Saturday, 03 Oct 2026 | 04:33 AM

Trending :

Karnataka Schools Controversy | Teachers On SIR Duty, Students Face Exams 174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ हनुमान अंश पर पर बोलीं तमन्ना भाटिया:लोग अपना सनातन कल्चर जानना चाहते हैं, इसलिए बॉक्स ऑफिस पर फिल्में हिट; हनुमान अंश ने कमाए 414 करोड़ हनुमान अंश पर पर बोलीं तमन्ना भाटिया:लोग अपना सनातन कल्चर जानना चाहते हैं, इसलिए बॉक्स ऑफिस पर फिल्में हिट; हनुमान अंश ने कमाए 414 करोड़ आमेर बना ‘आश्रम’ का नया ठिकाना, सागरलेक पर बनाया सेट:बाबा निराला बने बॉबी देओल पर फिल्माया सीन, चंदन रॉय सान्याल और त्रिधा चौधरी भी हुई स्पॉट एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी
EXCLUSIVE

सेंसर ने मामूली बदलावों के साथ पास की ‘राजा शिवाजी’:मराठी वर्जन की फिल्म में रितेश देशमुख राजा शिवाजी की भूमिका में नजर आएंगे

सेंसर ने मामूली बदलावों के साथ पास की ‘राजा शिवाजी’:मराठी वर्जन की फिल्म में रितेश देशमुख राजा शिवाजी की भूमिका में नजर आएंगे

रितेश देशमुख जल्द ही फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में नजर आएंगे। अब फिल्म को लेकर एक नई जानकारी सामने आ रही है। इस फिल्म ने अपना सेंसर प्रोसेस पूरा कर लिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसे U/A 16+ सर्टिफिकेट दिया है। मराठी वर्जन की अवधि 195.05 मिनट है, यानी लगभग 3 घंटे 15 मिनट 5 सेकंड। हालांकि सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कुछ बदलावों के साथ मंजूरी दी है। मेकर्स को डिस्क्लेमर को और स्पष्ट करने और उसमें वॉइसओवर जोड़ने के निर्देश दिए गए। साथ ही फिल्म के टाइटल ‘राजा शिवाजी’ को लेकर भी स्पष्टीकरण देने को कहा गया। ऐतिहासिक संदर्भों के लिए जरूरी दस्तावेज और स्क्रिप्ट भी जमा करने के निर्देश मिले हैं। इसके अलावा सभी प्रमुख घटनाओं की तारीखें जोड़ने और ऐतिहासिक घटनाओं के लिए टेक्स्ट स्लेट्स लगाने को भी कहा गया। फिल्म में केवल 2 छोटे बदलाव किए गए हैं, एक सीन में बच्चे के गले पर वार वाले हिस्से को बदला गया और कुछ म्यूट विजुअल्स में ऑडियो जोड़ा गया।

ग्वालियर में 17 मिनट में दो बारातों में लूट, VIDEO:बाइक सवारों ने दूल्हे के चाचा से छीना बैग, 3km दूर दूल्हे के पिता से झपटा थैला

ग्वालियर में 17 मिनट में दो बारातों में लूट, VIDEO:बाइक सवारों ने दूल्हे के चाचा से छीना बैग, 3km दूर दूल्हे के पिता से झपटा थैला

