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कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट कर दी। युवक ने महिला के गालों पर कई थप्पड़ मारे और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बचाया। घटना शनिवार शाम की है। महिला गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि डॉक्टर के राउंड के दौरान उसने टीका लगवाने आई महिला के पति को कुछ देर के लिए अंदर जाने से रोक दिया था। इस पर युवक भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। महिला गार्ड रजिया कुरैशी, जो एजाय कंपनी की ओर से तैनात हैं। शनिवार को वह कमला राजा हॉस्पिटल के गेट नंबर दो पर ड्यूटी कर रही थीं। अस्पताल में आंतरी निवासी जूली किरार कमला राजा हॉस्पिटल में बच्चे को टीका लगवाने आइ थीं। जूली तो अंदर चली गई, इसके बाद उसका पति आकाश किरार भी पीछे से आया। इसी समय वहां डॉक्टर जोशी मैडम का राउंड था, जिस कारण रजिया ने गेट बंद कर अटेंडेंट को अंदर जाने से रोकना शुरू कर दिया। 10 से 15 मिनट के लिए वह अटेंडेंट को रोक रही थीं। इसी समय आकाश किरार ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन रजिया ने उसे रुकने के लिए कहा। इस पर आकाश बौखला गया और गालियां देने लगा। जब महिला गार्ड रजिया कुरैशी ने गालियां देने का विरोध किया तो आकाश ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गार्ड का मेडिकल कराकर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी की तलाश की जा रही है।

Heat Stroke: हीट स्ट्रोक क्या होता है? गर्मी में कैसे रहें हेल्दी, जानें जरूरी हेल्थ गाइड

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Last Updated:April 25, 2026, 23:46 IST थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से हीट स्ट्रोक से आसानी से बचा जा सकता है. इस मौसम में हल्का भोजन करें, ठंडा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें. ख़बरें फटाफट देशभर में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. दिन का तापमान लगातार ऊपर जा रहा है और लू चलने की संभावना भी बढ़ गई है. ऐसे मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए सावधानी रखना बहुत जरूरी हो जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस स्थिति से बचाव के लिए लगातार जरूरी सलाह दे रहे हैं. हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा करने की क्षमता खो देता है. यह स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है और कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसलिए गर्मी के मौसम में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. हेल्थ गाइडलाइन्सनेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने लोगों से अपील की है कि वे खुद के साथ-साथ अपने परिवार की भी सुरक्षा का ध्यान रखें. सही समय पर बचाव और प्राथमिक उपचार अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है. NHM ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की देखभाल पर जोर दिया है. उन्हें ज्यादा देर तक धूप में न रहने दें. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हीट स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है. इस मौसम में हल्का भोजन करें, ठंडा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें. हीट स्ट्रोक से बचाव के आसान तरीके– दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक भारी काम या बाहर निकलने से बचें, क्योंकि यह सबसे गर्म समय होता है.– दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे.– कोल्ड ड्रिंक, चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं.– हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, क्योंकि गहरे रंग ज्यादा गर्मी सोखते हैं.– बाहर काम करते समय हर 15–20 मिनट में छांव में आराम जरूर करें. हीट स्ट्रोक होने पर क्या करेंअगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें जैसे चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाना, तो तुरंत उसे ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं. उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें या ठंडे पानी से सेक करें, खासकर गर्दन, कलाई और पैरों पर. मरीज को धीरे-धीरे ठंडा पानी पिलाते रहें. जब हालत थोड़ी ठीक हो जाए, तो उसे हल्के और पानी वाले फल या जूस दें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 25, 2026, 23:46 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सिंधिया को हराने वाले केपी यादव बनाए गए कार्पोरेशन अध्यक्ष:MP में लगातार तीसरे दिन निगम-मंडलों में नियुक्तियां, संजय नगायच को वेयर हाउसिंग की जिम्मेदारी

