नहीं करता और दिन भर में एक अजेय सी दुःस्वप्न रहता है? अगर आपका जवाब ‘हां’ है, तो आपको यह समझने की ज़रूरत है कि यह समस्या आपकी नींद में नहीं, बल्कि आपके शरीर के अंदर हो सकती है। हमें पता चला है कि थकान का इलाज करने से अच्छी नींद आती है। लेकिन अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपकी बैटरी ‘लो’ रहती है, तो इस बात का सीधा मतलब यह है कि आपके शरीर में कुछ बहुत जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो गई है। तो फिर जानें कि आखिर वो कौन सी चीजें हैं जिनकी प्रॉडक्ट कमी हर वक्त थका हुआ महसूस कराती है: विटामिन-बी12 की कमी यह विटामिन हमारे शरीर का ‘पावर हाउस’ है। शरीर में रेड ब्लड सेल बनाने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में इसकी सबसे बड़ी भूमिका होती है। अगर आपके शरीर में विटामिन बी 12 की कमी है, तो आप देर से ही सही, आपको कमजोरी, चक्कर आना, थकान महसूस होगी। शाकाहारी लोगों में इसकी कमी का बार-बार आकलन किया जाता है। विटामिन-डी की कमी यहां हम से ज्यादातर लोग बंद स्टूडियो और एसी में काम करते हैं, जिसका कारण है कि सुपरमार्केट में कोई सामान नहीं मिलता है। ‘सनशाइन विटामिन’ यानी विटामिन-डी की कमी से न केवल हड्डियाँ ख़त्म होती हैं, बल्कि यह मिश्रण में दर्द और पुरानी थकान का भी एक बहुत बड़ा कारण है। आयरन की कमी आयरन का काम आपके फेफड़े से ऑक्सीजन लेकर शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचना है। अगर शरीर में आयरन कम होगा, तो ऑक्सीजन का प्रवाह धीमा हो जाएगा। और जब शरीर के अंगों को ऑक्सीजन ही ठीक से नहीं मिलेगा, तो जाहिर तौर पर सी बात है कि आपको थकान और सुस्ती बनी रहेगी। पानी की कमी कई बार समस्या समान बड़ी नहीं होती, हम देखते हैं। शरीर में पानी की कमी से आपके शरीर में ऊर्जा की मात्रा काफी हद तक कम हो सकती है। रात भर सोने के दौरान हम पानी नहीं पीते, जिससे सुबह उठकर शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। थकान को दूर करने के लिए क्या करें? अगर आप इस रोज-रोज की थकान से परेशान हैं, तो अपनी दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव कर सकते हैं। सुबह की धूप: कोशिश करें कि सुबह सूरज कम से कम 15 से 20 मिनट तक गुनगुनी धूप में जरूर बैठें। यह आपके विटामिन डी के स्तर को नाचुरली बढ़ाएगा। अंनत ही पानी पिये: सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने के बजाय 1 से 2 गिलास पानी पिएं। यह बॉडी कोचिंग होगी और आप तुरंत ताज़ा महसूस करेंगे। अंतःकरण में सुधार: अपनी थाली में हरी पत्तीदार कंपनी, चुकंदर, सेब, अनार, दूध, दही, पनीर और ड्रमस्टिक्स को शामिल करें। इससे आयरन विटामिन और-बी12 की कमी पूरी करने में मदद मिलती है। डॉक्टर से सलाह लें:अगर अच्छी सामग्री और भरपूर नींद के बाद भी आपकी थकान ग्रामीण तक दूर नहीं हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। एक बार डॉक्टर से मिलकर अपना सामान्य सा ब्लड टेस्ट (सीबीसी, विटामिन डी और बी12) जरूर करवाएं। आपके शरीर की मशीन नहीं है, इसे सही ‘ईंधन’ यानी सही पोषण की जरूरत है। अपने शरीर के प्रशंसकों को बधाई दें और एक ही तरह से अपनी और दिनचर्या का पालन करें। यह अवश्य पढ़ें: वेजिटेबल उपमा रेसिपी: फिट पर स्वाद से नहीं होता कॉम्प्रोमाइज? अनलॉस्ट सुपरमार्केट वाला उपमा, कम कैलोरी में भरेगा पेट अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्वस्थ शरीर के लिए टिप्स(टी)स्वास्थ्य टिप्स(टी)नींद के बाद थकान(टी)विटामिन की कमी(टी)स्वस्थ शरीर(टी)आयरन की कमी(टी)विटामिन डी की कमी(टी)विटामिन बी12 की कमी(टी)सुबह की थकान

विजय की ‘स्वर्णिम’ चुप्पी: उदयनिधि ने सनातन का अपमान किया | तमिलनाडु में नई सरकार लेकिन हिंदू अब भी दूसरे नंबर पर?

