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बंगाल में आज पीएम मोदी की 2 रैली, 1 रोड-शो:ममता बोलीं- BJP भवानीपुर में बाहर से लोग ला रही; शाह ने कहा- बंगाल में UCC लाएंगे

बंगाल में आज पीएम मोदी की 2 रैली, 1 रोड-शो:ममता बोलीं- BJP भवानीपुर में बाहर से लोग ला रही; शाह ने कहा- बंगाल में UCC लाएंगे

पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के बनगांव और आरामबाग में जनसभा करेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे कोलकाता में उनका रोड शो है। हुगली में शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा मेरे चुनाव क्षेत्र में बसों में बाहरी लोगों को लेकर आई। मैंने उन्हें मिठाई खिलाई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को हुगली में रैली की। उन्होंने कहा- मेरे ऊपर 36 केस हैं क्योंकि मैं BJP से लड़ता रहता हूं। लेकिन ममता जी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? क्योंकि ममता बंगाल में BJP का रास्ता खोल रही हैं। हावड़ा में जनसभा के दौरान अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता जानती है कि 4 शादियां कौन करते हैं। 4 मई को हमारी सरकार बनेगी और इसके बाद हम UCC लाएंगे। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हम बंगाल में डबल सेंचुरी बनाएंगे। बंगाल चुनाव से जुड़े शनिवार के 4 बड़े अपडेट्स… —————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…

गर्मी के मौसम में कामकाजी महिलाओं के लिए ब्यूटी टिप्स, ब्यूटीशियन ने बताया दमकते चेहरे का सीक्रेट

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Last Updated:April 26, 2026, 06:42 IST Healthy Skin Tips: गर्मियों में मेकअप कम से कम करें क्योंकि आपकी त्वचा को सांस लेने की जरूरत होती है. जब मौसम बहुत गर्म हो तो मिनरल-बेस्ड मेकअप लगाएं क्योंकि ये प्रोडक्ट हल्के होते हैं. रीवा. गर्मियों के मौसम में स्किन का नैचुरल ग्लो खत्म हो जाता है और स्किन से जुड़ी तमाम समस्याएं होने लगती हैं. तेज धूप में सबसे कॉमन समस्या टैनिंग की होती है. वहीं कुछ लोगों को गर्मी के दिनों में चेहरे पर दाने और मुहांसे भी होने लगते हैं. रोजाना सुबह ऑफिस जाने वाली महिलाओं यानि कामकाजी महिलाओं को स्किन से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं. ट्रैवलिंग के दौरान प्रदूषण, धूल मिट्टी की वजह से स्किन डैमेज और दाग धब्बे जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आप भी रोजाना ऑफिस जाती है, तो आपको ब्यूटी एक्सपर्ट के बताए कुछ ब्यूटी टिप्स को फॉलो करना चाहिए. मध्य प्रदेश के रीवा की ब्यूटीशियन रूबी खान ने कहा कि गर्मियों में स्किन खुद को हेल्दी रखने और किसी भी जलन या सनबर्न को ठीक करने के लिए कड़ी मेहनत करती है. ऐसे में एक्सफोलिएट करने से मदद मिल सकती है. एक्सफोलिएशन डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है. ऐसा करने के बाद आपकी त्वचा चमकदार दिखती है. ध्यान रखें कि त्वचा को जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएट न करें. हफ्ते में एक बार ऐसा करना ठीक है. सनस्क्रीन जरूर लगाएंबहुत ज्यादा यूवी एक्सपोजर आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है और सनबर्न, झुर्रियां, फाइन लाइन्स और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण दिख सकते हैं. ऐसे में एक ऐसा सनब्लॉक या सनस्क्रीन खरीदें, जिसमें यूवी स्पेक्ट्रम कम से कम एसपीएफ 30 हो. घर से बाहर निकलने से पहले इसे अपनी त्वचा के सभी खुले हिस्सों पर लगाएं. इसके अलावा नाइट क्रीम लगानी चाहिए. इससे स्किन सुबह तक सॉफ्ट बनी रहती है. मेकअप कम करेंगर्मियों के महीनों में मेकअप कम से कम करें. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी त्वचा को सांस लेने की जरूरत होती है, इसलिए जब मौसम बहुत गर्म हो तो मिनरल-बेस्ड मेकअप लगाने की कोशिश करें क्योंकि ये प्रोडक्ट हल्के होते हैं. अगर आप फाउंडेशन लगाना पसंद करते हैं, तो इसकी जगह एसपीएफ वाला टिंटेड मॉइश्चराइजर लगाएं. इसपर फेस पाउडर लगा सकते हैं. कूलिंग मिस्ट लगाएंगर्मी और उमस भरी गर्मी के दिनों में चेहरे के लिए कूलिंग मिस्ट कमाल का काम करता है. यह सनबर्न और सूजन को शांत करने में मदद करता है और आपकी त्वचा को फ्रेश और चमकदार बनाता है. गर्मी में इसका इस्तेमाल करें. गर्मी के मौसम में सेहत का अच्छा ख्याल रखना है, तो पानी पीना बहुत जरूरी है. साथ ही हल्की लेकिन सेहतमंद डाइट लेनी जरूरी है. इस मौसम में पानीदार फलों का सेवन करें. सलाद और ड्राई फ्रूट्स भी ले सकते हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rewa,Madhya Pradesh First Published : April 26, 2026, 06:42 IST