सिंधिया को हराने वाले केपी यादव बनाए गए कार्पोरेशन अध्यक्ष:MP में लगातार तीसरे दिन निगम-मंडलों में नियुक्तियां, संजय नगायच को वेयर हाउसिंग की जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में सरकार लगातार अलग-अलग आयोगों, बोर्ड, निगम मंडलों में नियुक्तियां कर रही है। शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी नियुक्ति आदेश जारी हुए। गुरुवार को सबसे पहले एसटी और एससी आयोग के अध्यक्षों की नियुक्तियां हुई थीं। इसके बाद शुक्रवार को भी नियुक्ति आदेश जारी हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने वाले गुना के पूर्व सांसद केपी यादव को मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। केपी पिछले दो सालों से राजनीतिक पुनर्वास की आस लगाए बैठे थे। पन्ना के बीजेपी नेता संजय नगाइच को मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। नगाइच वर्तमान में प्रदेश भाजपा कार्यालय में सहयोग सेल का काम संभाल रहे हैं। बीजेपी के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री केशव भदौरिया को महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। केशव भदौरिया बीजेपी के प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं।

गर्मियों में आंखों पर ठंडा कॉटन पैड रखने से क्या होता है? खुद ही आजमाकर देख लीजिए नतीजा

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Last Updated:April 25, 2026, 23:09 IST Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: धूप में घूमने, प्रदूषण, गर्म हवा, लगातार मोबाइल, लैपटॉप देखने आदि से आंखों में दर्द, स्ट्रेस, जलन आदि समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आपको कोई दवाई खाने की जरूरत नहीं, बल्कि ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. जानिए यहां किस तरह से आंखों पर करना है कॉटन पैड का यूज और इसके क्या होते हैं फायदे. आंखों पर कूल कॉटन पैड रखने के फायदे. Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: तेज गर्मी, लू, उमस और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना आंखों पर बुरा असर डालता है. इसके कारण आंखों में जलन, थकान, सूजन और लालिमा जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के लगातार उपयोग से आंखें ड्राई हो जाती हैं, जिससे असहजता और बढ़ जाती है. ऐसे में ठंडा कॉटन पैड एक सरल, किफायती और असरदार घरेलू उपाय है. आयुष मंत्रालय की सलाहभारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों की थकान और जलन को कम करने के लिए ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. ठंडे कॉटन पैड को यूज करने का सही तरीकाकॉटन पैड को आंखों पर इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. पसीना अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद मुलायम और साफ कॉटन पैड लें. उन्हें ठंडे पानी में भिगोएं. अतिरिक्त पानी हल्के से निचोड़ लें, ताकि पैड गीले तो रहें, लेकिन पानी टपके नहीं. अब आराम से लेट जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों आंखों पर ये पैड रख लें. कम से कम 10 मिनट तक ऐसे ही आराम करें. इस दौरान गहरी सांस लेते रहें. ठंडा कॉटन पैड आंखों के लिए कैसे है फायदेमंदठंडा कॉटन पैड आंखों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है. सूजन कम करता है. थकान दूर करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों को ताजगी महसूस होती है. अगर चाहें तो पानी में कुछ बूंदें गुलाब जल मिलाकर इसका असर और बढ़ा सकते हैं. कब और कितनी बार करें इस्तेमालइसका इस्तेमाल दिन में एक बार करें. आंखों में अधिक जलन, दर्द, थकान महसूस हो तो जरूरत के अनुसार भी यूज कर सकते हैं. खासकर शाम को काम के बाद जरूर इसका इस्तेमाल करें. लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद या धूप और गर्मी से आंखों में जलन होने पर यह काफी फायदेमंद होता है. आयुर्वेदिक दृष्टिकोणआयुर्वेद में आंखों की देखभाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ठंडे पानी का उपयोग आंखों की गर्मी को शांत करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो दिनभर डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते हैं. इन बातों का रखें ख्यालअगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या कोई गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. रोजमर्रा की थकान और हल्की जलन के लिए यह उपाय काफी उपयोगी है. ध्यान रखें कि हमेशा साफ कॉटन पैड का ही इस्तेमाल करें. पानी बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ जैसा न हो. पैड लगाते समय आंखें बंद रखना जरूरी है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 25, 2026, 23:09 IST

पिता बांट रहा था शादी के कार्ड…बेटी घर से लापता:उज्जैन पुलिस ने 36 घंटे में भोपाल से युवती को बरामद किया