ग्वालियर में बाइक सवार बदमाशों ने रविवार-सोमवार की रात महज 17 मिनट के भीतर दो अलग-अलग शादियों में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दो बारातों को निशाना बनाते हुए दूल्हे के परिजनों से बैग छीन लिए। पहली घटना रात 11:58 बजे बहोड़ापुर स्थित रजवाड़ा पैलेस के सामने हुई, जहां बारात से अलग खड़े दूल्हे के चाचा और एक पार्षद के पिता पर झपट्टा मारकर बदमाश बाइक से बैग छीनकर फरार हो गए। धक्का लगने से फरियादी सड़क पर मुंह के बल गिर पड़े। इसके ठीक 17 मिनट बाद, पहले स्थान से करीब तीन किलोमीटर दूर पटेल बारात घर के बाहर दूसरी वारदात हुई। यहां बारात पहुंचते ही वही बदमाश दूल्हे के पिता से बैग छीनकर भाग निकले। दोनों बैग में नकदी और जेवरात रखे थे। दोनों घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। लगातार हुई इन दो वारदातों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। रात 11:58 बजे रजवाड़ा पैलेस के पास लूट गोला का मंदिर क्षेत्र स्थित कमला पैलेस, हनुमान नगर निवासी कामता प्रसाद श्रीवास, पार्षद बृजेश श्रीवास के पिता हैं। रविवार रात उनके भतीजे शिवांक श्रीवास की शादी का कार्यक्रम बहोड़ापुर के रजवाड़ा पैलेस में आयोजित था। नकदी से भरे बैग की जिम्मेदारी कामता प्रसाद के पास थी। बारात से कुछ दूरी पर वे मैरिज गार्डन के पास खड़े होकर इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पल्सर जैसी बाइक पर सवार दो बदमाश पीछे से आए और झपट्टा मारकर बैग छीन लिया। झटका इतना तेज था कि कामता प्रसाद सड़क पर मुंह के बल गिर पड़े। बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब 50 हजार रुपए, गहने और अन्य सामान रखा था। रात 12:15 बजे पटेल बारात घर के बाहर दूसरी वारदात हजीरा के लूटपुरा रामनगर निवासी 50 वर्षीय जोगेंद्र सिंह तोमर, जो रिटायर्ड फौजी हैं, उनके बेटे अभय सिंह की शादी पटेल बारात घर में थी। बारात दरवाजे पर पहुंचने के बाद वे बैंड वालों को भुगतान करने के लिए गेट पर पहुंचे। इसी दौरान पल्सर बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से नकदी और बिलों से भरा बैग छीन लिया। घटना के समय वहां बैंड वाले और अन्य लोग भी मौजूद थे। लोगों ने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वे तेज रफ्तार से फरार हो गए। बैग में करीब 95 हजार रुपए और कई बिल थे, जिनका भुगतान किया जाना था। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी में कैद हुई दोनों वारदातें जहां-जहां लूट की घटनाएं हुईं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे। दोनों वारदातें कैमरों में कैद हो गई हैं। फुटेज में पल्सर जैसी बाइक पर सवार दो बदमाश नजर आए हैं, जिनका हुलिया और कद-काठी सामान्य दिख रही है। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। रातभर नाकाबंदी, फिर भी हाथ नहीं लगे बदमाश महज 17 मिनट में दो लूट की घटनाओं की जानकारी मिलते ही शहरभर में पुलिस अलर्ट हो गई। सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर नाकाबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग की गई, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सके। सीएसपी ग्वालियर कृष्णपाल सिंह ने बताया- बाइक सवार बदमाशों ने दोनों वारदातों को अंजाम दिया है। घटनाएं सीसीटीवी में कैद हुई हैं और आरोपियों की तलाश जारी है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एनगिडी की जान बचाने वाले ACP कोहली-गंभीर के साथ खेले:25 मिनट का रास्ता 11 मिनट में तय किया; 60 पुलिसकर्मियों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया

एनगिडी की जान बचाने वाले ACP कोहली-गंभीर के साथ खेले:25 मिनट का रास्ता 11 मिनट में तय किया; 60 पुलिसकर्मियों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया

दिल्ली में शनिवार को खेले गए IPL मुकाबले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली कैपिटल्स के साउथ अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी मैदान पर फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए। दिल्ली पुलिस के एसीपी (ACP) संजय सिंह की सूझबूझ की वजह से उन्हें पीक ऑवर के ट्रैफिक के बीच मात्र 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। ACP संजय सिंह खुद एक पूर्व क्रिकेटर हैं और विराट कोहली और गौतम गंभीर के साथ खेल चुके हैं। मैदान पर खतरनाक तरीके से गिरे एनगिडी दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में मैच चल रहा था। मिड-ऑफ पर कैच लेने की कोशिश में एनगिडी गर्दन और सिर के बल जमीन पर काफी जोर से गिरे। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत महसूस हुई। शाम 6:16 बजे एम्बुलेंस स्टेडियम से निकली और मात्र 11 मिनट बाद 6:27 बजे वह राजिंदर नगर के मैक्स अस्पताल पहुंच गई। गूगल मैप को किया दरकिनार स्टेडियम में तैनात ACP संजय सिंह ने जैसे ही एनगिडी को गिरते देखा, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। जब एम्बुलेंस ड्राइवर ने गूगल मैप्स के जरिए जाने की बात कही, तो संजय सिंह ने उसे रोक दिया। संजय सिंह ने बताया, मुझे पता था कि शाम के 6 बजे हैं और ट्रैफिक का पीक समय है। गूगल मैप वाला रास्ता जाम हो सकता था। मैंने अपनी जानकारी के आधार पर लंबा लेकिन खुला रास्ता चुना और कंट्रोल रूम को सूचित किया। 60 पुलिसकर्मियों की मदद से बना ग्रीन कॉरिडोर आमतौर पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर पहले से प्लान किए जाते हैं, लेकिन यह पहली बार था जब चंद मिनटों में इसे तैयार किया गया। ट्रैफिक पुलिस (सेंट्रल रेंज) के DCP निशांत गुप्ता के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए करीब 60 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वायरलेस सेट पर लगातार कॉर्डिनेट कर रहे थे। उन्होंने हर मेजर जंक्शन को खाली करवाकर एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाया। अब खतरे से बाहर हैं लुंगी एनगिडी अस्पताल पहुंचने के बाद एनगिडी के जरूरी स्कैन और जांच की गई। उन्हें उसी रात अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। दिल्ली कैपिटल्स और IPL ने सोशल मीडिया पर उनके ठीक होने की पुष्टि की। एनगिडी ने भी इंस्टाग्राम पर फैंस को जानकारी दी कि वे अब ठीक हैं।

एनगिडी की जान बचाने वाले ACP कोहली-गंभीर के साथ खेले:25 मिनट का रास्ता 11 मिनट में तय किया; 60 पुलिसकर्मियों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया

एनगिडी की जान बचाने वाले ACP कोहली-गंभीर के साथ खेले:25 मिनट का रास्ता 11 मिनट में तय किया; 60 पुलिसकर्मियों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया

दिल्ली में शनिवार को खेले गए IPL मुकाबले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली कैपिटल्स के साउथ अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी मैदान पर फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए। दिल्ली पुलिस के एसीपी (ACP) संजय सिंह की सूझबूझ की वजह से उन्हें पीक ऑवर के ट्रैफिक के बीच मात्र 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। ACP संजय सिंह खुद एक पूर्व क्रिकेटर हैं और विराट कोहली और गौतम गंभीर के साथ खेल चुके हैं। मैदान पर खतरनाक तरीके से गिरे एनगिडी दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में मैच चल रहा था। मिड-ऑफ पर कैच लेने की कोशिश में एनगिडी गर्दन और सिर के बल जमीन पर काफी जोर से गिरे। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत महसूस हुई। शाम 6:16 बजे एम्बुलेंस स्टेडियम से निकली और मात्र 11 मिनट बाद 6:27 बजे वह राजिंदर नगर के मैक्स अस्पताल पहुंच गई। गूगल मैप को किया दरकिनार स्टेडियम में तैनात ACP संजय सिंह ने जैसे ही एनगिडी को गिरते देखा, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। जब एम्बुलेंस ड्राइवर ने गूगल मैप्स के जरिए जाने की बात कही, तो संजय सिंह ने उसे रोक दिया। संजय सिंह ने बताया, मुझे पता था कि शाम के 6 बजे हैं और ट्रैफिक का पीक समय है। गूगल मैप वाला रास्ता जाम हो सकता था। मैंने अपनी जानकारी के आधार पर लंबा लेकिन खुला रास्ता चुना और कंट्रोल रूम को सूचित किया। 60 पुलिसकर्मियों की मदद से बना ग्रीन कॉरिडोर आमतौर पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर पहले से प्लान किए जाते हैं, लेकिन यह पहली बार था जब चंद मिनटों में इसे तैयार किया गया। ट्रैफिक पुलिस (सेंट्रल रेंज) के DCP निशांत गुप्ता के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए करीब 60 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वायरलेस सेट पर लगातार कॉर्डिनेट कर रहे थे। उन्होंने हर मेजर जंक्शन को खाली करवाकर एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाया। अब खतरे से बाहर हैं लुंगी एनगिडी अस्पताल पहुंचने के बाद एनगिडी के जरूरी स्कैन और जांच की गई। उन्हें उसी रात अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। दिल्ली कैपिटल्स और IPL ने सोशल मीडिया पर उनके ठीक होने की पुष्टि की। एनगिडी ने भी इंस्टाग्राम पर फैंस को जानकारी दी कि वे अब ठीक हैं।

