Friday, 02 Oct 2026 | 02:20 PM

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जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

29 अप्रैल को इरफान खान की 6वीं पुण्यतिथि सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि यादों का सैलाब है- एक ऐसे कलाकार की, जिसने अभिनय को सच्चाई की तरह जिया। उनकी जिंदगी, किरदार और सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। इस सफर को रंजीता कौर ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘अ स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’ में सहेजा है, जो पान सिंह तोमर की मेकिंग और इरफान की अनदेखी दुनिया दिखाती है। आज इसकी स्क्रीनिंग मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में रखी गई है। यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि उन पलों की विरासत है। चोट के बावजूद इरफान शूटिंग करते रहे। वो बकरी के बच्चे के साथ खेलते नजर आए। हर छोटी चीज में खुशी ढूंढते थे और किरदार की सच्चाई के लिए खुद को मिटा देते थे। रंजीता के शब्दों में, इरफान सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि एक एहसास थे, जिन्होंने हर दिल में जगह बनाई। उनकी कहानी सच में मरने से इंकार करती है, क्योंकि इरफान आज भी अपने काम, सादगी और गहराई के जरिए हमारे बीच जिंदा हैं। इरफान खान की 6वीं डेथ एनिवर्सरी पर रंजीता कौर ने उनके जीवन के कुछ अनसुने किस्से सुनाए ‘स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’– एक टाइटल, जो इरफान की सोच से जन्मा रंजीता कौर कहती हैं कि डॉक्यूमेंट्री का टाइटल सिर्फ क्रिएटिव नाम नहीं, बल्कि इरफान खान की सोच और फिल्म की जर्नी का सार है। उनके मुताबिक, पान सिंह तोमर बनाना आसान नहीं था। फिल्म ने कई मुश्किलें देखीं- लोकेशन की चुनौतियां, सीमित संसाधन और शूटिंग की बाधाएं। रंजीता कहती हैं कि वो इस प्रक्रिया को बाहर से देख रही थीं, लेकिन हर दिन महसूस कर रही थीं कि फिल्म हार मानने वाली नहीं है। हर दिक्कत के बाद टीम और मजबूत होती थी। इंटरव्यू के दौरान इरफान ने कहा- “यह कहानी मरने को तैयार नहीं थी।” यही पल रंजीता को झकझोर गया। उन्हें लगा, मन की भावना को शब्द इरफान ने दे दिए। इसलिए वह टाइटल का श्रेय इरफान को देती हैं। उनके मुताबिक, यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि इरफान की जिंदगी का प्रतीक है- एक ऐसी यात्रा, जिसने हर मुश्किल के बावजूद हार नहीं मानी। इरफान खान क्यों थे सबसे अलग? आम लोगों के दिल में बसने वाले कलाकार रंजीता के अनुसार, इरफान खान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्हें समझने के लिए सिनेमा एक्सपर्ट होना जरूरी नहीं था। वो ऐसे कलाकार थे, जिनकी छाप हर वर्ग पर पड़ती थी- चाहे गहराई से समझने वाला दर्शक हो या मनोरंजन के लिए फिल्म देखने वाला आम इंसान। वह कहती हैं कि घर-परिवार या आसपास के लोगों से पूछें, तो हर कोई कहेगा कि यह आदमी अलग था। यह अलगपन अभिनय से ज्यादा उनकी सच्चाई में था। इरफान ने दिखावा नहीं किया, न स्टारडम के पीछे भागे। उन्होंने अपने आर्ट को समय दिया, निखारा और ईमानदारी से काम किया। उनकी यात्रा अचानक नहीं बनी थी। उन्होंने सालों तक छोटे रोल किए, संघर्ष किया, रिजेक्शन झेले और खुद को साबित किया। इसलिए सफलता सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि मेहनत और सच्चाई का परिणाम थी। चोट के बावजूद शूटिंग: पेनकिलर लेकर दौड़ते थे इरफान ‘पान सिंह तोमर’ की शूटिंग के दौरान एक दौर आया, जिसे रंजीता आज भी नहीं भूल पातीं। फिल्म के बीच में इरफान खान को एड़ी में गंभीर चोट लगी। आमतौर पर ऐसे हालात में शूटिंग रोक दी जाती है, लेकिन यहां कहानी अलग थी। रंजीता बताती हैं कि उन्होंने देखा कि इरफान लंगड़ाते हुए सेट पर आते थे। कई बार सहारे के लिए उनके हाथ में डंडा होता था। लेकिन कैमरा रोल होते ही वो दर्द छोड़कर किरदार में उतर जाते। सबसे चुनौतीपूर्ण यह था कि फिल्म के कई अहम सीन, जैसे रनिंग सीक्वेंस और एक्शन बाकी थे। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी। पेनकिलर लेकर सीन करते थे और दर्द बढ़ने पर थोड़ा ब्रेक लेकर लौट आते थे। रंजीता कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैं नहीं कर पाऊंगा या बाद में करेंगे। उनकी प्रतिबद्धता टीम के लिए प्रेरणा बनी। यही समर्पण ‘पान सिंह तोमर’ को असली और असरदार बनाता है। छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढने वाला बड़ा कलाकार रंजीता कौर के लिए इरफान खान का एक पहलू खास था- उनका बच्चा-सा स्वभाव। वह बताती हैं कि इरफान जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही सरल इंसान थे। सेट पर उनका व्यवहार स्टार जैसा नहीं लगता था। वो हर किसी से बात करते थे- चाहे टेक्नीशियन, लाइटमैन या जूनियर आर्टिस्ट। उनके अंदर सहजता थी, जो माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाती थी। रंजीता याद करती हैं कि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर प्यारा था। वो छोटी बातों में मजाक करते थे और सेट हंसी से भर जाता था। वो हर चीज में दिलचस्पी लेते थे- किताबें, बातचीत या छोटी घटनाएं। उनके लिए खुशी बड़ी चीजों में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के पलों में थी। उनके साथ काम करना प्रोफेशनल अनुभव से बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव था। किरदार में डूब जाने की कला: इरफान का अनोखा प्रोसेस रंजीता बताती हैं कि इरफान खान का एक्टिंग प्रोसेस बेहद इंटरनल था। वो इसे शब्दों में पूरी तरह नहीं समझा सकतीं, लेकिन उसे महसूस किया जा सकता था। उनके मुताबिक, इरफान किरदार की सच्चाई पकड़ते थे। जब तक उन्हें नहीं लगता था कि वो उसे समझ गए हैं, तब तक खुद को उसमें नहीं डालते थे। लेकिन उस स्तर तक पहुंचते ही किरदार उनका हिस्सा बन जाता था। रंजीता ने नोटिस किया कि शूट खत्म होने के बाद भी वो पूरी तरह किरदार से बाहर नहीं आते थे। बातचीत और चलते-फिरते भी वह लेयर बनी रहती थी। इसका असर उनके परफॉर्मेंस में दिखता था। वो एक्टिंग करते नहीं लगते थे। ऐसा लगता था कि वो वही इंसान हैं, जिसकी कहानी पर्दे पर दिखाई जा रही है। उनकी सबसे बड़ी ताकत सच्चाई से जुड़ना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना थी। हर चीज जानने की बेचैन जिज्ञासा: इरफान का ‘लर्निंग मोड’ हमेशा ऑन था रंजीता कौर बताती हैं कि इरफान खान की खास बातों में एक उनकी असीम जिज्ञासा थी। वो सिर्फ किरदार तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझने की कोशिश करते थे। धौलपुर में शूटिंग के दौरान टीम को पास की एक दरगाह के बारे में पता चला। रंजीता

