अशोकनगर में तराजू पर लटका मिला युवक का शव:तार का फंदा बनाया, पत्नी शादी में गई थी, बच्चे घर में थे

अशोकनगर जिले के नईसराय थाना क्षेत्र के डुंगासरा गांव में 40 वर्षीय देवेंद्र पुत्र बुंदेल परिहार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार रात उन्होंने अपने घर में लगे एक बड़े तराजू पर तार का फंदा बनाकर खुदकुशी की। सोमवार सुबह उनकी बेटी ने उन्हें फंदे पर लटका देखा और परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रात को शराब के नशे में घर आया था जानकारी के अनुसार मृतक के परिजनों के अनुसार, देवेंद्र की पत्नी रिश्तेदारी में एक शादी में गई हुई थीं। घर पर बच्चे मौजूद थे। बताया गया कि देवेंद्र रात में शराब के नशे में घर लौटे थे, जिससे बच्चों को लगा कि वे सो गए हैं। सुबह जब उनकी छोटी बेटी उस कमरे में पहुंची जहां चक्की लगी थी, तो उसने देवेंद्र को तराजू पर लटका पाया। परिजनों की सूचना पर नईसराय पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा तैयार कर शव को नीचे उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए ईसागढ़ सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
AIims New delhi| Nikhil tondon| एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें इनके बारे में

होमताजा खबरDelhi एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें Last Updated:April 27, 2026, 15:20 IST डॉक्टर निखिल टंडन को एम्स नई दिल्ली का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है. डॉक्टर निखिल टंडन को यह जिम्मेदारी एम्स के पूर्व निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास के नीति आयोग सदस्य बनने के बाद सौंपी गई. डॉ. टंडन एम्स में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के एचओडी हैं. अब एम्स की कमान संभालेंगे डॉ. निखिल टंडन. AIIMS News: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक के रूप में अब डॉक्टर निखिल टंडन को कमान सौंपी गई है. डॉ. टंडन को यह जिम्मेदारी एम्स के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास के नीति आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्ति के बाद सौंपी गई है. डॉ. निखिल एम्स फैकल्टी में काफी वरिष्ठ हैं और एम्स के नए निदेशक के रूप में इनके नाम का अनुमान भी लगाया जा रहा था. बता दें कि डॉ. निखिल टंडन एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के एचओडी और प्रोफेसर थे. इसके अलावा इन्हें डीन एकेडमिक्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी और जिसे वे लंबे समय से निभा रहे थे. डॉ. निखिल टंडन को एम्स के कार्यकारी निदेशक पद की जिम्मेदारी दी गई है. एम्स की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास को नीति आयोग के स्थाई सदस्य के रूप में नियुक्त होने के बाद एम्स की जिम्मेदारियों से रिलीव किया जाता है और उनकी जगह अब एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के एचओडी और डीन एकेडमिक्स डॉ. निखिल टंडन बतौर निदेशक जिम्मेदारियां संभालेंगे और अपने पुराने कामों को भी करते रहेंगे. जारी लेटर में कहा गया है कि यह नियुक्ति 6 महीने या नए निदेशक की नियुक्ति जो भी पहले हो तब तक जारी रहेगी. कौन हैं डॉक्टर टंडन? डॉ. निखिल टंडन भारत के प्रमुख एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (मधुमेह, थायरॉइड और हार्मोन संबंधी विशेषज्ञ) हैं. वे फिलहाल AIIMS नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रोफेसर और हेड हैं. वे डीन (एकेडमिक्स) की भूमिका भी निभा चुके हैं और अब AIIMS दिल्ली के अंतरिम डायरेक्टर बने हैं. डॉ. टंडन का जन्म 28 नवंबर 1963 को दिल्ली में ही हुआ था इन्होंने एम्स नई दिल्ली से MBBS और MD की डिग्री हासिल की फिर ये PhD के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज (यूके) गए 1993 में AIIMS में फैकल्टी के रूप में शामिल हुए और तब से यहीं काम कर रहे हैं. ये स्टडीज हैं काफी पॉपुलर डॉ. टंडन पिछले 25 साल से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में क्लिनिशियन-रिसर्चर के रूप में काम कर रहे हैं. उनका मुख्य फोकस कार्डियो-मेटाबॉलिक रोग (मधुमेह, हृदय रोग और मेटाबॉलिक समस्याएं) पर है. इन्होंने 871 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, जिन्हें 1 लाख से ज्यादा साइटेशन मिल