अनुराग कश्यप की फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर रिलीज:कॉमेडी और सटायर अंदाज में बनी कहानी को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहा गया

अनुराग कश्यप की फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर रिलीज:कॉमेडी और सटायर अंदाज में बनी कहानी को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहा गया

ऋत्विक प्रतीक निर्देशित फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह एक सटायर और कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म को ऋत्विक प्रतीक ने ही लिखा है। इस फिल्म को अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, विक्रमादित्य मोटवानी और वसन बाला जैसे फिल्ममेकर बातैर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सपोर्ट कर रहे हैं। ‘ डुग डुग’ का ट्रेलर की शुरुआत एक एक्सीडेंट से होती है, जिसमें एक बाइक सवार की मौत हो जाती है। बाइक को पुलिस वाले एक जगह खड़ा कर देते हैं लेकिन वह बाइक पहली वाली लोकेशन पर चली जाती है। पेट्रोल निकालने के बाद भी यही स्थिति बनी रहती है। अब इस बाइक को ही गांव वाले पूजन लगते हैं, उस मृत को ही चमत्कार की तरह देखने लगते हैं। इस कहानी को कॉमेडी और सटायर अंदाज में डायरेक्टर ने दिखाया है। बता दें कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर बेस्ड है। कब होगी फिल्म रिलीज? फिल्म ‘डुग डुग’ सिनेमाघरों में 8 मई 2026 को रिलीज होगी। इस फिल्म में अल्ताफ खान, गौरव सोनी, योगेंद्र सिंह और दुर्गा लाल सैनी जैसे कलाकार मुख्य किरदार निभा रहे हैं। इस फिल्म को कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहा गया था।

धनिया टमाटर की चटनी रेसिपी: गर्मी में शरीर को मिलेगी ठंडक-कूल रहेगी धनिया-टमाटर की चटनी, खाने का स्वाद भी होगा चटपटा; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: ताजा हरा धनिया, 2 टमाटर, 1-2 हरी मिर्च, 3-4 काली मिर्च, स्वादानुसार नमक, 1 छोटा चम्मच नमक, 1/2 छोटा चम्मच जीरा, थोड़ा सा पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले धनिया को अच्छे से धो लें और मोटा-मोटा काट लें। टमाटरों को भी पिरोया में काट लें। अब मिक्सर जार में धनिया, टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन और जीरा डाला जाता है। छवि: फ्रीपिक इसमें छोटे सा पानी का काम इसे अच्छे तरह से पीस लें। अब इसमें नाम और टेम्पलेट का रसोइये एक बार फिर से मिक्स कर लेंगे। आपका स्वादिष्ट धनिया-टमाटर की रेसिपी तैयार है। छवि: एआई धनिया-टमाटर के शरीर को ठंडक मिलती है, क्योंकि धनिया और टमाटर दोनों ही अनमोल तासीर के होते हैं। इसके अलावा यह पाचन में मदद करता है, क्योंकि यह बदलता है और पेट के लिए अच्छा होता है। छवि: फ्रीपिक साथ ही, यह विटामिन विटामिन से भरपूर है। इसमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। है. छवि: फ्रीपिक इस मसाले को आप पराठे, रोटी दाल या-चावल के साथ, समोसे, पकौड़े या मसाले के साथ, स्वाद बढ़ाने के लिए मसाले या चाट में स्वाद बढ़ा सकते हैं। छवि: एआई अगर आप गर्मी में कुछ प्रभाव, टेस्टी और मसाले खाना चाहते हैं, तो यह धनिया-टमाटर का रॉकेट जरूर बनाएं। यह मिनट में बन गया है और हर किसी को पसंद आती है छवि: फ्रीपिक