ग्वालियर में हिट एंड रन में किसान की मौत:तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से स्कूटी के परखच्चे उड़े, शादी से लौट रहे किसान की मौत

ग्वालियर में हिट एंड रन में किसान की मौत:तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से स्कूटी के परखच्चे उड़े, शादी से लौट रहे किसान की मौत

ग्वालियर में रिश्तेदार की शादी से लौटकर घर जा रहा किसान हिट एंड रन का शिकार हो गया। घटना मोहना थाना क्षेत्र के क्वॉलिटी ढाबा के पास दौरार रोड की है। टक्कर इतनी तेज थी कि किसान की स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायल किसान को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने किसान का शव पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मोहना थाना क्षेत्र के कैमारी निवासी 55 वर्षीय गंधर्व सिंह रावत पुत्र भाग सिंह रावत किसान है। मंगलवार को वह अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए आया था। शादी में शामिल होने के बाद करीब 3.30 बजे वह वापस घर जाने के लिए निकला था। अभी वह क्वॉलिटी ढाबा के पास पहुंचा ही था कि तभी तेज रफ्तार आ रहे अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से अपना वाहन चलाते हुए उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह हवा में उछला और सड़क पर गिरा। हादसे के बाद आरोपी चालक वहां से भाग निकला। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। चल रही थी सांस, पहुुंचाया अस्पताल मौके पर पहुंची पुलिस ने जब किसान की नब्ज टटोली तो पता चला कि उसकी सांसे चल रही है। इसका पता चलते ही तुरंत ही उपचार के लिए रवाना किया, जिससे उसकी जान बच सके। अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसका शव पीएम हाउस पहुंचाकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। मोहना थाना प्रभारी राशिद खान ने बताया कि शादी से लौटकर घर जा रहे किसान को अज्ञात वाहन चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारी है। हादसे में किसान की मौत हो गई है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

गर्मी की छुट्टियां पड़ी भारी, खदान में डूबे दो मासूम:भाई को बचाने गई बहन, दोनों की डूबने से मौत, परवलिया की घटना

गर्मी की छुट्टियां पड़ी भारी, खदान में डूबे दो मासूम:भाई को बचाने गई बहन, दोनों की डूबने से मौत, परवलिया की घटना

परवलिया थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव के पास मंगलवार दोपहर दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय युवराज और 15 वर्षीय मालती की खदान में डूबने से मौत हो गई। दोनों रिश्ते में भाई-बहन (कजिन) थे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मूलतः विदिशा जिले के कुआंखेड़ा गांव निवासी युवराज गर्मी की छुट्टियों में एक दिन पहले ही अपनी बुआ के घर दौलतपुर आया था। मंगलवार को वह अपनी बुआ की बेटी मालती के साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित एक गहरी खदाननुमा तालाब के पास खेल रहा था। इसी दौरान कीचड़ में पैर फिसलने से युवराज सीधे गहरे पानी में जा गिरा और डूबने लगा। बचाने कूदी बहन और वह भी डूबी भाई को डूबता देख पास खड़ी मालती बिना देर किए उसे बचाने के लिए पानी में कूद गई। हालांकि उसे तैरना नहीं आता था और खदान में पानी काफी गहरा था, जिससे वह खुद भी संतुलन नहीं बना सकी और डूब गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस खदान में हादसा हुआ, वह असमतल और जगह-जगह गहरी है, जहां पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है। युवराज को तैरना नहीं आता था, जिससे वह गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका। युवक ने मचाया शोर घटना को पास में बकरियां चरा रहे बच्चों ने देखा और शोर मचाया। आवाज सुनकर खेत में काम कर रहे परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को खदान से बाहर निकाला गया। उस समय तक युवराज की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि मालती की सांसें चल रही थीं। परिजन तत्काल दोनों को हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मालती ने भी दम तोड़ दिया था। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, युवराज 11वीं कक्षा का छात्र था और छुट्टियां बिताने बुआ के घर आया था। इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हेल्थ टिप्स: गर्मी में हीट स्ट्रोक हो सकता है पतला! इन आसान तरीकों से जानें शरीर को कैसे रखें ठंडा, जानें क्या?

हेल्थ टिप्स: गर्मी में हीट स्ट्रोक हो सकता है पतला! इन आसान तरीकों से जानें शरीर को कैसे रखें ठंडा, जानें क्या?