चुके हैं. इसके साथ ही ये CARRS Cohort Study के फाउंडिंग इन्वेस्टिगेटर हैं. यह दक्षिण एशिया में कार्डियो-मेटाबॉलिक रिस्क और बीमारियों का बड़ा पॉपुलेशन-बेस्ड अध्ययन है. I-TREC प्रोजेक्ट: इन्होंने मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के बेहतर प्रबंधन के लिए क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सॉफ्टवेयर विकसित किया, जो राष्ट्रीय NCD पोर्टल से जुड़ा है. जेस्टेशनल डायबिटीज: महिलाओं में गर्भावस्था के बाद मधुमेह को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर लाइफस्टाइल इंटरवेंशन अध्ययन किया (भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में 1600+ महिलाओं पर). थायरॉइड एपिडेमियोलॉजी, मेटाबॉलिक बोन डिजीज और बचपन की घटनाओं का वयस्क काल में मेटाबॉलिक रोगों पर प्रभाव इन क्षेत्रों में उनका विशेष योगदान है. डॉ. टंडन डब्ल्यूएचओ के Technical Advisory Group on Diabetes के चेयरमैन रहे हैं और ICMR, DBT, NIH, British Heart Foundation जैसी संस्थाओं से जुड़े रहे हैं. इसके साथ ही ये एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेसिडेंट भी हैं. पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित डॉ. निखिल को साल 2015 में भारत सरकार का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री मिला था. इसके साथ ही डॉ. बी.सी. रॉय अवॉर्ड (2005) — चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान (Eminent Medical Teacher) भी इन्हें मिला है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 27, 2026, 14:28 IST
इजराइल में नेतन्याहू को हटाने एकजुट हुए दो पूर्व प्रधानमंत्री:बेनेट-लैपिड अपनी पार्टी का विलय करेंगे, 2021 में दोनों ने मिलकर बेंजामिन को हराया था

इजराइल में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड ने मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका मकसद लंबे समय से सत्ता में रहे नेतन्याहू को हटाना है। दोनों पहले भी 2021 में साथ आए थे और उन्होंने अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियों को जोड़कर 12 साल से चली आ रही नेतन्याहू की सत्ता गिरा दी थी। अब दोनों नेताओं ने फिर से साथ आने का फैसला किया है। उन्होंने तय किया है कि अपनी-अपनी पार्टियों को मिलाकर एक नई पार्टी बनाई जाएगी, जिसकी अगुवाई बेनेट करेंगे। इजराइल में अक्टूबर 2027 में चुनाव होने हैं लेकिन माना जा रहा है कि नेतन्याहू इसी साल संसद भंग कर चुनाव करा सकते हैं। 2022 में टूट गया था गठबंधन 2021 में हुए समझौते के तहत पहले बेनेट प्रधानमंत्री बने और बाद में लैपिड को यह जिम्मेदारी संभालनी थी। हालांकि यह सरकार बहुत कम बहुमत पर टिकी थी। इसमें दक्षिणपंथी, वामपंथी, मध्यमार्गी और एक अरब पार्टी शामिल थी। इनकी अलग-अलग विचारधारा वाली इन पार्टियों में सुरक्षा, फिलिस्तीन और बस्तियों जैसे मुद्दों पर सबकी सोच अलग थी, जिससे बार-बार टकराव होता रहा। आखिरकार हालात ऐसे बन गए कि सरकार चलाना मुश्किल हो गया। तब बेनेट और लैपिड ने संसद भंग करने का फैसला किया और नए चुनाव कराए गए। इसमें नेतन्याहू की जीत हुई और वे फिर से सत्ता में लौट आए। तब से लैपिड विपक्ष के नेता हैं, जबकि बेनेट कुछ समय के लिए राजनीति से दूर हो गए थे। उनकी पार्टी यमीना ने भी चुनाव नहीं लड़ा था। लैपिड की पार्टी का कहना है कि इस कदम का मकसद विपक्ष को एकजुट करना, आपसी झगड़ों को खत्म करना और आने वाले अहम चुनाव जीतने पर पूरा ध्यान लगाना है। बेनेट-लैपिड की सोच अलग-अलग बेनेट की छवि एक कट्टरपंथी यहूदी राष्ट्रवादी नेता की रही है। वे लंबे समय से दक्षिणपंथी राजनीति से जुड़े रहे हैं और फिलिस्तीन मुद्दे पर उनका रुख काफी सख्त माना जाता है। वे वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के समर्थक रहे हैं और फिलिस्तीनी राज्य बनाने के विचार के खिलाफ भी रहे हैं। उनका मानना रहा है कि इजराइल की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इस मामले में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। इसके उलट, लैपिड को एक धर्मनिरपेक्ष और उदार सोच वाला नेता माना जाता है। उनकी राजनीति ज्यादा व्यावहारिक और संतुलित मानी जाती है। वे शहरी मध्यम वर्ग, प्रोफेशनल लोगों और उदार विचारधारा वाले मतदाताओं में काफी लोकप्रिय हैं। लैपिड और बेनेट दोनों के लिए यह गठबंधन जरूरी