राजगढ़ में पिकअप ने ऑटो को मारी टक्कर, 9 घायल:जीरापुर के पास नेशनल हाईवे पर हादसा, टक्कर मारने के बाद पिकअप खेत में पलटी

राजगढ़ में पिकअप ने ऑटो को मारी टक्कर, 9 घायल:जीरापुर के पास नेशनल हाईवे पर हादसा, टक्कर मारने के बाद पिकअप खेत में पलटी

राजगढ़ के जीरापुर के समीप मान्याखेड़ी गांव के पास नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सवारी से भरे ऑटो रिक्शा को पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो में सवार 9 लोग घायल हो गए, जबकि पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया। जानकारी के अनुसार सभी यात्री सूरजपुरा में आयोजित लोधा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन से लौट रहे थे। हादसा सुबह करीब 7 बजे उस समय हुआ जब पिकअप ने ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एक घंटे तक तड़पते रहे घायल, एम्बुलेंस नहीं पहुंची सबसे गंभीर स्थिति यह रही कि घायल करीब एक घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे, लेकिन 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पार्षद प्रतिनिधि मनोहर बरेठा, हितेश बरेठा सहित ग्रामीणों ने सभी घायलों को सिविल अस्पताल जीरापुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। घायलों में रोडजी (80), अमरीबाई (70), संजूबाई (35), अनार सिंह (65), सिद्धनाथ (45), पार्वतीबाई (50), वर्षा (13), मांगीलाल (60), बद्रीलाल (65) और ईश्वर (12) शामिल हैं। इनमें से रोडजी और मांगीलाल की हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।

बाजार के ड्रिंक को कहें बाय-बाय, अपनाएं छतरपुर का देसी एनर्जी बूस्टर, गर्मी में बना वरदान

authorimg

होमताजा खबरlifestyle देसी जड़ी-बूटी से तैयार एनर्जी ड्रिंक, गर्मी में रखे आपको फिट और कूल Last Updated:April 27, 2026, 15:26 IST Kamraj Energy Drink Recipe: छतरपुर जिले में कामराज नाम की एक ऐसी घास पाई जाती है. जिसे तोड़ने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. ये महंगी औषधि फ्री में मिल जाती है. इस औषधि से गर्मी भर एनर्जी ड्रिंक बनाते हैं जिसके चलते बाजारों का एनर्जी ड्रिंक नहीं खरीदना पड़ता है. इसे पीने से गर्मी भी छूमंतर हो जाती है, जानें इसे बनाने की आसान रेसिपी… Kamraj Energy Drink Recipe: छतरपुर जिले में एक ऐसी घास पाई जाती है. जिसे तोड़ने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इस घास को क्षेत्रीय भाषा में कामराज औषधि के नाम से जाना जाता है. ग्रामीणों के मुताबिक, ये महंगी औषधि उन्हें फ्री में मिल जाती है. इस औषधि से गर्मी भर एनर्जी ड्रिंक बनाते हैं जिसके चलते उन्हें बाजारों का एनर्जी ड्रिंक नहीं खरीदना पड़ता है. इसके सेवन से गर्मी भी छू-मंतर हो जाती है. छतरपुर जिले में एक ऐसी औषधि पाई जाती है जो चित्रकूट के जंगल पहाड़ों में पाई जाती है. इस औषधि को क्षेत्रीय भाषा में कामराज कहा जाता है. इस औषधि को दूर-दूर से भी लोग लेने आते हैं. ये औषधि पहाड़ी क्षेत्रों में उगती है. हालांकि, हर पहाड़ी में भी ये औषधि देखने को नहीं मिलती है. इस औषधि की मांग तो 12 महीने रहती है लेकिन गर्मी सीजन में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. दरअसल, इस कामराज औषधि से ग्रामीण क्षेत्रों में एक एनर्जी बूस्टर ड्रिंक बनाया जाता है जो गर्मी, लू और डिहाइड्रेशन से बचाता है. ऐसे तैयार करें कामराज एनर्जी ड्रिंक आयुर्वेदिक वैद्य बताते हैं कि सबसे पहले आपको पहाड़ से कामराज तोड़कर लाना होता है. अगर बाजार में मिलता है तो वहां से खरीद सकते हैं. इसे तोड़ने के बाद पानी में 20 मिनट के लिए फुला देना है. 20 मिनट बाद आप देखेंगे कि सूखा कामराज हरा है गया है. इस कामराज को सिलबट्टे की सहायता से पीस लेना है. इसके बाद इसे पानी में शक्कर के साथ मिला देना है. अगर आप दूध में पीना चाहते हैं तो दूध में पिसा कामराज शक्कर के साथ मिलाकर पी सकते हैं. कुछ लोग तो बगैर शक्कर सीधे पानी में ही घोलकर पी जाते हैं. इतनी मात्रा में करें सेवन आयुर्वेदिक वैद्य बताते हैं कि कामराज का सेवन करने से पहले इसकी मात्रा का ध्यान जरूर देना है क्योंकि इसकी ज्यादा मात्रा शरीर को बहुत ठंडा कर सकती है. ये बहुत ठंडा होता है इसलिए हर दिन आपको 1 से 2 ग्राम कामराज ही पानी में फुलाना है. एक व्यक्ति के लिए 1 से 2 ग्राम कामराज की मात्रा पर्याप्त होती है. लू और गर्मी से बचाता है कोई भी व्यक्ति अगर इसे लगातार 8 दिन तक इसका ड्रिंक बनाकर पीता है तो उसकी भयंकर गर्मी भी खत्म हो जाती है. अगर आप इसे हर दिन पीते हैं और धूप में भी चलना-फिरना करते हैं तो आपको लू भी नहीं लगती है. अगर यूरीन पास करने में जलन होती है तो इसके सेवन से जलन नहीं होती है. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 27, 2026, 15:26 IST