स्वेता राय बोलीं- मेरी कहानी ही इस फिल्म की ताकत:छोटे शहर से हॉलीवुड तक सफर, भोपाल में शूट, नए टैलेंट को मिलेगा बड़ा मौका

स्वेता राय बोलीं- मेरी कहानी ही इस फिल्म की ताकत:छोटे शहर से हॉलीवुड तक सफर, भोपाल में शूट, नए टैलेंट को मिलेगा बड़ा मौका

हॉलीवुड और बॉलीवुड के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से बन रही फिल्म ‘फ्रॉम बॉलीवुड टू हॉलीवुड’ इन दिनों चर्चा में है। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी अभिनेत्री-प्रोड्यूसर स्वेता राय ने दैनिक बातचीत में फिल्म के कॉन्सेप्ट, कास्टिंग, लोकेशंस और अपने व्यक्तिगत संघर्षों पर खुलकर बात की। फिल्म एक साधारण लड़की के संघर्ष और उसके हॉलीवुड तक पहुंचने की प्रेरणादायक कहानी है, जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी। खास बात यह है कि इस फिल्म के जरिए मध्य प्रदेश, खासकर भोपाल की खूबसूरती को वैश्विक मंच पर पेश करने की तैयारी की जा रही है, साथ ही नए टैलेंट को भी बड़ा अवसर मिलेगा। सवाल: आपके वर्तमान प्रोजेक्ट ‘फ्रॉम बॉलीवुड टू हॉलीवुड’ का क्या कॉन्सेप्ट है? यह किस स्तर पर बनाया जा रहा है? जवाब: यह एक हॉलीवुड फीचर फिल्म है, जिसकी लगभग 25 प्रतिशत शूटिंग मध्य प्रदेश में की जाएगी। कहानी एक लोअर मिडिल क्लास लड़की के संघर्ष और उसके हॉलीवुड तक के सफर पर आधारित है। यह कहीं न कहीं मेरी निजी जिंदगी और छोटे शहर से निकलकर पिछले 10 वर्षों में हॉलीवुड में फिल्में प्रोड्यूस करने के अनुभवों से प्रेरित है। इस प्रोजेक्ट में गोल्डन ग्लोब नॉमिनेटेड हॉलीवुड एक्टर्स और बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार साथ नजर आएंगे। हमारा उद्देश्य भारतीय संस्कृति, खासकर भोपाल की लोकेशंस और कला को ग्लोबल स्तर पर प्रमोट करना है। हमारी टीम में हॉलीवुड के अनुभवी लोग शामिल हैं, जैसे सिनेमैटोग्राफर डेरेक बाउर, जिन्होंने 80 से अधिक हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। सवाल: इस फिल्म से बॉलीवुड और हॉलीवुड के कौन से बड़े नाम जुड़े हुए हैं? जवाब: हॉलीवुड के बड़े नामों के साथ हमारा एनडीए (NDA) एग्रीमेंट है, इसलिए उनकी टीम की अनुमति के बिना अभी नाम साझा करना संभव नहीं है। हालांकि कुछ जानकारी IMDb पर उपलब्ध है। बॉलीवुड की बात करें तो समीर सोनी इस फिल्म का हिस्सा हैं। एक्ट्रेस के तौर पर मनीषा कोइराला और नीलम से बातचीत चल रही है, जिनमें से कोई एक माता-पिता की भूमिका में नजर आएगा। मैं खुद इस फिल्म में लीड रोल निभा रही हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि इस कहानी को मैं सबसे बेहतर तरीके से महसूस कर सकती हूं। सवाल: मध्य प्रदेश में शूटिंग के लिए आपने किन लोकेशंस का चयन किया है? जवाब: हम मुख्य रूप से भोपाल की लोकेशंस देख रहे हैं, जैसे मरीन ड्राइव और भोपाल एयरपोर्ट। इसके अलावा बावड़िया कलां क्षेत्र में एक ऑथेंटिक घर की तलाश है। भोपाल के अलावा हमारी टीम जबलपुर और इंदौर के आसपास की जगहों को भी एक्सप्लोर कर रही है, ताकि मध्य प्रदेश की खूबसूरती को फिल्म में पूरी तरह दिखाया जा सके। सवाल: स्थानीय कलाकारों के लिए आपके पास क्या अवसर और प्रक्रिया है? जवाब: हमने 2025 में ‘फ्रेश फेस टैलेंट हंट’ शुरू किया था, जिसमें करीब 2 लाख लोगों ने आवेदन किया। इसमें हाउसवाइफ से लेकर उन लोगों को भी मौका दिया गया, जिन्होंने कभी एक्टिंग नहीं की। फिल्म में सेकंड लीड और सपोर्टिंग रोल के लिए हम इन्हीं प्रतिभागियों में से कलाकारों का चयन कर रहे