लैपिड के लिए यह गठबंधन बहुत अहम माना जा रहा है। उनकी पार्टी येश अतीद इस समय विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है और संसद में 24 सीटें हैं, लेकिन हाल के सर्वे बताते हैं कि अगली बार यह घटकर सिर्फ 5 सीटें रह सकती हैं। ऐसे में बेनेट के साथ आने से उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है। दूसरी तरफ बेनेट के लिए भी यह गठबंधन जरूरी था। एक्सपर्ट का मानना है कि पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइजनकोट के आने से पूरा समीकरण बदल गया है। आइजनकोट की मजबूूत छवि और लोकप्रियता की वजह से वे बेनेट के वोट बैंक में सेंध लगा रहे थे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा और सेना के मुद्दों को अहम मानने वाले वोटर अब आइजनकोट की तरफ जा रहे हैं। ऐसे में बेनेट के पास केंद्र की राजनीति छोड़कर लैपिड के साथ आने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचा था। इस गठबंधन से बेनेट को आर्थिक फायदा भी होगा। इजराइल में पार्टियों को मिलने वाला सरकारी फंड उनकी संसद में सीटों के आधार पर तय होता है। बेनेट की पार्टी को जहां करीब 11 मिलियन शेकेल मिलते, वहीं लैपिड की पार्टी को 27 मिलियन शेकेल मिलते हैं, क्योंकि उनके पास ज्यादा सीटें हैं। क्या यह गठबंधन नेतन्याहू को हरा पाएगा इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। कुछ सर्वे बताते हैं कि अगर बेनेट, लैपिड और आइजनकोट तीनों साथ चुनाव लड़ें, तो उन्हें करीब 38 सीटें मिल सकती हैं और वे सबसे बड़ा दल बन सकते हैं। लेकिन इससे दोनों खेमों की कुल ताकत में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गठबंधन का सबसे बड़ा असर मनोवैज्ञानिक हो सकता है। अगर लोगों को लगे कि विपक्ष एकजुट है और मजबूत है, तो ज्यादा वोटर वोट डालने के लिए बाहर आ सकते हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इन सबमें सबसे बड़ा फैक्टर अब भी गादी आइजनकोट हैं। अगर वे इस गठबंधन में शामिल होते हैं तो विपक्ष और मजबूत हो सकता है। लेकिन अगर वे अलग चुनाव लड़ते हैं, तो वे दक्षिणपंथी वोटरों को ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं, जो लैपिड के साथ नहीं जाना चाहते।
benefits of soaking rice I गर्मीयों में चावल खाने का सही तरीका

Last Updated:April 27, 2026, 15:02 IST गर्मियों में चावल खाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से तैयार किया गया चावल सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. चावल को पकाने से पहले करीब 30 मिनट तक भिगोने से इसमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और यह पाचन में आसान हो जाता है. साथ ही, चावल शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. हालांकि, बेहतर पाचन और सुस्ती से बचने के लिए इसे दाल, सब्जियों या सलाद जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है. चंदौली. गर्मियों के मौसम में चावल खाने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं. जैसे क्या चावल रोज खाना ठीक है, इसे कैसे पकाया जाए और क्या यह पाचन के लिए अच्छा होता है? इन्हीं सवालों पर डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल18 से बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. डॉ. पांडे ने बताया कि चावल को सही तरीके से पकाया जाए, तो यह न सिर्फ आसानी से पचता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देता है. चावल को पकाने से पहले कम से कम 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखना बेहद फायदेमंद होता है, ऐसा करने से चावल में मौजूद कुछ एंटी-न्यूट्रिएंट्स जैसे फाइटिक एसिड कम हो जाते हैं, जो पाचन में बाधा डाल सकते हैं. भिगोने की प्रक्रिया से डाइजेस्टिव एंजाइम भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे चावल शरीर में जल्दी और आसानी से पचता है. बेहतर हो जाता है टेक्सचर उन्होंने बताया कि भिगोए हुए चावल पकाने पर उनका टेक्सचर भी बेहतर हो जाता है और उनमें मौजूद हानिकारक तत्व काफी हद तक निकल जाते हैं. इससे न सिर्फ पाचन सुधरता है, बल्कि पेट से जुड़ी समस्याओं की संभावना भी कम हो जाती है, जो लोग चावल खाने के बाद भारीपन या गैस की समस्या महसूस करते हैं, उनके लिए यह तरीका खासतौर पर लाभकारी हो सकता है. चावल खाने से आती है नींद रिद्धी पांडे ने बताया कि जहां तक