अशोकनगर में तराजू पर लटका मिला युवक का शव:तार का फंदा बनाया, पत्नी शादी में गई थी, बच्चे घर में थे

अशोकनगर में तराजू पर लटका मिला युवक का शव:तार का फंदा बनाया, पत्नी शादी में गई थी, बच्चे घर में थे

अशोकनगर जिले के नईसराय थाना क्षेत्र के डुंगासरा गांव में 40 वर्षीय देवेंद्र पुत्र बुंदेल परिहार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार रात उन्होंने अपने घर में लगे एक बड़े तराजू पर तार का फंदा बनाकर खुदकुशी की। सोमवार सुबह उनकी बेटी ने उन्हें फंदे पर लटका देखा और परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रात को शराब के नशे में घर आया था जानकारी के अनुसार मृतक के परिजनों के अनुसार, देवेंद्र की पत्नी रिश्तेदारी में एक शादी में गई हुई थीं। घर पर बच्चे मौजूद थे। बताया गया कि देवेंद्र रात में शराब के नशे में घर लौटे थे, जिससे बच्चों को लगा कि वे सो गए हैं। सुबह जब उनकी छोटी बेटी उस कमरे में पहुंची जहां चक्की लगी थी, तो उसने देवेंद्र को तराजू पर लटका पाया। परिजनों की सूचना पर नईसराय पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा तैयार कर शव को नीचे उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए ईसागढ़ सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

AIims New delhi| Nikhil tondon| एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें इनके बारे में