विजय की 'स्वर्णिम' चुप्पी: उदयनिधि ने सनातन का अपमान किया | तमिलनाडु में नई सरकार लेकिन हिंदू अब भी दूसरे नंबर पर?

सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी के बाद तमिलनाडु की राजनीति में ताजा विवाद देखने को मिल रहा है, जिससे राज्य भर में राजनीतिक और वैचारिक बहस फिर से शुरू हो गई है। आलोचक अब सवाल कर रहे हैं कि क्या विजय के नेतृत्व में नया राजनीतिक नेतृत्व तमिलनाडु में हिंदू पहचान, धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक राजनीति से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाएगा। इस मुद्दे पर विजय की चुप्पी के आसपास की बहस ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों, समर्थकों और विपक्षी आवाजों से समान रूप से प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं, कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या राज्य में वास्तविक राजनीतिक बदलाव हो रहा है या क्या नए नेतृत्व के तहत पुरानी वैचारिक लड़ाई जारी रहेगी। n18oc_politicsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 12 मई, 2026, 21:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)डीएमके(टी)हिंदू राजनीति(टी)भारत की राजनीति(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक समाचार(टी)सनातन धर्म(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)उदयनिधि स्टालिन(टी)विजय

आने वाला है इस फल का सीजन, शुगर कंट्रोल में रामबाण…खुद बना सकते हैं पाउडर, जानें ट्रिक

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Last Updated:May 12, 2026, 20:48 IST Jamun Seed Benefits : गर्मियों के साथ जामुन के पेड़ों में फल आने शुरू हो चुके हैं. इसका बीज सेहत के लिए रामबाण है. अगर आप भी शुगर से परेशान हैं तो इस सीजन जामुन के बीज को फेंकने की जगह सुरक्षित रख लें. सुल्तानपुर के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि जामुन का बीज शरीर का इम्युनिटी सिस्टम भी मजबूत करता है. जामुन के बीज का पाउडर बनाकर सुबह-शाम गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शुगर कंट्रोल रहता है. डॉ. संतोष के मुताबिक, जामुन के बीज में कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, सोडियम, फॉस्‍फोरस, विटामिन सी, एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्‍व पाए जाते हैं. सुल्तानपुर. गर्मी का मौसम चल रहा है. जामुन के पेड़ों में फल आने शुरू हो चुके हैं. जामुन एक ऐसा फल है जिसका स्वाद किसे नहीं पसंद. इसका बीज शुगर कंट्रोल में काम आता है. अगर आप भी शुगर से परेशान हैं तो इस सीजन जामुन के बीज को फेंकने की जगह सुरक्षित रख लें. आइये आयुर्वेद चिकित्सक से जानते हैं इसके बीजों का उपयोग, जो सेहत के लिए रामबाण हो सकता है. सुल्तानपुर के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि जामुन का बीज शुगर को कंट्रोल करने में काफी मददगार है. शरीर का इम्युनिटी सिस्टम मजबूत करता है. जामुन के बीज का पाउडर बनाकर सुबह-शाम गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शुगर कंट्रोल रहता है. ध्यान रखें ये बातडॉ. संतोष के मुताबिक, जामुन के बीज में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, सोडियम, फॉस्‍फोरस, विटामिन सी, एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्‍व पाए जाते हैं. कई वैज्ञानिक शोध पाया गया है कि यह हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है. जामुन के बीज को पहले अच्छे से धुल लेना चाहिए. धुलने के बाद सुखा लें. उसके बाद छिलके को किसी पत्थर से तोड़कर अलग कर देना चाहिए और बीज के मुख्य भाग को अच्छे से पिसाई कर लेनी चाहिए. इस पाउडर को प्रतिदिन गुनगुने पानी से एक चम्मच सुबह खाना चाहिए. इससे डायबिटीज नियंत्रित रहता है. हार्ट के लिए सोनाडॉ. संतोष बताते हैं कि जामुन में हाई लेवल पोटैशियम होता है, जो हृदय के लिए काफी लाभदायक है. यह हार्ट बीट को भी नियंत्रित करने में मदद करता है. जामुन हार्ट को स्वस्थ रखने, स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक की संभावना को कम करने में भी मदद करता है. यह ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में भी काफी असरदार माना जाता है. यह एक आयुर्वेदिक उपाय है, जिसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh

हर घर में होनी चाहिए इमरजेंसी मेडिसिन किट, डॉक्टर ने बताया इसमें कौन-कौन सी दवाएं रखना जरूरी

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Emergency Medicine Kit : हमारी तबीयत कभी भी बिगड़ सकती है और अचानक परेशानी होने पर लोग दवाएं ढूंढते हैं. कई लोग अपने घर में दवाओं का बॉक्स रखते हैं, जिसमें गैस, बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द की टेबलेट होती हैं. इसके अलावा बैंडेज, कटने-जलने की क्रीम और बीपी-शुगर की मशीन भी घर में होनी चाहिए. इमरजेंसी कंडीशन में ये सभी चीजें आपकी जान बचा सकती हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि हर घर में एक इमरजेंसी मेडिसिन किट होनी चाहिए और उसमें जरूरी चीजें रखनी चाहिए. अगर कभी इमरजेंसी कंडीशन पैदा हो जाए, तो यह किट लाइफ सेविंग हो सकती है. हर परिवार को बेसिक फर्स्ट एड और जरूरी दवाओं की जानकारी होनी चाहिए, ताकि अस्पताल पहुंचने तक कंडीशन बहुत क्रिटिकल न हो. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया एक अच्छी होम इमरजेंसी किट में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी चीजें भी शामिल होनी चाहिए. इसमें बैंडेज, कॉटन, गॉज, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक लिक्विड, एंटीसेप्टिक क्रीम, डिजिटल थर्मामीटर, कैंची, ग्लव्स और दर्द कम करने वाले कोल्ड पैक जैसी चीजें रखना भी उपयोगी माना जाता है. चोट लगने या कटने पर सबसे पहले साफ-सफाई और संक्रमण रोकना बेहद जरूरी होता है. इसके अलावा कुछ सामान्य दवाएं भी घर में मौजूद होनी चाहिए. बुखार के लिए पैरासिटामोल, सर्दी-जुकाम के लिए बेसिक दवाएं, एलर्जी की दवा, एसिडिटी और गैस की दवा, दस्त और पेट खराब होने की दवा, ORS पाउडर और उल्टी रोकने की दवा. हालांकि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं यूज नहीं करनी चाहिए. हर घर में मौजूद होने चाहिए 20 जरूरी सामान डिजिटल थर्मामीटर, ORS पाउडर, पैरासिटामोल, एंटीसेप्टिक लिक्विड, कॉटन, गॉज पैड, बैंडेज रोल, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक क्रीम, कैंची, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइजर, एलर्जी की दवा, सर्दी-जुकाम की दवा, पेट दर्द या गैस की दवा, दस्त रोकने की बेसिक दवा, बर्न क्रीम, आई ड्रॉप, कोल्ड पैक और डॉक्टर और एम्बुलेंस के जरूरी नंबरों की सूची. ORS, थर्मामीटर और बैंडेज क्यों हैं जरूरी? डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है. दस्त, उल्टी या डिहाइड्रेशन की स्थिति में यह बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं थर्मामीटर से शरीर का तापमान सही तरीके से मापा जा सकता है, जिससे बीमारी की गंभीरता समझने में मदद मिलती है. बैंडेज और गॉज चोट या खून बहने की स्थिति में शुरुआती सुरक्षा देने के लिए जरूरी माने जाते हैं. इमरजेंसी में लोग कौन सी गलतियां करते हैं? एक्सपर्ट की मानें तो कई लोग घबराहट में गलत दवा दे देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के जरूरत से ज्यादा दवाएं खिला देते हैं. कुछ लोग एक्सपायर्ड दवाओं का इस्तेमाल भी कर लेते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है. चोट लगने पर सीधे गंदे कपड़े या बिना साफ किए हाथ लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. कई बार तेज बुखार या गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना भी खतरनाक साबित हो सकता है. घर में दवाएं रखते समय किन बातों का ध्यान रखें? डॉक्टर सलाह देते हैं कि दवाओं को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर और ठंडी-सूखी जगह पर रखें. समय-समय पर उनकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचते रहें. किसी भी दवा को बिना लेबल के स्टोर नहीं करना चाहिए. साथ ही, अगर किसी सदस्य को किसी दवा से एलर्जी हो, तो उसकी जानकारी परिवार के बाकी लोगों को भी होनी चाहिए. होम इमरजेंसी किट केवल शुरुआती सहायता के लिए होती है. गंभीर चोट, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, सीने में दर्द या लगातार तेज बुखार जैसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कच्ची केरी की चटनी रेसिपी: गर्मागर्म केरी की चटनी खाने के हैं कई फायदे, नोट कर लें मिनट में बनने वाली रेसिपी