हैं। मेरा मानना है कि हॉलीवुड फिल्म का हिस्सा बनना किसी भी कलाकार के करियर के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है। हम खासतौर पर मध्य प्रदेश के कलाकारों और थिएटर आर्टिस्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। सवाल: नए कलाकार या टैलेंट आपसे कैसे जुड़ सकते हैं? जवाब: जुड़ने के दो तरीके हैं- पहला, मेरे इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए, जहां टैलेंट हंट का लिंक दिया गया है; दूसरा, भोपाल स्थित ‘हॉलीवुड ड्रीम्स एंटरटेनमेंट’ के माध्यम से। मैं खुद भी लोगों को पर्सनली रिस्पॉन्ड करती हूं। इसके अलावा, मैं जल्द ही ऑनलाइन वर्कशॉप्स शुरू करने जा रही हूं, जिसमें कलाकारों को हॉलीवुड फिल्मों के लिए ऑडिशन देने का सही तरीका सिखाया जाएगा। सवाल: जॉन वॉइट (एनाकोंडा फेम) जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मैं पिछले 10 वर्षों से जॉन वॉइट के साथ काम कर रही हूं। वे न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता हैं, बल्कि हॉलीवुड के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मेरा अनुभव बेहद शानदार रहा। वे भारतीय टैलेंट की बहुत सराहना करते हैं। जब मैंने शुरुआत की थी, तब टीम में अक्सर मैं अकेली भारतीय होती थी। जॉन वॉइट और जेम्स कान जैसे दिग्गज सेट पर बेहद अनुशासित रहते हैं और हमेशा नए टैलेंट को प्रोत्साहित करते हैं। जॉन आज भी मुझे एक्टिंग की बारीकियां सिखाते हैं और डायलॉग डिलीवरी में मदद करते हैं। सवाल: क्या आप नए लेखकों और विजनरी युवाओं के लिए कोई प्लेटफॉर्म तैयार कर रही हैं? जवाब: जी हां, हमारी यूएस-बेस्ड कंपनी ‘इंडो हॉली फिल्म्स’ के अलावा भोपाल में ‘हॉलीवुड ड्रीम्स एंटरटेनमेंट’ एक सक्रिय प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए हम हॉलीवुड स्तर के कोर्स और वर्कशॉप्स आयोजित करेंगे, ताकि बिना प्रोफेशनल ट्रेनिंग वाले लोग भी ग्लोबल लेवल की स्किल्स सीख सकें। साथ ही हमने ‘हॉलीवुड इंडिया ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल’ भी लॉन्च किया है, जहां नए कलाकारों और फिल्मों को मंच दिया जाएगा। सवाल: एक भारतीय कलाकार के तौर पर हॉलीवुड में आपके शुरुआती संघर्ष कैसे रहे? जवाब: मेरा सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सबसे बड़ी समस्या आर्थिक थी। जब मैं सिंगापुर की नौकरी छोड़कर फिल्म स्कूल के लिए हॉलीवुड गई, तब मेरे पास फंड्स की कमी थी। भारत में बैंकों ने लोन देने से मना कर दिया, क्योंकि वे फिल्म मेकिंग को जॉब ओरिएंटेड नहीं मानते थे। इसी दौरान मेरे पिता को हार्ट अटैक भी आया। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और रोज 18–20 घंटे काम किया। आखिरकार मैंने बड़े प्रोड्यूसर्स को लेटर लिखे और मुझे 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली, जिससे मेरी पढ़ाई पूरी हो सकी। सवाल: नए लेखकों के लिए स्क्रिप्ट साझा करने की क्या प्रक्रिया है? जवाब: स्क्रिप्ट के मामले में कानूनी प्रक्रिया बेहद सख्त होती है। हॉलीवुड में बिना वकील की सलाह के स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी जाती। मैं लेखकों को सलाह दूंगी कि वे अपनी स्क्रिप्ट पहले रजिस्टर जरूर कराएं। हम भी जल्द ही भारत में इसके लिए कुछ नियम और शर्तें तय करेंगे, जिसके बाद स्क्रिप्ट्स आमंत्रित की जाएंगी। फिलहाल एक्टिंग, डांसिंग और सिंगिंग टैलेंट के लिए हमारे प्लेटफॉर्म के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