authorimg

होमताजा खबरDelhi एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें Last Updated:April 27, 2026, 15:20 IST डॉक्‍टर न‍िख‍िल टंडन को एम्स नई दिल्ली का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है. डॉक्‍टर निखिल टंडन को यह ज‍िम्‍मेदारी एम्‍स के पूर्व न‍िदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास के नीति आयोग सदस्य बनने के बाद सौंपी गई. डॉ. टंडन एम्‍स में एंडोक्राइनोलॉजी व‍िभाग के एचओडी हैं. अब एम्‍स की कमान संभालेंगे डॉ. न‍िख‍िल टंडन. AIIMS News: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक के रूप में अब डॉक्टर निखिल टंडन को कमान सौंपी गई है. डॉ. टंडन को यह जिम्मेदारी एम्स के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास के नीति आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्ति के बाद सौंपी गई है. डॉ. निखिल एम्स फैकल्टी में काफी वरिष्ठ हैं और एम्स के नए निदेशक के रूप में इनके नाम का अनुमान भी लगाया जा रहा था. बता दें कि डॉ. निखिल टंडन एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के एचओडी और प्रोफेसर थे. इसके अलावा इन्हें डीन एकेडमिक्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी और जिसे वे लंबे समय से निभा रहे थे. डॉ. न‍िख‍िल टंडन को एम्‍स के कार्यकारी नि‍देशक पद की जिम्‍मेदारी दी गई है. एम्स की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास को नीति आयोग के स्थाई सदस्य के रूप में नियुक्त होने के बाद एम्स की जिम्मेदारियों से रिलीव किया जाता है और उनकी जगह अब एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के एचओडी और डीन एकेडमिक्स डॉ. निखिल टंडन बतौर निदेशक जिम्मेदारियां संभालेंगे और अपने पुराने कामों को भी करते रहेंगे. जारी लेटर में कहा गया है कि यह नियुक्ति 6 महीने या नए निदेशक की नियुक्ति जो भी पहले हो तब तक जारी रहेगी. कौन हैं डॉक्टर टंडन? डॉ. निखिल टंडन भारत के प्रमुख एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (मधुमेह, थायरॉइड और हार्मोन संबंधी विशेषज्ञ) हैं. वे फिलहाल AIIMS नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रोफेसर और हेड हैं. वे डीन (एकेडमिक्स) की भूमिका भी निभा चुके हैं और अब AIIMS दिल्ली के अंतरिम डायरेक्टर बने हैं. डॉ. टंडन का जन्म 28 नवंबर 1963 को दिल्ली में ही हुआ था इन्होंने एम्स नई दिल्ली से MBBS और MD की डिग्री हासिल की फिर ये PhD के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज (यूके) गए 1993 में AIIMS में फैकल्टी के रूप में शामिल हुए और तब से यहीं काम कर रहे हैं. ये स्टडीज हैं काफी पॉपुलर डॉ. टंडन पिछले 25 साल से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में क्लिनिशियन-रिसर्चर के रूप में काम कर रहे हैं. उनका मुख्य फोकस कार्डियो-मेटाबॉलिक रोग (मधुमेह, हृदय रोग और मेटाबॉलिक समस्याएं) पर है. इन्होंने 871 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, जिन्हें 1 लाख से ज्यादा साइटेशन मिल चुके हैं. इसके साथ ही ये CARRS Cohort Study के फाउंडिंग इन्वेस्टिगेटर हैं. यह दक्षिण एशिया में कार्डियो-मेटाबॉलिक रिस्क और बीमारियों का बड़ा पॉपुलेशन-बेस्ड अध्ययन है. I-TREC प्रोजेक्ट: इन्होंने मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के बेहतर प्रबंधन के लिए क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सॉफ्टवेयर विकसित किया, जो राष्ट्रीय NCD पोर्टल से जुड़ा है. जेस्टेशनल डायबिटीज: महिलाओं में गर्भावस्था के बाद मधुमेह को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर लाइफस्टाइल इंटरवेंशन अध्ययन किया (भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में 1600+ महिलाओं पर). थायरॉइड एपिडेमियोलॉजी, मेटाबॉलिक बोन डिजीज और बचपन की घटनाओं का वयस्क काल में मेटाबॉलिक रोगों पर प्रभाव इन क्षेत्रों में उनका विशेष योगदान है. डॉ. टंडन डब्ल्यूएचओ के Technical Advisory Group on Diabetes के चेयरमैन रहे हैं और ICMR, DBT, NIH, British Heart Foundation जैसी संस्थाओं से जुड़े रहे हैं. इसके साथ ही ये एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेसिडेंट भी हैं. पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित डॉ. निखिल को साल 2015 में भारत सरकार का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री मिला था. इसके साथ ही डॉ. बी.सी. रॉय अवॉर्ड (2005) — चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान (Eminent Medical Teacher) भी इन्हें मिला है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 27, 2026, 14:28 IST