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अगर आप भी गर्मियों में कुछ चटपटा और मसाला खाना चाहते हैं, तो घर पर एक मिनट में बनने वाली प्लास्टिक केरी की सजावट जरूर करें। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 मध्यम आकार की काली मिर्च, 1/2 कप ताजा पुदीना, 1/2 कप हरा धनिया, 2 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1 छोटा जीरा, स्वादानुसार नमक, 1 छोटा सा चीनी या गुड़, थोड़ा सा पानी छवि: एआई माकन बनाने की विधि: सबसे पहले प्लास्टिक कैरी को धोकर छील लें और छोटी-छोटी सब्जियों में काट लें। अब मसाला जार में केरी, पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च, लहसुन और जीरा डाला जाता है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद नमक और थोड़ा सा चीनी या गुड़ निगल। अब इसमें थोड़ा सा पानी साॅरी नी को अच्छी तरह पीस लें। आपकी स्वादिष्ट खट्टी-तीखी केरी की रेसिपी तैयार है। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा खट्टा स्वाद पसंद नहीं है, तो आप स्नैक्स में थोड़ा गुड़ या चीनी दाल ले सकते हैं। वहीं तीखा पसंद करने वाले लोग हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं। छवि: एआई इस विकल्प को आप परांठे, पकौड़े, दाल-चावल, समोसे या मसाले के साथ सर्व कर सकते हैं। गर्मी में इसे खाने से स्वाद के साथ ताजगी का एहसास भी होता है। छवि: एआई केरी की रचना शरीर को ठंडक डॉक्टर में मदद मिलती है। पाचन क्रिया बेहतर होती है। लू और डायहाइड्रेशन से बचाव में सहायता मिलती है। छवि: एआई भूख बढ़ाने में मदद मिलती है। विटामिन-सी से संभाव्यता के कारण इम्युनिटी मजबूत होती है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)केरी की चटनी रेसिपी(टी)केरी की चटनी रेसिपी(टी)कच्ची केरी की चटनी(टी)कच्चे आम की चटनी(टी)गर्मी की चटनी रेसिपी(टी)चटनी रेसिपी(टी)कच्ची केरी की चटनी बनाने की विधि(टी)गर्मियों के लिए चटनी रेसिपी(टी)गर्मियों में कच्चे आम की चटनी रेसिपी

मसाला सोया चाप रेसिपी: नॉनवेज स्वादानुसार जब घर में मसाला सोया चाप, मसाला सोया चाप नोट करें आसान रेसिपी

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सामग्री: 250 ग्राम सोया चाप, 2 बड़े प्याज कटे हुए, 2 टमाटर, 1 बड़ा अदरक-लहसुन पेस्ट, 2 हरी मिर्च, 1/2 कप दही, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा बड़ा धनिया पाउडर, छवि: फ्रीपिक 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी, 2 छोटा चम्मच तेल या बटर, नमक का स्वाद, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक मसाला सोया चाप बनाने की विधि: सबसे पहले सोया चाप को स्टिक से अलग करके छोटी पिचकारी में काट लें। अब उदाहरण के लिए गर्म पानी में 5 मिनट तक स्टॉल और फिर हटा दिया गया। छवि: एआई एक पैन में थोड़ा सा तेल गरम करें और सोया चाप को रंगीन सुगंध दें तक फ्री कर लें। इसका स्वाद और भी बढ़ता है। अब वही पैन में तेल और प्याज को सोने तक रखा जाता है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च के मूर्तिकार। अब टमाटर की प्यूरी और मसाले जैसे हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक। अन्याय को तब तक साहस लगे जब तक तेल अलग न हो। छवि: एआई फेंटा हुआ इसमें दही और दही फेंटा रहता है इसलिए दही फेटा नहीं। फिर से फ्री की हुई सोया चाप दाल। ऊपर से गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें। आवश्यकता है लगभग 5-7 मिनट का छोटा पानी। छवि: एआई अब गैस बंद करें और हरे धनिए से गार्निश करें। गरमा-गरम मसाला सोया चाप को बटर नान, तंदूरी रोटी या जीरा चावल के साथ सर्व करें. इसका स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई ज्यादा स्वाद के लिए सोया चाप को पहले दही और मसाले में 15 मिनिट मेरिनेट कर सकते हैं. अगर आप स्मोकी फ्लेवर चाहते हैं, तो निश्चित रूप से पिज्जा का स्वाद भी ले सकते हैं। छवि: एआई बटर से इसका स्वाद और भी रिच हो जाता है। घर पर बनी यह मसाला सोया चाप रेसिपी स्वाद और मसाले का ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसे खाने के बाद कोई आपका स्टार जरूर चाहेगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मसाला सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप(टी)सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप कैसे बनाएं