चावल और रोटी की तुलना का सवाल है, तो आमतौर पर चावल को रोटी के मुकाबले हल्का और जल्दी पचने वाला माना जाता है. यही वजह है कि बीमार या कमजोर पाचन वाले लोगों को अक्सर चावल खाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, चावल खाने के बाद खासकर गर्मियों में नींद आने की समस्या भी कई लोगों को होती है, इसका कारण चावल का हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है, जिससे सुस्ती महसूस होती है. ऊर्जावान बनाने में करता है मददवहीं, उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए चावल के साथ फाइबर युक्त चीजें जैसे दाल, सब्जियां या सलाद शामिल करना चाहिए. साथ ही, ज्यादा मात्रा में चावल खाने से बचना और संतुलित आहार लेना जरूरी है. अगर सही तरीके से चावल को भिगोकर और संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो यह न केवल पाचन के लिए अच्छा है, बल्कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 27, 2026, 15:02 IST
गर्मी में शराब पीने के भयंकर नुकसान! जानिए कैसे बढ़ता है डिहाइड्रेशन, बिगड़ता है पेट, कमजोर हो जाती है शरीर की एनर्जी

Last Updated:April 27, 2026, 14:51 IST Alcohol Side Effects in Summer: गर्मी में शराब पीने से शरीर में पानी की कमी तेजी से बढ़ती है. यह एनर्जी को कम कर देती है और थकान बढ़ाती है. पेट और पाचन तंत्र पर इसका सीधा बुरा असर पड़ता है. हीट स्ट्रोक और सिर दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. स्किन और दिल की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर दिखता है. Alcohol Side Effects in Summer: गर्मियों का मौसम अपने आप में शरीर के लिए एक चैलेंज लेकर आता है. तेज धूप, पसीना और लगातार पानी की कमी शरीर को जल्दी थका देती है. ऐसे में अगर इस मौसम में शराब का सेवन किया जाए, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है. बहुत से लोग पार्टी, वीकेंड या रिलैक्स होने के लिए शराब पीते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि गर्मी में इसका असर सर्दियों से बिल्कुल अलग होता है. शरीर पहले ही गर्मी से जूझ रहा होता है और शराब उसे और ज्यादा कमजोर कर देती है. नतीजा यह होता है कि डिहाइड्रेशन, सिर दर्द, चक्कर, पेट खराब और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. कई बार लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन धीरे धीरे यह आदत शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाने लगती है. डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है: गर्मी में शराब पीने का सबसे बड़ा नुकसान है डिहाइड्रेशन. शराब शरीर से पानी को तेजी से बाहर निकालती है. जब पहले से ही शरीर पसीने के कारण पानी खो रहा होता है, तब शराब इसे और ज्यादा बढ़ा देती है. इससे शरीर में कमजोरी, मुंह सूखना और चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है. अगर समय पर पानी न पिया जाए तो हालत और खराब हो सकती है. शरीर की एनर्जी तेजी से गिरती है: शराब पीने के बाद आपको थोड़ी देर के लिए रिलैक्स महसूस हो सकता है, लेकिन असल में यह आपकी एनर्जी को कम कर देती है. गर्मी में जब शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है, तब शराब उसे कमजोर कर देती है. इसके कारण थकान, सुस्ती और काम में मन न लगने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पेट और पाचन पर बुरा असर: गर्मी में शराब पीने से पेट पर सीधा असर पड़ता है. इससे एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या बढ़ जाती है. कई बार लोगों को उल्टी या पेट दर्द भी होने लगता है. अगर लगातार ऐसा होता रहे तो पाचन तंत्र कमजोर पड़ सकता है. हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है: शराब शरीर के तापमान को कंट्रोल करने की क्षमता को कमजोर कर देती है. ऐसे में अगर आप धूप या गर्म माहौल में हैं, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. यह स्थिति खतरनाक हो सकती है और इसमें तुरंत इलाज की जरूरत पड़ती है. नींद और दिमाग पर असर: कई लोग सोचते हैं कि शराब पीने से नींद अच्छी आती है, लेकिन गर्मी में इसका उल्टा असर होता है. शराब नींद को खराब कर देती है और दिमाग को सही तरह से आराम नहीं मिल पाता. इसके कारण अगली सुबह सिर भारी रहना, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं होती हैं. स्किन और शरीर की चमक पर असर: गर्मी में शराब पीने से स्किन पर भी असर दिखने लगता है. डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा सूखी और बेजान हो जाती है. चेहरे की चमक कम हो जाती है और कई बार पिंपल या जलन की समस्या भी हो सकती है. दिल और ब्लड प्रेशर पर प्रभाव: शराब का ज्यादा सेवन दिल और ब्लड प्रेशर पर भी असर डालता है. गर्मी में यह असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. इससे दिल की धड़कन तेज होना और ब्लड प्रेशर का असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. First Published : April 27, 2026, 14:51 IST
‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज | भारत समाचार

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST बीजेपी ने राघव चड्ढा और छह पूर्व AAP सांसदों को शामिल किया, जिससे राज्यसभा में उसकी ताकत बढ़ गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (दाएं) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में राघव चड्ढा से मुलाकात की। (पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास को चिह्नित करते हुए राघव चड्ढा और छह अन्य पूर्व AAP सांसदों का अपने पाले में स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि यह कदम ”टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन को अलविदा” का संकेत है। भाजपा नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को जश्न का क्षण बताया, क्योंकि राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या सात बढ़ गई है। पार्टी के अनुसार, अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने चड्ढा और छह सांसदों के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिससे भाजपा संसदीय दल में उनके प्रवेश को औपचारिक रूप मिल गया है। बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना अपने संदेश में, रिजिजू ने विपक्षी गठबंधन पर भी कटाक्ष किया और इसे “टुकड़े-टुकड़े भारत गठबंधन” कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए लोगों का स्वागत किया और उनके प्रवेश को व्यापक राष्ट्र-निर्माण प्रयास का हिस्सा बताया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना जारी रखी। रिजिजू ने दावा किया कि सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद, ये दल संसद के अंदर एक साथ काम करते हैं। संसदीय कार्यवाही का जिक्र करते हुए रिजिजू ने आरोप लगाया कि महिला कोटा विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस, तृणमूल और आप ने एकजुट होकर काम किया। उन्होंने उनकी एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे संसद के भीतर “सबसे अच्छे दोस्त” प्रतीत होते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि INDI गठबंधन शुरू से ही त्रुटिपूर्ण था, इसे “धोखाधड़ी” कहा। राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी इस बदलाव के साथ, चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी के साथ, अब आधिकारिक तौर पर उच्च सदन में भाजपा का हिस्सा हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ऑनलाइन पोस्ट में विकास की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सात सांसदों को शामिल करने से पार्टी की उपस्थिति मजबूत होती है और उनके आचरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इन सांसदों पर लंबे समय तक नजर रखी और कहा कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है या अनुशासनहीनता या असंसदीय व्यवहार में शामिल नहीं हुए हैं। AAP ने इस कदम को “विश्वासघात” बताया यह घटनाक्रम सांसदों के आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिससे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप ने पहले कहा था कि वह उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेगी। पार्टी ने तर्क दिया कि चड्ढा को AAP के भीतर आवश्यक दो-तिहाई ताकत का समर्थन नहीं था, और उनके फैसले को “विश्वासघात” बताया। राज्य स्तर पर, विशेष रूप से चल रहे पश्चिम बंगाल चुनावों में, कांग्रेस, तृणमूल और आप औपचारिक रूप से गठबंधन में नहीं हैं। हालाँकि, वे विशिष्ट विषयों के आधार पर संसद में कुछ मुद्दों पर समन्वय करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, 2024 में उभरा विपक्षी गुट विभाजित है, इसकी नेतृत्व संरचना अभी भी खंडित है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST न्यूज़ इंडिया ‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा समाचार(टी)बीजेपी राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)बीजेपी राज्यसभा ताकत(टी)पूर्व आप सांसद(टी)टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन(टी)किरेन रिजिजू बयान(टी)आप विश्वासघात का दावा(टी)विपक्षी गठबंधन भारत(टी)एनडीए संसदीय ताकत