पिता बांट रहा था शादी के कार्ड...बेटी घर से लापता:उज्जैन पुलिस ने 36 घंटे में भोपाल से युवती को बरामद किया

उज्जैन के पवासा थाना क्षेत्र में एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया। जिस बेटी की शादी के कार्ड पिता बांट रहे थे, वही युवती घर से अचानक चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर उसे भोपाल से बरामद कर लिया। यह घटना 23 अप्रैल की है। युवती के पिता अपनी बड़ी बेटी की शादी के कार्ड बांटने घर से बाहर गए थे। दोपहर करीब 3 बजे परिजनों को पता चला कि युवती बिना बताए घर से चली गई है। रिश्तेदारों और आसपास तलाश करने के बाद कोई सुराग न मिलने पर पवासा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की सहायता से जांच शुरू की। जांच के दौरान युवती के भोपाल में होने की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भोपाल पहुंची और 25 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से युवती को सकुशल बरामद कर उज्जैन ले आई। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह पारिवारिक विवाद के कारण अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। उल्लेखनीय है कि युवती का विवाह 1 मई को तय था। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित विवाद टल गया, जिससे परिजनों ने राहत महसूस की। युवती के सुरक्षित मिलने पर परिवार और समाज के सदस्यों ने थाने पहुंचकर पुलिस टीम का सम्मान किया और आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि गमर सिंह मण्डलोई, उनि नितेश मिठौरा, सउनि संतोष राव, प्र.आर. अब्दुल रहीम, आर. पंकज पाटीदार, आर. बृजेंद्र भारती, म.आर. शिवकन्या, म.आर. रीना और साइबर सेल उज्जैन टीम की अहम भूमिका रही।

कमीशन मांगने का ऑडियो फिर भी कार्रवाई नहीं:दतिया में सीएचओ बोलीं- वेतन जारी कराने मानसिक प्रताड़ित किया

कमीशन मांगने का ऑडियो फिर भी कार्रवाई नहीं:दतिया में सीएचओ बोलीं- वेतन जारी कराने मानसिक प्रताड़ित किया

दतिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. बी.के. वर्मा पर विभिन्न अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बीते महीनों में सामने आए मामलों में कथित ऑडियो-वीडियो और अधीनस्थ अधिकारी की शिकायत के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई लंबित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें लेन-देन से संबंधित बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। इसके अलावा, एक महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने वेतन जारी करने के संबंध में दबाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इसी बीच हाउसकीपिंग टेंडर से जुड़ा विवाद भी सामने आया, जिसमें एक कंपनी ने अपनी बोली खारिज किए जाने पर नियमों के गलत अनुप्रयोग का आरोप लगाया है। कंपनी के अनुसार, निविदा मूल्यांकन में समय-सीमा के अनुसार लागू मजदूरी दरों के बजाय बाद की दरों को आधार बनाया गया। डॉ. नेहा श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पास ड्यूटी से संबंधित पर्याप्त प्रमाण हैं, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया। उन्होंने विभागीय स्तर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। टेंडर से जुड़ी कंपनी ने ई-मेल के माध्यम से शिकायत करते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, वायरल ऑडियो और वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है। संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। हाउसकीपिंग टेंडर मामले की जांच क्षेत्रीय संयुक्त संचालक को सौंपी गई है, जो लंबित बताई जा रही है। वायरल ऑडियो और वीडियो प्रकरण में भी अब तक कोई औपचारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर मामलों की समीक्षा जारी होने की जानकारी दी जा रही है।

बिना चीनी की मीठी लस्सी रेसिपी: गर्मी में घर पर बनाएं बिना चीनी वाली मिठाई लस्सी, शुगर भी रहेगा कंट्रोल; नोट बनाने का तरीका

