Friday, 25 Sep 2026 | 02:43 PM

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क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

तमिलनाडु में राहुल गांधी के DMK का साथ छोड़कर फिल्मी सितारे विजय से गठजोड़ करने की घटना ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। RJD-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। इस बीच 8 मई को तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा- भाजपा को क्षेत्रीय दल ही टक्कर दे सकते हैं। अब सवाल है- क्या कांग्रेस तमिलनाडु वाला साहस बिहार में भी दिखाएगी। थालापति विजय के फ्रेंड प्रशांत किशोर से हाथ तो नहीं मिला लेगी। अगर ऐसा होता है तो 2029 से पहले बिहार की राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है। इन्हीं सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः तमिलनाडु में राहुल गांधी ने विजय के साथ गठबंधन कर क्या मैसेज दिया? जवाबः 4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस ने दशकों पुराने साथी DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) का साथ छोड़ दिया। राहुल गांधी ने अपने पांचों विधायकों का समर्थन अभिनेता से नेता बने थालापति विजय को दे दिया। राहुल गांधी का DMK जैसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी को छोड़ना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। TVK (तमिलगा वेट्टी कड़गम) के साथ जाने का राहुल गांधी का यह फैसला बता रहा है कि वह अब घिसे-पीटे नारों और मॉडल के आधार पर चल रही पार्टियों से अलग नए और बढ़ते हुए राजनीतिक चेहरों के साथ कदमताल करना चाहते हैं। राहुल गांधी शायद अब क्षेत्रीय क्षत्रपों के दबाव से मुक्त होकर नई, युवा और भविष्य की राजनीति की ओर देख रहे हैं। सवाल-2ः राहुल के इस फैसले का बिहार में क्या असर पड़ेगा? जवाबः बिहार में कांग्रेस और RJD (लालू-तेजस्वी) का रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन तमिलनाडु के फैसले का गहरा असर इस गठबंधन पर पड़ सकता है। बिहार कांग्रेस के नेता अलग होने का सुझाव दे चुके हैं सवाल-3ः कांग्रेस तेजस्वी का साथ क्यों छोड़ सकती है? जवाबः तेजस्वी का साथ छोड़ने के 3 बड़े कारण हैं… 1. सामाजिक न्याय का पुराना मॉडल फेल तेजस्वी यादव बीते 4-5 सालों में लगातार तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के मॉडल को अपनाने की बातें करते रहे हैं। जातीय गणना से लेकर रिजर्वेशन का दायरा बढ़ाने की जमकर वकालत करते रहे हैं। अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक तेजस्वी यादव जब नीतीश सरकार में आए तो बिहार में जातीय गणना भी हुई। रिजर्वेशन का दायरा भी बढ़ा, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इतने प्रयास के बावजूद 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं, तेजस्वी यादव जिस तमिलनाडु मॉडल को बिहार में लागू करने की बातें करते हैं, वह मॉडल उसी राज्य में फेल हो गया। साथी स्टालिन की पार्टी DMK सत्ता से बाहर हो गई। एक्टर विजय ने स्टालिन से अलग सामाजिक न्याय का नया मॉडल पेश किया, जिसे लोगों ने स्वीकार किया है। तमिलनाडु: क्यों फेल हुआ ‘सामाजिक न्याय’ का पुराना मॉडल? 2. नहीं बढ़ रहा कांग्रेस का वोट बैंक 3. भ्रष्टाचार और जंगलराज का नैरेटिव सवाल-4: क्या 2029 से पहले कांग्रेस प्रशांत किशोर के साथ जाएगी? जवाबः हां, संभावना मजबूत है। कांग्रेस बिहार में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है और RJD की छाया से दूर जाना चाहती है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिसंबर 2025 में प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से दो घंटे तक मुलाकात हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर की प्रियंका गांधी से बिहार और देश में विपक्ष की राजनीति पर बातें हुईं थी। मुद्दों पर भी बातें हुईं थी। कांग्रेस जानती है कि प्रशांत किशोर रणनीतिकार हैं, जो कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकते हैं। चुनाव में कांग्रेस को लेकर सॉफ्ट थे प्रशांत किशोर प्रशांत किशोर के साथ आने की संभावना क्यों मजबूत है सवाल-5: बिहार में सत्ता चाहिए तो तेजस्वी को क्या करना होगा? जवाबः तेजस्वी यादव अभी भी बिहार के सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD को सबसे ज्यादा वोट शेयर (करीब 23%) मिला, लेकिन सीटें सिर्फ 25 आईं। अगर उन्हें 2030 या उससे पहले सत्ता चाहिए तो पुरानी रणनीति से बाहर निकलना पड़ेगा। उनको 3 काम करने होंगे… 1. MY इक्वेशन से आगे निकलकर ब्रॉड कोएलिशन बनाना 2. जंगलराज के नैरेटिव को विकास की पॉलिटिक्स से खत्म करना होगा 3. मजबूत संगठन करना होगा