शाजापुर के गिरवर रोड पर पेड़ में आग:धुएं से अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को दोपहर के समय गिरवर रोड पर नहर के पास स्थित एक खेत में खड़े पेड़ में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद करीब 500 मीटर तक धुआं फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पेड़ में आग लगी देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन अचानक उठे धुएं के गुबार से लोग घबरा गए थे। कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
15वें दून कप में 26 टीमों ने लिया हिस्सा:अंडर-12 में विल्स यूथ, अंडर-17 में DFA और 50+ में खेलो मास्टर्स ने जीता खिताब

देहरादून फुटबॉल एकेडमी (DFA) और खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ’15वें दून कप स्टेट फुटबॉल टूर्नामेंट’ का शानदार समापन हुआ। भागीरथी एन्क्लेव, गूलर घाटी रोड स्थित डीएफए ग्राउंड पर 25 और 26 अप्रैल को देर रात तक चले इस टूर्नामेंट में प्रदेश भर से आए लगभग 500 खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। तेज गर्मी के बावजूद खिलाड़ियों का जोश मैदान पर देखते ही बन रहा था। विजेताओं में अंडर-12 वर्ग में विल्स यूथ क्लब, अंडर-17 में डीएफए और 50 प्लस (वेटरन) वर्ग में डीएफए खेलो मास्टर्स उत्तराखंड ने चैंपियन का ताज अपने नाम किया। पेनल्टी शूटआउट में जीती विल्स यूथ क्लब अंडर-12 वर्ग में 8 टीमों ने प्रतिभाग किया। खिताबी मुकाबला विल्स यूथ क्लब और देहरादून एकेडमी के बीच खेला गया। निर्धारित समय तक दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें विल्स क्लब ने 3-2 के अंतर से रोमांचक जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। बेस्ट प्लेयर अभिनव नेगी (डीएफए), बेस्ट गोलकीपर सात्विक (डीएफए) बने। देहरादून फुटबॉल एकेडमी बनी चैंपियन इस वर्ग में सबसे ज्यादा 12 टीमों ने हिस्सा लिया। पहले सेमीफाइनल में डीएफए ने पहाड़ी बॉयज को 1-0 से और दूसरे सेमीफाइनल में उत्तरकाशी यूथ फुटबॉल एकेडमी ने हरिद्वार एफसी को 1-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। फाइनल मुकाबला डीएफए और उत्तरकाशी के बीच हुआ, जिसमें डीएफए ने शानदार खेल दिखाते हुए 2-1 से जीत हासिल की और अंडर-17 का खिताब अपने नाम कर लिया। बेस्ट गोलकीपर व प्लेयर आशुतोष भट्ट (डीएफए) और श्याम (उत्तरकाशी) रहे। डीएफए खेलो मास्टर्स ने पहाड़ी बॉयज को दी मात 50 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों वाले इस वर्ग में 6 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मैच में डीएफए खेलो मास्टर्स उत्तराखंड का सामना पहाड़ी बॉयज, ऋषिकेश से हुआ। एक बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले में डीएफए खेलो मास्टर्स ने 4-3 से जीत दर्ज की। बेस्ट प्लेयर युद्धबीर थापा (खेलो मास्टर्स), बेस्ट गोलकीपर विमल सिंह रावत (पहाड़ी बॉयज) बने। दिग्गजों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला विजेता और उपविजेता टीमों को पूर्व नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने ट्रॉफी, मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथियों में सुदेश शर्मा, खड़क बहादुर, मनोज नेगी, रघुबीर बिष्ट, प्रकाश रोनी, तजिंदर गुरुंग, गोपाल रावत और सुरेंद्र पुन मौजूद रहे। खिलाड़ियों को दी गई निःशुल्क सुविधाएं आयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए खिलाड़ियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी लगभग 500 खिलाड़ियों को निःशुल्क केला, पानी, जूस और भोजन उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर 108 एम्बुलेंस के डायरेक्टर सुधीर बिजलवान के सहयोग से एम्बुलेंस सेवा भी मैदान पर मुस्तैद रही। मैच में रेफरी की भूमिका हर्षित, हिमांशु, आशीष नेगी, तेज़ीन और नेशनल रेफरी हरी चंद ने बखूबी निभाई। वहीं, मैच कमिश्नर की जिम्मेदारी विमल सिंह रावत ने संभाली।
गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग:निवाड़ी-ओरछा में पीएम-सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

निवाड़ी जिले में देशी गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम निवाड़ी और ओरछा के तहसीलदारों को ज्ञापन देकर गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की गई है। निवाड़ी और ओरछा तहसील कार्यालयों में दिए गए। ज्ञापन में मध्य प्रदेश में संपूर्ण देशी गोवंश की विधिवत सेवा, पूर्ण सुरक्षा और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग उठाई गई। इसमें केंद्र सरकार से गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान देने के लिए अनुशंसा भेजने का भी आग्रह किया गया है। गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्य प्रदेश हमेशा से गो-पालन, जीव-दया और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। बाबा महाकाल की पवित्र भूमि ने सदियों से गो-सेवा और गो-रक्षा की परंपरा को आगे बढ़ाया है। इसलिए, प्रदेश में गोवंश संरक्षण को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। ज्ञापन सौंपने वालों ने राज्य में गो-आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, गो-संवर्धन को बढ़ावा देने और देशी गोवंश की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। गोवंश संरक्षण और गो-आधारित अर्थव्यवस्था को लेकर उठी यह मांग अब शासन-प्रशासन के स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
RML Hospital news| Delhi news| RML अस्पताल में 32 साल की मरीज ने खुद को लगाई आग, गार्ड ने बचाई जान

होमताजा खबरDelhi RML अस्पताल में 32 साल की मरीज ने खुद को लगाई आग, गार्ड ने बचाई जान Last Updated:April 27, 2026, 13:52 IST आरएमएल अस्पताल के जन औषधि केंद्र में 32 वर्षीय भर्ती महिला ने खुद को आग लगा ली. हालांकि सिक्योरिटी गार्ड अजय ने समय रहते महिला को देख लिया और आग बुझाकर उसकी जान बचा ली. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक महिला मरीज ने खुद को आग लगाई. RML Hospital news: दिल्ली के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अस्पताल के जन औषधि केंद्र में अचानक पहुंची एक 32 वर्षीय महिला मरीज ने खुद को आग लगाने की कोशिश की. 26 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट पर यह घटना घटी, जिसमें महिला ने अपने गाउन में लाइटर से आग लगा ली. हालांकि आत्मदाह करती महिला मरीज पर अचानक सिक्योरिटी गार्ड अजय की नजर पड़ गई और अजय सतर्कता दिखाते हुए बेहद तेज कदमों से महिला की तरफ दौड़े और उसकी आग को बुझाया. गार्ड की इस सतर्कता की वजह से महिला गंभीर रूप से जलने से बच गई और उसकी जान बच गई. आरएमएल की मीडिया इंचार्ज प्रोफेसर वैशाली भारद्वाज की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि घटना के तुरंत बाद महिला के पति और अस्पताल के न्यू बिल्डिंग के सुपरवाइजर को सूचित किया गया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह महिला अस्पताल के वार्ड नंबर 5 में पहले से भर्ती थी और उसका इलाज चल रहा था. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि जब महिला जन औषधि केंद्र में आई तो वह काफी परेशान नजर आ रही थीं. तभी उसने लाइटर से अपने गाउन में आग लगाने की कोशिश की, जिसे गार्ड अजय ने देख लिया और तुरंत पानी या उपलब्ध साधनों से आग बुझाकर महिला को बचाया. इस घटना से आसपास हड़कंप मच गया, लेकिन गार्ड की सजगता ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस मामले की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गर्द थी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब महिला की मानसिक स्थिति, परिवार से उसके संबंधों और आत्मदाह का कारण जानने की कोशिश कर रही है. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि महिला पहले से वार्ड नंबर 5 में भर्ती हैं और उनके इलाज की प्रक्रिया जारी है. घटना के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टर उसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता भी प्रदान कर रहे हैं. पुलिस इस मामले में महिला के पति और अन्य परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि सही कारण सामने आ सके. फिलहाल महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 27, 2026, 13:52 IST