तस्वीर का विवरण

इस लस्सी की विशेषता यह है कि इसमें चीनी मतपत्र शामिल हैं। साथ ही, यह वजन और शुगर नियंत्रण में मददगार साबित होगा। इसके अलावा पेट को ठंडक और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 कप ताजा दही, ½ कप ठंडा पानी या दूध, 1-2 खजूर या थोड़ा सा गुड़ का पाउडर, 4-5 चम्मच, 1 छोटा चम्मच शहद, 2-3 इलायची पाउडर, मोटे बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले खजूर और तेल निकालने के लिए 10 मिनट पहले पानी में डूब जाएं। अब कारीगरों में दही, बड़े-बड़े खजूर और मसाले। इसमें ठंडा पानी या दूध का मिश्रण और अच्छी तरह का मिश्रण बनाएं। छवि: फ्रीपिक अब इसमें इलायची पाउडर और बर्फ के ढांचे को फिर से प्रभावित करके ब्लेंड करें। आपकी बिना चीनी की लस्सी तैयार है। खजूर और पेट्रोलियम उत्पाद, इसलिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं होती। छवि: फ्रीपिक अगर और मीठा पसंद है, तो छोटी शहद दाल ले सकते हैं. अधिक ठंड के लिए कुछ लेट फ़र्ज़ी में खोजें। छवि: एआई यह एंटरप्राइज़ को स्थिर रखने में मदद करेगा। पेट ठंडा और खराब हो जाता है। एनर्जी देता है और डाइट से सीखता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप एयरटेल लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो यह बिना चीनी की मीठी लस्सी आपके लिए एक आदर्श पेय है। इसे घर पर आसानी से बनाएं और गर्म करके ठंडा और फिट रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)बिना चीनी वाली लस्सी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी(टी)मीठी लस्सी(टी)बिना चीनी की लस्सी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दिन में सड़कें और बाजार सूने दिखाई दिए, जबकि शिप्रा के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की आर्द्रता 41% थी जो शाम को घटकर 17% रह गई। इससे दिन में गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा की रफ्तार भी धीमी (लगभग 4 किमी/घंटा) रहने से गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। उज्जैन में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था। अब इसके 43°C तक पहुंचने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे शरीर को पूरी तरह ढंककर चल रहे हैं। चौराहों पर गन्ने के रस और अन्य ठंडे पेय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।

महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

छतरपुर जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। आरोप है कि गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पुत्र और सचिव ने मिलकर कई ग्रामीणों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, पीड़ितों की पेंशन और राशन जैसी सरकारी योजनाएं बंद हो गई हैं। इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, उन्हें अचानक इन सुविधाओं से वंचित कर दिया गया। जांच करने पर पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने बताया हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया है। इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर योजनाओं से बाहर कर दिया गया है। पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला और भी गंभीर है। उन्हें मृत दर्शाकर उनका वेतन तक रोक दिया गया है। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया है, ताकि उन्हें सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके और राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद सीईओ को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित ग्रामीण जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन जिंदा लोगों को बताया मृत नाम – रामबाई रैकवार मृत्यु- 11- 04 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – गिरजा विश्वकर्मा मृत्यु- 25- 02 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – कल्लू अहिरवार मृत्यु- 14- 06 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 जारी मृत्यु-प्रमाणपत्र वालों को कोई भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

शादी का कार्ड जब्त, बाल विवाह में 13 पर FIR:राजगढ़ में 12-14 साल की दो बेटियों की हो चुकी थी शादी; कार्ड और रिकॉर्ड से खुलासा

शादी का कार्ड जब्त, बाल विवाह में 13 पर FIR:राजगढ़ में 12-14 साल की दो बेटियों की हो चुकी थी शादी; कार्ड और रिकॉर्ड से खुलासा

राजगढ़ जिले में बाल विवाह का मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही दूल्हा-दुल्हन और परिजन मौके से फरार हो गए, जिससे शादी का मंडप खाली मिला। यह मामला गुरुवार को तब उजागर हुआ जब बाल विवाह कंट्रोल रूम और चाइल्डलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, वन स्टॉप सेंटर और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम को मौके पर सन्नाटा मिला, लेकिन ग्रामीणों से पूछताछ में दो नाबालिग लड़कियों के विवाह की पुष्टि हुई। जांच के दौरान परिजनों की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और शादी का कार्ड जब्त किया। शिक्षा विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों लड़कियों की उम्र क्रमशः 12 और 14 वर्ष पाई गई, जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह कराने और उसमें सहयोग करने वाले कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में बाल विवाह के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विवाह सीजन के दौरान जहां भी ऐसी सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जारी बाल विवाह की चुनौती को उजागर करती है, जिसमें समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।