लू लगना: इन दिनों देश में अधिकतर विविधता में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में ‘हीट स्ट्रोक’ (लूना लगना) का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह सिर्फ थकान नहीं है, बल्कि एक मेडिकल प्लांट है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जा सकता है। हीट स्ट्रोक क्या है और यह खतरनाक क्यों है? हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर चला जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम (थर्मोरेगॉलेशन) काम करना बंद कर देता है। लंबे समय तक निकल तक सीधी धूप या गर्म वातावरण में रहने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं होती है, जिससे मस्तिष्क, हृदय और किडनी जैसे ब्लड कैंसर डैमेज हो सकते हैं। हीट स्ट्रोक होने से पहले शरीर पर कुछ संकेत दिए जाते हैं, जिसमें समय पर पहचान करना जरूरी है। जैसे बहुत अधिक प्यास लगना, तेज़ सिरदर्द, चक्कर आना और तेज़ सिरदर्द। इसके साथ ही कुछ गंभीर संकेत भी मौजूद हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे चेहरा आना बंद हो जाना, त्वचा का गर्म होना और लाल होना, बेहोशी, भ्रम (भ्रम) की स्थिति और तेज़ नज़र बढ़ना आदि। बचाव के लिए क्या सावधानियां अपनाएं? अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो सबसे पहले उन्हें किसी पसंदीदा या छायादार जगह पर लिटाएं। उनकी पोशाकें और आकर्षक पोशाकें या ठंडे पानी की कारीगरी से शरीर के तापमान को धीरे-धीरे कम करें। अगर कोई बीमार है या हालत गंभीर है तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं। याद रखें, डॉक्टर की सलाह के बिना स्थिति का आकलन करें, कोई भी दवा न दें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान। (टैग्सटूट्रांसलेट)हीट स्ट्रोक की रोकथाम(टी)हीट स्ट्रोक के लक्षण(टी)ग्रीष्मकालीन स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)हीटवेव में ठंडा रहना(टी)निर्जलीकरण और हीटस्ट्रोक(टी)हीट स्ट्रोक(टी)हीट स्ट्रोक(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ

भास्कर के शादाब समी की वालिदा का इंतकाल:पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं, कल सुल्तानपुर में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

भास्कर के शादाब समी की वालिदा का इंतकाल:पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं, कल सुल्तानपुर में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

दैनिक भास्कर के नेशनल आइडिएशन न्यूजरूम के एडिटर शादाब समी की वालिदा श्रीमती किश्वर फातिमा (75) का मंगलवार सायं 4 बजे उनके पैतृक निवास सुल्तानपुर में इंतकाल हो गया है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उन्हें सुपुर्द-ए-खाक बुधवार प्रातः उनके पैतृक गांव इटकौली(सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश) में किया जाएगा।

अनूपपुर में कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई

अनूपपुर में कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बडकरे ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। कुएं के अंदर लाश देखकर वे डर गईं और घर भागकर परिवार को इसके बारे में बताया। देर रात कुएं से निकाली गई लाश शाम करीब 6:30 बजे ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज किया और रात करीब 10 बजे शव को कुएं से बाहर निकाला। पानी में रहने की वजह से शरीर फूल गया था और अंधेरा होने के कारण ग्रामीण उसकी पहचान नहीं कर सके, हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि व्यक्ति आसपास के इलाके का ही रहने वाला है। पोस्टमार्टम के बाद होगी पहचान पुलिस ने शव को बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। बुधवार सुबह शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद ही व्यक्ति की पहचान साफ हो पाएगी।

मक्सी में युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला:पीड़ित बोला- ढाई लाख उधारी मांगने पर साडू भाई और उसके लोगों ने हमला किया

मक्सी में युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला:पीड़ित बोला- ढाई लाख उधारी मांगने पर साडू भाई और उसके लोगों ने हमला किया

शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला किया गया। मुरलीधर अस्पताल के पास हुई इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान देवास जिले के जलालपुरा निवासी प्रकाश मालवीय के रूप में हुई है। प्रकाश ने पुलिस को बताया कि उस पर उसके साडू भाई नारायण और उसके साथियों ने हमला किया है। घटना की खबर मिलते ही एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा सहित पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज किए। ढाई लाख रुपए का विवाद विवाद की वजह पैसों का लेन-देन बताई जा रही है। प्रकाश के अनुसार, उसकी शादी फरवरी 2025 में हुई थी। शादी से पहले उसके साडू भाई नारायण ने उससे ढाई लाख रुपए लिए थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था। पैसे मांगने पर आरोपी उसे लगातार धमकियां दे रहा था। इस मामले में प्रकाश ने 26 अप्रैल को देवास के टोककला पुलिस चौकी में शिकायत भी की थी। घेराबंदी कर किया हमला मंगलवार को प्रकाश मक्सी में किराने का सामान लेने आया था। इसी दौरान मुरलीधर अस्पताल और पाटीदार धर्मशाला के बीच चार लोगों ने उसे घेर लिया और उस पर चाकू से तीन-चार वार किए। जांच में जुटी पुलिस मक्सी टीआई संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। मौके पर तहसीलदार गौरव पोरवाल भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे।

NH-44 पर स्टार्ट करते ही बाइक में लगी आग:मुरैना में पलभर में जलकर खाक, बाइक चालक बाल-बाल बचा

NH-44 पर स्टार्ट करते ही बाइक में लगी आग:मुरैना में पलभर में जलकर खाक, बाइक चालक बाल-बाल बचा

मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर स्थित देवरी-हिंगोना मार्ग पर मंगलवार रात एक बाइक में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। हालांकि बाइक सवार युवक ने कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक ग्रामीण युवक अपनी होंडा साइन बाइक स्टार्ट कर रहा था। जैसे ही उसने बाइक चालू की, उसमें अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही बाइक सवार युवक तुरंत पीछे की ओर कूद गया, जिससे वह सुरक्षित बच गया। मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि बाइक में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है। बाइक पूरी तरह जल चुकी है, जबकि चालक सुरक्षित है। आग लगने के कारण तकनीकी मामला माना जा रहा है। साथ ही डायल-112 को भी सूचना दे दी गई है।

उज्जैन में पानी के टैंकर को आइसर ने मारी टक्कर:अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त; मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला, इंदौर ले जाते वक्त मौत

उज्जैन में पानी के टैंकर को आइसर ने मारी टक्कर:अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त; मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला, इंदौर ले जाते वक्त मौत

उज्जैन जिले के नलवा में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में आइसर वाहन के चालक की मौत हो गई। बड़नगर रोड स्थित एवी एग्रो प्लांट के सामने आइसर और पानी के टैंकर के बीच टक्कर हुई थी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चावल से भरा आइसर वाहन सामने चल रहे पानी के टैंकर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आइसर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक वाहन में फंस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को वाहन से बाहर निकाला। घायल चालक को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के चरक भवन में रखा है। हादसे की सूचना मिलते ही चिंतामन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक चालक की पहचान अभी नहीं हो पाई है, उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है।

सीतानगर जलाशय में हजारों मछलियों की मौत:मांझी समाज ने कहा- जानबूझकर लोगों ने जहरीले पदार्थ फेंका, एसपी को सौंपा ज्ञापन

सीतानगर जलाशय में हजारों मछलियों की मौत:मांझी समाज ने कहा- जानबूझकर लोगों ने जहरीले पदार्थ फेंका, एसपी को सौंपा ज्ञापन

दमोह जिले के सीतानगर जलाशय में मंगलवार को हजारों मछलियां मरी हुई मिलीं। मांझी समाज ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया है। इस घटना से समिति को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। मंगलवार शाम को मांझी समाज के लोगों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सोमवार रात संगम मत्स्य उद्योग सहकारी समिति को नुकसान पहुंचाने के लिए जलाशय में जहर डाला गया था। ग्रामीण रायकवार माझी समाज के जिला अध्यक्ष मोंटी रैकवार ने कहा कि डैम में लाखों रुपए का कीमती मछली बीज डाला गया था, जो अब बर्बाद हो चुका है। अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप समिति ने प्रशासन को बताया कि सीतानगर जलाशय क्षेत्र में ‘मडकोलेश्वर मछुआ सहकारी समिति’ नाम की कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग वहां चोरी से मछलियां पकड़ रहे हैं और जहर डालकर मछलियों को मार रहे हैं। मांझी समाज ने मांग की है कि इन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उग्र प्रदर्शन की चेतावनी समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को नहीं पकड़ा गया, तो वे छतरपुर मार्ग पर चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान डालचंद रायकवार, लक्खू रायकवार, अशोक पटेल, अंकित माझी और लच्छू रैकवार सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।