Friday, 02 Oct 2026 | 10:17 AM

Trending :

EXCLUSIVE

शाजापुर में बदला मौसम, तापमान दो डिग्री गिरा:वेस्टर्न डिस्टरबेंस से गर्मी से राहत; आगामी 2 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम

शाजापुर में बदला मौसम, तापमान दो डिग्री गिरा:वेस्टर्न डिस्टरबेंस से गर्मी से राहत; आगामी 2 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम

शाजापुर में बुधवार को मौसम के तेवर नरम पड़े, जिससे तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसपास के जिलों में हुई बारिश और हवाओं की दिशा में बदलाव से लोगों को गर्मी से तत्काल राहत मिली है। इससे पहले, शाजापुर के लोग 43 से 44 डिग्री की भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे। दिन और रात दोनों समय असहनीय गर्मी थी, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। रात में भी गर्म हवाओं के कारण उन्हें तपिश झेलनी पड़ रही थी। दो दिनों से बारिश के बाद गर्मी का असर सोमवार रात और मंगलवार को आसपास के जिलों में हुई बारिश के बाद गर्मी का असर कम हुआ। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री से घटकर 42 डिग्री पर आ गया। हवाओं की दिशा भी उत्तर-पश्चिमी से बदलकर पश्चिमी हो गई, जिससे गर्मी का प्रभाव और कम हुआ। हालांकि, रात का तापमान बढ़कर 26 डिग्री दर्ज किया गया। अगले दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि गुरुवार को तापमान और गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, और यह अगले कुछ दिनों तक इसी स्तर पर बना रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।

टीकमगढ़ की सुभाषपुरम कॉलोनी में अंडरग्राउंड नाले का काम शुरू:50 लाख की लागत से निर्माण, सीएमओ बोले-बारिश से पहले होगा पूरा

टीकमगढ़ की सुभाषपुरम कॉलोनी में अंडरग्राउंड नाले का काम शुरू:50 लाख की लागत से निर्माण, सीएमओ बोले-बारिश से पहले होगा पूरा

टीकमगढ़ शहर के वार्ड नंबर 18 स्थित सुभाषपुरम कॉलोनी में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अंडरग्राउंड नाले का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। बुधवार को नाले के लिए पाइप मौके पर पहुंचाए गए। इससे पहले कॉलोनी की सीसी रोड की खुदाई की जा चुकी है। हर साल होती थी परेशानी सुभाषपुरम कॉलोनी में हर बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाता है। पुलिस लाइन क्षेत्र से आने वाले पानी की निकासी का कोई पक्का इंतजाम नहीं था, जिसके कारण कॉलोनी की मुख्य सड़क सहित कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता था। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। शिकायतों के बाद शुरू हुआ काम स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद करीब एक साल पहले अंडरग्राउंड नाले के लिए भूमि पूजन किया गया था। अब जाकर इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ है। नगर पालिका के सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। नाले के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। बारिश से पहले पूरा करने का लक्ष्य सीएमओ के अनुसार, पहले सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन डाली जाएगी और उसके बाद सड़क की मरम्मत की जाएगी। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि काम बारिश के मौसम से पहले पूरा किया जाए, ताकि इस साल कॉलोनी के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।

राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी मीडिया की तल्ख टिप्पणियों ने इटली की राजनीति को नया मोड़ दिया है। ये हमले प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (49) के लिए नुकसानदेह होने के बजाय उनकी ढाल बन गए हैं। जनता के बीच यह संदेश गया है कि उनकी सरकार विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकती। इन बयानों के बाद मेलोनी की लोकप्रियता का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ रहा है, जिसने उनके धुर विरोधियों को भी राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दे पर सरकार के समर्थन में खड़ा कर दिया है। ट्रम्प से टकराव इस बदलाव की शुरुआत बना। ट्रम्प ने हाल ही में पोप पर की गई अपनी टिप्पणी का विरोध करने पर मेलोनी के बयानों को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और मौका मिलने पर वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा। इसके जवाब में मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती, न कोई मालिक है और न कोई आदेश देने वाला। दूसरी तरफ, रूसी टीवी विश्लेषक व्लादिमीर सोलोव्योव ने अपमानजनक टिप्पणी करते हुए मेलोनी को यूक्रेन समर्थक और ट्रम्प से दूरी को विश्वासघात बताया। बयान के बाद इटली सरकार ने रूसी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और विपक्षी नेता एली श्लाइन भी सरकार के समर्थन में सामने आए। इससे घरेलू राजनीति में एकजुटता का संदेश गया। इन घटनाओं के बीच मेलोनी ने अपने फैसलों से यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी सरकार स्वतंत्र नीति पर चल रही है। उन्होंने इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को रोकने का फैसला किया और स्पष्ट कहा कि जहां मतभेद होंगे, वहां उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा। यह रुख घरेलू स्तर पर असरदार रहा। पहले जहां ट्रम्प से नजदीकी को लेकर उनकी आलोचना हो रही थी, वहीं अब यह धारणा बनी कि वे दबाव में नहीं झुकतीं। जनमत सर्वेक्षणों में गिरावट के बाद उनकी लोकप्रियता फिर से पुराने स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी थी मेलोनी के बचपन से जुड़े कई किस्से हैं। 1992 में इटली में माफिया द्वारा जज बोरसेलिनो की हत्या ने 15 साल की मेलोनी को झकझोर दिया था। उसी गुस्से में वह सीधे दक्षिणपंथी पार्टी यूथ फ्रंट के दफ्तर पहुंचीं और राजनीति जॉइन की। यही नहीं, माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी। तनाव के समय बेटी के साथ डांस करना और 27 साल से एक ही फोन नंबर रखना उन्हें जमीन से जोड़े रखता है।

राष्ट्रपति ट्रम्प से टकराव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

राष्ट्रपति ट्रम्प से टकराव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी मीडिया की तल्ख टिप्पणियों ने इटली की राजनीति को नया मोड़ दिया है। ये हमले प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (49) के लिए नुकसानदेह होने के बजाय उनकी ढाल बन गए हैं। जनता के बीच यह संदेश गया है कि उनकी सरकार विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकती। इन बयानों के बाद मेलोनी की लोकप्रियता का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ रहा है, जिसने उनके धुर विरोधियों को भी राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दे पर सरकार के समर्थन में खड़ा कर दिया है। ट्रम्प से टकराव इस बदलाव की शुरुआत बना। ट्रम्प ने हाल ही में पोप पर की गई अपनी टिप्पणी का विरोध करने पर मेलोनी के बयानों को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और मौका मिलने पर वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा। इसके जवाब में मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती, न कोई मालिक है और न कोई आदेश देने वाला। दूसरी तरफ, रूसी टीवी विश्लेषक व्लादिमीर सोलोव्योव ने अपमानजनक टिप्पणी करते हुए मेलोनी को यूक्रेन समर्थक और ट्रम्प से दूरी को विश्वासघात बताया। बयान के बाद इटली सरकार ने रूसी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और विपक्षी नेता एली श्लाइन भी सरकार के समर्थन में सामने आए। इससे घरेलू राजनीति में एकजुटता का संदेश गया। इन घटनाओं के बीच मेलोनी ने अपने फैसलों से यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी सरकार स्वतंत्र नीति पर चल रही है। उन्होंने इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को रोकने का फैसला किया और स्पष्ट कहा कि जहां मतभेद होंगे, वहां उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा। यह रुख घरेलू स्तर पर असरदार रहा। पहले जहां ट्रम्प से नजदीकी को लेकर उनकी आलोचना हो रही थी, वहीं अब यह धारणा बनी कि वे दबाव में नहीं झुकतीं। जनमत सर्वेक्षणों में गिरावट के बाद उनकी लोकप्रियता फिर से पुराने स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी थी मेलोनी के बचपन से जुड़े कई किस्से हैं। 1992 में इटली में माफिया द्वारा जज बोरसेलिनो की हत्या ने 15 साल की मेलोनी को झकझोर दिया था। उसी गुस्से में वह सीधे दक्षिणपंथी पार्टी यूथ फ्रंट के दफ्तर पहुंचीं और राजनीति जॉइन की। यही नहीं, माइकल जैक्सन के गाने समझ अंग्रेजी भाषा सीखी। तनाव के समय बेटी के साथ डांस करना और 27 साल से एक ही फोन नंबर रखना उन्हें जमीन से जोड़े रखता है।

अमरूद के पत्ते की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडा और स्ट्रांग इम्युनिटी के लिए अमरूद के पत्ते की चटनी, नोट करें रेसिपी

तस्वीर का विवरण

गर्मी के कारण होने वाली जलन और एसिडिटी को शांत करने में सहायक है। विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर, जो फूलों से लड़ने में मदद करते हैं। छवि: मेटा एआई चौदह की अधिकता खण्डन और अपच जैस प्रश्नों को दूर से देखें। इसलिए अमरूद के पत्ते की भीड़। छवि: मेटा एआई अन्य अमरूद के पत्ते, हरी मिर्च और अदरक, काली मिर्च, जीरा और काले नमक का रस, हरा धनिया से असली। छवि: मेटा एआई मसाले के जार में साकाये हुए पत्ते, हरी मिर्च, अदरक, अन्य भी हुए जीरा और काला नमक। सिलबट्टे पर पीसी हुई अमरूद का स्वाद और भी लाजवाब होता है। छवि: मेटा एआई आयुर्वेद के अनुसार, अमरूद के दुकानदारों में शीतल गुण होते हैं जो पेट की पित्त को कम करते हैं। यह गर्मियों में होने वाले दस्तों को रोकने में भी बेहद प्रभावशाली है। छवि: मेटा एआई इन बंधकों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद करते हैं। यह व्यापारियों के लिए एक बेहतरीन साइड डिश है। छवि: मेटा एआई दाल-चावल या सादी रोटी के साथ स्वाद बढ़ जाता है। इसे पैराथे या डायनेमिक में स्पाइडरड की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: मेटा एआई रोजाना 1-2 मैक का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। छवि: मेटा एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)अमरूद के पत्ते की चटनी के उपयोग(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी रेसिपी(टी)अमरूद की चटनी कैसे बनाएं(टी)अमरूद की सब्जी(टी)कच्चे अमरूद की चटनी(टी)मसालेदार अमरूद की चटनी(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी(टी)मजबूत इम्यूनिटी चटनी (टी) पेट को ठंडा करने वाली चटनी

हरदा में अमृत भारत एक्सप्रेस 15 मिनट देरी से पहुंची:बनारस-पुणे यात्रा हुई आसान; केंद्रीय राज्यमंत्री उइके ने दिखाई हरी झंडी

हरदा में अमृत भारत एक्सप्रेस 15 मिनट देरी से पहुंची:बनारस-पुणे यात्रा हुई आसान; केंद्रीय राज्यमंत्री उइके ने दिखाई हरी झंडी

हरदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर अमृत भारत एक्सप्रेस पहुंची। पहले दिन यह ट्रेन 15 मिनट की देरी से आई। बुधवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया और इसे हरी झंडी दिखाकर आगे के सफर के लिए रवाना किया। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगी। इससे मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। मध्यम और सामान्य वर्ग को होगा सबसे बड़ा लाभ केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री डी.डी. उइके ने कहा, “बनारस-हड़पपुर-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से हरदा और आसपास के क्षेत्र को व्यापार, पर्यटन और यात्री सुविधा में बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन आधुनिक रेल सुविधाओं से सुसज्जित है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यम एवं सामान्य वर्ग के यात्रियों को होगा। इस ट्रेन के प्रारंभ होने से क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।” अतिथियों ने रेल चालक दल का शॉल, श्रीफल और पुष्पहार से स्वागत किया तथा यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विधायक डॉ. आर.के. दोगने, पूर्व मंत्री कमल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेशसिंह वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया मौजूद रहे। बिना मांगे मिली सौगात, 20 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने कहा, “इस ट्रेन से जिले के यात्रियों को पुणे से बनारस के बीच आवागमन की सुविधा मिलेगी। जिले के नागरिकों को इस ट्रेन की सुविधा मिलने पर शुभकामनाएं।” उल्लेखनीय है कि हरदा स्टेशन पर लंबे समय से कर्नाटक और सचखंड जैसी ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की जा रही थी, लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात बिना मांगे ही मिल गई। यह ट्रेन बनारस से हडपसर (पुणे) के बीच 20 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें बनारस, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, ओराई, झांसी, बीना, रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड़, कोपरगांव, अहिल्याबाई नगर, डाउंड कोर्ड लाइन और हडपसर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। 22 कोच की ट्रेन में प्रत्येक सीट पर चार्जिंग व स्नैक टेबल अपर मंडल रेल प्रबंधक अविराम खरे ने बताया, “110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक चलने वाली यह अमृत भारत एक्सप्रेस अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इस ट्रेन में प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग एवं स्नैक टेबल की सुविधा रहेगी। ट्रेन की सीटों को आरामदायक बनाया गया है।” इस ट्रेन में शयनयान (स्लीपर) श्रेणी के 8, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 11, एसएलआरडी के 2 और 1 पैंट्री कार सहित कुल 22 कोच लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत दिवस बनारस में इस ट्रेन का शुभारंभ किया था। स्कूली बच्चों ने दी प्रस्तुतियां, विजेता हुए पुरस्कृत अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से यात्रियों को बेहतर गति और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए और एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सीनियर डीसीएम (वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक) श्याम सिंह बरेडिया, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित रेलवे के अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें…

Health Tips: गर्मी में गुनगुना पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए किन लोगों को तुरंत बदलनी चाहिए यह आदत

ask search icon

Last Updated:April 29, 2026, 12:27 IST Summer Health Tips: सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की आदत सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन गर्मियों में यही आदत आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मी में गुनगुना पानी एसिडिटी, पेट में जलन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है. (दीपक पांडेय/खरगोन) लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह की आदतें अपनाते हैं. इनमें सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना भी शामिल है. आमतौर पर इसे शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य के अनुसार, सुबह गुनगुना पानी पीना सर्दी या सामान्य मौसम में शरीर के लिए लाभकारी होता है. यह शरीर को अंदर से साफ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है. लेकिन गर्मियों में शरीर की जरूरत बदल जाती है, इसलिए इस आदत में बदलाव जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से रातभर पेट में जमा कफ साफ हो जाता है. इससे शरीर हल्का महसूस करता है और दिन की शुरुआत अच्छी होती है. इसके अलावा गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है. इससे गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. हालांकि यह फायदे मौसम के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. मौर्य बताते है कि, गर्मी में शरीर पहले से ही गर्म रहता है. ऐसे में गुनगुना पानी पीने से शरीर की गर्मी और बढ़ सकती है. इससे कुछ लोगों को बेचैनी, थकान या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. इस मौसम में सुबह खाली पेट घड़े का साधा पानी या तांबे, पीतल एवं कांसे के बर्तन का पानी पीना ज्यादा बेहतर रहता है. यह शरीर को ठंडक देता है और शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखने में मदद करता है. डॉक्टरों के अनुसार जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें गर्मी के मौसम में गुनगुना पानी पीने से बचना चाहिए. इससे पेट में जलन बढ़ सकती है. इसके अलावा जिन्हें दस्त की शिकायत रहती है या पेट में बार-बार जलन होती है, उनके लिए भी गर्मी में गुनगुना पानी नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे लोगों को सामान्य तापमान का पानी पीना ज्यादा सुरक्षित रहता है. गर्मी के मौसम में गुनगुना पानी पीने से शरीर की गर्मी बढ़ सकती है. इससे थकान और बेचैनी महसूस हो सकती है. इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता है, क्योंकि गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाले पानी की ज्यादा जरूरत होती है. कुछ लोगों में इससे एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है. जिन लोगों को पहले से दस्त की शिकायत हो, उनकी स्थिति भी खराब हो सकती है. ज्यादा पसीना आने और कमजोरी महसूस होने की समस्या भी हो सकती है. First Published : April 29, 2026, 12:27 IST

कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आया मजदूर, मौत:ग्वालियर में हाइवे पर मां-बेटे समेत छह पर चढ़ा ट्रक, मां की गोद में बेटे ने तोड़ा दम

कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आया मजदूर, मौत:ग्वालियर में हाइवे पर मां-बेटे समेत छह पर चढ़ा ट्रक, मां की गोद में बेटे ने तोड़ा दम

ग्वालियर में मंगलवार शाम हाईवे पर दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक कंक्रीट मिक्सर ट्रक की चपेट में आकर 25 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसे में मृतक की मां समेत 7-8 मजदूर घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बिंदपुरा निवाड़ी निवासी मोहन केवट के रूप में हुई है। घटना गणेशपुरा (थाना बिजौली) के पास की है, जहां पीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण के दौरान सर्विस रोड और डिवाइडर बनाने का काम चल रहा है, जिसमें मोहन अपनी मां और अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहा था। चालक ने अचानक ट्रक रिवर्स कर दिया बताया जा रहा है कि इसी दौरान कंक्रीट मिक्सर ट्रक के चालक ने अचानक वाहन को बैक कर दिया, जिससे मोहन और उसकी मां सहित आधा दर्जन मजदूर उसकी चपेट में आ गए। मोहन ट्रक के पहिए के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गया। साथी मजदूरों ने सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मोहन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। किराए पर लाए थे कंक्रीट मिक्सर ट्रक निर्माण कार्य करवा रहे कॉन्ट्रेक्टर दीपक शर्मा के मुताबिक ट्रक शिवम गुप्ता का था, जिसे किराए पर लाया गया था। प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही से हादसा होना सामने आया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गर्भवती है पत्नी, बच्चे की खबर से मोहन खुश था हादसे के बाद मृतक के परिवार पर संकट गहरा गया है। मोहन अपनी पत्नी, बच्चे और माता-पिता के साथ मजदूरी करने आया था। उसकी पत्नी गर्भवती है और सातवां महीना चल रहा है। परिजनों के अनुसार आने वाले बच्चे को लेकर मोहन काफी खुश था और कई सपने देख रहा था, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। आर्थिक सहायता नहीं मिली फिलहाल परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है और केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बंगाल में रात 11 बजे तक धुआंधार वोट, इस जिले ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या हाल?

बंगाल में रात 11 बजे तक धुआंधार वोट, इस जिले ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या हाल?

पश्चिम बंगाल के आठ मोटरसाइकिलों की 142 रन की वोटिंग जारी है। बंगाल के दूसरे चरण में रात 11 बजे तक बंपर वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, सिर्फ चार घंटे में 39.97 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं सबसे अधिक पूर्व बर्धमान जिले में हुई है। यहां 11 बजे से 44.50 बजे तक लोगों ने अपने मैट का इस्तेमाल किया। अगर बात करें ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर तो यहां 37.27 प्रतिशत ही वोटिंग हुई है, जोकी की रेटिंग वोट से कम है। किस जिले में कितनी वोटिंग? हुगली- 43.12%हार्स- 39.45%कोलकाता उत्तर- 38.39%कोलकाता दक्षिण- 36.78%नादिया- 40.34%उत्तर 24 परगना- 38.43%पूर्वी बर्धमान- 44.50%दक्षिण 24 परगना- 37.92% ये भी पढ़ें- बंगाल की जिस सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ विधानसभा चुनाव, वहां रुके घंटों में हुआ खेल, जानिए कितने पड़े वोट 9 बजे तक कितनी हुई थी भगत? बंगाल की इन रिसेप्शन पर रात 9 बजे से 18.39 बजे तक फ़ीट वोटिंग हुई थी। जिसमें सबसे ज्यादा पूर्व बर्धमान में 20.86 फीसदी मतदान हुआ था. वहीं सबसे कम वोटिंग कोलकाता साउथ में 16.81 फीसदी रही। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट कोलकाता दक्षिण जिले में ही स्थित है। यहां से उद्योगपति शुभेंदु अधिकारी हैं। शुभेंदु वही नेता हैं, 2021 के चुनाव में बीजेपी में शामिल होने के बाद ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से चुनाव में हार मिली थी। अब वो नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही क्लास से ताल ठोक रहे हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र पर लगाया आरोप ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बाहर आये पुलिस पर्यवेक्षक बीजेपी के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे सभी पोस्ट हटाए गए हैं। क्या चुनाव इसी तरह होते हैं? वोट वोट डालेंगे, पुलिस या सुरक्षा बल नहीं। कुछ नए लोगों को हाल ही में लाया गया है और वो साइंटिस्ट बना रहे हैं। वह उद्वेलित रह रहे हैं. ये भी पढ़ें- बंगाल की वोटिंग के बीच डेरेक ओ’ब्रायन ने मोदी को दी चुनौती, बोले- ‘आपमें दम है तो…’ शुभेंदु अधिकारी ने लगाया आरोप शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फाल्टा में बीजेपी चुनाव के लिए एक मतदान केंद्र का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘हम भी पोजिशन पर नजर रख रहे हैं और जिसे जरूरत होगी वह करेंगे।’ चुनाव आयोग ने भी एक आईएसओ रिपोर्ट ली है. अगर ऐसा ही कुछ हो रहा है तो जो जरूरी होगा वह किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि भूपेंद्र यादव जी ने मुझे सुबह 9 बजे फोन किया था. मैंने उन्हें साज-सामान से सुसज्जित किया। अभी कुछ मिनट पहले ही गृह मंत्री, मेरे नेता अमित शाह जी ने मुझे फोन किया। मैंने उन्हें फाल्टा घटना के बारे में बताया। यह अकल्पनीय रणनीति है. हम कार्रवाई कर रहे हैं. अभी तक कुछ नहीं हुआ. 35 प्रतिशत मतदान हो चुका है, अभी बहुत कुछ देखना बाकी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रिट्रीट में खुमानी का पौधा लगाया:व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक, कल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर जाएंगी राष्ट्रपति, दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रिट्रीट में खुमानी का पौधा लगाया:व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक, कल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर जाएंगी राष्ट्रपति, दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिमला के छराबड़ा स्थित रिट्रीट में खुमानी का एक पौधा लगाया। इसके बाद खुद पानी दिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति निवास के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और वहां आने वाले लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। दरअसल, रिट्रीट को मार्च 2023 में आम लोगों के लिए ओपन किया गया। इसके बाद से यहां जाने वाले टूरिस्ट और लोकल लोग भी रिट्रीट की हेरिटेज इमारत को देख सकते हैं। यहां ऐतिहासिक भवन के अलावा राष्ट्रपति के जीवन से जुड़ी विभिन्न स्मृतियां, डाइनिंग हॉल और अन्य कलाकृतियां गार्डन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहती हैं। इसके अतिरिक्त हरियाली से भरपूर यहां के बगीचे, ट्यूलिप और अन्य सजावटी फूल इसकी सुंदरता में और अधिक वृद्धि करते हैं। राष्ट्रपति ने इन सब सुविधाओं को देखा। पांच दिन के हिमाचल दौरे पर हैं द्रौपदी मुर्मू बता दें कि द्रौपदी मुर्मू पांच दिन के हिमाचल दौरे पर आई हैं। उनका आज अटल टनल रोहतांग और सिस्सू जाने का दौरा प्रस्तावित था। स्थानीय प्रशासन एक सप्ताह से तैयारियों में जुटा हुआ था। मगर हिमाचल में खराब मौसम के कारण उनका अटल टनल दौरा बीती शाम को रद्द करना पड़ा। कल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर जाएंगी राष्ट्रपति लिहाजा आज वह रिट्रीट छराबड़ा में आराम कर रही है। सुबह के वक्त उन्होंने देवदार के घने के बीचोबीच बने रिट्रीट के आंगन में काफी देर तक सैर की। कल उनका एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर जाने का कार्यक्रम है। वह, दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगी। परसों यानी एक मई को राष्ट्रपति मुर्मू वापस दिल्ली लौटेंगी।