पंचायतों, वार्डों में अब नहीं लगेंगे सोलर लाइट, सोलर हाईमास्ट:ऊर्जा विभाग की कलेक्टरों को चिट्‌ठी, कहा- सरकार का पैसा बर्बाद होता है

पंचायतों, वार्डों में अब नहीं लगेंगे सोलर लाइट, सोलर हाईमास्ट:ऊर्जा विभाग की कलेक्टरों को चिट्‌ठी, कहा- सरकार का पैसा बर्बाद होता है

एक ओर लोगों को सोलर एनर्जी के अधिकाधिक उपयोग के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर शासन ने यह तय किया है कि प्रदेश में पंचायतों और शहरों के वार्डों में अब सोलर लाइट, सोलर ट्री, हाईमास्ट और सोलर स्टड नहीं लगाए जाएंगे। ऊर्जा विभाग ने विभाग कलेक्टरों से कहा है कि शहरों, वार्डों और पंचायतों में ऐसे उपकरण लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी सफाई नहीं होने से ये बेकार हो जाते हैं। इसलिए इन उपकरणों को सरकारी पैसा खर्च कर नहीं लगाया जाए ताकि शासन का नुकसान रोका जा सके। ऊर्जा विकास निगम ने मुख्य सचिव की मौजूदगी में हुई बैठक में लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में हुए फैसले के मुताबिक स्थानीय निकायों में सोलर लाइट, सोलर ट्री, हाईमास्ट और सोलर स्टड जैसे उपकरण नहीं लगाए जाएं। कलेक्टरों से कहा गया है कि वे जिलों में पंचायतों और शहरी वार्डों में इन उपकरणों का शासन के खर्च से नहीं लगने दें ताकि शासन के पैसे की बर्बादी को रोका जा सके। इन हालातों को देखते हुए ही शासन के पैसे से इन सोलर उपकरणों को लगाए जाने पर रोक लगा दी गई है। पौने दो साल पहले लिया था निर्णय प्रदेश सरकार ने करीब पौने दो साल पहले 9 सितम्बर 2024 को यह फैसला किया था कि स्थानीय निकायों द्वारा जो सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर स्टड, हाईमास्ट लाइट और सोलर ट्री जैसे उपकरण शासन द्वारा दी गई राशि से या सीएसआर फंड से कराए जाते हैं उस राशि का दुरुपयोग होता है। इसकी वजह यह है कि सोलर के ऐसे उपकरण लगवाने के बाद इन उपकरणों की सफाई दुष्कर है, जिसके चलते ये कुछ समय के अंतराल के बाद बेकार हो जाते हैं। ऐसे में इसको लगाने में खर्च की गई राशि की उपयोगिता जीरो हो जाती है। इसलिए शासन द्वारा बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी ने फैसला लिया कि सोलर लाइट, सोलर ट्री, सोलर हाईमास्ट या अन्य ऐसे उपकरण शासन की ओर से निकायों में नहीं लगाए जाएंगे। पंचायत और ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और आवास तथा नवीन और नवकरणीय ऊर्जा समेत सभी विभागों को इस निर्णय पर काम करने के लिए कहा गया था। बताया जाता है कि इसको लेकर पहले भी एक बार पत्र लिखा गया था लेकिन जिलों से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि पंचायतों और शहरी वार्डों में ये सोलर उपकरण शासन के खर्च से लगवाए जा रहे हैं जिसके साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे हैं। फैसला लेने वाली कमेटी में शामिल हैं ये अफसर राज्य स्तरीय समन्वय समिति की जिस बैठक में यह फैसला किया गया है, उसमें मुख्य सचिव के अलावा अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास और आवास विभाग, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास, प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम, अध्यक्ष एमपी स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी शामिल हैं।

पंजाब- AAP छोड़ने वाले सांसदों का लग्जरी लाइफस्टाइल:₹60 हजार के जूते, ₹80 हजार का चश्मा, ₹3 लाख का पेन; 6 सांसदों की प्रॉपर्टी-शौक के बारे में जानिए

पंजाब- AAP छोड़ने वाले सांसदों का लग्जरी लाइफस्टाइल:₹60 हजार के जूते, ₹80 हजार का चश्मा, ₹3 लाख का पेन; 6 सांसदों की प्रॉपर्टी-शौक के बारे में जानिए

आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पंजाब के 6 में से 5 राज्यसभा सांसद लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं। संदीप पाठक को छोड़ दें तो सभी करोड़पति हैं। इनमें सबसे अमीर ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता है, जिनके पास 5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी है। लवली ग्रुप के मालिक अशोक मित्तल 450 करोड़ के मालिक हैं तो उनकी पत्नी के नाम पर भी 100 करोड़ की संपत्ति है। विक्रमजीत साहनी की संपत्ति 400 करोड़ रुपए की है। साहनी फर्टिलाइजर कंपनी सन ग्रुप चलाते हैं। पूर्व क्रिकेटर हरभजन भज्जी भी 100 करोड़ के मालिक हैं। उनकी पत्नी गीता बसरा भी करोड़ों की मालकिन है। राघव चड्‌ढा और उनकी बॉलीवुड अभिनेत्री पत्नी परिणीति चोपड़ा के पास भी करीब 100 करोड़ की प्रॉपर्टी है। खास बात ये भी है कि भाजपा के पास आए इन सांसदों के जरिए राजनीति, इंडस्ट्री, खेल और बॉलीवुड का कॉकटेल बन गया है। आइए जानतें है किस सांसद के पास कितनी प्रापर्टी, कितने महंगे फ्लैट, फार्महाउस, कौन कितनी महंगी गाड़ी, घर, घड़ी, पैन, पर्स और चश्मे का शौकीन…। 1. राजिंदर गुप्ता: अपने नाम पर गाड़ी नहीं, कंपनी में BMW की पूरी सीरीज 2. अशोक मित्तल: 500 रुपए की मिठाई की दुकान से शुरूआत कर बिजनेस एंपायर खड़ा किया 3. विक्रमजीत साहनी: 3 लाख का पेन यूज करते हैं 4. हरभजन सिंह: 60 हजार से कम का जूता नहीं पहनते 5. राघव चड्ढा: 80 हजार रुपए का चश्मा पहनते हैं 6. संदीप पाठक: सिर्फ लाइब्रेरी ही प्रापर्टी

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया | चुनाव समाचार

Jemimah Rodrigues scored a 29-ball 43 against South Africa (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST राहुल ने एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि जहां पीएम मोदी दिल्ली में कॉरपोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं ममता ने कोलकाता में इसी तरह के ‘अभिजात वर्ग-केंद्रित’ शासन मॉडल को दोहराया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, शनिवार, 25 अप्रैल, 2026 को हुगली जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले पार्टी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष और सेरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार शुभंकर सरकार के समर्थन में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान सभा का अभिवादन करते हैं। तस्वीर/पीटीआई जैसे ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए उच्च-स्तरीय अभियान चरम पर पहुंच गया है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों के खिलाफ तीखा हमला शुरू कर दिया है। शनिवार को हुगली, कोलकाता और दक्षिण 24 परगना में रैलियों की एक श्रृंखला को संबोधित करते हुए, गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के समान वैचारिक विचारधारा के साथ काम करने का आरोप लगाया, उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता गरीबों के कल्याण के बजाय सत्ता के संचय और अमीरों के हितों को प्राथमिकता देते हैं। ‘मिरर इमेज’ आरोप लोकसभा में विपक्ष के नेता ने राज्य और केंद्रीय प्रशासन के बीच समानताएं खींचते समय शब्दों में कोई कमी नहीं की। सेरामपुर में एक विशाल सभा में बोलते हुए, गांधी ने कहा कि बंगाल में टीएमसी द्वारा अपनाई गई रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की रणनीति के बीच “कोई अंतर नहीं” है। उन्होंने तर्क दिया कि जहां मोदी दिल्ली में कॉर्पोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं बनर्जी ने कोलकाता में एक समान “अभिजात वर्ग-केंद्रित” शासन मॉडल को दोहराया है, जिससे राज्य के हाशिए पर रहने वाले समुदायों को पीछे छोड़ दिया गया है। गांधी ने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि उन्होंने मुख्यमंत्री पर केंद्रीय दबाव की कमी बताई। गांधी ने भीड़ से कहा, “मेरे खिलाफ 36 मामले हैं क्योंकि मैं हर दिन भाजपा से लड़ता हूं; ईडी ने मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की और मेरा घर छीन लिया।” “ममताजी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसा इसलिए है क्योंकि वह बंगाल में जो करती हैं, मोदीजी देश में करते हैं। वह प्रभावी रूप से भाजपा के लिए रास्ता साफ कर रही हैं।” ‘अमीर बनाम गरीब’ गतिशीलता पर ध्यान दें गांधीजी की बयानबाजी का केंद्र आर्थिक असमानता का विषय था। उन्होंने दोनों नेताओं पर बाहरी या कॉर्पोरेट हितों द्वारा “नियंत्रित” होने का आरोप लगाया – आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री की नीतियां अंतरराष्ट्रीय दबावों से प्रभावित थीं जबकि टीएमसी ने बंगाल में एक दशक तक “औद्योगिक क्षय” की अध्यक्षता की थी। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विकल्प “लोगों के बजट” पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें उनकी पार्टी की पांच गारंटियों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें महिलाओं के लिए 2,000 रुपये मासिक भत्ता और जिला अस्पतालों में मुफ्त कैंसर इलाज शामिल है। चरण 2 में रणनीतिक बदलाव इस हमले का समय महत्वपूर्ण है. 23 अप्रैल को पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 92.72% मतदान के बाद, 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 सीटें शामिल होंगी, जिनमें कोलकाता और उत्तर और दक्षिण 24 परगना के महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र शामिल हैं। कांग्रेस को टीएमसी और बीजेपी दोनों के लिए एक विशिष्ट तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करके, गांधी उस राज्य में “मध्यम आधार” को फिर से हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसने एक दशक से तीव्र द्विध्रुवीय प्रतियोगिता देखी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST समाचार चुनाव ‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)राहुल गांधी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)कांग्रेस

ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में घरेलू विवाद के चलते महिला आरक्षक को उसके पति ने बेरहमी से पीट दिया। घटना उस समय हुई, जब वह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पति ने विवाद शुरू किया और विरोध करने पर मारपीट कर दी। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित रणधीर कॉलोनी की है। मारपीट के बाद आरोपी पति जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। पीड़िता 35 वर्षीय प्रतिमा सिंह पत्नी शैलेन्द्र सिंह, जो पीटीएस तिघरा में पदस्थ हैं। उन्होंने ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। गेहूं पिसाने को कहा तो सिर फोड़ा उधर, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाली 28 वर्षीय सपना कुशवाह, पत्नी मंगल कुशवाह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह सूरज वैश्य के मकान में अपने पति के साथ रहती है। आटा खत्म होने पर उसने पति से गेहूं पिसाकर लाने को कहा, जिस पर वह विवाद करने लगा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर पति आपे से बाहर हो गया और लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद पास पड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर पर मार दिया, जिससे उसका सिर फट गया। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट कर दी। युवक ने महिला के गालों पर कई थप्पड़ मारे और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बचाया। घटना शनिवार शाम की है। महिला गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि डॉक्टर के राउंड के दौरान उसने टीका लगवाने आई महिला के पति को कुछ देर के लिए अंदर जाने से रोक दिया था। इस पर युवक भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। महिला गार्ड रजिया कुरैशी, जो एजाय कंपनी की ओर से तैनात हैं। शनिवार को वह कमला राजा हॉस्पिटल के गेट नंबर दो पर ड्यूटी कर रही थीं। अस्पताल में आंतरी निवासी जूली किरार कमला राजा हॉस्पिटल में बच्चे को टीका लगवाने आइ थीं। जूली तो अंदर चली गई, इसके बाद उसका पति आकाश किरार भी पीछे से आया। इसी समय वहां डॉक्टर जोशी मैडम का राउंड था, जिस कारण रजिया ने गेट बंद कर अटेंडेंट को अंदर जाने से रोकना शुरू कर दिया। 10 से 15 मिनट के लिए वह अटेंडेंट को रोक रही थीं। इसी समय आकाश किरार ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन रजिया ने उसे रुकने के लिए कहा। इस पर आकाश बौखला गया और गालियां देने लगा। जब महिला गार्ड रजिया कुरैशी ने गालियां देने का विरोध किया तो आकाश ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गार्ड का मेडिकल कराकर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी की तलाश की जा रही है।