Air Fryer: क्या एयर फ्रायर सच में हेल्दी है या सिर्फ मार्केटिंग? जानें सच्चाई

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Last Updated:May 12, 2026, 19:26 IST आजकल एयर फ्रायर तेजी से लोगों की रसोई का हिस्सा बनता जा रहा है. कम तेल में कुरकुरा खाना बनाने की वजह से इसे हेल्दी कुकिंग का नया तरीका बताया जा रहा है. सोशल मीडिया और विज्ञापनों में भी एयर फ्रायर को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह सच में सेहत के लिए बेहतर है या फिर सिर्फ एक नया मार्केटिंग ट्रेंड बन चुका है. ख़बरें फटाफट आजकल एयर फ्रायर लगभग हर दूसरे किचन में दिखाई देने लगा है. सोशल मीडिया से लेकर विज्ञापनों तक इसे “हेल्दी कुकिंग” का सबसे आसान तरीका बताया जा रहा है. कम तेल में कुरकुरा खाना बनाने की वजह से लोग इसे तेजी से खरीद रहे हैं. कई लोग मानते हैं कि एयर फ्रायर में बना खाना डीप फ्राई चीजों से ज्यादा हेल्दी होता है, लेकिन कुछ लोग इसे सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा भी मानते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एयर फ्रायर सच में सेहत के लिए बेहतर है या फिर यह सिर्फ नया ट्रेंड बन चुका है. एयर फ्रायर की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जाती है कि इसमें बहुत कम तेल इस्तेमाल होता है. सामान्य तौर पर जहां डीप फ्राई खाने में काफी ज्यादा तेल लगता है, वहीं एयर फ्रायर गर्म हवा की मदद से खाना पकाता है. इसी वजह से फ्रेंच फ्राइज, नगेट्स या टिक्की जैसी चीजें कम तेल में भी कुरकुरी बन जाती हैं. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या ज्यादा तला हुआ खाना खाने से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है. लेकिन हर चीज हेल्दी नहीं हो जातीकई लोग सोचते हैं कि एयर फ्रायर में बना हर खाना अपने आप हेल्दी हो जाता है, जबकि ऐसा पूरी तरह सच नहीं है. अगर आप प्रोसेस्ड फूड, जमे हुए पैकेट वाले स्नैक्स या ज्यादा नमक और मसाले वाली चीजें एयर फ्रायर में बना रहे हैं, तो वह फिर भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. सिर्फ कम तेल इस्तेमाल होने से कोई खाना पूरी तरह पौष्टिक नहीं बन जाता. खाने की गुणवत्ता और सामग्री भी उतनी ही जरूरी होती है. स्वाद और समय की वजह से बढ़ी लोकप्रियताएयर फ्रायर का इस्तेमाल आसान होने की वजह से भी लोग इसे पसंद कर रहे हैं. इसमें खाना जल्दी तैयार हो जाता है और बार-बार तेल गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती. खासतौर पर कामकाजी लोग और युवा इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसमें कम मेहनत में जल्दी खाना बन जाता है. साथ ही किचन में तेल और धुएं की परेशानी भी कम होती है. क्या सच में खरीदना फायदेमंद हैअगर आप ज्यादा तला हुआ खाना खाते हैं और तेल कम करना चाहते हैं, तो एयर फ्रायर आपके लिए उपयोगी हो सकता है. लेकिन इसे जादुई मशीन समझना सही नहीं होगा. हेल्दी रहने के लिए सिर्फ एयर फ्रायर काफी नहीं है, बल्कि संतुलित भोजन, सही मात्रा और अच्छी जीवनशैली भी जरूरी है. आसान शब्दों में कहें तो एयर फ्रायर कुछ हद तक बेहतर विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन पूरी तरह हेल्दी जीवन का राज सिर्फ इसी में नहीं छिपा है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें