गुरुवार को ग्वालियर-झांसी हाईवे पर स्थित के ओएसिस हॉल, इंपीरियल गोल्फ एंड रिसॉर्ट में क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार दिन साबित हुआ। यहां मध्य प्रदेश प्रीमियम लीग (MPL) की वुमन टीमों के खिलाड़ियों का ड्राफ्ट आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश और देशभर की प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया। इस खास मौके पर एमपीएल के संस्थापक एवं एमपीसीए अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया, भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज शिखर धवन, पूर्व क्रिकेटर सबा करीम और सोफी धवन मौजूद रहीं। कार्यक्रम में MPL की पांच महिला टीमें 2026 सीजन के लिए अपनी-अपनी टीमों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खिलाड़ियों का चयन कर रही हैं। यह ड्राफ्ट प्रदेश में महिला क्रिकेट को नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर महानआर्यमन सिंधिया ने बताया कि शिखर धवन का “द वन हाई परफॉर्मेंस सेंटर” सबसे पहले ग्वालियर में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर युवा खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे। सिंधिया ने धवन के सामने डालीं 3 गेंदें इस पूरे आयोजन का सबसे खास और आकर्षक क्षण तब देखने को मिला जब मंच से उतरकर मैदान में क्रिकेट का रोमांच जीवंत हो उठा। एक ओर शिखर धवन हाथ में बल्ला थामे तैयार खड़े थे, वहीं दूसरी ओर महानआर्यमन सिंधिया ने गेंदबाजी की कमान संभाली। सिंधिया ने लगातार तीन गेंदें डालीं, जिन पर धवन ने शानदार तकनीक के साथ डिफेंस खेला। दोनों के बीच यह हल्का-फुल्का क्रिकेट सत्र दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और यादगार बन गया। इससे पहले “दा वन हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर” का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया। इस सेंटर का उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, फिटनेस और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से तैयार करना है। उद्घाटन के दौरान खिलाड़ियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन भी किया, जिससे कार्यक्रम का उत्साह और बढ़ गया। 30 हजार सीटें बढ़ाने का काम आगामी MPL सीजन को ध्यान में रखते हुए शंकरपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में करीब 30 हजार नई सीटें बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इस पहल के तहत गांव-गांव से युवा खिलाड़ियों को पहचान कर उन्हें मंच देने की योजना बनाई गई है।
कुल मिलाकर, ग्वालियर में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ MPL के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि प्रदेश में क्रिकेट के विकास, नई प्रतिभाओं के उभार और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।
















