IPL का गणित- दिल्ली की प्लेऑफ उम्मीदें कायम:पंजाब को बचे 3 में से 2 मैच जीतने होंगे; गुजरात-हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका

IPL का गणित- दिल्ली की प्लेऑफ उम्मीदें कायम:पंजाब को बचे 3 में से 2 मैच जीतने होंगे; गुजरात-हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका

IPL 2026 में प्लेऑफ की रेस दिलचस्प हो गई है। सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हराकर अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। टीम 13 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर पंजाब चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन उसे टॉप-4 में जगह पक्की करने के लिए बचे 3 में से कम से कम 2 मैच जीतने होंगे। आज गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने होंगी। जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर पहुंच जाएगी। फिलहाल बेंगलुरु, हैदराबाद, गुजरात और पंजाब टॉप-4 में हैं, जबकि मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन पंजाब लगातार चौथा मैच हारी, दिल्ली को एक स्थान का फायदा सीजन की शुरुआत में लगातार 6 मैच जीतने वाली पंजाब को लगातार चौथी हार झेलनी पड़ी। टीम पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। उसे बचे हुए मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ के खिलाफ 3 मैचों में से 2 जीतने होंगे। दूसरी ओर दिल्ली लगातार दो मैच हारने के बाद जीती। टीम को एक स्थान का फायदा हुआ। अब उसे बचे 2 मैचों में राजस्थान और कोलकाता को बड़े अंतर से हराने के साथ दूसरी टीमों के रिजल्ट पर भी निर्भर रहना होगा। आज के मैच का असर हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका सनराइजर्स हैदराबाद के 11 मैचों में 14 पॉइंट्स हैं। टीम आज गुजरात टाइटंस को हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच सकती है। हैदराबाद के बचे मुकाबले चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी मजबूत टीमों से हैं। ऐसे में टीम अहमदाबाद में जीत दर्ज कर प्लेऑफ की स्थिति मजबूत करना चाहेगी। गुजरात जीता तो प्लेऑफ खेलना लगभग तय गुजरात टाइटंस के भी 11 मैचों में 14 पॉइंट्स हैं। टीम अगर आज हैदराबाद को हरा देती है तो प्लेऑफ में उसकी जगह लगभग पक्की हो जाएगी। इसके बाद गुजरात को कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स से मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम घरेलू मैदान पर जीत हासिल कर टॉप-2 की रेस में बढ़त लेना चाहेगी। चेन्नई-राजस्थान की स्थिति मजबूत चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के 12-12 पॉइंट्स हैं। दोनों टीमों ने 11 मैचों में 6-6 जीत हासिल की हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दोनों को बचे 3 मैचों में कम से कम 2 जीत दर्ज करनी होंगी। 2 टीमें प्लेऑफ से बाहर मुंबई और लखनऊ की टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। दोनों के 11 मैचों में 6-6 पॉइंट्स हैं और वे अधिकतम 12 अंक ही हासिल कर सकते हैं। मौजूदा स्थिति में 12 पॉइंट्स प्लेऑफ के लिए काफी नहीं होंगे। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स राहुल ऑरेंज कैप की रेस में दूसरे नंबर पर पहुंचे दिल्ली के केएल राहुल पंजाब के खिलाफ 9 रन बनाकर ऑरेंज कैप रेस में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। राहुल के 12 मैचों में 477 रन हो गए हैं। वे टॉप पर चल रहे सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन से 17 रन पीछे हैं। क्लासन ने 11 मैचों में 494 रन बनाए हैं। सनराइजर्स के अभिषेक शर्मा 475 रन के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। गुजरात के शुभमन गिल 462 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं। राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी 440 रन बनाकर टॉप-5 में शामिल हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 21 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कम्बोज 19 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं। गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा 18 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। लखनऊ के प्रिंस यादव और हैदराबाद के एहसान मलिंगा ने 16-16 विकेट लिए हैं।

पीएम की बचत की अपील,महाराष्ट्र के मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे:कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेना था; सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

पीएम की बचत की अपील,महाराष्ट्र के मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे:कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेना था; सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष सेलार ने सोमवार को ऐलान किया कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। पीएम मोदी ने 10 मई को तेलंगाना के हैदराबाद और फिर 11 मई को गुजरात के वडोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए बचत की बात कही थीं। वडोदरा में मोदी ने कहा कि जैसे देश ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा संकट से भी देश बाहर निकल जाएगा। शेलार बोले- विभाग के खर्च कम किए जा रहे हैं आशीष शेलार ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था।

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL 2026 का 56वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7 बजे से होगा। दोनों टीमों के 11-11 मैच में 14-14 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद बेहतर नेट रनरेट की वजह से दूसरे और गुजरात तीसरे पायदान पर हैं। आज का मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं। गुजरात ने 5 और हैदराबाद ने 1 मैच जीता है। पिछले सीजन दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते थे। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की सबसे बड़ी ताकत शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार लय हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। बल्लेबाजी में गिल और साई सुदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं। हालांकि, ऊपरी क्रम के फेल होने पर दबाव फिनिशर्स पर आ जाता है। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 10 मैचों में 462 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 160.41 रहा है। गुजरात की गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की रफ्तार के साथ राशिद खान की फिरकी बीच के ओवरों में मैच पलट सकती है। रबाडा 11 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं। SRH ने 8 बार पार किया 200 का आंकड़ा हैदराबाद ने इस सीजन 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें मुंबई के खिलाफ 249 रन का स्कोर शामिल है। IPL के टॉप-10 बल्लेबाजों में हैदराबाद के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। क्लासन 11 मैचों में 494 रन के साथ पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे और ईशान किशन आठवें नंबर पर हैं। कमिंस की वापसी बदला हैदराबाद की बॉलिंग मजबूत SRH की गेंदबाजी की कमान पैट कमिंस के हाथों में है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनकी वापसी से टीम में नई ऊर्जा आई है। उनके आने से बॉलिंग अटैक ज्यादा आक्रामक और सटीक नजर आ रहा है। श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सीजन की नई खोज साबित हुए हैं। वे 16 विकेट के साथ टॉप-5 विकेट लेने वालों में शामिल हैं और टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। अहमदाबाद की पिच बैटर्स को मदद करेगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां लक्ष्य चेज करना आसान रहता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। यहां IPL के 50 मैच खेले गए हैं। इनमें 24 बार पहले बल्लेबाजी और 25 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच टाई रहा है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मौसम गर्म रहेगा। मैच में तापमान करीब 33°C रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। हवा में करीब 61% नमी रहने की संभावना है, जिसके कारण दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथर और राहुल तेवतिया। सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और हर्ष दुबे।

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

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IPL 2026 का 56वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7 बजे से होगा। दोनों टीमों के 11-11 मैच में 14-14 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद बेहतर नेट रनरेट की वजह से दूसरे और गुजरात तीसरे पायदान पर हैं। आज का मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं। गुजरात ने 5 और हैदराबाद ने 1 मैच जीता है। पिछले सीजन दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते थे। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की सबसे बड़ी ताकत शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार लय हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। बल्लेबाजी में गिल और साई सुदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं। हालांकि, ऊपरी क्रम के फेल होने पर दबाव फिनिशर्स पर आ जाता है। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 10 मैचों में 462 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 160.41 रहा है। गुजरात की गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की रफ्तार के साथ राशिद खान की फिरकी बीच के ओवरों में मैच पलट सकती है। रबाडा 11 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं। SRH ने 8 बार पार किया 200 का आंकड़ा हैदराबाद ने इस सीजन 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें मुंबई के खिलाफ 249 रन का स्कोर शामिल है। IPL के टॉप-10 बल्लेबाजों में हैदराबाद के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। क्लासन 11 मैचों में 494 रन के साथ पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे और ईशान किशन आठवें नंबर पर हैं। कमिंस की वापसी बदला हैदराबाद की बॉलिंग मजबूत SRH की गेंदबाजी की कमान पैट कमिंस के हाथों में है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनकी वापसी से टीम में नई ऊर्जा आई है। उनके आने से बॉलिंग अटैक ज्यादा आक्रामक और सटीक नजर आ रहा है। श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सीजन की नई खोज साबित हुए हैं। वे 16 विकेट के साथ टॉप-5 विकेट लेने वालों में शामिल हैं और टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। अहमदाबाद की पिच बैटर्स को मदद करेगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां लक्ष्य चेज करना आसान रहता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। यहां IPL के 50 मैच खेले गए हैं। इनमें 24 बार पहले बल्लेबाजी और 25 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच टाई रहा है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मौसम गर्म रहेगा। मैच में तापमान करीब 33°C रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। हवा में करीब 61% नमी रहने की संभावना है, जिसके कारण दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथर और राहुल तेवतिया। सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और हर्ष दुबे।

'ये है मोहब्बतें' की रूही खतरों के खिलाड़ी में दिखेंगी:बोलीं- अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही; दिव्यांका को मानती हैं आयरन लेडी

'ये है मोहब्बतें' की रूही खतरों के खिलाड़ी में दिखेंगी:बोलीं- अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही; दिव्यांका को मानती हैं आयरन लेडी

टीवी की सबसे प्यारी और मासूम ‘रूही’ यानी रूहानिका अब बड़ी हो गई हैं। ‘ये है मोहब्बतें’ में अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों को जीतने वाली रूहानिका अब एक नए अवतार में नजर आने वाली हैं। वह रोहित शेट्टी के शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के जरिए रियलिटी टीवी की दुनिया में कदम रख रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रूहानिका ने अपनी इस नई पारी, अपनी पुरानी ‘इमेज’ को तोड़ने की कोशिश और इंडस्ट्री के अपने ‘मेंटर्स’ से मिली सलाह पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे दिव्यांका त्रिपाठी उनके लिए प्रेरणा हैं और क्यों वह खुद को इस शो के लिए एक ‘परफेक्ट फिट’ मानती हैं। सवाल: रूहानिका, हमने आपको बहुत छोटी उम्र से एक मासूम बच्ची के रूप में देखा है। अब आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रही हैं। जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सच कहूं तो मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड थी। लोग मुझे आज भी वही छोटी ‘रूही’ समझते हैं, लेकिन असल जिंदगी में मैं बचपन से ही काफी एथलेटिक रही हूं। मुझे स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटीज बहुत पसंद हैं। मुझे खुद को चैलेंज करना और कंफर्ट जोन से बाहर निकलना हमेशा से भाता है। इसलिए जैसे ही मुझे कॉल आया, मुझे लगा कि मैं ‘खतरों’ के लिए ही बनी हूं। मम्मी-पापा भी मेरे इस फैसले से बहुत खुश थे। सवाल: बचपन में किन चीजों से डर लगता था और आज सबसे बड़ा डर क्या है? जवाब: डर तो सबको लगता है, आखिर हम इंसान हैं। बचपन में छोटी-मोटी चीजों से डर लगता था, लेकिन जैसे-जैसे हम रिस्क लेना सीखते हैं और चुनौतियों का सामना करते हैं, डर कम होता जाता है। आज मेरे लिए डर का मतलब खुद को बेहतर न बना पाना है। मैं खुद को ग्रो करते हुए देखना चाहती हूं। सवाल: आपने पिछले सीजन्स देखे होंगे, वहां खतरनाक जानवरों से लेकर ऊंचाई तक के स्टंट्स होते हैं। क्या कोई ऐसी चीज है जिसे आप ‘अवॉइड’ करना चाहेंगी? जवाब: वहां कुछ भी अवॉइड करने का विकल्प नहीं होता (हंसते हुए)। जो भी सामने आएगा, उसे शांत दिमाग से पूरा करने की कोशिश करूंगी। मैं खुद को पुश करने और टास्क खत्म करने के इरादे से जा रही हूं। सवाल: ‘ये है मोहब्बतें’ के आपके को-स्टार्स अली गोनी और दिव्यांका त्रिपाठी खुद इस शो का हिस्सा रह चुके हैं। उनसे कोई बात हुई? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने अली चाचू, दिव्यांका मैम और ईशी मां (अनीता हसनंदानी) से बात की। उन सबने मुझे बहुत हौसला दिया है। अली चाचू और दिव्यांका मैम ने मुझे इतनी अच्छी सलाह दी कि अब मैं पूरी तरह तैयार महसूस कर रही हूं। उनकी बातों ने मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा दिया है। सवाल: क्या कोई ऐसा कंटेस्टेंट है जिससे आप सबसे ज्यादा इंस्पायर होती हैं? जवाब: दिव्यांका मैम! मैंने पहले भी कहा है और फिर कहूंगी वह महिला ‘स्टील’ की बनी हैं। उन्होंने अपने सीजन में जो जज्बा दिखाया, वह कमाल था। मैं न सिर्फ खतरों के खिलाड़ी में, बल्कि लाइफ की हर मोड़ पर उनके फुटस्टेप्स फॉलो करना चाहती हूं। सवाल: इस बार शो में आपके साथ कई पुराने और अनुभवी कंटेस्टेंट्स भी हैं। क्या आपको लगता है कि उनके पास ‘एक्सपीरियंस’ का फायदा होगा और आप पीछे रह जाएंगी? जवाब: मैं इसे नुकसान के तौर पर नहीं देखती। माना कि उनके पास अनुभव है और वो शो का फ्लो जानते हैं, लेकिन मेरे पास ‘यूथफुल एनर्जी’ है। मैं काफी यंग हूं, मुझमें जोश है और टास्क को लेकर जबरदस्त डिटरमिनेशन है। तो मुकाबला बराबरी का होगा, यह एक ‘विन-विन’ सिचुएशन है। सवाल: ऋत्विक धनजानी ने हाल ही में कहा था कि “इसे छोटा जानकर हल्के में मत लेना, यह बड़ा धमाका करेगी।” ऐसे कॉम्प्लीमेंट्स को कैसे देखती हैं? जवाब: जब इंडस्ट्री के सीनियर आपकी तारीफ करते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। इससे जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। जिन लोगों ने मेरे बारे में एक खास नजरिया रखा है, मैं उस मार्क को पार करना चाहती हूं। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य अपने पेरेंट्स को प्राउड फील कराना है। सवाल: आपको हमेशा एक खास ‘सांचे’ या इमेज में देखा गया है। क्या यह शो उस इमेज को तोड़ने का जरिया है? जवाब: बिल्कुल मैं उस टैग को ब्रेक करना चाहती हूं। लोग स्क्रीन पर रूहानिका का एक अलग ही साइड देखेंगे। अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही, और यही बात मैं अपनी परफॉर्मेंस से साबित करना चाहती हूं। आप रूहानिका को रूहानिका के लिए देखेंगे। सवाल: आपने खुद को मेंटली और फिजिकली कैसे तैयार किया है? जवाब: अगर कोई मुझे सोशल मीडिया पर फॉलो करता है, तो उसे पता होगा कि फिटनेस मेरा पैशन रहा है। वर्किंग आउट और स्पोर्ट्स मेरी लाइफ का हिस्सा हैं, इसलिए फिजिकली तो मैं तैयार हूं। रही बात मेंटल स्ट्रेंथ की, तो यह पूरा खेल दिमाग का है। आपको बस शांत और फोकस्ड रहना होता है।

पार्टी नेतृत्व में सुधार के चलते प्रफुल्ल पटेल को राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाया गया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 02:56 IST यह कदम सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के महीनों बाद आया है, जिसमें युवा पवार नेताओं को बड़ी संगठनात्मक भूमिकाएँ मिल रही हैं। चुनाव आयोग के दस्तावेज़ एनसीपी में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल के बीच प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाने की पुष्टि करते हैं। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से हटा दिया गया है, जो इसकी आंतरिक शक्ति संरचना में बदलाव का प्रतीक है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए दस्तावेजों में सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बदलाव की पुष्टि होने के बाद यह कदम आधिकारिक हो गया। जबकि पटेल 22-सदस्यीय राष्ट्रीय समिति का हिस्सा बने हुए हैं, उनका पदनाम हटा दिया गया है – एक संकेत है कि संगठन के भीतर उनके अधिकार को कम कर दिया गया है। यह घटनाक्रम फरवरी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद पार्टी के भीतर कई हफ्तों की अटकलों के बाद आया है। 10 मार्च को चुनाव आयोग को सौंपे गए एक पत्र में, पार्टी ने पटेल और महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे के नाम सूचीबद्ध किए, उनके अलावा किसी भी पद का उल्लेख नहीं किया। इस चूक से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया, हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया। राजनीतिक गलियारों में पहले से ही पटेल, तटकरे और पार्थ पवार के बीच सत्ता संघर्ष की खबरें चल रही थीं। चुनाव आयोग को सौंपे गए ताजा संचार में औपचारिक रूप से केवल सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष और शिवाजीराव गरजे को राकांपा के कोषाध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई है। (छवि: स्रोत) यह सस्पेंस 29 अप्रैल को समाप्त हो गया जब चुनाव आयोग को भेजे गए एक ताजा पत्र में पटेल को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया। पत्र में केवल सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष और शिवाजीराव गर्जे को कोषाध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई है। नवीनतम संगठनात्मक फेरबदल पार्टी के भीतर युवा पवार नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। पार्थ पवार और सुबोध मोहिते को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि जय पवार और कई अन्य को राष्ट्रीय सचिव के रूप में समायोजित किया गया है। हालांकि पटेल और तटकरे दोनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा बने हुए हैं, लेकिन उनके नाम के आगे आधिकारिक पदनाम की अनुपस्थिति ने पार्टी के निर्णय लेने वाले ढांचे में उनकी भूमिका पर अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि पटेल का राष्ट्रीय पद से हटना अब तय हो गया है, लेकिन महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष के रूप में तटकरे के भविष्य पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया पार्टी नेतृत्व में सुधार के तहत प्रफुल्ल पटेल को राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाया गया(टी)प्रफुल्ल पटेल को हटाया गया(टी)अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी(टी)सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष(टी)एनसीपी का आंतरिक सत्ता संघर्ष(टी)चुनाव आयोग ने एनसीपी को दाखिल किया(टी)पार्थ पवार की भूमिका(टी)एनसीपी संगठनात्मक फेरबदल

बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को अरेस्ट किया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। 11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था, जिस दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने दो जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की। क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला, कैसे खुलासा हुआ यह मामला 2014 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है। इसका खुलासा तब हुआ जब ED ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू की। 2023 में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान, ED ने TMC के सहयोगी अयान सिल और अन्य लोगों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए। एजेंसी को जांच में पता चला कि ये घोटाला केवल शिक्षक भर्ती तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साउथ दम दम और अन्य नगर निगम सहित कई नगरपालिका नियुक्तियों में अनियमितताओं तक भी फैला हुआ था। यह भर्ती मजदूर, सफाईकर्मी, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, सहायक मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, सैनिटरी सहायक और ड्राइवर जैसे पदों के लिए थी। ED ने आगे आरोप लगाया कि विभिन्न नगर निगम से जुड़े ठेके एक ही कंपनी – M/s ABS Infozon Pvt Ltd – को दिए गए थे, जिसमें अयान सिल एक निदेशक थे। जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि सिल ने सरकारी कर्मचारियों, राजनीतिक नेताओं और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रची और पैसे के बदले अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध नियुक्ति में मदद की। —————————-

बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को अरेस्ट किया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। कहा जाता है कि सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। 11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था। इसी दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने 2 जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की। पश्चिम बंगाल में 11 मई को हुए 4 बड़े घटनाक्रम ———————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में SIR कराने वाले अधिकारी चीफ सेक्रेटरी बने: कांग्रेस बोली- EC और BJP के बीच खुली मिलीभगत पश्चिम बंगाल में SIR कराने वाले चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को सुवेंदु सरकार में बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी मनोज अग्रवाल की देखरेख में विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट में विशेष गहन संशोधन (SIR) कराया गया था। जिसके तहत मतदाता सूची से लगभग 91 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे। पूरी खबर पढ़ें…

माइक्रोवेव में भूलकर भी गर्म न करें ये 5 चीजें, खाना बन जाएगा खतरनाक! जानें वजह

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Last Updated:May 11, 2026, 23:31 IST आजकल लोग जल्दी में खाना गर्म करने के लिए माइक्रोवेव का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर चीज को माइक्रोवेव में गर्म करना सुरक्षित नहीं माना जाता. कुछ फूड्स ऐसे होते हैं, जिन्हें माइक्रोवेव में रखने से उनका स्वाद, पोषण और टेक्सचर खराब हो सकता है, वहीं कुछ मामलों में यह सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स कुछ खास चीजों को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचने की सलाह देते हैं. ख़बरें फटाफट आजकल लगभग हर घर की रसोई में माइक्रोवेव ओवन मौजूद है. खाना गर्म करने से लेकर जल्दी कुकिंग तक, यह लोगों की जिंदगी आसान बना चुका है. लेकिन कई बार लोग बिना सोचे-समझे हर चीज माइक्रोवेव में गर्म कर लेते हैं, जो सेहत और सुरक्षा दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. कुछ फूड ऐसे होते हैं, जिन्हें माइक्रोवेव में गर्म करने पर उनका स्वाद, पोषण और टेक्सचर खराब हो सकता है, वहीं कुछ मामलों में यह खतरनाक भी साबित हो सकता है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हर चीज माइक्रोवेव के लिए बनी नहीं होती, इसलिए कुछ खाद्य पदार्थों को इससे दूर रखना बेहतर माना जाता है. बहुत से लोग ठंडे उबले अंडे को माइक्रोवेव में दोबारा गर्म कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता. माइक्रोवेव में अंडे के अंदर तेजी से भाप बनती है, जिससे वह अचानक फट सकता है. कई बार यह बाहर निकालने के बाद भी फटने का खतरा पैदा कर सकता है. इसके अलावा अंडे की टेक्सचर और स्वाद भी खराब हो सकता है. अगर अंडा गर्म करना हो, तो उसे काटकर हल्की आंच पर गर्म करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. चावल को बार-बार गर्म करना सही नहींकई लोग बचा हुआ चावल माइक्रोवेव में बार-बार गर्म करके खाते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक बाहर रखा चावल बैक्टीरिया पैदा कर सकता है. माइक्रोवेव हर हिस्से को बराबर गर्म नहीं करता, जिससे कुछ बैक्टीरिया बच सकते हैं. यही वजह है कि चावल को सही तरीके से स्टोर करना और सिर्फ एक बार अच्छी तरह गर्म करके खाना बेहतर माना जाता है. हरी पत्तेदार सब्जियों में बदल सकता है स्वादपालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों को माइक्रोवेव में बार-बार गर्म करने से उनके पोषक तत्व प्रभावित हो सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनमें मौजूद नाइट्रेट्स ज्यादा गर्म होने पर ऐसे तत्वों में बदल सकते हैं, जो शरीर के लिए अच्छे नहीं माने जाते. इसके अलावा इन सब्जियों का स्वाद और टेक्सचर भी बदल सकता है, जिससे खाने का मजा खराब हो जाता है. मिर्च गर्म करते समय रखें सावधानीअगर आपने कभी माइक्रोवेव में हरी या लाल मिर्च गर्म की है, तो आपने उसकी तेज गंध जरूर महसूस की होगी. माइक्रोवेव में मिर्च गर्म करने पर उसमें मौजूद कैप्साइसिन हवा में फैल सकता है, जिससे आंखों और गले में जलन महसूस हो सकती है. कई बार माइक्रोवेव खोलते ही तेज धुआं जैसा असर महसूस होता है. इसलिए मिर्च को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचना बेहतर माना जाता है. प्रोसेस्ड मीट हो सकता है नुकसानदायकसॉसेज, सलामी और दूसरे प्रोसेस्ड मीट को माइक्रोवेव में गर्म करने पर उनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और फैट्स पर असर पड़ सकता है. कुछ स्टडीज में माना गया है कि ज्यादा तापमान पर प्रोसेस्ड मीट में हानिकारक तत्व बनने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा माइक्रोवेव में ऐसे फूड का स्वाद और टेक्सचर भी रबड़ जैसा हो सकता है, जिससे खाने का अनुभव खराब हो जाता है. माइक्रोवेव इस्तेमाल करते समय रखें ये बातेंमाइक्रोवेव का इस्तेमाल करते समय सही कंटेनर चुनना भी बेहद जरूरी है. प्लास्टिक के कुछ डिब्बे गर्म होने पर हानिकारक केमिकल छोड़ सकते हैं. इसलिए माइक्रोवेव-सेफ बर्तन ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा खाने को ढककर गर्म करना और बीच-बीच में चलाना जरूरी माना जाता है, ताकि खाना बराबर गर्म हो सके. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi